बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से लगभग 13 हजार 790 करोड़ रुपए की स्वीकृति

भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से लगभग 13 हजार 790 करोड़ रुपए से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों और खेलों के विकास, किसानों, युवाओं, न्यायिक व्यवस्था और आम नागरिकों से जुड़े कई दूरगामी व जनहितैषी निर्णय लिए गए। प्रदेश की खेल और युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण व संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपए की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इन खेल परिसरों का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स होगा। 16वें वित्त आयोग के तहत उच्च न्यायालय (भारित), परिवार न्यायालयों, ग्राम न्यायालयों और विधिक सहायता बोर्ड के सुचारू संचालन के लिए 4,000 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय निरंतरता मंजूर की गई। इसके अतिरिक्त वाणिज्यिक कर विभाग की 6 प्रमुख योजनाओं, शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में निरंतरता के साथ ही 13 नवीन पदों तथा नवगठित जिलों मैहर, पांढुर्णा एवं सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए कार्यालयों व पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई। खेतों में सिंचाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी पांच वर्षों 2026-2031 के लिए नीमच की महत्वाकांक्षी जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रुपए तथा राजगढ़ की सुठालिया एवं पार्वती रिन्सी परियोजनाओं के लिए क्रमशः 262 करोड़ 63 लाख रुपए और 507 करोड़ 23 लाख रुपए की निरंतरता की स्वीकृत दी गई, इससे 88 हजार हैक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए 2800 मेगावॉट ताप विद्युत क्रय करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। मंत्रिपरिषद ने राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य राजगढ़ जिले के 40,000 हैक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति द्वारा सिंचाई क्षमता में वृद्धि करना है। मंत्रिपरिषद ने नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की आगामी 5 वर्षों 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरन्तरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ 58 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। जावद नीमच परियोजना एक दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई योजना है, जिससे सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत सिंचाई तकनीक (दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई) के माध्यम से पानी की बचत और सिंचाई क्षमता में वृद्धि करते हुये क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाना है। मंत्रिपरिषद ने राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की आगामी 05 वर्षों यानि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर राजगढ़ जिले की 48,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता को बढ़ाना है। मंत्रिपरिषद ने ऊर्जा विभाग की एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावॉट ताप विद्युत जिसके अंतर्गत मध्य प्रदेश में मौजूदा निर्माणाधीन एवं राज्य में ही प्रस्तावित नवीन (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत क्रय के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मंत्रिपरिषद द्वारा 24 जनवरी 2025 को लिए निर्णय अंतर्गत 900 मेगावॉट ताप विद्युत क्रय से संबंधित अनुमोदन उक्त निविदा के निरस्त हो जाने के फलस्वरूप वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार 2800 मेगावॉट ताप विद्युत क्रय में समाहित माना जाएगा। एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावॉट ताप विद्युत अंतर्गत मध्यप्रदेश में मौजूदा/निर्माणाधीन एवं राज्य में ही प्रस्तावित नवीन (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत क्रय के लिए आवश्यक कार्यवाही किए जाने की स्वीकृति दी है। प्रकरण में नियामक आयोग के अनुमोदन एवं आदेश के अनुसार समस्त आगामी कार्यवाही के लिए प्रबंध संचालक एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी को अधिकृत किया गया है। मंत्रिपरिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तहत प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर निर्माण व संचालन के लिए के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपए की सैध्दांतिक सहमति प्रदान की है। इन खेल परिसरों का नामकरण मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स काम्पलेक्स किए जाने के साथ ही मुख्य मैदान के बीच में स्थायी हैलीपैड बनाने का भी निर्णय लिया गया। हैलीपैड बनने से पीएमश्री योजना के हैलीकाप्टर्स का आवागमन सुगम और सुचारू हो सकेगा। मंत्रिपरिषद ने ग्राम न्यायालय योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 554 करोड़ 61 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। इस योजना में राज्य के समस्त ग्राम न्यायालयों में पदस्थ समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के वेतन, भत्ते एवं कार्यालयीन व्ययों का भुगतान किया जाता है। ग्राम न्यायालयों में विधि अनुसार प्रस्तुत प्रकरणों का निराकरण भी किया जाता है मंत्रिपरिषद ने विधि विभाग के अंतर्गत म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिए निरंतरता के लिए 524 करोड़ रुपए की अनुमति प्रदान की है। मंत्रिपरिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना ‘परिवार न्यायालयों की स्थापना’ को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 1 हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रिपरिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना “उच्च न्यायालय (भारित)” को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रिपरिषद ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित 6 योजनाओं को आगामी पांच वर्षों वित्तीय वर्ष 2026-2027 से वर्ष 2030- 2031 तक की अवधि के लिए निरंतर रखने के लिए कुल 969 करोड़
महाराष्ट्र: बढ़ते कृषि संकट के बीच एनसीपी ने चिंतन शिविर टाला

मुंबई। पूरे महाराष्ट्र में सूखे के बिगड़ते हालात को देखते हुए अजित पवार की पार्टी राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने रविवार, 27 सितंबर को नासिक में होने वाला अपना एक दिन का राज्य स्तरीय चिंतन शिविर टाल दिया है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मंत्री छगन भुजबल से मीटिंग और पार्टी सांसद पार्थ पवार से बात करने के बाद इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की। लंबे समय तक सूखे की वजह से खड़ी फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं, जिससे किसान गंभीर वित्तीय संकट में फंस गए हैं। जहां राज्य सरकार राहत के उपायों का आकलन कर रही है, वहीं विपक्षी पार्टियों ने प्रभावित किसानों के लिए बिना शर्त फाइनेंशियल मदद की मांग करते हुए दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी के बड़े नेताओं ने चेतावनी दी कि एक हाई-प्रोफाइल पॉलिटिकल गैदरिंग करने से पार्टी की पब्लिक इमेज को नुकसान होगा। अंदरूनी सोच-विचार के बाद इवेंट पर फिर से सोचने की मांग तेज हो गई, जिससे आखिरकार इसे पोस्टपोन कर दिया गया। मंत्री छगन भुजबल नासिक कैंप होस्ट कर रहे थे, जिसकी तैयारियां पहले से ही चल रही थीं। पार्टी ने नासिक के होटलों में मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नागरिक के रहने का इंतजाम किया था। हालांकि, कई नेताओं ने तर्क दिया कि गंभीर कृषि संबंधी संकट के दौरान एक शानदार पॉलिटिकल इवेंट होस्ट करने से गलत मैसेज गया। इवेंट पोस्टपोन करके पार्टी का मकसद किसान समुदाय के प्रति एक हमदर्दी और रिस्पॉन्सिव रुख दिखाना है। टाइमिंग को और मुश्किल बनाते हुए कृषि मंत्री दत्ता भरणे ने 26 सितंबर को नासिक में एक रीजनल सूखे की रिव्यू मीटिंग बुलाई है। नेताओं को उम्मीद थी कि कैंप के दौरान सूखे के मैनेजमेंट पर पार्टी के रुख पर मीडिया में कड़ी जांच होगी, जिससे यह इवेंट राजनीतिक रूप से सेंसिटिव हो जाएगा। इन बातों को ध्यान में रखते हुए सुनेत्रा पवार ने मीटिंग पूरी तरह से कैंसिल करने का फैसला किया। एनसीपी ने एकता के लिए एक रोडमैप, 22 जिला परिषदों के चुनावों की स्ट्रैटेजी, बूथ-लेवल के कैडर में जोश भरने के लिए सुनेत्रा पवार, मंत्रियों और पार्टी के पदाधिकारियों के राज्य भर के दौरे और वोटर एनरोलमेंट पर चर्चा करने का प्रस्ताव रखा था। एनसीपी का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब लंबे समय से सूखे और अनियमित मानसून ने महाराष्ट्र के खेती वाले इलाकों, खासकर मराठवाड़ा और विदर्भ, को बुरी तरह प्रभावित किया है। सूखे की घोषणा और राहत पैकेज की मांग उठ रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को हुई वीकली कैबिनेट मीटिंग के बाद राहत के उपायों के बारे में जरूरी फैसले लेने के लिए रेवेन्यू मिनिस्टर की अगुवाई में एक कैबिनेट सब-कमेटी बनाने की घोषणा की। इस बीच सुनेत्रा पवार ने पार्टी के मंत्रियों, विधायकों और ऑफिस वालों से अपील की कि वे राहत के उपायों पर फोकस करने और अपने-अपने इलाकों में सूखे के संभावित संकट से निपटने के लिए लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर काम करें।
किदवई नगर में NBCC का ईको पार्क आकर्षण का केंद्र

नई दिल्ली। किदवई नगर में NBCC द्वारा करीब 14 एकड़ क्षेत्र में विकसित ईको पार्क इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पार्क में हरियाली, पेड़-पौधों और खूबसूरत लैंडस्केपिंग का विशेष ध्यान रखा गया है।आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित यह ईको पार्क क्षेत्र के पर्यावरण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां विकसित हरित क्षेत्र लोगों को स्वच्छ और प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध करा रहे हैं।NBCC ने इस परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए हरित विकास पर विशेष जोर दिया है। ईको पार्क किदवई नगर के सौंदर्य को बढ़ाने के साथ यह संदेश भी देता है कि आधुनिक विकास के साथ पर्यावरण और हरियाली का संरक्षण भी जरूरी है।स्थानीय लोगों के बीच भी पार्क को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। NBCC का यह प्रयास राजधानी में हरित और टिकाऊ शहरी विकास की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।
पुष्पांजलि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर ने CAHO के सहयोग से पेशेंट सेफ्टी वर्कशॉप का सफल आयोजन किया

नई दिल्ली।पुष्पांजलि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर (PMERC) ने कंसोर्टियम ऑफ एक्रेडिटेड हेल्थकेयर ऑर्गनाइजेशंस (CAHO) के सहयोग से पुष्पांजलि मेडिकॉन 2026 के तहत व्यापक पेशेंट सेफ्टी वर्कशॉप का सफल आयोजन किया। इसमें वरिष्ठ चिकित्सकों, डॉक्टरों, अस्पताल प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशासकों और विभिन्न क्षेत्रों के स्वास्थ्य पेशेवरों सहित हेल्थकेयर क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। वर्कशॉप में मरीजों की सुरक्षा को मजबूत करने, अधिक सक्षम और लचीली स्वास्थ्य प्रणालियां विकसित करने तथा स्वास्थ्य संस्थानों के सामने उभरती चुनौतियों से निपटने को लेकर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया।रिस्क, रेजिलिएंस एंड प्रॉफिटेबिलिटी” थीम पर आयोजित इस वर्कशॉप में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पेशेंट सेफ्टी को केवल एक अलग गुणवत्ता पहल के रूप में देखने के बजाय इसे अस्पतालों की क्लीनिकल, ऑपरेशनल और संस्थागत प्रक्रियाओं का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। कार्यक्रम में प्रभावी जोखिम प्रबंधन, आपात स्थितियों के लिए तैयारी, मजबूत और लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों तथा सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि इन प्रयासों से मरीजों के बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, टिकाऊ और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।पुष्पांजलि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर के सीएमडी डॉ. विनय अग्रवाल ने कहा, “पेशेंट सेफ्टी वर्कशॉप में मिली व्यापक भागीदारी और सक्रिय सहभागिता यह दर्शाती है कि स्वास्थ्य सेवाओं के केंद्र में मरीजों की सुरक्षा को बनाए रखने की आवश्यकता को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है। नौ केंद्रित सत्रों और सात घंटे की संरचित लर्निंग के माध्यम से इस वर्कशॉप में चिकित्सकों, हेल्थकेयर लीडर्स, प्रशासकों और विशेषज्ञों के विविध अनुभवों को एक मंच पर लाया गया, जहां जोखिम, रेजिलिएंस और टिकाऊ स्वास्थ्य प्रणालियों को लेकर व्यावहारिक दृष्टिकोणों पर चर्चा हुई। CAHO के साथ हमारी साझेदारी ने कार्यक्रम की अकादमिक और पेशेवर प्रासंगिकता को और मजबूत किया। हेल्थकेयर क्षेत्र से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से हम उत्साहित हैं और हमारा विश्वास है कि ऐसे मंच स्वास्थ्य संस्थानों को अपनी पेशेंट सेफ्टी प्रक्रियाओं का लगातार मूल्यांकन, सुदृढ़ीकरण और सुधार करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।वर्कशॉप में कुल नौ सत्रों के माध्यम से सात घंटे की लर्निंग प्रदान की गई। व्यापक अकादमिक कार्यक्रम के दौरान पेशेंट सेफ्टी और हेल्थकेयर मैनेजमेंट के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। इंटरैक्टिव सत्रों में विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के बीच संवाद को बढ़ावा दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करने, अपने अनुभव साझा करने और अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में लागू किए जा सकने वाले व्यावहारिक उपायों को समझने का अवसर मिला।वर्कशॉप में हेल्थकेयर इकोसिस्टम के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागियों की मौजूदगी ने संस्थानों के बीच अनुभव और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। वरिष्ठ स्वास्थ्य पेशेवरों और अस्पताल नेतृत्व की भागीदारी ने चर्चाओं को और व्यापक बनाया। प्रतिनिधियों ने इस बात पर विचार किया कि पेशेंट सेफ्टी के सिद्धांतों को अस्पतालों में मापने योग्य, प्रभावी और लंबे समय तक टिकाऊ प्रक्रियाओं में किस तरह परिवर्तित किया जा सकता है।कार्यक्रम को अतिरिक्त अकादमिक मान्यता प्रदान करते हुए दिल्ली मेडिकल काउंसिल (DMC) द्वारा 5.5 घंटे के लिए मान्यता दी गई। इससे मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए वर्कशॉप की शैक्षणिक उपयोगिता को मान्यता मिली और सतत चिकित्सा शिक्षा तथा पेशेवर विकास पर इसके फोकस को भी मजबूती मिली।पेशेंट सेफ्टी वर्कशॉप पुष्पांजलि मेडिकॉन 2026 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही। यह पुष्पांजलि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर की वार्षिक मेडिकल एजुकेशन पहल का पांचवां संस्करण है, जिसे इस वर्ष पहले से कहीं अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को अकादमिक लर्निंग, कौशल विकास, पेशेवर संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए व्यापक मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने आयोजित किया HR कॉनक्लेव 2026

नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग ने कैंपस में अपना दूसरा HR कॉनक्लेव 2026 आयोजित किया। कार्यक्रम में बोट, पेटीएम, वीवो, फिलिप्स हेल्थकेयर, हिताची, फिजिक्स वाला सहित 90 से अधिक उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि विवेक कुमार, डायरेक्टर, BOAT (NR), कानपुर और NATS, मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन रहे।कार्यक्रम का आयोजन दीपक कुमार, डायरेक्टर, ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ने किया। दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।डॉ देवेश कुमार सिंह, चेयरमैन, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने कहा, “HR कॉनक्लेव 2026 अकादमिक और उद्योग जगत के बीच मजबूत संबंध बनाने की नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। छात्रों के लिए उद्योग की अपेक्षाओं को समझना और जरूरी कौशल विकसित करना महत्वपूर्ण है।डॉ विक्रम सिंह, चांसलर, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने कहा, “इंडस्ट्री-अकादमिया सहयोग छात्रों को रोजगार की दुनिया के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण है। ऐसे मंच बदलती जरूरतों और कौशल विकास पर विचार साझा करने का अवसर देते हैं।प्रो. (डॉ .) उमा भारद्वाज, वाइस चांसलर, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने उद्योग-अकादमिक नेटवर्किंग, MSME, टैलेंट एक्विजिशन, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और आउटकम-बेस्ड एजुकेशन पर जोर दिया।मुख्य अतिथि विवेक कुमार डायरेक्टर, BOAT (NR), कानपुर और NATS, मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन, ने कहा, “प्लेसमेंट सिर्फ मंजिल नहीं, बल्कि करियर की शुरुआत है।” उन्होंने इंडस्ट्री-रेडी प्रोफेशनल तैयार करने पर जोर दिया। दीपक कुमार, डायरेक्टर , ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने सभी उद्योग प्रतिनिधियों और विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताया। कार्यक्रम में उद्योग विशेषज्ञों ने भर्ती, प्रशिक्षण, प्रदर्शन और बदलती कार्यस्थल जरूरतों पर विचार साझा किए।
अग्रवाल सेवा संगठन ने पूर्व मेयर श्याम सुन्दर अग्रवाल को किया सम्मानित।

नई दिल्ली।अग्रवाल सेवा संगठन (पंजी.) दिल्ली प्रदेश द्वारा आयोजित बैठक में पूर्व मेयर श्याम सुंदर अग्रवाल का संस्था के अध्यक्ष योगेंद्र अग्रवाल,चेयरमैन चक्रेश अग्रवाल,वाईस चेयरमैन धीरज गोयल कोषाध्यक्ष उज्जवल जैन, निर्मल गुप्ता,सुनील गुप्ता-संरक्षक एव अन्य पदाधिकारीगण द्वारा अंगवस्त्र पहना कर सम्मानित किया। संस्था के अध्यक्ष योगेंद्र अग्रवाल ने कहा श्याम सुंदर अग्रवाल द्वारा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्तियों, दिव्यांग व निर्धन वर्ग के लिए किए जा रहे कार्यो के लिए उनको बधाई एव साधुबाद दिया और आश्वासन दिया कि पूरी संस्था सदैव आपके साथ खड़ी है।उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा आप समाज के उत्थान के लिए जो कार्य कर रहे है उसमें अग्रवाल सेवा संगठन तन, मन धन से हमेशा आपके साथ है।श्याम सुन्दर अग्रवाल ने अग्रवाल सेवा संगठन द्वारा किए गए सम्मान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सम्मान से उनमें एवं उनकी टीम में नई ऊर्जा का संचार हुआ है वो सामाजिक कार्यों में अपना और अधिक समय लगाकर जरूरतमंदों की सेवा में जुटे रहेंगे।
शिव नादर स्कूल, नोएडा के अंडर-11 लड़कों ने शानदार प्रदर्शन के साथ जोनल खिताब जीता, जालंधर में राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बनाई जगह

नोएडा। शिव नादर स्कूल, नोएडा ने CBSE नॉर्थ ज़ोन-1 अंडर-11 बॉयज़ चेस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला हारे बिना 47 स्कूलों के बीच पहला स्थान हासिल किया।चैंपियन टीम — अगस्त्य अग्रवाल, अवी राज सिंह, धनिश अग्रवाल और अथर्व चंद्रा — ने टूर्नामेंट के अपने सभी छह मुकाबले जीते। टीम ने अधिकतम 12 मैच पॉइंट और 20 गेम पॉइंट हासिल किए और अन्य टीमों से स्पष्ट बढ़त बनाई। शानदार प्रदर्शन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई स्कूलों से शामिल मजबूत क्षेत्रीय प्रतियोगिता में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल नोएडा, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल वसुंधरा, लोटस वैली इंटरनेशनल स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल (नॉलेज पार्क-V) सहित कई स्कूलों ने हिस्सा लिया। शिव नादर स्कूल नोएडा की टीम ने छह में से छह मुकाबले जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने न तो कोई मुकाबला ड्रॉ किया और न ही कोई मैच हारा।एमिटी इंटरनेशनल स्कूल नोएडा और एमिटी इंटरनेशनल स्कूल वसुंधरा-6 ने 5 जीत और 1 हार के साथ 10-10 मैच पॉइंट हासिल किए। इससे पता चलता है कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान शिव नादर स्कूल नोएडा की टीम के प्रदर्शन की बराबरी करना कितना चुनौतीपूर्ण था। जालंधर में राष्ट्रीय प्रतियोगिता का इंतजार जोनल स्तर पर शानदार रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद अगस्त्य, अवी, धनिश और अथर्व अब CBSE नेशनल चेस चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे। यह प्रतियोगिता पंजाब के जालंधर में आयोजित होगी। यह भारतीय स्कूली शतरंज के प्रमुख मंचों में से एक है, जहां देशभर के जोनल चैंपियन राष्ट्रीय खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। स्कूल के लिए गर्व का क्षण 47 टीमों की जोनल प्रतियोगिता में बिना कोई मुकाबला हारे खिताब जीतना एक बड़ी उपलब्धि है। यह शिव नादर स्कूल नोएडा के लगातार मजबूत होते शतरंज कार्यक्रम को दर्शाता है। अब जब टीम जालंधर के लिए रवाना होगी, पूरा स्कूल समुदाय उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी इसी शानदार प्रदर्शन को जारी रखने के लिए शुभकामनाएं देगा।
पार्थ गौतम फाउंडेशन ने बरेली में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को दिया मजबूती का आधार, एक वर्ष में 5,200 से अधिक लोगों को लाभ

नई दिल्ली ।पार्थ गौतम फाउंडेशन ने पिछले एक वर्ष के दौरान बरेली में अपने जमीनी सामाजिक कल्याण प्रयासों का विस्तार करते हुए 4,000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा तथा 1,200 से अधिक लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई है। यह पहल जरूरतमंद समुदायों तक आवश्यक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की फाउंडेशन की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है।फाउंडेशन के कार्यों के बारे में बात करते हुए डॉ. उमेश गौतम, महापौर, बरेली एवं चांसलर, इनवर्टिस विश्वविद्यालय, ने कहा, शिक्षा और स्वास्थ्य एक मजबूत समाज के निर्माण की बुनियादी जरूरतें हैं। किसी बच्चे की पढ़ाई जारी रहेगी या किसी परिवार को आवश्यक चिकित्सा उपचार मिल पाएगा, यह उसकी आर्थिक स्थिति से तय नहीं होना चाहिए। फाउंडेशन के माध्यम से हमारा प्रयास रहा है कि जरूरत के समय लोगों के साथ खड़ा रहा जाए और यह सहायता उन्हें सम्मान के साथ उपलब्ध हो।पार्थ गौतम, संस्थापक, पार्थ गौतम फाउंडेशन एवं प्रो-चांसलर, इनवर्टिस विश्वविद्यालय, ने कहा, हमारा ध्यान हमेशा जमीनी स्तर पर सार्थक प्रभाव पैदा करने पर रहा है। पिछले एक वर्ष में हमने परिवारों के साथ मिलकर यह समझने का प्रयास किया कि वास्तव में किस क्षेत्र में सहायता की आवश्यकता है, विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में। प्रत्येक छात्र का अपनी पढ़ाई जारी रख पाना और प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार मिलना हमारे इन प्रयासों को और विस्तार देने तथा आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।पार्थ गौतम, संस्थापक, पार्थ गौतम फाउंडेशन एवं प्रो-चांसलर, इनवर्टिस विश्वविद्यालय के नेतृत्व में तथा डॉ. उमेश गौतम, महापौर, बरेली एवं चांसलर, इनवर्टिस विश्वविद्यालय की जनसेवा की सोच से प्रेरित होकर फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है।पिछले एक वर्ष के दौरान फाउंडेशन ने 4,000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई है, जिससे आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की शिक्षा में आर्थिक बाधाओं को कम करना तथा उनकी पढ़ाई की निरंतरता और आवश्यक शैक्षणिक जरूरतों तक पहुंच सुनिश्चित करना है।स्वास्थ्य सेवा फाउंडेशन के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में से एक रही है। पिछले एक वर्ष में 1,200 से अधिक लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सहायता प्रदान की गई, जिससे आवश्यक उपचार प्राप्त करने में आने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में मदद मिली। बरेली के मिशन अस्पताल के सहयोग से इस पहल के तहत लोगों को उपचार के खर्च की चिंता के बिना चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने में भी सहायता की गई।फाउंडेशन ने ऐसे व्यक्तियों और परिवारों को भी सहायता प्रदान की है, जिन्हें तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा है कि उपचार का खर्च वहन करने में असमर्थता किसी व्यक्ति के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने में बाधा न बने।शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी ये पहल बरेली में फाउंडेशन के व्यापक सामुदायिक कल्याण प्रयासों का हिस्सा हैं। पिछले कुछ वर्षों में फाउंडेशन ने समुदाय की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने और सामाजिक विकास में लोगों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई जमीनी स्तर के कार्यक्रम संचालित किए हैं।आगे भी पार्थ गौतम फाउंडेशन अपनी शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी पहलों को और मजबूत करने की योजना बना रहा है। इसके तहत बरेली और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों, मरीजों और परिवारों तक सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कैलाश विजयवर्गीय ने मुझे गोद में खिलाया, पिता-पुत्री जैसा है रिश्ता: भाजपा पार्षद संध्या यादव

इंदौर। भाजपा पार्षद संध्या यादव को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पर शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। कांग्रेस ने विजयवर्गीय की टिप्पणी को लेकर आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की, जबकि भाजपा पार्षद संध्या यादव ने खुद सामने आकर उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय के साथ उनका रिश्ता राजनीतिक नहीं, बल्कि पिता-पुत्री जैसा है और उनकी कही गई बात को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। भाजपा पार्षद संध्या यादव ने पूरे विवाद को कांग्रेस की ओर से मुद्दा बनाए जाने से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस हर चीज को मुद्दा बना लेती है। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में नर्मदा के पानी की टंकी के भूमिपूजन और पूरे वार्ड में नर्मदा लाइन बिछाने के काम का भूमिपूजन किया गया था। इसके साथ ही संजीवन क्लीनिक के लोकार्पण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था। इस आयोजन में कैबिनेट मंत्री और उनकी विधानसभा के विधायक कैलाश विजयवर्गीय शामिल हुए थे। कार्यक्रम में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने जो भी बातें कही थीं, उनका संदर्भ उनके और विजयवर्गीय के बीच लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक रिश्ते से जुड़ा है। विजयवर्गीय के साथ उनका रिश्ता पिता-पुत्री का है और इसलिए उनकी बात को किसी दूसरे अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार और कैलाश विजयवर्गीय के पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कैलाश विजयवर्गीय पार्षद हुआ करते थे, तब वह खुद बहुत छोटी थीं। उस समय विजयवर्गीय ने उन्हें गोद में खिलाया था। यही वजह है कि दोनों के बीच पिता-पुत्री जैसा संबंध है। यादव ने लोगों से अपील की कि इस पूरे मामले को अन्यथा न लिया जाए और इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी करने से बचा जाए। संध्या यादव ने कहा कि मालवा क्षेत्र में बातचीत के दौरान रिश्तों के लिए अलग तरह की स्थानीय भाषा और संबोधन का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने ‘मोटा भाई’ और ‘छोटा भाई’ जैसे संबोधनों का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थानीय बोलचाल में इस तरह के शब्द सामान्य रूप से इस्तेमाल होते हैं। उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय के लिए वह बेटी समान हैं और उनके लिए विजयवर्गीय पिता तुल्य हैं। इसलिए कार्यक्रम के दौरान कही गई बात को इसी पारिवारिक रिश्ते और स्थानीय बोलचाल के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। विवाद के बीच कैलाश विजयवर्गीय ने भी खेद जताया और कहा कि संध्या यादव उनके लिए बेटी जैसी हैं।
अगर रोहित-विराट टीम में रहेंगे, तो वर्ल्ड कप जीतने की संभावना 90 प्रतिशत है: सुरेश रैना

नई दिल्ली। भारत के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना मानते हैं कि अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए टीम का हिस्सा बने रहते हैं, तो इससे वर्ल्ड कप जीतने की संभावना 90 प्रतिशत होगी। आगामी वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में अक्टूबर और नवंबर के बीच खेला जाना है। रैना ने रोहित और कोहली का समर्थन करते हुए भारत और आईपीएल के लिए बड़े टूर्नामेंट जीतने के उनके रिकॉर्ड का जिक्र किया। दिल्ली में एक इवेंट के दौरान पत्रकारों से रैना ने कहा, “हमारे पास बेहतरीन मैच-विनर खिलाड़ी हैं। हमारे पास रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बेहतरीन कप्तान हैं जिन्होंने आईपीएल और देश के लिए कई ट्रॉफियां जीती हैं। विराट को किसी परिचय की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह एक अलग तरह के खिलाड़ी हैं। मुझे लगता है कि मैंने उनके साथ बहुत सारे मैच खेले हैं। विराट भी ऐसा चाहते हैं। मुझे लगता है कि अगर वे दोनों टीम में रहते हैं, तो वर्ल्ड कप जीतने की संभवना 90 प्रतिशत है।” रैना ने वर्ल्ड कप 2023 में ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत की हार का जिक्र करते हुए कहा कि जब टीम 2027 के टूर्नामेंट के लिए साउथ अफ्रीका लौटेगी तो उसमें और ज्यादा जोश होगा। रैना ने कहा, “हम साल 2003 में साउथ अफ्रीका में हारे थे, अब उसका बदला भी लेना है।” भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मुकाबलों की घरेलू वनडे सीरीज के लिए 15-सदस्यीय टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली को शामिल किया गया है। यह सीरीज 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में शुरू होगी, इसके बाद दूसरा वनडे 30 सितंबर को गुवाहाटी में और तीसरा वनडे 3 अक्टूबर को चंडीगढ़ में खेला जाएगा। वहीं, श्रेयस अय्यर भारत के एशियन गेम्स के अभियान का हिस्सा होंगे। वैभव सूर्यवंशी की तारीफ में रैना ने कहा, “मुझे लगता है कि उन्हें वैसे ही खेलने देना चाहिए जैसे वह खेल रहे हैं। जिस तरह से वह इतने सारे रन बना रहा है, जिस तरह से वह खेलते हैं उनकी सोच बिल्कुल अलग है। मुझे उसे खेलते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है।