जेएनयू यौन उत्पीड़न मामला: एनसीडब्ल्यू प्रमुख से मिला भाजपा का प्रतिनिधिमंडल, सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की चेयरपर्सन विजया रहाटकर से मुलाकात की और कांग्रेस सांसद व जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के बर्खास्त प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। उन पर 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी ने एनसीडब्ल्यू चेयरपर्सन से मिलने के बाद पत्रकारों से कहा, “हमने आज राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की चेयरपर्सन से मुलाकात की। इस दौरान पांच सांसद और हमारी महिला मोर्चा की पदाधिकारी भी मौजूद थीं। हमने उनसे आग्रह किया कि वे जेएनयू में हुई हालिया घटना का संज्ञान लें, जिसमें मणिपुर के कांग्रेस सांसद और जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ. बिमोल अकोइजम शामिल हैं।” उन्होंने कहा, “11 छात्राओं ने उनके दुर्व्यवहार के खिलाफ लिखित शिकायतें देकर बहुत साहस दिखाया है। जांच के बाद यूनिवर्सिटी की आंतरिक समिति ने इन शिकायतों को सही पाया। उन्हें यूनिवर्सिटी से बर्खास्त कर दिया गया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं ने इस मामले पर एक शब्द भी नहीं कहा है। यह व्यक्ति बहुत प्रभावशाली है और उसे पार्टी का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए हमने उन 11 छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है।” पार्टी पर निशाना साधते हुए चौधरी ने कहा, “आदर्श रूप से कांग्रेस को छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें पार्टी और पद से हटा देना चाहिए था। हालांकि, अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है, इसीलिए हमने एनसीडब्ल्यू से हस्तक्षेप की मांग की है।” इस बीच, दिल्ली पुलिस ने यौन उत्पीड़न के आरोपों के सिलसिले में प्रोफेसर अकोइजम को नोटिस जारी किया है और उन्हें गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की। अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत दर्ज की गई। एफआईआर में प्रोफेसर अकोइजम का नाम शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मई में कम से कम 11 छात्राओं ने प्रोफेसर अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने बैठकों या कार्यक्रमों के बहाने छात्राओं को कैंपस स्थित अपने आवास पर बुलाया और उनके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने क्लासरूम में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां कीं। बताया गया है कि उन्हें नौकरी से हटाने के यूनिवर्सिटी के फैसले से पहले हुई जांच में इन आरोपों और शिकायतों की पड़ताल की गई थी।

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