महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने मुंबई बुक फेस्टिवल 2026 के लोगो और वेबसाइट का किया अनावरण

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को मुंबई बुक फेस्टिवल 2026 के आधिकारिक लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया। इसके साथ ही किताबों, साहित्य, कला और संस्कृति के छह दिवसीय महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसका उद्देश्य भारत की समृद्ध और विविध साहित्यिक परंपराओं को बढ़ावा देना, देश में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करना, युवा पाठकों को प्रोत्साहित करना और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक बड़ा मंच उपलब्ध कराना है। मुंबई बुक फेस्टिवल का आयोजन 24 से 29 नवंबर 2026 तक मुंबई विश्वविद्यालय के कलिना कैंपस में किया जाएगा। इसका आयोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया द्वारा महाराष्ट्र सरकार और मुंबई विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जा रहा है। लॉन्च कार्यक्रम में नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया के अध्यक्ष मिलिंद मराठे, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति रवींद्र कुलकर्णी, मुख्य आयोजक अमीत साटम, मुख्य संयोजक आचार्य पवन त्रिपाठी और नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया के निदेशक युवराज मलिक समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी साझा की और लोगों को साहित्य से जोड़ने में इस महोत्सव की अहम भूमिका का जिक्र किया। मुंबई बुक फेस्टिवल के लोगो और वेबसाइट का लॉन्च एक खास तारीख पर हुआ है। ठीक दो साल पहले 3 अक्टूबर 2024 को मराठी भाषा को आधिकारिक रूप से ‘शास्त्रीय भाषा’ का दर्जा दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 अक्टूबर 2026 को मुंबई बुक फेस्टिवल की घोषणा इस गौरवशाली विरासत को राज्य में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने की नई प्रतिबद्धता से जोड़ती है। मिलिंद मराठे ने कहा कि नेशनल बुक ट्रस्ट अब इस बड़े आयोजन को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में लेकर आ रहा है। उन्होंने कहा कि कलिना कैंपस में होने वाला यह फेस्टिवल पाठकों, परिवारों, छात्रों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक बड़ा मंच बनेगा। फेस्टिवल में बच्चों और युवाओं के लिए अलग-अलग विशेष जोन बनाए जाएंगे। इसके अलावा इंटरैक्टिव लर्निंग गतिविधियां, वर्कशॉप और प्रतिभा विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कई प्रकाशक एक ही जगह पर अलग-अलग भाषाओं और विभिन्न विषयों की किताबें प्रदर्शित करेंगे। शाम के समय स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर की परफॉर्मिंग आर्ट्स से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे। मराठे ने कहा कि 1 अगस्त 1957 को स्थापित नेशनल बुक ट्रस्ट मुख्य रूप से तीन उद्देश्यों के साथ काम करता है। इनमें विविध साहित्य को बढ़ावा देना, बहुभाषी अनुवाद को प्रोत्साहित करना और विभिन्न भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के बेहतरीन साहित्य के अनुवाद के जरिए पढ़ने की संस्कृति विकसित करना शामिल है। नेशनल बुक ट्रस्ट सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए भारत-केंद्रित, गैर-अकादमिक और सामान्य पठन की किताबें तैयार करने पर भी ध्यान देता है। पुस्तक महोत्सवों के दौरान ‘मीट द ऑथर’ सेशन, अनुवाद कार्यशालाएं और युवा लेखकों से जुड़ी पहल भी आयोजित की जाती हैं। नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर नेशनल बुक ट्रस्ट का प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम है। इसके अलावा ट्रस्ट देश के अलग-अलग हिस्सों में पुस्तक महोत्सवों का आयोजन कर अपनी पहुंच लगातार बढ़ा रहा है। नेशनल बुक ट्रस्ट लखनऊ में गोमती बुक फेस्टिवल, श्रीनगर में चिनार बुक फेस्टिवल के अलावा पटना, संबलपुर, शिलांग, पुणे, नागपुर, गोवा और अहमदाबाद में भी आयोजन कर चुका है। मराठे के मुताबिक, नेशनल बुक ट्रस्ट ने लद्दाख में करीब 11,500 फीट की ऊंचाई पर भी पुस्तक महोत्सव का आयोजन किया है।

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