‘आकाश आनंद अब बसपा से पूरी तरह आजाद’, मायावती ने अपने भतीजे को किया पार्टी से निष्कासित

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास के बाद अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घोषणा की कि आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह से मुक्त किया गया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “आकाश आनंद को पार्टी और मूवमेंट के वास्तविक हित व इससे जुड़े अपने करियर की परवाह कम, जबकि रिश्ते-नातों आदि का मोह अधिक है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आकाश आनंद डबल माइंड होकर फिर बीएसपी पार्टी और मूवमेंट का भला कैसे कर सकते हैं?” मायावती ने लिखा, “पार्टी के लोगों को यही बेहतर लगता है कि उन्हें (आकाश आनंद) पहले दिनांक 3 सितंबर को जिस प्रकार से पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के अति-महत्वपूर्ण पद की सभी अहम जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था। उसी प्रकार अब उन्हें पार्टी में भी आज से पूरी तरह से आजाद कर दिया जाए। अतः आकाश आनंद पार्टी में अब स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं। अब इनको पार्टी से पूरे तौर से मुक्त कर दिया गया है।” मायावती ने लिखा, “आकाश आनंद की ओर से भी अपने करियर से अधिक अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रति इस हद तक लगाव कायम है कि उन्होंने बीएसपी प्रमुख के सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर तत्सम्बंधी पोस्ट को रिपोस्ट करना भी उचित नहीं समझा। हालांकि यह पोस्ट उनके ही सकारातमक व भलाई के लिए था।” उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “वह (आकाश आनंद) बीएसपी प्रमुख के ‘एक्स’ पर पोस्ट को रिपोस्ट करके अपनी वफादारी का सबूत देने का प्रयास करते रहे हैं। इससे भी यही लगता है कि अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद दोनों को पार्टी और मूवमेंट की सफलता में कम व अपने निजी और पारिवारिक स्वार्थ का अधिक मोह है।” इसके साथ ही, मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास के फैसले को सही कदम बताया। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “अगर यह फैसला वह (अशोक सिद्धार्थ) काफी पहले ही ले लेते तो बीएसपी, बहुजन समाज व बहुजन मूवमेंट व उनके दामाद आकाश आनंद को भी लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। और न ही मुझे विधानसभा आम चुनाव और खासकर उत्तर प्रदेश में 5वीं बार सरकार बनाने की जबरदस्त तैयारियों के बीच पार्टी व मूवमेंट के व्यापक हित के मद्देनजर इनके बारे में कई बार कड़े फैसले लेने आदि की जरूरत पड़ती।” बसपा सुप्रीमो ने आगे लिखा, “अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से संन्यास लेने का फैसला ‘देर आये दुरुस्त आये’ की कहावत की तरह ही यह अच्छी बात है। किंतु अशोक सिद्धार्थ को, अपने दामाद आकाश आनंद के उज्जवल भविष्य के साथ ही बीएसपी पार्टी और इसके अंबेडकरवादी बहुजन मूवमेंट के व्यापक हित के प्रति थोड़ी भी सही चिंता होती, तो वे बिना देरी किए फौरन ही राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर देते। इससे आकाश आनंद की पार्टी और मूवमेंट के प्रति सक्रियता काफी हद तक सुनिश्चित हो सकती थी, किंतु ऐसा कुछ नहीं होना यह साबित करता है कि अशोक सिद्धार्थ की नीयत में खोट और अभिलाषा कम नहीं हुई है, बल्कि अभी तक भी पूरी तरह से बरकरार है।” पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के नाम संदेश में मायावती ने कहा, “बीएसपी के सभी लोगों को विरोधियों के ‘साम, दाम, दंड, भेद’ आदि सभी प्रकार के हथकंडों का डट कर सामना करते हुए, खासकर उत्तर प्रदेश में फिर से पूर्ण बहमत की अपनी ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की जबरदस्त कानून-व्यवस्था व बेहतरीन विकास वाली आयरन हुकूमत बनाने के संघर्ष में, पूरे जी-जान से अर्थात पूरे तन, मन, धन की लगन से लगे रहना है, बस यही लक्ष्य सर्वोपरि है।

दिल्ली-एनसीआर में 11 से 16 सितंबर तक बारिश के आसार, तापमान में आएगी गिरावट

नई दिल्ली। मानसून की गतिविधियों में लगातार हो रहे बदलाव के बीच दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक एनसीआर में बादल छाए रह सकते हैं। वही, 11 से 16 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना भी है। फिलहाल 10 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है, जबकि इसके बाद बारिश का दौर सक्रिय हो सकता है। इस बदलाव का असर तापमान के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता पर भी देखने को मिल सकता है। स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 10 सितंबर को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और फिलहाल मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 11 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 26 डिग्री रहने की संभावना है। इस दिन आमतौर पर बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 12 सितंबर को तापमान और नीचे आ सकता है। अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन आमतौर पर बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। 13 सितंबर को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 26 डिग्री रह सकता है। आसमान में सामान्य तौर पर बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है। वहीं 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 26 डिग्री रह सकता है। इस दिन भी बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश के आसार हैं और आर्द्रता 90 से 75 प्रतिशत के बीच रह सकती है। 15 सितंबर को तापमान 31 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। आसमान सामान्य तौर पर बादलों से घिरा रह सकता है। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता पर भी असर दिखाई देने लगा है। स्क्रीन पर उपलब्ध केंद्रीय प्रदूषण निगरानी आंकड़ों में दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 100 से ऊपर दर्ज किया गया है। अलीपुर में एक्यूआई 142, आनंद विहार में 91, अशोक विहार में 143, आया नगर में 109, बवाना में 247, बुराड़ी क्रॉसिंग में 125, कैंटोनमेंट एरिया में 92, चांदनी चौक में 151 और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 112 दर्ज है। इन आंकड़ों में सबसे खराब स्थिति बवाना की रही, जहां एक्यूआई 247 दर्ज किया गया। वहीं आनंद विहार और कैंटोनमेंट एरिया में हवा अपेक्षाकृत बेहतर रही, जहां एक्यूआई क्रमशः 91 और 92 दर्ज किया गया। नोएडा के उपलब्ध स्टेशनों के आंकड़े भी प्रदूषण की बढ़ती स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं। सेक्टर-125 में एक्यूआई 218, सेक्टर-62 में 133 और सेक्टर-116 में 198 दर्ज किया गया। यानी नोएडा के इन तीनों प्रमुख मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता में अंतर देखने को मिला, लेकिन सेक्टर-125 और सेक्टर-116 में स्थिति खास तौर पर खराब रही। गाजियाबाद के मॉनिटरिंग स्टेशनों पर स्थिति मिश्रित रही। गोविंदपुरम में एक्यूआई 64, इंदिरापुरम में 65 और लोनी में 96 दर्ज किया गया, जो अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति दर्शाता है। इसके मुकाबले संजय नगर में एक्यूआई 172, वसुंधरा में 166 और वेद विहार-लोनी में 170 दर्ज किया गया। इससे साफ है कि एक ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में हवा की गुणवत्ता में काफी अंतर बना हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि बारिश के बाद कुछ दिनों तक हवा साफ रहने के बावजूद जैसे-जैसे बारिश का असर कम होता है, प्रदूषक तत्वों का स्तर दोबारा बढ़ने लगता है। ऐसे में 11 से 16 सितंबर के बीच संभावित बारिश एनसीआर के लिए राहत लेकर आ सकती है। बारिश होने पर वातावरण में मौजूद धूल और कुछ प्रदूषक कण नीचे बैठ सकते हैं, जिससे अस्थायी रूप से वायु गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल सकता है।

‘मुंबई एयरपोर्ट पर बनी मस्जिद को हटाने के निर्देश’, किरीट सोमैया बोले- ‘बर्दाश्त नहीं करेंगे लैंड जिहाद

मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता किरीट सोमैया ने जानकारी दी है कि मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के पास बनी मस्जिद को हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि एक व्यवस्थित तरीके से ‘मराठी मुंबई’ को ‘मुस्लिम मुंबई’ बनाया जा रहा है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि एक व्यवस्थित तरीके से ‘मराठी मुंबई’ को ‘मुस्लिम मुंबई’ बनाया जा रहा है। पहले बांद्रा रेलवे टर्मिनस के पास भी बांग्लादेशी मुस्लिम आकर बस चुके थे। अब मुंबई एयरपोर्ट के वीआईपी गेट के नजदीक मस्जिद बना दी गई। उसमें 12 एयर कंडीशन और 30 पानी के नल हैं। उन्होंने कहा, “मैंने उसके खिलाफ आवाज उठाई है। इस पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने मुंबई एयरपोर्ट कंपनी को चेतावनी दी है। एमएमआरडीए ने मस्जिद को अवैध बताया है और कहा कि इसको कोई अनुमति नहीं दी गई थी। एमएमआरडीए ने इसे हटाने के आदेश दिए हैं।” किरीट सोमैया ने यह भी कहा कि हमने इस विषय पर कठोर कदम उठाए हैं। इस तरह की मस्जिद, कब्र या दरगाह के नाम पर संवेदनशील इलाकों में ‘लैंड जिहाद’ किया जाता है। इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। मैंने मांग की है कि इसकी पुलिस जांच होनी चाहिए। इसी बीच, भाजपा नेता ने विपक्षी दलों पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और उद्धव ठाकरे वोट के लिए देश की सुरक्षा को भी बेचने के लिए तैयार हो जाते हैं।” वहीं, किरीट सोमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पत्र शेयर किया। उन्होंने कहा, “एमएमआरडीए का कहना है कि यह एक अवैध मस्जिद है। इसके लिए कोई मंजूरी नहीं दी गई थी। एमएमआरडीए ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड से कहा है कि वे इस अवैध ढांचे (मस्जिद) को तुरंत गिरा दें। मैंने मुंबई एयरपोर्ट और एमएमआरडीए से अनुरोध किया है कि वे इस ‘लैंड जिहाद’ के पीछे शामिल ट्रस्टियों और लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने की भारत के स्वास्थ्य मॉडल की तारीफ, बोले-आशा कार्यकर्ता इन सेवाओं की मजबूत कड़ी

नई दिल्ली। । विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की है। उन्होंने खास तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की तारीफ की। टेड्रोस ने एशियाई देश तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली में आयोजित डब्‍ल्‍यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय समिति के 79वें सत्र के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत की स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों और डब्‍ल्‍यूएचओ के साथ उसके जारी सहयोग पर चर्चा की। गुरुवार को सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर टेड्रोस ने लिखा, “मैंने भारत के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और उन्हें देश की स्वास्थ्य सेवाओं में हुई प्रभावशाली प्रगति के लिए बधाई दी। खास तौर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों के खिलाफ लड़ाई में भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।” उन्होंने ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ पहल की भी सराहना की, जिसके जरिए देशभर में लोगों की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और जांच सुविधाओं तक पहुंच बढ़ी है। टेड्रोस ने कहा कि लगभग 1.6 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से भारत हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह और आम प्रकार के कैंसर की जांच की सुविधा लोगों के घरों के करीब पहुंचा रहा है। साथ ही जिन मरीजों को आगे इलाज की जरूरत होती है, उनके लिए रेफरल की व्यवस्था भी उपलब्ध है। डब्‍ल्‍यूएचओ प्रमुख ने भारत की आशा कार्यकर्ताओं के विशाल नेटवर्क की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ये कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाने में, खासकर महिलाओं, माताओं और बच्चों की विभिन्न चरणों में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। टेड्रोस ने कहा, “भारत की आशा कार्यकर्ता इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं लोगों तक उनके समुदायों में कैसे पहुंचाई जा सकती हैं। वे गर्भधारण से लेकर किशोरावस्था तक माताओं और बच्चों को सहयोग देती हैं।” उन्होंने कहा कि टीकाकरण के दायरे के विस्तार और अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाले प्रसव की दर 78 से बढ़कर 93 प्रतिशत होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में लगातार सुधार देखने को मिला है। बैठक के दौरान टेड्रोस और नड्डा ने भारत के टीबी उन्मूलन के प्रयासों पर भी चर्चा की। इस क्षेत्र में भारत व्यापक जांच, बेहतर पहचान, उपचार और जनस्वास्थ्य संबंधी कदमों के जरिए प्रयासों को तेज कर रहा है। दोनों नेताओं ने चिकित्सा उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए उनके नियमन को और मजबूत बनाने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही डब्‍ल्‍यूएचओ के साथ वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर भारत के लगातार सहयोग की भी समीक्षा की गई। टेड्रोस ने डब्‍ल्‍यूएचओ को भारत की ओर से दिए जा रहे महत्वपूर्ण सहयोग और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों में उसकी भूमिका की भी सराहना की। इसमें पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग के साथ-साथ डब्‍ल्‍यूएचओ महामारी समझौते के तहत पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग प्रणाली पर चल रही बातचीत भी शामिल है। टेड्रोस और नड्डा की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब डब्‍ल्‍यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों के स्वास्थ्य मंत्री और प्रतिनिधि द‍िली में क्षेत्रीय समिति के 79वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए एकत्र हुए हैं। इस बातचीत के दौरान भारत की स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति, उसकी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत व्यवस्था और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग में उसकी भूमिका प्रमुख विषयों में शामिल रहे।

संजय सरावगी ने दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना, सनातन स्वाभिमान यात्रा’ से पहले राहुल गांधी का रुख स्पष्ट करें

पटना। बिहार में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को पहले राहुल गांधी से इस यात्रा को लेकर बात करनी चाहिए। चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा उज्जैन से अयोध्या तक ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने के ऐलान पर संजय सरावगी ने कांग्रेस को घेरा। सरावगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब तक राम मंदिर नहीं गए हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस नेता सनातन और राम मंदिर के नाम पर यात्रा निकालने की बात कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ राहुल गांधी के अयोध्या नहीं जाने को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी और वोट बैंक की राजनीति के तहत ऐसे मुद्दे उठा रही है। सरावगी ने कहा कि जनता इस तरह की राजनीति को देख रही है और कांग्रेस नेताओं को इसका जवाब देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर भाजपा की ओर से आयोजित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भी सरावगी ने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और 7 अक्टूबर 2026 को उनके सार्वजनिक जीवन में संवैधानिक पद पर सेवा के 25 वर्ष पूरे हुए। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर भाजपा की ओर से एक महीने तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरावगी के अनुसार, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक करीब 12-13 कार्यक्रमों की घोषणा की गई है। इन कार्यक्रमों के जरिए प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन और सेवा कार्यों को जनता के बीच पहुंचाने की तैयारी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा वंदे मातरम् को लेकर राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी का समर्थन करते हुए सरावगी ने कहा कि राहुल गांधी राष्ट्रगीत के महत्व को नहीं समझ सकते। उन्होंने कांग्रेस पर वंदे मातरम को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। सरावगी ने कहा कि वंदे मातरम को स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान आजादी के दीवानों और शहीदों ने गाया था। उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के मामले में कांग्रेस का रवैया जनता के सामने है। हालांकि, उनके ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं और कांग्रेस का पक्ष इस बयान के संदर्भ में सामने आना बाकी है। पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की राहुल गांधी की मांग पर जेडीयू नेता श्याम रजक ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा दलितों के मुद्दे उठाए जाने पर सवाल खड़े किए और कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए बाबासाहेब अंबेडकर और जगजीवन राम जैसे नेताओं का उल्लेख किया। रजक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं और उनके परिवार का इतिहास दलित नेताओं के साथ उचित व्यवहार नहीं करने का रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में राहुल गांधी का दलित अधिकारों की बात करना अपने आप में सवाल खड़े करता है। बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ किए जाने के प्रस्ताव पर मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास के लिए उल्लेखनीय काम किया है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री का जन्मस्थान और वह क्षेत्र जहां उनका बचपन बीता, उसका नाम उनके नाम पर रखने की इच्छा इसी सम्मान की भावना से जुड़ी है। वहीं ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम की टिप्पणी पर संतोष सुमन ने कहा कि कांग्रेस संभवतः अपने कार्यकाल में इस तरह के सम्मेलन आयोजित नहीं कर पाने की वजह से निराशा में बयान दे रही है। उन्होंने चिदंबरम की टिप्पणी को राजनीतिक हताशा से जोड़ते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किया।

अरुणाचल में तेज बहाव के बीच बीआरओ ने पुल को किया बहाल, वाहनों की आवाजाही शुरू

नई दिल्ली। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन ने तेज बहाव वाली लोहित नदी पर बने 800 फीट लंबे करोटी पुल को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बहाल किया है। अरुणाचल प्रदेश में एक ओवरलोडेड टिपर से पुल के नुकसान पहुंचने के बाद बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) यह कार्य किया है। बीआरओ के मुताबिक यह घटना 116 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी, 48 टास्क फोर्स और परियोजना उदयक के दल के लिए बड़ी चुनौती थी। टीम ने सबसे पहले क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थिति को स्थिर किया और पुल पर फंसे टिपर को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला। इसके बाद बीआरओ ने कठिन परिस्थितियों के बीच पुल पर जरूरी मरम्मत और बहाली का काम किया गया। इससे क्षेत्र में सड़क संपर्क बनाए रखने और स्थानीय आवागमन को सुचारु करने में मदद मिली। तेज बहाव वाली नदी और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद दल ने सावधानी और तकनीकी दक्षता के साथ काम जारी रखा। आवश्यक बहाली कार्य पूरे होने के बाद करोटी पुल को हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। बीआरओ के कर्मयोगियों ने इस दौरान इंजीनियरिंग कौशल, अनुभव और सटीकता का परिचय दिया। क्षतिग्रस्त पुल को जल्द से जल्द उपयोग के योग्य बनाना इस अभियान की प्रमुख उपलब्धि रही। संगठन के अनुसार, चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में सड़क और पुलों का रखरखाव सामरिक तथा स्थानीय संपर्क, दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गुरुवार को संगठन ने बताया कि इन प्रयासों के बाद करोटी पुल को हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के महानिदेशक ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान में समर्पण और पेशेवर प्रतिबद्धता के लिए लेफ्टिनेंट कर्नल एपीएस नेगी, कैप्टन मयंक जोशी, कैप्टन शुभम एम नेसरागी, उपकरण एवं मैकेनिकल विशेषज्ञ देवेंद्र कुमार और मोटर परिवहन चालक सुखजीत सिंह की सराहना की है। बीआरओ ने इस अभियान को विषम परिस्थितियों में इंजीनियरिंग की मिसाल बताया है। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन का कहना है कि यह कार्रवाई दर्शाती है कि कौशल, अनुभव और सटीकता के साथ कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी काम को पूरा किया जा सकता है। इसी के साथ संगठन ने अपने मूलमंत्र श्रमेन सर्वं साध्यम को भी दोहराया।

अमेरिकी सेना ने कैरेबियाई सागर में ड्रग तस्करों के जहाज को उड़ाया, तीन की मौत

वाश‍िंगटन। अमेरिकी साउथ कमांड (साउथकॉम) के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फियर ने कैरेबियाई क्षेत्र में ड्रग तस्करी के ख‍िलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाद द‍िया। मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना पर टास्‍क फोर्स एक तेज रफ्तार जहाज पर सैन्‍य कार्रवाई की। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी साउथकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में घटना की जानकारी साझा की। साउथकॉम ने पोस्‍ट ल‍िखा, ”अमेरिकी दक्षिणी कमान (साउथकॉम) के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फेयर ने कैरेबियाई क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एक तेज रफ्तार जहाज (गो-फास्ट वेसल) के खिलाफ घातक सैन्य कार्रवाई की।” साउथकॉम ने बताया क‍ि अधिकृत खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई थी कि यह जहाज सक्रिय रूप से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था। इस अभियान के दौरान तीन ऐसे लोगों की मौत हुई जिन्हें अमेरिकी पक्ष ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आतंकवादी (नार्को-टेररिस्ट) बताया है। इससे पहले अमेरिकी साउथ कमांड के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फियर ने मंगलवार को भी पूर्वी प्रशांत महासागर में सैन्‍य कार्रवाई की थी। ड्रग तस्करी के ख‍िलाफ कार्रवाई करते हुए नार्को-आतंकी संगठन लॉस चोनेरोस के लिए काम कर रहे एक तैरते आपूर्ति स्टेशन जहाज को नष्‍ट कर द‍िया था। यूएस साउथकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में बताया क‍ि 7 सितंबर को यूएस साउदर्न कमांड के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फियर (जेटीएफ-डब्‍ल्‍यूएचईएम) की टीम ने पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र के रास्ते होने वाली अवैध ड्रग तस्करी गतिविधियों का समर्थन कर रहे एक तैरते हुए आपूर्ति स्टेशन जहाज को सफलतापूर्वक रोक लिया। बयान के अनुसार, खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई थी कि यह जहाज हिंसक नार्को-आतंकी संगठन लॉस चोनेरोस के लिए काम कर रहा था। जहाज पर मौजूद लोगों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें इक्वाडोर के अधिकारियों को सौंपा जाएगा। जहाज की पूरी जांच करने और चालक दल को सुरक्षित उतारने के बाद अमेरिकी बलों ने उस जहाज को समुद्र में डुबो दिया।

रूस और यूक्रेन के बीच जल्‍द हो सकती है द्विपक्षीय बैठक, युद्ध खत्म करना चाहते हैं पुत‍िन : ट्रंप

वॉशिंगटन। रूस-यूक्रेन युद्ध को अमेरिकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत द‍िया क‍ि दोनों देशों के नेताओं के बीच एक और द्विपक्षीय बैठक जल्‍द हो सकती है। ट्रंप के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करना चाहते हैं। सीक्यू की ओर से जारी बातचीत के अनुसार, ट्रंप ने यह बात बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को डलास की यात्रा के लिए एयर फोर्स वन में सवार होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कही। पुतिन के साथ हुई हालिया वार्ता के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, “हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई।” वह समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने कहा क‍ि अगर जेलेंस्की भी समझौता करना चाहते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात होगी। जब उनसे पूछा गया कि समझौता होने में क्या बाधा आ रही है, तो ट्रंप ने इसका कारण रूसी और यूक्रेनी नेताओं के बीच खराब संबंध हैं। ट्रंप ने कहा, “मेरे हिसाब से सबसे बड़ी वजह यही है कि दो ऐसे लोग हैं जो एक-दूसरे से नफरत करते हैं।” हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि उनकी पुतिन के साथ बातचीत कब हुई थी। उन्होंने नहीं बताया कि यह बातचीत कितनी देर चली या दोनों नेताओं के बीच किन प्रस्तावों पर चर्चा हुई। जब उनसे पूछा गया कि ऐसा क्या बदला है जिससे उन्हें अब प्रगति की उम्मीद दिखाई दे रही है, तो ट्रंप ने लोगों से बातचीत करने और समझौते कराने के अपने अनुभव का हवाला दिया। उन्होंने कहा क‍ि मुझे ऐसा इसलिए लगता है क्योंकि मैं लोगों से बात करता हूं। मैंने अपनी पूरी जिंदगी यही किया है, लोगों से बात करना। मैं समझौतों के बारे में जानता हूं, और ये दोनों लोग अब लड़ते-लड़ते थक चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि पुतिन के साथ एक और द्विपक्षीय बैठक संभव है। हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई संभावित तारीख या स्थान नहीं बताया। ट्रंप ने कहा कि युद्ध में लगातार हो रही लोगों की मौतें समझौते की जरूरत को और बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा क‍ि इस युद्ध में बहुत ज्यादा लोग मारे जा रहे हैं। पिछले महीने 25,000 लोगों की मौत हुई।

चेन्नई में 19 सितंबर को ऑटो चालकों का प्रदर्शन, किराया बढ़ाने की मांग तेज

चेन्नई। तमिलनाडु में ऑटो-रिक्शा ट्रेड यूनियनों ने 19 सितंबर को चेन्नई में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है, जिससे विजय सरकार पर 13 वर्षों से अपरिवर्तित किराये में संशोधन करने का दबाव तेज हो गया है। ऑटो-रिक्शा ट्रेड यूनियनों के महासंघ ने कहा कि चालक एगमोर के राजारथिनम स्टेडियम के पास इकट्ठा होंगे और मीटर के किराये में संशोधन पर तत्काल सरकारी आदेश की मांग करेंगे। यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्यभर में लगभग पांच लाख ड्राइवर ईंधन, रखरखाव और बीमा की बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं। विजय सरकार के मई में सत्ता संभालने के बाद से परिवहन विभाग के साथ तीन दौर के परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है। 27 अगस्त को हुई नवीनतम बैठक में यूनियनों ने एक किराया चार्ट प्रस्तुत किया जिसमें पहले 1.5 किलोमीटर के लिए न्यूनतम 60 से 70 रुपए और प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 25 से 30 रुपए का शुल्क प्रस्तावित किया गया था। यूनियन नेताओं ने बताया कि परामर्श में भाग लेने वाले यात्री प्रतिनिधियों ने इस मांग का समर्थन किया। फेडरेशन ने अब अपनी मांग को समेकित करते हुए पहले 1.5 किलोमीटर के लिए 60 रुपए और उसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 30 रुपए के साथ ही अलग से प्रतीक्षा शुल्क और रात्रि शुल्क की मांग रखी है। फेडरेशन ने कहा कि बार-बार की गई चर्चाओं के बावजूद कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। ड्राइवरों को उम्मीद थी कि विधानसभा में परिवहन विभाग की अनुदान मांग पर बहस के दौरान इस पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, परिवहन मंत्री ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने कहा कि जल्द ही घोषणा की जाएगी, जिससे यूनियनें निराश हो गईं। सरकार की एक समिति ने इससे पहले 2024 में 40 रुपये का आधार किराया और प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 18 रुपये का शुल्क लगाने की सिफारिश की थी। वह प्रस्ताव लंबित रहा। परामर्श के बाद, अधिकारियों द्वारा 50 रुपये का आधार किराया और प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 22 से 25 रुपए का शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही जा रही है। यूनियनों ने कहा कि अंतिम निर्णय राज्य गृह (परिवहन) विभाग को लेना चाहिए। 2013 में किए गए अंतिम संशोधन में न्यूनतम किराया पहले 1.8 किलोमीटर के लिए 25 रुपए और उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 12 रुपए निर्धारित किया गया था। यूनियनों का तर्क है कि ये दरें वर्तमान परिचालन खर्चों से बहुत कम मेल खाती हैं और मीटर आधारित सेवाओं को अव्यवहारिक बना दिया है। इस बीच, यात्रियों ने शिकायत की है कि ऐप आधारित एग्रीगेटर अतिरिक्त मूल्य निर्धारण लागू करते हैं, जबकि कुछ ड्राइवर प्रदर्शित अनुमानों से अधिक राशि की मांग करते हैं। परिवहन कार्यकर्ताओं ने लागू करने योग्य किराया संरचना, एग्रीगेटरों के सख्त नियमन और शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों ने कहा कि संशोधन समिति की सिफारिशों पर आधारित होगा, लेकिन यूनियनों का कहना है कि केवल समयबद्ध आदेश ही आंदोलन को रोक सकता है।

‘डबल डेट’ शो में दिव्येंदु शर्मा ने नाम की स्पेलिंग बदलने और सोशल मीडिया अकाउंट्स के बारे ने खोले राज

मुंबई। अभिनेता दिव्येंदु शर्मा हाल ही में नेहा धूपिया और अंगद बेबी के शो ‘डबल डेट’ में गए थे। इस शो में उन्होंने अपने नाम की स्पेलिंग बदलने की वजह और एनर्जी को बैलेंस करने में अपने विश्वास के बारे में भी बताया। शो में बातचीत के दौरान अभिनेता दिव्येंदु शर्मा ने खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने अपना नाम बदलने का फैसला क्यों किया और वे अपने आसपास की एनर्जी के साथ तालमेल बिठाने में कितना यकीन रखते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे पता चला कि ये मेरा नाम है और और मुझे एनर्जी के साथ तालमेल में रहना है। तो अगर कोई चीज मुझे एनर्जी के साथ तालमेल में लाएगी, तो मैं उसकी बात मानूंगा।” दिव्येंदु शर्मा से अभिनेत्री नेहा धूपिया ने पूछा कि सोशल मीडिया और ईमेल आईडी पर अपने नाम की स्पेलिंग क्यों बदली? दिव्येंदु शर्मा ने बताया कि जब वे फिल्म ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ की शूटिंग कर रहे थे, तब अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने उनका इंटाग्राम अकाउंट बनाया था। उन्होंने यह भी कहा कि इससे प्यार का पंचनामा और चश्मे बद्दूर के दौरान वह सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं थे और न ही कोई इंस्टाग्राम आईडी थी। एक्टर ने अपने ट्विटर अकाउंट के बारे में एक मजेदार किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि मेरा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स अनुपम खेर ने बनाया था। हमने साथ में फिल्म ’21 तोपों की सलामी’ शूट की थी। उसी दौरान उन्होंने मेरा अकाउंट बनाया था।” दिव्येंदु शर्मा की बात करें तो उन्होंने फिल्म ‘मिर्जापुर द मूवी’ में ‘मुन्ना भैया’ के अपने आइकॉनिक किरदार से दमदार वापसी की है, जिसे 4 सितंबर में सिनेमाघरों में रिलीज किया गया है। फिल्म की कहानी मिर्जापुर की गद्दी, सत्ता और बदले के पुराने समीकरणों के साथ-साथ एक नए अध्याय को बड़े पर्दे पर पेश करती है। इसमें मुन्ना भैया का पुराना पागलपन और स्वैग देखने को मिल रहा है। फिल्म को दर्शकों की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।