पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों से बाजारों को खोलने और निर्बाध व्यापार सुनिश्चित करने की अपील की

नई दिल्ली। ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक एकीकरण को और गहरा करने पर जोर देते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि सदस्य देशों को अपने बाजारों को और खोलना चाहिए, नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाना चाहिए और व्यापारिक खेपों की तेज मंजूरी की सुविधा प्रदान करनी चाहिए। राष्ट्रीय राजधानी में ‘ब्रिक्स बिजनेस फोरम’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सेवा क्षेत्र के बाजारों को अधिक खोलने पर जोर दिया। गोयल ने ब्रिक्स देशों के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, “आइए, हम वास्तव में एक-दूसरे के लिए अपने सेवा बाजारों को खोलें।” गोयल ने कहा, “संयुक्त नवाचार एक नया मानदंड बनना चाहिए। हमें एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने चाहिए।” उन्होंने ब्रिक्स देशों के कृषि-तकनीक (एग्री-टेक) स्टार्टअप्स के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया, ताकि किसानों के लिए समाधान विकसित किए जा सकें और लोगों की खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि ब्रिक्स देशों की आर्थिक ताकत को ठोस कारोबारी परिणामों में बदलना बेहद जरूरी है। उन्होंने बिजनेस फोरम में कहा, “हमारी प्राथमिकताओं में बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना, सदस्य देशों के बीच संतुलित व्यापार सुनिश्चित करना और सेवा क्षेत्र में साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना शामिल है।” भारत की 2026 की अध्यक्षता के तहत नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की जा रही है। भारत की अध्यक्षता का मार्गदर्शन “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” थीम से हो रहा है। यह थीम मौजूदा उपलब्धियों और संस्थागत प्रभावशीलता को मजबूत करने पर भारत के फोकस को दर्शाती है। इसमें विकास, स्थिरता और नवाचार को एजेंडे के केंद्र में रखा गया है। यह ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी रेखांकित करता है। भारत ब्रिक्स को एक रचनात्मक और समाधान-केंद्रित मंच के रूप में और मजबूत करना चाहता है। वर्तमान में ब्रिक्स का विस्तार 11 देशों तक हो चुका है, जिसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं। सामूहिक रूप से ये देश दुनिया की 49.5 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
महाराष्ट्र के भंडारा में खड़े ट्रक से टकराई बोलेरो, 3 बच्चों समेत 9 यात्रियों की मौत

भंडारा। महाराष्ट्र के भंडारा जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में 9 यात्रियों की मौत हो गई। मरने वालों में 6 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल के लिए भेजा। यह हादसा भंडारा जिले के पिंपलगांव के पास नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ, जहां बोलेरो गाड़ी खड़े ट्रक से जा टकराई। शुरुआती जानकारी में पता चला है कि बोलेरो गाड़ी में 16 से 17 लोग सवार थे। सभी लोग छत्तीसगढ़ से तीज त्योहार के लिए नागपुर जा रहे थे। टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय नागरिकों और राहगीरों की मदद से घायलों को वाहनों से बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया। हालांकि, 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जिनके शवों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, इलाज के लिए नागपुर ले जाई जा रही एक महिला की रास्ते में ही मौत हो गई। इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई। मृतकों में चार लोग एक ही परिवार के सदस्य थे, जबकि अन्य की पहचान की जा रही है। मरने वाले बच्चों की उम्र 5 साल से कम थी। वहीं, गाड़ी चालक समेत अन्य कई लोग घायल हैं। ड्राइवर और 3 बच्चों को भंडारा मेडिकल कॉलेज व अन्य घायलों को नागपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर लक्ष्मीकांत शहारे ने बताया कि मुंडिपार और पिंपलगांव के बीच हादसा। वहां रात के समय एक खड़ा ट्रक था। करीब 3 बजे, खड़े ट्रक को एक बोलेरो कार ने टक्कर मार दी। घायल लोगों का पहले हमारे साकोली स्थित अस्पताल में इलाज हुआ, वहां से उन्हें भंडारा रेफर किया गया। भंडारा से कुछ लोगों को नागपुर जीएमसी के लिए रेफर किया गया। एक व्यक्ति ने बताया कि सभी लोग छत्तीसगढ़ से नागपुर आ रहे थे। ये तीज के त्योहार में जा रहे थे। उनमें से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में मेरी भांजी सरिता वर्मा भी है।
भारत में 80 लाख से ज्यादा एचपीवी टीकाकरण हुए पूरे : स्वास्थ्य मंत्रालय

नई दिल्ली। भारत ने हेल्थ सेक्टर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। देश में 80 लाख से ज्यादा एचपीवी टीकाकरण पूरे हो चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी जानकारी एक्स पर पोस्ट के जरिए दी है। मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “भारत ने 80 लाख एचपीवी टीकाकरण का आंकड़ा पार कर लिया है, जो प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को मजबूत करने और एचपीवी संक्रमण और इससे जुड़े कैंसर से सुरक्षा को आगे बढ़ाने में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। हर टीकाकरण के साथ, भारत अपनी बेटियों के लिए एक स्वस्थ, कैंसर-मुक्त भविष्य की ओर एक और कदम बढ़ा रहा है।” एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन एक सुरक्षित और बेहद असरदार टीका है। यह उन संक्रमणों को रोकता है जो सर्वाइकल कैंसर, एनल और गले के कैंसर के साथ-साथ जननांग में मस्से का कारण बनते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह वैक्सीन हाई-रिस्क एचपीवी स्ट्रेन से बचाती है, जो 90 प्रतिशत तक सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह लंबे समय तक सुरक्षा देती है और कैंसर से पहले होने वाले सेल बदलावों को रोकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैक्सीन सबसे ज्यादा असरदार 9 से 14 साल की उम्र के लिए यह सबसे अच्छी मानी जाती है। इस उम्र में आमतौर पर 2 डोज की जरूरत होती है। भारत के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत सिंगल-डोज अप्रोच भी अपनाई जा रही है। वहीं, 15 से 26 साल और कुछ वयस्कों के लिए 45 साल तक के लोगों को कैच-अप के तौर पर 3 डोज दी जाती है, जो छह महीने के अंदर पूरी की जाती है। बड़ी उम्र के टीनएजर्स और वयस्कों को भी इसका फायदा मिलता है, हालांकि सबसे अच्छा असर वायरस के संपर्क में आने से पहले होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक ग्लोबल स्तर पर व्यापक निगरानी से यह साबित हुआ है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे कोई लॉन्ग टर्म हेल्थ प्रॉब्लम नहीं होती। इसके कुछ सामान्य हल्के साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जैसे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, लालिमा या सूजन, हल्का बुखार, सिरदर्द या थकान। ये कुछ समय में खुद ठीक हो जाते हैं।
यूएस ओपन: राजीव राम ने पुरुष डबल्स सेमीफाइनल में हार के बाद लिया संन्यास

न्यूयॉर्क। पूर्व डबल्स वर्ल्ड नंबर 1 राजीव राम ने टेनिस को अलविदा कह दिया है। राम और जो सैलिसबरी की जोड़ी को छठी सीड वाली जर्मन जोड़ी ने यूएस ओपन 2026 के डबल्स के सेमीफाइनल में हराया। इस हार के साथ ही राजीव राम ने टेनिस को अलविदा कहा। 2021 से 2023 तक हर साल यूएस ओपन डबल्स का खिताब जीतने वाली राम और सैलिसबरी की जोड़ी को केविन क्राविएट्ज और टिम पुएट्ज से 6-3, 6-4 से हार का सामना करना पड़ा। यूएसटीए के सीईओ क्रेग टिली और यूएस ओपन टूर्नामेंट के निदेशक एरिक बुटोरैक ने राजीव राम को उनके बेहतरीन करियर के लिए बधाई दी। बता दें कि टिली, इलिनोइस यूनिवर्सिटी में राम के कॉलेज कोच हैं, जबकि एरिक उनके पूर्व डबल्स पार्टनर रहे हैं। राम और उनके लंबे समय के डबल्स पार्टनर सैलिसबरी टूर्नामेंट के इतिहास में अकेले ऐसे जोड़ी हैं जिन्होंने मेन्स डबल्स में तीन बार जीत हासिल की है। इंडियाना के रहने वाले राम ने लगातार 26 बार यूएस ओपन पुरुष डबल्स खेला है। यह अपने आप में ऐतिहासिक है। राजीव राम ने सेमीफाइनल के बाद कहा, “वह इस खेल को अलविदा कहने का इससे बेहतर तरीका सोच भी नहीं सकते थे।” यूएसओपन.ओआरजी से बात करते हुए राजीव राम ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो, इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता था। मेरा परिवार, मेरी पत्नी और मेरी मां वहां थीं। मेरे कॉलेज के कोच और मेरे पुराने पार्टनर एरिक बुटोरैक वहां थे। मेरे पुराने पार्टनर (जो सैलिसबरी), जिनके साथ मेरी बहुत सारी अच्छी यादें हैं, वह भी मेरे साथ वहां थे।” राम ने अपना करियर छह बड़े टाइटल के साथ खत्म किया। इसमें दो मिक्स्ड और चार पुरुष में, और 32 एटीपी डबल्स टाइटल हैं। वह 2023 में नंबर 1 रैंकिंग पर पहुंचे, छह मास्टर्स टाइटल और दो ओलंपिक सिल्वर मेडल जीते। यूएस डेविस कप टीम में अहम योगदान दिया। यूएस ओपन में राम का दबदबा दिखा। उन्होंने और सैलिसबरी ने लगातार 20 जीत हासिल कीं, जिसमें 2021 से 2023 तक लगातार तीन खिताब शामिल हैं। यह एक ऐसा कारनामा है जो किसी दूसरी पुरुष टीम ने कभी हासिल नहीं किया। राम ने कहा, “उम्मीद है कि कोई न कोई इसे कभी न कभी करेगा, लेकिन मुझे लगता है कि हम कह सकते हैं कि यह हमारे पास कुछ समय के लिए था।” –
हरियाणा सरकार ने ग्रामीण स्वच्छता कर्मियों के लिए ज्यादा मासिक मानदेय और बेहतर सुविधाओं की घोषणा की

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की ओर से ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए कई वित्तीय और लाभकारी घोषणा की गई है। इनमें उनका मानदेय बढ़ाना, यूनिफॉर्म और धुलाई के लिए ज्यादा भत्ता देना, गांव से बाहर ड्यूटी करने पर मुआवजा देना और ड्यूटी के दौरान मौत होने पर परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देना शामिल है। हरियाणा के विकास और पंचायत विभाग के निदेशक की ओर से 10 सितंबर को एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी करके इन फायदों की जानकारी दी गई। यह मेमोरेंडम राज्य भर के डिप्टी कमिश्नरों, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और जिला व ब्लॉक स्तर के विकास और पंचायत अधिकारियों को भेजा गया था। इस फैसले के तहत, ग्रामीण सफाई कर्मियों को जनवरी 2026 से उनके मासिक मानदेय में 2,100 रुपये की बढ़ोतरी से मिलने वाला बकाया पैसा (एरियर) मिलेगा। मानदेय 16,000 रुपये से बढ़ाकर 18,100 रुपये कर दिया गया है, और 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। सरकार ने अक्टूबर 2023 के लिए बकाया मानदेय जारी करने की भी मंजूरी दे दी है। यह उन सफाई कर्मियों के लिए है, जिन्हें हड़ताल के दौरान उस महीने का भुगतान नहीं मिला था। आदेश में ढांड में 48, फारुखनगर में 54, सिहमा में 25 और निजामपुर में 15 कर्मियों के नाम शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 139 है। जो सफाई कर्मी अपने गांव से बाहर ड्यूटी करेंगे, उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता मिलेगा। यह राशि संबंधित ब्लॉक विकास और पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय की ओर से ऐसी तैनाती के लिए छोटे-मोटे खर्चों से दी जाएगी। सरकार ने सालाना यूनिफॉर्म भत्ता भी 2,000 रुपये बढ़ा दिया है, जिससे यह 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है। सालाना धुलाई भत्ता 500 रुपये बढ़ाकर 1,000 रुपये से 1,500 रुपये कर दिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर ड्यूटी के दौरान किसी ग्रामीण सफाई कर्मी की मौत हो जाती है, तो परिवार के एक सदस्य को मानवीय आधार पर नौकरी दी जाएगी। निजी एजेंसियों की ओर से परिवारों के शोषण को रोकने के लिए, बीडीपीओ कार्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे मृत सफाई कर्मियों के परिवारों को ईपीएफ और ईएसआई डेथ-क्लेम से जुड़े कागजी काम पूरा करें। सरकार की ओर से यह भी निर्देश दिया गया है कि ग्रामीण सफाई कर्मियों का मासिक मानदेय हर महीने की सात तारीख तक दे दिया जाना चाहिए। देरी होने पर 2,500 रुपये का जुर्माना देना होगा।
कैनबरा में भारत-ऑस्ट्रेलिया के सैन्य प्रमुखों की अहम मुलाकात, समुद्री सुरक्षा पर हुई बात

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर गए भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स एडमिरल मार्क हैमंड से मुलाकात की है। यहां दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अहम बातचीत हुई। दोनों प्रमुख सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा साझेदारी को और गहराई देने पर विचार हुआ। खास तौर पर समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप के अमल को आगे बढ़ाने वार्ता की गई। साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान समुद्री क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को और मजबूत करने के अवसरों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक समझ को केवल बातचीत तक सीमित न रखते हुए उसे जमीन पर ठोस परिणामों में बदला जाए। भारत और ऑस्ट्रेलिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध माहौल सुनिश्चित करने के लिए लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के नौसैनिक संबंधों को मजबूत करना समुद्री सुरक्षा के लिहाज से खास महत्व रखता है। एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और एडमिरल मार्क हैमंड की मुलाकात ने दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक भरोसे और समुद्री साझेदारी को भी रेखांकित किया। बातचीत का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग को और प्रभावी बनाना है। इससे पहले कैनबरा पहुंचने पर एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। ऑस्ट्रेलिया की आदिवासी विरासत को दर्शाने वाली विशेष स्मोकिंग सेरेमनी के साथ उनका स्वागत किया गया। इस सेरेमनी के बाद ही उन्हें ऑस्ट्रेलिया की राजधानी में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गौरतलब है कि नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन इन आस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर हैं। उन्होंने अपनी यात्रा के पहले चरण में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई फ्लीट कमांडर रियर एडमिरल अनिता विलियम्स से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच ऑपरेशनल सहयोग पर चर्चा की गई। यहां आपसी तालमेल को मजबूत करने के अवसरों पर भी वार्ता हुई। एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन सिडनी स्थित आस्ट्रेलियाई नौसैनिक अड्डे एचएमएएस कट्टाबुल पर गए थे।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम और अवसर दोनों का दौर, सही समय पर प्रभावी कदम उठाने जरूरी: जयशंकर

नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से ठीक पहले ब्रिक्स बिजनेस फोरम के उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने दुनिया की अर्थव्यवस्था के जोखिम और अवसर के दौर में सही समय पर प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने मौजूद सभी मेहमानों को आभार जताते हुए कहा कि आप सभी के साथ शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह कार्यक्रम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आयोजित किया जा रहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि यह वर्ष खास महत्व रखता है क्योंकि हम ब्रिक्स सहयोग के 20 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। इन 20 वर्षों में ब्रिक्स ने काफी प्रगति की है। इसके सदस्य देशों की संख्या बढ़ी है, इसके कार्यक्षेत्र का विस्तार हुआ है और सहयोग के नए तरीके विकसित हुए हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान हमने लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर जोर देते हुए इस विकास की यात्रा को आगे बढ़ाने की कोशिश की है। आज की परिस्थितियों में ये प्राथमिकताएं हमारे देशों के लिए पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। जयशंकर ने कहा कि हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब दुनिया की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलताएं आज की दुनिया की प्रमुख पहचान बन गई हैं। हम भू-राजनीतिक संघर्षों, महामारी और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी परेशानियों के आर्थिक प्रभाव को अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं। साथ ही, तेजी से बढ़ते डिजिटल बदलाव और नई तकनीकों की प्रगति विकास, उत्पादकता और आर्थिक वृद्धि के लिए नए अवसर भी पैदा कर रही है। नतीजतन, आज दुनिया की अर्थव्यवस्था ऐसे दौर में है जहां जोखिम और अवसर दोनों अधिक व्यापक रूप से फैल रहे हैं। ऐसे माहौल में भविष्य की चुनौतियों का पहले से अंदाजा लगाने, बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और सही समय पर प्रभावी कदम उठाने की क्षमता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। विदेश मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स की संभावनाओं को जमीन पर वास्तविक परिणामों में बदलने के लिए व्यापार जगत की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। इस दिशा में ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल और ब्रिक्स वुमेंस बिजनेस अलायंस की अहम भूमिका है। ये संस्थाएं उद्योग जगत, उद्यमियों और कारोबारी नेताओं के विचारों को ब्रिक्स की प्रक्रिया से जोड़ने का काम करती हैं और आर्थिक सहयोग के व्यावहारिक रास्ते तैयार करने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स बिजनेस फोरम भी इसी व्यापक प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब से इस फोरम की शुरुआत 2010 में हुई थी, तब से ब्रिक्स के विस्तार के साथ-साथ व्यापारिक सहयोग का दायरा भी लगातार बढ़ा है। विदेश मंत्री ने कहा कि आज का यह फोरम पहले की तुलना में कहीं अधिक देशों, कंपनियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाता है। यह सिर्फ व्यापारिक अवसरों पर चर्चा करने का मंच नहीं है, बल्कि उन परिस्थितियों और व्यवस्थाओं पर भी विचार करने का अवसर देता है जो ऐसे अवसरों को संभव बनाती हैं। फोरम के एजेंडे में यह व्यापक दृष्टिकोण साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि आज सप्लाई चेन कनेक्टिविटी और व्यापार को आसान बनाना बेहद महत्वपूर्ण विषय बन गए हैं। लेकिन इसके साथ-साथ मजबूत सेवा क्षेत्र, कृषि और कृषि-तकनीक, डिजिटल सेवाएं, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, स्टार्टअप्स और महिलाओं की ओर से संचालित व्यवसायों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन सभी विषयों को जोड़ने वाली एक समान सोच यह है कि हमारे देशों के व्यवसायों के लिए नए साझेदार ढूंढना, आपस में जुड़ना, सप्लाई नेटवर्क मजबूत करना और एक-दूसरे की क्षमताओं का लाभ उठाकर नए अवसर पैदा करना कैसे और आसान बनाया जाए।
भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाले देशों में एक, दुनिया में बनाई मजबूत जगह : रामकृपाल यादव

पटना। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने शुक्रवार को कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ब्रिक्स समिट, आईएमएफ द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था की सराहना, जेडीयू का नाम बदलने के प्रस्ताव और लालू परिवार पर आईआरसीटीसी मामले में कोर्ट के फैसले को लेकर उन्होंने बात की। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा भारत को वैश्विक विकास का मुख्य इंजन बताए जाने पर उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाले देशों में से एक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि जैसे-जैसे इसकी विकास दर बढ़ रही है और वित्तीय प्रबंधन में सुधार हो रहा है, भारत ने वैश्विक स्तर पर एक मजबूत स्थिति बना ली है। दुनिया भर में विभिन्न चुनौतियों के बावजूद, भारत की वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है और इसकी विकास दर बढ़ रही है। इसलिए, भारत ने निश्चित रूप से दुनिया में अपनी जगह बना ली है। अगर यह कहा जा रहा है कि सभी देशों को नेतृत्व की भूमिका निभाने में भारत का समर्थन करना चाहिए, तो इसे बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात नहीं माना जा सकता। वहीं, ब्रिक्स समिट पर बोलते हुए मंत्री रामकृपाल यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सकारात्मक विजन है कि चूंकि कई बड़े देश ब्रिक्स समिट के लिए भारत आ रहे हैं, इसलिए भारत की पवित्र धरती से दुनिया में एक सकारात्मक संदेश जाना चाहिए। इसके लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव और निर्णय लिए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री की पहल और विजन सही है। जेडीयू का नाम बदलकर ‘जनता दल नीतीश’ करने के विचार पर पूछे गए सवाल पर रामकृपाल यादव ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि जेडीयू की पहचान सम्मानित नेता नीतीश कुमार से जुड़ी है। अगर पार्टी के भीतर कोई चर्चा होती है, तो पार्टी के नेता ही इस पर निर्णय लेंगे। लालू परिवार पर आईआरसीटीसी मामले में चार्ज फ्रेम होने को लेकर उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद और उनके परिवार के खिलाफ जो कोर्ट का निर्णय आया है, कानून अपना काम कर रही है। कानून जैसा समझता है, वह निर्णय लेता है।
बर्थडे पर कोई बड़ा जश्न नहीं करेंगी संयुक्ता, सादगी से मनाएंगी अपना खास दिन

मुंबई। अभिनेत्री संयुक्ता शुक्रवार को अपना जन्मदिन मना रही हैं। अभिनेत्री ने बताया कि वे इसे बहुत ही सादगी और अपनी मनपसंद चीजों के साथ मनाएंगी। बिम्बिसार, भीमला नायक, वाथी और विरुपाक्ष जैसी कई हिट फिल्मों में शानदार अभिनय दे चुकी अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने जन्मदिन की शुरुआत सुबह-सुबह कलरी क्लास के साथ करेंगी। उन्होंने कहा, “इस साल, मैं अपना जन्मदिन बहुत साधारण तरीके और अपने करीबियों के साथ मनाऊंगी। मैं अपनी कलारी क्लास के लिए जल्दी उठूंगी, उसके बाद साधना और पूजा करूंगी और शाम को भी अपना रूटीन जारी रखूंगी।” अभिनेत्री ने बताया कि उनके जन्मदिन मनाने का मतलब बड़े-बड़े प्लान करना नहीं बल्कि खुद के साथ रहना और वो काम करना है, जिससे उन्हें शांति मिलती है। उन्होंने कहा, “मैंने महसूस किया है कि मुझे अपनी खुद की दुनिया में रहना और वो चीजें करना बहुत पसंद है जिससे मुझे सुकून मिलता है। इसलिए बड़े-बड़े प्लान बनाने के बजाय, मैं इस दिन जमीन से जुड़े रहकर और हर पल को जीकर बिताना चाहती हूं। मेरे लिए इस साल अपना जन्मदिन मनाने का यही सबसे अच्छा तरीका है।” संयुक्ता मुख्य रूप से मलयालम और तेलुगु फिल्मों में अभिनय करती हैं। उन्होंने साल 2016 की मलयालम फिल्म ‘पॉपकॉर्न’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, 2018 की फिल्म ‘थीवंडी’ से बड़ी पहचान मिली थी। उन्होंने मलयालम और तेलुगु सिनेमा में कई व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों में काम किया है, जिनमें ‘भीमला नायक’ (2022), ‘बिम्बिसार’ (2022), ‘वाथी’ (2023) और ‘विरुपाक्षा’ (2023) शामिल हैं। विरुपाक्ष के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का संतोषम फिल्म अवॉर्ड मिला। उन्हें आखिरी बार राम अब्बाराजू की डायरेक्ट की हुई फिल्म नारी नारी नादुमा मुरारी में देखा गया था। अभिनेत्री जल्दी ही फिल्म ‘द ब्लैक गोल्ड’ में नजर आएंगी। इस फिल्म में संयुक्ता बिल्कुल नए और आक्रामक (रूथलेस) एक्शन अवतार में नजर आएंगी। उन्होंने बिना बॉडी डबल के खतरनाक एक्शन सीन किए हैं। संयुक्ता के अलावा फिल्म में मुरली शर्मा, राव रमेश, नास्सर और रामकी जैसे कई जाने-माने कलाकार हैं।
राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा नेताओं ने पार्टी की जीत का किया दावा, अशोक गहलोत ने साधा निशाना

जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के अंतिम चरण का मतदान शुक्रवार को जारी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “लोकतंत्र में, मतदाता वोट डालकर लोकतंत्र को मजबूत और सशक्त बनाते हैं। मेरा मानना है कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी जितनी ज्यादा होगी, लोकतंत्र उतना ही मजबूत और सशक्त होगा, जिससे संस्थाएं जनता के प्रति ज्यादा जवाबदेह बनेंगी।” ओम बिरला ने आगे कहा, “इसलिए, मैं राज्य भर के लोगों से अपील करता हूं कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में वोट दें और सक्रिय रूप से भाग लें। इससे हमारा लोकतंत्र मजबूत और सशक्त होगा, और यह सुनिश्चित होगा कि यह संस्था भी जनता के प्रति जवाबदेह बनी रहे।” केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “आज भी हम सभी अपने परिवारों के साथ स्थानीय निकाय चुनावों में वोट डालने आए हैं। और आज अपना वोट डालने के बाद, मैं यह कह सकता हूं कि मौजूदा रुझान और शहर के मिजाज को देखते हुए कि प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की जीत होगी। हम दो तिहाई बहुमत से नगर निगम में एक बार फिर वापस लौटने वाले हैं।” गजेंद्र सिंह शेखावत ने आगे कहा, “निश्चित रूप से भारत युवाओं का देश है। और युवाओं का देश होने के नाते, लोकतंत्र के इस महापर्व में युवाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। 2014 के चुनावों के बाद से जब बदलाव का दौर शुरू हुआ, तब से युवाओं की भूमिका बढ़ी है। मेरा मानना है कि इसी ताकत के दम पर युवा जानते हैं, पहचानते हैं, मानते हैं और समझते हैं कि वोट देने, समर्थन करने और किसी उम्मीदवार को चुनने से उनके शहर, राज्य और देश को क्या फायदा होगा।” स्थानीय निकाय चुनावों पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी सरकार का तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा है, इसीलिए वह पिछले ढाई साल में कोई काम नहीं कर पाई है। वरना, आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हालात कितने नाजुक हैं, जैसा कि हम बार-बार कहते रहे हैं। हम राजनीति की बात नहीं कर रहे हैं; स्थिति बहुत गंभीर है, और हालात की गंभीरता को देखते हुए लोगों को भी आगे आना चाहिए और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।” अशोक गहलोत ने आगे कहा, “लोगों का भरोसा और विश्वास बना रहना चाहिए। यह चुनाव नगर निकायों (नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों) और पंचायतों के लिए है। हमारे देश में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने लोगों को वोट देने का अधिकार दिया था, और हम उस अधिकार को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की है।” राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने कहा, “देखिए, जनता से मेरी अपील है कि हर कोई अपने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल करे और स्थानीय सरकार बनाने में अपनी भूमिका निभाए। इसका एक और पहलू है; जितने ज्यादा लोग वोट देंगे, वोटिंग के जरिए उतने ही ज्यादा लोगों की भावनाएं सामने आएंगी। अगर जनता सरकार के अच्छे कामों के लिए जनादेश देती है, तो इससे उन कामों पर मंजूरी की मुहर भी लगती है और सरकार को भी आगे के लिए सीख मिलती है। इसलिए, लोगों से मेरी अपील है कि वे बड़ी संख्या में वोट करें।