हिमाचल में 1901 के बाद से मानसून की 41वीं सबसे कम बारिश दर्ज

शिमला। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएडी) के स्थानीय केंद्र ने घोषणा की कि हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून शनिवार को वापस लौट गया, जबकि इसके लौटने की सामान्य तारीख 25 सितंबर थी। हिमालयी राज्य में 1901 के बाद से मानसून की 41वीं सबसे कम बारिश दर्ज की गई। इस साल मानसून 30 जून को राज्य में पहुंचा और 1 जुलाई तक पूरे राज्य में फैल गया। यह सामान्य आगमन तिथि 25 जून से सात दिन देरी से हुआ। आईएमडी ने बताया कि राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून से सितंबर) के दौरान बारिश सामान्य रही। सामान्य 734.4 मिमी के मुकाबले 652.3 मिमी वास्तविक बारिश हुई, जो सामान्य से 11 प्रतिशत कम है। किन्नौर, ऊना, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में सामान्य बारिश हुई। इसके विपरीत, हमीरपुर जिले में कम बारिश हुई और दूर-दराज के लाहौल-स्पीति जिले में बहुत कम बारिश हुई। इस साल हिमाचल प्रदेश में मानसून के मौसम के दौरान 652.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 125 वर्षों में 41वीं सबसे कम मानसून बारिश है। हालांकि, 1901 से 2026 की अवधि में सबसे अधिक बारिश 1,314.6 मिमी 1922 में दर्ज की गई थी। आईएमडी ने कहा कि अगस्त में कई दिनों तक राज्य में कहीं-कहीं से लेकर काफी हद तक बारिश हुई। अगस्त में 5, 7, 11, 19 और 31 तारीख को मानसून की गतिविधि तेज रही, जबकि 2, 3, 9, 13, 14, 21, 25, 27, 28, 29 और 30 तारीख को मानसून कमजोर रहा। राज्य में 4 अगस्त को सिरमौर और बिलासपुर जिलों में कुछ जगहों पर, 5 अगस्त को सिरमौर और ऊना जिलों में, 15 अगस्त को कांगड़ा जिले में और 19 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में बहुत ज्यादा बारिश हुई। आईएमएडी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में सामान्य बारिश हुई (सामान्य से 17 प्रतिशत कम)। अगस्त में सामान्य बारिश 256.8 एमएम थी, जबकि असल में 212.5 एमएस बारिश दर्ज की गई। इस दौरान कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा 658.0 एमएम बारिश हुई, जबकि लाहौल-स्पीति जिले में सबसे कम 27.8 एमएम बारिश हुई। सिरमौर जिले में बारिश में सबसे ज्यादा पॉजिटिव अंतर (17 प्रतिशत) दर्ज किया गया, जबकि लाहौल-स्पीति जिले में सबसे ज्यादा नेगेटिव अंतर (माइनस 76 प्रतिशत) दर्ज किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

शिक्षा