अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने दिया डॉ. राजाराम जयपुरिया स्मृति व्याख्यान

गाजियाबाद।भारत के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने शनिवार को सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, गाजियाबाद में 6वें डॉ. राजाराम जयपुरिया स्मृति व्याख्यान को संबोधित किया। यह व्याख्यान “द इंडियन सेंचुरी – यूथ, इनोवेशन एंड नेशन बिल्डिंग” विषय पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों और जयपुरिया परिवार के सदस्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर युवाओं की आकांक्षाओं, नवाचार और भारत के भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका पर विशेष चर्चा हुई।यह स्मृति व्याख्यान डॉ. राजाराम जयपुरिया की स्मृति और उनकी विरासत को सम्मान देने के लिए आयोजित किया जाता है। वे एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, शिक्षाविद् और राष्ट्र-निर्माता थे। शिक्षा के प्रति उनकी दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता आज भी जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के कार्यों को दिशा देती है। कार्यक्रम में जयपुरिया ग्रुप के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया, वाइस-चेयरपर्सन  सुनीता जयपुरिया, डायरेक्टर  सकेत जयपुरिया,अनिका जयपुरिया और  यश जयपुरिया सहित जयपुरिया नेतृत्व के सदस्य, विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक, पूर्व विद्यार्थी और आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत कला प्रदर्शनी और रॉकेट मॉडल इंस्टॉलेशन के अवलोकन से हुई। इसके बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब का दौरा किया, जहाँ विद्यार्थियों ने उन्हें अपने अभिनव प्रोजेक्ट और रचनात्मक कार्य प्रस्तुत किए। इसके बाद सभी अतिथि मुख्य कार्यक्रम के लिए ऑडिटोरियम पहुँचे।औपचारिक कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया ने स्वागत भाषण दिया।इस अवसर पर जयपुरिया ने कहा, “मेरा दृढ़ विश्वास है कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। हमारी युवा आबादी केवल एक जनसांख्यिकीय लाभ नहीं है, बल्कि यह मानवीय क्षमता का एक विशाल भंडार है। हमारी आईटी, वित्तीय, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में स्थापित किया है। वहीं, अनुकूल नीतियों, बेहतर बुनियादी ढाँचे, तकनीक और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के अवसरों के कारण विनिर्माण क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज भारत के पास एक ऐसा दुर्लभ संयोजन है, जिसमें व्यापकता, प्रतिभा और महत्वाकांक्षा तीनों मौजूद हैं।ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायु सेना के अधिकारी और अंतरिक्ष यात्री हैं। वे भारत के गगनयान कार्यक्रम के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवारों में शामिल हैं और वर्ष 2026 में उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।स्मृति व्याख्यान देते हुए ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्री बनने तक की अपनी यात्रा साझा की। उन्होंने Axiom 4 मिशन के लिए वर्षों चली तैयारी और प्रशिक्षण, अंतरिक्ष यात्रा के लिए आवश्यक अनुशासन और टीमवर्क तथा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अपने अनुभवों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखने के अपने अनुभव और उससे मिलने वाली एक अलग दृष्टि को भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया। विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने जिज्ञासा, निरंतर प्रयास और बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के साहस के महत्व पर भी जोर दिया।व्याख्यान के बाद स्कूल के तीन विद्यार्थियों के साथ एक फायरसाइड चैट आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने ग्रुप कैप्टन शुक्ला से उनके बचपन के सपनों, अंतरिक्ष यात्री बनने की यात्रा, अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण की चुनौतियों और अंतरिक्ष में रोजमर्रा के जीवन से जुड़े कई रोचक सवाल पूछे।कार्यक्रम के दौरान ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई ‘स्पेस एक्सप्लोरर’ पुस्तकों का भी विमोचन किया। स्कूल की अकादमिक टीम द्वारा तैयार की गई ये पुस्तकें अब स्कूल के पाठ्यक्रम और जयपुरिया स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी प्रोग्राम का हिस्सा होंगी। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष, खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमताओं को समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का समापन यश जयपुरिया द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। सेठ आनंदराम जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस उत्तर और मध्य भारत में 27 K–12 स्कूलों, 7 प्री-स्कूलों, 2 मैनेजमेंट संस्थानों और एक प्रतिष्ठित शिक्षक प्रशिक्षण अकादमी का प्रमुख शैक्षणिक समूह है। शिक्षा के क्षेत्र में 81 वर्षों की विरासत के साथ, समूह के साथ आज लगभग 20,000 विद्यार्थी, 15,000 पूर्व विद्यार्थी और 1,000 शिक्षक जुड़े हुए हैं।

नमो भारत कॉरिडोर पर 110 मेगा वॉट के कैप्टिव सोलर प्लांट से होगी बिजली आपूर्ति कॉरिडोर की 60% बिजली आवश्यकता पूरी करेगी परियोजना

मेरठ। एनसीआरटीसी ने एनएनआरएल (एनआईआरएल एनसीआरटीसी रिन्यूएबल्स लिमिटेड) के साथ 110 मेगा वॉट के कैप्टिव सोलर पावर प्लांट के लिए पावर परचेज़ एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर किए। इस प्लांट को एनएनआरएल द्वारा विकसित किया जाएगा। एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक  शलभ गोयल, एनआईआरएल के निदेशक, वित्त एवं सीएमडी डेज़िगनेट, डॉ. प्रसन्ना कुमार आचार्य, एनसीआरटीसी की निदेशक, वित्त,  नमिता मेहरोत्रा, एनसीआरटीसी के निदेशक, इलेक्ट्रिकल्स एंड रोलिंग स्टॉक,  महेंद्र कुमार और एनसीआरटीसी एवं एनआईआरएल के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।देश के आरआरटीएस और मेट्रो परिवहन प्रणाली के लिए यह अपनी तरह की पहली कैप्टिव सोलर पावर परियोजना है, जो शहरी परिवहन में नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण की दिशा में एक बैंचमार्क स्थापित कर रही है। अनुमानित है कि इसके माध्यम से दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की कुल बिजली आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा सकेगा। स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा के ज़रिए यह परियोजना कॉरिडोर की दीर्घकालिक संचालन क्षमता को सुदृढ़ करेगी।इस सोलर प्लांट की अनुमानित लागत लगभग ₹450 करोड़ है और इसे उत्तर प्रदेश के जालौन शहर में 80:20 डेट-इक्विटी फंडिंग मॉडल के ज़रिए विकसित किया जाएगा। प्लांट में उत्पन्न होने वाली बिजली उत्तर प्रदेश स्टेट ग्रिड के माध्यम से उत्तर प्रदेश और दिल्ली में मौजूद एनसीआरटीसी के रिसीविंग सबस्टेशनों (RSS) तक पहुंचाई जाएगी, जहां से इसे नमो भारत कॉरिडोर में वितरित किया जाएगा। यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सोलर एनर्जी पॉलिसी का लाभ उठा रही है। इसे अगले 24 महीनों में परिचालित करने की योजना है।दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के कुल परिचालन व्यय का लगभग 30 से 35 प्रतिशत हिस्सा बिजली पर खर्च होता है, जो इसके प्रमुख आवर्ती खर्चों में से एक है। इस कैप्टिव सोलर पावर प्लांट के संचालन के बाद बिजली के खर्च में लगभग 25 प्रतिशत की कमी अनुमानित है, साथ ही यह एक स्वच्छ एवं अधिक सतत भविष्य में योगदान देगा। इस समझौते के तहत, एनसीआरटीसी 25 साल की अवधि के लिए तय टैरिफ पर कैप्टिव सोलर पावर प्लांट से उत्पन्न होने वाली बिजली खरीदेगा, जिससे लंबे समय तक बिजली की लागत को स्थिर रखने में मदद मिलेगी और ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।आर्थिक लाभ के अलावा, यह परियोजना पर्यावरण लाभ की दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पारंपरिक स्रोतों से मिलने वाली बिजली के एक बड़े भाग की जगह स्वच्छ सौर ऊर्जा का प्रयोग कर, इस परियोजना द्वारा हर साल लगभग 1.77 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी अनुमानित है, जिससे स्वच्छ और सतत शहरी परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल से नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) जैसे हानिकारक प्रदूषकों के उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है, जिससे हवा स्वच्छ होगी और क्षेत्र में सतत शहरी परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।इस पहल की शुरुआत दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की परिचालन यात्रा में एक ऐसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर की जा रही है जब फरवरी 2026 में पूरे कॉरिडोर पर परिचालन के आरंभ के बाद से यात्रियों की संख्या में लगातार और उत्साहजनक बढ़ोतरी देखी जा रही है। हाल ही में, माननीय प्रधानमंत्री ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल प्रणाली को सुशासन का “बहुत अच्छा उदाहरण” बताया है और इसके समय पर पूरा होने और अच्छी सेवा की प्रशंसा की है। वर्तमान में, इस कॉरिडोर पर हर दिन लगभग एक लाख यात्री सफर कर रहे हैं और इसने 4 करोड़ से अधिक कम्यूटर ट्रिप्स का माइलस्टोन पार कर लिया है। कॉरिडोर पर 1.68 लाख से अधिक यात्रियों के साथ रक्षाबंधन के दिन, 28 अगस्त को अब तक की सबसे अधिक दैनिक यात्री संख्या दर्ज की गई है। नमो भारत ट्रेनों ने अधिक मांग, भीषण गर्मी, मॉनसून और कांवड़ यात्रा व दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।यह परियोजना एनएनआरएल द्वारा विकसित की जा रही है, जो एनसीआरटीसी और एनआईआरएल (नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन यानी एनएलसी की 100% सब्सिडियरी) का जॉइंट वेंचर है। देश के आरआरटीएस और मेट्रो परिवहन प्रणाली के लिए एक अग्रणी कैप्टिव सोलर पावर परियोजना के रूप में, यह पहल भविष्य के उन शहरी और क्षेत्रीय ट्रांज़िट नेटवर्क के लिए एक मॉडल का काम करेगी, जो अपने संचालन में नवीकरणीय ऊर्जा को शामिल करना चाहते हैं। दीर्घकालिक आर्थिक बचत और पर्यावरण को होने वाले बड़े फायदों के साथ, यह परियोजना एक कुशल, सतत और भविष्य के लिए तैयार सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के निर्माण के एनसीआरटीसी के संकल्प को और सुदृढ़ करती है।

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा समर्पण के 25 वें वर्ष में उनके जन्म दिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर के मध्य

नई दिल्ली । दिल्ली भाजपा अध्यक्ष  हर्ष मल्होत्रा की अध्यक्षता एवं मुख्य मंत्री  रेखा गुप्ता की उपस्थिती मे आज प्रदेश भाजपा की एक बैठक हुई जिसमें दोनों नेताओं ने अपने सम्बोधन में घोषणा की दिल्ली सरकार एवं दिल्ली भाजपा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय कार्ययोजना के अंतर्गत प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा समर्पण के 25 वें वर्ष में उनके जन्म दिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर के मध्य दिल्ली में एक “सेवा संकल्प अभियान” चलायेंगे।बैठक को राष्ट्रीय पर्यवेक्षक कुलजीत सिंह चहल ने भी बैठक को सम्बोधित किया और आशा व्यक्त की दिल्ली के कार्यक्रम देश के सर्वोत्तम कार्यक्रम होंगे।बैठक में राष्ट्रीय मंत्री जयप्रकाश एवं स्वदेश सिंह, राष्ट्रीय सह संयोजक सोशल मीडिया  शिवानंद द्विवेदी, दिल्ली भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल,  योगिता सिंह एवं मोहनलाल गिहारा, दिल्ली सरकार के मंत्री  प्रवेश साहिब सिंह, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा, डा. पंकज सिंह, दिल्ली जलबोर्ड उपाध्यक्ष  सतीश उपाध्याय, मुख्य सचेतक अभय वर्मा, महापौर प्रवेश वाही के आलावा लगभग सभी पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी, सांसद मनोज तिवारी, विधायक, वरिष्ठ निगम नेता, पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं साप्ताहिक बैठक में आपेक्षित सदस्य सम्मिलित हुए। हर्ष मल्होत्रा ने बताया की “सेवा संकल्प अभियान” कार्यक्रम के राष्ट्रीय स्तर के पर्यवेक्षक हैं एन.डी.एम.सी. उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, दिल्ली सरकार के नोडल मंत्री होंगे  कपिल मिश्रा और दिल्ली प्रदेश की ओर से गठित समिति की संयोजक हैं महामंत्री  योगिता सिंह और समिति के सदस्य हैं सरदार राजा इकबाल सिंह, ॠचा पांडेय, मनोज कुमार, दिव्या जयसवाल,  रजत टंडन एवं  अभिषेक टंडन।दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं मुख्य मंत्री ने बताया की इस एक माह चलने वाले अभियान की मुख्य तिथियां होंगी प्रधान मंत्री  नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन 17 सितम्बर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म दिन 2 अक्टूबर एवं प्रधान मंत्री  नरेन्द्र मोदी के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूरे होने वाली तिथि 7 अक्टूबर।भाजपा नेताओं ने बताया की इस एक माह चलने वाले अभियान का प्रारम्भ होगा प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर को ब्लड डोनेशन कैम्प से और इसमे अनेक अलग अलग कार्यक्रम होंगे जिनमे से कुछ केवल दिल्ली सरकार के स्तर पर होंगे तो कुछ केवल प्रदेश संगठन स्तर पर होंगे और कुछ दिल्ली सरकार एवं दिल्ली संगठन दोनों के संयुकत प्रयास से होंगे। सभी कार्यक्रमों के लिए दिल्ली सरकार के मंत्री, प्रदेश भाजपा के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता होंगे।इस एक माह में होने वाले कार्यक्रमों में प्रमुख होंगे ब्लड डोनेशन कैम्प, स्वच्छता अभियान, उपलब्धि स्थलों पर प्रकाश, 12 वर्ष की सरकार की उपलब्धियों एलहवं विकसित भारत को लेकर चित्र कला प्रतियोगिता, नमो सेवा गाथा नुक्कड़ नाटक, आगणवाड़ी एवं आशा वर्कर्स सम्मान, सेवा ज्योति यात्रा, वडनगर से वाराणसी की यात्रा एवं राष्ट्रीय युवा पहल चुनौती आदि।

दिल्ली Q2 2026 में भारत के टॉप चार क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट मार्केट्स में शामिल

नई दिल्ली। दिल्ली ने 2026 की दूसरी तिमाही में भारत की कुल क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट वैल्यू में 7.38% का योगदान दिया और कॉइनस्विच की २०२६ की दूसरी तिमाही की रिपोर्ट भारत का क्रिप्टो पोर्टफोलियो: भारत कैसे निवेश करता है में शामिल राज्यों में चौथे नंबर पर रही। राज्य स्तर की रैंकिंग में दिल्ली से आगे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक रहे।भारत की कुल क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट वैल्यू में दिल्ली की हिस्सेदारी 7.38% रही। इससे आगे कर्नाटक रहा, जिसकी देश की कुल क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट वैल्यू में 8.10% हिस्सेदारी थी। दिल्ली के बाद हरियाणा की हिस्सेदारी 5.89%, राजस्थान की 5.87%, पश्चिम बंगाल की 5.25%, आंध्र प्रदेश की 4.95%, तमिलनाडु की 4.95% और बिहार की 4.29% रही।इन आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली रिपोर्ट में राज्य स्तर पर सबसे ज्यादा योगदान देने वाले चार राज्यों में शामिल है। उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 12.89% रही, जिसके बाद महाराष्ट्र 12.39% के साथ दूसरे नंबर पर रहा। कर्नाटक 8.10% की हिस्सेदारी के साथ तीसरे नंबर पर रहा, जबकि दिल्ली 7.38% के साथ चौथे नंबर पर रही। इन चारों राज्यों ने मिलकर रिपोर्ट में दर्ज देश की कुल इन्वेस्टमेंट वैल्यू का 40.76% हिस्सा बनाया।२०२६ की दूसरी तिमाही के डेटा में दिल्ली के अंदर किसी खास शहर, जिले या इलाके को सबसे ज्यादा योगदान देने वाला नहीं बताया गया है। इसलिए रिपोर्ट में दिल्ली की इन्वेस्टमेंट वैल्यू को नेशनल कैपिटल टेरिटरी के किसी खास इलाके से जोड़कर नहीं देखा गया है। राज्य स्तर का यह आंकड़ा दिल्ली की कुल इन्वेस्टमेंट वैल्यू को दिखाता है।लिंग के हिसाब से देखें तो दिल्ली की कुल इन्वेस्टमेंट वैल्यू में पुरुष इन्वेस्टर्स की हिस्सेदारी 79.69% रही। महिला इन्वेस्टर्स की हिस्सेदारी 20.31% रही। ये आंकड़े रिपोर्टिंग पीरियड के दौरान दिल्ली में पुरुष और महिला इन्वेस्टर्स के बीच दर्ज कुल इन्वेस्टमेंट वैल्यू का बंटवारा दिखाते हैं।२०२६ की दूसरी तिमाही में दिल्ली के इन्वेस्टर्स के बीच बीटीसी सबसे ज्यादा रखा जाने वाला कॉइन रहा।कॉइनस्विच के सह-संस्थापक आशीष सिंघल ने कहा, “हर मार्केट साइकिल अपने साथ नए इन्वेस्टर्स लेकर आती है, लेकिन समय के साथ हम देखते हैं कि इन्वेस्टर्स ज्यादा जानकारी के साथ और सोच-समझकर मार्केट में हिस्सा लेते हैं। भारत में हम देख रहे हैं कि क्रिप्टो को केवल एक नए एसेट क्लास के तौर पर देखने के बजाय इन्वेस्टर्स अब यह बेहतर तरीके से समझ रहे हैं कि वे इसमें किस तरह और कितनी हिस्सेदारी रखना चाहते हैं। क्रिप्टो को अपनाने के अगले दौर में ज्यादा लोगों को मार्केट से जोड़ने के साथ-साथ मौजूदा इन्वेस्टर्स के बीच भरोसा, जागरूकता और समझ बढ़ाना भी अहम होगा। जैसे-जैसे क्रिप्टो भारत के निवेश के माहौल में अपनी जगह बना रहा है, यह बदलाव आगे काफी अहम रहेगा।यह रिपोर्ट पूरी तरह से 2026 की दूसरी तिमाही के दौरान कॉइनस्विच प्लेटफॉर्म पर हुई गतिविधियों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें दूसरे क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर मौजूद यूज़र्स का डेटा शामिल नहीं है।

दिल्ली हाट में 1 सितंबर से शुरू होगा ‘शरद शिल्पोत्सव 2.0

नई दिल्ली। वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के हस्तशिल्प एवं हथकरघा आयुक्त की ओर से ‘शरद शिल्पोत्सव 2.0’ का आयोजन 1 से 15 सितंबर 2026 तक दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली में किया जाएगा। भारतीय हस्तनिर्मित विरासत को समर्पित यह विशेष आयोजन देशभर की पारंपरिक शिल्प कलाओं, क्षेत्रीय विविधता और कारीगरों की रचनात्मकता को एक मंच पर लाएगा। यह उत्सव प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक दर्शकों के लिए खुला रहेगा।‘शरद शिल्पोत्सव 2.0’ में देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी पारंपरिक हस्तशिल्प कलाओं और क्षेत्रीय विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन में आर्टिसन-लेड प्रोड्यूसर कम्पनीज की भागीदारी रहेगी, जो अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को सीधे ग्राहकों और बाजार तक पहुंचाने का अवसर पाएंगी।आर्टिसन-लेड प्रोड्यूसर कम्पनीज ऐसे समूह या उद्यम हैं, जिन्हें पारंपरिक कारीगर मिलकर संचालित करते हैं। इनके माध्यम से कारीगर अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को सीधे ग्राहकों और बाजार तक पहुंचा सकते हैं। इससे उन्हें नए ग्राहकों से जुड़ने, अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने और अपने हुनर को बेहतर पहचान दिलाने का अवसर मिलता है।दिल्ली हाट को इस अवसर पर रंग-बिरंगे सजावटी स्टॉल, बेंत से बने ढांचे और विशेष इंस्टॉलेशन से सजाया जाएगा। आगंतुक न केवल हस्तनिर्मित और हथकरघा उत्पाद खरीद सकेंगे, बल्कि कारीगरों से सीधे संवाद कर उनके हुनर की बारीकियां भी जान पाएंगे। लाइव डेमो और विभिन्न गतिविधियां इस उत्सव की खासियत होंगी, जो आगंतुकों को कला और परंपरा को करीब से देखने और अनुभव करने का अवसर देंगी।उत्सव में आगंतुकों को भारत की समृद्ध शिल्प परंपराओं और क्षेत्रीय विविधता को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। पारंपरिक कला, स्थानीय तकनीकों और आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पाद इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होंगे। यहां आने वाले लोग विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शिल्प कलाओं को देखने के साथ-साथ हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी भी कर सकेंगे।वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प आयुक्त की यह पहल भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने, कारीगरों और आर्टिसन-लेड प्रोड्यूसर कम्पनीज को सीधे बाजार से जोड़ने तथा देश की समृद्ध हस्तनिर्मित विरासत को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

आईपी यूनिवर्सिटी के डी. फ़ार्म एवं एम.फ़ार्म प्रोग्राम में दाख़िले के लिए 31 अगस्त तक आवेदन का अवसर

नई दिल्ली।आईपी यूनिवर्सिटी के डी. फ़ार्म एवं एम. फ़ार्म प्रोग्राम में दाख़िले के 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।अन्य प्रोग्राम की तरह 2,500 रुपये के आवेदन शुल्क के साथ इन दोनों प्रोग्राम में दाख़िले के लिए आवेदन किया जा सकता है।ये दोनों प्रोग्राम यूनिवर्सिटी के द्वारका कैंपस स्थित सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस इन फार्मास्यूटिकल साइंसेज में उपलब्ध हैं। दोनों में क्रमशः 60 एवं 100 सीटें उपलब्ध हैं।इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट http://www.ipu.ac.in और http://www.ipu.admissions.nic.in विजिट किया जा सकता है।

एमसीडी के पश्चिमी जोन ने पंजाबी बाग की रोड नंबर 77 स्थित महात्मा गांधी कैंप जेजे क्लस्टर में मेगा स्वच्छता अभियान चलाया

नई दिल्ली। दिल्ली को कूड़े से आजादी अभियान को गति देने तथा दिल्लीभर में स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) के पश्चिमी जोन द्वारा वार्ड संख्या 92, पंजाबी बाग के अंतर्गत रोड नंबर 77 के साथ स्थित महात्मा गांधी कैंप जेजे क्लस्टर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया।स्वच्छता अभियान के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) तथा सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (आई एंड एफसी) सहित संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया। अभियान का उद्देश्य महात्मा गांधी कैंप जेजे क्लस्टर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना और सड़कों, नालियों, कचरा हटाने तथा अतिक्रमण से संबंधित मुद्दों पर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना था।अभियान के दौरान एमसीडी द्वारा 180 सफाई कर्मचारियों और 10 बेलदारों को तैनात किया गया। इसके अलावा एमआरएस, वाटर स्प्रिंकलर, जेसीबी, टाटा वाहन, टिप्पर, साइकिल रिक्शा तथा व्हील बैरो सहित विभिन्न मशीनरी एवं उपकरणों का उपयोग किया गया। अभियान के दौरान मौके और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 17 टन मिश्रित ठोस कचरा (एमएसडब्ल्यू) एकत्र कर हटाया गया।स्वच्छता अभियान के तहत लगभग 1.5 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग की सफाई की गई। इसमें मुख्य सड़क, सेंट्रल वर्ज/ग्रीन बेल्ट तथा सर्विस लेन की सफाई एवं झाड़ू लगाने का कार्य शामिल था। इसके साथ ही बड़े और छोटे नालों की सफाई, एमएसडब्ल्यू एवं निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) कचरे को हटाने, पेड़ों की छंटाई तथा अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई।दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने भी मौके का दौरा कर पश्चिमी जोन, के उपायुक्त एवं सहायक आयुक्त के साथ संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, स्वच्छता की स्थिति तथा संबंधित विभागों द्वारा की जा रही समन्वित कार्रवाई की समीक्षा की गई।अभियान के परिणामस्वरूप क्षेत्र की सड़कों और गलियों से एमएसडब्ल्यू हटाया गया। जेजे क्लस्टर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों से एमएसडब्ल्यू एवं सी एंड डी कचरा हटाया गया, पेड़ों की हल्की छंटाई की गई तथा अस्थायी अतिक्रमण भी हटाए गए।पश्चिमी जोन द्वारा संबंधित विभागों के साथ अग्रिम समन्वय एवं फॉलो-अप भी किया गया, ताकि उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके और अंतर-विभागीय कार्रवाई को सुचारु रूप से अंजाम दिया जा सके। महात्मा गांधी कैंप जेजे क्लस्टर, इससे जुड़ी सड़कों तथा आसपास के क्षेत्रों में संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाने और स्वच्छता संबंधी गतिविधियां संचालित की गईं, जिससे अभियान का व्यापक प्रभाव सुनिश्चित हो सके।यह पहल दिल्ली को कूड़े से आजादी अभियान को निरंतर जमीनी स्तर पर कार्रवाई, संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा समुदाय-केंद्रित स्वच्छता प्रयासों के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एमसीडी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। अभियान के तहत जेजे क्लस्टरों तथा अन्य घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति

अहमदाबाद। भारतीय रेलवे आधुनिक निर्माण तकनीकों को अपनाकर सुरक्षित, टिकाऊ और यात्री-केंद्रित बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में लगातार नए मानक स्थापित कर रहा है। फैक्ट्री में निर्मित प्रीकास्ट RCC बॉक्स तथा एडवांस्ड हाइड्रोलिक पुशिंग तकनीक के उपयोग से अहमदाबाद और भिवंडी में सबवे निर्माण की हालिया उपलब्धियां निर्माण कार्य में तकनीकी दक्षता, सुरक्षा और स्थायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। अहमदाबाद में प्रीकास्ट RCC तकनीक से सबवे निर्माण पश्चिम रेलवे की निर्माण इकाई ने फैक्ट्री में निर्मित प्रीकास्ट RCC बॉक्स (फूजी टेक) तकनीक का उपयोग करते हुए पैदल यात्रियों के लिए सबवे का सफलतापूर्वक निर्माण किया। सबवे में 14 प्रीकास्ट सेगमेंट का उपयोग किया गया, जिसकी बैरल लंबाई 21 मीटर है। निर्माण कार्य कट-एंड-कवर विधि से किया गया और इसे 8 घंटे से भी कम समय के नाइट ब्लॉक में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।बॉक्स की पोस्ट-टेन्शनिंग, स्वेलिंग गैस्केट, डिंपल बोर्ड और SBS मेम्ब्रेन जैसी आधुनिक तकनीकों से प्रभावी वॉटरप्रूफिंग सुनिश्चित की गई।यह उपलब्धि रेलवे निर्माण में तेजी, गुणवत्ता, सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थायित्व के समन्वय को दर्शाती है। भिवंडी में सात रेलवे लाइनों के नीचे पहला वॉटरप्रूफ पैदल यात्री सबवे पनवेल-वसई रेल खंड के भिवंडी क्षेत्र में सात चालू रेलवे लाइनों के नीचे पहला वॉटरप्रूफ पैदल यात्री सबवे शुरू किया गया है।सबवे का निर्माण चार बड़े प्रीकास्ट RCC सेगमेंट और आधुनिक हाइड्रोलिक पुशिंग तकनीक का उपयोग करके किया गया।कई सीलिंग लेयर्स और सुरक्षात्मक मेम्ब्रेन के माध्यम से उन्नत वॉटरप्रूफिंग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।भारी माल ढुलाई यातायात को ध्यान में रखते हुए इसे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अनुरूप मानकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।सबवे पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित एवं हर मौसम में सुगम क्रॉसिंग उपलब्ध कराता है।इसमें कवर्ड अप्रोच, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन और ड्रेनेज जैसी यात्री सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। तकनीक, सुरक्षा और स्थायित्व का संगम अहमदाबाद और भिवंडी की ये उपलब्धियां भारतीय रेलवे की आधुनिक निर्माण प्रक्रियाओं, स्वदेशी तकनीक और यात्री-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के आधुनिक, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के विज़न के अनुरूप, भारतीय रेलवे अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाकर ऐसा रेल नेटवर्क विकसित कर रहा है, जो तकनीकी रूप से उन्नत, पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित हो।

जिलाधिकारी ने एमएमजी अस्पताल का किया निरीक्षण, स्वाइन फ्लू की तैयारियों का लिया जायजा

गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने जिला चिकित्सालय (एमएमजी अस्पताल) का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं एवं स्वाइन फ्लू की तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के फ्लू वार्ड का स्वयं निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वाइन फ्लू की रोकथाम एवं उपचार के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए की गई व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए पाया कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लिए 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। उन्होंने वार्ड में ऑक्सीजन की उपलब्धता, आवश्यक दवाइयों एवं अन्य चिकित्सीय संसाधनों की स्थिति के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की, जिस पर उन्होंने पाया कि सभी व्यवस्थाएं पूर्ण हैं।इसके पश्चात जिलाधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया, जहां मरीज भर्ती थे। उन्होंने मरीजों एवं उनके तीमारदारों से सीधे संवाद करते हुए अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने उनसे पूछा कि उन्हें उपचार एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है। इस पर मरीजों एवं तीमारदारों ने बताया कि उन्हें अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं तथा उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है।जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) से अस्पताल में कूलर, पंखे, बिजली एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की, और यदि आवश्यकता हो तो मांग पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा मरीजों एवं तीमारदारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके उपरांत जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति एवं उससे संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्माणाधीन भवन से संबंधित सभी एस्टिमेट, स्वीकृत कार्यों एवं वर्तमान में कराए जा रहे कार्यों का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की कमी अथवा आवश्यकता महसूस हो रही है तो उसकी भी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि भविष्य में बार-बार कार्य कराने की आवश्यकता न पड़े और भवन का निर्माण गुणवत्तापूर्ण, सुविधाजनक एवं उपयोगी तरीके से पूर्ण हो सके।स्वाइन फ्लू को लेकर स्थिति नियंत्रण में निरीक्षण के पश्चात मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार मादड़ ने बताया कि जनपद में अब तक स्वाइन फ्लू के जिन मरीजों की सूचना प्राप्त हुई थी, वे अपने-अपने घरों पर हैं और वर्तमान में स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि एमएमजी अस्पताल में इस समय स्वाइन फ्लू का कोई मरीज भर्ती नहीं है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 08826294546 जारी किया गया है। स्वाइन फ्लू से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। नेपाल में फंसे जनपदवासियों की सूचना देने की अपील मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा नेपाल में उत्पन्न आपातकालीन परिस्थितियों के बीच जनपद गाजियाबाद के लोगों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर जिलाधिकारी ने बताया कि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जो आपातकालीन परिस्थितियों के नोडल अधिकारी हैं, के माध्यम से इस संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा रही है।जिलाधिकारी ने मीडिया प्रतिनिधियों के माध्यम से जनपदवासियों से अपील की कि यदि किसी परिवार का कोई परिजन, रिश्तेदार अथवा परिचित नेपाल में मौजूद है और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है अथवा उसके संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो रही है, तो उसकी सूचना जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि संबंधित व्यक्ति के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने एवं यथासंभव सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सके।

अनिल बलूनी ने राहुल गांधी पर दलित राजनीति और समाज को बांटने का लगाया आरोप, बोले- और कितना नीचे गिरेंगे?

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनिल बलूनी ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दलित समाज को लेकर राजनीति करने, समाज में विभाजन पैदा करने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एक स्वच्छता कार्यक्रम को जाति से जोड़कर अनावश्यक विवाद पैदा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कार्यक्रम का जाति से कोई संबंध नहीं था, उसे भी राहुल गांधी ने राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कितना नीचे गिरेंगे? जिस स्वच्छता कार्यक्रम में जाति का कोई लेना-देना ही नहीं था, उसको भी जाति का एंगल दे देना और राजनीति करना, ये नेता प्रतिपक्ष को शोभा नहीं देता। जो इस पूजा–पाठ और साफ सफाई के कार्यक्रम में थे, वे भी दलित समाज से ही थे, राहुल गांधी। साथ ही, भाजपा से इनका कोई संबंध भी नहीं है। कमाल है, राहुल गांधी आपको ये झूठा और मनगढ़ंत आरोप लगाते शर्म नहीं आती। अनिल बलूनी ने आगे कहा कि देश का बंटवारा करने के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी समाज का बंटवारा करवाने में लग गए हैं। इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने दलितों के साथ हमेशा अन्याय किया है। बाबा साहब का अपमान करने वाले, अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम केसरी को बदनाम करने वाले, दलितों से अपने चप्पल उठवाने वाले और अपने वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष को कमरे से बाहर रखने वाले लोग जब दलित राजनीति पर ज्ञान देने लगते हैं तो यह बहुत ही हास्यास्पद लगता है। राहुल गांधी, पहले आप अपने गिरेबां में झांकें। वहीं, भाजपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी झूठ और भ्रम के आधार पर एक राजनीतिक नैरेटिव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित समाज का केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती रही है। पासवान ने कहा कि कांग्रेस दलित सम्मान की बात करती है, लेकिन पार्टी के भीतर ही दलित नेताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। उन्होंने वायनाड लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भूमिका का जिक्र करते हुए पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। पासवान ने कांग्रेस पर दलित नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर, बाबू जगजीवन राम, सीताराम केसरी और अन्य नेताओं के साथ कांग्रेस का रवैया इतिहास में दर्ज है। उन्होंने दावा किया कि बाबू जगजीवन राम को उनका उचित राजनीतिक सम्मान नहीं मिला और बाबासाहेब अंबेडकर को भारत रत्न भी कांग्रेस शासनकाल में नहीं दिया गया। उनके अनुसार, भाजपा समर्थित सरकार के दौरान बाबासाहेब अंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में सामाजिक न्याय को लेकर गंभीर है तो उसे अपने शासनकाल की उन घटनाओं का जवाब देना चाहिए, जिनमें दलित समुदाय के लोगों के साथ अत्याचार हुए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों को नेतृत्व में स्थान दिए जाने का भी उल्लेख किया। वहीं, राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की राजनीति को ‘विभाजनकारी’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस समय-समय पर जाति, भाषा, क्षेत्र, पितृसत्ता और अन्य सामाजिक मुद्दों को उठाकर समाज में टकराव पैदा करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा समाज के सभी वर्गों के बीच सामंजस्य और सामाजिक न्याय के साथ समाधान की राजनीति में विश्वास करती है। डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस के इतिहास और विभिन्न राज्यों में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दलितों और वंचित वर्गों के प्रति कांग्रेस का वास्तविक रवैया उसके राजनीतिक बयानों से अलग रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने हमेशा सामाजिक समरसता और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी हर मुद्दे को जातीय और सामाजिक संघर्ष के नजरिये से देखते हैं, जबकि देश को एकजुट करने की आवश्यकता है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास और वर्तमान आचरण की समीक्षा करनी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी लगातार ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जिनसे समाज में विभाजन की भावना को बढ़ावा मिलता है, जबकि भाजपा का लक्ष्य सभी वर्गों को साथ लेकर विकास और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है।