वैश्विक प्रतिस्पर्धा ही विदेशी निवेश आकर्षित करने की कुंजी, भारत को लगातार सुधार करते रहना होगा: सीईए नागेश्वरन

नई दिल्ली। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को भारत की विदेशी पूंजी आकर्षित करने की क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि देश ने विनिर्माण क्षेत्र और व्यापक आर्थिक सुधारों के जरिए निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्योग जगत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहना है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 13वें पीएएफआई वार्षिक फोरम को संबोधित करते हुए नागेश्वरन ने कहा कि जब भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ाने की बात होती है तो आम धारणा यह रहती है कि देश को और अधिक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर करने की गुंजाइश हमेशा रहती है, लेकिन निवेश के फैसले अब ऐसे वैश्विक माहौल में लिए जा रहे हैं जो पहले की तुलना में काफी बदल चुका है। उन्होंने कहा कि भारत विदेशी निवेश के लिए अपनी आकर्षण क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रहा है, लेकिन दुनिया तेजी से बदल रही है। ऐसे में भारत को भी लगातार अपनी नीतियों और व्यवस्था को बेहतर बनाना होगा। नागेश्वरन ने कहा कि केवल सुधारों की सूची पूरी कर देने से यह जरूरी नहीं कि अगले ही दिन विदेशी पूंजी का प्रवाह शुरू हो जाए। उन्होंने कहा कि कई बार कोई देश सभी सही कदम उठाता है, लेकिन फिर भी तत्काल परिणाम नहीं दिखाई देते। इससे लोगों में यह धारणा बनती है कि और अधिक सुधारों की जरूरत है। जबकि वास्तविकता यह है कि वैश्विक आर्थिक और वित्तीय परिदृश्य लगातार बदल रहा है और निवेशकों के फैसले उसी व्यापक संदर्भ में लिए जाते हैं। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने आगे कहा कि 7 प्रतिशत या उससे अधिक की स्थिर आर्थिक वृद्धि, घटती मुद्रास्फीति और राजकोषीय अनुशासन जैसे संकेतकों का निवेशकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन्हीं कारकों के चलते भारत को हाल के वर्षों में क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड का लाभ भी मिला है। नागेश्वरन ने बताया कि निवेशकों की सुरक्षा, कर नीति में स्थिरता और पूर्वानुमेयता, कुशल कार्यबल की उपलब्धता तथा मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क जैसे कारक भी निवेश निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि अर्थव्यवस्था में व्यापक स्थिरता मौजूद नहीं है, तो केवल इन उपायों के आधार पर निवेश आकर्षित करना आसान नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक ब्याज दरों के बदलते माहौल का भी विदेशी निवेश प्रवाह पर गहरा प्रभाव पड़ता है। पूंजी की लागत और सीमा-पार निवेश के फैसले अब पहले की तुलना में अधिक संवेदनशील हो गए हैं। इस सप्ताह जारी एसोचैम के एक अध्ययन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की एफडीआई नीति का अगला चरण केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके बजाय ऐसे वातावरण का निर्माण करना होगा जिसमें निवेश लंबे समय तक टिक सके, उसका विस्तार हो सके और वह भारतीय औद्योगिक तथा आर्थिक तंत्र के साथ अधिक गहराई से जुड़ सके। आधिकारिक डीपीआईआईटी और आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल एफडीआई प्रवाह वित्त वर्ष 2000-01 के लगभग 4 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 95 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसी अवधि में एफडीआई इक्विटी निवेश 2 अरब डॉलर से बढ़कर 59 अरब डॉलर हो गया। आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2000-01 से लेकर वित्त वर्ष 2025-26 तक भारत को कुल मिलाकर लगभग 1.16 ट्रिलियन डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ है, जबकि एफडीआई इक्विटी निवेश का संचयी प्रवाह 791 अरब डॉलर रहा है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठ के खिलाफ चार्जशीट, सीसीटीवी में 85 बार रकम हटाने का दावा

अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित गबन के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की विवेचना रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंकिंग लेनदेन और बरामदगी को प्रमुख साक्ष्य बनाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम हटाकर छिपाते हुए सीसीटीवी में दिखाई दिया, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका भी फुटेज में दर्ज होने का दावा किया गया है। रामजन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 90/2026 में क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने विवेचना पूरी करने के बाद 22/23 सितंबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 317(2), 317(5), 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) सहपठित धारा 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच में चढ़ावे की रकम हटाने और इसमें एक-दूसरे का सहयोग करने की घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार रकम चुराकर कपड़ों और कमर में छिपाते तथा चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखा। करुणेश पाण्डेय दो बार रकम हटाते और 68 बार सह-अभियुक्तों का सहयोग करते दिखाई दिया। अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार सह-अभियुक्तों की मदद करने, लवकुश मिश्रा पर एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने तथा मनीष कुमार यादव पर 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक रमाशंकर मिश्रा भी एक बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए फुटेज में दिखाई दिया। चार्जशीट में तत्कालीन गणना कक्ष प्रभारी एवं सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में रकम हटाई जाती रही और उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को आरोपियों की तलाशी लेने से यह कहते हुए रोका कि वे अपने लोग हैं और विश्वसनीय हैं। विवेचना के मुताबिक, चार जून 2026 की रात गणना कक्ष में 2.25 लाख रुपए की नोटों की गड्डियां बाथरूम में छिपाए जाने की घटना सामने आई थी। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने तत्कालीन महासचिव चम्पत राय के मोबाइल पर इसका वीडियो और संदेश भेजा था। पुलिस के अनुसार, साथी कर्मचारियों को संदेह होने और गेट पर चेकिंग शुरू होने के बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से रकम बाथरूम में छिपाई थी। अगले दिन कारसेवकपुरम में सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामले की जानकारी सामने आई और 25 जून को मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए जाने का दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपए नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर तथा सोने-चांदी के आभूषण, करुणेश पाण्डेय से 18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख और रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। मनीष यादव और रामशंकर यादव से भी नकदी बरामद होने की बात कही गई है। जांच में विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटरसाइकिल समेत कई वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि कथित गबन की रकम का इस्तेमाल जमीन, मकान, वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम पर कौशलपुरी में करीब 55 लाख रुपए का मकान खरीदा गया, जिसमें कथित तौर पर 54.5 लाख रुपए अपराध से अर्जित रकम के इस्तेमाल का दावा है। इसके अलावा करीब 7.33 लाख रुपए भागवत कथा के आयोजन में खर्च किए जाने की बात सामने आई है। लवकुश मिश्रा पर पत्नी के नाम 22.52 लाख रुपए की जमीन खरीदने और मकान निर्माण में 20.91 लाख रुपए खर्च करने का आरोप है। रमाशंकर मिश्रा द्वारा 12 लाख रुपए का प्लॉट खरीदने तथा महंगे कैमरे और सोने की अंगूठियां लेने का भी चार्जशीट में उल्लेख है। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर बेटे के नाम 9.50 लाख रुपए की संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया गया है। चार्जशीट में कुल 133 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इनमें शिकायतकर्ता कृष्णमोहन, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल जी, बैंककर्मी, सुरक्षा कर्मी और फॉरेंसिक ऑडिटर समेत अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और सीडीआर को भी विवेचना का हिस्सा बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच लगातार संपर्क और रकम को छिपाने तथा बाहर ले जाने से संबंधित बातचीत की पुष्टि होने का दावा किया गया है। मामले में नामजद सभी आठ आरोपी—अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव—वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अदालत में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
एशियन गेम्स 2026: मनप्रीत कौर ने भारत की झोली में डाला एक और मेडल, शॉट पुट में जीता ब्रॉन्ज

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारत की अनुभवी एथलीट मनप्रीत कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के शॉट पुट फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल जीता। शुक्रवार को नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुए मुकाबले में मनप्रीत ने 17.17 मीटर दूर गोला फेंककर तीसरा स्थान हासिल किया और भारत की झोली में एक और मेडल डाला। मनप्रीत ने अपने चौथे थ्रो में यह दूरी हासिल की और चीन की सोंग जियायुआन (गोल्ड) और झांग लिनरू (सिल्वर) के बाद तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में शामिल एक अन्य भारतीय, कृष्णा जयशंकर मेनन ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इस युवा खिलाड़ी ने 16.57 मीटर की दूरी तक गोला फेंककर पांचवां स्थान हासिल किया। मनप्रीत एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप की पूर्व ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं। उन्होंने 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 17.00 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था। वह हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का हिस्सा थीं, जहां वह बहुत कम अंतर से मेडल से चूक गईं और 17.49 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रही थीं। उन्होंने 2016 ओलंपिक गेम्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और वह 23वें स्थान पर रही थीं। मनप्रीत ने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2017 में गोल्ड मेडल जीता था। हालाकि, प्रतिबंधित पदार्थों के लिए टेस्ट पॉजिटिव आने के कारण उन पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया और उनसे उनका गोल्ड मेडल भी वापस ले लिया गया। उन्होंने 2022 में वापसी की और 18.06 मीटर तक गोला फेंककर नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा। मनप्रीत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में हिस्सा लिया और 11वें स्थान पर रहीं। वहीं, पिछले एशियन गेम्स में वह पांचवें स्थान पर रही थीं। 2026 में मनप्रीत ने नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 17.75 मीटर के थ्रो के साथ जीत हासिल करके घरेलू स्तर पर शानदार फॉर्म दिखाई थी। यह प्रदर्शन एशियन गेम्स के लिए क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड (16.25 मीटर) से बेहतर था। कड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में मनप्रीत का प्रदर्शन उनकी निरंतरता और बड़े चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाता है। मनप्रीत एशियन गेम्स में शॉट पुट मेडल जीतने वाली भारत की तीसरी महिला खिलाड़ी हैं। उनसे पहले, बारबरा वेबस्टर (1951) और किरण बालियान (2022) ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।
एशियन गेम्स 2026: गुलवीर सिंह ने सिल्वर जीतकर रचा इतिहास, 10 हजार मीटर रेस में 2 मेडल जीतने वाले बने पहले भारतीय

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने शुक्रवार को नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 10 हजार मीटर की रेस में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। गुलवीर पुरुषों की 10 हजार मीटर की रेस में दो एशियन गेम्स मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। गुलवीर ने 25 लैप की मुश्किल रेस 28:29.38 में पूरी की और दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने हांग्जो में हुए एशियन गेम्स 2023 में इसी इवेंट में जीते ब्रॉन्ज मेडल के साथ अब सिल्वर मेडल भी अपने नाम कर लिया है। वह पुरुषों की 10,000 मीटर रेस में दो बार एशियन गेम्स के पोडियम पर खड़े होने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। बहरीन के बिरहानु बालेव ने 28:27.51 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जो गुलवीर से सिर्फ 1.87 सेकंड आगे रहे, जबकि उनके साथी अल्बर्ट किप्टू ने 28:34.38 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। चीन के वांग वेनजी 28:38.14 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। गुलवीर रेस के बीच के चरणों में लीडर्स के करीब बने रहे और जब 2,000 मीटर की रेस बाकी थी, तब भी मेडल की रेस में मजबूती से बने हुए थे। अंतिम लैप्स में गुलवीर ने तेजी दिखाई, बहरीन के दो धावकों के बीच जगह बनाई और शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया। यह सिल्वर मेडल गुलवीर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले उन्होंने हांग्जो एशियन गेम्स 2023 में 10,000 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, जहां उनके साथी कार्तिक कुमार ने सिल्वर मेडल हासिल किया था। 2023 में उनके डबल पोडियम ने एशियाई खेलों में पुरुषों की 10,000 मीटर रेस में भारत के लंबे इंतजार को खत्म किया था। ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 10,000 मीटर रेस में सिल्वर और 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वह 10 हजार मीटर रेस में भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। भारतीय सेना में नायब सूबेदार गुलवीर ने भारत के बेहतरीन लॉन्ग-डिस्टेंस रनर्स में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में 5,000 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और इसके बाद साउथ कोरिया में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों रेस में गोल्ड मेडल जीतकर ‘गोल्डन डबल’ पूरा किया था। गुलवीर ने 5,000 मीटर शॉर्ट ट्रैक रेस 12 मिनट 59.77 सेकंड में पूरी की है, जबकि 10,000 मीटर में उनका सर्वश्रेष्ठ समय 27 मिनट 00.22 सेकंड है। 12:59.77 के समय के साथ वे इनडोर रेस में 13 मिनट से कम समय लेने वाले पहले एशियाई एथलीट हैं। 2026 में वह 60 मिनट से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करने वाले पहले भारतीय भी बने, जिसको उन्होंने 59:42 समय में पूरा किया था। वह कोलोराडो स्प्रिंग्स में कोच स्कॉट सिमंस की देखरेख में ज्यादा ऊंचाई वाले इलाके में ट्रेनिंग करते हैं।
एशियन गेम्स 2026: बारानिका इलांगोवन ने पोल वॉल्ट में जीता ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में बारानिका इलांगोवन ने इतिहास रच दिया है। बारानिका ने शुक्रवार को 4.15 मीटर की ऊंचाई पार करके पोल वॉल्ट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। बारानिका पोल वॉल्ट में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। तमिलनाडु की 29 वर्षीय एथलीट ने कजाकिस्तान की पोलिना इवानोवा के साथ ब्रॉन्ज मेडल साझा किया। इवानोवा ने भी 4.15 मीटर की ऊंचाई पार की थी और उनका काउंटबैक रिकॉर्ड भी एक जैसा था। दोनों एथलीटों का बेस्ट मार्क और सफल प्रयासों की संख्या एक जैसी होने के कारण उनके बीच कोई अंतर नहीं किया जा सका। बारानिका ने अपने फाइनल की शुरुआत 3.85 मीटर और 4.00 मीटर की ऊंचाई को आत्मविश्वास के साथ पार करके की। 4.25 मीटर की ऊंचाई की ओर बढ़ने से पहले उन्हें 4.15 मीटर पार करने के लिए दो प्रयासों की जरूरत पड़ी, लेकिन उस ऊंचाई पर तीन असफल प्रयासों के साथ उनका प्रतियोगिता में समाप्त हो गया। बारानिका का यह शानदार मेडल उनके लिए एक बेहतरीन साल का समापन है, जिसमें उन्होंने भारतीय महिला पोल वॉल्ट में बार-बार नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने 2026 में दो बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा – पहले मार्च में 4.22 मीटर की ऊंचाई पार की और फिर मई में भुवनेश्वर में इसे बेहतर करते हुए 4.23 मीटर तक पहुंचाया। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया उनके 4.23 मीटर के प्रयास को मौजूदा राष्ट्रीय रिकॉर्ड के रूप में दर्ज करता है। तीन बार की राष्ट्रीय आउटडोर चैंपियन बारानिका को 2023 एशियन चैंपियनशिप में कोई मार्क नहीं मिल पाया था, लेकिन उन्होंने इस सीजन में जबरदस्त वापसी की। उन्होंने बेंगलुरु में इंडियन ओपन जंप्स प्रतियोगिता जीतने के लिए एशियन गेम्स के 4.10 मीटर के क्वालिफाइंग स्टैंडर्ड को पार किया और फिर एक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाला प्रदर्शन किया। वह 4.23 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ नागोया पहुंची थीं और अपनी साथी भारतीय और ट्रेनिंग पार्टनर सिंधुश्री गणेश के साथ कड़े घरेलू मुकाबले में शामिल रही थीं, जो एशियन गेम्स में भी हिस्सा ले रही हैं। पूरे सीजन के दौरान उनके प्रदर्शन ने भारतीय महिला पोल वॉल्ट के स्तर को और ऊंचा किया। हालांकि, सिंधुश्री फाइनल में कोई मान्य मार्क दर्ज नहीं कर सकीं और बिना किसी रिकॉर्डेड ऊंचाई के ही प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।
‘यह एक बड़ी उपलब्धि’, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर मनुष-दिया को दी बधाई

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को मनुष शाह और दिया चितले की जोड़ी ने टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स इवेंट में देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। मनुष-दिया को खास उपलब्धि हासिल करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बधाई दी है। राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड डबल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर मनुष शाह और दिया चितले को मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। यह एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि भारत ने गेम्स के लगातार तीसरे संस्करण में भी इस खेल में मेडल जीतने का सिलसिला जारी रखा है। भविष्य में और भी कई उपलब्धियां हासिल करने के लिए मेरी शुभकामनाएं।” केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी भारत की इस जोड़ी को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “एशियन गेम्स 2026 के मिक्स्ड डबल्स टेबल टेनिस में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर हमारे पैडलर्स मनुष शाह और दिया चितले को बधाई।” केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मनुष-दिया को बधाई देते हुए लिखा, “मनुष शाह और दिया चितले ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। एशियन गेम्स 2026 में टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में पोडियम तक पहुंचने के लिए इस जोड़ी को बहुत-बहुत बधाई। भारतीय टेबल टेनिस के लिए यह गर्व का पल है।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मनुष शाह और दिया चितले को बधाई देते हुए लिखा, “एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड डबल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर मनुष शाह और दिया चितले पर गर्व है। मैं उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई देता हूं। उनका हुनर, लगन और टीमवर्क तारीफ के काबिल है और भारत के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जोड़ी को बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “एशियन गेम्स में भारतीय टेबल टेनिस के लिए गर्व का पल। एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड डबल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर मनुष शाह और दिया चितले को बधाई। इस जोड़ी ने चीन की मजबूत जोड़ी के सामने जबरदस्त संयम और लड़ने का जज्बा दिखाया। यह उपलब्धि भारतीय टेबल टेनिस के लिए और भी कई सफलताओं की प्रेरणा बने। जय हिंद।” बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारतीय जोड़ी को बधाई देते हुए लिखा, “टेबल टेनिस में भारतीय पैडलर्स का उत्कृष्ट सामर्थ्य। एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड डबल्स स्पर्धा में मानुष शाह जी और दिया चितले जी ने ब्रॉन्ड मेडल अर्जित कर देश का गौरव बढ़ाया है। आप दोनों का त्वरित संतुलन, सजगता और कभी पीछे न हटने का जज्बा हर युवा खिलाड़ी को कड़े संघर्षों में भी अडिग रहने के लिए प्रेरित करेगा। राष्ट्र का मान बढ़ाने वाले इस प्रदर्शन पर आप दोनों को अनेकानेक शुभकामनाएं एवं आगामी सभी मुकाबलों के लिए ढेरों मंगलकामनाएं।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में 7.86 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी केंद्र सरकार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में 7.86 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी। इस उधारी कार्यक्रम में 15,000 करोड़ रुपए के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी शामिल होंगे। वित्त मंत्रालय के अनुसार यह राशि 23 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से जुटाई जाएगी। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, दूसरी छमाही की उधारी के साथ पूरे वित्त वर्ष में दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए सरकार की कुल उधारी लगभग 15.9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष के लिए 17.2 लाख करोड़ रुपए उधार लेने का प्रस्ताव रखा था। इस उधारी का उद्देश्य राजकोषीय घाटे को वित्तपोषित करना है, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर अनुमानित किया गया है। इस बीच सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों यानी अप्रैल से जुलाई के दौरान राजकोषीय घाटा 4.55 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पूरे वर्ष के लक्ष्य का 26.8 प्रतिशत है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में बेहतर स्थिति को दर्शाता है। पिछले वित्त वर्ष के इसी दौरान राजकोषीय घाटा 4.7 लाख करोड़ रुपए था, जो वार्षिक अनुमान का 29.9 प्रतिशत था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान कुल प्राप्तियां 13.07 लाख करोड़ रुपए रहीं, जबकि कुल व्यय 17.62 लाख करोड़ रुपए रहा। यह क्रमशः चालू वित्त वर्ष के बजटीय अनुमान का 35.8 प्रतिशत और 32.9 प्रतिशत है। इसी अवधि में राजस्व प्राप्तियां 12.68 लाख करोड़ रुपए दर्ज की गईं। इनमें 8.45 लाख करोड़ रुपए कर राजस्व और 4.23 लाख करोड़ रुपए गैर-कर राजस्व शामिल था। गैर-कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से प्राप्त रिकॉर्ड डिविडेंड के कारण हुई। आरबीआई ने केंद्र सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपए का अधिशेष हस्तांतरित किया, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 2.69 लाख करोड़ रुपए थी। इससे सरकार की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने में मदद मिली है। सरकार वित्तीय समेकन की अपनी रणनीति पर आगे बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में उसने 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल किया था और चालू वित्त वर्ष के लिए इसे घटाकर 4.3 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
‘एक आतंकवादी देश मुझसे यह पूछ रहा है?’, विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तानी पत्रकार की बोलती की बंद

न्यूयॉर्क। ‘एक आतंकवादी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है?’, इसी अंदाज में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पाकिस्तानी पत्रकार की बोलती बंद कर दी। दरअसल, शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार अचानक घुस आया और भारत को लेकर हंगामा करने लगा। इस पर जयशंकर ने मुस्कुराते हुए करारा जवाब दिया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती के साथ शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा पर ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की लॉन्चिंग को लेकर हो रही थी। इन टिप्पणियों का सामना करते हुए एस जयशंकर ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यवधान डालने वाले को करारा जवाब दिया। जब रिपोर्टर चिल्लाता रहा, तो भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा, “आपने उन्हें साफ-साफ सुन लिया।” गुरुवार को एक भारतीय मीडिया रिपोर्टर ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उस समय सवाल किया, जब वह महासभा के प्रवेश द्वार से गुजर रहे थे। पत्रकार ने पूछा, “प्रधानमंत्री, आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” और “आप लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएंगे?” विदेश मंत्री जयशंकर के विपरीत शरीफ ने जवाब देने में असमर्थ होकर नजरें फेरते हुए अपनी चाल तेज कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में, शरीफ को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचते हुए देखा गया, जब रिपोर्टर ने पूछा, “प्रधानमंत्री, आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया। जब वह यूएन परिसर से बाहर निकले तो यह मुद्दा फिर उठा। रिपोर्टर ने पूछा, “आप लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएंगे?” शरीफ ने एक बार फिर सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया और पत्रकारों के सामने से बिना कुछ बोले निकल गए। हाफिज सईद पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन एलईटी का संस्थापक और भारत के सबसे वांछित वैश्विक आतंकवादियों में से एक है। वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा सूचीबद्ध वैश्विक आतंकवादी है, जिस पर अमेरिकी सरकार ने 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है। इससे पहले बुधवार को भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला था और इस्लामाबाद से कहा था कि वह क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को पालने या सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करने के बजाय अपनी संघर्षरत, बेलआउट पर निर्भर अर्थव्यवस्था पर ध्यान दे। यूएन मानवाधिकार परिषद में, भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के ध्यान भटकाने के प्रयासों पर पलटवार करते हुए कहा कि आक्रामक तेवर उसकी संघर्षरत अर्थव्यवस्था को नहीं बचा सकते। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नागरिकों के हिंसक दमन का हवाला दिया, जहां बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को घातक बल से दबाया गया, जबकि अधिकारियों ने आवश्यक भोजन, ईंधन और दवा तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले शुक्रवार को ही परिषद को बताया गया था कि पीओके में जून से अब तक दर्जनों नागरिकों की जान गई है, इस्लामाबाद-रावलपिंडी में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है और लोगों तक खाना-दवा तक नहीं पहुंचने दी जा रही है। जब ये तथ्य सामने रखे गए तो पाकिस्तान ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर का बहाना बना दिया।
शी चिनफिंग ने ट्रंप के स्वागत भोज में हिस्सा लिया, संबोधन दिया

बीजिंग। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनकी पत्नी फंग लियुआन ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप की ओर से आयोजित स्वागत भोज में हिस्सा लिया। इस मौके पर राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने संबोधन भी दिया। अपने संबोधन में शी चिनफिंग ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप का गर्मजोशी से स्वागत और उनके लिए की गई व्यवस्थाओं के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने अमेरिका में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उन सभी लोगों को भी शुभकामनाएं दीं, जो चीन-अमेरिका संबंधों के विकास पर ध्यान देते हैं और उसका समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय चीन में मध्य शरद उत्सव मनाया जा रहा है। चीनी परंपरा में यह त्योहार परिवार के पुनर्मिलन का अवसर होता है। उन्होंने सभी को मध्य शरद उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए परिवार के साथ सुखद समय बिताने की कामना की। इसके साथ ही शी चिनफिंग ने इस साल मई में राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने उनके निमंत्रण पर चीन का सफल दौरा किया था और दोनों पक्ष चीन-अमेरिका के बीच रचनात्मक और रणनीतिक रूप से स्थिर संबंध बनाने पर सहमत हुए थे। उस समय राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें अमेरिका आने का निमंत्रण दिया था और अब वे अपना वादा पूरा करते हुए अमेरिका पहुंचे हैं। शी चिनफिंग ने कहा कि छह महीने से भी कम समय में चीन और अमेरिका के राष्ट्राध्यक्षों ने एक-दूसरे के देश का दौरा किया है, जो दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने उसी दिन राष्ट्रपति ट्रंप के साथ खुलकर और गहराई से बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच कई नए समझौतों पर सहमति बनी है। इससे चीन-अमेरिका के बीच रचनात्मक, रणनीतिक और स्थिर संबंधों की दिशा में सहयोग का दायरा और बढ़ा है और द्विपक्षीय संबंधों के लिए नया रणनीतिक मार्गदर्शन मिला है। शी चिनफिंग ने हाल ही में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के भव्य समारोह का भी जिक्र किया। उन्होंने चीन सरकार और जनता की ओर से अमेरिका को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले 200 से अधिक वर्षों के इतिहास में चीन और अमेरिका के लोगों के बीच लगातार मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान हुआ है। दोनों देशों के बीच मानवीय और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से लोगों के बीच आपसी संवाद को बढ़ावा मिला है और चीन-अमेरिका के बीच मैत्रीपूर्ण सहयोग के लिए मजबूत जनमत की नींव तैयार हुई है। इसी संदर्भ में शी चिनफिंग ने कहा कि आज चीन-अमेरिका संबंध एक नए ऐतिहासिक मोड़ पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” पहल ने अमेरिकी लोगों के लिए महत्वपूर्ण विकास उपलब्धियां हासिल की हैं। वहीं, चीन अपने राष्ट्र के महान पुनरुत्थान को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और चीन का आधुनिकीकरण अभियान लगातार नए अवसर पैदा कर रहा है। उनके मुताबिक, दोनों देशों के ये महत्वाकांक्षी लक्ष्य एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका को प्रमुख शक्तियों के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, जनता की अपेक्षाओं और समय के रुझान के अनुरूप आगे बढ़ना चाहिए और प्रमुख शक्तियों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए नया रास्ता तलाशना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीनी और अमेरिकी लोगों के बीच दोस्ती का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों से मिलकर चीन-अमेरिका मित्रता को मजबूत करने और द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय लिखने की अपील की।
एशियन गेम्स: भारतीय महिला हॉकी टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, मेजबान जापान को 3-1 से हराया

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। पूल बी के मैच में मेजबान जापान को 3-1 से हराकर भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारतीय टीम ने हाफ टाइम तक 2-0 की बढ़त बना ली थी। पहले क्वार्टर में लालरेम्सियामी ने ओपन प्ले से गोल करके स्कोरिंग की शुरुआत की, जिसके बाद दूसरे क्वार्टर के आखिर में इशिका ने गोल किया। पहले हाफ में जापान भारत के ज्यादातर अटैक को रोकने में कामयाब रहा, लेकिन भारत ने स्ट्राइकिंग सर्कल के अंदर मिले मौकों का फायदा उठाकर नियंत्रण बनाए रखा। तीसरे क्वार्टर में, भारत ने अपनी बढ़त 3-0 कर ली, जब नवनीत कौर ने सर्कल के अंदर बॉल ली, दाईं ओर मुड़ीं और जापानी गोलकीपर के ऊपर से उसे दूर कोने में डाल दिया। चौथे क्वार्टर की शुरुआत में जापान की कोबायाकावा शिहो ने टीम के लिए एकमात्र गोल किया। भारत ने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए 3-1 से जीत हासिल की। भारतीय टीम की यह लगातार चौथी जीत थी। हॉकी के अलावा शुक्रवार का दिन भारत के लिए शूटिंग की वजह से भी अच्छा रहा। भारत को शूटिंग में एक गोल्ड और एक रजत पदक मिले हैं। भारत के लिए सुरुचि इंदर सिंह और कमलजीत ने एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। दोनों ने मिलकर फाइनल में 484.6 का एशियाई रिकॉर्ड स्कोर बनाया। भारतीय जोड़ी ने दबाव वाले फाइनल में हिम्मत नहीं हारी और सटीकता के साथ लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्टैंडिंग में टॉप पर रही। दक्षिण कोरिया के सुहयोन होंग और गेउन चू ने 478.0 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि ईरान के वाहिद गोलखंडन और हानियेह रोस्तमियान ने 415.8 के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। सुरुचि और कमलजीत के लिए यह पल सिर्फ पोडियम पर सबसे ऊपर खड़े होने से कहीं ज्यादा था। उनके 484.6 अंकों के प्रयास ने एशियन रिकॉर्ड बुक में फिर से नाम लिख दिया। इसके अलावा, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार और रुद्राक्ष पाटिल की भारतीय शूटिंग टीम ने शुक्रवार को ऐची प्रीफ. जनरल शूटिंग गैलरी में शानदार प्रदर्शन के बाद पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम फाइनल में सिल्वर मेडल जीता।