अश्विनी वैष्णव ने रेलवे सुरक्षा, तकनीकी और रखरखाव संबंधी कमियों के सुधार के निर्देश दिए

नई दिल्ली।केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में एक विस्तृत सुरक्षा समीक्षा बैठक की। बैठक में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेलवे बोर्ड के सदस्य, जोनल रेलवे के महाप्रबंधक, महानिदेशक एवं मंडल रेल प्रबंधक  उपस्थित रहे।रेल मंत्री ने बैठक के दौरान सिग्नलिंग से संबंधित तकनीकी कमियों को मिशन मोड में दूर करने के निर्देश दिए। ओवरहेड इक्विपमेंट के संबंध में, जिन स्थानों पर कंपोनेंट्स की निर्धारित सेवा अवधि पूरी हो चुकी है, वहां उनके रखरखाव और प्रतिस्थापन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।रेल मंत्री ने कोचों के रखरखाव, विशेषकर फायर सेफ्टी से संबंधित इलेक्ट्रिकल सर्किट एवं वायरिंग पर विशेष ध्यान देकर वर्कशॉप में मेंटेनेंस के स्तर को सुधारने के निर्देश दिए। रेल मंत्री ने वैगन और कोच के कपलर तथा पहियों के रखरखाव पर भी  ध्यान देने को कहा।ट्रैक के रखरखाव के संबंध में पॉइंट मशीन, टर्नआउट और फास्टनर का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जहां कहीं भी फास्टनर नहीं हैं, वहां उन्हें लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।बैठक में खराब गुणवत्ता वाली आपूर्ति के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन ट्रैक, कोच अथवा वैगन से संबंधित सामग्री की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित सप्लायर के विरुद्ध कठोर कार्रवाई  सुनिश्चित करने को कहा गया। जानबूझकर की गई लापरवाही के मामलों में संबंधित सप्लायर को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने के भी निर्देश दिए गए।रेल मंत्री ने सभी अधिकारियों को जिला एवं राज्य प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर उन स्थानों पर अग्रिम तैयारियां करने को कहा, जहां त्योहारों या मेलों के कारण अचानक यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, ताकि वहां आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।

बिहार में कोसी समेत आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ से 13 जिले प्रभावित

पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। गुरुवार को आठ प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं। गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा नदियों में जल स्तर बढ़ गया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। बाढ़ से 13 जिले प्रभावित हुए हैं और कई क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर के कारण लोगों को व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है। पटना प्रशासन हाई अलर्ट पर है, क्योंकि गंगा, सोन और पुनपुन नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। पटना में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 127 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है, जबकि दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 61 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से लगभग 2.01 मीटर ऊपर बह रही है, जिससे बाढ़ का पानी आसपास के घरों में घुस रहा है। इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में 5.54 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप मनेर, दानापुर, बख्तियारपुर और मोकामा के नदी तटीय क्षेत्रों में पानी तेजी से फैल गया है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए 12 सरकारी नौकाएं तैनात की हैं। समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.50 मीटर ऊपर चढ़ गया है। हाथीदाह और कहलगांव में भी गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मुंगेर में भी गंगा चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है। भागलपुर में गंगा के किनारे हो रहे भीषण कटाव ने राघोपुर-काजीकोरिया तटबंध और रेलवे के बांध की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। बांध की सुरक्षा के लिए अधिकारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। मिट्टी के कटाव को रोकने के अभियान के तहत रेत की बोरियों को लाने-ले जाने और गिराने के लिए लगभग 200 ट्रैक्टर और तीन स्टीमर तैनात किए गए हैं। रोहतास के नौहट्टा में सोन नदी का बढ़ता जलस्तर लगभग 100 लोगों को नदी के छोटे-छोटे द्वीपों पर फंसे होने का कारण बना है, जहां वे कृषि गतिविधियों में लगे हुए थे। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण अधिकारी उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में दरभंगा, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, खगड़िया, वैशाली, बेगुसराय, भागलपुर, समस्तीपुर और मुंगेर शामिल हैं। बाढ़ की स्थिति बिगड़ने के साथ ही प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने की तैयारी शुरू हो गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। इस आकलन में फसलों, पशुधन और घरों को हुए नुकसान को शामिल किया जाएगा, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र परिवारों को शीघ्र ही राहत सहायता प्राप्त हो। राज्यभर में बाढ़ की स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए अधिकारी नदी के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

भारत और बेल्जियम मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाएंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भारत-बेल्जियम संबंधों का “मुख्य स्तंभ” बताया और घोषणा की कि दोनों देश मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। नई दिल्ली में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच मजबूत संबंध भारत और बेल्जियम को “स्वाभाविक साझेदार” बनाते हैं। उन्होंने कहा, “रक्षा और सुरक्षा सहयोग हमारे संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ है। आज, हमने दोनों देशों के बीच मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। हमारी सरकारों और रक्षा उद्योगों के बीच हुए समझौते रक्षा क्षेत्र में मिलकर विकास और उत्पादन के नए अवसर पैदा करेंगे। हम अपनी-अपनी एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और अपराध के खिलाफ सहयोग को भी और मजबूत करेंगे।” प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले दशक में भारत और बेल्जियम के बीच साझेदारी ने उल्लेखनीय प्रगति की है और द्विपक्षीय सहयोग का दायरा पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक फैल गया है। उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम आधुनिक रक्षा उपकरणों, जैसे कि जोरावर टैंक, पर मिलकर काम कर रहे हैं और आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स में से एक को विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारत और बेल्जियम के संबंधों की जड़ें इतिहास में गहरी है। पहले विश्व युद्ध में बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान हमारी साझा स्मृति का अहम हिस्सा है। आज लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच आपसी गहरे संबंध हमें स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।” भारत की आर्थिक वृद्धि की सराहना करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों जैसे चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है। प्रधानमंत्री ने कहा, “आज, दुनिया बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष जारी हैं, जबकि अनिश्चितता फूड, फ्यूल और सप्लाई चेन जैसे हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी, भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है। भारत ने पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। आज, भारत की विकास गाथा दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत बन रही है।” जनवरी में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के बारे में बात की। पीएम मोदी ने कहा, “इस वर्ष की शुरुआत में हमने ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया। विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच यह अभूतपूर्व सहयोग वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई मजबूती देगा। भारत की निरंतर आर्थिक प्रगति और इस एग्रीमेंट ने हमारे आर्थिक संबंधों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। आज हमने इन संभावनाओं को ठोस परिणामों में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के क्षेत्र में भारत और बेल्जियम के बीच हुए समझौते (एमओयू) से सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पर दोनों देशों के सहयोग को नई गति मिलेगी।

कन्नड़ अभिनेता दुनिया विजय को कोर्ट से मिला तलाक, पत्नी को देना होगा 2 करोड़ गुजारा भत्ता

बेंगलुरु। कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर दुनिया विजय और उनकी पत्नी नागरत्ना के बीच चल रहा लंबे समय का वैवाहिक विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को दोनों के तलाक को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने शादी खत्म करने के साथ ही दुनिया विजय को अपनी पत्नी नागरत्ना को एकमुश्त 2 करोड़ रुपए गुजारा भत्ता देने का भी आदेश दिया है। जस्टिस डीके सिंह और जस्टिस एच. शांतिभूषण की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए शादी खत्म करने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने फैसला लेते समय नागरत्ना की परिस्थितियों, दंपति के तीन बच्चों और दुनिया विजय की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा। इसके अलावा, फिल्म इंडस्ट्री में दुनिया विजय की स्थिति और उनकी कमाई की क्षमता को भी ध्यान में रखा गया। दुनिया विजय और नागरत्ना के बीच यह विवाद कई सालों से चल रहा था। इससे पहले फैमिली कोर्ट ने दुनिया विजय की तलाक की याचिका खारिज कर दी थी। उस समय कोर्ट का कहना था कि दुनिया विजय ने पत्नी पर क्रूरता के जो आरोप लगाए थे, वे साबित नहीं हो पाए। हालांकि, इसके बाद भी दोनों के रिश्ते में सुधार नहीं आया। दुनिया विजय साथ रहने के लिए तैयार नहीं थे जबकि नागरत्ना शुरुआत में तलाक के खिलाफ थीं। मामले की सुनवाई के दौरान दुनिया विजय ने अपनी पत्नी पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा था कि नागरत्ना उनके माता-पिता की ठीक से देखभाल नहीं करती थीं। दोनों के बीच लंबे समय से चल रही अनबन और रिश्ते में आई दूरी को देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले पर विचार किया। कोर्ट ने पत्नी और तीनों बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए आखिरकार तलाक की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही कोर्ट ने नागरत्ना को 2 करोड़ रुपए की एकमुश्त राशि देने का आदेश दिया। दुनिया विजय को यह रकम दो महीने के भीतर चुकानी होगी। अगर वह तय समय के अंदर रकम का भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें 6 फीसदी सालाना ब्याज भी देना होगा। दुनिया विजय की बात करें तो उन्होंने साल 2007 में आई फिल्म ‘दुनिया’ से जबरदस्त पहचान बनाई थी। फिल्म की सफलता के बाद वह कन्नड़ सिनेमा के चर्चित चेहरों में शामिल हो गए। आगे चलकर उन्होंने एक्टिंग के साथ डायरेक्शन और प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया और इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई।

बिहार: अशोक चौधरी बोले- बाढ़ को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सजग, तेजस्वी पर भी भड़के

पटना। बिहार के मंत्री और जदयू के नेता अशोक चौधरी ने गुरुवार को कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पूरी तरह सजग है और निचले इलाकों को खाली कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं है, लेकिन बिहार सरकार का पूरा तंत्र पूरी तत्परता और सजगता के साथ काम कर रहा है। मीडिया से बातचीत में अशोक चौधरी ने कहा कि नेपाल में जारी अलर्ट को देखते हुए जल संसाधन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। कितने क्यूसेक पानी आ रहा है और पानी रोकने की क्षमता कितनी है, इसकी लगातार समीक्षा की जा रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और सोन नदी के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। मध्य प्रदेश में बारिश के कारण सोन नदी में पानी बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में अपेक्षाकृत कम बारिश होने के बावजूद नेपाल और मध्य प्रदेश में होने वाली भारी बारिश का असर बिहार को झेलना पड़ता है। इसी कारण राज्य सरकार लगातार गाद प्रबंधन नीति की मांग कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से मुलाकात के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी। अशोक चौधरी ने कहा कि गाद जमा होने के कारण गंगा का बेसिन कई स्थानों पर फैल गया है, इसलिए गाद प्रबंधन नीति बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के केंद्र की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाने के संबंध में उन्होंने कहा कि तेजस्वी कोई अर्थशास्त्री नहीं हैं और केवल विरोध के लिए बयान दे रहे हैं। मध्य पूर्व संकट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था और जीडीपी वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है। पेट्रोलियम और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद वित्तीय प्रबंधन मजबूत रहना सरकार की उपलब्धि है। विदेश नीति को लेकर अशोक चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी विपक्ष में रहते हुए भी देशहित में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के साथ खड़े हुए थे। आज विपक्ष के नेता विदेश जाकर प्रधानमंत्री और भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाते हैं। यह राजनीतिक सोच और देश-विदेश की समझ का अंतर है। बाढ़ में बहकर आने वाली बड़ी मछलियों को खाने से भी उन्होंने लोगों को सावधान किया। जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में करीब 1000 से 1100 जलाशय हैं और वहां से विषम परिस्थितियों में बहकर आने वाली मछलियां मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं मानी जा सकतीं। उन्होंने लोगों से ऐसी मछलियां नहीं खाने की अपील की। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह संविधान प्रदत्त अधिकार है और बेहद संवेदनशील विषय है। इस पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। आरक्षण से जुड़े किसी विषय पर समीक्षा या चर्चा की आवश्यकता है, तो वह संसद में होनी चाहिए, मीडिया में नहीं। उन्होंने कहा कि जदयू अपने नेतृत्व की विचारधारा के साथ खड़ा है और आरक्षण जैसे गंभीर विषय पर अंतिम चर्चा का मंच संसद ही हो सकता है।

जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाने वालों को सुधांशु त्रिवेदी का जवाब, बोले-सेना का अपमान बन गई है कांग्रेस की पहचान

लखनऊ। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहला सीईओ बनाए जाने के बाद से भाजपा और कांग्रेस में जुबानी जंग शुरू हो गई है। इस क्रम में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राशिद अल्वी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सुधांशु त्रिवेदी ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि अल्वी का बयान कांग्रेस की उस मानसिकता को उजागर करता है, जिसे उन्होंने ‘दिमागी नक्सलवाद’ करार दिया। त्रिवेदी ने कहा कि सेना का अपमान करना कांग्रेस की पहचान बन गई है। त्रिवेदी ने कहा कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने एक पूर्व एयर चीफ मार्शल को सीईओ नियुक्त कर सकारात्मक और पेशेवर कदम उठाया है। सैन्य पृष्ठभूमि वाले अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति से ट्रस्ट के कामकाज में सिस्टम, उपयोगिता, कार्यक्षमता और पारदर्शिता बेहतर हो सकती है। ट्रस्ट में अन्य सदस्यों की नियुक्तियों से भी उसकी सक्रियता और प्रभावशीलता बढ़ेगी। कांग्रेस की आलोचना करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि जो लोग पहले भगवान राम के अस्तित्व और अयोध्या की ऐतिहासिकता पर सवाल उठाते थे, वही अब राम मंदिर और श्री राम जन्मभूमि से जुड़े फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए पंचतंत्र की ‘बगुला भगत’ की कहानी का भी जिक्र किया। सशस्त्र बलों के मुद्दे पर त्रिवेदी ने कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों का हवाला दिया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक के सबूत मांगने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित द्वारा तत्कालीन सेना प्रमुख के लिए की गई कथित टिप्पणी और पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से मुलाकात के मुद्दे को भी उठाया। त्रिवेदी ने कहा कि इन घटनाओं से कांग्रेस के सशस्त्र बलों के प्रति रवैये पर सवाल उठते हैं। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि गजनवी, मोहम्मद गोरी और बाबर केवल मंदिरों को लूटने नहीं आए थे, बल्कि मंदिरों को नष्ट करने और मूर्तियां तोड़ने के उद्देश्य से आए थे। उन्होंने अलबरूनी, उत्बी, फरिश्ता और मिनहाज-उस-सिराज जैसे ऐतिहासिक लेखकों के विवरणों का उल्लेख करते हुए अपने दावे को सही ठहराने की कोशिश की। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा था कि मौजूदा भाजपा सरकार सुप्रीम कोर्ट के जजों को गवर्नर या राज्यसभा का सदस्य बना रही है। इससे लोगों के मन में शक पैदा होता है। अब आपने एक रिटायर्ड एयर चीफ को राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ बना दिया है, उनका इससे क्या लेना-देना है? मुझे हैरानी है कि क्या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पीछे कोई छिपा हुआ सच है, जिसकी वजह से उन्हें यहां सीईओ बनाया गया है।

एनएसई का शेयर मौजूदा नियमों के तहत अपने प्लेटफॉर्म पर नहीं हो सकता लिस्ट: बीएसई सीईओ

मुंबई। बीएसई के प्रबंध निदेशक और सीईओ सुंदररमन राममूर्ति ने कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का शेयर मौजूदा नियमों के तहत अपने प्लेटफॉर्म पर नहीं लिस्ट हो सकता है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई। सीएनबीसी-टीवी18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, रामामूर्ति ने कहा कि एनएसई ने पुष्टि की है कि वह सेल्फ-ट्रेडिंग की मंजूरी के लिए अपने ऑफर डॉक्यूमेंट में कोई अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल नहीं करने जा रहा है। रिपोर्ट में आगे कहा गया, “रामामूर्ति ने बताया कि बीएसई की कंप्लायंस टीम ने एनएसई से पता किया था कि क्या वे ऐसी इजाजत लेने और अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में कोई अतिरिक्त दस्तावेज फाइल करने की योजना बना रहे हैं।” इसमें आगे कहा गया, “उनके अनुसार, एनएसई ने जवाब दिया कि मीडिया रिपोर्टें अटकलों पर आधारित और बेबुनियाद थीं और वह इस मामले में कोई नया अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल नहीं करेगा।” राममूर्ति ने बताया कि बीएसई ने भी 2017 में अपने ही एक्सचेंज पर ट्रेड करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली थी। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय पर आया है, जब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बीएसई पर लिस्ट होने के बाद एनएसई अपने ही एक्सचेंज पर ट्रेड कर सकता है। इसके अलावा, हाल ही में शुरू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) पर रामामूर्ति ने कहा कि सीएएस सिस्टम के लिए लिक्विडिटी एक जरूरी चीज है। सीएएस में लिक्विडिटी की कमी के कारण भागीदारी कम रही है। इंडेक्स वॉल्यूम में गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर, रिपोर्ट से पता चलता है कि अगस्त में एनएसई का मंथली इक्विटी डेरिवेटिव्स टर्नओवर गिरकर 34.48 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो नवंबर 2023 के बाद सबसे कम है। जबकि अगस्त में बीएसई का टर्नओवर 32.2 लाख करोड़ रुपए रहा, जो जून 2025 के बाद सबसे कम है।

जैकी श्रॉफ ने प्यारेलाल और शक्ति कपूर को दी जन्मदिन की बधाई, सोशल मीडिया पर खास अंदाज में किया याद

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने दिग्गज संगीतकार प्यारेलाल और जाने-माने अभिनेता शक्ति कपूर को उनके जन्मदिन पर खास अंदाज में शुभकामनाएं दीं। जैकी ने सोशल मीडिया पर दोनों कलाकारों की तस्वीरें शेयर करते हुए उनके लिए बेहद प्यारा मैसेज लिखा। उन्होंने संगीतकार प्यारे लाल के लिए जहां सम्मान जताया, वहीं शक्ति कपूर के लिए खुशियों से भरी जिंदगी की कामना की। जैकी श्रॉफ ने सबसे पहले मशहूर संगीतकार प्यारे लाल को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने प्यारे लाल की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह वायलिन बजाते हुए नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर के साथ जैकी ने लता मंगेशकर और मुकेश की आवाज में फिल्म ‘शोर’ का मशहूर गाना ‘एक प्यार का नगमा है’ भी जोड़ा। यह गाना लक्ष्मीकांत-प्यारे लाल की जोड़ी के सबसे यादगार गानों में शामिल है। तस्वीर के साथ जैकी ने लिखा, ‘मेरे मन में प्यारेलाल के लिए हमेशा सम्मान रहेगा।” प्यारेलाल का जन्म 3 सितंबर 1940 को हुआ था। वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे मशहूर संगीतकारों में गिने जाते हैं। उनका नाम खास तौर पर लक्ष्मीकांत-प्यारे लाल की जोड़ी की वजह से जाना जाता है। प्यारे लाल ने लक्ष्मीकांत शांताराम कुदलकर के साथ मिलकर इस जोड़ी को बनाया था। दोनों ने लंबे समय तक साथ काम किया और हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक यादगार गाने दिए। लक्ष्मीकांत-प्यारे लाल की जोड़ी ने कई बड़ी फिल्मों के लिए संगीत दिया। ‘शोर’ का ‘एक प्यार का नगमा है’, ‘सरगम’ का ‘ढपली वाले ढपली बजा’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ का टाइटल सॉन्ग, ‘कर्ज’ का ‘ओम शांति ओम’ और ‘अमर अकबर एंथनी’ का ‘पर्दा है पर्दा’ आज भी लोगों की जुबान पर हैं। इसके अलावा ‘क्रांति’ का ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी’, ‘एक दूजे के लिए’ का ‘तेरे मेरे बीच में’, ‘राम लखन’ का ‘माय नेम इज लखन’ और ‘तेजाब’ का ‘सो गया ये जहां’ भी इस जोड़ी के बेहद लोकप्रिय गानों में शामिल हैं। प्यारे लाल के योगदान को देखते हुए उन्हें साल 2024 में देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया। संगीत की दुनिया में उनके लंबे योगदान को देखते हुए यह सम्मान उनके लिए बेहद खास रहा। इसके बाद जैकी श्रॉफ ने अभिनेता शक्ति कपूर को भी जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शक्ति कपूर की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह ब्लैक सूट में काफी स्टाइलिश नजर आ रहे हैं। जैकी ने तस्वीर के साथ लिखा, ‘आपकी जिंदगी में हमेशा खुशियां बनी रहें।’ शक्ति कपूर हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने चार दशक से ज्यादा समय तक फिल्मों में काम किया है। उनके करियर की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने एक ही तरह के किरदारों में खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने विलेन की भूमिका भी निभाई और कॉमेडी किरदारों से दर्शकों को खूब हंसाया। ‘अंदाज अपना अपना’, ‘राजा बाबू’, ‘कुली नंबर 1’ जैसी फिल्मों में शक्ति कपूर ने अपनी कॉमेडी से अलग पहचान बनाई। वहीं उनके निगेटिव किरदारों ने भी उन्हें खूब लोकप्रियता दिलाई।

होर्मुज स्ट्रेट से मालवाहक जहाजों का गुजरना हुआ कम, आईएमएफ चीफ बोलीं- ‘विकासशील देशों को होगा ज्यादा नुकसान’

सिंगापुर/वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से बुधवार को केवल छह कमोडिटी जहाज गुजरे। यह संख्या एक दिन पहले के 11 जहाजों के मुकाबले काफी कम है और पिछले 10 दिनों के करीब 13 जहाज प्रतिदिन के औसत से भी नीचे है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जिवा ने इस स्थिति से होने वाले नुकसान की ओर दुनिया का ध्यान दिलाया है। शिप-ट्रैकिंग कंपनी केप्लर के ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने बताया कि बुधवार को जलडमरूमध्य से गुजरने वाले छह जहाजों में दो बहुत बड़े गैस कैरियर, दो लॉन्ग-रेंज टैंकर, एक सुप्रामैक्स टैंकर और एक पैनामैक्स टैंकर शामिल थे। जहाजों की आवाजाही में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है। केप्लर के आंकड़े प्रारंभिक हैं और इनमें बदलाव संभव है। इसकी वजह यह है कि कुछ जहाज यात्रा के दौरान अपने ट्रांसपोंडर बंद कर देते हैं, जिससे उनका वास्तविक आवागमन तत्काल शिप-ट्रैकिंग आंकड़ों में दर्ज नहीं हो पाता। हालांकि, लगातार कम होती जहाज आवाजाही इस बात का संकेत है कि होर्मुज से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है। ईरान ने हाल में कई जहाजों को अपनी ब्लैकलिस्ट में भी शामिल किया है, जिससे तेल और गैस कारोबार के लिए जोखिम बढ़ा है। आईएमएफ प्रमुख ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से दुनिया भर में कर्ज लेने की लागत बढ़ रही है और विकासशील देशों की कर्ज से जुड़ी प्रगति खतरे में पड़ रही है। क्रिस्टालिना जॉर्जिवा ने कहा कि कुल कर्ज के बढ़ते स्तर के साथ-साथ, अभी भी बंद पड़े इस जलमार्ग के कारण महंगाई का दबाव भी बॉन्ड यील्ड को ऊपर ले जा रहा है। उन्होंने अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य में जी20 बैठक के दौरान रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया, “यह सिर्फ कम आय वाले विकासशील देशों की समस्या नहीं है। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में कर्ज का ऊंचा स्तर और लगातार बनी हुई महंगाई, कम आय वाले देशों, उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं सहित सभी के लिए कर्ज चुकाने की लागत बढ़ा सकती है।

पीएम मोदी ने हॉकी विश्व कप के भव्य आयोजन के लिए बेल्जियम के प्रधानमंत्री को दी बधाई

नई दिल्ली। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार्ट डी वेवर के नेतृत्व वाली बेल्जियम प्रतिनिधिमंडल के साथ हैदराबाद हाउस में गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने समकक्ष डी वेवर को हॉकी विश्व कप 2026 के सफल आयोजन के लिए बधाई भी दी। पीएम मोदी ने कहा, “पिछले महीने बेल्जियम और नीदरलैंड ने मिलकर हॉकी विश्व कप का आयोजन किया था। इस विश्व कप के भव्य आयोजन के लिए मैं आपको बहुत बहुत बधाई देता हूं। मैं अपने खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदर्शन के लिए भी उनकी सराहना करता हूं।” बेल्जियम और नीदरलैंड की सह-मेजबानी में एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 का आयोजन हुआ। विश्व कप पुरुष और महिला दोनों वर्ग में आयोजित हुआ था। विश्व कप का आयोजन 15 अगस्त से 30 अगस्त के बीच हुआ था। पुरुष वर्ग का खिताब जर्मनी ने स्पेन को 1-0 से हराकर जीता था, जबकि महिला वर्ग का खिताब अर्जेंटीना ने 1-1 से ड्रॉ के बाद पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड को 3-1 से हराकर जीता था। भारतीय पुरुष और महिला टीम ने भी हॉकी विश्व कप में हिस्सा लिया था, लेकिन दोनों टीमें अंतिम चार में जगह बनाने में सफल नहीं रही थीं। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम दूसरे राउंड से ही बाहर हो गई और टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रही। भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन ने 1975 के बाद विश्व कप में पदक जीतने के इंतजार को और बढ़ा दिया। हालांकि, कप्तान हरमनप्रीत ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। हरमनप्रीत ने 8 गोल दागे और दक्षिण अफ्रीका के मुस्तफा कैसिएम के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। भारतीय महिला हॉकी टीम विश्व कप 2026 में पांचवें स्थान पर रही थी। महिला टीम ने जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया था।