यूसीसी में आस्था पर कोई प्रहार नहीं, यह व्यवस्था में सुधार की कोशिश है: मुख्तार अब्बास नकवी

नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी पर दिए बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यूसीसी में आस्था पर कोई प्रहार नहीं, यह व्यवस्था में सुधार की कोशिश है। नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में नकवी ने कहा कि अमित शाह ने संवैधानिक प्रतिबद्धता को दोहराया है। संविधान के अनुच्छेद 44 में संविधान निर्माताओं ने दिशा-निर्देश दिया है कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समान नागरिक संहिता की दिशा में आगे बढ़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को इस दिशा में तैयार किया गया है और एनडीए की राज्य सरकारें भी यूसीसी को लेकर आगे बढ़ रही हैं। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सामाजिक व्यवस्था में सुधार करना है। यूसीसी को लेकर सांप्रदायिकता का भ्रम फैलाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। इसमें आस्था पर किसी भी तरह का वार या प्रहार नहीं है, लेकिन हां, व्यवस्था में सुधार जरूर है। ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर राहुल गांधी के बयान पर भी मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और चुनौतियों के बीच ब्रिक्स सम्मेलन से जिस तरह के समाधान सामने आए हैं, वह भारत और दुनिया के लिए गर्व की बात है। कुछ लोगों की निराशा समय-समय पर सामने आती रहती है। उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता का जिक्र करते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नाराज लोगों को लेकर टिप्पणी की है कि नाराज फूफा कभी खुश नहीं होते। एशिया कप की ट्रॉफी भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी से लेने से इनकार करने के सवाल पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि ट्रॉफी चोरी करने और सीनाजोरी करने वालों से कौन ट्रॉफी लेगा। खिलाड़ियों को मैदान के अंदर खेलना चाहिए और मैदान के बाहर से बाउंसर मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसी परिस्थितियों में अपमान का घूंट पीना पड़ता है। वंदे मातरम के मुद्दे पर नकवी ने कहा कि दशकों तक इसे लेकर असहिष्णुता का दौर रहा और लोगों के बीच भ्रम एवं भय का माहौल बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि आज अलग-अलग जगहों पर वंदे मातरम के साथ राष्ट्रवाद का संदेश गूंज रहा है, जो अच्छी बात है। अवैध मदरसों के मुद्दे पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जहां मदरसे नियमों के दायरे से बाहर संचालित हो रहे हैं, वहां वैध स्कूल और कॉलेज खोले जाने चाहिए। कई मदरसों में मुख्यधारा की शिक्षा नहीं होती और वहां विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं देखने को मिलती हैं। बच्चों को ऐसी शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए, जिससे वे मुख्यधारा से जुड़ सकें और उनके भविष्य के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हों।

रोहित रॉय के ‘डस्टबिन मीडियम’ बयान पर बोले चेतन हंसराज- ‘टीवी एक्टर्स को कमतर समझना सही नहीं’

मुंबई। चेतन हंसराज ने टीवी की दुनिया में अपने करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा की आइकॉनिक ‘महाभारत’ में युवा बलराम का किरदार निभाकर की। उन्होंने छोटे पर्दे से लेकर फिल्मों तक का लंबा सफर तय किया है। ऐसे में जब उनके दोस्त और एक्टर रोहित रॉय ने हाल ही में टीवी को ‘डस्टबिन मीडियम’ कहा और छोटे पर्दे के एक्टर्स को फिल्म स्टार्स के मुकाबले कमतर बताया, तो चेतन इस बात से बिल्कुल सहमत नजर नहीं आए। उन्होंने रोहित की बात पर खुलकर अपनी राय रखी और कहा कि टीवी को इस तरह देखना सही नहीं है। आईएएनएस से बातचीत में चेतन हंसराज ने रोहित रॉय के बयान पर कहा, ”रोहित मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि यह बात कहां से आ रही है। टीवी कोई डस्टबिन मीडियम नहीं है, लेकिन हां, इसमें क्रिएटिविटी और आगे बढ़ने के मामले में कुछ ठहराव जरूर आया है। आज भी कई शोज में एक जैसी कहानियां दिखाई जा रही हैं और कंटेंट में ज्यादा बदलाव नहीं हो रहा है। यही वजह है कि टीवी का क्रिएटिव ग्राफ नीचे जा रहा है।” चेतन ने इसके लिए प्रोड्यूसर्स और टीवी चैनल्स को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा, ”अगर मेकर्स नए कंटेंट के साथ प्रयोग करें तो टीवी के पास आगे बढ़ने की पूरी गुंजाइश है। दर्शक नए तरह की कहानियों के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें वैसा कंटेंट मिल नहीं रहा। लेकिन टीवी को ‘डस्टबिन’ कहना ठीक नहीं है, क्योंकि आज भी लाखों लोग छोटे पर्दे के शोज देखते हैं।” चेतन ने रोहित रॉय की उस बात पर भी असहमति जताई, जिसमें उन्होंने टीवी एक्टर्स में क्लास की कमी की बात कही थी। उन्होंने कहा, ”टीवी एक्टर्स के बारे में भी मुझे नहीं पता कि यह बात कहां से आई। हर प्रोफेशन में कुछ अलग तरह के लोग होते हैं। कुछ एक्टर्स अजीब व्यवहार करेंगे और पॉपुलर होने के लिए कुछ भी करने की कोशिश करेंगे। लेकिन मैंने ऐसा कुछ लगातार अनुभव नहीं किया है। बहुत सारे टीवी एक्टर्स हैं जो खुद को पूरी गरिमा के साथ पेश करते हैं। मैं खुद टीवी एक्टर हूं और मैंने पूरी जिंदगी खुद को गरिमा के साथ पेश किया है।” चेतन ने टीवी एक्टर्स की परफॉर्मेंस को फिल्मों के एक्टर्स से बेहतर तक बताया। उन्होंने कहा, ”अगर किसी टीवी एक्टर और फिल्म एक्टर को एक जैसी लाइनें दी जाएं, तो टीवी एक्टर उन्हें ज्यादा बेहतर तरीके से निभा सकता है। वह बेहतर परफॉर्मर होंगे। टीवी एक्टर्स को लगातार काम करते हुए कम समय में अपने किरदार को दर्शकों तक पहुंचाना पड़ता है, इसलिए उनकी एक्टिंग की क्षमता को कम आंकना ठीक नहीं होगा।” चेतन ने कहा, ”मैं किसी एक पक्ष का साथ नहीं दे रहा हूं। मैंने इंडस्ट्री के अलग-अलग माध्यमों में काम किया है और मेरा अनुभव यही कहता है कि टीवी एक्टर्स को फिल्मों के एक्टर्स से कमतर नहीं समझना चाहिए। फिल्मों में बड़े बजट की वजह से स्टार्स को ज्यादा पीआर और प्रमोशन मिलता है, जिससे उनकी लोकप्रियता ज्यादा दिखाई देती है।” वर्कफ्रंट की बात करें तो चेतन हंसराज जल्द ही नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ में नजर आएंगे। फिल्म में रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे बड़े सितारे मुख्य भूमिकाओं में हैं।

मणिपुर: हमलों में चार लोगों की मौत के बाद राज्य के गृह मंत्री ने सख्त कार्रवाई का किया वादा

इंफाल। मणिपुर में चार लोगों की हत्या के मामले में राज्य के गृह मंत्री की ओर से सख्त कार्रवाई का वादा किया गया। गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने सोमवार को कहा कि तामेंगलोंग और नोनी जिलों में अलग-अलग हमलों के बाद राज्य की शांति और सामान्य स्थिति को भंग करने की इजाजत किसी भी हाल में नहीं दी जाएगी। चार लोगों के हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कोंथौजम गोविंदस सिंह ने बेगुनाह लोगों की जान जाने पर गहरा दुख जताया और भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताया और कहा, “मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तथ्यों का पता लगाने, दोषियों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं कि कानून बिना किसी डर या पक्षपात के अपना काम करे।” उन्होंने कहा, “इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए; इस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस नाजुक मोड़ पर, हिंसा की किसी भी घटना को मणिपुर की शांति और सामान्य स्थिति की ओर बढ़ने की राह से भटकाने नहीं दिया जाएगा।” उन्होंने कहा, “हर नागरिक की सुरक्षा सबसे अहम है। कानून का राज चलेगा, न्याय होगा और शांति की रक्षा की जाएगी।” पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तामेंगलोंग जिले के कैमाई पुलिस स्टेशन के तहत टोलन कुकी गांव में हुए हमले में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई जबकि नोनी जिले के नुंग्बा पुलिस स्टेशन के तहत लोंगपी गांव में एक महिला समेत दो अन्य लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि हमलों के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने दोषियों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि मारे गए चारों लोग कुकी आदिवासी समुदाय के सदस्य थे। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने रविवार को इन हत्याओं की निंदा की और बेगुनाह लोगों की जान जाने पर गहरा दुख जताया। मुख्यमंत्री ने अपने कार्यालय से जारी एक बयान में कहा, “बेगुनाह नागरिकों के खिलाफ हिंसा की ऐसी कायरतापूर्ण हरकतें बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं और हमारे समाज में इनके लिए कोई जगह नहीं है।” कई संगठनों, कुकी और नागा समुदायों के विधायकों और नेताओं, जिनमें कैमाई विलेज अथॉरिटी भी शामिल है, ने टोलन हमले की निंदा की और इसे “समुदायों के बीच अशांति और बंटवारा पैदा करने की जानबूझकर की गई और दुर्भावनापूर्ण कोशिश” बताया। इस बीच, खबर है कि रविवार देर शाम जिरीबाम जिले के जिरीबाम पुलिस स्टेशन के तहत खेदाघर में रोंगमेई नागा समुदाय के सदस्यों के तीन-चार घर जला दिए गए। रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना जिरीबाम पुलिस स्टेशन से लगभग 12 किलोमीटर दक्षिण में हुई। अभी तक किसी के घायल होने या मारे जाने की खबर नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, कुकी और नागा समुदायों के बीच तनाव बढ़ने के बाद बदले की कार्रवाई के डर से रोंगमेई नागा परिवारों ने कुछ हफ्ते पहले ही अपने घर खाली कर दिए थे। इस घटना के बाद, सुरक्षाकर्मी हालात का जायजा लेने और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के लिए प्रभावित इलाके में पहुंचे। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और तुरंत तैनाती के लिए सैनिक और क्विक एक्शन टीमें तैयार रखी गई हैं। सुरक्षाकर्मियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे इलाके के ग्रामीणों और अहम लोगों के साथ बातचीत बढ़ाएं ताकि सतर्कता बनी रहे और तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके।

दिल्ली के आया नगर में जिम ट्रेनर की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में सोमवार को एक जिम ट्रेनर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने बताया कि फतेहपुर बेरी इलाके में आया नगर में हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की, जिससे जिम ट्रेनर की मौत हो गई। मृतक की पहचान जिम ट्रेनर विजय कुमार के तौर पर हुई है। गोलीबारी में विजय गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई। यह घटना सुबह करीब 10.30 बजे हुई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, हमले में दो संदिग्ध शामिल थे, जिन्होंने करीब 10 से 12 राउंड गोलियां चलाईं। इलाके में अचानक हुई गोलीबारी से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला है कि गोलीबारी की घटना किसी आपसी रंजिश से जुड़ी हो सकती है। पुलिस ने बताया कि गोलीबारी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। कई राउंड फायरिंग और हत्याकांड के बाद दिल्ली पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत भी जुटाए हैं। इलाके में शांति बहाल के लिए दिल्ली पुलिस ने एसएसबी जवानों को आया नगर गांव में तैनात किया। आया नगर में पहले भी ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। पुलिस का कहना है कि पिछले साल एक डेयरी संचालक की करीब 50 से 60 राउंड गोली मारकर हत्या हुई थी और यह हत्याकांड भी उससे जुड़ा हुआ लग रहा है। हत्या करने का आरोप उसी गैंग वालों पर है, जिन्होंने पिछले साल नवंबर महीने में डेयरी संचालक की हत्या की थी। उस हत्या को अंजाम देने वाले लोग जेल में हैं। हालांकि, आशंकाएं जताई जा रही हैं कि उन्हीं के एसोसिएट ने अब जिम ट्रेनर की हत्या की है। फिलहाल, पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।

ऑकलैंड में न्यूजीलैंड नेवल बेस पर इंडियन नेवी चीफ का भव्‍य स्वागत, पारंपरिक समारोह क‍िया आयोज‍ित

ऑकलैंड। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का सोमवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्थित एचएमएनजेडएस फिलोमेल नौसैनिक अड्डे पर पारंपरिक माओरी पोहिरी समारोह के साथ स्वागत किया गया। यह स्थान रॉयल न्यूजीलैंड नेवी के कर्मियों का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है। यह गर्मजोशी भरा स्वागत भारत और न्यूजीलैंड के बीच आपसी सम्मान, दोस्ती और मजबूत समुद्री संबंधों को दर्शाता है। भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “परंपरा ने शब्दों से पहले अपनी बात कही। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का ऑकलैंड के डेवनपोर्ट नौसैनिक अड्डे पर पारंपरिक माओरी पोहिरी के साथ स्वागत किया गया। यह न्यूजीलैंड नौसेना की पहचान में गहराई से जुड़े सम्मान, आतिथ्य और स्वागत की भावना का एक शक्तिशाली प्रतीक है। यह न्यूजीलैंड की विशिष्ट परंपराओं के साथ शुरू हुई ऐसी यात्रा है, जो लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों, आपसी सम्मान और साझा समुद्री परंपराओं पर आधारित है।” अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना प्रमुख ने न्यूजीलैंड में भारत की उच्चायुक्त मुआनपुई सैयावी और कॉन्सुल जनरल मदन मोहन सेठी से भी मुलाकात की। न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्‍स’ पर कहा, “नौसेना प्रमुख की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय संबंध और समुद्री सहयोग लगातार मजबूत हो रहे हैं।” एडमिरल स्वामीनाथन ऑस्ट्रेलिया में सफल बैठकों और कार्यक्रमों के बाद ऑकलैंड पहुंचे। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और न्यूजीलैंड के बीच नौसैनिक संबंधों को और मजबूत बनाना है। यह यात्रा जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आए नए उत्साह को आगे बढ़ाने वाली मानी जा रही है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने अपने संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया था। साथ ही रक्षा, समुद्री सुरक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। इस दौरे के दौरान एडमिरल स्वामीनाथन रॉयल न्यूजीलैंड नेवी और न्यूजीलैंड रक्षा नेतृत्व के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करेंगे। रक्षा मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इन बैठकों में दोनों नौसेनाओं के बीच संचालन संबंधी सहयोग, सूचनाओं के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। वे न्यूजीलैंड के महत्वपूर्ण नौसैनिक संचालन और प्रशिक्षण केंद्रों का भी दौरा करेंगे। इसके अलावा, रॉयल न्यूजीलैंड नेवी के अधिकारियों और सैन्य शिक्षा प्राप्त कर रहे अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा हाल ही में हुए मैरीटाइम कोऑपरेशन अरेंजमेंट के संदर्भ में खास महत्व रखती है। यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यावहारिक समुद्री सहयोग को बढ़ाने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है। मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ भारत के बढ़ते रक्षा और समुद्री सहयोग को दर्शाता है। साथ ही यह दिखाता है कि भारतीय नौसेना रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी और रॉयल न्यूजीलैंड नेवी के साथ लगातार और व्यावहारिक सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के सहयोग से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

ईरान की चेतावनी के बाद भी होर्मुज में तैनाती पर व‍िचार कर रहा दक्षिण कोरिया, अमेर‍िका के साथ करेगा रक्षा वार्ता

सोल। दक्षिण कोरिया और अमेरिका इस सप्ताह अपने वरिष्ठ अधिकारियों के बीच नियमित रक्षा वार्ता करने जा रहे हैं। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब सोल, होर्मुज स्‍ट्रेट में सैन्य तैनाती के विकल्प पर विचार कर रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कोरिया-अमेरिका इंटीग्रेटेड डिफेंस डायलॉग (केआईडीडी) की द्विवार्षिक बैठक बुधवार से शुक्रवार तक दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर बुसान में आयोजित की जाएगी। इन वार्ताओं का नेतृत्व दक्षिण कोरिया के उप रक्षा मंत्री (नीति) किम होंग-चोल और अमेरिका के पूर्वी एशिया मामलों के उप सहायक रक्षा सचिव जॉर्ज लेमूर करेंगे। इनके साथ रक्षा और विदेश मामलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे। मंत्रालय ने कहा कि बैठक में कई महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें युद्धकालीन सैन्य संचालन का नियंत्रण (ओपीकॉन) वापस हासिल करना, दोनों देशों की संयुक्त रक्षा व्यवस्था और जहाज निर्माण क्षेत्र में सहयोग जैसे विषय शामिल हैं। हालांकि दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि बैठक में होर्मुज स्‍ट्रेट में दक्षिण कोरियाई सेना की संभावित तैनाती पर भी चर्चा हो सकती है। अमेरिका काफी समय से दक्षिण कोरिया पर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा के प्रयासों में शामिल होने का दबाव बना रहा है। पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया ने होर्मुज स्‍ट्रेट के आसपास की सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए एक टीम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भेजी थी। इस कदम के बाद अटकलें लगने लगीं कि दक्षिण कोरिया वास्तव में वहां सैन्य बल भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि इस मामले में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। दूसरी ओर, ईरान पहले ही सार्वजनिक रूप से चेतावनी दे चुका है कि अगर उस क्षेत्र में किसी प्रकार की सैन्य तैनाती की जाती है, तो इसके ‘गंभीर परिणाम’ हो सकते हैं। इस सप्ताह की बैठक में एक और अहम मुद्दा युद्धकालीन सैन्य नियंत्रण (ओपीकॉन) का होगा। दक्षिण कोरिया चाहता है कि अमेरिका से यह अधिकार वापस लेकर वह अपनी सेना का पूर्ण नियंत्रण हासिल करे। सोल की कोशिश है कि राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के 2030 में समाप्त होने वाले पांच वर्षीय कार्यकाल से पहले, या संभव हो तो अगले साल ही, यह प्रक्रिया पूरी हो जाए। दक्षिण कोरिया चाहता है कि संयुक्त सैन्य बलों की ‘पूर्ण परिचालन क्षमता’ के सत्यापन के दूसरे चरण को पूरा किया जाए और इस साल शरद ऋतु में होने वाली रक्षा प्रमुखों की बैठक में ओपीकॉन हस्तांतरण का लक्ष्य वर्ष घोषित किया जाए। केआईडीडी की शुरुआत 2011 में हुई थी। यह दोनों सहयोगी देशों के बीच वरिष्ठ स्तर की एक व्यापक रक्षा वार्ता है। इस साल यह दूसरी केआईडीडी बैठक होगी। इससे पहले मई में इसका पिछला सत्र वॉशिंगटन में आयोजित किया गया था। इस बार की बैठक पहली बार सोल या वॉशिंगटन के बाहर आयोजित की जा रही है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बुसान को चुनने का उद्देश्य जहाज निर्माण के क्षेत्र में दोनों देशों के बढ़ते सहयोग और उसकी प्रतिबद्धता को दिखाना है।

गणेश चतुर्थी पर चिंचपोकली चा चिंतामणि पहुंचे प्रणव और करण अदाणी, परिवार संग किए दर्शन

मुंबई। गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अदाणी और अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने अपने परिवार के साथ मुंबई के प्रसिद्ध चिंचपोकली चा चिंतामणि गणपति के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर प्रणव अदाणी ने कहा कि चिंचपोकली सार्वजनिक उत्सव मंडल के साथ जुड़ना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि अपने 107वें वर्ष में प्रवेश कर चुके चिंचपोकली चा चिंतामणि की समृद्ध विरासत भक्ति, एकता और मुंबई की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक रही है। मुंबई का दूसरा सबसे प्राचीन सार्वजनिक उत्सव मंडल चिंचपोकली चा चिंतामणि 107 वर्षों की समृद्ध परंपरा का वाहक है। इस मंडल की जड़ें मुंबई के ऐतिहासिक मिल क्षेत्रों जैसे परेल, गिरगांव और लालबाग से जुड़ी हैं। यह उत्सव लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की उस विरासत को आगे बढ़ाता है, जिन्होंने 1890 के दशक में गणेश चतुर्थी को घरों तक सीमित धार्मिक आयोजन से सार्वजनिक उत्सव का स्वरूप दिया था। हर वर्ष की तरह इस बार भी मंडल ने विशेष थीम पर आधारित भव्य सजावट की है। इस वर्ष का आयोजन दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला की भव्यता से प्रेरित है। गणेश प्रतिमा को तिरुमला तिरुपति के भगवान वेंकटेश्वर बालाजी की थीम पर सजाया गया है। इसमें गरुड़, शंख, चक्र, कीर्तिमुख और कपूर तिलक जैसे पारंपरिक धार्मिक प्रतीकों को शामिल किया गया है। वहीं, विशाल पंडाल को हैदराबाद और भुवनगिरि स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर (स्वर्णगिरि) की स्थापत्य शैली के अनुरूप तैयार किया गया है। ऊंचे गोपुरम, दीपस्तंभ और याली-व्याल जैसे पारंपरिक संरक्षक प्रतीक इसकी मुख्य विशेषताएं हैं। चिंचपोकली चा चिंतामणि उत्सव की शुरुआत में मिल मजदूरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। 1982 की ऐतिहासिक मिल हड़ताल और उसके बाद शहर में हुए बड़े बदलावों के बावजूद यह मंडल स्थानीय समाज की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। करीब 5,000 सदस्यों और सहयोगियों के साथ चिंचपोकली सार्वजनिक उत्सव मंडल केवल गणेशोत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान देता है। वर्ष 1939 से यह उत्सव चिंचपोकली रेलवे स्टेशन के पूर्वी हिस्से के समीप आयोजित किया जा रहा है। मंडल समय-समय पर रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और बच्चों के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी मंडल ने सार्वजनिक उत्सवों को सीमित रखते हुए स्वास्थ्य जांच शिविर, चिकित्सकीय सहायता और रक्तदान अभियानों जैसे जनसेवा कार्यों को प्राथमिकता दी थी।

कर्नाटक में धूमधाम से मनाया जा रहा गणेश उत्सव, बेंगलुरु में 3,000 सीसीटीवी कैमरे से की जा रही निगरानी

बेंगलुरु। सोमवार को पूरे कर्नाटक में गौरी-गणेश का त्योहार धार्मिक उत्साह और जोश के साथ मनाया जा रहा है। गणेश चतुर्थी के मौके पर भक्त मंदिरों और बाजारों में बड़ी संख्या में उमड़े हैं। गणेश चतुर्थी के पर्व को देखते हुए बेंगलुरु में पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पहले से मौजूद सीसीटीवी नेटवर्क के अलावा, संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगभग 3,000 और कैमरे लगाए गए हैं। कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस (केएसआरपी) की टुकड़ियों को अहम जगहों पर तैनात किया गया है, जबकि हवाई निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं और जुलूस के रास्तों पर सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। पुलिस कमांड सेंटर से हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और पूरे शहर में कड़ी निगरानी की जा रही है। के.आर. मार्केट में सुबह से ही भारी भीड़ है। लोग त्योहार के लिए फल, फूल, सब्जियां, पूजा का सामान और दूसरी जरूरी चीजें खरीदने आए थे। भारी भीड़ के कारण सुबह करीब 5 बजे से मार्केट के आस-पास ट्रैफिक की आवाजाही बाधित रही। बेंगलुरु के बसवनगुडी में ऐतिहासिक डोड्डा गणपति मंदिर में सोमवार को सुबह 3 बजे से ही भक्तों की भारी भीड़ है। मंदिर के पुजारियों ने सुबह करीब 2.30 बजे विशेष पूजा की, जिसके बाद लगभग 1,000 लीटर दूध से दूध अभिषेक किया गया। सुबह 6 बजे महा मंगलारती की गई। सोमवार को रात 12.30 बजे तक भक्तों के लिए मंदिर खुला रहेगा। मंदिर प्रबंधन के प्रमुख श्रीनिवास ने बताया कि सुबह 6 बजे से आधी रात तक भक्तों को प्रसाद बांटने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि उत्सव के हिस्से के तौर पर 1,000 लीटर दूध से विशेष दूध अभिषेक पहले ही किया जा चुका है। मैसूरु में ऐतिहासिक 101 गणेश मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। सुबह करीब 3 बजे विशेष पूजा शुरू हुई और लोग मंदिर में स्थापित सभी 101 गणेश मूर्तियों के दर्शन के लिए कतार में खड़े हो गए। मंदिर के मुख्य पुजारी सुनील के अनुसार, 101 परिवारों ने मिलकर मंदिर परिसर में 101 मूर्तियां स्थापित की थीं। पहली सीढ़ी पर 32 मूर्तियां हैं, दूसरी पर 26, तीसरी पर 24 और चौथी पर 18; वहीं सबसे ऊपर गणेश जी की एक बड़ी मूर्ति स्थापित है, जिससे मूर्तियों की कुल संख्या 101 हो जाती है। सुनील ने बताया कि मंदिर में हर संकष्टी चतुर्थी पर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तों का मानना ​​है कि मंदिर में दर्शन करने, अक्षत (चावल) चढ़ाने और प्रार्थना करने से उन्हें पापों और दोषों से मुक्ति मिलती है। हुब्बल्ली में यह त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। गणेश जी की मूर्तियां खरीदने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीण इलाकों से कई लोग बैलगाड़ियों में मूर्तियां खरीदने और उन्हें घर ले जाकर स्थापित करने के लिए आए। दावणगेरे में त्योहार के जश्न के तहत 2,500 से ज्यादा गणेश मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, खासकर 13 संवेदनशील इलाकों में, ताकि शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाया जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। लोगों ने कुन्नूर इलाके से मूर्तियां खरीदना पसंद कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना ​​है कि वहां की जमीन और मिट्टी को एक सम्मानित सूफी संत, संता शिशुनाला शरीफ का आशीर्वाद प्राप्त है। राज्य भर के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं, आपसी भाईचारा बनाए रखें और जुलूस व मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें।

‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का 17 सितंबर को उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, 600 से अधिक कंपनियां होंगी शामिल

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित होने वाले ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। 17 से 19 सितंबर तक चलने वाला यह तीन दिवसीय आयोजन वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों, नीति निर्माताओं, निवेशकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और शिक्षाविदों को एक मंच पर लाएगा, जहां भारत की सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य शृंखला में बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित किया जाएगा। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि “सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम” थीम पर आधारित यह सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की नीतिगत सहायता, बढ़ते निवेश और विविध एवं लचीली वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं की बढ़ती मांग ने भारत के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। यह कार्यक्रम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और वैश्विक उद्योग संगठन एसईएमआई द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। एसईएमआई दुनिया के सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन और विनिर्माण उद्योग का प्रमुख प्रतिनिधि संगठन है। बयान में कहा गया है कि इस वर्ष के आयोजन में 600 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे, जिनमें लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल होंगी। प्रदर्शनी को 15,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, 150 से अधिक विशेषज्ञ और उद्योग नेता विभिन्न तकनीकी और रणनीतिक विषयों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही, प्रदर्शनी में 6 देशों के पवेलियन और 12 राज्य सरकारों के पवेलियन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही स्टार्टअप, नवाचार, छात्रों, कौशल विकास और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विशेष मंच भी बनाए जाएंगे। स्टार्टअप पवेलियन में लगभग 40 स्टार्टअप्स अपनी तकनीक और नवाचार प्रदर्शित करेंगे। वहीं वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन में माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में कौशल विकास, रोजगार और करियर अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस बार आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण “सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स वैल्यू चेन एक्सपीरियंस” होगा। इसके माध्यम से आगंतुकों को सेमीकंडक्टर उद्योग की पूरी मूल्य शृंखला का अनुभव मिलेगा, जिसमें कच्चे पदार्थों से लेकर विनिर्माण, एडवांस्ड पैकेजिंग, चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतिम सिस्टम निर्माण तक की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता, स्टूडेंट हैकाथॉन और इनोवेशन शोकेस भी आयोजित किए जाएंगे, जहां युवा उद्यमी, शोधकर्ता और छात्र अपने विचारों और तकनीकों को प्रस्तुत कर सकेंगे। सम्मेलन में सेमीकंडक्टर विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सप्लाई चेन रेजिलिएंस, एडवांस्ड पैकेजिंग, सामग्री एवं उपकरण, चिप डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास, स्टार्टअप्स, नवाचार और प्रतिभा विकास जैसे विषयों पर मुख्य भाषण, पैनल चर्चा और विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, छह अंतरराष्ट्रीय देशों के साथ विशेष राउंडटेबल बैठकें भी होंगी। महिलाओं के नेतृत्व और सशक्तिकरण, कार्यबल विकास तथा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विशेष चर्चा की जाएगी।

बिहार में यूसीसी को लेकर जदयू में असमंजस, श्रवण कुमार बोले-पहले अमित शाह का बयान समझेंगे

पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले राजग शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने के बयान के बाद बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज हो गई है। बिहार में एनडीए की प्रमुख सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) ने फिलहाल इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख सामने रखने से परहेज किया है, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने साफ कहा है कि जदयू पहले से बिहार में यूसीसी लागू किए जाने का विरोध करती रही है। बिहार सरकार के मंत्री और जदयू नेता श्रवण कुमार ने अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अभी इस संबंध में पूरी जानकारी नहीं है कि केंद्रीय गृह मंत्री ने वास्तव में क्या कहा है। उन्होंने कहा, “इस संदर्भ में हमें अभी कुछ जानकारी नहीं है कि उन्होंने क्या कहा है। अगर इसे लागू किया जाता है, तो हमने अभी उनकी बात सुनी नहीं है। उनकी बात सुनेंगे और तब उसका जवाब देंगे।” श्रवण कुमार ने कहा कि जदयू का रुख स्पष्ट करने से पहले पार्टी यह समझेगी कि केंद्रीय गृह मंत्री ने किस संदर्भ में यह बात कही है। उन्होंने कहा, “जेडीयू का क्या स्टैंड है, पहले समझेंगे कि उन्होंने क्या कहा है और उसके बाद बताएंगे।” वहीं, जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने यूसीसी को लेकर पार्टी के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि पार्टी लगातार इसका विरोध करती रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी जब संसद में इससे संबंधित विधेयक आया था, उस समय जदयू ने अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। श्याम रजक ने कहा, “हम लोग लगातार इसके विरोध में हैं। हमने पहले भी, जब यह संसद में पास हो रहा था, उसी समय कहा था और हमारे नेता ने भी कहा था कि इसे हमारे राज्य में लागू नहीं होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि जदयू ने विधेयक का समर्थन किया था, लेकिन इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया था कि बिहार में इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी आज भी अपने इसी रुख पर कायम है। जदयू नेता ने बिहार की मौजूदा एनडीए सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में सरकार केवल भाजपा की नहीं है, बल्कि यह कई सहयोगी दलों का गठबंधन है। उन्होंने कहा, “बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन यह एनडीए का गठबंधन है, जिसमें जनता दल, हम, लोजपा और सभी लोगों की मिली-जुली सरकार है।” श्याम रजक ने यूसीसी को लेकर अपने रुख को और स्पष्ट करते हुए कहा कि बिहार में इसे लागू किए जाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा, “मैंने तो कहा कि किसी भी सूरत में इसे लागू होने का सवाल ही नहीं उठता।” दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि जिन 21 राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकारें हैं, वहां 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। शाह के इस बयान के बाद बिहार में एनडीए की सहयोगी जदयू की स्थिति को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। बिहार में जदयू लंबे समय से यूसीसी के मुद्दे पर अपनी अलग राय रखती रही है। ऐसे में अमित शाह के ताजा बयान के बाद पार्टी के नेताओं की प्रतिक्रियाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।