‘काला हिरण’ की रिलीज पर सलमान खान ने की रोक की मांग, मेकर्स बोले-फिल्म रिलीज के लिए तैयार ही नहीं

नई दिल्ली, । फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ को लेकर सलमान खान और इसके मेकर्स के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है। सलमान खान ने इस फिल्म की रिलीज और प्रमोशन पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सलमान का कहना है कि फिल्म में उनके जीवन, उनकी पहचान और 1998 के काले हिरण मामले से जुड़ी चीजों का इस्तेमाल किया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान फिल्म के मेकर्स ने कोर्ट को बताया है कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार ही नहीं है। फिल्म प्रोड्यूसर अमित जानी की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट में कहा कि फिल्म को अभी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सेंसर बोर्ड के पास प्रमाणन के लिए भेजा जाना बाकी है। फिल्म की सामग्री को अभी तक सेंसर बोर्ड से प्रमाणित नहीं किया गया है। इस दलील के बाद कोर्ट ने फिल्म निर्माता को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। सलमान खान की तरफ से मामला थोड़ा अलग तरीके से देखा जा रहा है। उनके वकील ने कोर्ट में कहा कि सिर्फ थिएटर में रिलीज की बात नहीं है। फिल्म को बाद में किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी रिलीज किया जा सकता है और इसके लिए सेंसर बोर्ड के प्रमाणन की आवश्यकता नहीं होती। इसके बाद अदालत ने अपने आदेश में ओटीटी रिलीज को भी शामिल किया है। दरअसल, पूरा विवाद फिल्म का पोस्टर और टीजर सामने आने के बाद शुरू हुआ। सलमान की तरफ से आरोप लगाया गया कि फिल्म में एक ऐसा किरदार दिखाया गया है, जो काफी हद तक उनसे मिलता-जुलता है। उस किरदार के हाथ में सलमान खान जैसा मशहूर ब्रेसलेट भी नजर आया। सलमान का कहना है कि यह सब उनकी पहचान से जोड़कर दिखाया जा रहा है और उनकी अनुमति के बिना फिल्म में उनकी पर्सनैलिटी का इस्तेमाल किया गया है। फिल्म के टीजर में 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जुड़े संदर्भ भी दिखाए गए हैं। यह वही मामला है जिससे सलमान खान का नाम लंबे समय से जुड़ा रहा है। सलमान की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि फिल्म में उनके जीवन से जुड़े विवाद को कहानी का हिस्सा बनाया गया है और इसका इस्तेमाल फिल्म के प्रचार के लिए भी किया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है और उनकी पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन हो रहा है। वहीं, फिल्म के डायरेक्टर भरत एस. श्रीनेत का कहना है कि यह फिल्म सलमान खान पर नहीं है। फिल्म का किरदार काल्पनिक है और उसका नाम ‘अयान खान’ रखा गया है। डायरेक्टर ने ब्रेसलेट को लेकर भी कहा था कि ऐसा ब्रेसलेट सिर्फ सलमान खान ही नहीं पहनते। वहीं अभिनेता को सलमान जैसा दिखाने के लिए किसी तरह का प्रोस्थेटिक मेकअप नहीं किया गया है। इस विवाद के बीच दिल्ली हाईकोर्ट में पहले भी कई बार सुनवाई हो चुकी है। सलमान खान की तरफ से फिल्म की रिलीज के साथ-साथ उसके प्रमोशन, मार्केटिंग और स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने की मांग की गई है। वहीं फिल्म मेकर्स अपनी तरफ से इन आरोपों का विरोध कर रहे हैं। एक सुनवाई में हाईकोर्ट ने फिल्म के टीजर और कुछ प्रमोशनल मटीरियल को हटाने का आदेश भी दिया था। इस आदेश के खिलाफ प्रोड्यूसर अमित जानी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
आंध्र प्रदेश के रेल इंफ्रा को एक और बड़ी सौगात, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र का जताया आभार

अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य की कनेक्टिविटी को बड़ी सौगात देने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। केंद्रीय कैबिनेट ने रेनिगुंटा-अरक्कोणम सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन को मंजूरी दी है, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने यह प्रतिक्रिया दी। रेनिगुंटा-अरक्कोणम सेक्शन भारतीय रेलवे का एक महत्वपूर्ण 77 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग है जो आंध्र प्रदेश के रेनिगुंटा और तमिलनाडु के अरक्कोणम जंक्शन को जोड़ता है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को आंध्र प्रदेश के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को यह बड़ी मजबूती देने के लिए धन्यवाद कहा। एन. चंद्रबाबू नायडू ‘एक्स’ में लिखा, “एनडीए की डबल इंजन, बुलेट-ट्रेन सरकार के तहत आंध्र प्रदेश की कनेक्टिविटी को एक और बड़ा बढ़ावा। केंद्रीय कैबिनेट ने रेनिगुंटा-अरक्कोणम सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन को मंजूरी दी है, जिसमें आंध्र प्रदेश में 46 किलोमीटर का हिस्सा तिरुपति और चित्तूर जिलों को कवर करता है, जिसकी लागत 1,157 करोड़ रुपए है। इससे भीड़भाड़ कम होगी, ट्रेनों की समय पर आवाजाही बेहतर होगी और तिरुपति की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे तीर्थयात्रियों और यात्रियों दोनों को फायदा होगा और माल ढुलाई भी बढ़ेगी।” इससे पहले डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने भी प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को आंध्र प्रदेश को लगातार समर्थन देने और राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया था। पवन कल्याण ने पोस्ट में लिखा, “भारतीय रेलवे नेटवर्क में 10,021 करोड़ रुपए की पांच मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं के साथ बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिससे लगभग 540 किलोमीटर की नई क्षमता जुड़ेगी। इसका मतलब होगा तेज यात्री आवाजाही, सुचारू संचालन, मजबूत माल ढुलाई कनेक्टिविटी और विकास की नई संभावनाएं। आंध्र प्रदेश के लिए अरक्कोणम-रेनिगुंटा तीसरी और चौथी लाइन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह तिरुपति और रायलसीमा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, भीड़भाड़ को कम करेगी और पर्यटन, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय विकास को बड़ा बढ़ावा देगी।” उन्होंने लिखा कि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में ये परियोजनाएं 17 जिलों, 2,121 गांवों और लगभग 52 लाख लोगों को जोड़ेगी जबकि 47 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता बनाएगी। हर नया ट्रैक सिर्फ बुनियादी ढांचा नहीं है। यह लोगों को अवसरों से, व्यवसायों को बाजारों से और समुदायों को एक तेज, मजबूत भविष्य से जोड़ता है। मजबूत रेलवे, मजबूत कनेक्टिविटी, मजबूत भारत।
तमिलनाडु: मदुरंतकम और धरपुरम सीटों पर उपचुनाव के लिए टीवीके ने प्रत्याशियों की घोषणा की

चेन्नई। तमिलनाडु की सुरक्षित सीटें मदुरंतकम और धरपुरम पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों के लिए तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) की ओर से उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है। ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ के तहत, टीवीके की ओर से मदुरंतकम (सुरक्षित) से पूर्व विधायक और पार्टी की डिप्टी जनरल सेक्रेटरी के. मरगथम कुमारवेल और धरपुरम (सुरक्षित) से पूर्व विधायक और तिरुप्पुर दक्षिण-पूर्व जिला सचिव पी. सत्यभामा को उम्मीदवार बनाया गया है। टीवीके की ओर से अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे जीत को ही अपना एकमात्र लक्ष्य बनाएं और उपचुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के लिए दोनों उम्मीदवारों के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार करें। मदुरंतकम और धरपुरम में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी। मदुरंतकम और धरपुरम सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए 9 सितंबर से 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल किया जा सकेगा। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी जबकि उम्मीदवार 19 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। एआईएडीएमके के विधायक मरगथम कुमारवेल और सत्यभामा की ओर से विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल होने के बाद मदुरंतकम और धरपुरम की सीटें खाली हुई थी। टीवीके के लिए यह उपचुनाव काफी अहम है क्योंकि दोनों सीटों पर जीत दर्ज कर पार्टी की स्थिति को मजबूत करना है। बीते दिन चुनाव आयोग की ओर से तमिलनाडु, पुडुचेरी और बंगाल में खाली विधानसभा की पांच सीटों पर चुनाव कराने का ऐलान किया गया था। उपचुनाव में सूबे में सत्तारूढ़ दलों को बढ़त मिलती रही है। टीवीके के चुनाव में उतरने के साथ ही उसे गठबंधन में मतभेद का सामना करना पड़ रहा है। अन्नाद्रमुक के 22 विधायकों की ओर से की गई क्रॉस वोटिंग की वजह से विजय को कुल 144 विधायकों का समर्थन मिला था, तब टीवीके बहुमत साबित कर पाई थी।
जम्मू-कश्मीर: एनसीबी ने हिरासत से फरार हुए ड्रग तस्कर को फिर से किया गिरफ्तार

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के जम्मू शहर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने दो दिन पहले हिरासत से फरार हुए ड्रग तस्कर को फिर से गिरफ्तार कर लिया है। एनसीबी अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एनसीबी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और पंजाब पुलिस के साथ मिलकर आरोपी को फिर से गिरफ्तार किया है, जो 7 सितंबर को जम्मू में हिरासत से भाग गया था। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी जम्मू से भागकर पठानकोट रास्ते से जालंधर की ओर गया था। उसने कथित तौर पर नरवाल फ्रूट मंडी के पास एक जंगली इलाके में शरण ली। इस दौरान, उसने अपना हुलिया बदल लिया था। जम्मू-कश्मीर और पंजाब में तीन दिन तक चले तलाशी और ट्रैकिंग ऑपरेशन के बाद एनसीबी की अलग-अलग इकाइयों ने पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को जालंधर में ढूंढ निकाला और पकड़ लिया। आरोपी की पहचान आकिब बशीर के तौर पर हुई है। अधिकारियों के अनुसार, पकड़े जाने के समय आरोपी दिल्ली या किसी अन्य राज्य की ओर जाने की तैयारी कर रहा था। उसकी शुरुआती गिरफ्तारी एनसीबी की ओर से जम्मू डिवीजन में चलाए गए एक महीने लंबे ऑपरेशन का हिस्सा थी, जिसमें नशीले पदार्थों के तस्करों की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले दो अलग-अलग रास्तों का खुलासा हुआ था। इन रास्तों से पाकिस्तान से उरी सेक्टर और अप्रत्यक्ष रूप से पंजाब के रास्ते केंद्र शासित प्रदेश में हेरोइन पहुंचाई जाती थी। अधिकारियों ने बताया कि एनसीबी ने उसे पहले 3 सितंबर को सांबा जिले में एक यात्री बस से 522 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने कहा कि आरोपी के भागने की परिस्थितियों का पता लगाने और उन लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है, जिन्होंने कथित तौर पर उसे शरण दी और उसके भागने में मदद की। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान से देश में तस्करी कर लाए गए नशीले पदार्थों का एक बड़ा हिस्सा जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
ब्रिक्स से भारत को क्या मिला? चिदंबरम के सवाल पर भाजपा का जवाब

नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता पी. चिदंबरम के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा ने पूछा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद से कूटनीति के क्षेत्र में क्या हासिल किया है। दरअसल, पी. चिदंबरम ने हाल ही में एक इंटरव्यू में सवाल उठाया था कि ब्रिक्स समूह से भारत को क्या फायदा मिलता है। उन्होंने कहा था कि उन्हें इस समूह की हाल की बैठकों से कोई बड़ा नतीजा निकलता नहीं दिखा। उनके इस बयान पर भाजपा नेता और प्रवक्ता नलिन कोहली ने प्रतिक्रिया दी। नलिन कोहली ने कहा, “यह देखकर हैरानी होती है कि मिस्टर चिदंबरम और कांग्रेस पार्टी ने ऐसा बयान दिया है, खासकर तब जब भारत ब्रिक्स समिट जैसे महत्वपूर्ण आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जहां कई राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख आएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी वन-टू-वन बैठकें भी होंगी।” भाजपा नेता ने कांग्रेस के कूटनीति को देखने के नजरिए पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या अंतरराष्ट्रीय संबंधों को सिर्फ तुरंत होने वाले फायदे के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “क्या कूटनीति को कांग्रेस पार्टी की तरह एक लेन-देन के रूप में देखा जाना चाहिए कि आपने मेरे लिए क्या किया? आप मेरे लिए क्या करेंगे? नलिन कोहली ने 1947 से 2014 तक कांग्रेस के कूटनीतिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “अगर हम ठोस नतीजों की बात करें तो हम सवाल पूछ सकते हैं कि 1947 से लेकर 2014 तक कूटनीति पर कांग्रेस पार्टी का पूरा रवैया क्या था, जिसमें शर्म अल-शेख भी शामिल है, जहां पाकिस्तान को आतंक का पीड़ित बताया गया, जबकि वह आतंक फैलाने वाला है।” शर्म अल-शेख संयुक्त बयान 16 जुलाई 2009 को भारत और पाकिस्तान द्वारा जारी किया गया एक द्विपक्षीय दस्तावेज था। यह मिस्र में गुटनिरपेक्ष आंदोलन शिखर सम्मेलन के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बीच बैठक के बाद जारी किया गया था। भाजपा नेता ने कांग्रेस नेताओं पर पाकिस्तान जाकर राजनीतिक बयानबाजी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी के नेता पाकिस्तान जाते हैं और कहते हैं, इनको हटाइए, हमको लाइए। इसलिए कांग्रेस पार्टी निश्चित रूप से खुद पर सवाल खड़े करती है जब वह तथाकथित ठोस नतीजों पर सवाल उठाती है और दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर सवाल खड़े करती है। कांग्रेस पार्टी को बहुत कुछ जवाब देना है।” पी. चिदंबरम पर तंज कसते हुए नलिन कोहली ने कहा, “मिस्टर चिदंबरम का अजीब तर्क है। हमें कोई फायदा नहीं दिखता। कल को अगर कोई कहे कि उन्हें कांग्रेस पार्टी से कोई फायदा नहीं दिखता, तो क्या कांग्रेस पार्टी बंद हो जाएगी?” नलिन कोहली ने कहा, “मुझे लगता है कि मिस्टर चिदंबरम राजनीतिक अंक हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कोई मुद्दा ही नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार जो कुछ भी करती है, कांग्रेस उसकी आलोचना करती है, भले ही आलोचना करने का कोई आधार या कारण न हो।” ब्रिक्स में फिलहाल 11 प्रमुख उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाएं ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, भारत, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। पूर्ण सदस्यों के अलावा बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स पार्टनर देशों के रूप में समूह में भाग लेते हैं।
गांधीनगर में निर्माणाधीन साइट पर स्लैब गिरने के बाद अमित शाह ने की गुजरात के सीएम से बात, कहा- ‘सभी मजदूर सुरक्षित’

गांधीनगर। केंद्रीय गृह मंत्री और गांधीनगर के सांसद अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि कुडासन इलाके में निर्माणाधीन साइट पर स्लैब गिरने की घटना में सभी घायल कर्मचारी सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है। साथ ही, अमित शाह ने सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र में हुई इस घटना पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी से बात की। साथ ही, उन्होंने स्थानीय प्रशासन की ओर से शुरू किए गए बचाव और राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली। शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैंने गांधीनगर के कुडासन में एक निर्माणाधीन साइट पर स्लैब गिरने की घटना के बारे में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से बात की। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। सभी घायल मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें हर संभव इलाज दिया जा रहा है। मैं सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।” यह घटना बुधवार रात करीब 9.15 बजे कुडासन में बन रही कमर्शियल बिल्डिंग ‘बोस्की द एम्पायर’ में हुई, जहां निर्माण कार्य के दौरान स्लैब का एक हिस्सा गिर गया। स्लैब गिरने के बाद स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं व बचाव अभियान शुरू किया। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने दुर्घटना स्थल और गांधीनगर सिविल अस्पताल का दौरा किया। बाद में उन्होंने बताया कि करीब 15 मजदूर घायल हुए थे, जिनमें से दो को छुट्टी दे दी गई और बाकी मजदूरों का इलाज चल रहा है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया भी सिविल अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। भाजपा विधायक रीता पटेल ने कहा कि स्थानीय निवासियों ने उन्हें बताया था कि साइट पर हर दिन आमतौर पर 20 से 22 मजदूर काम करते थे। उन्होंने कहा, “करीब 13 मजदूरों को बचाकर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया और किसी की भी हालत गंभीर नहीं है।” अधिकारियों ने स्लैब गिरने की घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान निकाय चुनाव: पहले चरण में अर्नोद में पड़े सबसे अधिक वोट, दूसरे चरण की वोटिंग कल

जयपुर। राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए दूसरे चरण का मतदान शुक्रवार को होगा। राज्य चुनाव आयोग ‘एक राज्य, एक चुनाव’ पहल के तहत चुनावों के अगले चरण को आगे बढ़ा रहा है। 9 सितंबर को हुए पहले चरण का मतदान 162 शहरी स्थानीय निकायों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें कुल मतदान प्रतिशत 76.41 प्रतिशत रहा। राजस्थान में 309 शहरी स्थानीय निकायों – जिनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगरपालिकाएं शामिल हैं – के चुनाव दो चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में कुल 5,393 वार्डों में मतदान हुआ। कुल 57,52,280 पंजीकृत मतदाताओं में से 43,95,488 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पहले चरण में 4 नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगरपालिकाएं शामिल थीं। पहले चरण के लिए कुल 7,683 मतदान केंद्र बनाए गए थे और चुनावी मैदान में 20,623 उम्मीदवार थे। राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि सभी 162 शहरी स्थानीय निकायों में सदस्य पदों के लिए मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पहले चरण में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत प्रतापगढ़ की अर्नोद नगरपालिका में दर्ज किया गया, जहां मतदान प्रतिशत 91.98 प्रतिशत तक पहुंच गया। सबसे कम मतदान प्रतिशत भीलवाड़ा नगर निगम में दर्ज किया गया। नगर निगम में 70 वार्ड और कुल 2,96,682 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से 1,89,390 मतदाताओं ने वोट डाला, जिससे मतदान प्रतिशत 63.84 प्रतिशत रहा। पहले चरण में 73 नए गठित शहरी स्थानीय निकाय भी शामिल थे, जहां पहली बार चुनाव हो रहे थे। बाकी 89 शहरी स्थानीय निकायों में पहले भी आम चुनाव हो चुके थे। इन 89 निकायों में हुए पिछले आम चुनावों में मतदान प्रतिशत 74.76 प्रतिशत था। 2026 के चुनावों के पहले चरण में 76.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो इन 89 शहरी स्थानीय निकायों में पिछले आम चुनावों में हुए मतदान से अधिक है। पहले चरण में मतदान संपन्न होने के बाद अब 11 सितंबर को होनी वाली वोटिंग पर चुनाव आयोग का फोकस है। राज्य चुनाव आयोग ने दूसरे चरण की तैयारियां पूरी कर ली हैं और जिन शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव होने हैं, वहां मतदान के इंतजाम किए जा रहे हैं।
समरकंद में राघव चड्ढा ने उठाया महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों का मुद्दा, बोले-सिर्फ वोट नहीं, शासन में भी मिले अधिकार

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित 12वें इंटर-पार्लियामेंटरी यूनियन (आईपीयू) सम्मेलन में भारत की ओर से महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। सम्मेलन के एक सत्र में उन्होंने “महिलाओं के राजनीतिक अधिकार सुनिश्चित करना” विषय पर भारत का पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल चुनाव में मतदान करने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें निर्णय लेने और शासन चलाने की वास्तविक शक्ति भी मिलनी चाहिए। राघव चड्ढा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत महिलाओं के विकास से आगे बढ़कर ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी लगातार मजबूत हुई है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका पहले के मुकाबले कहीं अधिक प्रभावी हुई है। उन्होंने भारत में महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में महिला मतदाताओं की भागीदारी ने रिकॉर्ड स्तर हासिल किया है। इसके साथ ही, जमीनी स्तर पर करीब 14.5 लाख महिलाएं निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्होंने इसे भारत के लोकतंत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। चड्ढा ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे संवैधानिक प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में विधायिकाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की संवैधानिक दिशा तय की गई है। उनके मुताबिक, महिलाओं की भागीदारी केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें वास्तविक निर्णय लेने की शक्ति भी मिलनी चाहिए। उन्होंने सम्मेलन में भारत का संदेश स्पष्ट शब्दों में रखते हुए कहा कि महिलाओं से केवल वोट देने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें शासन करने में सक्षम बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी महिला को सिर्फ राजनीतिक सीट देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस पद से जुड़े अधिकार और निर्णय लेने की शक्ति भी उन्हें मिलनी चाहिए। राघव चड्ढा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण को केवल भाषणों और नारों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए ऐसी व्यवस्था तैयार करनी होगी, जिससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व को स्थायी तथा मजबूत आधार मिले। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं में स्थान देने के साथ-साथ उन्हें अधिकार, जिम्मेदारी और निर्णय लेने की स्वतंत्रता भी सुनिश्चित करनी होगी। समरकंद में आयोजित आईपीयू सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिनिधि राजनीतिक और संसदीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। ऐसे में भारत की ओर से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा उठाते हुए चड्ढा ने महिला नेतृत्व को लोकतांत्रिक विकास का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल करना लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें शासन और नीति निर्माण की प्रक्रिया में प्रभावी नेतृत्व की भूमिका दी जानी चाहिए।
एप्पल का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन ‘आईफोन डुओ’ 2.99 लाख रुपए की कीमत पर भारत में हुआ लॉन्च

नई दिल्ली। अमेरिका की टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल ने ‘आईफोन डुओ’ लॉन्च करके फोल्डेबल स्मार्टफोन मार्केट में एंट्री कर दी और भारत में इसकी कीमत 2,99,900 रुपए निर्धारित की गई है। इसके जरिए कंपनी का मकसद अपने प्रीमियम आईफोन इकोसिस्टम के साथ बड़ी डिस्प्ले देना और ऐसे यूजर्स को आकर्षित करना है जो कंटेंट देखने, मल्टीटास्किंग करने और कुछ नया बनाने के लिए नए तरीके तलाश रहे हैं। 23 अक्टूबर से उपलब्ध होने वाले इस डिवाइस में 7.6-इंच की इनर डिस्प्ले और 5.4-इंच की आउटर डिस्प्ले दी गई है। इसके अलावा, दोनों स्क्रीन का आस्पेक्ट रेश्यो एक जैसा है, जिससे कंटेंट को दोनों के बीच सही अनुपात में एडजस्ट किया जा सकता है। कंपनी के अनुसार, अंदर वाली डिस्प्ले में नैनो-टेक्सचर फिनिश है, जो चमक को कम करती है और क्रीज को कम दिखने देती है। साथ ही, आईफोन डुओ में एप्पल की ए20 प्रो चिप लगी है और इसमें एडवांस्ड थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम, डुअल-बैटरी आर्किटेक्चर और नया कैमरा सिस्टम भी शामिल है। हालांकि, कंपनी का दावा है कि इनर डिस्प्ले पर 31 घंटे तक और आउटर डिस्प्ले पर 44 घंटे तक वीडियो प्लेबैक किया जा सकता है। इस डिवाइस में फोल्डेबल के लिए खास कैमरा अनुभव भी दिए गए हैं, जैसे स्मार्ट टेक, डुओ प्रीव्यू और डुओ फेसटाइम। वहीं, आईओएस 27 में स्प्लिट व्यू और ऐप्स के पेयर को सेव करने जैसे मल्टीटास्किंग फीचर्स जोड़े गए हैं। एप्पल के सीईओ जॉन टर्नस ने कहा, “आईफोन डुओ, ओरिजिनल आईफोन के बाद से आईफोन में सबसे बड़ा बदलाव है। पूरी तरह से नए डिजाइन और आसान अनुभव के साथ, यह दिखाता है कि जब हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को एक साथ बनाया जाता है तो क्या-क्या मुमकिन है। साथ ही, यह फोल्डेबल फोन के इस्तेमाल के तरीके को भी नए सिरे से परिभाषित करता है।” साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के प्रमुख प्रभु राम ने कहा कि इस डिवाइस से शॉर्ट-टर्म में ज्यादा बिक्री होने के बजाय, प्रो सीरीज से ऊपर एक ‘अल्ट्रा-प्रीमियम’ कैटेगरी बनने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यूएस की कीमत के मुकाबले भारत में ज्यादा कीमत की वजह मेमोरी की लागत में बढ़ोतरी, रुपए की गिरती कीमत, कस्टम ड्यूटी, लोकल टैक्स स्ट्रक्चर और चैनल मार्जिन है। उन्होंने कहा, “हालांकि शॉर्ट-टर्म में शिपमेंट कम रहेगी और सप्लाई की दिक्कतें होंगी, लेकिन डुओ, प्रो मैक्स के मौजूदा यूजर्स को अपनी ओर खींचने के लिए अच्छी स्थिति में है।” आईफोन डुओ ‘स्टार व्हाइट’ और ‘नाइट स्काई’ रंगों में उपलब्ध होगा और इसमें 256जीबी से लेकर 2टीबी तक के स्टोरेज ऑप्शन होंगे। प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर से शुरू होंगे।
रक्षा साझेदारी का अहम पड़ाव’: जापानी लड़ाकू विमान के भारत पहुंचने पर बोले राजनाथ सिंह

कोलंबो। जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएएसडीएफ) का फाइटर एयरक्राफ्ट पहली बार भारत पहुंचा है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने खुशी जताते हुए इसे दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी के लिए एक “महत्वपूर्ण मील का पत्थर” बताया। सिंह ने कहा कि ‘एक्सरसाइज वीर गार्डियन’ भारत और जापान के बीच तालमेल को और मजबूत करते हैं। रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भारत-जापान रक्षा साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर! जेएएसडीएफ फाइटर एयरक्राफ्ट की भारत की पहली यात्रा इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता के प्रति हमारे बढ़ते भरोसे और साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पिछले महीने नई दिल्ली में हमारी बहुत ही सार्थक बातचीत के बाद, ‘एक्सरसाइज वीर गार्डियन’ जैसी आपसी यात्राओं का आदान-प्रदान इस तालमेल को और बल प्रदान करता है।” उन्होंने यह बयान जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी द्वारा साझा की गई एक पोस्ट के जवाब में दिया, जिसमें उन्होंने जेएएसडीएफ फाइटर एयरक्राफ्ट की भारत की पहली यात्रा का जिक्र किया था। कोइजुमी ने कहा कि भारतीय फाइटर एयरक्राफ्ट की जापान यात्रा के तीन साल बाद जेएएसडीएफ फाइटर एयरक्राफ्ट की भारत की पहली यात्रा, फाइटर एयरक्राफ्ट की आपसी यात्राओं के साकार होने का प्रतीक है। एक्स पर एक पोस्ट में कोइजुमी ने लिखा, “एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के फाइटर एयरक्राफ्ट ने पहली बार भारत का दौरा किया। तीन साल पहले भारतीय वायु सेना के अपने फाइटर एयरक्राफ्ट के साथ जापान की पहली यात्रा के बाद, यह फाइटर एयरक्राफ्ट की आपसी यात्राओं के साकार होने का प्रतीक है।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई बैठक में भी, हमने इस बात पर सहमति जताई थी कि यह ट्रेनिंग जापान-भारत रक्षा सहयोग को गहरा करने का प्रतीक है। मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि फ्रंटलाइन यूनिट्स के बीच आदान-प्रदान और संयुक्त ट्रेनिंग के माध्यम से जापान-भारत रक्षा सहयोग लगातार विकसित हो रहा है।” ‘एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026’ भारतीय वायु सेना और जापानी एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएएसडीएफ) के बीच 9-22 सितंबर तक जोधपुर में आयोजित की जा रही है। जेएएसडीएफ का एफ-2 ‘एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026’ में भाग लेने के लिए जोधपुर पहुंचा। भारतीय वायुसेना इस अभ्यास में कई फ्रंटलाइन कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के साथ भाग ले रही है, जिनमें स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस, एसयू-30 एमकेI और राफेल शामिल हैं। 14 दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास के दौरान, इसमें शामिल वायु सेना के जवान एडवांस्ड ऑपरेशनल मिशन को अंजाम देंगे और बड़े पैमाने पर पेशेवर बातचीत करेंगे। रक्षा मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इस कार्यक्रम में मिशन की योजना बनाने से जुड़ी बैठकें, विषय के जानकारों का आदान-प्रदान और इंजीनियरिंग व एयरोस्पेस सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर कर्मियों के बीच बातचीत शामिल है, जिससे दोनों वायु सेनाओं के बीच गहरा ऑपरेशनल तालमेल बनेगा। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “अभ्यास ‘वीर गार्डियन-26’ टैक्टिकल कुशलता और एयरोस्पेस ऑपरेशनल तालमेल को बेहतर बनाकर भारत और जापान के बीच गहरी होती रणनीतिक साझेदारी को दिखाता है। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच दोस्ती और रणनीतिक सहयोग के पुराने रिश्तों को और मजबूत करता है।