नई दिल्ली। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार द्विवेदी ने एनडीएमसी क्षेत्र में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के खिलाफ रोकथाम एवं नियंत्रण उपायों को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से स्वच्छता निरीक्षकों, सहायक स्वच्छता निरीक्षकों, स्वच्छता कर्मचारियों तथा क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक जागरूकता सेमिनार के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।इस प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए एनडीएमसी अध्यक्ष – मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा, “वर्तमान में एनडीएमसी क्षेत्र में मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, इससे हमें आत्मसंतुष्ट या लापरवाह नहीं होना चाहिए। हमें मालूम है कि वेक्टर जनित रोग अक्सर चक्रीय रूप से फैलते हैं और डेंगू तथा मलेरिया जैसी बीमारियां अचानक दोबारा उभरकर महामारी का रूप ले सकती हैं। इसलिए, पिछले कुछ वर्षों में मामलों का सामने न आना भविष्य के लिए किसी गारंटी के रूप में नहीं लिया जा सकता।उन्होंने कहा कि “इस वर्ष बारिश के बदलते स्वरूप—बीच-बीच में शुष्क मौसम के बाद अचानक होने वाली बारिश—से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और रोग फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। वर्तमान में हमें मलेरिया, डेंगू और H1N1 इन्फ्लुएंजा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव भी संक्रमण के प्रसार को बढ़ावा दे सकता है।उन्होंने आगे कहा कि “हमारे स्वच्छता कर्मचारी इस रोकथाम अभियान के अग्रिम पंक्ति के योद्धा हैं। यदि वे अनुशासन, समर्पण तथा पेशेवर और तकनीकी रूप से सक्षम दृष्टिकोण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, तो हम अपनी तैयारियों को काफी मजबूत कर सकते हैं और इन बीमारियों की रोकथाम कर सकते हैं। मैं अपने स्वच्छता कर्मियों को आश्वस्त करता हूं कि उन्हें अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए सभी आवश्यक उपकरण, संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। द्विवेदी ने स्वच्छता कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “जब हमारे स्वच्छता कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर कार्य करते हैं, तो वे वास्तव में एनडीएमसी के चेहरे और प्रतिनिधि होते हैं। इसलिए, इन बीमारियों की रोकथाम संबंधी उपायों में किसी भी प्रकार की लापरवाही के प्रति हमें स्पष्ट रूप से शून्य-सहिष्णुता ( जीरो टॉलरेंस ) का दृष्टिकोण अपनाना होगा। हमारा उद्देश्य शून्य मामले होना चाहिए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि एनडीएमसी क्षेत्र में एक भी मामला सामने न आए, प्रत्येक संभावित निवारक उपाय निरंतर और सक्रिय रूप से किया जाना चाहिए। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमारी टीमें पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ चौबीसों घंटे कार्य कर रही हैं।इसी क्रम में कर्मचारियों की तैयारियों और सुरक्षा को मजबूत करने की पहल के तहत कार्यक्रम के दौरान पालिका सहायकों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) और फ्लोरोसेंट जैकेट प्रदान किए गए। इन सुरक्षात्मक उपकरणों का उद्देश्य क्षेत्रीय कार्यों के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा और दृश्यता सुनिश्चित करने में सहायता करना है।इस अवसर पर एनडीएमसी की चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शकुंतला श्रीवास्तव ने बताया कि इस सत्र का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर तैयारियों को बेहतर करना, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना तथा एनडीएमसी के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आवासीय, वाणिज्यिक और सार्वजनिक क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों की समय पर पहचान और उनका उन्मूलन सुनिश्चित करना था।उन्होंने यह भी बताया कि एनडीएमसी पिछले दो वर्षों से मलेरिया मुक्त है और अब एनडीएमसी क्षेत्र से मलेरिया उन्मूलन की दिशा में कार्य करने का समय आ गया है। यह कार्यशाला एनडीएमसी को मलेरिया मुक्त स्थिति बनाए रखने के लिए योजनाएं तैयार करने और आवश्यक कदम उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।प्रशिक्षण सत्र के दौरान वेक्टर जनित रोग विशेषज्ञ – डॉ. आर.एस. शर्मा ने क्षेत्रीय कर्मचारियों के साथ संवाद किया और संवेदनशील क्षेत्रों के नियमित निरीक्षण, मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को समाप्त करने, जलभराव की रोकथाम तथा प्रभावी वेक्टर नियंत्रण उपायों के महत्व के बारे में जानकारी दी। संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की पहचान करने और वेक्टर जनित रोगों के लिए जिम्मेदार मच्छरों के प्रसार को रोकने के लिए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया।प्रशिक्षण के प्रतिभागियों ने क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर भी चर्चा की तथा समन्वय, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को बेहतर बनाने के लिए सुझावों का आदान-प्रदान किया। इस संवादात्मक प्रारूप के माध्यम से स्वच्छता एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों को अपने अनुभव साझा करने तथा जमीनी स्तर पर मच्छर जनित बीमारियों से निपटने के लिए अधिक प्रभावी रणनीतियां अपनाने का अवसर मिला।एनडीएमसी अधिकारियों ने जोर दिया कि क्षेत्रीय कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास, निरंतर निगरानी और जनभागीदारी के सहयोग से ही डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया को प्रभावी रूप से नियंत्रण में रखा जा सकता है। स्वच्छता टीमों को सतर्कता बढ़ाए रखने, नियमित निरीक्षण करने और जहां भी मच्छरों के प्रजनन के अनुकूल परिस्थितियां पाई जाएं, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।एनडीएमसी द्वारा वेक्टर जनित रोगों के मौसम के दौरान जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अपनी व्यापक रणनीति के तहत लगातार निवारक उपाय किए जा रहे हैं। इनमें एंटी-लार्वा गतिविधियां, मच्छरों के प्रजनन स्रोतों का उन्मूलन, संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण, जागरूकता अभियान और गहन क्षेत्रीय निगरानी शामिल हैं। इस सत्र ने वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए एनडीएमसी के सक्रिय, समन्वित और क्षेत्र-केंद्रित दृष्टिकोण को और मजबूत किया। इसका उद्देश्य एनडीएमसी क्षेत्र के निवासियों, आगंतुकों और कर्मचारियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।