‘यूसीसी का मतलब होगा गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपना’, असदुद्दीन ओवैसी ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर घोषणा को लेकर सवाल उठाए हैं। ओवैसी ने कहा कि यूसीसी का मतलब गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपना होगा। असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भाजपा ने खुद ही एक विधि आयोग नियुक्त किया था, जिसने कहा था कि यूसीसी न तो जरूरी है और न ही वांछित। इस देश की आत्मा इसकी विविधता में है। यूसीसी का मतलब गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपना होगा।” उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि भाजपा यूसीसी चाहती है, जबकि उसके ही राज्य अशांत क्षेत्र अधिनियम जैसे कानून पारित करते हैं, जो हिंदुओं और मुसलमानों के बीच संपत्ति की बिक्री पर रोक लगाते हैं। ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि तथाकथित ‘लव जिहाद’ कानूनों को सिर्फ ईसाइयों और मुसलमानों के खिलाफ लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि यूसीसी समानता के बारे में नहीं है। यह मुसलमानों को निशाना बनाने के बारे में है। साथ ही, असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा के सहयोगी दलों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह भाजपा के सहयोगियों के लिए यह दिखाने का समय है कि उनकी अपनी स्वतंत्र राजनीतिक आवाज है और वे सिर्फ ‘छोटी भाजपा’ नहीं हैं।” ओवैसी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “अमित शाह के गलत अहंकार और ‘क्रोनोलॉजी’की वजह से ही 2019 में सीएए/एनआरसी विरोधी आंदोलन हुआ था। खुद प्रधानमंत्री को कहना पड़ा था कि कोई एनआरसी नहीं होने वाला है।” उन्होंने एसआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि अब हम एसआईआर के मामले में एक दुखद स्थिति देख रहे हैं, जिसमें आम लोगों को कागजात के साथ सुनवाई में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे बहुत परेशानी हुई है, खासकर अल्पसंख्यकों, एससी-एसटी और प्रवासियों को। एनआरसी इससे 100 गुना अधिक बुरा होगा। हम पहले ही देख चुके हैं कि असम में एनआरसी कितना विनाशकारी रहा है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि एनआरसी हर किसी को लाइन में खड़ा होने और अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर करेगा। ऐसे देश में जहां 80 करोड़ लोग खाने के लिए राशन पर निर्भर हैं, आप चाहते हैं कि वे कागजात ढूंढें और अपनी नागरिकता साबित करें? किसलिए? यह सरकार चाहती है कि हम किसी न किसी बाबू की दया पर निर्भर रहें।
बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप और गंभीर, सिर्फ 13 दिनों में 52 लोगों की मौत

ढाका। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप बेकाबू हो गया है। सितंबर के पहले 13 दिनों में ही संक्रमण से 52 लोगों की मौत हो चुकी है। यह इस साल अब तक एक महीने में हुई मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा है, जिससे बिगड़ते सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, डेंगू से मरने वालों की कुल संख्या 149 हो गई है, जबकि रविवार तक 51,837 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बांग्लादेश के प्रमुख अखबार ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू से होने वाली मौतों में बढ़ोतरी की वजह देर से अस्पताल पहुंचना, गलत इलाज और ज्यादा जोखिम वाले समूहों का ज्यादा संवेदनशील होना है। कई मरीज अपनी हालत गंभीर होने के बाद ही जांच और इलाज के लिए आते हैं। ढाका के शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर एचएम नजमुल अहसान ने कहा कि डेंगू से होने वाली मौतों में हालिया बढ़ोतरी मुख्य रूप से देश भर में संक्रमण के तेजी से बढ़ने का नतीजा है। नजमुल के अनुसार, इन मौतों के पीछे तीन तरह के कारक हैं: वायरल कारक, मरीज से जुड़ी संवेदनशीलता और इलाज से जुड़ी जटिलताएं। सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुश्तुक हुसैन ने प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवा के त्रि-स्तरीय सिस्टम के जरिए डेंगू के इलाज को बेहतर बनाने की बात कही। रविवार को बांग्लादेश के मत्स्य और पशुधन राज्य मंत्री सुल्तान सलाउद्दीन टुकू ने चेतावनी दी कि आने वाले महीनों में ढाका और अन्य जिलों में डेंगू की स्थिति और खराब हो सकती है और लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया। बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट यूएनबी ने टुकू के हवाले से कहा, “आने वाले महीनों में डेंगू का खतरा और बढ़ सकता है, इसलिए सभी को अभी से जागरूक होने की जरूरत है।” बांग्लादेशी दैनिक ‘प्रोथोम आलो’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, डेंगू देश के सभी 64 जिलों में फैल चुका है और मच्छर से होने वाली इस बीमारी की चपेट में आने के बाद हर दिन सैकड़ों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। इस बीमारी से, जिसे काफी हद तक रोका जा सकता है, लगभग हर दिन मौतें भी हो रही हैं। सरकार ने चेतावनी दी है कि सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में स्थिति और बिगड़ सकती है, क्योंकि कम से कम 15 जिलों में संक्रमण बढ़ने की आशंका है। पिछले डेढ़-दो महीनों से, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और कीट-विशेषज्ञों का एक समूह चेतावनी दे रहा था कि सितंबर और अक्टूबर में डेंगू की स्थिति और खराब हो सकती है। 9 सितंबर को ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, बांग्लादेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री एमए मुहित ने कहा कि डेंगू के मामले पहले ही बढ़ने लगे हैं और सितंबर के आखिरी हफ्ते या अक्टूबर की शुरुआत में इनके सबसे ज्यादा होने की उम्मीद है। डेंगू के बढ़ते मामलों और मौतों को लेकर सालों से मीडिया रिपोर्ट और चर्चाओं के बावजूद, डेंगू की रोकथाम के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की कमी साफ दिखी है। ‘प्रोथोम आलो’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे बड़ी कमी तालमेल की कमी रही है।
‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

मुंबई। बिग बॉस 20′ के घर में इन दिनों रिश्तों के साथ-साथ कंटेस्टेंट्स की निजी जिंदगी भी खुलकर सामने आ रही है। लेटेस्ट एपिसोड में जहां अरिश्फा खान अपनी को-हाउसमेट आम्रपाली दुबे के साथ चल रहे मतभेदों पर खुलकर बात करती दिखी, वहीं ‘वीकेंड का वार’ में मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी अपने स्टारकिड होने के दबाव को लेकर इमोशनल हो गईं। आने वाले एपिसोड में अरिश्फा खान आम्रपाली दुबे को लेकर अपने मन की बात खुलकर रखेंगी। वह कहती है, ”आम्रपाली ने सारी हदें पार कर दी हैं और अब अगर वह माफी भी मांगती है, तो भी मैं उनसे बात नहीं करूंगी।” अरिश्फा ने कहा, ”मैं किसी से दुश्मनी पालकर रखने में यकीन नहीं करतीं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई मेरे खिलाफ जाए या मेरी बेइज्जती करे। मैं फाइट बैक जरूर करूंगी। मेरे लिए सामने कौन खड़ा है, इससे फर्क नहीं पड़ता।” ‘बिग बॉस 20’ के हालिया ‘वीकेंड का वार’ में किसी भी कंटेस्टेंट का एलिमिनेशन नहीं हुआ। इस हफ्ते कनिका मान, उदिति सिंह, लव गिल और अरिश्फा खान नॉमिनेटेड थे। हालांकि उदिति को दूसरे कंटेस्टेंट्स के मुकाबले काफी कम वोट मिले, जिसके चलते उन्होंने अपनी एक लाइफ खो दी। वहीं ‘वीकेंड का वार’ में रीति तिवारी ने बताया कि एक मशहूर पिता की बेटी होने का दबाव उनकी जिंदगी पर कितना भारी रहा है। उन्होंने कहा, ”बचपन से ही मेरे ऊपर अपने व्यवहार को लेकर लगातार सोचने और खुद को कंट्रोल करने की आदत डाल दी गई थी, क्योंकि मैं मनोज तिवारी की बेटी थीं।” रीति ने कहा, ”मुझे बचपन से बताया जाता था कि कैसे व्यवहार करना है, कैसे हंसना है, किस तरह बात करनी है और लोगों के सामने क्या कहना है। मुझे हमेशा डर रहता था कि कहीं मेरे किसी काम से परिवार का नाम खराब न हो जाए। यही डर धीरे-धीरे इतना गहरा हो गया कि मुझे लगा जैसे मैं अपनी असली पहचान से दूर होती जा रही हूं। मैं खुद को बहुत ज्यादा रोकने लगी थीं और अपनी जिंदगी को खुलकर जी नहीं पाईं।” रीति ने कहा, ”जब मैंने अपनी राय रखने की कोशिश की, तो मुझे ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। मनोज तिवारी की बेटी होने की वजह से मुझे रेप और जान से मारने तक की धमकियां मिलीं। मेरे लिए यह सिर्फ सोशल मीडिया की बातें नहीं थीं, बल्कि ऐसा दबाव था जिसने मेरे आत्मविश्वास और खुद को खुलकर सामने रखने की क्षमता को प्रभावित किया।” इस बातचीत के दौरान सलमान खान का भी जिक्र हुआ। रीति ने कहा, ”सलमान खान के सामने मुझे पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि किसी ने मुझे सच में समझा और मेरे अंदर के इंसान को देखा। सलमान ने मुझे अपने पिता की पहचान से अलग अपनी पहचान बनाने की सलाह दी।” इसी बात पर आसिफ खान ने उन्हें समझाया कि उनके पिता ने अपनी इज्जत खुद कमाई है और अब उन्हें भी अपनी पहचान खुद बनानी चाहिए। ‘बिग बॉस 20’ 6 सितंबर से शुरू हुआ था। शो को जियोहॉटस्टार और कलर्स पर देखा जा सकता है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पीएम मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वीडियो संदेश जारी कर 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर लोगों को अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की है। नितिन नवीन ने वीडियो संदेश में कहा, “‘जनसेवा से देशसेवा’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन का मूल ध्येय रहा है। इसी मूलमंत्र पर उन्होंने अपना जीवन आगे बढ़ाया है। जब उन्होंने देश का नेतृत्व संभाला, तब देश अनेक विषम परिस्थितियों से गुजर रहा था। उस समय उन्होंने देशहित में नई नीतियां बनाईं, नए कार्यक्रम शुरू किए और अनेक ऐसी योजनाओं को धरातल पर उतारा, जिन्होंने आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया।” उन्होंने कहा, “कोरोना में जब पूरा देश और विश्व ठहर गया था, तब पीएम मोदी का नेतृत्व देश के लोगों को भरोसा दिलाया कि हम चुनौती से निपट सकते हैं। इसे देश के युवाओं ने साबित किया। कोविड का वैक्सीन के माध्यम से पूरे विश्व को संदेश दिया कि भारत आत्मनिर्भर की ओर बढ़ रहा है। स्टार्टअप इंडिया ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर दिए, शौचालय निर्माण ने महिलाओं को सम्मान और गरिमा दी, वहीं लखपति दीदी योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया। आज हमारी महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।” उन्होंने कहा, “देश ने लंबे समय तक नक्सलवाद का दंश झेला। कभी नक्सलवाद की जड़ें 200 से अधिक जिलों तक फैली थीं, लेकिन आज भारत नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता की ओर बढ़ चुका है। देश लंबे समय तक आतंकवाद से भी प्रभावित रहा, लेकिन पीएम मोदी जी के नेतृत्व में आतंकवाद को करारा जवाब दिया गया है। आज हमारी सीमाएं अधिक सुरक्षित हैं और देश की ओर बुरी नजर रखने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाता है।” उन्होंने कहा, “पीएम मोदी के विकास के लक्ष्य पर देश की जनता को पूरा विश्वास है। हम सभी के सामूहिक प्रयासों से 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करेंगे। देश की प्रगतिशील यात्रा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करने के लिए, आगामी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर शाम 6 से 7 बजे के बीच अपने-अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं। उनकी दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करें।
हैदराबाद में दरिंदगी: नाबालिग लड़की का 9 लोगों ने किया यौन उत्पीड़न, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

हैदराबाद। हैदराबाद के पास मेडचल-मलकजगिरी जिले में नौ लोगों ने एक नाबालिग लड़की को नशीला पदार्थ देकर अगवा किया और तीन दिनों तक उसका यौन उत्पीड़न किया। सभी आरोपियों पर ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज’ (पॉक्सो) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई तब हुई जब पीड़िता उनके चंगुल से भाग निकली और मल्कजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले अलवाल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा के साथ कई मौकों पर आरोपियों ने यौन शोषण किया। इनमें वे लोग भी शामिल थे जिन्हें वह जानती थी। शोषण की ये घटनाएं कार, ट्रेन यात्रा और होटल के कमरे जैसी अलग-अलग जगहों पर हुई। पुलिस के अनुसार, पीड़िता 10वीं कक्षा में पढ़ते समय जे. वरुण के संपर्क में आई थी। कुछ महीने पहले आरोपी ने उसे नशीली दवा मिली चॉकलेट खिलाकर अपनी कार में उसका यौन शोषण किया। एक अन्य युवक रोमाला वरुण, जिससे जे. वरुण ने उसे मिलवाया था, उसने भी उसे सिगरेट, शराब और गांजे की लत लगाकर उसका यौन शोषण किया। पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला कि पीड़िता पहले इंस्टाग्राम के जरिए डेविड वरुण के संपर्क में आई थी। उस आरोपी ने उसे शराब पिलाई थी और उसके साथ बदसलूकी की थी। लड़की के व्यवहार पर शक होने के कारण उसके पिता ने 9 सितंबर को उसे डांटा। इससे नाराज होकर लड़की घर से निकल गई और बोलारम रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां उसे नीरज नामक व्यक्ति मिला। उसने अपने दोस्त विक्की को बुलाया और दोनों ने पीड़िता को नशीली चीजें खिलाकर उसका यौन शोषण किया। बाद में, विक्की अपने एक अन्य दोस्त निखिल के साथ लड़की को डुलापल्ली में एक रूम में ले गया। विक्की और निखिल ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसका यौन शोषण किया। 9 सितंबर की रात, विक्की उसे बोलारम स्थित अपने घर ले आया और वहां उसे बंधक बनाकर रखा। अगले दिन वह किसी तरह भाग निकली और बोलारम रेलवे स्टेशन पहुंची। विक्की अपने दोस्त गणेश के साथ वहां पहुंचा और जबरदस्ती उसे नशीली दवा दे दी। वे उसे मेडचल रेलवे स्टेशन ले गए। वहां से वे उसे मल्कजगिरी ले गए और रास्ते में ट्रेन में उसका यौन शोषण किया। मल्कजगिरी पहुंचने के बाद, वे एक ऑटो-रिक्शा में सवार हुए। हालांकि, वह भागने में सफल रही और अपने घर पहुंची, जहां परिवारवालों की मदद से उसने पुलिस से संपर्क किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने ओयो होटल के मैनेजर और मालिक को भी गिरफ्तार किया है क्योंकि उन्होंने बिना सही जांच-पड़ताल के नाबालिग को होटल में जगह दी और कमरा अलॉट किया।
गणेश चतुर्थी पर मुंबई के पंडालों को मिस कर रहीं उर्मिला मातोंडकर, बोलीं-‘इस बार बस लोगों की सलामती की प्रार्थना’

मुंबई। अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर के लिए गणेश चतुर्थी का त्योहार हमेशा से बेहद खास रहा है। मुंबई में गणेश उत्सव के दौरान पंडालों में जाना, बप्पा के दर्शन करना और त्योहार के उस खास माहौल को करीब से महसूस करना उनकी यादों का हिस्सा रहा है। हालांकि इस बार उर्मिला मुंबई में रहते हुए इस उत्सव का हिस्सा नहीं बन पा रही हैं। अपने कमिटमेंट्स की वजह से वह इस साल मुंबई के अलग-अलग गणेश पंडालों में जाकर बप्पा के दर्शन नहीं कर पाएंगी। ऐसे में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए बप्पा को याद किया और बताया कि इस बार उनकी कोई बड़ी इच्छा नहीं है, बस वह लोगों की सलामती और खुशियां चाहती हैं। उर्मिला ने अपने इंस्टाग्राम पर गणेश चतुर्थी के मौके की एक थ्रोबैक तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर में वह गणेश उत्सव में शामिल नजर आ रही है। तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, ”गणपति बप्पा मोरिया। इस साल मेरे पास मांगने के लिए कोई लंबी लिस्ट नहीं है। मैं सिर्फ इतना चाहती हूं कि बप्पा सभी लोगों को सुरक्षित रखें और उन्हें मुस्कुराने की वजह दें।” उर्मिला ने अपने कैप्शन में आगे लिखा, ”उन लोगों को ताकत देना, जो अपनी जिंदगी में मुश्किलों से गुजर रहे हैं। इस बार ट्रैवल की वजह से मैं मुंबई के गणेश पंडालों में नहीं जा पाऊंगी। मैं बप्पा के दर्शन मिस करूंगी। मुंबई के लोगों और फैंस को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं।” उर्मिला मातोंडकर के फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही फिल्मों में कदम रख दिया था। बतौर बाल कलाकार वह ‘मासूम’ जैसी चर्चित फिल्म में नजर आईं। हालांकि बतौर एक्ट्रेस उनकी सबसे बड़ी पहचान साल 1995 में आई फिल्म ‘रंगीला’ से बनी। राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘रंगीला’ में उर्मिला ने आमिर खान और जैकी श्रॉफ के साथ काम किया था। फिल्म में उनका ग्लैमरस अंदाज और दमदार परफॉर्मेंस दर्शकों को खूब पसंद आया। इसके बाद वह तेजी से बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। ‘जुदाई’, ‘दौड़’, ‘चमत्कार’, ‘सत्या’, ‘कौन’, ‘प्यार तूने क्या किया’, ‘जंगल’, ‘भूत’, ‘पिंजर’, ‘एक हसीना थी’ और ‘मैंने गांधी को नहीं मारा’ जैसी फिल्मों में काम किया।
भारत में अगस्त माह के लिए थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई 9.92 प्रतिशत रही: सरकार

नई दिल्ली। सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई अगस्त 2026 के लिए 9.92 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 9.78 प्रतिशत थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया कि अगस्त 2026 में सभी वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) 110.8 रहा, जबकि जुलाई में यह 110.0 था। आंकड़ों से पता चलता है कि प्राथमिक वस्तुओं, ईंधन एवं ऊर्जा तथा विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का समग्र महंगाई पर असर पड़ा। अगस्त में ईंधन एवं ऊर्जा श्रेणी की महंगाई बढ़कर 22.93 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 20.05 प्रतिशत थी। हाल के सप्ताहों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का असर इस श्रेणी पर साफ दिखाई दिया। वहीं, प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई अगस्त में 7.76 प्रतिशत रही, जबकि जुलाई में यह 8.52 प्रतिशत थी। दूसरी ओर, विनिर्मित उत्पादों की महंगाई मामूली बढ़कर 8.37 प्रतिशत हो गई, जो पिछले महीने 8.29 प्रतिशत थी। अगस्त में प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 118.1, ईंधन एवं ऊर्जा का 108.3 और विनिर्मित उत्पादों का 108.8 रहा। जुलाई में ये क्रमशः 117.2, 105.4 और 108.4 थे। डब्ल्यूपीआई खाद्य सूचकांक-आधारित महंगाई अगस्त में बढ़कर 7.05 प्रतिशत हो गई, जबकि जुलाई में यह 6.65 प्रतिशत थी। इससे संकेत मिलता है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी दबाव बना हुआ है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले महीने अगस्त में थोक महंगाई बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में खनिज तेल (पेट्रोलियम उत्पाद सहित), खाद्य वस्तुएं, खाद्य उत्पादों का विनिर्माण, मूल धातुएं, गैर-खाद्य पदार्थ और रसायन एवं रासायनिक उत्पादों का निर्माण शामिल रहे। सरकार ने जून 2026 के अंतिम आंकड़ों में भी संशोधन किया है। जून का डब्ल्यूपीआई सूचकांक 110.2 के अस्थायी अनुमान से बढ़ाकर 110.3 कर दिया गया है। इसके साथ ही जून 2026 की थोक महंगाई का अंतिम आंकड़ा 9.87 प्रतिशत से संशोधित होकर 9.97 प्रतिशत कर दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र के लिए इनपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (इनपुट पीपीआई) अगस्त 2026 में 104.2 रहा। वहीं जून माह का ट्रायल इनपुट पीपीआई 107.1 के अनंतिम अनुमान से संशोधित होकर 105.9 किया गया है।
गरीब राजभर समाज में पैदा हुआ, इसलिए मेरी पैदाइश पर टिप्पणी : ओमप्रकाश राजभर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पैदाइश को लेकर की गई टिप्पणी पर सपा नेता ओम प्रकाश सिंह पर तीखा पलटवार किया है। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘मित्र ओम प्रकाश सिंह जी’ संबोधित करते हुए राजभर ने कहा कि पिछले दो दिनों से उनका बयान सामने आ रहा है। बयान सुनकर उन्हें हैरानी नहीं हुई, बल्कि ओम प्रकाश सिंह पर तरस आया। उन्होंने कहा कि उनकी पैदाइश पर टिप्पणी इसलिए की गई, क्योंकि वह किसी जमींदार या ऊंची जाति में नहीं, बल्कि बेहद गरीब और असहाय राजभर समाज में पैदा हुए हैं। राजभर ने कहा कि उन्हें राजभर होने का कभी दुख नहीं रहा बल्कि इस बात की खुशी है कि जिस समाज में पैदा हुए, उसके लिए कुछ करने की नीयत और हौसला उनके अंदर है। उन्होंने कहा कि चाहें तो वह भी ओम प्रकाश सिंह पर अनर्गल टिप्पणी कर सकते हैं, लेकिन छोटी जाति में पैदा होने के बावजूद राजभर समाज ने किसी व्यक्ति के माता-पिता पर गलत बयानबाजी करना नहीं सिखाया। उन्होंने ओम प्रकाश सिंह के माता-पिता को प्रणाम करते हुए कहा कि कौन कब, कहां, किस कुल और किस जाति में पैदा होगा, यह कोई व्यक्ति तय नहीं करता। इसे परमात्मा तय करते हैं। इसके बाद राजभर ने सपा और ओम प्रकाश सिंह पर सियासी हमला तेज करते हुए कहा कि शायद वे लोग ईश्वर को नहीं मानते। अगर मानते होते तो भगवान राम, रघुकुल, सूर्यवंश और सनातन का अपमान करने वाली समाजवादी पार्टी में एक विधानसभा टिकट के लिए अपमान का घूंट पीकर नहीं पड़े रहते। राजभर ने कहा कि वह कर्म करने में विश्वास रखते हैं और कर्म के फल की चिंता नहीं करते। उन्होंने राजभर समाज के साथ पिछड़ों, दलितों और शोषितों की आवाज बुलंद करने का प्रण लिया है और उसी को पूरा करने में लगे हैं। उन्होंने ओम प्रकाश सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सपा का टिकट चाहिए तो बेशक लें। जनता सब देख रही है। वह उन्हें भी देख रही है और उनकी पार्टी को भी। समय आने पर नतीजा भी जनता ही देगी। राजभर ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि ओमप्रकाश सिंह अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगेंगे और वह उनसे माफी की अपेक्षा भी नहीं रखते। हालांकि एक बार अपने माता-पिता को याद करके जरूर सोचें कि उनके जैसे छोटी जाति में पैदा हुए व्यक्ति की पैदाइश को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित है या नहीं। राजभर ने आखिर में लिखा कि बाकी ईश्वर उनका भला करे। इसके साथ उन्होंने ‘जय श्रीराम’ लिखकर अपनी पोस्ट समाप्त की।
मुख्यमंत्रियों ने हिंदी दिवस पर दी बधाई- ‘हिंदी भाषा हमारे संस्कारों, भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति’

नई दिल्ली। हिंदी दिवस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है। इसके साथ ही आह्वान किया है कि हिंदी को ज्ञान, शासन, तकनीक और नवाचार की भाषा के रूप में और सशक्त बनाएं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, “हिंदी दिवस की सभी हिंदी प्रेमियों और प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता एवं भारतीय अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति है। आइए, हम सब मिलकर हिंदी भाषा के सम्मान, संवर्धन एवं व्यापक प्रयोग के लिए संकल्पित हों।” दिल्ली की रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, “हिंदी हमें जोड़ती है। मन से मन को, जन से जन को, परंपरा को तकनीक से और भारत को विश्व से, सभ्यता से लेकर साहित्य तक, स्वतंत्रता से संविधान सभा तक, हिंदी ने भारत की चेतना को स्वर दिया है। आज वही हिंदी तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के संवाद के साथ नए विस्तार की ओर बढ़ रही है। हिंदी हमारी जड़ों की भाषा है और भविष्य भी है। आइए, हिंदी को ज्ञान, शासन, तकनीक और नवाचार की भाषा के रूप में और सशक्त बनाएं। आप सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।” राजस्थान के मुख्यंमत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पोस्ट में कहा, “सभी प्रदेशवासियों को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! हिंदी भाषा हमारे संस्कारों, भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह विविधताओं से भरे हमारे देश को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करती है। आइए, इस अवसर पर हम सब मिलकर हिंदी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार का संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसकी समृद्धि और गौरव को आत्मसात कर सकें।” अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने एक्स पर लिखा, “हिंदी ने भारत की विविध भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हिंदी के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना को और सशक्त बनाएं। हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।” छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रीय हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हिंदी भाषा हमारी संस्कृति, हमारे संस्कार और हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति का सहज और सशक्त माध्यम है। यह हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ देश की विविध भाषाओं और बोलियों के बीच आत्मीयता का सेतु भी बनाती है। आइए, हिंदी पर गर्व करें, इसके प्रयोग को बढ़ाएं और इसे ज्ञान, विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार के साथ विकसित भारत की सशक्त भाषा बनाएं।” असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पोस्ट में कहा, “हिंदी की खूबसूरती शायद इसी में है कि इसमें कबीर की निर्भीकता भी है, तुलसी की भक्ति भी, प्रेमचंद की संवेदना भी और दिनकर की हुंकार भी। समय के साथ हिंदी ने भारत के बदलते समाज, विचार और जीवन को अपनी अभिव्यक्ति दी है। हिंदी दिवस पर इस जीवंत परंपरा को नमन।” राजस्थान की उप मुख्यंत्री दिया कुमारी ने एक्स पोस्ट में कहा, “आप सभी को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हिन्दी हमारी आत्मीय अभिव्यक्ति, साहित्यिक समृद्धि और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। हिन्दी देश के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को आपसी प्रेम, संवाद एवं एकता के सूत्र में जोड़ती है। हिन्दी का विकास और संवर्धन हमारी साझा जिम्मेदारी है।
साहिबगंज में गंगा का जलस्तर घटा, निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में संकट बरकरार

साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी में आई बाढ़ की स्थिति में पिछले 24 घंटों के दौरान आंशिक सुधार हुआ है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा नदी के जलस्तर में रविवार शाम करीब चार सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, गंगा अब भी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है और निचले तथा दियारा क्षेत्रों में जलजमाव के कारण हजारों लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं। साहिबगंज में गंगा का जलस्तर हाल में 28.71 से 28.72 मीटर तक पहुंच गया था, जो खतरे के निशान 27.25 मीटर से करीब 1.46 मीटर अधिक है। यह पिछले चार वर्षों में दर्ज सबसे ऊंचे जलस्तर के आसपास बताया जा रहा है। अब जलस्तर में मामूली गिरावट से प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। शहरी इलाकों में भी बाढ़ के पानी का असर कम हुआ है। हबीबपुर की मस्जिद रोड और कुलीपाड़ा-हबीबपुर मुख्य सड़क से पानी निकल गया है। हालांकि कमल टोला, बायसी स्थान, भरतिया कॉलोनी और अलीनगर जैसे कुछ निचले इलाकों में अब भी पानी जमा है। सबसे ज्यादा परेशानी दियारा और ग्रामीण क्षेत्रों में बनी हुई है। उधवा प्रखंड के कई गांवों में पानी घटने लगा है, लेकिन कई गांव अब भी टापू बने हुए हैं। बाढ़ के कारण कई घरों के बोरिंग का पानी दूषित हो गया है, जिससे लोगों के सामने पीने के साफ पानी की समस्या खड़ी हो गई है। बरहरवा प्रखंड के कुछ अंदरूनी रास्तों और सड़कों पर भी पानी बह रहा है। जिले के प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित गांवों का दौरा कर लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने की अपील कर रही हैं। जरूरतमंदों के बीच खाद्य सामग्री और अन्य राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। साहिबगंज पुलिस ने प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक लंगर की व्यवस्था की है। वहीं, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह के निर्देश पर राजमहल, राधानगर, गंगा नदी और मुफस्सिल थाना परिसर में पका हुआ भोजन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में जोखिम उठाकर आवागमन नहीं करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। राहत एवं बचाव दलों को भी सतर्क रखा गया है।