ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक्शन प्लान बनाने के लिए जम्मू में इंडी गठबंधन की बैठक

जम्मू। जम्मू में शनिवार को इंडी गठबंधन की एक बैठक हुई, जिसमें भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के कामकाज को लेकर लगाए गए आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर गठबंधन की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री रमन भल्ला ने की। इसमें शामिल लोगों ने चुनावी मुद्दों और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर चल रहे कैंपेन के तहत गठबंधन के एक्शन प्लान पर चर्चा की। इंडी गठबंधन ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ‘संस्थागत कब्जे’ का शिकार हो गया है और उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने, उन पर मुकदमा चलाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। विपक्षी गठबंधन चुनावी पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े अपने बड़े कैंपेन के तहत ये मांगें उठा रहा है। यह बैठक जम्मू-कश्मीर में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच हुई है। कांग्रेस ने 28 सितंबर को पूरे जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन भी किए थे, जिसमें भल्ला ने चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की थी। बैठक में शामिल लोगों ने चुनावी और लोकतांत्रिक मुद्दों पर इंडी गठबंधन के कैंपेन के तहत आगे की कार्रवाई और लामबंदी पर चर्चा की। इंडी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक कैंपेन शुरू किया है और चुनाव आयोग पर चुनावी गड़बड़ियों और वोटर लिस्ट के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) से जुड़े ‘वोट की चोरी’ का आरोप लगाया है। विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार पर बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाने (एसआईआर के दौरान 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए) से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब न देने का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ महाभियोग का नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की है। गठबंधन ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक पूरे देश में एक कैंपेन चलाया, जिसमें जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैलियां और सार्वजनिक प्रदर्शन शामिल थे। विपक्षी सांसदों ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च करने की घोषणा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और गठबंधन के अन्य नेताओं ने ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से वोटिंग की व्यवस्था को फिर से लागू करने और भविष्य के चुनावों के लिए एसआईआर से पहले की वोटर लिस्ट का इस्तेमाल करने की मांग की है।

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