नई दिल्ली।दिल्ली सरकार की ‘विद्या वाहिनी योजना’ के तहत कक्षा 9 में पढ़ने वाली छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं की स्कूल तक पहुंच को सुगम बनाना और उनकी शिक्षा को निरंतर आगे बढ़ाने में सहयोग देना है। इस पहल को लेकर आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में आज माननीय विधायक एवं दिल्ली सरकार के मुख्य प्रवक्ता श्री अभय वर्मा, विधायक एवं प्रवक्ता अनिल कुमार शर्मा तथा हरीश खुराना ने मीडिया से बातचीत की।मीडिया को संबोधित करते हुए अभय वर्मा ने कहा कि दिल्ली की बेटियों को साइकिल उपलब्ध कराने की दिल्ली सरकार की पहल से आम आदमी पार्टी को अनावश्यक आपत्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार लंबे समय तक सत्ता में रही, लेकिन उसने दिल्ली की बेटियों के लिए इस प्रकार की पहल करने की आवश्यकता महसूस नहीं की। वर्तमान सरकार ने आगे बढ़कर निर्णय लिया कि कक्षा 9 में पढ़ने वाली छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उनकी शिक्षा और स्कूल तक पहुंच को और सुगम बनाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइकिलों की खरीद भारत सरकार के जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई है। यह एक ओपन टेंडर प्रक्रिया थी, जिसमें पात्र प्रतिभागियों को भाग लेने का अवसर उपलब्ध था। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान किसी भी इच्छुक प्रतिभागी को आपत्ति अथवा शिकायत दर्ज कराने का अधिकार था।अभय वर्मा ने कहा कि टेंडर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फ्लोट हुआ, निर्धारित समय में खोला गया और इसके बाद एल-1 बोलीदाता को साइकिलों की आपूर्ति का वर्क ऑर्डर दिया गया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान टेंडर में भाग लेने वाले किसी भी प्रतिभागी की ओर से कोई आपत्ति सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि साइकिलों का वितरण शुरू होने के बाद अचानक इस विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाने और भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की बेटियों को मिल रही इस सुविधा को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है। अभय वर्मा ने यह भी कहा कि जिस कथित शिकायत का हवाला दिया जा रहा है, शिकायतकर्ता स्वयं टेंडर प्रक्रिया में सहभागी नहीं था और न ही उसने टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने का प्रयास किया था। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाने के पीछे की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने साइकिलों की खरीद निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की है तथा इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने आम आदमी पार्टी से अपील की कि यदि उसके पास प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस तथ्य या प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करे, केवल आरोप लगाकर दिल्ली की बेटियों को मिलने वाले लाभ को बाधित करने का प्रयास न किया जाए। हरिश खुराना ने कहा कि साइकिल खरीद की प्रक्रिया जेम पोर्टल पर पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है और एल-1 बोलीदाता को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयनित किया गया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को खरीद प्रक्रिया पर कोई आपत्ति थी, तो उसे टेंडर प्रक्रिया के दौरान ही उचित माध्यम से उठाना चाहिए था। वितरण शुरू होने के बाद लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी आवाजाही को सुगम बनाना है। साइकिल वितरण इसी व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है और इसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय छात्राओं के हित में देखा जाना चाहिए।इस अवसर पर विधायक अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना और विद्या वाहिनी योजना जैसी जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की महिलाओं और छात्राओं के हित में किए जा रहे इन प्रयासों पर विपक्ष द्वारा लगातार सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली की लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल दी जा रही हैं, तब विपक्ष को इन जनकल्याणकारी कार्यों का स्वागत करना चाहिए, न कि भ्रम फैलाना चाहिए।