पीएम-सेतु योजना के तहत राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के आईटीआई क्लस्टरों को मिली 735.70 करोड़ रुपए की मंजूरी

नई दिल्ली। कौशल विकास और रोजगार क्षमता बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एंप्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत 735.70 करोड़ रुपए की सामरिक निवेश योजनाओं (एसआईपी) को मंजूरी दी है। यह निवेश राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) क्लस्टरों के आधुनिकीकरण और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण विकसित करने के लिए किया जाएगा। पीएम-सेतु की राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) की पांचवीं बैठक कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मंत्रालय और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, बहुपक्षीय विकास बैंकों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के साझेदार, प्रशिक्षण महानिदेशक दिलीप कुमार तथा मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार जी. मधुमिता दास भी उपस्थित रहे। इन नई मंजूरियों के साथ पीएम-सेतु योजना के तहत स्वीकृत कुल निवेश बढ़कर 2,171 करोड़ रुपए हो गया है, जो देशभर के नौ आईटीआई क्लस्टरों में लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य आईटीआई संस्थानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अवसंरचना और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण से लैस करना है। राष्ट्रीय संचालन समिति ने एच.जी. इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत 241 करोड़ रुपए की सामरिक निवेश योजना को मंजूरी दी। इस क्लस्टर में राजस्थान के सरकारी आईटीआई भिवाड़ी को हब संस्थान बनाया जाएगा, जबकि अलवर, नीमराना, तिजारा और किशनगढ़ बास स्थित सरकारी आईटीआई स्पोक संस्थानों के रूप में कार्य करेंगे। जेन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित 254.30 करोड़ रुपए की योजना को भी मंजूरी मिल गई है। इस क्लस्टर में तेलंगाना के सरकारी आईटीआई मेडचल को हब बनाया जाएगा, जबकि अलवाल, शमीरपेट, कुकुनूरपल्ली और सिद्धिपेट स्थित आईटीआई स्पोक संस्थानों की भूमिका निभाएंगे। मेडचल प्रस्ताव को पहले एनएससी की चौथी बैठक में कुछ परिचालन और वित्तीय स्पष्टीकरण लंबित रहने के कारण स्थगित किया गया था। बाद में उद्योग भागीदार द्वारा पाठ्यक्रम संरचना, वित्तीय गणना, पात्रता, दस्तावेजीकरण और सिविल कार्यों से जुड़े विस्तृत जवाब प्रस्तुत किए गए, जिन्हें संतोषजनक मानते हुए समिति ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उत्तर प्रदेश में नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) द्वारा प्रस्तुत 240.40 करोड़ रुपए की योजना को भी स्वीकृति मिल गई। इस मॉडल में सरकारी आईटीआई, साकेत (मेरठ) को हब संस्थान बनाया जाएगा, जबकि गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर और बागपत के सरकारी आईटीआई स्पोक संस्थानों के रूप में जुड़े रहेंगे। सरकार द्वारा स्वीकृत योजनाओं का उद्देश्य उद्योग-नेतृत्व वाले हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से सरकारी आईटीआई संस्थानों को परिवर्तित करना है। इन निवेशों के जरिए आईटीआई परिसरों के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण, मौजूदा ट्रेडों का उन्नयन, नए दीर्घकालिक और अल्पकालिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत तथा संस्थानों की परिचालन क्षमता को मजबूत किया जाएगा।

नवसारी में पीएम मोदी का स्वागत करने पहुंची बच्चियां, जन्मदिन की दी एडवांस बधाई

नवसारी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात दौरे पर हैं। इस दौरान नवसारी में वह ‘नमो कमलम’ का उद्घाटन करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस मौके पर छोटी-छोटी बच्चियां भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंची जो हाथ में खास तौर पर बनाया गया प्लेकार्ड लेकर प्रधानमंत्री को जन्मदिन की अग्रिम बधाई देती नजर आईं। प्रधानमंत्री का जन्मदिन 17 सितंबर को है लेकिन नवसारी में बच्चियां एडवांस में ही उन्हें शुभकामनाएं देने पहुंची। बच्चियां हाथ में प्लेकार्ड लेकर पहुंची, जिस पर पीएम मोदी के लिए खास बधाई संदेश लिखा है। नवसारी की रहने वाली आरवी मिस्त्री नाम की एक बच्ची ने आईएएनएस से कहा, “प्रधानमंत्री मोदी हमारे शहर नवसारी आ रहे हैं, इसलिए मैं बहुत खुश हूं। पीएम मोदी का मानना है कि ‘महिलाएं ही असली शक्ति हैं’। उन्होंने महिलाओं और लड़कियों के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। जैसे, महिलाओं को मुफ्त शिक्षा मिलनी चाहिए।” बच्ची ने कहा, “पहले माना जाता था कि सिर्फ पुरुष या लड़के ही आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन आज के समय में महिलाएं भी आगे बढ़ रही हैं। मैं उन्हें जन्मदिन की अग्रिम बधाई देना चाहती हूं क्योंकि उनका जन्मदिन 17 सितंबर को है।” वहीं कार्यक्रम स्थल पर मौजुद एक युवक ने कहा, “आज देश की उम्मीदों और ताकत का प्रतिनिधित्व करने वाले सम्मानित प्रधानमंत्री मोदी साहब यहां आ रहे हैं। हम सभी युवा और जेन जी के सबसे पसंदीदा नेता, प्रधानमंत्री मोदी का नवसारी में पूरे जोश और गर्मजोशी के साथ स्वागत करने के लिए बहुत उत्साहित हैं।” बता दें कि इससे पहले वडोदरा में पीएम मोदी का कार्यक्रम हुआ, जहां उन्होंने करीब 25 मिनट जेन-जी से संवाद किया। इस दौरान पीएम मोदी ने युवाओं से झूठे दावों और भ्रामक बातों से सावधान रहने को कहा। इसके बाद अब वह नवसारी पहुंचेंगे, जहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

भारत की पहली बुलेट ट्रेन का ट्रायल अगले साल मई-जून में शुरू होने की उम्मीद : अश्विनी वैष्णव

मुंबई। भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल अगले साल मई और जून में शुरू होने की उम्मीद है। यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को दी। साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ट्रायल शुरू होने के दो से चार महीनों के बाद इसे आम यात्रियों के लिए खोला जाएगा। वडोदरा में ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाई-स्पीड ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम हाल ही में बनकर तैयार हुआ है और उसे स्क्वीज टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। वैष्णव ने कहा, “अगले साल मई या जून तक, भारत की अपनी बुलेट ट्रेन टेस्टिंग के लिए पटरियों पर होगी। 2-4 महीने की टेस्टिंग के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुलेट ट्रेन का उद्घाटन करेंगे।” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के तहत तैयार किया जा रहा है और इससे वडोदरा और मुंबई के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। उन्होंने कहा, “जब आप वडोदरा से बुलेट ट्रेन में सफर करेंगे, तो आप सिर्फ डेढ़ घंटे में मुंबई पहुंच जाएंगे।” वैष्णव ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और सूरत-वापी सेक्शन के इस साल दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। रेलवे सेक्टर में बड़े सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे के ऑपरेटिंग सिस्टम, रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म और निर्माण से जुड़े नियमों को आधुनिक बना रही है। उन्होंने कहा, “हम ऑपरेटिंग सिस्टम और रिजर्वेशन सिस्टम से लेकर पुराने कंस्ट्रक्शन प्रोटोकॉल तक, हर चीज में सुधार और आधुनिकीकरण कर रहे हैं।” वैष्णव ने बताया कि हाल के वर्षों में रेलवे के कई लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं। उन्होंने चेनाब ब्रिज और मिजोरम को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ने वाले रेल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट का जिक्र किया। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, 280 रेलवे स्टेशनों को फिर से विकसित किया गया है और 36,000 किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे भारत टेक्नोलॉजी वाली कार्गो ट्रेनें भी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बावजूद रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की रफ्तार तेज हुई है। उन्होंने बताया कि 2020 में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पहला सेक्शन पूरा होने के बाद, अगले सेक्शन पर काम में तेजी आई। वैष्णव ने कहा, “भारतीय रेलवे का जो आधुनिक स्वरूप उभर रहा है, उससे आने वाली कई पीढ़ियों को फायदा होगा।

आईसीसी टी20 रैंकिंग: श्री चरणी शीर्ष पर बरकरार, दीप्ति शर्मा को फायदा

दुबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा मंगलवार को जारी टी20 गेंदबाजों की सूची में भारत की बाएं हाथ की स्पिनर शीर्ष क्रम पर बरकरार हैं। वहीं, अनुभवी दीप्ति शर्मा को फायदा हुआ है। ताजा रैंकिंग में श्री चरणी पहले, इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टन दूसरे, इंग्लैंड की चार्ली डीन तीसरे, दक्षिण अफ्रीका की एन मल्बा चौथे और इंग्लैंड की लॉरेन बेल पांचवें स्थान पर हैं। भारत की अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा को दो स्थान का फायदा हुआ है। दीप्ति अब छठे स्थान पर चली गई हैं। दीप्ति मौजूदा एशिया कप में शानदार फॉर्म में हैं, उन्होंने तीन मैचों में आठ विकेट लिए हैं और भारतीय टीम को सेमीफाइनल में भारत की बढ़त में अहम भूमिका निभाई है। इंग्लैंड की लिंसे स्मिथ एक स्थान के नुकसान के साथ सातवें है, और पाकिस्तान की नशरा संधु एक स्थान की नुकसान के साथ आठवें नंबर पर हैं। दक्षिण अफ्रीका की मारिजेन कैप को एक स्थान का फायदा हुआ है। वह नौवें नंबर पर हैं। पाकिस्तान की सादिया इकबाल एक स्थान के नुकसान के साथ दसवें स्थान पर हैं। इसके अलावा, एशिया कप में शानदार प्रदर्शन कर रही कुछ अन्य गेंदबाजों को भी आईसीसी रैंकिंग में फायदा मिला है। बांग्लादेश की मारूफा अख्तर ने 19 स्थान की छलांग लगाते हुए 18वें स्थान पर पहुंच गई हैं। श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापट्टू पांच जगह ऊपर चढ़कर 28वीं रैंक पर हैं, और सुल्ताना खातून नौ जगह ऊपर चढ़कर 37वीं रैंक पर हैं। थाईलैंड की थिपाचा पुथावोंग चार जगह ऊपर चढ़कर 47वीं रैंक पर हैं, और उनकी टीम की साथी सुलीपोर्न लाओमी 10 जगह ऊपर चढ़कर 53वीं रैंक पर हैं। महिला टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग पर नजर डालें तो, ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी पहले, ऑस्ट्रेलिया की जॉर्जिया वॉल दूसरे, दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट तीसरे, वेस्टइंडीज की हिली मैथ्यूज चौथे, भारत की स्मृति मंधाना पांचवें, श्रीलंका की चमारी अथापट्टू छठे, भारत की शफाली वर्मा सातवें, न्यूजीलैंड की अमेलिया केर आठवें, ऑस्ट्रेलिया की ताहिला मैक्ग्रा नौवें और भारत की हरमनप्रीत कौर दसवें स्थान पर हैं।

सिनेमा में इतना योगदान देने के बाद भी रंगमंच में जाने से पहले की बेचैनी आज भी वैसी है : अनुपम खेर

मुंबई। अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों अपनी नाटक ‘जाने पहचाने अंजाने’ के लिए अंतर्राष्ट्रीय टूर पर हैं। अभिनेता ने शो में जाने से पहले की बेचैनी के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि अभिनय की दुनिया में इतना योगदान देने के बाद भी रंगमंच में जाने से पहले उनके अंदर की बेकरारी आज भी वैसी की वैसी है। अभिनेता अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट की, जिसमें वे बैकस्टेज से गुजरते हुए स्टेज पर जा रहे हैं। अभिनेता ने अपनी इस पोस्ट के जरिए अपनी बेचैनी को बयां करते हुए लिखा, “स्टेज तक का वो अकेला सफर।” अभिनेता अनुपम खेर ने बताया कि एक थिएटर आर्टिस्ट के लिए सबसे अकेला सफर स्टेज तक का छोटा सा रास्ता होता है। उन्होंने बैकस्टेज के दौरान चल रहे ख्यालों को शब्दों के जरिए पिरोते हुए लिखा, “उस छोटे से सफर में आप अपने ख्यालों, अपने शक, अपनी घबराहट और अपने दिल की धड़कन की आवाज के साथ बिल्कुल अकेले होते हैं। डर लगता है कि क्या होगा अगर मैं स्टेज पर भूल गया? क्या होगा अगर मैं दर्शकों से जुड़ नहीं पाया? क्या होगा अगर आज मेरी रात नहीं है? आप फोकस करने की कोशिश करते हो, एक गहरी सांस लेते हो और खुद को याद दिलाते हो कि इस पल को जीना है।” अभिनेता ने बताया कि भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा में काम करने और इतने कैमरों का सामना करने के बाद स्टेज में जाने से पहले की घबराहट आज भी उतनी ही बरकरार है। उन्होंने लिखा, “मैं 41 सालों से फिल्मों में हूं, अपनी 555वीं फिल्म पर काम शुरू किया है, हजारों बार कैमरे का सामना कर चुका हूं और दुनियाभर के दर्शकों के सामने परफॉर्म कर चुका हूं लेकिन फिर भी, थिएटर के स्टेज पर हर एंट्री से पहले, वो घबराहट आज भी होती है। वो छोटा सा डर आज भी मेरे साथ चलता है।” अभिनेता अनुपम खेर ने शो से जाने से पहले की बेचैनी को आशीर्वाद बताया है। उनका मानना है कि कोई एक्टर जिस दिन नर्वस होना बंद कर देगा, शायद उसी दिन से वो अपने दर्शकों और अपनी कला को हल्के में लेना शुरू कर देगा। उन्होंने लिखा, “डर आपको विनम्र बनाए रखता है। यह आपको याद दिलाता है कि आपने चाहे कितने भी साल परफॉर्म किया हो, हर नया दर्शक एक नई शुरुआत है और फिर आप स्टेज पर कदम रखते हो। लाइट्स आप पर पड़ती हैं, दर्शक आपके साथ सांस लेते हैं और धीरे-धीरे डर फोकस में बदल जाता है, घबराहट एनर्जी में और अकेलापन एक साथ मिलकर खुशी मनाने में बदल जाता है। ये हमारे नाटक ‘जाने पहचान अंजाने’ के लिए डलास में बैकस्टेज से स्टेज तक का मेरा सफर था। कुछ अकेले कदम और उसके बाद थिएटर का जादुई साथ।

महिला विधायकों से दुर्व्यवहार पर तेलंगाना विधानसभा स्पीकर सख्त, रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी

हैदराबाद। तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा प्रवेश द्वार पर सोमवार को हुई उस घटना की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की महिला विधायकों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप है। विधानसभा स्पीकर ने कहा कि वे महिला विधायकों का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने बीआरएस को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आज विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद बीआरएस नेताओं ने काला बैज पहनकर अपना रोष प्रकट करते हुए इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने पूछा, “आखिर सरकार और पुलिस इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करने जा रही है।” विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि सीएम रेवंत रेड्डी ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं का सम्मान करती है। साथ ही, उन्होंने मुख्य विपक्षी दल को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस मामले में रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बीआरएस के उपनेता टी. हरीश राव ने विधानसभा में पुलिस की ओर से महिला विधायकों के साथ की गई बदतमीजी पर रोष जाहिर किया। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस की ओर से महिला विधायक और पूर्व मंत्री सबिता इंदिरा रेड्डी और सुनीता लक्ष्मा रेड्डी के साथ किया गया व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। हरीश राव ने कहा कि उन्होंने पुलिस स्टेशन पहुंचकर महिला विधायकों के साथ मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। बीआरएस नेता ने इस प्रकरण को ‘तेलंगाना की महिलाओं’ पर हमला करार दिया। हरीश राव ने कहा कि अगस्त हाउस ‘कौरव सभा’ में तब्दील हो चुका है और उनका भी वही हश्र होगा, जो कौरवों का हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष ने हरीश राव के व्यवहार पर नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें (अध्यक्ष को) इसलिए गुस्सा आना चाहिए क्योंकि उनकी मां के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। प्रसाद कुमार ने कहा कि वह सबिता इंद्रा रेड्डी और सुनीता लक्ष्मा रेड्डी का बहुत सम्मान करते हैं और वे उनकी आठ बहनों की तरह ही उनकी बहनें हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि रिपोर्ट मिलने के बाद वह उचित कार्रवाई करेंगे। मंत्री श्रीधर बाबू ने आरोप लगाया कि बीआरएस विधायक विधानसभा अध्यक्ष को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां बेहद निंदनीय हैं। वहीं, हरीश राव ने कहा कि बीआरएस एमएलसी टाटा मधु पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्होंने अध्यक्ष के खिलाफ कोई अपमानजनक या अभद्र शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

सऊदी अरब और लाल सागर में हूती हमलों की कतर ने की न‍िंदा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की सख्‍त कार्रवाई की अपील

दोहा। कतर ने लाल सागर में व्यापारिक जहाजों और सऊदी अरब के शहरों में हूती समूहों के हमलों की न‍िंदा की। कतर ने कहा हूती समूह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और आवाजाही की स्वतंत्रता को खतरे में डाल रहा है। कतर ने ऐसी गैर-जिम्मेदाराना हरकतों को तुरंत रोकने की आवश्यकता पर जोर देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। कतर व‍िदेश मंत्रालय ने सोशल मीड‍िया ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में नागरिक ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने वाले हूती समूहों के हमलों की न‍िंदा की। कतर व‍िदेश मंत्रालय ने पोस्‍ट में कहा, “सऊदी अरब के आभा, खमीस मुशैत, जाजान और नज्रान शहरों में हूती समूहों ने नागरिक और आर्थिक महत्व के ठिकानों को निशाना बनाया। यह बेहद न‍िंदनीय है। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिक घायल हुए हैं। इसके अलावा यह समूह लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा तथा आवाजाही की स्वतंत्रता को खतरे में डाल रहा है।” कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये हमले बेहद निंदनीय और आक्रामक हरकत हैं। यह आम नागरिकों की जान और क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया दिखाता है। साथ ही यह सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन, अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन और क्षेत्र की शांति व स्थिरता के लिए खतरनाक तनाव बढ़ाने वाला कदम है। मंत्रालय ने कहा कि कतर नागरिक ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने का पूरी तरह विरोध करता है और ऐसी गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की आवश्यकता पर बल देता है। कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी जिम्मेदारी निभाने और इन उल्लंघनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की अपील की है। साथ ही उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों को लागू करने की मांग की है, जिनमें यमन पर प्रस्ताव 2216 और लाल सागर में नौवहन की सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़ा प्रस्ताव 2722 प्रमुख हैं। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है, जिसकी गारंटी 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) की ओर से दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि कतर ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दोहराते हुए कहा कि वह उसकी संप्रभुता, सुरक्षा, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले सभी वैध कदमों में उसके साथ खड़ा है। मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा, कतर की सुरक्षा और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों की सामूहिक सुरक्षा से अलग नहीं है, बल्कि उसका एक अहम हिस्सा है। कतर ने हमलों में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और ईश्वर से प्रार्थना की कि सऊदी अरब और वहां की जनता को हर तरह के नुकसान और खतरे से सुरक्षित रखे।

श्रीलंका पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पारंपरिक अंदाज में हुआ गर्मजोशी से स्वागत

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह श्रीलंका पहुंच चुके हैं। श्रीलंका पहुंचने पर उनका गर्मजोशी और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। रक्षामंत्री के आगमन व स्वागत के लिए बंडारानायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर श्रीलंका सरकार के प्रतिनिधि व भारतीय उच्चायुक्त मौजूद रहे। वह 8 से 10 सितंबर तक श्रीलंका की तीन दिवसीय आधिकारिक पर हैं। अपनी यात्रा के पहले दिन वह मंगलवार को नई दिल्ली से कोलंबो पहुंचे हैं। यहां हवाई अड्डे पर श्रीलंका के रक्षा उपमंत्री मेजर जनरल अरुण जयसेकरा (सेवानिवृत्त) और श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने रक्षा मंत्री की अगवानी की। श्रीलंकाई पक्ष की ओर से किया गया पारंपरिक स्वागत दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे घनिष्ठ, मैत्रीपूर्ण और भरोसेमंद संबंधों को दर्शाता है। राजनाथ सिंह की यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच पहले से मजबूत संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात और बातचीत करेंगे। मंगलवार को ही वे यहां भारतीय उच्चायुक्त से जुड़े महत्वपूर्ण लोगों से भी मुलाकात करने वाले हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और समुद्री साझेदारी इस यात्रा के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेंगे। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और श्रीलंका की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए समुद्री सुरक्षा दोनों देशों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भारत का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी श्रीलंका पहुंचा है। बातचीत के दौरान आपसी हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि भारत और श्रीलंका के संबंध केवल रणनीतिक और रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्ते भी बेहद गहरे हैं। रक्षा मंत्री की यात्रा के दौरान इन संबंधों को और मजबूत करने पर भी जोर रहने की उम्मीद है। अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह कोलंबो में भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात करेंगे। वह श्रीलंका में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से संवाद भी करेंगे। रक्षा मंत्री की तीन दिवसीय यात्रा को भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में मजबूत समुद्री एवं रक्षा साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति से भारतीय राजदूत ने की शिष्टाचार भेंट, बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर हुई बात

ढाका। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने मंगलवार को बंगभवन में बांग्लादेश के राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर से शिष्टाचार भेंट की और द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर जोर दिया। बैठक के दौरान, त्रिवेदी और आलमगीर ने दोनों देशों के लोगों के आपसी फायदे के लिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। ढाका में भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर कहा, “उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बंगभवन में बांग्लादेश के राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर से शिष्टाचार भेंट की। उच्चायुक्त ने राष्ट्रपति को हार्दिक बधाई दी और बांग्लादेश के लोगों की निरंतर सेवा के लिए उनकी सफलता की कामना की।” इसमें आगे कहा गया, “इस चर्चा में भारत और बांग्लादेश के बीच गहरे संबंधों पर जोर दिया गया, जो साझा इतिहास, करीबी सांस्कृतिक संबंधों और लोगों के बीच आपसी रिश्तों पर आधारित हैं। उन्होंने दोनों संप्रभु देशों के लोगों के आपसी फायदे के लिए द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।” पिछले महीने ही बांग्लादेश को अपना नया राष्ट्रपति मिला है। आलमगीर ने 21 अगस्त को बंगभवन में बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। इस बीच, यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (यूएनबी) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय दूत ने सोमवार को उम्मीद जताई कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान सही समय पर भारत का दौरा करेंगे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हमें पूरा भरोसा है… सही समय पर… बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के लिए हमेशा निमंत्रण खुला है, और उन्हें यह पता है।” पिछले महीने, भारत ने कहा था कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री रहमान को बिम्सटेक के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक) बंगाल की खाड़ी के तटीय और आस-पास के इलाकों में स्थित सात सदस्य देशों का एक समूह है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, यह दक्षिण एशिया को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाली एक अनोखी कड़ी है, जिसमें दक्षिण एशिया से पांच सदस्य (बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका) और दक्षिण-पूर्व एशिया से दो सदस्य (म्यांमार और थाईलैंड) शामिल हैं।

कनाडा रणनीतिक उलझन और अमेरिकी दबाव का शिकार, हमारे खिलाफ तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा तथ्य: ईरान

तेहरान। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने मंगलवार को कनाडा की व‍िश्‍वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्‍होंने कहा क‍ि कनाडा एक तरफ शांति और सुरक्षा, समुद्री मार्गों की आजादी की बात करता है और दूसरी तरफ दबाव में आकर अमेर‍िका की कार्रवाई का समर्थन करता है। बाघेई ने कहा क‍ि कनाडा खुद अमेरिका की अविश्वसनीय नीतियों से पीड़ि‍त है, फ‍िर भी उसके दवाब में हमारे ख‍िलाफ तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने वाले बयान दे रहा है। यह स्‍थ‍ित‍ि रणनीतिक उलझन और दबाव के आगे झुकने का प्रदर्शन है। बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट किया, ”जिस दिन अमेरिका के राष्ट्रपति ने कनाडा की संप्रभुता और स्वतंत्रता की खुली अनदेखी करते हुए पूरे कनाडा को अमेरिका का हिस्सा बताया, उसी दिन कनाडा के विदेश और वित्त मंत्रियों ने अपने दबाव बनाने वाले पड़ोसी को और खुश करने का रास्ता चुना। इस बार उन्होंने ईरान के खिलाफ ऐसा बयान दिया, जो हमारे क्षेत्र की स्थिति से जुड़े तथ्यों को गलत तरीके से पेश करता है।” उन्‍होंने कहा क‍ि कनाडा अच्छी तरह जानता है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किए जाने से पहले होर्मुज स्‍ट्रेट खुला और सुरक्षित था। बाघेई ने कहा क‍ि कनाडा एक तरफ खुद को ‘शांति और सुरक्षा’, ‘समुद्री मार्गों की आजादी’ और ‘अंतरराष्ट्रीय कानून’ का समर्थक बताता है, लेकिन दूसरी तरफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और हमारे क्षेत्र में उसकी गैरकानूनी दखलअंदाजी वाली नीतियों का समर्थन करता है। ऐसे में उसके दावे भरोसेमंद नहीं लगते। उन्‍होंने कहा, कनाडा ने खुद भी अमेरिका की अविश्वसनीय नीतियों का अनुभव किया है और जानता है कि अमेरिका के वादे कितने अस्थायी हो सकते हैं। अगर वास्तव में समुद्री मार्गों की आजादी ही मुख्य मुद्दा है, तो फिर कनाडा, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और आर्थिक दबाव का समर्थन क्यों कर रहा है? वह अमेरिका की आक्रामक नीतियों, नाकेबंदी और आर्थिक युद्ध को खत्म करने की मांग क्यों नहीं करता? यह न तो कूटनीति है और न ही जिम्मेदार शासन का उदाहरण। यह रणनीतिक उलझन और दबाव के आगे झुकने का प्रदर्शन है। ऐसा फैसला कनाडा को भी अमेरिकी दबाव और आक्रामक रवैये से बचा नहीं पाएगा।