‘विपक्ष की हार का ठीकरा ईवीएम से ईसी पर शिफ्ट’, भाजपा का कांग्रेस पर तंज

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव से लेकर ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया। भाजपा नेता अशोक बाजपेयी ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोकतंत्र पर सवाल नहीं, बल्कि लगातार हार से उपजी खीझ है। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने इसे संवैधानिक प्रक्रिया बताकर विपक्ष को संसद में प्रस्ताव लाने की चुनौती दी। अशोक बाजपेयी ने कहा, “विपक्ष को आत्मचिंतन करना चाहिए कि बार-बार जनता उन्हें क्यों नकार रही है। राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अनर्गल बातें की। जहां-जहां कांग्रेस जीतती है, वहां उन्हें ना तो चुनाव आयोग से कोई शिकायत होती है, ना ईवीएम से। जहां बुरी तरह से चुनाव हार जाते हैं, वहां ईवीएम पर ठीकरा फोड़ते हैं। भारत का निर्वाचन आयोग अपने आप में एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है, जिसका पूरी दुनिया में सम्मान है। जिस तरह से कांग्रेस एक के बाद एक हर चुनाव हार रही है, उससे उनके मन में खीझ है।” शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा, “पूरा विपक्ष ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंपीचमेंट मोशन लाना चाहता है। यह निश्चित रूप से एक संवैधानिक प्रक्रिया है, और अगर विपक्ष चाहे तो वह आने वाले पार्लियामेंट सेशन में अपना प्रस्ताव ला सकता है।” उन्होंने कहा कि आईआईटी मुंबई देश के सबसे प्रीमियम और प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है, जहां से बड़ी संख्या में इंजीनियर निकलते हैं। वहां एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है, जो बहुत दुखद बात है। हम समझ सकते हैं कि उसके माता-पिता को कितना दुख हुआ होगा। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग का मामला आया, दो चुनाव आयुक्तों ने कहा कि एसआईआर में गड़बड़ियां हो रही हैं। इससे मुख्य चुनाव आयुक्त के ऊपर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्हें बचाने के लिए पूरी भाजपा सड़क पर उतर गई है। पहले ये फैसला हो कि क्या ईसी भाजपा का दफ्तर है या भाजपा के प्रवक्ता चुनाव आयोग के सदस्य हैं। चुनाव आयोग पर प्रश्न खड़ा करो, तो पार्टी तड़पती है। इसका ये मतलब है कि दाल में कुछ काला नहीं, पूरी दाल काली है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि 1995 के फैसले के अनुसार कोई छोटा-बड़ा चुनाव आयुक्त नहीं होता है। सब समान हैं और बहुमत संस्था है। दो चुनाव आयुक्तों ने वोट चोरी और सेंधमारी का प्रमाण सामने रखा। कैबिनेट सचिव भी संदेह के दायरे में हैं। लोकतंत्र का गला घोंटने वाले इंसान को तो जेल में होना चाहिए। जब प्रश्नपत्र लीक हुए तो परीक्षाएं रद्द हो गईं। अब तो प्रमाण है, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनाव रद्द हो जाने चाहिए। कांग्रेस नेता और एमएलसी भाई जगताप ने कहा, “यह सिर्फ समीकरण नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र के साथ किया गया खिलवाड़ और गद्दारी है। इस देश की 140 करोड़ जनता को पूरी तरह ठगा गया है। एसआईआर के जरिए वोट चोरी की गई है।
इंग्लैंड बनाम श्रीलंका: चोटिल जोस बटलर तीसरे वनडे से हुए बाहर, डेन लॉरेंस को मिली जगह

लंदन। इंग्लैंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर श्रीलंका के खिलाफ रविवार को ‘द ओवल’ में होने वाले निर्णायक तीसरे वनडे से बाहर हो गए हैं। उन्हें हेडिंग्ले में खेले गए दूसरे मैच के दौरान बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। सरे के लिए समरसेट के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप मैच खेल रहे दाएं हाथ के बल्लेबाज डेन लॉरेंस को घरेलू मैच से हटाकर सीरीज के आखिरी मैच के लिए टीम में शामिल किया गया है। लॉरेंस शनिवार सुबह ‘द ओवल’ में ट्रेनिंग के लिए नेशनल टीम के साथ जुड़ेंगे। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के प्रवक्ता ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में कहा, “सरे के बल्लेबाज डेन लॉरेंस को श्रीलंका के खिलाफ रविवार को होने वाले तीसरे मेट्रो बैंक वनडे के लिए इंग्लैंड की पुरुष टीम में बुलाया गया है। जोस बटलर हेडिंग्ले में खेले गए दूसरे मेट्रो बैंक वनडे में हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के कारण तीसरे वनडे से बाहर हो गए हैं और उनकी आगे जांच की जाएगी।” बटलर को यह चोट गुरुवार को इंग्लैंड की पारी के 38वें ओवर में लगी, जब वे विकेटों के बीच दौड़ते समय अचानक रुक गए। मैदान पर तुरंत इलाज मिलने के बावजूद 36 वर्षीय खिलाड़ी को 67 रन पर रिटायर हर्ट होना पड़ा। वह 48वें ओवर में लड़खड़ाते हुए क्रीज पर लौटे ताकि इंग्लैंड को जीत दिला सकें और दो रन और जोड़कर 69 रन पर आउट हुए। यह तीन साल में उनका वनडे में सबसे बड़ा स्कोर था। बटलर की आखिरी कोशिश बेकार गई क्योंकि श्रीलंका ने संयम बनाए रखते हुए 16 रन से जीत हासिल की और तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। हैमस्ट्रिंग की यह समस्या इस अनुभवी खिलाड़ी के लिए सॉफ्ट-टिश्यू (मांसपेशियों/लिगामेंट) से जुड़ी चोटों के निराशाजनक इतिहास में एक और घटना है। इससे पहले वह आईपीएल 2024 सीजन के दौरान भी पैर की ऐसी ही चोट के कारण कुछ समय के लिए बाहर रहे थे। बटलर की गैर-मौजूदगी में जॉर्डन कॉक्स के विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालने और रविवार को अपना चौथा वनडे खेलने की उम्मीद है। लॉरेंस ने गुरुवार को सरे के लिए शतक लगाया और हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड की टेस्ट सीरीज जीत में तीन अर्धशतक जड़े थे। उन्होंने अभी तक वनडे मैच नहीं खेला है। उन्हें 2021 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे टीम में शामिल किया गया था, जब इंग्लिश टीम में कोविड-19 का प्रकोप फैला था, लेकिन उन्होंने अभी तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है। लॉरेंस ने अब तक सिर्फ 28 लिस्ट-ए मैच खेले हैं, जिनमें से आखिरी मैच मई 2019 में खेला गया था।
ज्ञानेश कुमार की कलई खुल चुकी है, ममता बनर्जी ने बनाया क्रांतिकारी माहौल: शत्रुघ्न सिन्हा

आसनसोल। तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व में देशभर में एक क्रांतिकारी माहौल बनने का दावा करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार आज पूरी तरह घिर चुके हैं। सिन्हा ने कहा कि जिस व्यक्ति का नाम इस विवाद में सामने आया है, उसकी कलई खुल चुकी है और वह पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के लिए फॉर्म-6 के इस्तेमाल को लेकर भी शत्रुघ्न सिन्हा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नए मतदाताओं को वोट डालने से पहले अपने माता-पिता, दादा-दादी और पूर्वजों से जुड़े दस्तावेज देने होंगे और यह साबित करना होगा कि उन्होंने कब और कहां मतदान किया था। इस तरह की व्यवस्था को लेकर युवा वर्ग में नाराजगी और आक्रोश है। जेनजी की क्षमता और समझ की तारीफ करते हुए सिन्हा ने कहा कि युवा अब मुद्दों को प्रभावी तरीके से सामने रख रहे हैं। उन्होंने सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और उनकी टीम का उल्लेख करते हुए कहा कि ये युवा इतने समझदार हैं कि वे अनुभवी नौकरशाहों को भी प्रस्तुति और मुद्दों को सामने रखने के तरीके में पीछे छोड़ सकते हैं। उन्होंने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को भी ऐसे युवाओं से सीखने की बात कही। शत्रुघ्न सिन्हा ने चिराग पासवान के राजनीतिक व्यवहार की भी प्रशंसा की। उन्होंने उन्हें समझदार और परिपक्व नेता बताते हुए कहा कि चिराग जब भी बयान देते हैं तो अपने शब्दों को सोच-समझकर इस्तेमाल करते हैं और सकारात्मक मुद्दों पर बात करते हैं। चिराग आगे बढ़ते हुए स्वस्थ राजनीति कर रहे हैं और सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश करते हैं। चुनाव आयोग को लेकर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वह वर्षों तक भाजपा में रहे हैं और पार्टी के लोगों को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में भाजपा और चुनाव आयोग एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं और चुनावों से भाजपा को लाभ मिला है। 2024 के बाद हुए चुनाव गैर-कानूनी रहे हैं और चुनावों के बाद लिए गए फैसले भी गैर-कानूनी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राहुल गांधी और ममता बनर्जी का मानना है। भाजपा ने चुनाव आयोग का भरपूर लाभ उठाया और खास तौर पर ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने राहुल गांधी की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे को पूरी तरह सामने रखा और तथ्यों को स्पष्ट करने की कोशिश की। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनकी गिरफ्तारी और पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। इस मामले में जिन लोगों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, उनके खिलाफ भी पूरी जांच होनी चाहिए। शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है और इस पूरे मामले में जवाबदेही तथा जांच की मांग की जा रही है।
कर्नाटक पुलिस ने चिक्कबल्लापुर में आतंकी साजिश का भंडाफोड़ किया

बेंगलुरु। कर्नाटक पुलिस ने चिक्कबल्लापुर में टेलीग्राम पर हुई कथित आतंकी साजिश के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भाजपा विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल, पूर्व भाजपा सांसद प्रताप सिंह और भाजपा एमएलसी सीटी रवि की तत्काल सुरक्षा की मांग की है। अशोक का दावा है कि ये तीनों कथित तौर पर आतंकी हमलों के निशाने पर थे। चिक्कबल्लापुर नगर पुलिस ने टेलीग्राम ग्रुप पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की चर्चा मिलने के बाद चिक्कबल्लापुर के बापूजीनगर निवासी शब्बीर और उत्तर भारत के रहने वाले सलमान को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारियों पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक ने शनिवार को दावा किया कि चार लोगों ने कथित तौर पर यतनाल, प्रताप सिंह और सीटी रवि की हत्या की योजना बनाई थी और उनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अशोक ने कहा कि चिकबल्लापुर में चार आतंकवादियों के एक गिरोह ने विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल, पूर्व भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा और भाजपा एमएलसी सीटी रवि की हत्या की योजना बनाई थी। सरकार को इन नेताओं को तुरंत सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। ये तीनों नेता अपने कट्टर हिंदुत्ववादी रुख के लिए जाने जाते हैं। अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद ऐसे लोगों की संख्या बढ़ गई है। पुलिस ने अभी तक कथित लक्ष्यों और इसमें शामिल लोगों की संख्या के बारे में उनके दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। इस बीच, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113 के तहत मामला दर्ज कर टेलीग्राम ग्रुप की बातचीत, उसके सदस्यों और उनके संभावित संबंधों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर एक टेलीग्राम ग्रुप बनाया था या उसमें भाग लिया था, जहां आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के बारे में चर्चा होती थी। जांचकर्ता अब ग्रुप के अन्य सदस्यों का पता लगाने और यह निर्धारित करने के लिए काम कर रहे हैं कि क्या चर्चाओं के परिणामस्वरूप कोई ठोस तैयारी हुई थी। पुलिस उन आरोपों की भी जांच कर रही है कि ग्रुप ने आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के लिए धनी व्यक्तियों के अपहरण पर चर्चा की थी। रिपोर्टों के अनुसार, शब्बीर लगभग चार महीने पहले ग्रुप में शामिल हुआ था। जांचकर्ता इस आरोप की भी जांच कर रहे हैं कि ग्रुप के प्रशासक ने एक निश्चित अवधि के बाद सदस्यों को हथियार प्रशिक्षण देने का वादा किया था। पुलिस जांच के तहत शब्बीर के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सबूतों की छानबीन कर रही है। वे ग्रुप के अन्य सदस्यों की पहचान और उनके ठिकाने का पता लगाने की भी कोशिश कर रहे हैं।
भारत और ईयू ने पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और परिवहन में सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर की चर्चा

न्यूयॉर्क। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने शुक्रवार को पर्यटन, आतिथ्य और परिवहन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। यह चर्चा संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र से इतर न्यूयॉर्क में विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज और सतत परिवहन और पर्यटन के लिए यूरोपीय संघ के आयुक्त अपोस्टोलोस त्जित्जिकोस्टास के बीच बैठक के दौरान हुई। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने यूएनजीए से इतर सतत परिवहन और पर्यटन के लिए यूरोपीय संघ के आयुक्त अपोस्टोलोस त्जित्जिकोस्टास से मुलाकात की। उन्होंने व्यापक भारत-ईयू साझेदारी के हिस्से के रूप में पर्यटन, आतिथ्य और परिवहन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।” इससे पहले दिन में सीबी जॉर्ज ने समुद्र के जलस्तर में वृद्धि पर संयुक्त राष्ट्र घोषणा को अपनाए जाने का स्वागत किया और तटीय लचीलापन, मैंग्रोव संरक्षण और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे पर भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यूएनजीए के 81वें सत्र में समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से उत्पन्न अस्तित्वगत खतरों से निपटने पर उच्च-स्तरीय पूर्ण बैठक में भारत का वक्तव्य देते हुए ये बातें कहीं। वरिष्ठ राजनयिक ने समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (यूएनसीएलओएस), स्थिर समुद्री क्षेत्रों और द्वीप तथा तटीय देशों के लिए राज्य के दर्जे की निरंतरता के महत्व को रेखांकित किया। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, “उन्होंने समुद्र के जलस्तर में वृद्धि पर संयुक्त राष्ट्र घोषणा को अपनाए जाने का स्वागत किया और तटीय लचीलापन, मैंग्रोव संरक्षण और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे पर भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने समानता और सीबीडीआर-आरसी के महत्व की पुष्टि की और यूएनसीएलओएस, स्थिर समुद्री क्षेत्रों और द्वीप और तटीय देशों के लिए राज्य के दर्जे की निरंतरता के महत्व को रेखांकित किया।” सीबी जॉर्ज ने गुरुवार को 81वें यूएनजीए सत्र के दौरान ‘व्यवहार में राष्ट्रीय स्वामित्व: अंतरराष्ट्रीय शांति निर्माण समर्थन के माध्यम से समावेशी राज्य संस्थानों को मजबूत करना’ विषय पर शांति निर्माण आयोग की मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया और शांति निर्माण में स्वामित्व की केंद्रीयता की पुष्टि की।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा ही विदेशी निवेश आकर्षित करने की कुंजी, भारत को लगातार सुधार करते रहना होगा: सीईए नागेश्वरन

नई दिल्ली। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को भारत की विदेशी पूंजी आकर्षित करने की क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि देश ने विनिर्माण क्षेत्र और व्यापक आर्थिक सुधारों के जरिए निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्योग जगत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहना है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 13वें पीएएफआई वार्षिक फोरम को संबोधित करते हुए नागेश्वरन ने कहा कि जब भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ाने की बात होती है तो आम धारणा यह रहती है कि देश को और अधिक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर करने की गुंजाइश हमेशा रहती है, लेकिन निवेश के फैसले अब ऐसे वैश्विक माहौल में लिए जा रहे हैं जो पहले की तुलना में काफी बदल चुका है। उन्होंने कहा कि भारत विदेशी निवेश के लिए अपनी आकर्षण क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रहा है, लेकिन दुनिया तेजी से बदल रही है। ऐसे में भारत को भी लगातार अपनी नीतियों और व्यवस्था को बेहतर बनाना होगा। नागेश्वरन ने कहा कि केवल सुधारों की सूची पूरी कर देने से यह जरूरी नहीं कि अगले ही दिन विदेशी पूंजी का प्रवाह शुरू हो जाए। उन्होंने कहा कि कई बार कोई देश सभी सही कदम उठाता है, लेकिन फिर भी तत्काल परिणाम नहीं दिखाई देते। इससे लोगों में यह धारणा बनती है कि और अधिक सुधारों की जरूरत है। जबकि वास्तविकता यह है कि वैश्विक आर्थिक और वित्तीय परिदृश्य लगातार बदल रहा है और निवेशकों के फैसले उसी व्यापक संदर्भ में लिए जाते हैं। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने आगे कहा कि 7 प्रतिशत या उससे अधिक की स्थिर आर्थिक वृद्धि, घटती मुद्रास्फीति और राजकोषीय अनुशासन जैसे संकेतकों का निवेशकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन्हीं कारकों के चलते भारत को हाल के वर्षों में क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड का लाभ भी मिला है। नागेश्वरन ने बताया कि निवेशकों की सुरक्षा, कर नीति में स्थिरता और पूर्वानुमेयता, कुशल कार्यबल की उपलब्धता तथा मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क जैसे कारक भी निवेश निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि अर्थव्यवस्था में व्यापक स्थिरता मौजूद नहीं है, तो केवल इन उपायों के आधार पर निवेश आकर्षित करना आसान नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक ब्याज दरों के बदलते माहौल का भी विदेशी निवेश प्रवाह पर गहरा प्रभाव पड़ता है। पूंजी की लागत और सीमा-पार निवेश के फैसले अब पहले की तुलना में अधिक संवेदनशील हो गए हैं। इस सप्ताह जारी एसोचैम के एक अध्ययन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की एफडीआई नीति का अगला चरण केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके बजाय ऐसे वातावरण का निर्माण करना होगा जिसमें निवेश लंबे समय तक टिक सके, उसका विस्तार हो सके और वह भारतीय औद्योगिक तथा आर्थिक तंत्र के साथ अधिक गहराई से जुड़ सके। आधिकारिक डीपीआईआईटी और आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल एफडीआई प्रवाह वित्त वर्ष 2000-01 के लगभग 4 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 95 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसी अवधि में एफडीआई इक्विटी निवेश 2 अरब डॉलर से बढ़कर 59 अरब डॉलर हो गया। आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2000-01 से लेकर वित्त वर्ष 2025-26 तक भारत को कुल मिलाकर लगभग 1.16 ट्रिलियन डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ है, जबकि एफडीआई इक्विटी निवेश का संचयी प्रवाह 791 अरब डॉलर रहा है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठ के खिलाफ चार्जशीट, सीसीटीवी में 85 बार रकम हटाने का दावा

अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित गबन के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की विवेचना रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंकिंग लेनदेन और बरामदगी को प्रमुख साक्ष्य बनाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम हटाकर छिपाते हुए सीसीटीवी में दिखाई दिया, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका भी फुटेज में दर्ज होने का दावा किया गया है। रामजन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 90/2026 में क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने विवेचना पूरी करने के बाद 22/23 सितंबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 317(2), 317(5), 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) सहपठित धारा 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच में चढ़ावे की रकम हटाने और इसमें एक-दूसरे का सहयोग करने की घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार रकम चुराकर कपड़ों और कमर में छिपाते तथा चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखा। करुणेश पाण्डेय दो बार रकम हटाते और 68 बार सह-अभियुक्तों का सहयोग करते दिखाई दिया। अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार सह-अभियुक्तों की मदद करने, लवकुश मिश्रा पर एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने तथा मनीष कुमार यादव पर 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक रमाशंकर मिश्रा भी एक बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए फुटेज में दिखाई दिया। चार्जशीट में तत्कालीन गणना कक्ष प्रभारी एवं सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में रकम हटाई जाती रही और उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को आरोपियों की तलाशी लेने से यह कहते हुए रोका कि वे अपने लोग हैं और विश्वसनीय हैं। विवेचना के मुताबिक, चार जून 2026 की रात गणना कक्ष में 2.25 लाख रुपए की नोटों की गड्डियां बाथरूम में छिपाए जाने की घटना सामने आई थी। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने तत्कालीन महासचिव चम्पत राय के मोबाइल पर इसका वीडियो और संदेश भेजा था। पुलिस के अनुसार, साथी कर्मचारियों को संदेह होने और गेट पर चेकिंग शुरू होने के बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से रकम बाथरूम में छिपाई थी। अगले दिन कारसेवकपुरम में सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामले की जानकारी सामने आई और 25 जून को मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए जाने का दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपए नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर तथा सोने-चांदी के आभूषण, करुणेश पाण्डेय से 18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख और रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। मनीष यादव और रामशंकर यादव से भी नकदी बरामद होने की बात कही गई है। जांच में विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटरसाइकिल समेत कई वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि कथित गबन की रकम का इस्तेमाल जमीन, मकान, वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम पर कौशलपुरी में करीब 55 लाख रुपए का मकान खरीदा गया, जिसमें कथित तौर पर 54.5 लाख रुपए अपराध से अर्जित रकम के इस्तेमाल का दावा है। इसके अलावा करीब 7.33 लाख रुपए भागवत कथा के आयोजन में खर्च किए जाने की बात सामने आई है। लवकुश मिश्रा पर पत्नी के नाम 22.52 लाख रुपए की जमीन खरीदने और मकान निर्माण में 20.91 लाख रुपए खर्च करने का आरोप है। रमाशंकर मिश्रा द्वारा 12 लाख रुपए का प्लॉट खरीदने तथा महंगे कैमरे और सोने की अंगूठियां लेने का भी चार्जशीट में उल्लेख है। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर बेटे के नाम 9.50 लाख रुपए की संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया गया है। चार्जशीट में कुल 133 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इनमें शिकायतकर्ता कृष्णमोहन, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल जी, बैंककर्मी, सुरक्षा कर्मी और फॉरेंसिक ऑडिटर समेत अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और सीडीआर को भी विवेचना का हिस्सा बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच लगातार संपर्क और रकम को छिपाने तथा बाहर ले जाने से संबंधित बातचीत की पुष्टि होने का दावा किया गया है। मामले में नामजद सभी आठ आरोपी—अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव—वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अदालत में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
एशियन गेम्स 2026: मनप्रीत कौर ने भारत की झोली में डाला एक और मेडल, शॉट पुट में जीता ब्रॉन्ज

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारत की अनुभवी एथलीट मनप्रीत कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के शॉट पुट फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल जीता। शुक्रवार को नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुए मुकाबले में मनप्रीत ने 17.17 मीटर दूर गोला फेंककर तीसरा स्थान हासिल किया और भारत की झोली में एक और मेडल डाला। मनप्रीत ने अपने चौथे थ्रो में यह दूरी हासिल की और चीन की सोंग जियायुआन (गोल्ड) और झांग लिनरू (सिल्वर) के बाद तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में शामिल एक अन्य भारतीय, कृष्णा जयशंकर मेनन ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इस युवा खिलाड़ी ने 16.57 मीटर की दूरी तक गोला फेंककर पांचवां स्थान हासिल किया। मनप्रीत एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप की पूर्व ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं। उन्होंने 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 17.00 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था। वह हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का हिस्सा थीं, जहां वह बहुत कम अंतर से मेडल से चूक गईं और 17.49 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रही थीं। उन्होंने 2016 ओलंपिक गेम्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और वह 23वें स्थान पर रही थीं। मनप्रीत ने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2017 में गोल्ड मेडल जीता था। हालाकि, प्रतिबंधित पदार्थों के लिए टेस्ट पॉजिटिव आने के कारण उन पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया और उनसे उनका गोल्ड मेडल भी वापस ले लिया गया। उन्होंने 2022 में वापसी की और 18.06 मीटर तक गोला फेंककर नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा। मनप्रीत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में हिस्सा लिया और 11वें स्थान पर रहीं। वहीं, पिछले एशियन गेम्स में वह पांचवें स्थान पर रही थीं। 2026 में मनप्रीत ने नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 17.75 मीटर के थ्रो के साथ जीत हासिल करके घरेलू स्तर पर शानदार फॉर्म दिखाई थी। यह प्रदर्शन एशियन गेम्स के लिए क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड (16.25 मीटर) से बेहतर था। कड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में मनप्रीत का प्रदर्शन उनकी निरंतरता और बड़े चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाता है। मनप्रीत एशियन गेम्स में शॉट पुट मेडल जीतने वाली भारत की तीसरी महिला खिलाड़ी हैं। उनसे पहले, बारबरा वेबस्टर (1951) और किरण बालियान (2022) ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।
एशियन गेम्स 2026: गुलवीर सिंह ने सिल्वर जीतकर रचा इतिहास, 10 हजार मीटर रेस में 2 मेडल जीतने वाले बने पहले भारतीय

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने शुक्रवार को नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 10 हजार मीटर की रेस में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। गुलवीर पुरुषों की 10 हजार मीटर की रेस में दो एशियन गेम्स मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। गुलवीर ने 25 लैप की मुश्किल रेस 28:29.38 में पूरी की और दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने हांग्जो में हुए एशियन गेम्स 2023 में इसी इवेंट में जीते ब्रॉन्ज मेडल के साथ अब सिल्वर मेडल भी अपने नाम कर लिया है। वह पुरुषों की 10,000 मीटर रेस में दो बार एशियन गेम्स के पोडियम पर खड़े होने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। बहरीन के बिरहानु बालेव ने 28:27.51 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जो गुलवीर से सिर्फ 1.87 सेकंड आगे रहे, जबकि उनके साथी अल्बर्ट किप्टू ने 28:34.38 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। चीन के वांग वेनजी 28:38.14 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। गुलवीर रेस के बीच के चरणों में लीडर्स के करीब बने रहे और जब 2,000 मीटर की रेस बाकी थी, तब भी मेडल की रेस में मजबूती से बने हुए थे। अंतिम लैप्स में गुलवीर ने तेजी दिखाई, बहरीन के दो धावकों के बीच जगह बनाई और शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया। यह सिल्वर मेडल गुलवीर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले उन्होंने हांग्जो एशियन गेम्स 2023 में 10,000 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, जहां उनके साथी कार्तिक कुमार ने सिल्वर मेडल हासिल किया था। 2023 में उनके डबल पोडियम ने एशियाई खेलों में पुरुषों की 10,000 मीटर रेस में भारत के लंबे इंतजार को खत्म किया था। ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 10,000 मीटर रेस में सिल्वर और 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वह 10 हजार मीटर रेस में भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। भारतीय सेना में नायब सूबेदार गुलवीर ने भारत के बेहतरीन लॉन्ग-डिस्टेंस रनर्स में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में 5,000 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और इसके बाद साउथ कोरिया में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों रेस में गोल्ड मेडल जीतकर ‘गोल्डन डबल’ पूरा किया था। गुलवीर ने 5,000 मीटर शॉर्ट ट्रैक रेस 12 मिनट 59.77 सेकंड में पूरी की है, जबकि 10,000 मीटर में उनका सर्वश्रेष्ठ समय 27 मिनट 00.22 सेकंड है। 12:59.77 के समय के साथ वे इनडोर रेस में 13 मिनट से कम समय लेने वाले पहले एशियाई एथलीट हैं। 2026 में वह 60 मिनट से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करने वाले पहले भारतीय भी बने, जिसको उन्होंने 59:42 समय में पूरा किया था। वह कोलोराडो स्प्रिंग्स में कोच स्कॉट सिमंस की देखरेख में ज्यादा ऊंचाई वाले इलाके में ट्रेनिंग करते हैं।
एशियन गेम्स 2026: बारानिका इलांगोवन ने पोल वॉल्ट में जीता ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में बारानिका इलांगोवन ने इतिहास रच दिया है। बारानिका ने शुक्रवार को 4.15 मीटर की ऊंचाई पार करके पोल वॉल्ट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। बारानिका पोल वॉल्ट में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। तमिलनाडु की 29 वर्षीय एथलीट ने कजाकिस्तान की पोलिना इवानोवा के साथ ब्रॉन्ज मेडल साझा किया। इवानोवा ने भी 4.15 मीटर की ऊंचाई पार की थी और उनका काउंटबैक रिकॉर्ड भी एक जैसा था। दोनों एथलीटों का बेस्ट मार्क और सफल प्रयासों की संख्या एक जैसी होने के कारण उनके बीच कोई अंतर नहीं किया जा सका। बारानिका ने अपने फाइनल की शुरुआत 3.85 मीटर और 4.00 मीटर की ऊंचाई को आत्मविश्वास के साथ पार करके की। 4.25 मीटर की ऊंचाई की ओर बढ़ने से पहले उन्हें 4.15 मीटर पार करने के लिए दो प्रयासों की जरूरत पड़ी, लेकिन उस ऊंचाई पर तीन असफल प्रयासों के साथ उनका प्रतियोगिता में समाप्त हो गया। बारानिका का यह शानदार मेडल उनके लिए एक बेहतरीन साल का समापन है, जिसमें उन्होंने भारतीय महिला पोल वॉल्ट में बार-बार नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने 2026 में दो बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा – पहले मार्च में 4.22 मीटर की ऊंचाई पार की और फिर मई में भुवनेश्वर में इसे बेहतर करते हुए 4.23 मीटर तक पहुंचाया। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया उनके 4.23 मीटर के प्रयास को मौजूदा राष्ट्रीय रिकॉर्ड के रूप में दर्ज करता है। तीन बार की राष्ट्रीय आउटडोर चैंपियन बारानिका को 2023 एशियन चैंपियनशिप में कोई मार्क नहीं मिल पाया था, लेकिन उन्होंने इस सीजन में जबरदस्त वापसी की। उन्होंने बेंगलुरु में इंडियन ओपन जंप्स प्रतियोगिता जीतने के लिए एशियन गेम्स के 4.10 मीटर के क्वालिफाइंग स्टैंडर्ड को पार किया और फिर एक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाला प्रदर्शन किया। वह 4.23 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ नागोया पहुंची थीं और अपनी साथी भारतीय और ट्रेनिंग पार्टनर सिंधुश्री गणेश के साथ कड़े घरेलू मुकाबले में शामिल रही थीं, जो एशियन गेम्स में भी हिस्सा ले रही हैं। पूरे सीजन के दौरान उनके प्रदर्शन ने भारतीय महिला पोल वॉल्ट के स्तर को और ऊंचा किया। हालांकि, सिंधुश्री फाइनल में कोई मान्य मार्क दर्ज नहीं कर सकीं और बिना किसी रिकॉर्डेड ऊंचाई के ही प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।