नई दिल्ली।दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की मंगलवार को हुई बैठक में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने दिल्ली की बदहाल सफाई व्यवस्था, जगह-जगह फैले कूड़े और बारिश के दौरान होने वाले गंभीर जलभराव को लेकर भाजपा शासित एमसीडी को जमकर घेरा। बैठक के दौरान ‘‘आप’’ के पार्षदों ने सवाल उठाया कि दिल्ली की जनता एक तरफ गंदगी और कूड़े के ढेर से परेशान है, वहीं दूसरी तरफ थोड़ी सी बारिश में दिल्ली की सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। इसके बावजूद भाजपा सरकार और एमसीडी प्रशासन के पास इन समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं है। ‘‘आप’’ ने दिल्ली की सफाई व्यवस्था, जलभराव, स्वास्थ्य विभाग और सौंदर्यीकरण जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।इस बाबत एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की सफाई व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है और बारिश के दौरान जलभराव ने भाजपा सरकार तथा एमसीडी की तैयारियों की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि जब दिल्ली में पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने और मौजूदा कर्मचारियों को पक्का करने की जरूरत है, तब भाजपा सरकार निजी कंपनियों को हजारों मशीनों के टेंडर देकर आखिर किसे फायदा पहुंचाना चाहती है? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एमसीडी में नियमों की धज्जियां उड़ा रही है। आम आदमी पार्टी जनता की आवाज बनकर दिल्ली की सफाई, जलभराव और हर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मजबूती से लड़ती रहेगी।स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य व निगम पार्षद राफिया माहिर ने बताया कि स्टैंडिंग कमेटी की पांच महीने बाद जनरल मीटिंग हुई। लेकिन उस जनरल मीटिंग के अंदर डीएमसी एक्ट के नियमों के अनुसार कोई भी काम नहीं हो रहा है। सारी एंटीसिपेटरी अप्रूवल गलत तरीके से दी जा रही हैं। आज मैंने स्टैंडिंग कमेटी के अंदर सभी अधिकारियों से पूछा कि क्या डीएमसी एक्ट के अंदर मेयर या स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन को ऐसी कोई पावर है? लेकिन कोई भी अधिकारी इसका जवाब नहीं दे पाया।राफिया माहिर ने कहा कि दिल्ली के अंदर भाजपा की सरकार में बड़े-बड़े घोटाले खुलेआम चल रहे हैं। न अधिकारियों के ऊपर और न ही भाजपा नेताओं के ऊपर किसी का कोई कंट्रोल है। जो काम टेंडर करके किया जाना चाहिए था, वह काम इन्होंने गैर-कानूनी तरीके से बिना टेंडर के ही पुरानी कंपनी को दे दिया है। मैंने इसके ऊपर भी जांच की मांग की है।वहीं, स्टैंडिंग कमेटी सदस्य व निगम पार्षद दौलत पवार ने बताया कि भाजपा शासित एमसीडी से दिल्ली की सफाई व्यवस्था संभल नहीं पा रही है और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए अब इसका पूरा ठीकरा वेब्स कर्मचारियों पर फोड़ा जा रहा है। एमसीडी में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भाजपा नेतृत्व और प्रशासन की है, लेकिन अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय कर्मचारियों को दोषी ठहराया जा रहा है।उन्होंने कहा कि भाजपा को कर्मचारियों पर जिम्मेदारी डालने के बजाय अपनी विफलताओं की जवाबदेही लेनी चाहिए। दिल्ली की सफाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने, पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने, कर्मचारियों को नियमित करने और जलभराव रोकने के लिए नालों एवं ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।दौलत पवार ने बताया कि नगर निगम का कोई भी अधिकारी या कोई भी नेता किसी एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाया, क्योंकि उनके पास कोई जवाब है ही नहीं। भाजपा की सरकार में नगर निगम के अंदर आए दिन नए-नए और बड़े-बड़े भ्रष्टाचार सामने आ रहे हैं। भाजपा सरकार को अब केवल विज्ञापन और दावों की राजनीति छोड़कर दिल्ली की सफाई व्यवस्था और जलभराव जैसी गंभीर समस्याओं का जमीन पर समाधान करना चाहिए।