सत्य निकेतन मामले में वकील ऋषभ सिंह ने एमसीडी के ऑडिट पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में अवैध निर्माण को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। मामले के वकील ऋषभ सिंह ने एमसीडी के हलफनामे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं कि बिना नोटिस के सर्टिफिकेशन कैसे हो रहा है? सत्य निकेतन मामले के वकील ऋषभ सिंह ने कहा, “हमें सत्य निकेतन में जवाब दाखिल करने का समय मिला। कोर्ट ने हमें एमसीडी और अन्य प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया। अगर मैं जवाब पर संक्षिप्त जानकारी दूं, तो अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माण के मुद्दे को उजागर किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि जवाब में, एमसीडी ने उनके अनुसार सभी पीजी का ऑडिट किया है। लेकिन साथ ही, यदि आप एफिडेविट को गहराई से पढ़ते हैं, तो आप देख सकते हैं कि उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि उन्होंने कुछ इमारतों के मालिकों को डीटीयू और आईआईटी के विशेषज्ञों के पास भेजा है ताकि उनसे उनका ऑडिट करवाया जा सके। लेकिन उन्होंने इसके साथ नोटिस नहीं लगाया है। यही मुख्य मुद्दा है। वे कौन से विशेषज्ञ हैं जो इन इमारतों को प्रमाणित करने वाले हैं? और एमसीडी का सबसे पहला कर्तव्य इन सभी चीजों को देखना है। वकील ऋषभ सिंह ने कहा कि उन्होंने पीजी के इन मालिकों से रूपांतरण (कनवर्जन) की राशि ली है, लेकिन उन्होंने यह नहीं देखा कि वे इन परिस्थितियों का पालन कर रहे हैं या नहीं। चाहे वे वहां बने निर्माण का पालन कर रहे हों या नहीं। और उन्होंने बिल्डिंग गिरने की तस्वीरें भी शामिल की हैं। लेकिन उन्होंने मुखर्जी नगर क्षेत्र से केवल एक तस्वीर लगाई है, और मैं व्यक्तिगत रूप से वहां गया हूं और मैंने देखा है कि छात्र इस भीड़भाड़ वाले इलाके में कैसे रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि उन्होंने वहां किसी अन्य इमारत को क्यों नहीं गिराया है। तो ये मुख्य मुद्दे हैं और निश्चित रूप से हम इस विशेष रिट में अपना जवाब दाखिल करेंगे और हम यह भी सुझाव देंगे कि क्या परिणाम हैं और क्या सुधार हैं जो एमसीडी कर सकती है। हमारी सबसे पहली अपील यह है कि निर्माण स्थलों के इन ऑडिट में शामिल अधिकारियों की एक निश्चित जिम्मेदारी होनी चाहिए। वकील ऋषभ सिंह ने आगे बताया कि मूल रूप से, एसजी तुषार मेहता ने इसका विरोध किया। लेकिन अंततः, अदालत ने वह आवेदन खारिज कर दिया। उन्हें अपने सुझाव दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। यदि उनके पास अतिक्रमण की इस विशेष स्थिति के बारे में कोई सुझाव है, तो वे इसके लिए तैयार हैं। तो हम विशेष रूप से एमसीडी अधिकारियों के एफिडेविट का जवाब दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपना एफिडेविट दायर किया है, और वे कह रहे हैं कि हमारे पास उपलब्ध छात्रावास सुविधाओं की यह संख्या है, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र पूरे देश से यहां पढ़ने आ रहे हैं, और वे अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। इसके बावजूद यह उजागर करना है कि यह मेरा मौलिक अधिकार है, इस राष्ट्र के नागरिक के रूप में यह मेरा मौलिक अधिकार है कि मेरे चारों ओर एक सुरक्षित ढांचा हो और इसे सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है। तो आगे देखेंगे कि इसका क्या परिणाम आता है।

एसआईआर विवाद पर उपेंद्र कुशवाहा बोले- जनता में उलझन की स्थिति, आयोग जारी करे स्पष्टीकरण

नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद के बीच राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एसआईआर से जुड़े विवाद के कारण लोगों के बीच काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है और इसे दूर करने के लिए चुनाव आयोग को तुरंत स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए। उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “एसआईआर से संबंधित विवाद पर जनता में काफी उलझन की स्थिति पैदा हो गई है। विषय को एड्रेस करने की जरूरत है। कंफ्यूजन दूर करने हेतु चुनाव आयोग के द्वारा अविलंब सही स्थिति पर स्पष्टीकरण आना चाहिए।” कुशवाहा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किए और उनके इस्तीफे तथा गिरफ्तारी की मांग की। कांग्रेस की ओर से दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, ओडिशा समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन किए गए। पार्टी ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए एसआईआर का विरोध किया। दिल्ली में युवा कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च किया। वहीं, चंडीगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए। हालांकि, ये कांग्रेस और अन्य पक्षों की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इसी बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) भी दाखिल की गई है। चुनाव आयोग ने 23 सितंबर को जारी एक प्रेस नोट में आयोग के भीतर मतभेद को संस्थागत टकराव के तौर पर पेश किए जाने को खारिज किया था। आयोग का कहना था कि बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में आंतरिक आपत्तियां और लिखित टिप्पणियां स्थापित प्रक्रिया का हिस्सा हैं और मतभेद की स्थिति में फैसले बहुमत से किए जाते हैं।

सबसे पहले ममता ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठाई थी आवाज, आज पूरा विपक्ष साथ है: कुणाल घोष

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता कुणाल घोष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद और उनके खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को श्रीरामपुर में होने वाली रैली से इस मुद्दे पर पार्टी और विपक्षी दलों की आगे की रणनीति को लेकर संदेश देंगी। कुणाल घोष ने कहा कि श्रीरामपुर की रैली में ममता बनर्जी विस्तार से बताएंगी कि ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे आरोपों का पश्चिम बंगाल पर क्या असर हो सकता है और राज्य में इस मुद्दे को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर भी वरिष्ठ नेताओं को एकजुट कर इस आंदोलन को आगे बढ़ाने की दिशा ममता बनर्जी तय करेंगी। घोष ने दावा किया कि पहले सरकार की ओर से ममता बनर्जी की श्रीरामपुर रैली की अनुमति देने से इनकार किया गया था। हालांकि, कोर्ट के आदेश के बाद रैली आयोजित की जा रही है। बड़ी संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। ममता बनर्जी मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति, बंगाल और देश में आगे की स्थिति तथा गैर-भाजपा, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और प्रगतिशील ताकतों की भूमिका को लेकर दिशा देंगी। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध अब कई राजनीतिक दलों और लोगों के बीच एक बड़ा मुद्दा बन गया है। ममता बनर्जी ने इस विषय पर सबसे पहले आवाज उठाई थी और बाद में दूसरे राज्यों में भी चुनाव हुए। बनर्जी ने बंगाल की धरती से जिस मुद्दे को लेकर सवाल उठाए थे, आज उसी को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत कई दल विरोध में शामिल हैं। घोष ने दावा किया कि आम लोग और जेनजी युवा भी लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में शामिल हो रहे हैं। कुणाल घोष ने भाजपा के चुनावी खर्च को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से सबसे अधिक खर्च किया गया और इसका संबंध पार्टी के चुनावी आत्मविश्वास से है।

राजस्थान: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने युवाओं से की ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना अपनाने की अपील

जयपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को युवाओं से जीवन में शॉर्टकट से बचने और धैर्य के साथ लगातार मेहनत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन 100 मीटर की दौड़ नहीं, बल्कि मैराथन की तरह है। जयपुर में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि छोटी दौड़ में रफ्तार की परीक्षा होती है, जबकि लंबी दूरी की दौड़ में सहनशक्ति की। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे छोटी-मोटी असफलताओं या मुश्किलों से निराश न हों और अपने लक्ष्य के लिए पूरी लगन और धैर्य के साथ काम करते रहें। नवीन ने युवाओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना अपनाने और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शॉर्टकट से जल्दी परिणाम मिलता हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि उसके जरिए व्यक्ति अपनी मंजिल तक पहुंच जाए। सफलता के लिए समर्पण, निरंतर मेहनत और लंबे समय तक अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना जरूरी है। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के युवाओं की आवाज, कविताओं और गीतों में दिखाई दिए उत्साह का भी जिक्र किया। नवीन ने कहा, ”किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए। छोटी जिम्मेदारी भी बड़ी और सकारात्मक सोच के साथ की जाए तो वह महत्वपूर्ण बन सकती है।” उन्होंने युवाओं के सामने तीन सवाल रखे। पहला, वे भविष्य में कैसा भारत देखना चाहते हैं? दूसरा, वे कैसा राजस्थान चाहते हैं? और तीसरा, एक नागरिक के तौर पर वे अपनी क्या भूमिका देखते हैं? उन्होंने कहा कि प्राथमिकता में सबसे पहले राष्ट्र, उसके बाद राज्य या संगठन और फिर स्वयं को रखना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सफलता मिलने पर हर कोई खुशी मनाता है, लेकिन कई बार युवा छोटी असफलताओं से निराश हो जाते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे थोड़े समय की निराशा के कारण कोई नुकसान पहुंचाने वाला फैसला न लें और अपने लक्ष्य से दूर न हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने ने कहा कि राजनीति देश की दिशा और विकास में योगदान देने का अवसर दे सकती है। उन्होंने युवाओं से सार्वजनिक जीवन को सकारात्मक नजरिए से देखने की अपील की। वर्ष 2012-13 के समय का जिक्र करते हुए नितिन नवीन ने दावा किया कि उस दौर में युवाओं के बीच निराशा थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद नरेंद्र मोदी ने युवाओं को खुद पर और देश पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अगर भारत के 140 करोड़ लोग 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की ओर एक साथ आगे बढ़ें तो इसे हासिल किया जा सकता है। स्वामी विवेकानंद को उद्धृत करते हुए नवीन ने कहा, ”उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।” उन्होंने एक और संदेश देते हुए कहा, ”अतीत एक खजाना है, उसे संभालकर रखें। वर्तमान एक संघर्ष है, उसमें डटे रहें और भविष्य एक सपना है, उसकी ओर आगे बढ़ें।” भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी युवाओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ जीवन का लक्ष्य तय करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत उपलब्धि महत्वपूर्ण है, लेकिन देश और समाज के लिए काम करने से पहचान और सम्मान मिलता है।

बंगाल: फराक्का से कोलकाता के लिए एनसीसी नौकायन अभियान को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

कोलकाता। बहु-जिला नदी नौकायन अभियान, हुगली संकल्प मेनू 2026, फरक्का से कोलकाता तक शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह आयोजन फरक्का लॉकगेट जेटी पर पूरे धूमधाम और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। पश्चिम बंगाल और सिक्किम निदेशालय के एनसीसी कैडेटों ने इस वार्षिक अभियान में भाग लिया। पश्चिम बंगाल और सिक्किम निदेशालय, एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल एपीएस चहल ने कई विशिष्ट अतिथियों और नागरिक सैन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मेजर जनरल चहल ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि यह अभियान एक पारंपरिक नौकायन यात्रा से कहीं अधिक है। यह एक ‘फ्लोटिंग क्लासरूम’ के रूप में कार्य करता है जहां 60 चयनित कैडेट समुद्री कौशल में महारत हासिल करेंगे, चरित्र निर्माण करेंगे और नेतृत्व और टीम वर्क को बढ़ावा देंगे। अगले 20 दिनों में, लड़के और लड़कियों सहित युवा नाविक, हुगली नदी के किनारे फरक्का से कोलकाता तक 410 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण नदी दूरी तय करेंगे और सामुदायिक विकास और सामाजिक आउटरीच कार्यक्रमों को पूरा करने के लिए सात प्रमुख स्थानों पर रुकेंगे। ध्वजारोहण समारोह के दौरान, प्रतिभागियों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के अंतर्गत 150 पौधे लगाए। संजय जयसिंह, मित्री मिट्टी ट्रस्ट के संस्थापक के सहयोग से आयोजित इस प्रभावशाली हरित अभियान ने रोमांच को सक्रिय पर्यावरण संरक्षण के साथ एकीकृत किया। एडीजी ने नौकायन दल को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और नौसेना एनसीसी इकाइयों के असाधारण समन्वय और सावधानीपूर्वक योजना की सराहना की। पड़ावों के दौरान, कैडेट स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे, कार्यक्रमों में भाग लेंगे और कई महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में जागरूकता पैदा करेंगे। तट भ्रमण के दौरान, एनसीसी कैडेट स्थानीय संस्कृति और रीति-रिवाजों के बारे में अधिक जानेंगे और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाएंगे। कैडेट व्हेल पकड़ने वाली नावों पर यात्रा करेंगे, जिनमें से प्रत्येक के साथ नौसेना के कर्मी होंगे जो आवश्यकतानुसार उनका मार्गदर्शन और सहायता करेंगे। एक अधिकारी ने बताया, “अगले 20 दिनों में कैडेट नाव चलाने के कौशल, नौवहन तकनीक और टीम के रूप में काम करना सीखेंगे। नाव में सभी को समन्वय और अनुशासन के साथ काम करना होता है। ये पाल वाली नावें हैं, इसलिए बेहतर समन्वय और टीम वर्क की आवश्यकता होगी।” कैडेटों को बारिश और आंधी-तूफान का भी सामना करना पड़ेगा और तेज धाराओं से निपटना होगा, जिससे रोमांच और भी बढ़ जाएगा।

‘विपक्ष की हार का ठीकरा ईवीएम से ईसी पर शिफ्ट’, भाजपा का कांग्रेस पर तंज

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव से लेकर ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया। भाजपा नेता अशोक बाजपेयी ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोकतंत्र पर सवाल नहीं, बल्कि लगातार हार से उपजी खीझ है। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने इसे संवैधानिक प्रक्रिया बताकर विपक्ष को संसद में प्रस्ताव लाने की चुनौती दी। अशोक बाजपेयी ने कहा, “विपक्ष को आत्मचिंतन करना चाहिए कि बार-बार जनता उन्हें क्यों नकार रही है। राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अनर्गल बातें की। जहां-जहां कांग्रेस जीतती है, वहां उन्हें ना तो चुनाव आयोग से कोई शिकायत होती है, ना ईवीएम से। जहां बुरी तरह से चुनाव हार जाते हैं, वहां ईवीएम पर ठीकरा फोड़ते हैं। भारत का निर्वाचन आयोग अपने आप में एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है, जिसका पूरी दुनिया में सम्मान है। जिस तरह से कांग्रेस एक के बाद एक हर चुनाव हार रही है, उससे उनके मन में खीझ है।” शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा, “पूरा विपक्ष ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंपीचमेंट मोशन लाना चाहता है। यह निश्चित रूप से एक संवैधानिक प्रक्रिया है, और अगर विपक्ष चाहे तो वह आने वाले पार्लियामेंट सेशन में अपना प्रस्ताव ला सकता है।” उन्होंने कहा कि आईआईटी मुंबई देश के सबसे प्रीमियम और प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है, जहां से बड़ी संख्या में इंजीनियर निकलते हैं। वहां एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है, जो बहुत दुखद बात है। हम समझ सकते हैं कि उसके माता-पिता को कितना दुख हुआ होगा। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग का मामला आया, दो चुनाव आयुक्तों ने कहा कि एसआईआर में गड़बड़ियां हो रही हैं। इससे मुख्य चुनाव आयुक्त के ऊपर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्हें बचाने के लिए पूरी भाजपा सड़क पर उतर गई है। पहले ये फैसला हो कि क्या ईसी भाजपा का दफ्तर है या भाजपा के प्रवक्ता चुनाव आयोग के सदस्य हैं। चुनाव आयोग पर प्रश्न खड़ा करो, तो पार्टी तड़पती है। इसका ये मतलब है कि दाल में कुछ काला नहीं, पूरी दाल काली है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि 1995 के फैसले के अनुसार कोई छोटा-बड़ा चुनाव आयुक्त नहीं होता है। सब समान हैं और बहुमत संस्था है। दो चुनाव आयुक्तों ने वोट चोरी और सेंधमारी का प्रमाण सामने रखा। कैबिनेट सचिव भी संदेह के दायरे में हैं। लोकतंत्र का गला घोंटने वाले इंसान को तो जेल में होना चाहिए। जब प्रश्नपत्र लीक हुए तो परीक्षाएं रद्द हो गईं। अब तो प्रमाण है, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनाव रद्द हो जाने चाहिए। कांग्रेस नेता और एमएलसी भाई जगताप ने कहा, “यह सिर्फ समीकरण नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र के साथ किया गया खिलवाड़ और गद्दारी है। इस देश की 140 करोड़ जनता को पूरी तरह ठगा गया है। एसआईआर के जरिए वोट चोरी की गई है।

इंग्लैंड बनाम श्रीलंका: चोटिल जोस बटलर तीसरे वनडे से हुए बाहर, डेन लॉरेंस को मिली जगह

लंदन। इंग्लैंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर श्रीलंका के खिलाफ रविवार को ‘द ओवल’ में होने वाले निर्णायक तीसरे वनडे से बाहर हो गए हैं। उन्हें हेडिंग्ले में खेले गए दूसरे मैच के दौरान बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। सरे के लिए समरसेट के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप मैच खेल रहे दाएं हाथ के बल्लेबाज डेन लॉरेंस को घरेलू मैच से हटाकर सीरीज के आखिरी मैच के लिए टीम में शामिल किया गया है। लॉरेंस शनिवार सुबह ‘द ओवल’ में ट्रेनिंग के लिए नेशनल टीम के साथ जुड़ेंगे। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के प्रवक्ता ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में कहा, “सरे के बल्लेबाज डेन लॉरेंस को श्रीलंका के खिलाफ रविवार को होने वाले तीसरे मेट्रो बैंक वनडे के लिए इंग्लैंड की पुरुष टीम में बुलाया गया है। जोस बटलर हेडिंग्ले में खेले गए दूसरे मेट्रो बैंक वनडे में हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के कारण तीसरे वनडे से बाहर हो गए हैं और उनकी आगे जांच की जाएगी।” बटलर को यह चोट गुरुवार को इंग्लैंड की पारी के 38वें ओवर में लगी, जब वे विकेटों के बीच दौड़ते समय अचानक रुक गए। मैदान पर तुरंत इलाज मिलने के बावजूद 36 वर्षीय खिलाड़ी को 67 रन पर रिटायर हर्ट होना पड़ा। वह 48वें ओवर में लड़खड़ाते हुए क्रीज पर लौटे ताकि इंग्लैंड को जीत दिला सकें और दो रन और जोड़कर 69 रन पर आउट हुए। यह तीन साल में उनका वनडे में सबसे बड़ा स्कोर था। बटलर की आखिरी कोशिश बेकार गई क्योंकि श्रीलंका ने संयम बनाए रखते हुए 16 रन से जीत हासिल की और तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। हैमस्ट्रिंग की यह समस्या इस अनुभवी खिलाड़ी के लिए सॉफ्ट-टिश्यू (मांसपेशियों/लिगामेंट) से जुड़ी चोटों के निराशाजनक इतिहास में एक और घटना है। इससे पहले वह आईपीएल 2024 सीजन के दौरान भी पैर की ऐसी ही चोट के कारण कुछ समय के लिए बाहर रहे थे। बटलर की गैर-मौजूदगी में जॉर्डन कॉक्स के विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालने और रविवार को अपना चौथा वनडे खेलने की उम्मीद है। लॉरेंस ने गुरुवार को सरे के लिए शतक लगाया और हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड की टेस्ट सीरीज जीत में तीन अर्धशतक जड़े थे। उन्होंने अभी तक वनडे मैच नहीं खेला है। उन्हें 2021 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे टीम में शामिल किया गया था, जब इंग्लिश टीम में कोविड-19 का प्रकोप फैला था, लेकिन उन्होंने अभी तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है। लॉरेंस ने अब तक सिर्फ 28 लिस्ट-ए मैच खेले हैं, जिनमें से आखिरी मैच मई 2019 में खेला गया था।

ज्ञानेश कुमार की कलई खुल चुकी है, ममता बनर्जी ने बनाया क्रांतिकारी माहौल: शत्रुघ्न सिन्हा

आसनसोल। तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व में देशभर में एक क्रांतिकारी माहौल बनने का दावा करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार आज पूरी तरह घिर चुके हैं। सिन्हा ने कहा कि जिस व्यक्ति का नाम इस विवाद में सामने आया है, उसकी कलई खुल चुकी है और वह पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के लिए फॉर्म-6 के इस्तेमाल को लेकर भी शत्रुघ्न सिन्हा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नए मतदाताओं को वोट डालने से पहले अपने माता-पिता, दादा-दादी और पूर्वजों से जुड़े दस्तावेज देने होंगे और यह साबित करना होगा कि उन्होंने कब और कहां मतदान किया था। इस तरह की व्यवस्था को लेकर युवा वर्ग में नाराजगी और आक्रोश है। जेनजी की क्षमता और समझ की तारीफ करते हुए सिन्हा ने कहा कि युवा अब मुद्दों को प्रभावी तरीके से सामने रख रहे हैं। उन्होंने सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और उनकी टीम का उल्लेख करते हुए कहा कि ये युवा इतने समझदार हैं कि वे अनुभवी नौकरशाहों को भी प्रस्तुति और मुद्दों को सामने रखने के तरीके में पीछे छोड़ सकते हैं। उन्होंने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को भी ऐसे युवाओं से सीखने की बात कही। शत्रुघ्न सिन्हा ने चिराग पासवान के राजनीतिक व्यवहार की भी प्रशंसा की। उन्होंने उन्हें समझदार और परिपक्व नेता बताते हुए कहा कि चिराग जब भी बयान देते हैं तो अपने शब्दों को सोच-समझकर इस्तेमाल करते हैं और सकारात्मक मुद्दों पर बात करते हैं। चिराग आगे बढ़ते हुए स्वस्थ राजनीति कर रहे हैं और सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश करते हैं। चुनाव आयोग को लेकर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वह वर्षों तक भाजपा में रहे हैं और पार्टी के लोगों को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में भाजपा और चुनाव आयोग एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं और चुनावों से भाजपा को लाभ मिला है। 2024 के बाद हुए चुनाव गैर-कानूनी रहे हैं और चुनावों के बाद लिए गए फैसले भी गैर-कानूनी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राहुल गांधी और ममता बनर्जी का मानना है। भाजपा ने चुनाव आयोग का भरपूर लाभ उठाया और खास तौर पर ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने राहुल गांधी की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे को पूरी तरह सामने रखा और तथ्यों को स्पष्ट करने की कोशिश की। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनकी गिरफ्तारी और पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। इस मामले में जिन लोगों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, उनके खिलाफ भी पूरी जांच होनी चाहिए। शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है और इस पूरे मामले में जवाबदेही तथा जांच की मांग की जा रही है।

कर्नाटक पुलिस ने चिक्कबल्लापुर में आतंकी साजिश का भंडाफोड़ किया

बेंगलुरु। कर्नाटक पुलिस ने चिक्कबल्लापुर में टेलीग्राम पर हुई कथित आतंकी साजिश के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भाजपा विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल, पूर्व भाजपा सांसद प्रताप सिंह और भाजपा एमएलसी सीटी रवि की तत्काल सुरक्षा की मांग की है। अशोक का दावा है कि ये तीनों कथित तौर पर आतंकी हमलों के निशाने पर थे। चिक्कबल्लापुर नगर पुलिस ने टेलीग्राम ग्रुप पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की चर्चा मिलने के बाद चिक्कबल्लापुर के बापूजीनगर निवासी शब्बीर और उत्तर भारत के रहने वाले सलमान को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारियों पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक ने शनिवार को दावा किया कि चार लोगों ने कथित तौर पर यतनाल, प्रताप सिंह और सीटी रवि की हत्या की योजना बनाई थी और उनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अशोक ने कहा कि चिकबल्लापुर में चार आतंकवादियों के एक गिरोह ने विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल, पूर्व भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा और भाजपा एमएलसी सीटी रवि की हत्या की योजना बनाई थी। सरकार को इन नेताओं को तुरंत सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। ये तीनों नेता अपने कट्टर हिंदुत्ववादी रुख के लिए जाने जाते हैं। अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद ऐसे लोगों की संख्या बढ़ गई है। पुलिस ने अभी तक कथित लक्ष्यों और इसमें शामिल लोगों की संख्या के बारे में उनके दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। इस बीच, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113 के तहत मामला दर्ज कर टेलीग्राम ग्रुप की बातचीत, उसके सदस्यों और उनके संभावित संबंधों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर एक टेलीग्राम ग्रुप बनाया था या उसमें भाग लिया था, जहां आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के बारे में चर्चा होती थी। जांचकर्ता अब ग्रुप के अन्य सदस्यों का पता लगाने और यह निर्धारित करने के लिए काम कर रहे हैं कि क्या चर्चाओं के परिणामस्वरूप कोई ठोस तैयारी हुई थी। पुलिस उन आरोपों की भी जांच कर रही है कि ग्रुप ने आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के लिए धनी व्यक्तियों के अपहरण पर चर्चा की थी। रिपोर्टों के अनुसार, शब्बीर लगभग चार महीने पहले ग्रुप में शामिल हुआ था। जांचकर्ता इस आरोप की भी जांच कर रहे हैं कि ग्रुप के प्रशासक ने एक निश्चित अवधि के बाद सदस्यों को हथियार प्रशिक्षण देने का वादा किया था। पुलिस जांच के तहत शब्बीर के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सबूतों की छानबीन कर रही है। वे ग्रुप के अन्य सदस्यों की पहचान और उनके ठिकाने का पता लगाने की भी कोशिश कर रहे हैं।

भारत और ईयू ने पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और परिवहन में सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर की चर्चा

न्यूयॉर्क। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने शुक्रवार को पर्यटन, आतिथ्य और परिवहन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। यह चर्चा संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र से इतर न्यूयॉर्क में विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज और सतत परिवहन और पर्यटन के लिए यूरोपीय संघ के आयुक्त अपोस्टोलोस त्जित्जिकोस्टास के बीच बैठक के दौरान हुई। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने यूएनजीए से इतर सतत परिवहन और पर्यटन के लिए यूरोपीय संघ के आयुक्त अपोस्टोलोस त्जित्जिकोस्टास से मुलाकात की। उन्होंने व्यापक भारत-ईयू साझेदारी के हिस्से के रूप में पर्यटन, आतिथ्य और परिवहन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।” इससे पहले दिन में सीबी जॉर्ज ने समुद्र के जलस्तर में वृद्धि पर संयुक्त राष्ट्र घोषणा को अपनाए जाने का स्वागत किया और तटीय लचीलापन, मैंग्रोव संरक्षण और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे पर भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यूएनजीए के 81वें सत्र में समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से उत्पन्न अस्तित्वगत खतरों से निपटने पर उच्च-स्तरीय पूर्ण बैठक में भारत का वक्तव्य देते हुए ये बातें कहीं। वरिष्ठ राजनयिक ने समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (यूएनसीएलओएस), स्थिर समुद्री क्षेत्रों और द्वीप तथा तटीय देशों के लिए राज्य के दर्जे की निरंतरता के महत्व को रेखांकित किया। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, “उन्होंने समुद्र के जलस्तर में वृद्धि पर संयुक्त राष्ट्र घोषणा को अपनाए जाने का स्वागत किया और तटीय लचीलापन, मैंग्रोव संरक्षण और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे पर भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने समानता और सीबीडीआर-आरसी के महत्व की पुष्टि की और यूएनसीएलओएस, स्थिर समुद्री क्षेत्रों और द्वीप और तटीय देशों के लिए राज्य के दर्जे की निरंतरता के महत्व को रेखांकित किया।” सीबी जॉर्ज ने गुरुवार को 81वें यूएनजीए सत्र के दौरान ‘व्यवहार में राष्ट्रीय स्वामित्व: अंतरराष्ट्रीय शांति निर्माण समर्थन के माध्यम से समावेशी राज्य संस्थानों को मजबूत करना’ विषय पर शांति निर्माण आयोग की मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया और शांति निर्माण में स्वामित्व की केंद्रीयता की पुष्टि की।