वॉशिंगटन। जस्टिस डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को बताया कि एक अफ़गान महिला को देश से निकाल दिया गया है। उसने 2024 के अमेरिकी चुनावों के दौरान ISIS से प्रेरित होकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की अपने परिवार की योजना का समर्थन किया था।जस्टिस डिपार्टमेंट ने कहा कि 47 वर्षीय नज़ीरा हाजी ज़ादा को अफ़गानिस्तान वापस भेज दिया गया। यह मामला ‘यूएस एलियन टेररिस्ट रिमूवल कोर्ट’ में सुना गया पहला मामला था।वह पहले टेक्सास के फोर्ट वर्थ में रहती थीं और अब उन पर अमेरिका में दोबारा आने पर हमेशा के लिए रोक लगा दी गई है।विभाग ने बताया कि ज़ादा ने माना कि वह एक “विदेशी आतंकवादी” (एलियन टेररिस्ट) हैं और उन्होंने अपील करने का अपना अधिकार छोड़ दिया।कोर्ट ने 20 अगस्त को उन्हें देश से निकालने का आदेश दिया था। अफ़गानिस्तान लौटने के बाद शुक्रवार को यह आदेश सार्वजनिक किया गया।उनके बेटे अब्दुल्ला हाजी ज़ादा और दामाद नासिर अहमद तौहीदी को 7 अक्टूबर, 2024 को गिरफ़्तार किया गया था। उन्होंने FBI के एक अंडरकवर कर्मचारी से हथियार और गोला-बारूद खरीदे थे।गिरफ़्तारी के समय 17 साल के अब्दुल्ला ने बालिग के तौर पर अपना अपराध कबूल किया और उसे 15 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई। सज़ा पूरी होने के बाद उसे अफ़गानिस्तान वापस भेजने पर सहमति बनी है।28 वर्षीय तौहीदी ने 13 जून, 2025 को आतंकवाद से जुड़े दो अपराधों के लिए अपना गुनाह कबूल किया। इन अपराधों में ISIS का समर्थन करना और हथियार व गोला-बारूद हासिल करना शामिल था। उसे सज़ा सुनाया जाना बाकी है।विभाग द्वारा बताए गए कोर्ट के दस्तावेज़ों के अनुसार, तौहीदी ने दो AK-47 राइफ़ल, 500 राउंड गोला-बारूद और 10 मैगज़ीन खरीदने की साज़िश रचने की बात मानी।बड़े पैमाने पर लोगों की जान लेने वाला यह हमला 5 नवंबर, 2024 को चुनाव के दिन या उसके आसपास होना था।फ़ेडरल प्रॉसिक्यूटर ने आरोप लगाया कि परिवार ने हमले के लिए पैसे जुटाने के वास्ते अपना सामान बेचना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि ज़ादा ने परिवार का घर बेचने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए थे।परिवार ने चुनाव के दिन से कुछ समय पहले काबुल जाने के लिए वन-वे टिकट भी खरीदे थे।इन टिकटों में ज़ादा और नाबालिग बच्चे शामिल थे, लेकिन अब्दुल्ला या तौहीदी शामिल नहीं थे।अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा, “यह एक अहम मामला है, जिसके नतीजे में इस विदेशी आतंकवादी को उसके मूल देश वापस भेजा गया है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून के शासन की जीत है।” FBI डायरेक्टर काश पटेल ने कहा, “अमेरिका में हमला करने की ISIS-समर्थक परिवार के सदस्यों की साज़िश का समर्थन करने वाले एक व्यक्ति को इसकी सज़ा भुगतनी पड़ी है।अमेरिकी सरकार ने 15 जुलाई को हटाने (रिमूवल) की अर्ज़ी दायर की थी।विभाग ने बताया कि अपना केस साबित करने के लिए उसने गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल किया और ज़ादा तथा उनके दो फ़ेडरल पब्लिक डिफेंडर्स को लगभग आधा टेराबाइट सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स दिए।चीफ़ जज जोन एन. एरिक्सन ने 30 जुलाई को ज़ादा की पहली कोर्ट पेशी की अध्यक्षता की और बाद में हटाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए।