स्टील बर्ड इंटरनेशनल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मानव कपूर ने ACMA के सालाना सेशन 2026 में ‘आफ्टरमार्केट पिलर’ की अध्यक्षता की

नई दिल्ली ।ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (ACMA) ने नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में अपनी सालाना आम बैठक (AGM) और सालाना सेशन 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इसमें इंडस्ट्री के लीडर्स और स्टेकहोल्डर्स ने “बियॉन्ड रेजिलिएंस” (लचीलेपन से आगे) थीम के तहत भारत के ऑटोमोटिव कंपोनेंट इकोसिस्टम के भविष्य पर चर्चा की।इस सालाना सेशन की एक खास बात स्टील बर्ड इंटरनेशनल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ACMA एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य श्री मानव कपूर की भागीदारी थी। उन्होंने ‘आफ्टरमार्केट पिलर’ की अध्यक्षता की और भारत के ऑटोमोटिव आफ्टरमार्केट में बदलती स्थितियों और अवसरों पर चर्चा का नेतृत्व किया।”बियॉन्ड रेजिलिएंस” थीम ने इंडस्ट्री के उस बदलाव को दिखाया जिसमें वह मुश्किलों से निपटने के बजाय टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाली कॉम्पिटिटिवनेस (प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता) बनाने और भारत को ऑटोमोटिव और मोबिलिटी इकोसिस्टम में एक मजबूत ग्लोबल ताकत के रूप में स्थापित करने की ओर बढ़ रही है।आफ्टरमार्केट पिलर की चर्चाओं में सेक्टर में हो रहे बदलावों पर फोकस किया गया, जिसमें टेक्नोलॉजी को अपनाना, ऑटोमेशन, लोकलाइजेशन, सप्लाई-चेन में बदलाव, सस्टेनेबिलिटी, ग्राहकों की बदलती उम्मीदें और ऑर्गनाइज्ड आफ्टरमार्केट चैनलों का बढ़ता महत्व शामिल था।सेशन में बोलते हुए, स्टील बर्ड इंटरनेशनल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मानव कपूर ने कहा, “भारत का ऑटोमोटिव आफ्टरमार्केट एक अहम मोड़ पर है। इंडस्ट्री ने कई मुश्किलों के बावजूद अपनी मजबूती (रेजिलिएंस) साबित की है, लेकिन अब मौका है कि मजबूती से आगे बढ़कर एक ऐसा आफ्टरमार्केट इकोसिस्टम बनाया जाए जो टेक्नोलॉजी-ड्रिवन, ऑर्गनाइज्ड, क्वालिटी पर फोकस करने वाला और ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिटिव हो। मैन्युफैक्चरर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स के बीच सहयोग विकास के अगले चरण को शुरू करने के लिए बहुत ज़रूरी होगा।चर्चाओं में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि आफ्टरमार्केट इंडस्ट्री को तेज़ी से बदलते मोबिलिटी माहौल के हिसाब से खुद को ढालने की ज़रूरत है। कनेक्टेड वाहनों, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, नए वाहन प्लेटफॉर्म और ग्राहकों की बदलती उम्मीदों के आने के साथ, इंडस्ट्री के लोगों ने इनोवेशन और लगातार क्षमता निर्माण के महत्व पर ज़ोर दिया।सेशन में भारत की ग्लोबल ऑटोमोटिव और मोबिलिटी हब बनने की बढ़ती क्षमता पर भी ज़ोर दिया गया, जिसमें लोकलाइजेशन, मजबूत सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी भविष्य के विकास के मुख्य आधार के रूप में उभर रहे हैं। ACMA एग्जीक्यूटिव कमिटी के सदस्य और आफ्टरमार्केट पिलर के चेयर के तौर पर, मानव कपूर की भागीदारी यह दिखाती है कि स्टीलबर्ड इंटरनेशनल इंडस्ट्री-लेवल की उन चर्चाओं में लगातार शामिल है, जिनका मकसद भारत के ऑटोमोटिव आफ्टरमार्केट को मज़बूत करना और इस सेक्टर को ज़्यादा कॉम्पिटिटिव और भविष्य के लिए तैयार इकोसिस्टम की ओर ले जाने में मदद करना है।ACMA का सालाना सेशन सहयोग, इनोवेशन और रणनीतिक बदलाव पर नए सिरे से ध्यान देने के साथ संपन्न हुआ। इसने “लचीलेपन से आगे” (Beyond Resilience) बढ़कर लगातार विकास और ग्लोबल लीडरशिप की ओर बढ़ने के लिए इंडस्ट्री के कमिटमेंट को और मज़बूत किया।
MBD ग्रुप ने ‘अशोक कार्य’ के तहत AASOKA साइंस किट पहल की शुरुआत की

नई दिल्ली। पब्लिशिंग, एडटेक, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट जैसे कई क्षेत्रों में काम करने वाला भारत का एक प्रमुख एजुकेशन-बेस्ड बिज़नेस आर्गेनाइजेशन MBD ग्रुप ने आज अपने संस्थापक अशोक कुमार मल्होत्रा की 81वीं जयंती के मौके पर ‘अशोक संवाद’ लॉन्च करने की घोषणा की। यह एक राष्ट्रीय कॉन्क्लेव है जो लीडरशिप, सोशल इम्पैक्ट और विचारों के आदान-प्रदान के लिए गठित किया गया है। MBD ग्रुप के सोशल इम्पैक्ट अभियानों को ‘अशोक कार्य’ के तहत लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य सार्थक संवाद, सहयोग और समुदाय-आधारित परिवर्तन को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में दिल्ली-NCR के 100 से अधिक स्कूलों के प्रमुखों, शिक्षकों, उद्यमियों, इनोवेटर्स, कलाकारों, जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं, तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्राचार्यों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।’अशोक कार्य’ के तहत MBD ग्रुप ने AASOKA साइंस किट डिस्ट्रीब्यूशन पहल के माध्यम से प्रैक्टिकल लर्निंग के लिए अपनी प्रतिबद्धता को भी मज़बूत किया। 2.5 करोड़ रुपए मूल्य वाले इस डिस्ट्रीब्यूशन का उद्देश्य पूरे भारत में 400 स्कूलों तक पहुंचना और लगभग 25,000 स्टूडेंट्स को फ़ायदा पहुंचाना है। साइंस किट खास तौर पर बजट स्कूलों के लिए डिज़ाइन की गई है और इनमें प्रयोग सामग्री, प्रिंटेड लर्निंग रिसोर्स और डिजिटल सपोर्ट वीडियो शामिल हैं। ये किट शिक्षकों को साइंस क्लास को अधिक रोचक और एक्टिविटी-बेस्ड बनाने तथा छात्रों को वैज्ञानिक कॉन्सेप्ट को प्रैक्टिकल तरीके से समझने में मदद करेंगी।इस पहल के बारे में बात करते हुए MBD ग्रुप की मैनेजिंग डायरेक्टर मोनिका मल्होत्रा कंधारी ने कहा, “भारत आज एक ऐसे महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है, जहाँ आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति और सामाजिक उन्नति को साथ लेकर आगे बढ़ना आवश्यक है। इसके बावजूद शिक्षा, रोजगार क्षमता, सतत विकास, मानसिक स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास जैसी कई बड़ी चुनौतियों का समाधान किसी एक क्षेत्र के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए साझा जिम्मेदारी, सहयोग और ऐसे प्लेटफॉर्म्स की आवश्यकता है, जो विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सार्थक संवाद के लिए एक साथ लाएँ। अशोक संवाद को एक ऐसे प्लेटफॉर्म के तौर पर तैयार किया गया है, जहाँ विचार चर्चा से आगे बढ़कर साझेदारी, नवाचार और ठोस कार्यों को प्रेरित करें तथा अधिक संवेदनशील, सशक्त और समावेशी समुदायों के निर्माण में योगदान दें। यह दृष्टिकोण AASOKA साइंस किट डिस्ट्रीब्यूशन इनिशिएटिव जैसे जमीनी प्रयासों में भी दिखाई देता है, जिसका उद्देश्य अनुभवात्मक (एक्सपीरिएंशियल) शिक्षा को ज्यादा सुलभ बनाना और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच एवं जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना है। शिक्षा और नवाचार के माध्यम से अगली पीढ़ी को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा स्वागत समारोह कार्यक्रम का आयोजन

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा स्वागत समारोह कार्यक्रम का आयोजन । कार्यक्रम में पूर्व में रही महिला मोर्चा अध्यक्ष योगिता सिंह, महामंत्री भाजपा दिल्ली प्रदेश, पूर्व अध्यक्ष ऋचा पांडे, दिल्ली महिला आयोग अध्यक्षा लता गुप्ता, सारिका जैन उपाध्यक्ष भाजपा, सोना कुमारी उपाध्यक्ष भाजपा, प्रवीणा मंत्री भाजपा दिल्ली प्रदेश, सदस्य महिला आयोग श्याम बाला, मालती वर्मा, रेनू भल्ला, सनरिका झा ने मंच की शोभा बढ़ाई।दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा के सभी पदाधिकारियों ने समय पर पहुँचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने अपना परिचय देकर सभी शीर्ष पदाधिकारियों का धन्यवाद किया। सभी का स्वागत परम्परागत तरीके से पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत की कड़ी को पूरा किया।महिला आयोग की अध्यक्षा लता गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि जिन्हे पद मिला है उन्हें अपनी जिम्मेदारी के साथ, जिन्हे कोई पद नहीं मिला उनको भी साथ लेकर चलना है और सबसे पहले आपके ऊपर अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी की उस कार्य को पूरा मजबूती से करना है।दिल्ली प्रदेश महामंत्री योगिता सिंह ने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि संगठन की शक्ति सबको जोड़कर आपस में काम करने की भावना है। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह उनका सफर विभिन्न पदों पर काम करते हुए सीखते हुए अविस्मरणीय रहा और भविष्य में भी रहेगा। सभी महिला मोर्चा की पदाधिकारियों को टीम वर्क करने की सलाह दी और बताया कि किस तरह निरतर कार्य में लगे रहने से आप भविष्य मे संगठन की धारा मे जुड़कर आगे बढ़ सकते है।उसके बाद पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्षा ऋचा पांडे जी का उदबोधन रहा, जिसमें उन्होंने 25 साल पूरे होने पर सेवा संकल्प अभियान रहेगे। महिला मोर्चा के दायित्व में आँगन का उत्सव मनाया जाएगा। दिल्ली में 10800 आंगनवाड़ियों में जाकर लोकसभा के अंतर्गत प्रभारी बनाकर सेल्फ हेल्प ग्रुपों में जाकर, मंडल में संयोजक बनाकर , विधानसभा में प्रभारी बना कर , ग्रुपों में जाकर बड़ी-छोटी आंगनवाड़ियों में बच्चों के लिए हेल्थी फल फ्रूट, बिस्किट्स जाकर वितरण करेंगे। आंगन उत्सव कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न प्रकार से खेल प्रतियोगिताओं व अन्य माध्यम से उनके पेरेंट्स से भी मिलेंगे।सोना कुमारी जी ने अपने इक्स्पीरीअन्स साझा करते हुए बताया कि किस तरह पॉजिटिव माइंड सेट लेकर हमें कार्य को तत्परता से और अग्रणी होकर करे एवं संगठन की शक्ति को समझें।अर्चना गुप्ता महिला मोर्चा अध्यक्ष ने सभी को अपने उद्बोधन में आग्रह किया कि जो भी काम मिले उसे अपनी टीम और बहनों को जागरूक कर प्रशिक्षण दें और संगठन के कार्य को सुचारू रूप से आगे बढ़ाए।जिलाध्यक्षो एवं जिले की प्रभारी या लोकसभा प्रभारी बनकर ज्यादा से ज्यादा कार्य करें।
एसएमई क्षेत्र की मजबूती से ही तय होगी देश की आर्थिक तरक्की : डॉ. कपिल चोपड़ा

नई दिल्ली।भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले एमएसएमई और छोटे उद्योगों को आज भी अपने दैनिक संचालन और विकास में कई गंभीर और जटिल बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें सबसे बड़ी समस्या समय पर भुगतान न मिलने की है जिसके कारण उनका नकदी प्रवाह बुरी तरह प्रभावित होता है। इसके साथ ही, महंगे कर्ज के बोझ तले दबे उद्यमियों के लिए अपने व्यवसाय का विस्तार करना बेहद कठिन हो जाता है, जबकि जटिल नियम-कानूनों की औपचारिकताएं और स्थानीय बाजारों तक ही सीमित पहुंच जैसी अन्य समस्याएं इस सैक्टर की रफ्तार को लगातार धीमा कर रही हैं। इन तमाम चुनौतियों से पार पाने और देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एपेक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रैसिडेंट डॉ. कपिल चोपड़ा ने कुछ व्यावहारिक और प्रभावी समाधान सुझाए हैं, उनका मानना है कि यदि एसएमई सैक्टर को गति देनी है, तो उद्योगों को कम ब्याज दरों पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इकाइयों को उनके उत्पादों और सेवाओं का भुगतान समयबद्ध तरीके से मिले, इसके लिए सख्त व्यवस्था होनी चाहिए। व्यापार को आसान बनाने के लिए जटिल नियमों को सरल किया जाना चाहिए और छोटे उद्यमियों के उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंच प्रदान करने के लिए बेहतर मंच तैयार किए जाने चाहिए। श्री चोपड़ा ने कहा कि जब तक देश का एसएमई और लघु उद्योग पूरी तरह से मजबूत और आत्मनिर्भर नहीं बनता, तब तक राष्ट्र की समग्र आर्थिक प्रगति को गति मिलना संभव नहीं है, इसलिए इस सैक्टर की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
एक शिक्षक : जो अनंत काल को आकार देता है

नई दिल्ली।डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। वे भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति थे और एक महान शिक्षक एवं दार्शनिक भी थे। उनका जीवन हमें शिक्षक के सम्मान, जिम्मेदारी और शिक्षा के महत्व की याद दिलाता है। उनका जीवन और विचार हमें यह समझाते हैं कि शिक्षक केवल पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन और पूरे समाज को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है।हेनरी एडम्स ने बहुत सुंदर कहा है एक शिक्षक का प्रभाव अनंत होता है; वह कभी नहीं जान सकता कि उसका प्रभाव कहाँ तक पहुँचता है।वास्तव में, शिक्षक का एक छोटा-सा प्रोत्साहन, प्यार भरा शब्द, धैर्य या संवेदनशील व्यवहार किसी बच्चे के जीवन पर ऐसा प्रभाव डाल सकता है, जो जीवनभर उसके साथ रहता है।आज के समय में तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है, लेकिन शिक्षक की भूमिका सबसे अलग और महत्वपूर्ण है। शिक्षक बच्चों में जिज्ञासा जगाते हैं, आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, अच्छे संस्कार देते हैं, साहस भरते हैं और उनके लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलते हैं। शिक्षक का कार्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना या परीक्षा की तैयारी करवाना नहीं है। वे आने वाली पीढ़ी के जिम्मेदार नागरिक, अच्छे नेता, रचनात्मक विचारक और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों का निर्माण करते हैं।एक शिक्षक की सफलता केवल बच्चों के अंकों या परीक्षा के परिणामों से नहीं मापी जा सकती। उनकी सच्ची सफलता उस आत्मविश्वास, साहस और अच्छे मूल्यों में दिखाई देती है, जो वे अपने विद्यार्थियों में विकसित करते हैं। बच्चा किसी पाठ या सूत्र को भूल सकता है, लेकिन वह उस शिक्षक को हमेशा याद रखता है, जिसने उस पर विश्वास किया, उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उसकी क्षमता को पहचानने में उसकी मदद की।इस शिक्षक दिवस पर आइए, हम उन सभी शिक्षकों का सम्मान करें, जो केवल अपने शब्दों से नहीं, बल्कि अपने आचरण, संस्कार और उदाहरण से भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं। उनका प्रभाव कक्षा की सीमाओं से कहीं आगे तक जाता है और आने वाली पीढ़ियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।ईश्वर प्रत्येक शिक्षक को ज्ञान, शक्ति, धैर्य और करुणा प्रदान करें, ताकि वे इसी तरह बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के अपने महान कार्य को आगे बढ़ाते रहें।हर उस शिक्षक को हमारा हृदय से आभार और नमन, जो अपना समय, समर्पण और स्नेह देकर बच्चों के जीवन को संवारते हैं। आपका योगदान केवल शिक्षा तक सीमित नहीं हैआप मन को आकार देते हैं, सपनों को पंख देते हैं और एक-एक बच्चे के माध्यम से राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं।
शिक्षा समिति के चुनाव में योगेश वर्मा एडवोकेट अध्यक्ष एवं अमित खड़खड़ी उपाध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित

नई दिल्ली।दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति के संपन्न हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ओर से योगेश वर्मा एडवोकेट को अध्यक्ष तथा अमित खड़खड़ी को उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकित किया गया था। आम आदमी पार्टी की ओर से इन दोनों पदों के लिए कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया। जिसके पश्चात योगेश वर्मा एवं अमित खड़खड़ी दोनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा एडवोकेट ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने उन पर दोबारा विश्वास व्यक्त किया है, जिसके लिए वे पार्टी नेतृत्व के आभारी हैं।उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम के लगभग 1500 प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करना तथा विद्यालयों के शैक्षणिक एवं भौतिक स्तर में सुधार करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में कई नए एवं महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे, ताकि निगम के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर वातावरण और बेहतर अवसर मिल सकें। योगेश वर्मा ने कहा कि “हमारा लक्ष्य केवल स्कूलों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर सुविधाएं और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना है। निगम के स्कूलों में पढ़ने वाला हर बच्चा हमारी जिम्मेदारी है और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।उन्होंने अपने निर्विरोध निर्वाचन पर सभी पार्टी कार्यकर्ताओं, सहयोगियों, शिक्षा समिति के सदस्यों तथा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से धन्यवाद किया और कहा कि सभी के सहयोग एवं मार्गदर्शन से शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी कार्य किए जाएंगे।नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष अमित खड़खड़ी ने भी पार्टी नेतृत्व एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अध्यक्ष के साथ मिलकर पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने का विश्वास दिलाया।
एमसीडी नियमों को ताक पर रखकर तदर्थ समिति का चुनाव कराने पर भाजपा के खिलाफ आप” का हल्ला बोल

नई दिल्ली।आम आदमी पार्टी ने नियम विरुद्ध एमसीडी के तदर्थ समिति का चुनाव कराने पर भाजपा के खिलाफ सिविक सेंटर में जमकर प्रदर्शन किया। गुरुवार को अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति का चुनाव अपराह्न 3 बजे होना निर्धारित था, लेकिन भाजपा शासित एमसीडी ने नियमों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की धज्जियां उड़ाते हुए चुनाव 2:50 बजे ही करा दिया। साथ ही, समिति में अपना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के लिए नियम विरुद्ध जाकर दलित सदस्यों की संख्या 35 से घटाकर 21 कर दी। इसके खिलाफ “आप” पार्षदों ने मेयर कार्यालय का घेराव किया और चुनाव को तत्काल रद्द करने की मांग की।इस बाबत एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि सिविक सेंटर में गुरुवार को आयोजित तदर्थ समिति चुनाव में भाजपा शासित एमसीडी ने एक बार फिर अपना दलित विरोधी रवैया उजागर किया। अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति का चुनाव अपराह्न 3 बजे होना निर्धारित था, लेकिन भाजपा शासित एमसीडी ने नियमों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की धज्जियां उड़ाते हुए चुनाव 2:50 बजे ही करा दिया।उन्होंने कहा कि भाजपा के इसी दलित विरोधी और अलोकतांत्रिक रवैये के खिलाफ आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने भाजपा महापौर कार्यालय में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी की मांग है कि इस चुनाव को तत्काल रद्द किया जाए और अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति में सदस्यों की संख्या 21 से बढ़ाकर पुनः 35 की जाए, ताकि समिति का गठन निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से हो सके।अंकुश नारंग ने कहा कि तदर्थ समिति चुनाव के दौरान भाजपा शासित एमसीडी ने अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति में अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के उद्देश्य से समिति में दलित सदस्यों की संख्या 35 से घटाकर मात्र 21 कर दी। भाजपा के इस कदम के विरोध में आम आदमी पार्टी ने दलित समाज के प्रतिनिधित्व को कम करने की कोशिश के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि सदस्यों की संख्या कम करने के खिलाफ उन्होंने एमसीडी को पत्र भी लिखा था और इस चुनाव को टालने का आग्रह किया था। उन्होंने मांग की थी कि दलित सदस्यों की संख्या पुनः 21 से बढ़ाकर 35 किया जाए, इसके बाद चुनाव कराया जाए। लेकिन भाजपा ने मनमानी करते हुए चुनाव करा दिया।अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा की चार इंजन सरकार की दलित विरोधी मानसिकता आज एक बार फिर पूरी दिल्ली के सामने आ गई। भाजपा महापौर प्रवेश वाही ने दलित पार्षदों और दिल्ली के दलित समाज के अधिकारों को कुचलते हुए चुनाव कराया। दलित पार्षद अपने हक और अधिकारों की लड़ाई के लिए भाजपा महापौर के सामने डटे रहे। दिल्ली के दलितों के अधिकारों के लिए वे हर संघर्ष करने को तैयार हैं। दलितों का हक छीनने वाली भाजपा की इस तानाशाही के खिलाफ आम आदमी पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी।अंकुश नारंग ने कहा कि सूत्रों के अनुसार, आज जब दलित पार्षद अपने अधिकारों और हकों की आवाज़ उठाने के लिए महापौर कार्यालय पहुंचे, तो उनकी बात सुनने और न्याय करने के बजाय दलित पार्षदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। भाजपा की चार इंजन सरकार और भाजपा महापौर प्रवेश वाही की यह कार्यशैली साफ़ तौर पर दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाती है। दलितों के अधिकारों की आवाज़ दबाने की हर कोशिश के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।उधर, एमसीडी की सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि एससी-एसटी समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन होना था, लेकिन भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता ने एक बार फिर दलित समाज और दलित पार्षदों को धोखा दिया है। जिस समिति में 35 सदस्य हुआ करते थे, उसे बदलकर 21 सदस्यों का कर दिया गया क्योंकि भाजपा के पास पर्याप्त संख्या नहीं थी। भाजपा के पास सिर्फ 11 दलित पार्षद थे, जबकि आम आदमी पार्टी के पास 29 थे (जिनमें से दो के भाजपा में जाने के बाद उनका आंकड़ा 13 और हमारा 27 रह गया)। भाजपा अच्छी तरह जानती थी कि बहुमत आम आदमी पार्टी के पास है और अध्यक्ष व उपाध्यक्ष उसी का बनेगा। इसी वजह से अपनी गंदी मानसिकता दिखाते हुए उन्होंने 14 दलित पार्षदों को बाहर का रास्ता दिखा दिया, जो समिति में शामिल होकर अपने समाज के मुद्दे उठा सकते थे।प्रीति डोगरा ने कहा कि भाजपा की मानसिकता हमेशा से दलित विरोधी रही है। जो चुनाव दोपहर 3 बजे होना था, वह आधे घंटे पहले ही करा लिया गया, जिससे आम आदमी पार्टी के सदस्यों को शामिल होने का मौका तक नहीं मिला। यह भाजपा की मनुवादी और दलित विरोधी सोच को उजागर करता है। आज वाल्मीकि, जाटव, खटीक सहित सभी दलित समाजों के साथ भाजपा ने धोखा किया है, जिसे दलित समाज बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। हमारी मांग है कि मेयर जल्द से जल्द इस समिति को निलंबित कर भंग करें और दोबारा 35 सदस्यों के साथ इसका गठन करें। भाजपा यह कान खोलकर सुन ले कि हमारे दलित पार्षद उनकी मनुवादी सोच के सामने झुकने वाले नहीं हैं।वहीं, निगम पार्षद सारिका चौधरी ने कहा कि भाजपा ने आज फिर घटिया राजनीति की है। जब उन्हें लगा कि आम आदमी पार्टी के पार्षदों की तादाद ज्यादा है और चेयरमैन उनका बन जाएगा, तो उन्होंने 35 की जगह 21 सदस्यों की समिति कर दी और चुनाव आधा घंटा पहले ही करवा लिया। एससी समुदाय के पार्षद सुरक्षित सीटों से जीतकर आते हैं और अपने क्षेत्रों में दलितों, महिलाओं और सफाई कर्मचारियों पर होने वाले अत्याचारों और समस्याओं की आवाज इस समिति में उठाते हैं। आज भाजपा ने उस आवाज को दबाने का काम किया है और आम आदमी पार्टी के पार्षदों के नाम काट दिए गए।सारिका चौधरी ने कहा कि भाजपा हमेशा वोटों के लिए दलित समाज की बात करती है, लेकिन जब हकों की बात आती है तो दलितों को पीछे धकेल कर उन पर अत्याचार करती है। आज दिल्ली के अलग-अलग कोनों से आए सभी दलित पार्षदों के दिलों को ठेस पहुंची है। हमारी मांग है कि गलत तरीके से बनाई गई इस अवैध समिति को भंग किया जाए और 35 सदस्यों के साथ इसका दोबारा गठन हो। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम भाजपा के खिलाफ कोर्ट तक जाएंगे उधर, निगम पार्षद मोहिनी जिनवाल ने कहा कि चुनाव का समय दोपहर 3 बजे था, लेकिन भाजपा ने इसे 2:30
मुरादनगर क्षेत्र में अवैध कालोनियों को जीडीए ने किया ध्वस्त

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष के निर्देशों के अनुपालन में अवैध निर्माण अवैध कालोनियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने के क्रम में गुरूवार को प्रभारी प्रवर्तन जोन-2 के नेतृत्व में अंकित त्यागी दुहाई निवासी व महेश त्यागी द्वारा खसरा सं.-690, शाहपुर मार्ग एच.आर.आई.टी के पीछे राईस मिल्क के पास ग्राम मोरटा के खसरा सं-690 के 5 बीघा क्षेत्रफल में, मुकेश त्यागी, आदेश त्यागी, सचिन त्यागी द्वारा खसरा सं.-86, असालतनगर पर लगभग 7000 वर्ग मी क्षेत्रफल में दिनेश त्यागी पुत्र कुवंरपाल प्रवीण त्यागी द्वारा खसरा सं-622ए ग्राम मोरटा, मुरादनगर, गाजियाबाद में लगभग 10,000 वर्ग मी क्षेत्रफल में एवं माईकल प्रधान द्वारा शोभापुर बम्बा रोड ग्राम-असालतनगर, गांव के उत्तर में, मुरादनगर गाजियाबाद में प्रश्नगत निर्माण लगभग 7000 वर्ग मी क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग की जा रही है। स्थल पर मिट्टी भराव, ईटों से चिनाई करते हुए प्लाटिंग व सडक़ का निर्माण कार्य व बाउन्ड्रीवॉल का निर्माण कार्य किया जा रहा था। जिसका प्राधिकरण से स्वीकृति सम्बन्धी कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। उपरोक्त के विरूद्व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सम्पादित की गयी। ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के समय स्थानीय निर्माणकर्ताओं, कालोनाईजरों द्वारा काफी विरोध किया गया,परन्तु प्राधिकरण पुलिस बल द्वारा उन्हे नियन्त्रित कर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही जारी रखी गयी। स्थल पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के समय सहायक अभियन्ता, अवर अभियन्ता एवं प्रवर्तन जोन-2 के समस्त स्टाफ ,प्राधिकरण पुलिस बल व प्राधिकरण प्रवर्तन दस्ते की उपस्थिति में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। आगामी माह में भी ध्वस्तीकरण, सील की कार्यवाही किये जाने का अभियान जारी रहेगा।
अवैध निर्माण पर चला जीडीए का हथौड़ा

गाजियाबाद। प्रभारी प्रवर्तन जोन 8 के नेतृत्व में उप्र नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत राजबीर द्वारा ग्राम सभापुर लोनी गाजियाबाद पर लगभग 10,000 वर्ग. मी. क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अनाधिकृत कालोनी में लगभग 60-70 भूखण्डों की बाउण्ड्रीवाल, विद्युत पोल्स, सडक़ों आदि का ध्वस्तीकरण किया गया इसके अलावा नवजीवन एन्कलेव लोनी गाजियाबाद पर संतोष तिवारी द्वारा किये गये अवैध निर्माण के विरूद्ध ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सम्पादित की गयी। ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के दौरान निर्माणकर्ता, कालोनाईजरों द्वारा भारी भारी विरोध प्रकट किया गया, परन्तु प्राधिकरण पुलिस बल द्वारा उन्हे नियन्त्रित कर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही जारी रखी गयी। स्थल पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के समय प्रवर्तन जोन-8 के समस्त स्टाफ प्राधिकरण पुलिस बल व प्राधिकरण प्रवर्तन दस्ते की उपस्थिति में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। आगामी माह में भी ध्वस्तीकरण सील की कार्यवाही किये जाने का अभियान जारी रहेगा।
गाजियाबाद के विकास को मिली नई रफ्तार

गाजियाबाद। गाजियाबाद आज तेजी से विकसित होते आधुनिक शहर के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है। शहर में बढ़ती विकास गतिविधियों, आवासीय एवं अवस्थापना विकास की गति तथा निवेश और निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार का सकारात्मक प्रभाव गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के राजस्व संग्रहण पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के विकास शुल्क मद से चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त तक 7,111.24 लाख (लगभग 71.11 करोड़) की राजस्व प्राप्ति हुई है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि में 3,950.33 लाख (लगभग 39.50 करोड़) प्राप्त हुए थे। इस प्रकार एक वर्ष की समान अवधि में 3,160.91 लाख (लगभग 31.61 करोड़) की अतिरिक्त प्राप्ति हुई है, जो लगभग 80.02 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है। इस वृद्धि की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान लगातार कई महीनों में विकास शुल्क की प्राप्ति में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। मई में राजस्व प्राप्ति में लगभग 169 प्रतिशत वृद्धि, जून में लगभग 109 प्रतिशत वृद्धि, जुलाई में लगभग 510 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि, अगस्त में लगभग 499 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि। विशेष रूप से जुलाई एवं अगस्त माह में हुई भारी वृद्धि यह दर्शाती है कि गाजियाबाद में विकास एवं निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आई है तथा विकास संबंधी अनुमतियों,प्रक्रियाओं के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। विकास शुल्क से राजस्व में 80 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि महज राजस्व संग्रहण का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह गाजियाबाद में बढ़ती विकास गतिविधियों और निर्माण क्षेत्र की सक्रियता का एक महत्वपूर्ण संकेतक भी है। शहर में सुनियोजित विकास के साथ-साथ नई आवासीय एवं अन्य विकास गतिविधियों के बढऩे से प्राधिकरण की विकासोन्मुख भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो रही है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा राजस्व संग्रहण की नियमित समीक्षा, लंबित देयों की प्रभावी वसूली, प्रक्रियाओं की निगरानी तथा विकास शुल्क की प्राप्तियों को बढ़ाने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है। राजस्व में हुई यह उल्लेखनीय वृद्धि प्राधिकरण को अपने विकास कार्यों के लिए और अधिक वित्तीय क्षमता प्रदान करेगी। मजबूत राजस्व आधार के माध्यम से सडक़ एवं परिवहन अवस्थापना,जल निकासी,स्ट्रीट लाइट,हरित क्षेत्र,आवासीय योजनाओं तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को गति देने में सहायता मिलेगी। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का प्रयास है कि बढ़ते शहरीकरण को सुनियोजित विकास में परिवर्तित करते हुए गाजियाबाद को आधुनिक सुव्यवस्थित बेहतर अवस्थापना सुविधाओं से युक्त और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक शहर बनाया जाए। विकास शुल्क मद में 80.02 प्रतिशत की वृद्धि इस बात का सकारात्मक संकेत है कि गाजियाबाद में विकास की गति तेज हो रही है और उसके साथ-साथ विकास प्राधिकरण की वित्तीय एवं कार्यान्वयन क्षमता भी निरंतर सुदृढ़ हो रही है।गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा राजस्व वृद्धि को केवल वित्तीय उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि गाजियाबाद के सतत सुनियोजित एवं जनोन्मुख विकास के लिए एक मजबूत आधार के रूप में देखा जा रहा है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि शहर में हो रही विकास गतिविधियों की इस सकारात्मक गति को आगे भी बनाए रखते हुए उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग जनहित एवं गाजियाबाद के समग्र विकास में सुनिश्चित किया जाए।