जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाने वालों को सुधांशु त्रिवेदी का जवाब, बोले-सेना का अपमान बन गई है कांग्रेस की पहचान

लखनऊ। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहला सीईओ बनाए जाने के बाद से भाजपा और कांग्रेस में जुबानी जंग शुरू हो गई है। इस क्रम में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राशिद अल्वी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सुधांशु त्रिवेदी ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि अल्वी का बयान कांग्रेस की उस मानसिकता को उजागर करता है, जिसे उन्होंने ‘दिमागी नक्सलवाद’ करार दिया। त्रिवेदी ने कहा कि सेना का अपमान करना कांग्रेस की पहचान बन गई है। त्रिवेदी ने कहा कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने एक पूर्व एयर चीफ मार्शल को सीईओ नियुक्त कर सकारात्मक और पेशेवर कदम उठाया है। सैन्य पृष्ठभूमि वाले अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति से ट्रस्ट के कामकाज में सिस्टम, उपयोगिता, कार्यक्षमता और पारदर्शिता बेहतर हो सकती है। ट्रस्ट में अन्य सदस्यों की नियुक्तियों से भी उसकी सक्रियता और प्रभावशीलता बढ़ेगी। कांग्रेस की आलोचना करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि जो लोग पहले भगवान राम के अस्तित्व और अयोध्या की ऐतिहासिकता पर सवाल उठाते थे, वही अब राम मंदिर और श्री राम जन्मभूमि से जुड़े फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए पंचतंत्र की ‘बगुला भगत’ की कहानी का भी जिक्र किया। सशस्त्र बलों के मुद्दे पर त्रिवेदी ने कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों का हवाला दिया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक के सबूत मांगने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित द्वारा तत्कालीन सेना प्रमुख के लिए की गई कथित टिप्पणी और पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से मुलाकात के मुद्दे को भी उठाया। त्रिवेदी ने कहा कि इन घटनाओं से कांग्रेस के सशस्त्र बलों के प्रति रवैये पर सवाल उठते हैं। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि गजनवी, मोहम्मद गोरी और बाबर केवल मंदिरों को लूटने नहीं आए थे, बल्कि मंदिरों को नष्ट करने और मूर्तियां तोड़ने के उद्देश्य से आए थे। उन्होंने अलबरूनी, उत्बी, फरिश्ता और मिनहाज-उस-सिराज जैसे ऐतिहासिक लेखकों के विवरणों का उल्लेख करते हुए अपने दावे को सही ठहराने की कोशिश की। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा था कि मौजूदा भाजपा सरकार सुप्रीम कोर्ट के जजों को गवर्नर या राज्यसभा का सदस्य बना रही है। इससे लोगों के मन में शक पैदा होता है। अब आपने एक रिटायर्ड एयर चीफ को राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ बना दिया है, उनका इससे क्या लेना-देना है? मुझे हैरानी है कि क्या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पीछे कोई छिपा हुआ सच है, जिसकी वजह से उन्हें यहां सीईओ बनाया गया है।

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