फिलीपींस में संसदीय चुनाव से पहले गोलीबारी; तीन की मौत, 15 घायल

मनीला। दक्षिणी फिलीपींस के कोटाबाटो सिटी में रविवार रात करीब आधी रात से पहले एक मतदान केंद्र के बाहर हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ के अनुसार, यह घटना बांगसमोरो ऑटोनॉमस रीजन इन मुस्लिम मिंडानाओ (बीएआरएमएम) में होने वाले संसदीय चुनाव से ठीक पहले हुई। सोमवार को इस क्षेत्र में पहली बार चुनी हुई संसद के लिए मतदान शुरू हुआ। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, मतदान के लिए लगी कतार में अपनी जगह को लेकर प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक गुटों के बीच विवाद हो गया। पहले धक्का-मुक्की हुई, फिर मारपीट शुरू हो गई और आखिरकार भीड़भाड़ वाले इलाके में गोलियां चलने लगीं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 13 राजनीतिक दलों के उम्मीदवार 80 संसदीय सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। इन चुनावों में 20 लाख से अधिक मतदाता वोट देने के पात्र हैं। किसी भी संभावित हिंसा से निपटने के लिए पिछले कुछ दिनों में पूरे बीएआरएमएम क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मतदान केंद्रों पर 20,000 से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है और त्वरित प्रतिक्रिया दल भी तैयार रखे गए हैं। सोमवार को होने वाला यह ऐतिहासिक मतदान मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में दशकों से चले आ रहे विद्रोह और हिंसा के बाद स्वशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस चुनाव में लगभग 24 लाख पंजीकृत मतदाता मतदान करने वाले हैं। अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और शांति निगरानी करने वाले संगठनों का मानना है कि यह चुनाव इस बात की बड़ी परीक्षा है कि 2014 में मनीला सरकार और मुस्लिम अलगाववादी समूहों के बीच हुए शांति समझौते के तहत स्थापित क्षेत्रीय स्वायत्तता लोकतांत्रिक संस्थाओं के जरिए लंबे समय तक कायम रह सकती है या नहीं। यह स्वायत्तता व्यवस्था उस लंबे संघर्ष को खत्म करने के लिए बनाई गई थी, जिसमें 1,20,000 से अधिक लोगों की जान गई थी और लगभग 20 लाख लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए थे। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने एक वीडियो संदेश में लोगों से मतदान में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह चुनाव बीएआरएमएम की स्थायी शांति, लोकतांत्रिक शासन और वास्तविक आत्मनिर्णय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने इसे क्षेत्र और पूरे देश के लिए एक ‘ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण’ बताते हुए मतदाताओं से बढ़-चढ़कर मतदान करने का आग्रह किया।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई

नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल समापन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान नवाचार, सहयोग और स्थिरता को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा। राजनाथ सिंह ने इस संबंध में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इन प्राथमिकताओं के तहत भारत ने ब्रिक्स सहयोग को सीधे आम लोगों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समावेशी और जन-केंद्रित दृष्टिकोण नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की प्रमुख पहचान बना। भारत ने यह संदेश दिया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग का लाभ केवल सरकारों तक सीमित न रहकर आम लोगों तक भी पहुंचना चाहिए। रक्षा मंत्री ने ब्रिक्स 2026 नई दिल्ली घोषणा पर हस्ताक्षर को भी बड़ी उपलब्धि बताया है। सोमवार को इस विषय पर उन्होंने कहा कि यह केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव का स्पष्ट संदेश है। उनके अनुसार, इस घोषणा ने साझा सहमति और सहयोग के लिए भारत की भूमिका को और मजबूत किया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने ग्लोबल साउथ को हाशिये पर रखने के बजाय उसे केंद्र में रखा है। भारत एक अधिक समावेशी, प्रतिनिधित्वपूर्ण और संतुलित वैश्विक व्यवस्था की वकालत कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उचित महत्व देना भारत की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। उन्होंने भारत की सभ्यतागत सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का भी उल्लेख किया। इस का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने एक बार फिर दिखाया है कि नेतृत्व का मतलब सबसे ऊंची आवाज में बोलना नहीं, बल्कि सबसे मजबूत सहमति तैयार करना है। उन्होंने कहा कि जब भारत नेतृत्व करता है, तो दुनिया उसकी बात सुनती है। राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि इस सम्मेलन ने वैश्विक मंच पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और प्रभाव का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।

केरल में मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम का सम्मान, शेख अबू बक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा

नई द‍िल्‍ली। 18वें ब्र‍िक्‍स श‍िखर सम्‍मेलन के दौरान भारत पहुंचे मलेश‍िया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राह‍िम ने श‍िखर सम्‍मेलन से इतर केरल का दौरा क‍िया। यहां उन्होंने सुन्नी कल्चरल सेंटर में आयोजित स्मरण और प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। इस दौरान भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद की मौजूदगी में उन्हें शेख अबूबक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। मलेश‍िया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राह‍िम ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर ल‍िखा, ”सुन्नी कल्चरल सेंटर में मुझे मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल के साथ स्मरण और प्रार्थना सभा में शामिल होने का सम्मान मिला। इस कार्यक्रम में केरल के सम्मानित विद्वान और लगभग दो हजार छात्र शामिल हुए। इस सभा का नेतृत्व भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद ने किया।” पीएम इब्राह‍िम ने कहा, मुझे शेख अबू बक्र फाउंडेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। मैं इस सम्मान को बहुत विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं और इसे उन सभी विद्वानों, धर्म प्रचारकों, वैज्ञानिकों और ज्ञान प्रेमियों को समर्पित करता हूं, जिन्होंने लोगों तक ईमान और आस्था का संदेश पहुंचाने तथा उम्मत की गरिमा बढ़ाने के लिए अपना समय, मन और जीवन समर्पित किया है। उन्‍होंने कहा, मलेशिया आगे भी उलेमा (धार्मिक विद्वानों) के साथ मिलकर शैक्षिक और धार्मिक प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। इसमें हदीस की पुस्तकों के अध्ययन और उनके समापन समारोह जैसे कार्यक्रम भी शामिल हैं। हम दुआ करते हैं कि ये प्रयास मलेशिया और केरल के बीच संबंधों को और मजबूत करें, ज्ञान की परंपरा को समृद्ध बनाएं और ऐसी पीढ़ी तैयार करें जो अपने ईमान में मजबूत, ज्ञान में समृद्ध और चरित्र में उत्कृष्ट हो। अनवर इब्राह‍िम ने बताया क‍ि करंथूर स्थित मरकजू सकाफती सुन्निया में आयोजित ज‍ियाराह महब्बाह कार्यक्रम ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बक्र अहमद से मुलाकात का अवसर म‍िला। इस दौरान हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका मिला। एआई ज्ञान, शोध और प्रगति के नए रास्ते खोल रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ यह आस्था, विश्वास, नैतिक मूल्यों और इंसान की बौद्धिक स्वतंत्रता के लिए कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां भी लेकर आ रहा है। इसी वजह से हमने इस बात पर चर्चा की कि एआई के लिए ऐसा दृष्टिकोण तैयार किया जाए जो इस्लामी सिद्धांतों पर आधारित हो। इसका उद्देश्य तकनीकी प्रगति और मानवीय मूल्यों, नैतिकता तथा इंसानियत के बीच संतुलन बनाए रखना है। उन्‍होंने बताया क‍ि इस चर्चा को आगे और विकसित किया जाएगा, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की प्रगति का पूरा लाभ उठाया जा सके, लेकिन साथ ही आस्था, नैतिक मूल्यों और इंसानियत से कोई समझौता न हो।

क्रिकेटर मोहम्मद शमी के दो भाइयों पर मुकदमा, महिला ने लगाए शारीरिक संबंध बनाने और धमकी देने के आरोप

लखनऊ। क्रिकेटर मोहम्मद शमी के भाई मोहम्मद कैफ और मोहम्मद हसीब के खिलाफ लखनऊ के आशियाना पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। एक तलाकशुदा महिला ने मोहम्मद कैफ के खिलाफ कथित तौर पर शादी का वादा करके संबंध बनाने और मोहम्मद हसीब पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। फिलहाल, लखनऊ पुलिस मामले की जांच में जुटी है। लखनऊ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351 और 69 के तहत क्रिकेटर के भाई मोहम्मद कैफ और मोहम्मद हबीब पर मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार, महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि 2020 में एक दोस्त के जरिए मोहम्मद कैफ से उसकी मुलाकात हुई थी। परिचय होने के बाद दोनों की मुलाकातें बढ़ने लगी थीं। अगस्त 2023 में मोहम्मद कैफ ने उससे शादी का प्रस्ताव रखा था। महिला ने कहा कि उसने पहले ही मोहम्मद कैफ को बताया था कि वह तलाकशुदा है और उसका एक बेटा है। उस समय कैफ ने उससे बोला कि उसे उसके अतीत और बेटे से कोई आपत्ति नहीं है। महिला ने कहा कि शादी का विश्वास दिलाए जाने के वह उनकी बातों पर विश्वास करने लगी थी। इसके बाद कैफ ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब वह शादी के लिए बोलती थी तो कैफ उसके सामने कुरान की कसम खाते थे और उचित समय पर शादी की बात कहते थे। अपनी शिकायत में महिला ने यह भी बताया कि कैफ ने उससे आईपीएल 2025 के ऑक्शन के बाद निश्चित रूप से शादी करने के लिए कहा था। महिला ने मोहम्मद कैफ पर नौकरी छुड़वाने के भी आरोप लगाए हैं। महिला ने कहा कि दिसंबर में शादी नहीं करने के बाद उसने शमी के भाई मोहम्मद हसीब से बात की थी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला था। महिला ने शिकायत में कहा कि उसके एक पॉडकास्ट के बाद मोहम्मद कैफ ने उससे फिर से शादी का वादा करते हुए उस पॉडकास्ट को रोकने के लिए बोला था और बाद में शारीरिक संबंध भी बनाए थे। एफआईआर के अनुसार, महिला ने कहा कि मोहम्मद हसीब ने उसे एक व्यक्ति बदरुद्दीन के जरिए अमरोहा बुलाया था, जहां उन्होंने उसे डराया और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के बाद लखनऊ पुलिस ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी के भाई मोहम्मद कैफ और मोहम्मद हसीब के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

तूफान ने तमिलनाडु के इरोड में 10,000 से ज्यादा केले के पौधे नष्ट, किसानों को नुकसान

ईरोड। तमिलनाडु के ईरोड जिले में रविवार शाम से आधी रात तक तेज हवाओं के साथ हुई भारी बारिश के कारण 10,000 से अधिक केले के पौधे उखड़ गए, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। अचानक हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण अम्मापेट्टई के पास बूथपड़ी गांव और अन्ना नगर, पूनाची, केम्मियम्पट्टी, पटलूर और मुलियानूर सहित अन्य क्षेत्रों में केले के बागानों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि तेज हवाओं के कारण उन्हें अपनी खड़ी फसलों को बचाने का बहुत कम मौका मिला। सेंथिल कुमार (43), वेलुचामी (73), कावेरी (76), परिमाला (56), मूर्ति (62) और पूनाची ईसन सहित कई किसानों के खेत बुरी तरह प्रभावित हुए। तूफान थमने के बाद खेतों में हजारों केले के पौधे उखड़ गए या टूट गए। क्षतिग्रस्त पौधों में से अधिकांश नेन्द्रन किस्म के थे और इनकी खेती लगभग सात महीने से की जा रही थी। ये पौधे फल देने की अवस्था में पहुँच चुके थे, जिससे किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद थी। फसल के इस महत्वपूर्ण चरण में नष्ट होने से प्रभावित किसान बेहद परेशान हैं। किसानों ने बताया कि उन्होंने जमीन तैयार करने, पौधे खरीदने, खाद और कीटनाशक डालने, सिंचाई सुविधाओं के रखरखाव और कृषि श्रमिकों को मजदूरी देने में काफी पैसा लगाया था। फसल पकने के करीब थी, इसलिए उन्हें उम्मीद थी कि वे अपने खर्चों की भरपाई कर लेंगे और फसल से अच्छा मुनाफा कमा लेंगे। हालांकि, भारी बारिश और तेज हवाओं ने प्रभावित गांवों में फैले खेतों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, 10,000 से अधिक केले के पौधे नष्ट हो गए, जिससे कुल मिलाकर लगभग 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ। किसानों को आशंका है कि अंतिम क्षति आकलन में इससे भी अधिक आंकड़ा सामने आ सकता है। किसानों ने कहा कि वे पहले से ही बढ़ती खेती लागत, अस्थिर बाजार कीमतों और कृषि श्रमिकों की कमी से जूझ रहे हैं। हाल ही में हुई फसल की बर्बादी ने उनके वित्तीय बोझ को और बढ़ा दिया है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने खेती के खर्चों को पूरा करने के लिए कर्ज लिया था। प्रभावित किसानों ने राजस्व और कृषि विभागों के अधिकारियों से क्षतिग्रस्त बागानों का तुरंत निरीक्षण करने और नुकसान का व्यापक आकलन करने का आग्रह किया। उन्होंने तमिलनाडु सरकार से बिना देरी किए पर्याप्त मुआवजा और अन्य राहत उपाय उपलब्ध कराने की अपील भी की, और कहा कि इस झटके से उबरने और खेती फिर से शुरू करने के लिए समय पर वित्तीय सहायता उनके लिए आवश्यक है।

रोज करें चक्रासन का अभ्यास, जानें करने का सही तरीका और फायदे

नई दिल्ली। योग भारतीय संस्कृति की प्राचीन धरोधर है, जो मन और आत्मा को संतुलित रखने का मार्ग दिखाता है। योग के अनेक आसनों में चक्रासन एक महत्वपूर्ण आसन है, जो न केवल शरीर को लचीला बनाता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। ‘चक्र’ का अर्थ है पहिया और ‘आसन’ का अर्थ है मुद्रा। इस आसन में शरीर को पीछे की ओर मोड़कर पहिए जैसा आकार दिया जाता है। यह पीठ, हाथ, पैर और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है, साथ ही शरीर की लचीलापन और मुद्रा में सुधार करता है। योग विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित अभ्यास से यह आसन कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, चक्रासन से कमर-रीढ़ की समस्याएं दूर होती हैं, आंखों की रोशनी बढ़ती है, कब्ज से राहत मिलती है, और तनाव-चिंता कम होती है। यह मानसिक तनाव और चिंता को कम कर शांति देने में भी मददगार है। यह मांसपेशियों को मजबूत कर शरीर की सक्रियता बढ़ाता है। इसके अभ्यास के लिए सबसे पहले पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं। अपने पैरों को घुटनों से मोड़ें और पैरों को कूल्हों के पास लाएं। दोनों हाथों को सिर के पास ले जाएं, हथेलियां जमीन पर और उंगलियां कंधों की ओर हों। इसके बाद सांस लेते हुए हथेलियों और पैरों पर जोर देकर शरीर को ऊपर उठाएं। सिर को आराम से पीछे की ओर लटकाएं। 10 से 20 सेकंड तक इस मुद्रा में बने रहना चाहिए और सामान्य रूप से सांस भी लेते रहना चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति में वापस आना चाहिए। नियमित चक्रासन से न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। चक्रासन न सिर्फ रीढ़ की मज़बूती बढ़ाता है, बल्कि पूरे शरीर को ऊर्जावान बनाता है। रोजाना 5-10 मिनट का अभ्यास कमर दर्द को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है। अगर कोई भी अभ्यासकर्ता बैठे रहने की वजह से जकड़न महसूस कर रहे हैं, तो उन्हें अपनी दिनचर्या में चक्रासन शामिल करें।

पश्चिम बंगाल में डेंगू का कहर, 29 नगर पालिकाएं और 278 ग्राम पंचायतें हॉटस्पॉट घोषित

कोलकाता। इस साल अब तक पश्चिम बंगाल में डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या 5,000 से ज्यादा हो गई है। इसे देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने 29 नगर पालिकाओं, 85 कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक और 278 ग्राम पंचायतों को हॉटस्पॉट के तौर पर पहचाना है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग के कर्मचारी इन नगर पालिकाओं, ब्लॉक और पंचायतों में ज्यादा गहन और रैंडम ब्लड सैंपल टेस्ट पर ध्यान दे रहे हैं, क्योंकि पिछले महीने डेंगू-पॉजिटिव मामलों की सबसे ज्यादा संख्या इन्हीं हॉटस्पॉट से सामने आई है। उनके अनुसार, विभाग ऐसे हॉटस्पॉट की पहचान करने के लिए एक खास फॉर्मूला अपना रहा है। अधिकारी ने कहा, “जिस ग्राम पंचायत में डेंगू के 10 या उससे ज्यादा मरीज होते हैं, उसे हॉटस्पॉट पंचायत माना जाता है। इसी तरह, अगर किसी कम्युनिटी ब्लॉक में 30 से ज्यादा लोगों को डेंगू है, तो उसे हॉटस्पॉट ब्लॉक माना जाता है। अगर किसी नगरपालिका के ज्यादातर वार्डों में डेंगू से प्रभावित पांच या उससे ज्यादा लोग हैं, तो उसे हॉटस्पॉट माना जाता है।” साथ ही, उन्होंने कहा कि विभाग इन हॉटस्पॉट पर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान भी चला रहा है। लोगों से कहा जा रहा है कि अगर उनमें डेंगू के लक्षण दिखें – जैसे कि दो या उससे ज्यादा दिनों तक लगातार बुखार रहना – तो वे खुद आगे आकर ब्लड टेस्ट करवाएं। अधिकारी ने कहा, “हमें सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि इनमें से कई हॉटस्पॉट में, दो या उससे ज्यादा दिनों तक बुखार रहने पर लोग अक्सर किसी डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय खुद ही दवा ले लेते हैं। इससे संकट और बढ़ रहा है। इसलिए, हम बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं और लोगों से अपील कर रहे हैं कि दो या उससे ज्यादा दिनों तक बुखार रहने पर खुद दवा न लें, बल्कि ब्लड टेस्ट के लिए नजदीकी हेल्थ सेंटर जाएं या किसी डॉक्टर से सलाह लें।” इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी डेंगू को रोकने के लिए घर-घर जाकर निगरानी कर रहे हैं। “स्वास्थ्य कर्मचारी लोगों से कह रहे हैं कि वे घर की पानी की टंकियों और सिस्टर्न को ढंककर रखें। अगर ढक्कन नहीं है, तो उन्हें मच्छरदानी या जाली से ढंक देना चाहिए।” राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने कहा, “छत पर रखे गमलों और बेकार पड़े डिब्बों में पानी जमा होने से रोकने के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है।” स्वास्थ्य विभाग तालाबों, नालियों, पूलों, सूखी नहरों, बेकार पड़े कुओं और कारखानों की भी निगरानी कर रहा है। गाइडलाइंस के मुताबिक लार्वा-मारने वाली दवाओं (लार्विसाइड्स) का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने अपना ताज़ा डेंगू बुलेटिन जारी किया, जिसमें 11 सितंबर तक 5,002 लोगों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई। हालांकि, चिंता की बात यह है कि अगस्त में इसी तारीख तक डेंगू से प्रभावित लोगों की कुल संख्या 2,500 से कम थी। इसका मतलब है कि पिछले एक महीने में 2,500 और लोग डेंगू की चपेट में आए हैं। विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक सबसे ज़्यादा प्रभावित लोग मुर्शिदाबाद जिले से हैं (1,072), इसके बाद कोलकाता (500) और नॉर्थ 24 परगना (450) का नंबर आता है।

गणेश चतुर्थी के मौके पर अभिजीत सावंत ने रिलीज किया ‘गण धाव रे’ गाना, बेटियों ने भी दी आवाज

मुंबई। ‘इंडियन आइडल’ के पहले सीजन से घर-घर में अपनी आवाज की पहचान बनाने वाले गायक अभिजीत सावंत ने गणेश चतुर्थी के मौके पर अपना नया गाना ‘गण धाव रे’ रिलीज किया है। इस गाने में उनकी बेटियां अहाना और समीरा भी जुड़ी हुई हैं। दोनों ने गाने में बैकग्राउंड वोकल्स दिए हैं। अभिजीत ने कहा, ”जब मैंने अपनी दोनों बेटियों के साथ ‘गण धाव रे’ रिकॉर्ड किया, तो वह पल मेरे लिए बेहद इमोशनल था। इस गाने में मेरी बेटियों का मेरे साथ होना बप्पा का दिव्य संयोग है। यह पहली बार है जब म्यूजिकल जर्नी में हम तीनों ने एक साथ किसी गाने के लिए अपनी आवाज दी है। यह गाना मेरे लिए बाकी प्रोजेक्ट्स से काफी अलग है।” उन्होंने सोशल मीडिया पर गाने को शेयर करते हुए लिखा, ”तीनों का यह पहला गाना है, जिसे खास तौर पर बप्पा के लिए बनाया गया है और इससे बड़ी बात मेरे लिए और क्या हो सकती है। हर इंसान का बप्पा के साथ अपना एक खूबसूरत रिश्ता होता है। कोई बप्पा को अपना दोस्त मानता है, कोई परिवार का हिस्सा और कोई मुश्किल समय में उनका सहारा देखता है।” अभिजीत ने कहा, ”’गण धाव रे’ के जरिए इसी खूबसूरत रिश्ते को दर्शक महसूस कर पाएंगे। गाने में बेटियों की आवाज जुड़ने से यह मेरे लिए सिर्फ एक भक्ति गीत नहीं, बल्कि परिवार के साथ संजोकर रखने वाली याद भी बन गई है।” अभिजीत सावंत की म्यूजिकल जर्नी की बात करें तो उन्होंने ‘इंडियन आइडल’ के पहले सीजन से जबरदस्त पहचान हासिल की थी। शो के जरिए वह दर्शकों के बीच इतने पॉपुलर हुए कि जल्द ही उनकी अपनी म्यूजिक जर्नी शुरू हो गई। साल 2005 में उनका पहला सोलो एल्बम ‘आपका अभिजीत सावंत’ रिलीज हुआ। इसी साल उन्होंने फिल्म ‘आशिक बनाया आपने’ के लिए प्लेबैक सिंगिंग भी की और ‘मर जावां मिट जावां’ गाना गाया। इसके बाद साल 2007 में उनका दूसरा एल्बम ‘जुनून’ रिलीज हुआ। करीब छह साल बाद 2013 में उन्होंने अपना तीसरा स्टूडियो एल्बम ‘फरीदा’ पेश किया। संगीत के साथ अभिजीत ने एक्टिंग की दुनिया में भी कदम रखा। साल 2009 में उन्होंने फिल्म ‘लॉटरी’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद वह ‘तीस मार खान’ में भी एक छोटे से अपीयरेंस में नजर आए। हाल ही में अभिजीत एक बार फिर ‘इंडियन आइडल’ के मंच पर नजर आए। 4 जुलाई को शो के 75वें एपिसोड यानी डायमंड जुबली स्पेशल में पहले सीजन के कंटेस्टेंट्स की खास रीयूनियन हुई। इस दौरान अभिजीत सावंत और अमित सना करीब 22 साल बाद एक बार फिर मंच पर साथ आए।

अपने ब्लॉग की गलत व्याख्या पर मजाकिया अंदाज में अमिताभ बच्चन बोले- सच्चाई भाड़ में जाए, ये बिजनेस है

मुंबई। मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और अक्सर ब्लॉग पर अपनी मन की बातें करते रहते हैं। अभिनेता ने हाल ही में मजाकिया अंदाज में तंज कसते हुए कहा कि उनके ब्लॉग पोस्ट को किस तरह से दर्शकों के सामने दिखाया जाता है और समझा जाता है। मेगास्टार ने अपने ब्लॉग में लिखा, “और काम जारी है, इस त्योहार की रौनक के बीच अपनों के घर जाने का न्योता जब वे ‘गणपति’ को घर लाते हैं। आशीर्वाद लेने के लिए और ब्लॉग पर लिखी बातों के अजीब-ओ-गरीब मतलब निकाले जाने की विसंगतियां, जो हंसी से भी परे हैं।” त्योहारों के जश्न के बीच गणपति का स्वागत करने वाले घरों में जाते हुए, अमिताभ बच्चन ने खबरों में ‘सबसे पहले’ बनने की होड़ पर बात की। उन्होंने कहा कि ध्याव पाने की इस दौड़ में कई बार सच्चाई को नरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने आगे लिखा, “लोगों के बीच सबसे पहले आने की बेचैनी, ताकि उन्हें ध्यान और पैसा मिल सके, भले ही इसके लिए बात का गलता मतसब निकालना पडे या खबर देने वालों को ही भाष की सही समझ न हो। यही आज के दिन हंसी का बात है।” उन्होंने आगे लिखा, “इसे सच दिखाने के लिए फालतू और गलत बातें जोड़ देना, ताकि वह असली लगे, यह उस पल की कीमत पर किया गया बिजनेस है जो कभी हुआ ही नहीं था।” आखिर में उन्होंने लिखा, “खरीदा हुआ कंटेंट है, तो उसे अपनी लागत वसूल तो करनी ही है, यह बिजनेस है और सच्चाई भाड़ में जाए। आह मैं इंतजार कर रहा हूं कि मेरे इस ब्लॉग की बात को तोड़-मरोड़ कर क्या बनाया जाएगा और अब मैं आराम करता हूं।” मेगास्टार ने गणेश चतुर्थी के मौके पर शांति, खुशहाली और संपन्नता की भी कामना की। उन्होंने लिखा, “गणपति का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे। शांति, समृद्धि और खुशी के लिए।” गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश के जन्मदिन के तौर पर मनाया जाता है। इस त्योहार की शुरुआत गणेश की मूर्तियों की स्थापना से होती है, जो घरों में अकेले और बड़े पंडालों में सबके सामने होती हैं।

हिंदी दिवस पर इजरायल ने भारत को द‍ी बधाई, राजदूत रूवेन अजार ने हिंदी बोलकर दी शुभकामनाएं

नई द‍िल्‍ली। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने ह‍िंदी द‍िवस के अवसर पर सभी भारतवास‍ियों को शुभकामनाएं दीं। खास बात यह रही क‍ि राजदूत रूवेन अजार ने यह बधाई संदेश ह‍िंदी में द‍िया। राजदूत रूवेन अजार ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट में बधाई संदेश का वीड‍ियो साझा क‍िया। इस पोस्‍ट में उन्‍होंने ल‍िखा, ”हिंदी और ह‍िब्रू, यह दो प्राचीन भाषाएं, जो आज भी जीवंत हैं। ह‍िंदी द‍िवस के अवसर पर इजरायल की ओर से आप सभी को हार्द‍िक शुभकामनाएं।” वीड‍ियो संदेश में उन्‍होंने कहा, ”नमस्‍ते, मैं रूवेन अजार, भारत में इजरायल का राजदूत हूं। मैं दो वर्ष पहले भारत आया था और तभी से मैंने ह‍िंदी सीखनी शुरू कर दी थी। आज दो साल बाद ह‍िंदी द‍िवस के अवसर पर मैं आप सभी को हार्द‍िक शुभकामनाएं देता हूं।” इजरायल हमेशा ही भारत को अपना अच्‍छा दोस्‍त बताता है। भारत में होने वाले तमाम त्‍योहारों के मौके पर इजरायल खुद को शाम‍िल कर अपनी अच्‍छी प्रत‍िक्र‍िया देता है। इससे पहले भी रक्षाबंधन के मौके पर भी इजरायली दूतावास में राखी का त्‍योहार मनाया गया था। उस मौके पर इजरायली दूतावास में राजनीतिक सलाहकार और युवा राजनयिक नित्तई बेन-हाइम को भारतीय बहनों ने राखी बांधी थी। इजरायली दूतावास ने रक्षाबंधन के इस मौके को दोनों देशों के बीच एक मजबूत रिश्ते से जोड़ते हुए अच्‍छे संबंध की बात कही थी। इजरायली दूतावास ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में बहनों के राखी बांधने का व‍ीड‍ियो साझा करते हुए ल‍िखा, ”भारत + इजरायल = एक मजबूत और खूबसूरत दोस्ती का बंधन!