‘यह एक बड़ी उपलब्धि’, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर मनुष-दिया को दी बधाई

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को मनुष शाह और दिया चितले की जोड़ी ने टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स इवेंट में देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। मनुष-दिया को खास उपलब्धि हासिल करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बधाई दी है। राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड डबल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर मनुष शाह और दिया चितले को मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। यह एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि भारत ने गेम्स के लगातार तीसरे संस्करण में भी इस खेल में मेडल जीतने का सिलसिला जारी रखा है। भविष्य में और भी कई उपलब्धियां हासिल करने के लिए मेरी शुभकामनाएं।” केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी भारत की इस जोड़ी को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “एशियन गेम्स 2026 के मिक्स्ड डबल्स टेबल टेनिस में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर हमारे पैडलर्स मनुष शाह और दिया चितले को बधाई।” केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मनुष-दिया को बधाई देते हुए लिखा, “मनुष शाह और दिया चितले ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। एशियन गेम्स 2026 में टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में पोडियम तक पहुंचने के लिए इस जोड़ी को बहुत-बहुत बधाई। भारतीय टेबल टेनिस के लिए यह गर्व का पल है।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मनुष शाह और दिया चितले को बधाई देते हुए लिखा, “एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड डबल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर मनुष शाह और दिया चितले पर गर्व है। मैं उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई देता हूं। उनका हुनर, लगन और टीमवर्क तारीफ के काबिल है और भारत के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जोड़ी को बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “एशियन गेम्स में भारतीय टेबल टेनिस के लिए गर्व का पल। एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड डबल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर मनुष शाह और दिया चितले को बधाई। इस जोड़ी ने चीन की मजबूत जोड़ी के सामने जबरदस्त संयम और लड़ने का जज्बा दिखाया। यह उपलब्धि भारतीय टेबल टेनिस के लिए और भी कई सफलताओं की प्रेरणा बने। जय हिंद।” बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारतीय जोड़ी को बधाई देते हुए लिखा, “टेबल टेनिस में भारतीय पैडलर्स का उत्कृष्ट सामर्थ्य। एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड डबल्स स्पर्धा में मानुष शाह जी और दिया चितले जी ने ब्रॉन्ड मेडल अर्जित कर देश का गौरव बढ़ाया है। आप दोनों का त्वरित संतुलन, सजगता और कभी पीछे न हटने का जज्बा हर युवा खिलाड़ी को कड़े संघर्षों में भी अडिग रहने के लिए प्रेरित करेगा। राष्ट्र का मान बढ़ाने वाले इस प्रदर्शन पर आप दोनों को अनेकानेक शुभकामनाएं एवं आगामी सभी मुकाबलों के लिए ढेरों मंगलकामनाएं।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में 7.86 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी केंद्र सरकार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में 7.86 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी। इस उधारी कार्यक्रम में 15,000 करोड़ रुपए के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी शामिल होंगे। वित्त मंत्रालय के अनुसार यह राशि 23 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से जुटाई जाएगी। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, दूसरी छमाही की उधारी के साथ पूरे वित्त वर्ष में दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए सरकार की कुल उधारी लगभग 15.9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष के लिए 17.2 लाख करोड़ रुपए उधार लेने का प्रस्ताव रखा था। इस उधारी का उद्देश्य राजकोषीय घाटे को वित्तपोषित करना है, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर अनुमानित किया गया है। इस बीच सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों यानी अप्रैल से जुलाई के दौरान राजकोषीय घाटा 4.55 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पूरे वर्ष के लक्ष्य का 26.8 प्रतिशत है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में बेहतर स्थिति को दर्शाता है। पिछले वित्त वर्ष के इसी दौरान राजकोषीय घाटा 4.7 लाख करोड़ रुपए था, जो वार्षिक अनुमान का 29.9 प्रतिशत था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान कुल प्राप्तियां 13.07 लाख करोड़ रुपए रहीं, जबकि कुल व्यय 17.62 लाख करोड़ रुपए रहा। यह क्रमशः चालू वित्त वर्ष के बजटीय अनुमान का 35.8 प्रतिशत और 32.9 प्रतिशत है। इसी अवधि में राजस्व प्राप्तियां 12.68 लाख करोड़ रुपए दर्ज की गईं। इनमें 8.45 लाख करोड़ रुपए कर राजस्व और 4.23 लाख करोड़ रुपए गैर-कर राजस्व शामिल था। गैर-कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से प्राप्त रिकॉर्ड डिविडेंड के कारण हुई। आरबीआई ने केंद्र सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपए का अधिशेष हस्तांतरित किया, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 2.69 लाख करोड़ रुपए थी। इससे सरकार की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने में मदद मिली है। सरकार वित्तीय समेकन की अपनी रणनीति पर आगे बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में उसने 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल किया था और चालू वित्त वर्ष के लिए इसे घटाकर 4.3 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
‘एक आतंकवादी देश मुझसे यह पूछ रहा है?’, विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तानी पत्रकार की बोलती की बंद

न्यूयॉर्क। ‘एक आतंकवादी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है?’, इसी अंदाज में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पाकिस्तानी पत्रकार की बोलती बंद कर दी। दरअसल, शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार अचानक घुस आया और भारत को लेकर हंगामा करने लगा। इस पर जयशंकर ने मुस्कुराते हुए करारा जवाब दिया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती के साथ शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा पर ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की लॉन्चिंग को लेकर हो रही थी। इन टिप्पणियों का सामना करते हुए एस जयशंकर ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यवधान डालने वाले को करारा जवाब दिया। जब रिपोर्टर चिल्लाता रहा, तो भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा, “आपने उन्हें साफ-साफ सुन लिया।” गुरुवार को एक भारतीय मीडिया रिपोर्टर ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उस समय सवाल किया, जब वह महासभा के प्रवेश द्वार से गुजर रहे थे। पत्रकार ने पूछा, “प्रधानमंत्री, आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” और “आप लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएंगे?” विदेश मंत्री जयशंकर के विपरीत शरीफ ने जवाब देने में असमर्थ होकर नजरें फेरते हुए अपनी चाल तेज कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में, शरीफ को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचते हुए देखा गया, जब रिपोर्टर ने पूछा, “प्रधानमंत्री, आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?” शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया। जब वह यूएन परिसर से बाहर निकले तो यह मुद्दा फिर उठा। रिपोर्टर ने पूछा, “आप लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएंगे?” शरीफ ने एक बार फिर सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया और पत्रकारों के सामने से बिना कुछ बोले निकल गए। हाफिज सईद पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन एलईटी का संस्थापक और भारत के सबसे वांछित वैश्विक आतंकवादियों में से एक है। वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा सूचीबद्ध वैश्विक आतंकवादी है, जिस पर अमेरिकी सरकार ने 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है। इससे पहले बुधवार को भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला था और इस्लामाबाद से कहा था कि वह क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को पालने या सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करने के बजाय अपनी संघर्षरत, बेलआउट पर निर्भर अर्थव्यवस्था पर ध्यान दे। यूएन मानवाधिकार परिषद में, भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के ध्यान भटकाने के प्रयासों पर पलटवार करते हुए कहा कि आक्रामक तेवर उसकी संघर्षरत अर्थव्यवस्था को नहीं बचा सकते। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नागरिकों के हिंसक दमन का हवाला दिया, जहां बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को घातक बल से दबाया गया, जबकि अधिकारियों ने आवश्यक भोजन, ईंधन और दवा तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले शुक्रवार को ही परिषद को बताया गया था कि पीओके में जून से अब तक दर्जनों नागरिकों की जान गई है, इस्लामाबाद-रावलपिंडी में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है और लोगों तक खाना-दवा तक नहीं पहुंचने दी जा रही है। जब ये तथ्य सामने रखे गए तो पाकिस्तान ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर का बहाना बना दिया।
शी चिनफिंग ने ट्रंप के स्वागत भोज में हिस्सा लिया, संबोधन दिया

बीजिंग। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनकी पत्नी फंग लियुआन ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप की ओर से आयोजित स्वागत भोज में हिस्सा लिया। इस मौके पर राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने संबोधन भी दिया। अपने संबोधन में शी चिनफिंग ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप का गर्मजोशी से स्वागत और उनके लिए की गई व्यवस्थाओं के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने अमेरिका में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उन सभी लोगों को भी शुभकामनाएं दीं, जो चीन-अमेरिका संबंधों के विकास पर ध्यान देते हैं और उसका समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय चीन में मध्य शरद उत्सव मनाया जा रहा है। चीनी परंपरा में यह त्योहार परिवार के पुनर्मिलन का अवसर होता है। उन्होंने सभी को मध्य शरद उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए परिवार के साथ सुखद समय बिताने की कामना की। इसके साथ ही शी चिनफिंग ने इस साल मई में राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने उनके निमंत्रण पर चीन का सफल दौरा किया था और दोनों पक्ष चीन-अमेरिका के बीच रचनात्मक और रणनीतिक रूप से स्थिर संबंध बनाने पर सहमत हुए थे। उस समय राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें अमेरिका आने का निमंत्रण दिया था और अब वे अपना वादा पूरा करते हुए अमेरिका पहुंचे हैं। शी चिनफिंग ने कहा कि छह महीने से भी कम समय में चीन और अमेरिका के राष्ट्राध्यक्षों ने एक-दूसरे के देश का दौरा किया है, जो दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने उसी दिन राष्ट्रपति ट्रंप के साथ खुलकर और गहराई से बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच कई नए समझौतों पर सहमति बनी है। इससे चीन-अमेरिका के बीच रचनात्मक, रणनीतिक और स्थिर संबंधों की दिशा में सहयोग का दायरा और बढ़ा है और द्विपक्षीय संबंधों के लिए नया रणनीतिक मार्गदर्शन मिला है। शी चिनफिंग ने हाल ही में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के भव्य समारोह का भी जिक्र किया। उन्होंने चीन सरकार और जनता की ओर से अमेरिका को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले 200 से अधिक वर्षों के इतिहास में चीन और अमेरिका के लोगों के बीच लगातार मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान हुआ है। दोनों देशों के बीच मानवीय और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से लोगों के बीच आपसी संवाद को बढ़ावा मिला है और चीन-अमेरिका के बीच मैत्रीपूर्ण सहयोग के लिए मजबूत जनमत की नींव तैयार हुई है। इसी संदर्भ में शी चिनफिंग ने कहा कि आज चीन-अमेरिका संबंध एक नए ऐतिहासिक मोड़ पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” पहल ने अमेरिकी लोगों के लिए महत्वपूर्ण विकास उपलब्धियां हासिल की हैं। वहीं, चीन अपने राष्ट्र के महान पुनरुत्थान को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और चीन का आधुनिकीकरण अभियान लगातार नए अवसर पैदा कर रहा है। उनके मुताबिक, दोनों देशों के ये महत्वाकांक्षी लक्ष्य एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका को प्रमुख शक्तियों के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, जनता की अपेक्षाओं और समय के रुझान के अनुरूप आगे बढ़ना चाहिए और प्रमुख शक्तियों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए नया रास्ता तलाशना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीनी और अमेरिकी लोगों के बीच दोस्ती का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों से मिलकर चीन-अमेरिका मित्रता को मजबूत करने और द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय लिखने की अपील की।
एशियन गेम्स: भारतीय महिला हॉकी टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, मेजबान जापान को 3-1 से हराया

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। पूल बी के मैच में मेजबान जापान को 3-1 से हराकर भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारतीय टीम ने हाफ टाइम तक 2-0 की बढ़त बना ली थी। पहले क्वार्टर में लालरेम्सियामी ने ओपन प्ले से गोल करके स्कोरिंग की शुरुआत की, जिसके बाद दूसरे क्वार्टर के आखिर में इशिका ने गोल किया। पहले हाफ में जापान भारत के ज्यादातर अटैक को रोकने में कामयाब रहा, लेकिन भारत ने स्ट्राइकिंग सर्कल के अंदर मिले मौकों का फायदा उठाकर नियंत्रण बनाए रखा। तीसरे क्वार्टर में, भारत ने अपनी बढ़त 3-0 कर ली, जब नवनीत कौर ने सर्कल के अंदर बॉल ली, दाईं ओर मुड़ीं और जापानी गोलकीपर के ऊपर से उसे दूर कोने में डाल दिया। चौथे क्वार्टर की शुरुआत में जापान की कोबायाकावा शिहो ने टीम के लिए एकमात्र गोल किया। भारत ने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए 3-1 से जीत हासिल की। भारतीय टीम की यह लगातार चौथी जीत थी। हॉकी के अलावा शुक्रवार का दिन भारत के लिए शूटिंग की वजह से भी अच्छा रहा। भारत को शूटिंग में एक गोल्ड और एक रजत पदक मिले हैं। भारत के लिए सुरुचि इंदर सिंह और कमलजीत ने एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। दोनों ने मिलकर फाइनल में 484.6 का एशियाई रिकॉर्ड स्कोर बनाया। भारतीय जोड़ी ने दबाव वाले फाइनल में हिम्मत नहीं हारी और सटीकता के साथ लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्टैंडिंग में टॉप पर रही। दक्षिण कोरिया के सुहयोन होंग और गेउन चू ने 478.0 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि ईरान के वाहिद गोलखंडन और हानियेह रोस्तमियान ने 415.8 के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। सुरुचि और कमलजीत के लिए यह पल सिर्फ पोडियम पर सबसे ऊपर खड़े होने से कहीं ज्यादा था। उनके 484.6 अंकों के प्रयास ने एशियन रिकॉर्ड बुक में फिर से नाम लिख दिया। इसके अलावा, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार और रुद्राक्ष पाटिल की भारतीय शूटिंग टीम ने शुक्रवार को ऐची प्रीफ. जनरल शूटिंग गैलरी में शानदार प्रदर्शन के बाद पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम फाइनल में सिल्वर मेडल जीता।
समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का उत्थान ही राष्ट्र निर्माण’, पं. दीनदयाल की जयंती पर पीएम मोदी ने किया नमन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सुभाषितम में भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य पंडित दीनदयाल को नमन किया है। इसके साथ ही संस्कृत श्लोक के जरिए पुरुषार्थ से सफलता के बारे में बताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट में कहा, “राष्ट्रसेवा के सच्चे साधक पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को राष्ट्र निर्माण का आधार माना और अंत्योदय की एक ऐसी विचारधारा दी, जिससे आज भी जनकल्याण की अद्भुत प्रेरणा मिलती है। आइए, इस विशेष अवसर पर उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात कर सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने का संकल्प दोहराएं।” इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने संस्कृत का श्लोक भी साझा किया, “यथा यथा प्रयत्नः स्याद्भवेदाशु फलं तथा। इति पौरुषमेवास्ति दैवमस्तु तदेव च॥” इस श्लोक का हिंदी अर्थ है, मनुष्य जितना अधिक पुरुषार्थ और प्रयास करता है, उतनी ही शीघ्र सफलता प्राप्त करता है। इसलिए केवल भाग्य नहीं बल्कि कर्म, साहस और नए विचारों को साकार करने का पुरुषार्थ ही सफलता और नवाचार का मार्ग प्रशस्त करता है। यह श्लोक प्रसिद्ध हिंदू दार्शनिक ग्रंथ ‘योगवासिष्ठ’ से लिया गया है। यह इस ग्रंथ के द्वितीय प्रकरण (मुमुक्षुव्यवहारप्रकरणम्) के छठे सर्ग का दूसरा श्लोक है। योगवाशिष्ठ महारामायण संस्कृत सहित्य में अद्वैत वेदान्त का विशाल ग्रन्थ है। परम्परानुसार आदिकवि वाल्मीकि योगवाशिष्ठ महारामायण के रचयिता माने जाते हैं, लेकिन वास्तविक रचयिता वशिष्ठ हैं और महर्षि वाल्मीकि इस सिद्धांत ग्रन्थ के संकलनकर्ता मात्र हैं। योगवाशिष्ठ महारामायण में जगत् की असत्ता और परमात्मसत्ता का विभिन्न दृष्टान्तों के माध्यम से प्रतिपादन है। भारद्वाज के मोक्ष की प्राप्ति के लिए की गई प्रश्नोत्तरी का भी वर्णन है। इसके पहले पीएम मोदी ने गुरुवार को सुभाषित में संस्कृत श्लोक, “अनुद्वेगकरं वाक्यं सत्यं प्रियहितं च यत्। स्वाध्यायाभ्यसनं चैव वाङ्मयं तप उच्यते॥” साझा किया था। जिसका हिंदी अर्थ है कि मनुष्य को सदैव ऐसी वाणी बोलनी चाहिए जो सत्य, प्रिय और हितकारी हो और किसी के मन में अशांति उत्पन्न न करे। सद्ग्रंथों का निरंतर स्वाध्याय और चिंतन ही वाणी को वास्तविक सार्थकता प्रदान करता है। विचारपूर्वक बोली गई वाणी समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता का संचार करती है।
दीनदयाल उपाध्याय को उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि, कहा- ‘राष्ट्र निर्माण की यात्रा को प्रेरित करते हैं उनके आदर्श’

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अंत्योदय व एकात्म मानववाद के प्रणेता और भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकास के केंद्र में लोगों को रखने और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उत्थान के उनके शाश्वत आदर्श, समावेशी प्रगति, सामाजिक न्याय और राष्ट्र-निर्माण की हमारी सामूहिक यात्रा को निरंतर प्रेरित करते हैं। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर मैं सादर नमन करता हूं। एक दूरदर्शी विचारक, देशभक्त और ‘एकात्म मानववाद’ व ‘अंत्योदय’ के पुरोधा के रूप में, विकास के केंद्र में लोगों को रखने और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उत्थान के उनके शाश्वत आदर्श, समावेशी प्रगति, सामाजिक न्याय और राष्ट्र-निर्माण की हमारी सामूहिक यात्रा को निरंतर प्रेरित करते हैं।” केंद्रीय संसदीय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन किया। उन्होंने लिखा, “भारतीय चिंतन, सांस्कृतिक मूल्यों और मानव कल्याण पर आधारित ‘एकात्म मानववाद’ उनके समग्र दृष्टिकोण का दर्शन है। ‘अनेकता में एकता और विभिन्न रूपों में एकता की अभिव्यक्ति’ वाली भारतीय संस्कृति की उनकी सोच आज भी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्रहित के लिए मार्गदर्शक है। राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पित जीवन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।” केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिखा, “प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, अंत्योदय और एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उन्होंने सदैव राष्ट्रसेवा, स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान को केंद्र में रखा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचार और आदर्श हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।” वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारत माता के महान सपूत और एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन।” उन्होंने लिखा, “दीनदयाल ने भारतीय चिंतन के आधार पर ऐसी विकास दृष्टि प्रस्तुत की, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रगति का लाभ पहुंचाना केंद्र में रहा। उनका अंत्योदय का विचार आज भी राष्ट्र के समावेशी विकास और जनकल्याण की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करता है। उनका जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सेवा यात्रा’ में शामिल युवाओं से किया संवाद, कहा- ‘ये अनुभव अमूल्य हैं’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वाराणसी से वडनगर तक जाने वाली ‘सेवा यात्रा’ में शामिल लोगों से संवाद किया। पीएम मोदी ने उनका हालचाल जाना और ‘सेवा यात्रा’ में उनके सफर और लोगों के बीच संदेश के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा में जो अनुभव आपको मिल रहे हैं, वो सचमुच में अमूल्य हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा यात्रियों से संवाद करते हुए कहा कि आप सभी बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का आशीर्वाद लेकर वडनगर में चीर पुरातन हाटकेश्वर महादेव के दर्शन करने जा रहे हैं। पूरे रास्ते आप सेवा कार्य भी कर रहे हैं। यह निश्चित रूप से बहुत बड़े सौभाग्य की बात है। पीएम मोदी ने कहा कि वडनगर ने उन्हें जीवन के संस्कार दिए और काशी ने संस्कारों में सेवा के अनगिनत रंग भरे। उन्होंने कहा, “मुझे संतोष है कि आप सभी युवा साथी भी अपनी यात्रा को अनेक सेवा के रंगों से सरावोर कर रहे हैं। ये रंग सेवा, संस्कार, संकल्प के हैं।” उत्तर प्रदेश के सेवा यात्री कुलदीप पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे जब एक गांव में रात्रि विश्राम के लिए पहुंचे, तो लोगों ने बड़े उत्साह के साथ उनका स्वागत किया था। एक घर में बेहद स्वादिष्ठ खाना बनाया गया, तब एक छोटे बच्चे ने भी बोला था कि वह भी मोदी जी के गांव जाना चाहते हैं। पीएम मोदी ने कुलदीप पटेल से पूछा कि हर दिन गाड़ी से लंबी दूरी तय करनी होती है, तो परेशानी रहती होगी। इस पर सेवा यात्री ने कहा कि कोई परेशानी नहीं होती है। सभी सेवा यात्रियों में आपके प्रति स्नेह और ऊर्जा के साथ सभी आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा यात्रा में शामिल लोगों से कहा, “सेवा संकल्प यात्रा में जो अनुभव आपको मिल रहे हैं, वो सचमुच में अमूल्य हैं। आपकी पूरी जीवन यात्रा में ये यात्राएं एक नई ऊर्जा भर देगी और लोगों के बीच जाना और उनसे जुड़ने उसमें अपने आपको ढाल देना ये अपने आप में एक अद्भूत अनुभव होता है और अलग-अलग प्रदेश के गांवों में आप जब जाएंगे तो आपको पता चलेगा कि भारत कितना भव्य, विराट और विशाल है ये सब आप किताबों में नहीं समझेंगे जो आप इस यात्रा में देख सकते हैं।” उन्होंने कहा कि हर जगह अलग-अलग परंपराएं हैं। खान-पान अलग होता है। सेवा के आनंद में देखा जा सकता है कि समाज कितना जुड़ता है। हम कुछ नहीं हैं। जब हम लोगों से सुनते हैं तो आनंद आता है और वही ऊर्जा बनता है। पीएम मोदी ने सेवा यात्रियों से कहा कि आप इस यात्रा को जी लीजिए। आपको जीवन का एक बहुत बड़ा खजाना मिला है। इसको कभी भी ओझल मत होने देना। जीवन में इससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इसके बाद पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के रायसेन में सेवा यात्री प्रदीप मुखर्जी से संवाद किया। सेवा यात्रियों के स्वागत सत्कार के लिए पीएम मोदी ने गांवों के लोगों को प्रणाम किया। पीएम मोदी ने प्रदीप मुखर्जी और उनकी टीम के सदस्यों का हालचाल पूछा। साथ ही, पीएम मोदी ने यात्रा के दौरान हेलमेट पहनने की सलाह दी। इसी बीच, प्रधानमंत्री ने सेवा यात्रा में शामिल लोगों से पूछा कि आप गांवों में लोगों, किसानों और युवाओं से मिलते हैं तो वहां से भागने की जल्दी रहती है या जहां जाते हैं वहां जीने की कोशिश करते हैं। इस पर प्रदीप मुखर्जी ने कहा कि हमें भागने की कोई जल्दी नहीं होती है। हम लोग सेवा कार्य में निकले हैं। आपसे (पीएम मोदी) हमें प्रेरणा मिली है। आपने जनसेवा के 25 साल पूरे किए हैं। आप हमारे प्रेरणास्त्रोत हैं। हम 20 हजार किलोमीटर की यात्रा के लिए भी तैयार हैं। इस पर पीएम मोदी ने उनकी प्रशंसा की। साथ ही, पीएम मोदी ने उनसे कहा, “जब योजनाएं बनती है तो कभी-कभी लगता है कि सरकारें हैं तो योजनाएं बना दी। लेकिन जब योजना से जब किसी भी जिंदगी बदल जाती है, किसी के जीवन में एक नई जिंदगी आ जाती है, तो कितना संतोष मिलता है, ये आपने अनुभव किया होगा। सेवा यात्रियों के लिए ये भी एक प्रशिक्षण है कि सरकारों की योजनाएं सिर्फ पैसे खर्च करना नहीं होता है अगर वो योजना आखिरी व्यक्ति तक पहुंचती है,तो उसके लिए एक नया जीवन शुरू हो जाता है उसका संतोष बहुत अद्भूत है।
भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार क्रय शक्ति समता के आधार पर करीब 20 ट्रिलियन डॉलर : पीयूष गोयल

नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार क्रय शक्ति समता के आधार पर करीब 20 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच गया है, जो इसे दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाते हैं। यह बयान वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दिया। क्रय शक्ति समता (पीपीपी) मुद्रा बदलने की वे दरें हैं जिनका उद्देश्य अलग-अलग देशों में कीमतों के स्तर के अंतर को खत्म करके अलग-अलग मुद्रा की खरीदने की क्षमता को बराबर करना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे भारत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेगा, इन उपायों के बीच का अंतर कम होता जाएगा। खास बात यह है कि व्यापार वार्ता को लेकर भारत का नजरिया देश की बदलती आर्थिक स्थिति और वैश्विक बाजारों के साथ जुड़ाव को मजबूत करने के उसके लक्ष्य को दर्शाता है। उन्होंने सामान, सेवाओं, पर्यटकों, शिक्षण संस्थानों और खेलों के आसानी से आवागमन के लिए व्यापक आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर जोर दिया। राष्ट्रीय राजधानी 13वें ‘पीएएफआई एनुअल फोरम 2026’ में बोलते हुए, गोयल ने कहा कि भारत ऐसी अर्थव्यवस्था के तौर पर व्यापार और आर्थिक साझेदारी के लिए बातचीत कर रहा है, जिसके 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है। अभी चल रही बातचीत में कनाडा, चिली, पेरू, सदर्न अफ्रीकन कस्टम्स यूनियन (एसएसीयू), मेक्सिको, मालदीव, यूरेशिया, मध्य एशिया, रूस, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) और इजरायल के साथ बातचीत शामिल है। इन बातचीत का मकसद भारत के लिए ग्लोबल वैल्यू चेन और सप्लाई चेन में शामिल होने के मौके बढ़ाना और सामान व सेवाओं के आवागमन को आसान बनाना है। इस बीच, अगले पांच सालों में भारत में सेमीकंडक्टर की सालाना खपत की मांग बढ़कर 150 अरब डॉलर से ज्यादा होने की उम्मीद है। गोयल ने एआई इकोसिस्टम में क्षमताएं विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया, जिसमें बड़े लैंग्वेज मॉडल और एजेंटिक मॉडल शामिल हैं। अब ध्यान इनोवेशन और डीप-टेक इकोसिस्टम में भारतीय स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत प्राइवेट सेक्टर द्वारा अंतरिक्ष में रॉकेट लॉन्च करने वाला तीसरा देश बन गया है। इसके अलावा, भारत की युवा आबादी ग्लोबल घटनाक्रमों और अवसरों के बारे में तेजी से जागरूक हो रही है। उन्होंने युवाओं की अपने भविष्य के बारे में सही फैसले लेने की क्षमता पर भरोसा जताया। मंत्री ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की ग्रोथ का भी जिक्र किया।
यूएन में भारत ने उठाया पीओके में बिगड़ते हालात का मुद्दा, कहा- जून से हो रही नागरिकों की मौत, छात्रों की गिरफ्तारी

जिनेवा। भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में बुधवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बिगड़ते हालात और आम नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाया। यूएनएचआरसी में भारतीय डिप्लोमैट क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान से विकास पर ध्यान देने को कहा। क्षितिज त्यागी ने कहा, “पाकिस्तान का तरीका देश के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों को हल करने में मदद नहीं करेगा। पाकिस्तान दूसरों के इलाके पर कब्जा करने या आतंक फैलाने के बजाय, विकास पर ध्यान देकर अपने लोगों की बेहतर सेवा करेगा, क्योंकि न तो ये, और न ही काउंसिल में उसकी नौटंकी, उसकी अर्थव्यवस्था के लोन चुकाने में मदद करेगी।” त्यागी ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बिगड़ती स्थिति की ओर भी इशारा किया, जिसमें जून से नागरिकों की मौत, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों की गिरफ्तारी और भोजन व दवाओं पर प्रतिबंध की रिपोर्टों का हवाला दिया गया। उन्होंने कहा, “अगर इस कमरे में कोई भी प्रतिनिधिमंडल इस परिषद की जांच के हर मानदंड को पूरा करता है, तो वह पाकिस्तान है।” उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी में से एक है, जहां अल्पसंख्यक वोट देते हैं, कानून बनाते हैं, सुप्रीम कोर्ट में बैठते हैं और संस्थानों का नेतृत्व करते हैं। जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन में भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान दशकों तक सीमापार आतंकवाद को प्रायोजित करने के बाद जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा, “इस परिषद को पाकिस्तान से स्पष्टीकरण की जरूरत नहीं है। यह 1990 में हुआ था, कश्मीरी पंडितों के साथ, जिन्हें उन आतंकवादियों ने अपने घरों से निकाल दिया था, जिन्हें पाकिस्तान ने हथियार दिए, प्रशिक्षित किया और सीमा पार भेजा। उन आतंकवादियों ने तब से हर धर्म के कश्मीरियों को मारा है, उनमें से कई मुसलमान हैं। जिस देश ने उन्हें प्रायोजित किया, वह अब इस परिषद से जांच की मांग कर रहा है। इस परिषद से यह विडंबना छिपी नहीं रहेगी।” यह टिप्पणी तब आई जब पाकिस्तान ने परिषद के सत्र में फिर से कश्मीर का मुद्दा उठाया। भारत ने अपना मुख्य रुख दोहराया, “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और हमेशा रहेगा।