गुजरात: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने राजस्थान में हत्या के आरोपी को पकड़ा

अहमदाबाद। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 54 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो राजस्थान में 2002 में दर्ज हत्या के एक मामले में 24 साल से फरार था। उसे वेजलपुर इलाके से पकड़ा गया, जहां वह कथित तौर पर अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था और इन सालों में उसने कई बार अपना घर बदला था। आरोपी की पहचान दिनेश देसाई के तौर पर हुई है। वह राजस्थान के पाली जिले के सादरी पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले डुंगली गांव में दलाराम नाई की हत्या के मामले में वांछित था। पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद देसाई पहले बनासकांठा जिले में अपने पैतृक गांव कांकरेज लौट आया था, लेकिन पुलिस के उसके घर पहुंचने के बाद वह वहां से भाग गया और अहमदाबाद आ गया। क्राइम ब्रांच के अनुसार, दो रिश्तेदारों के बीच पुश्तैनी संपत्ति और कारोबार को लेकर हुए विवाद के कारण हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपी और तीन अन्य लोग कथित तौर पर अहमदाबाद से पाली एक चार-पहिया वाहन में गए थे और उन्होंने जान-बूझकर उस मोटरसाइकिल को टक्कर मारी जिस पर दलाराम नाई सवार थे। यह घटना शरद डुंगली के पास बेरा तिलावानी में हुई थी। इस घटना में पीड़ित की मौत हो गई, जबकि आरोपी ने कार को मौके पर ही छोड़ दिया और भाग गया। उसने ऐसा इसलिए किया ताकि मौत को एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके। पुलिस की जांच और पहले की गई शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। यह मामला सदरी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 302, 120(बी), 481 और 308 के तहत दर्ज किया गया। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एपी जेबलिया ने बताया कि उनकी यूनिट गुजरात और राज्य के बाहर लंबे समय से लंबित मामलों में वांछित आरोपियों की तलाश कर रही थी। जेबलिया ने कहा कि इस दौरान, हमारे पीएसआई एबी देसाई को जानकारी मिली कि राजस्थान के पाली जिले में सदरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में डुंगली गांव आता है। वहां 2002 में एक हत्या हुई थी और उस मामले का आरोपी अहमदाबाद के वेजलपुर में रह रहा था। उन्होंने बताया कि आरोपी ने शुरुआत में अपनी पहचान छिपाकर सतेज इलाके में अलग-अलग जगहों पर मजदूर के तौर पर काम किया। बाद में वह वेजलपुर चला गया, जहां वह लगभग पांच-छह घरों में रहने के बाद रेडियो मिर्ची रोड पर सागर सम्राट अपार्टमेंट में अपने परिवार के साथ रहने लगा। पुलिस ने आरोपी के बारे में जानकारी जुटाने, उसकी पहचान पक्की करने और उसका मौजूदा ठिकाना पता लगाने के लिए मुखबिरों और तकनीकी जांच का सहारा लिया। जेबलिया ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। उनमें से एक, रमेश नाई, देसाई का रिश्तेदार था और कथित तौर पर उस संपत्ति विवाद में शामिल था जिसके कारण हत्या हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके बीच प्रॉपर्टी को लेकर पारिवारिक झगड़ा था, जिसके कारण उन्होंने हत्या करने का फैसला किया। जब उसको मोटरसाइकिल से जा रहा था, तो उन्होंने पीछे से टाटा सूमो से उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। क्राइम ब्रांच ने कहा कि आगे की जांच उन जगहों पर केंद्रित होगी जहां देसाई 24 साल तक फरार रहने के दौरान रहा था और क्या किसी ने उसकी पहचान छिपाने में उसकी मदद की थी। जेबालिया ने कहा कि अब हम इस बात की आगे जांच करेंगे कि यह आरोपी कहां छिपा हुआ था और किसने उसकी मदद की थी। हम उसे राजस्थान पुलिस को सौंप देंगे।

मॉस्को के पास ड्रोन हमलों के बीच तुर्किश एयरलाइंस की उड़ान इस्तांबुल लौटी

अंकारा। तुर्किश एयरलाइंस की इस्तांबुल से मॉस्को जा रही एक फ्लाइट रविवार को रूस की राजधानी के पास पहुंचने के बाद वापस इस्तांबुल लौट गई। फ्लाइट-ट्रैकिंग के आंकड़ों और तुर्की मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, उस समय मॉस्को पर यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया जा रहा था। तुर्किश एयरलाइंस की उड़ान टीके407, जिसे एयरबस ए330-300 विमान से संचालित किया जा रहा था, रविवार को स्थानीय समय के अनुसार रात 2:22 बजे (शनिवार 23:22 जीएमटी) इस्तांबुल से मॉस्को के वनुकोवो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए रवाना हुई थी। रूस के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने और मॉस्को के करीब पहुंचने के बाद विमान वापस मुड़ गया और बाद में इस्तांबुल में उतर गया। इस स्थिति का असर तुर्की और रूस के बीच चलने वाली दूसरी उड़ानों पर भी पड़ा। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, वनुकोवो आने-जाने वाली तुर्की की एयरलाइंस द्वारा संचालित कम से कम 35 उड़ानों में देरी हुई या उन्हें रद्द कर दिया गया। उड़ानों में यह परेशानी ऐसे समय हुई, जब मॉस्को और रूस के अन्य हिस्सों पर रातभर यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया गया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि शनिवार से अब तक रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने देशभर में 1600 से अधिक ड्रोन को रोक दिया। इनमें मॉस्को की ओर बढ़ रहे करीब 450 ड्रोन शामिल थे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि रूसी सेनाओं ने एक सप्ताह के दौरान यूक्रेन के रक्षा संयंत्रों, रसद केंद्रों, ऊर्जा और परिवहन से जुड़े बुनियादी ढांचे पर दो बड़े और पांच समूह हमले किए। इस दौरान रूसी सेनाओं ने दस बस्तियों पर कब्जा भी कर लिया। मंत्रालय के अनुसार, हमलों में रक्षा, धातु, मोटर और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों से जुड़े प्रतिष्ठानों, सैन्य रसद और वितरण केंद्रों, ईंधन एवं ऊर्जा सुविधाओं, रेलवे और सड़क बुनियादी ढांचे, ड्रोन बनाने वाली वर्कशॉप और भंडारण केंद्रों, गोला-बारूद और ईंधन डिपो, बंदरगाहों के साथ-साथ यूक्रेनी सशस्त्र बलों और विदेशी लड़ाकों की अस्थायी तैनाती वाली जगहों को निशाना बनाया गया। समुद्री ठिकानों के बारे में मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन के 12 मालवाहक जहाजों, दो समुद्री नौकाओं, एक टैंकर और एक टगबोट को निशाना बनाया गया। मंत्रालय के मुताबिक, एक सप्ताह के दौरान रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने 44 गाइडेड हवाई बम, आठ हिमर्स रॉकेट, दो नेप्च्यून लंबी दूरी की गाइडेड मिसाइलें और 5,706 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। बुधवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि यूक्रेन की जमीन पर पश्चिमी देशों के सैनिकों की तैनाती को रूस सीधे युद्ध की घोषणा मानेगा। लावरोव ने बुधवार को येकातेरिनबर्ग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव में कहा, “मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि हमारी इसमें शामिल होने में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन अगर यूरोप, जो हर दिन रूस के खिलाफ युद्ध की तैयारी की बात करता है, रूसी संघ पर हमला करता है, तो वह बिल्कुल अलग तरह का युद्ध होगा और वह बहुत कम समय तक चलेगा।” लावरोव ने आगे कहा कि मॉस्को अब भी कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है। इसमें अमेरिका की ओर से दोबारा प्रस्तावित त्रिपक्षीय प्रारूप भी शामिल है।

बाराबती स्टेडियम में ओडिशा टी20 लीग की शुरुआत, सुरेश रैना बोले- ये अपने हुनर ​​को दिखाने का बेहतरीन मौका है

कटक। ओडिशा टी20 लीग 2026 की शुरुआत रविवार को कटक के मशहूर बाराबती स्टेडियम में हुई। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उद्धाटन समारोह में फैंस को क्रिकेट, मनोरंजन और लीग के ब्रांड एंबेसडर और भारत के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और देबाशीष मोहंती की प्रेरणादायक बातें सुनने को मिलीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भारत के इन दोनों पूर्व खिलाड़ियों और सभी छह टीमों के मालिकों को सम्मानित किया। रैना ब्रांड एंबेसडर के तौर पर इस टूर्नामेंट से जुड़े हैं। उन्होंने लीग में हिस्सा ले रहे युवा क्रिकेटर्स को इस मौके का पूरा फायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा, “मैं इतने शानदार आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी की मेहनत की तारीफ करना चाहता हूं और उन्हें बधाई देता हूं। सभी खिलाड़ियों के लिए मेरा संदेश सरल है: जमकर खेलें, ईमानदारी से खेलें और सबसे जरूरी बात, खेल का लुत्फ उठाएं। आप सभी के लिए यह अपने हुनर ​​को दिखाने, अनुभव से सीखने और अपने खेल को आगे ले जाने का एक बेहतरीन मौका है।” देबाशीष मोहंती ने भी इस पहल की तारीफ की और युवा खिलाड़ियों को मुकाबला करने और कीमती अनुभव हासिल करने के लिए एक मंच देने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “ओडिशा टी20 लीग युवा क्रिकेटरों के लिए अपने हुनर ​​को दिखाने और प्रोफेशनल माहौल में मुकाबला करने का एक शानदार मौका है। इस तरह का टूर्नामेंट खिलाड़ियों को वह आत्मविश्वास और अनुभव दे सकता है, जिसकी उन्हें अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए जरूरत होती है। मुझे खुशी है कि मैं इस लीग से जुड़ा हूं और मैं सभी टीमों और खिलाड़ियों को इस सीजन के लिए शुभकामनाएं देता हूं।” इस मौके पर ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन (ओसीए) के सचिव संजय बेहरा ने कहा कि इन दो क्रिकेटर्स की मौजूदगी टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी। बेहरा ने कहा, “सुरेश रैना और देबाशीष मोहंती का ओडिशा टी20 लीग से जुड़ना हमारे लिए बहुत गर्व की बात है। दोनों ने सबसे ऊंचे स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है और भारतीय क्रिकेट में अहम योगदान दिया है। उनका अनुभव और मौजूदगी हमारे युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और उन्हें ऐसे लोगों से सीखने का मौका देगी जिन्होंने सबसे ऊंचे स्तर पर क्रिकेट खेला है।” ओपनिंग सेरेमनी में मनोरंजन का एक खास कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय ने स्टेज पर अपने डांस से दर्शकों का मन मोह लिया। टूर्नामेंट की शुरुआत के लिए बाराबती स्टेडियम में एकत्रित हुए दर्शकों का उत्साह उनकी मौजूदगी से और बढ़ गया।

पहला वनडे: तेजल-अनुष्का के बीच 126 रन की साझेदारी, भारतीय महिलाओं ने ऑस्ट्रेलिया-ए को 4 विकेट से हराया

मोहाली। भारतीय महिला-ए टीम ने ऑस्ट्रेलिया महिला-ए के खिलाफ अनाधिकारिक वनडे सीरीज के पहले मैच को 4 विकेट से अपने नाम किया। इसी के साथ भारत ने तीन मुकाबलों की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली। यह मुकाबला रविवार को पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला गया। इससे पहले, ऑस्ट्रेलियाई टीम ने तीन टी20 मुकाबलों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। पहला मैच 6 विकेट से जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अगला मुकाबला 30 रन से अपने नाम किया। सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच मेहमान टीम ने 7 रन से जीता था। वनडे सीरीज के शेष 2 मुकाबले 23 और 25 सितंबर को खेले जाने हैं, जिसके बाद 29 सितंबर से एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाएगा। टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 46.3 ओवरों में सिर्फ 235 रन पर सिमट गई। रेचल ट्रेनामन और कप्तान ताहलिया विल्सन की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 81 रन की साझेदारी की। रेचल 36 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि ताहलिया ने 8 चौकों के साथ 48 रन बनाए। इस टीम ने 87 के स्कोर तक दोनों सलामी बल्लेबाजों के गंवा दिए थे। यहां से चार्ली नॉट (39) ने केटी मैक (23) के साथ तीसरे विकेट के लिए 54 गेंदों में 62 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 149 के स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। आलम ये रहा कि 174 के स्कोर तक 6 विकेट गिर गए। यहां से टेस फ्लिंटॉफ (22) ने सियाना जिंजर (15) के साथ सातवें विकेट के लिए 27 रन और मिली इलिंगवर्थ (17) ने फ्रैंकी निक्लिन (नाबाद 2) के साथ 10वें विकेट के लिए 20 रन की साझेदारी करते हुए टीम को जैसे-तैसे 235 के स्कोर तक पहुंचाया। भारतीय खेमे से वैष्णवी शर्मा और निकी प्रसाद को 3-3 विकेट हाथ लगे, जबकि अमनदीप कौर ने 2 विकेट चटकाए। इसके जवाब में भारत की महिला-ए टीम ने 41.1 ओवरों में मुकाबला अपने नाम कर लिया। मेजबान टीम ने 46 के स्कोर तक अपने 3 विकेट गंवा दिए थे, जिसके बाद तेजल हसबनीस ने अनुष्का शर्मा के साथ चौथे विकेट के लिए 126 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 172 के स्कोर तक पहुंचा दिया। अनुष्का 61 गेंदों में 7 बाउंड्री के साथ 55 रन बनाकर आउट हुईं, जिसके बाद निकी प्रसाद ने तेजल के साथ 23 रन और सायली सतघारे (25) के साथ 40 रन की साझेदारी करते हुए टीम को आसान जीत दिलाई। तेजल 82 गेंदों में 6 छक्कों और 5 चौकों के साथ 81 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि निकी ने 5 बाउंड्री के साथ नाबाद 32 रन बनाए। ऑस्ट्रेलियाई खेमे से टेस फ्लिंटॉफ और फ्रैंकी निक्लिन ने 2-2 विकेट चटकाए।

एसआईआर नोटिस पर ईसीआई की सफाई, पूर्व चुनाव आयुक्त संधू का नाम अंतिम मतदाता सूची में होगा शामिल

नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने पूर्व चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को जारी किए गए एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) नोटिस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों और दस्तावेजों का सत्यापन कर लिया गया है और उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। रविवार को जारी बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि एस.एस. संधू की मतदाता प्रविष्टि विधानसभा क्षेत्र-38 (दिल्ली कैंट) में अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के लिए पहले ही सत्यापित कर ली गई है। इस क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची 11 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। आयोग ने कहा कि सोशल मीडिया पर एस.एस. संधू को एसआईआर प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए जाने को लेकर भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही थी। इसी को लेकर यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, 2026 की विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान एस.एस. संधू की प्रविष्टि को “नाम में विसंगति” श्रेणी में चिन्हित किया गया था। यह वर्गीकरण एन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जानकारी और पिछली मतदाता सूची से मिलान के आधार पर किया गया था। आयोग ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनकी प्रविष्टियों का पिछली मतदाता सूची से तार्किक रूप से मिलान नहीं हो पाया या जिनमें किसी प्रकार की विसंगति पाई गई। ईसीआई ने यह भी कहा कि न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, संवैधानिक पदाधिकारियों तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और लोक सेवा से जुड़ी प्रमुख हस्तियों के नाम, यदि डेटाबेस में चिन्हित हुए हैं, तो उन्हें भी ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया गया है ताकि दावा और आपत्ति की अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जा सकें। आयोग ने कहा कि नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाता निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के समक्ष आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा सत्यापन के बाद इन नोटिसों का निस्तारण 29 अक्टूबर तक किया जाएगा। चुनाव आयोग ने दोहराया कि उसका उद्देश्य पारदर्शी, सहभागी और समावेशी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

सेवा संकल्प यात्रा मध्य प्रदेश-राजस्थान पहुंची, बीजेवाईएम फैला रही सेवा का संदेश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के जन-सेवा कार्य के उपलक्ष्य में 17 सितंबर को वडनगर और वाराणसी से शुरू हुई भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) की ‘सेवा संकल्प यात्रा’ चौथे दिन भी जारी रही। यह यात्रा देश भर में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और जन-भागीदारी का संदेश पहुंचा रही है। गुजरात और उत्तर प्रदेश से एक साथ शुरू हुई यह यात्रा कई रास्तों से गुजरी और रविवार को मध्य प्रदेश और राजस्थान में दाखिल हुई। इस दौरान हजारों कार्यकर्ता और आम नागरिक सेवा से जुड़े कामों में हिस्सा ले रहे हैं। एक जगह से दूसरी जगह जाने के अलावा, इस यात्रा का मकसद ‘सेवा संकल्प’ की भावना को सीधे लोगों तक पहुंचाना है। हर पड़ाव पर, बीजेवाईएम कार्यकर्ता समुदायों से मिल रहे हैं, स्थानीय मुद्दों को समझ रहे हैं, और ऐसे काम कर रहे हैं जिनका समाज पर सार्थक असर पड़े। चुने हुए प्रतिनिधि और जन-नेता भी ‘सेवा यात्री’ के तौर पर शामिल हुए हैं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ‘सेवा यात्री’ के तौर पर हिस्सा लिया और खेड़ा जिले के कनिज गांव में ग्रामीणों के साथ ‘जन संवाद’ किया। भाजपा सांसद और सभी सेल्स के राष्ट्रीय प्रभारी वीडी शर्मा भी यात्रा के एक रूट में शामिल हुए और जमीनी स्तर की गतिविधियों में हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश से राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और लोकसभा सांसद राजमणि कोल ने इसमें हिस्सा लिया, जबकि गुजरात के मंत्री कमलेश पटेल और रिवाबा जडेजा भी उन प्रमुख नेताओं में शामिल थे जिन्होंने सेवा के इन कामों में भाग लिया। इन रास्तों पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सार्वजनिक जगहों और गांवों में “स्वच्छता अभियान” और सफाई कार्यक्रम, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए पेड़ लगाने के कार्यक्रम, भजन गायन और आध्यात्मिक सभाएं, नागरिकों से सीधे बातचीत के लिए जन चौपाल और जन संवाद, वृद्धाश्रमों का दौरा और बुज़ुर्गों की सेवा, और स्थानीय जरूरतों के आधार पर समुदाय से जुड़ने वाले अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। यह यात्रा इस सोच को दिखाती है कि सेवा कोई कभी-कभार की जाने वाली गतिविधि नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक लगातार बनी रहने वाली जिम्मेदारी है। इसका मकसद युवा पीढ़ी को निस्वार्थ सेवा, अनुशासन, दया और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे उन मूल्यों से जोड़ना है जो पिछले 25 सालों से प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन की पहचान रहे हैं।

‘भारतीय संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाना है लक्ष्य,’ बागेश्वर धाम में बोलीं ‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम इन दिनों श्रद्धालुओं के साथ-साथ फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में नीम करौली बाबा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर बागेश्वर धाम पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने धाम में चल रही विभिन्न सेवाओं और व्यवस्थाओं को देखा और आईएएनएस से बातचीत में अपनी फिल्म, गुरुजी से मिले मार्गदर्शन और भविष्य की योजनाओं के बारे में खुलकर बात की। अनुप्रिया नागर ने सबसे पहले उस चर्चा पर सफाई दी, जिसमें यह कहा जा रहा था कि वह बागेश्वर धाम या बागेश्वर महाराज पर फिल्म बनाने जा रही हैं। उन्होंने इसे गलतफहमी बताते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा है। उनका कहना है कि उनकी बागेश्वर धाम और गुरुजी के प्रति गहरी आस्था है और यहां आने पर उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वह अपने ही परिवार के बीच आई हों। हालांकि, फिल्म बनाने को लेकर अभी कोई निश्चित घोषणा उन्होंने नहीं की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जो भी काम होगा, उसमें गुरुजी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद की उनकी इच्छा जरूर रहेगी। अपनी बागेश्वर धाम यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए अनुप्रिया ने कहा, “मैं दूसरी बार बागेश्वर धाम आई हूं और भिवंडी मठ भी एक बार गई थी। यहां की ऊर्जा और आस्था बहुत मजबूत है। मैं कुछ समय से यहां हूं और मैंने यहां की सभी व्यवस्थाएं भी देखी हैं। मुझे पता है कि यहां की ऊर्जा बहुत खास है और मैंने व्यक्तिगत रूप से इसे महसूस किया है।” अपनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सफर को याद करते हुए अनुप्रिया ने बताया कि फिल्म को शुरुआती दौर में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पहले सप्ताह के बाद फिल्म को लेकर इंडस्ट्री में तरह-तरह की बातें होने लगी थीं और उन्हें भी चिंता हुई थी। इसके बावजूद उन्होंने और उनकी पूरी टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्हें हमेशा विश्वास रहा कि नीम करौली बाबा की कृपा और आशीर्वाद उनके साथ है और फिल्म आगे जरूर जाएगी। अनुप्रिया ने यह भी बताया कि बागेश्वर धाम के गुरुजी से उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में आगे के काम को लेकर मार्गदर्शन मिला है। उनके मुताबिक, वह खुद को इंडस्ट्री में अभी भी सीखने की स्थिति में मानती हैं। ऐसे में गुरुजी से मिलने वाला हौसला उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। वह चाहती हैं कि इसी विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ वह फिल्म इंडस्ट्री में अपना काम जारी रखें। भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए अनुप्रिया नागर ने कहा कि उनका फोकस सिर्फ फिल्में बनाने तक सीमित नहीं है। वह भारतीय संस्कृति और भारतीय मूल्यों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं। इस दौरान उन्होंने धाम में चल रही अन्नपूर्णा रसोई और भंडारे की व्यवस्था की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है, जो उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। इसके अलावा अनुप्रिया नागर ने बागेश्वर धाम के गुरुकुल का भी दौरा किया। उन्होंने बताया कि यहां बच्चों को सिर्फ पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें संस्कृत और अंग्रेजी के साथ-साथ घुड़सवारी और अन्य गतिविधियां भी सिखाई जा रही हैं। उन्होंने गौशाला की व्यवस्थाएं भी देखीं और धाम में बन रहे कैंसर अस्पताल के बारे में भी जानकारी ली। कैंसर अस्पताल को लेकर अनुप्रिया ने बताया कि निर्माण कार्य अभी जारी है, लेकिन वहां मौजूद लोगों से उन्हें अस्पताल की योजना और भविष्य के विजन के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए इस तरह की पहल महत्वपूर्ण है। अभी गुरुजी अपने स्तर पर लोगों की मदद करते हैं, लेकिन भविष्य में कैंसर अस्पताल के जरिए जरूरतमंद मरीजों को इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

रायचूर के किल्ले बृहन्मठ में निकली 21वीं सद्भावना पदयात्रा, जीवित हाथी की जगह रोबोटिक हाथी बना आकर्षण का केंद्र

रायचूर। कर्नाटक के रायचूर में ऐतिहासिक ‘किल्ले बृहन्मठ’ के स्वर्गीय श्री गुरुपाद शिवाचार्य स्वामीजी की याद में रविवार को 21वीं सद्भावना पदयात्रा निकाली गई। इस सद्भावना पदयात्रा की एक खास बात रोबोटिक हाथी का इस्तेमाल थी। इस रोबोटिक हाथी को बिल्कुल असली हाथी जैसा दिखने और लगने के लिए डिजाइन किया गया है। ‘पेट इंडिया’ नाम की संस्था ने मठ को यह रोबोटिक हाथी दान में दिया था। ऐसे धार्मिक आयोजनों में हजारों लोग इकट्ठा होते हैं। भीड़ और तेज आवाज वाले संगीत के बीच असली हाथी के होने से जानवर डर और बेचैनी महसूस कर सकता है, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं। जानवरों के साथ क्रूरता रोकने और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए रोबोटिक हाथी का इस्तेमाल किया जा रहा है। रविवार को मठ में पूरे विधि विधान के साथ इस रोबोटिक हाथी को रखा गया। मंदिर के अध्यक्ष श्री 108 साविर देवरा शांतमल्ला शिवाचार्य महास्वामीजी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ‘पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स इंडिया’ (पेटा इंडिया) ने मठ को यह रोबोटिक हाथी दान किया है। इसके लिए शिवाचार्य महास्वामीजी ने पेटा इंडिया और सीयूपीए को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह मंदिर में केवल एक नई चीज का जुड़ना नहीं है। यह हमारी परंपराओं को ऐसे तरीके से मनाने की दिशा में एक कदम है जो दया और बदलते समय को दर्शाता है। रोबोटिक हाथी भक्तों को हमारे समारोहों से जुड़ी सुंदरता और गरिमा का अनुभव करने का मौका देता है, साथ ही हमें यह भरोसा भी दिलाता है कि मंदिर के उत्सवों के लिए किसी असली हाथी को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। यह रोबोटिक हाथी 3 मीटर ऊंचा और 500 किलो वजन वाला हैं। ये रबर, फाइबर, मेटल, मेश, फोम और स्टील से बना है और यह पांच मोटरों से चलता है। एक रोबोटिक हाथी असली हाथी जैसा दिखता और महसूस होता है।

एफटीए के लागू होने का असर, वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में भारत के निर्यात में आई तेजी

नई दिल्ली। वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वाले साझेदार देशों को भारत के निर्यात में तेज बढ़ोतरी हुई है। सिंगापुर और श्रीलंका को निर्यात दोगुने से अधिक बढ़ा है, जबकि आसियान देशों को निर्यात में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इससे यह संकेत मिलता है कि व्यापार समझौते वास्तव में परिणाम देने लगे हैं। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई। तंजानिया के समाचार पत्र ‘द गार्जियन’ में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, आंकड़े बताते हैं कि भारत का बढ़ता व्यापार समझौतों का नेटवर्क अब बातचीत के जरिए मिले बाजार पहुंच के लाभ को वास्तविक निर्यात वृद्धि में तेजी से बदल रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात अब तक के सर्वोच्च स्तर 863.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जिसमें 441.8 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात और 421.3 अरब डॉलर का सेवा निर्यात शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एफटीए साझेदार देशों के ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारत केवल अपने निर्यात की मात्रा नहीं बढ़ा रहा है, बल्कि बाजार में अपनी मौजूदगी का विस्तार करने के लिए तरजीही व्यापार व्यवस्थाओं का भी तेजी से इस्तेमाल कर रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 के दौरान सिंगापुर को भारत का निर्यात सालाना आधार पर 101.2 प्रतिशत बढ़कर 6.52 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 3.24 अरब डॉलर था। श्रीलंका को निर्यात में इससे भी अधिक वृद्धि दर्ज की गई। यह 123.8 प्रतिशत बढ़कर 2.35 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 1.05 अरब डॉलर था। आसियान क्षेत्र में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत का निर्यात 61.6 प्रतिशत बढ़कर 14.61 अरब डॉलर हो गया, जबकि अप्रैल-जून 2025 के दौरान यह 9.04 अरब डॉलर था। मलेशिया को निर्यात 75.2 प्रतिशत बढ़कर 2.54 अरब डॉलर हो गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया को निर्यात 25.2 प्रतिशत बढ़कर 2.68 अरब डॉलर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया को निर्यात 22.6 प्रतिशत बढ़कर 1.95 अरब डॉलर और जापान को 22.4 प्रतिशत बढ़कर 1.75 अरब डॉलर हो गया। इसी तरह, ओमान को निर्यात 26.4 प्रतिशत बढ़कर 1.39 अरब डॉलर, जबकि नेपाल को निर्यात 18.1 प्रतिशत बढ़कर 2.28 अरब डॉलर हो गया। भूटान और थाईलैंड को निर्यात में भी क्रमशः 16.1 प्रतिशत और 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। नई दिल्ली द्वारा हाल में किए गए व्यापार समझौतों में भारत-यूएई सीईपीए, भारत-ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए, भारत-ईएफटीए टीईपीए, भारत-ओमान सीईपीए और भारत-यूके सीईटीए शामिल हैं। भारत ने न्यूजीलैंड के साथ भी एफटीए संपन्न किया है, जो अभी लागू होने की प्रक्रिया में है। वहीं, यूरोपीय संघ के साथ बातचीत जनवरी 2026 में पूरी हो गई थी।

पाकिस्तान की फ्यूल रिलीफ स्कीम में अहम बदलाव, सस्ता पेट्रोल लेने के लिए मिलेंगे 2000 रुपए के चार टोकन

इस्‍लामाबाद। पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने लोगों को बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री फ्यूल रिलीफ स्कीम में कई बदलाव क‍िए हैं। साथ ही एसएमएस शुल्‍क भी खत्‍म कर द‍िया है। प्रधानमंत्री फ्यूल रिलीफ स्कीम का उद्देश्य पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता देना है। शुरुआत में इस योजना के तहत पात्र मोटरसाइकिल, रिक्शा और छोटी कारों के मालिकों को सीमित मात्रा में पेट्रोल पर 100 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर की राहत दी जाती है। दो और तीन पहिया वाहनों के लिए राहत की सीमा 20 लीटर प्रतिमाह है, जबकि 800 सीसी तक की कारों के लिए यह 30 लीटर प्रतिमाह है। पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र ‘डॉन’ की र‍िपोर्ट के अनुसार, सरकार ने शनिवार को इन बदलावों का ऐलान क‍िया। मीडिया ब्रीफिंग में आईटी और टेलीकम्युनिकेशन मंत्री शाजा फातिमा ख्वाजा ने बताया कि दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए प्रति टोकन 500 रुपए की राहत सीमा को समाप्त कर दिया गया है। दोपहिया और तिपहिया वाहन उपयोगकर्ता अब हर महीने चार टोकन प्राप्त कर सकेंगे। प्रत्येक टोकन पर 500 रुपए की राहत मिलेगी। उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि यदि दो लीटर पेट्रोल की कीमत 780 रुपए है, तो 500 रुपए के राहत टोकन का उपयोग करने के बाद लाभार्थी को केवल 280 रुपए का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही स्कीम में एक और बड़ा बदलाव एसएमएस शुल्क पूरी तरह खत्म करना है। अब एसएमएस सभी के लिए मुफ्त होगा, चाहे किसी के पास 800 सीसी की कार हो या फिर दो या तीन पहिया वाहन। उनके अनुसार, शनिवार को दोपहर 3 बजे तक इस योजना के तहत 17.5 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण करा लिया है, जबकि करीब 15 लाख राहत टोकन जारी किए जा चुके थे। इससे पता चलता है कि योजना को लोगों से तेज प्रतिक्रिया मिल रही है और बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थी इसका फायदा उठा रहे हैं। डॉन के अनुसार, इस बीच उप प्रधानमंत्री इशाक डार की अध्यक्षता वाली नेशनल स्टीयरिंग कमेटी ऑन फ्यूल सब्सिडी ने ऐसे इलाकों के पेट्रोल पंपों पर एसएमएस के जरिए फ्यूल टोकन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है, जहां इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कमेटी ने आजाद जम्मू-कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान और सभी प्रांतों से ऐसे पेट्रोल पंपों की लिस्ट देने को कहा है, ताकि उन्हें बिना किसी देरी के इस स्कीम से जोड़ा जा सके। देशभर में 9771 पर एसएमएस भेजकर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है।