नीट विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत, 5 सितंबर का प्रदर्शन रद्द: अभिजीत दिपके

छत्रपति संभाजीनगर। नीट से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने 5 सितंबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को रद्द करने की घोषणा की। उन्होंने अदालत के निर्देशों को छात्रों और प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण राहत बताते हुए इसे लंबे समय से चल रहे आंदोलन की बड़ी जीत करार दिया। अभिजीत दिपके ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत के निर्णय से उन छात्रों और परिवारों को न्याय मिला है, जो नीट विवाद को लेकर लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहे थे। यह जीत केवल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले लोगों की नहीं, बल्कि देशभर में आंदोलन का समर्थन करने वाले हर व्यक्ति की है। जो लोग सड़कों पर नहीं उतर पाए, लेकिन सोशल मीडिया पर पोस्ट, व्हाट्सऐप स्टेटस या किसी अन्य माध्यम से अपनी आवाज उठाते रहे, वे भी इस जीत के हिस्सेदार हैं। लोगों की लगातार आवाज और दबाव के कारण दिल्ली से प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र आया और विभिन्न स्तरों पर बैठकों का दौर चला। दिपके ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों में कई बैठकें हुईं और दिल्ली से विशेष प्रतिनिधिमंडल भी महाराष्ट्र पहुंचा। करीब सात-आठ बैठकों में इस बात पर चर्चा हुई कि आंदोलन कर रहे छात्रों और अपने बच्चों के लिए न्याय की मांग कर रहे परिवारों को किस तरह उचित न्याय दिलाया जा सके। आंदोलन के दौरान कथित धमकियों और लाठीचार्ज के बावजूद लोगों ने अपनी आवाज उठाना बंद नहीं किया। उनके मुताबिक, इसी दृढ़ता ने इस परिणाम को संभव बनाया। अभिजीत दिपके ने नीट विवाद से प्रभावित और अपने बच्चों को खो चुके परिवारों से भावुक होकर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े लोग उन बच्चों को बचा नहीं सके और इस कमी की भरपाई कभी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने अपनी जान गंवाई, उनकी कोई गलती नहीं थी। इन बच्चों ने डॉक्टर बनने के लिए पूरी मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई की थी और अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया था। दिपके ने कहा कि वह कई प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिल चुके हैं। उन्होंने आकांक्षा, काहान पटेल, प्रदीप मेघवाल और रिया थापा के परिवारों से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि इन परिवारों की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों ने मेहनत से परीक्षा की तैयारी की और अपने भविष्य के लिए सपने देखे, उनके साथ जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि न्याय की लड़ाई आगे भी महत्वपूर्ण रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 5 सितंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को रद्द करने का ऐलान करते हुए दिपके ने इसे आंदोलन से जुड़े छात्रों, अभिभावकों और देशभर में आवाज उठाने वाले लोगों की सामूहिक उपलब्धि बताया।

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