विदेश मंत्री जयशंकर ने यूएन महासचिव गुटेरेस से की मुलाकात, ग्लोबल साउथ के मुद्दों पर रहा फोकस

संयुक्त राष्ट्र। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भारतीय समयानुसार मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच वर्तमान समय में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी संघर्ष और झगड़ों को कम करने को लेकर बातचीत हुई। एस. जयशंकर ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत चल रहे झगड़ों और उनके असर को कम करने की जरूरत पर फोकस थी, खासकर ग्लोबल साउथ को लेकर।” इससे पहले विदेश मंत्री ने न्यूयॉर्क में आयोज‍ित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत लंबे समय से अपनी रणनीतिक स्वायत्तता यानी अपने हितों के हिसाब से स्वतंत्र फैसले लेने की नीति के तहत जो करता रहा है, वही अब अमेरिका कर रहा है और वह है कई देशों के साथ रिश्तों को एक साथ संभालने की कोशिश। जयशंकर ने सोमवार को कार्यक्रम के दौरान कहा था, “हमारे बारे में जो बातें पहले कही जाती थीं, आज वॉशिंगटन वही काम पूरे जोश के साथ कर रहा है।” उन्होंने अमेरिका के पूर्व सहायक विदेश मंत्री डैनियल रसेल से बातचीत के दौरान कहा, “आप चीन से बात कर रहे हैं, रूस से बात कर रहे हैं, यूक्रेन से बात कर रहे हैं और एशिया के दूसरे हिस्सों या यूरोप के साथ भी संबंध संभाल रहे हैं।” एस. जयशंकर ने कहा कि इस तरह देखा जाए तो वॉशिंगटन आज वही कर रहा है जो भारत पहले से करता आया है। भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर सवाल पूछते समय डैनियल रसेल ने अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली एक आम कहावत का जिक्र किया, ‘च्यूइंग गम चबाना और चलना।’ इसका मतलब है कि कोई व्यक्ति एक ही समय में अलग-अलग काम संभाल सकता है। जयशंकर ने भी इसी उदाहरण को आगे बढ़ाते हुए मजाक में कहा, “मुझे लगता है कि वॉशिंगटन में उस च्यूइंगम की काफी बड़ी सप्लाई है।” उनका इशारा इस ओर था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका एक ही समय में कई देशों के साथ अलग-अलग तरह के रिश्ते और कई बार एक-दूसरे के खिलाफ जाने वाले हितों को भी संभालने की कोशिश कर रहा है। एस. जयशंकर ने कहा, “एक बार जब वॉशिंगटन इस मामले में आगे बढ़ता है तो एक तरह से यह पूरी दुनिया का सवाल बन जाता है। यही आज की हकीकत है।” जयशंकर ने कहा कि एक समय ऐसा था जब भारत जैसे देशों से कहा जाता था कि वे बहुत ज्यादा विकल्प न रखें और अपने रिश्तों को किसी एक देश पर ज्यादा केंद्रित करें। जयशंकर ने कहा कि दूसरी ओर अमेरिका खुद अपने लिए ज्यादा विकल्प बनाए रखता था, क्योंकि वह एक वैश्विक ताकत है। उन्होंने कहा क‍ि आज यह दिखावा सभी के लिए खत्म हो चुका है। अब हर कोई खुले तौर पर हर किसी के साथ रिश्ते रख रहा है।

ठाणे में शिवसेना यूबीटी नेता प्रदीप पूर्णेकर पर फायरिंग, अस्पातल में इलाज जारी

मंबई। महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मनोरमा नगर इलाके में शिवसेना (यूबीटी) गुट के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। घटना कपूरबावड़ी पुलिस थाना क्षेत्र में आर मॉल के पास हुई। हमले में पूर्णेकर को दो गोलियां लगीं, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के मुताबिक, प्रदीप पूर्णेकर पर दो अज्ञात और नकाबपोश हमलावरों ने गोलियां चलाईं और वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। बता दें कि प्रदीप पूर्णेकर शिवसेना (यूबीटी) के विभाग प्रमुख थे और पूर्व सांसद राजन विचारे के करीबी माने जाते थे। उनके भाई जयनाथ पूर्णेकर ठाणे नगर निगम के पूर्व नगरसेवक रह चुके हैं। हमला मनपाड़ा के गणेश नगर स्थित पूर्णेकर के कार्यालय के पास होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, घटना का सटीक स्थान और हमले की परिस्थितियों को लेकर पुलिस की जांच जारी है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रदीप पूर्णेकर पर हमला किसने और किस कारण से किया। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ठाणे शहर में कुछ दिन पहले एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर की हत्या की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद अब राजनीतिक दल से जुड़े नेता शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे है। ठाणे नगर निगम चुनाव में प्रदीप पूर्णेकर की पत्नी विजेता पूर्णेकर और उनके भाई जयनाथ पूर्णेकर ने मनोरमा नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 3 से शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। दोनों को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

मैच-दर-मैच बेहतर हो रहे रोहित-विराट, टीम में अपना अनुभव लाते हैं: गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले

गुवाहाटी। वेस्टइंडीज के खिलाफ बुधवार को बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाने वाले दूसरे वनडे मैच से पहले टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने बताया कि सीरीज के पहले वनडे में रोहित शर्मा और विराट कोहली की मौजूदगी का टीम पर बहुत बड़ा असर पड़ा। रोहित ने पहले वनडे में 32 रन बनाए, जबकि कोहली ने नाबाद शतक जड़ा। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के पहले मैच में कोहली के शतक की तारीफ करते हुए बहुतुले ने पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है कि वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो हर सीरीज और हर मैच के साथ और बेहतर होते जा रहे हैं। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो इतना कुछ हासिल करने के बाद भी और बेहतर करना चाहते हैं, जो बहुत शानदार है। रोहित के भी साथ होने से, दोनों ही टीम में अपना अनुभव लाते हैं। युवा खिलाड़ी भी इससे सीखते हैं। वे उनके अनुभव और उनके बीच होने वाली बातचीत से आगे बढ़ते हैं। निश्चित रूप से उनकी मौजूदगी से युवा खिलाड़ियों को मदद मिलती है।” तिरुवनंतपुरम में शानदार जीत के बाद भारत ने तीन मुकाबलों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। मेजबान टीम बुधवार को गुवाहाटी में सीरीज जीतने की कोशिश करेगी। जहां कोहली (139*) और कप्तान शुभमन गिल (110) ने बल्ले से मोर्चा संभाला, वहीं वेस्टइंडीज की शानदार शुरुआत के बाद पहली पारी में कुलदीप यादव ने मैच का पासा पलटा। बाएं हाथ के स्पिनर ने अपने 10 ओवरों में 40 रन देकर 4 विकेट हासिल करते हुए वेस्टइंडीज को 295/7 के स्कोर पर रोक दिया। बहुतुले का मानना ​​है कि एक स्पिनर के तौर पर अपनी अलग-अलग तरह की गेंदबाजी की वजह से कुलदीप भारत की गेंदबाजी में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, “कुलदीप हमेशा से भारत के लिए मैच जिताने वाले खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। उनके आंकड़े भी यही बताते हैं और वह अपने खेल पर बहुत मेहनत करते हैं। उन्हें पता है कि किन चीजों में उन्हें सुधार करने की जरूरत है। वह नेट्स में जाकर उस पर काम करेंगे। कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें लेकर उन्हें बहुत आत्मविश्वास है, क्योंकि वह वर्षों से इस टीम का हिस्सा रहे हैं। असल में, वह हाल ही में काउंटी खेलने भी गए थे। उन्होंने वहां बहुत सारे ओवर फेंके। इसलिए वह पूरी तैयारी के साथ सीरीज में आ रहे हैं। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें हर टीम अपनी टीम में रखना चाहेगी, क्योंकि वह मैदान के अंदर और बाहर हमेशा जोश से भरे रहते हैं। साथ ही, उनकी खास स्किल्स हमें किसी भी स्थिति में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद करती हैं। एक स्पिनर, यानी चाइनामैन गेंदबाज होने के नाते, वह निश्चित रूप से टीम की ताकत बढ़ाते हैं।” हालांकि, अगले साल होने वाले आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप से पहले हर एक वनडे मैच का महत्व बढ़ गया है। ऐसे में बहुतुले मानते हैं कि स्पिन गेंदबाजी विभाग में कई विकल्प होने से भारत को फायदा होता है। उन्होंने कहा, “अक्षर के भी टीम में होने से, आने वाले समय में हम जो टूर्नामेंट या सीरीज खेलेंगे, उनमें हम खिलाड़ियों के प्रदर्शन को परख पाएंगे और यह देख सकेंगे कि कौन हमारे काम आ सकता है, लेकिन जड्डू (रवींद्र जडेजा) अपनी बैटिंग स्किल्स और अनुभव के साथ निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और मुझे यकीन है कि आने वाले समय में उन पर भी विचार किया जाएगा। मेरे लिए, वह हमेशा से एक उपयोगी खिलाड़ी रहे हैं। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो बैट और बॉल दोनों से योगदान दे सकते हैं। पिछले छह महीनों में एक बॉलर के तौर पर उन्होंने निश्चित रूप से सुधार किया है।

मुंबई: चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, भाई जगताप बोले- जारी रहेगी लड़ाई

मुंबई। मुंबई कांग्रेस ने दादर स्थित चैत्यभूमि में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मंगलवार को विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली और वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान हुए चुनावों में भी एसआईआर के तहत कथित तौर पर अतिरिक्त वोट जोड़े जाने की बात सामने आई थी। कुछ जगहों पर छोटे कमरों में बड़ी संख्या में मतदाताओं को दिखाए जाने जैसी अनियमितताएं सामने आई थीं। कांग्रेस पहले भी इन मुद्दों को सामने रख चुकी है और अब पार्टी इस लड़ाई को आगे बढ़ा रही है। भाई जगताप ने कहा कि हाल के घटनाक्रम में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों की ओर से सामने आई जानकारी ने कांग्रेस के आरोपों को और बल दिया है। उन्होंने कहा कि देश का युवा, किसान, महिलाएं और आम नागरिक अपने अधिकारों और संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं। जगताप ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और जेल भेजने की मांग भी की। जगताप ने कहा कि यह केवल कांग्रेस का मुद्दा नहीं है। यह आम मतदाता के अधिकार से भी जुड़ा सवाल है। उद्धव ठाकरे भी इस लड़ाई में उनके साथ हैं। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस उसे दोबारा पढ़कर लोगों के सामने संवैधानिक मूल्यों की बात रखेगी। वहीं, कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने प्रदर्शन को जनता की आवाज बताया। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिस संस्था का काम लोकतंत्र की रक्षा करना है, उसी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। चरण सिंह सपरा ने फॉर्म-6 के साथ बाद में जोड़े गए डिक्लेरेशन फॉर्म के नियम पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में दोहरे नियम नहीं होने चाहिए। एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। उन्होंने करीब 13 करोड़ 30 लाख नाम हटाए जाने का दावा करते हुए उन्हें फिर से बहाल करने की मांग की। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने केंद्रीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर एसआईआर से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।

गांधीनगर निकाय चुनाव: आप के पांच उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया, चार नामांकन खारिज होने के बाद मैदान में अब 32 प्रत्याशी

गांधीनगर। गांधीनगर नगर निगम (जीएमसी) चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की संख्या घटकर 41 से 32 रह गई है। नामांकन पत्र दाखिल करने वाले 41 उम्मीदवारों में से चार के नामांकन खारिज कर दिए गए, जबकि पांच उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण राम ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर पार्टी के पांच उम्मीदवारों पर दबाव डाला और उन्हें अपहरण कर उनसे नामांकन पत्र वापस लेने को मजबूर किया। उन्होंने दावा किया कि दोनों पार्टियों ने मिलकर काम किया, क्योंकि आप को न तो नियंत्रित किया जा सकता था और न ही डराया जा सकता था। इस घटनाक्रम के बाद 11 वार्डों में फैली 44 सीटों वाली नगर निकाय के लिए आप के पास अब 32 उम्मीदवार मैदान में हैं। पार्टी ने शुरू में 29 उम्मीदवारों की घोषणा की थी, लेकिन 26 सितंबर की समय सीमा तक उसके 41 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए थे। 28 सितंबर को हुई जांच के बाद आम आदमी पार्टी के चार नामांकन खारिज कर दिए गए, जबकि पांच उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन अपने नामांकन वापस ले लिए, जिससे पार्टी के अंतिम उम्मीदवारों की संख्या 32 हो गई। प्रवीण राम ने आरोप लगाया कि ये नाम वापसी भाजपा और कांग्रेस के बीच एक व्यापक समझौते का हिस्सा थी और उन्होंने पिछले जीएमसी चुनाव में चुने गए दो कांग्रेस पार्षदों के भाजपा में शामिल होने का हवाला दिया। पार्टी के बयान के अनुसार, उन्होंने कहा, “कांग्रेस के नेता भाजपा में शामिल हो गए हैं, जिससे भाजपा-कांग्रेस की मिलीभगत साबित होती है।” गुजरात राज्य चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, जीएमसी की 11 वार्डों में फैली 44 सीटों के लिए 11 अक्टूबर को मतदान होगा। मतगणना 13 अक्टूबर को होनी है, जबकि 12 अक्टूबर को आवश्यकता पड़ने पर पुनः मतदान के लिए आरक्षित रखा गया है। नामांकन प्रक्रिया 21 सितंबर को चुनाव अधिसूचना के साथ शुरू हुई, जिसके बाद नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 26 सितंबर, नामांकन की जांच की अंतिम तिथि 28 सितंबर और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 29 सितंबर थी।

1 से 31 अक्टूबर तक चलेगा टिकट चेकिंग अभियान, ट्रेन यात्रियों से वैध पहचान पत्र रखने की अपील

नई दिल्ली। इंडियन रेलवे 1 से 31 अक्टूबर तक सेंट्रल रेलवे नेटवर्क पर टिकट-चेकिंग अभियान चलाएगा। इस अभियान में रियायती टिकटों, तय रिजर्वेशन कोटे, रेलवे पास और ग्रुप बुकिंग की जांच की जाएगी। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, टिकट-चेकिंग स्टाफ यात्रियों की पात्रता की जांच करेगा और रियायत या कोटे के तहत यात्रा करने वालों से ओरिजिनल पहचान पत्र दिखाने के लिए कहेगा। यह चेकिंग रेलवे स्टेशनों और लोकल ट्रेनों, दोनों जगहों पर की जाएगी। सेंट्रल रेलवे ने एक बयान में यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट और जरूरी दस्तावेजों के साथ यात्रा करें और यात्रा को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए टिकट चेकिंग स्टाफ का सहयोग करें। टिकट-चेकिंग स्टाफ जरूरत पड़ने पर टीटीई ऐप का इस्तेमाल करके टिकटों (बिना रिजर्वेशन वाले टिकटों सहित) की असलियत की जांच कर सकता है। रियायती टिकट या खास रिजर्वेशन कोटे के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए तय किया गया असली पहचान पत्र साथ रखना होगा। मान्य पहचान पत्रों में आधार, पासपोर्ट, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, सरकारी फोटो आईडी, स्टूडेंट आईडी, फोटो वाली बैंक पासबुक और लैमिनेटेड फोटो वाला बैंक क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। यात्रियों को असली दस्तावेज साथ रखना चाहिए। सिर्फ फोटोकॉपी या फोन में सेव की गई दस्तावेज की इमेज पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ई-पास या प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (पीटीओ) वाले यात्रियों को तय किया गया असली पहचान पत्र साथ रखना होगा और यह पक्का करना होगा कि यात्रा शुरू करने से पहले ई-पास या पीटीओ को सही तरीके से बदलकर यात्रा के लिए जरूरी ‘अथॉरिटी टू ट्रैवल’ में बदल लिया गया हो। ग्रुप रिजर्वेशन का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को भी पात्रता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज दिखाने होंगे। जब एक से ज्यादा लोगों के लिए टिकट रिजर्व किया जाता है तो कम से कम एक यात्री के पास जरूरी असली पहचान पत्र होना चाहिए। जो यात्री अपनी पात्रता साबित नहीं कर पाते या जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा पाते, उन पर लागू रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है। उन्हें ज्यादा अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है। ‘जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026’ के तहत बदलावों के बाद, 20 जून 2026 से बिना टिकट या अनधिकृत तरीके से यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 250 से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है।

फारस की खाड़ी में 12 कमर्शियल जहाजों पर 163 भारतीय नाविक सवार, विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि

नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वर्तमान में फारस की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम से गुजरने वाले 12 वाणिज्यिक जहाजों पर 163 भारतीय नाविक सवार हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, “इस समय, हमारे पास फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में, छह भारत-ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज हैं। हमारे पास छह विदेशी-ध्वज वाले जहाज भी हैं जो भारत के लिए माल ला रहे हैं। इन जहाजों पर हमारे लगभग 163 भारतीय नाविक सवार हैं।” उन्होंने कहा, “इसके अलावा हमारे पास 4,500 से अधिक भारतीय नाविक भी हैं जो विभिन्न वाणिज्यिक जहाजों पर सवार हैं जो इस क्षेत्र में चल रहे हैं। जहाजरानी मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रख रहा है और इन सभी नाविकों की भलाई देख रहा है और जब भी जरूरत होती है, हमारे दूतावासों और अन्य हितधारकों के माध्यम से वे उनकी भलाई और कल्याण के लिए जरूरी कदम उठाते हैं। हमारी तरफ से हम विदेशों में हमारे समुद्री समुदाय की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रतिबद्ध हैं।” पश्चिम एशिया संघर्ष की शुरुआत से ही भारत ने नाविकों को निशाना बनाने वाले हमलों और हिंसा के कृत्यों और होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से मुक्त और सुरक्षित नेविगेशन को बाधित करने की कड़ी निंदा की है। साथ ही क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के हित में संवाद और कूटनीति की ओर लौटने की बात दोहराई है। 25 सितंबर को न्यूयॉर्क में ‘शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा पर मित्र समूह’ (जीओएफ ऑन एस4) की उद्घाटन बैठक में बोलते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस बात पर प्रकाश डाला था कि भारत, नाविकों के एक प्रमुख स्रोत के रूप में और लाइबेरिया, सबसे बड़े शिपिंग रजिस्ट्री के रूप में, शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा को उजागर करने के लिए एक साथ आए हैं। एस जयशंकर ने बैठक में अपने संबोधन में कहा था, “सिर्फ दो दिन पहले, ओमान की खाड़ी में एंटीगुआ और बारबुडा के ध्वज वाले बल्क कैरियर एमवी सीएपीई डीएओ पर हमला किया गया था। एक भारतीय नाविक की जान चली गई। उससे दस दिन पहले, पनामा के ध्वज वाला तेल टैंकर ईएल जीएआईए होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय निशाना बना था। उस घटना के बाद एक भारतीय चालक दल का सदस्य लापता हो गया। अफसोस की बात है कि ये अब असाधारण घटनाएं नहीं रहीं। पिछले कुछ महीनों में खाड़ी, लाल सागर और उसके आसपास के क्षेत्रों में वाणिज्यिक शिपिंग और नाविकों पर बार-बार हमले हुए हैं।” उन्होंने कहा था, “काला सागर में भी ऐसी अस्वीकार्य कार्रवाइयां हो रही हैं। एमवी ओएमओआरएफआई को 18 जुलाई को रूसी क्षेत्रीय जल में निशाना बनाया गया था और इसके चीफ ऑफिसर, एक भारतीय नागरिक, की मौत हो गई थी। अगले दिन, एमवी गोल्डन लीयो पर ओडेसा से निकलने के बाद हमला किया गया और चार भारतीय नाविकों की जान चली गई थी।” बैठक के दौरान, भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया था कि वह न केवल काला सागर से लेकर लाल सागर और खाड़ी तक वाणिज्यिक और नागरिक जहाजों पर बढ़ते हमलों के खतरनाक रुझान को उजागर करे, बल्कि एकजुट होकर ऐसी घटनाओं को रोके जो चिंता का बढ़ता कारण बन गई हैं।

बेंगलुरु: तरंग शक्ति अभ्यास में चमका स्वदेशी तेजस, एचएएल के दौरे पर आई 28 देशों के वायुसेना ने देखी भारत की ताकत

बेंगलुरु। भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ के बीच हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का तेजस डिवीजन मंगलवार को दुनियाभर की वायुसेनाओं के आकर्षण का केंद्र बन गया। एक्सरसाइज में हिस्सा लेने वाले 28 मित्र देशों के सीनियर डेलीगेट्स ने एचएएल के एलसीए तेजस डिवीजन का दौरा किया। इस दौरे में इंडोनेशिया, थाईलैंड, ब्राजील, पेरू, अल्जीरिया, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट और मालदीव समेत 28 देशों के एयर चीफ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। सभी अधिकारियों का स्वागत एचएएल के सीएमडी डॉ. डीके सुनील और तेजस डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। एचएएल ने कार्यक्रम की तस्वीरें साझा कर लिखा, “दुनियाभर की एयरफोर्स एचएएल में इकट्ठा हुईं। तरंग शक्ति 2026 एक्सरसाइज में हिस्सा लेने वाले इंडोनेशिया, थाईलैंड, ब्राजील, पेरू, इंडोनेशिया, अल्जीरिया, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट और मालदीव जैसे 28 दोस्त देशों की एयरफोर्स के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने एचएएल के एलसीए तेजस डिवीजन का दौरा किया।” एचएएल ने डेलीगेट्स को स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके1, तेजस एमके1ए और भविष्य के तेजस एमके2 प्रोग्राम की प्रगति के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। अधिकारियों को तेजस की प्रोडक्शन लाइन, फाइनल असेंबली हैंगर और फ्लाइट टेस्टिंग सुविधाओं का दौरा भी कराया गया। इंडोनेशिया, ब्राजील और नाइजीरिया जैसे देश अपने पुराने लड़ाकू बेड़े को बदलने के लिए किफायती और भरोसेमंद विकल्प की तलाश में हैं और तेजस उनकी जरूरतों के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरा है। एचएएल अधिकारियों ने बताया कि तेजस न केवल एक लड़ाकू विमान है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। इसकी 65 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामग्री और विश्व स्तरीय एवियोनिक्स इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाते हैं। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब तरंग शक्ति 2026 में दुनिया की कई एयरफोर्स एक साथ अभ्यास कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दौरे से भारत के रक्षा निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और तेजस को ग्लोबल मार्केट में नई पहचान मिलेगी। तेजस एमके1ए कार्यक्रम के लिए एचएएल जीई एफ404 इंजन डील को आने वाले महीनों में बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच 12 अतिरिक्त जीई एफ404-आईएन20 इंजन मिलने की संभावना है, जिससे भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के लिए तेजस एमके1ए लड़ाकू विमानों का उत्पादन और डिलीवरी तेज करने में मदद मिलेगी। एनडीटीवी डिफेंस समिट 2026 में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के बयान के अनुसार, साल की अंतिम तिमाही के दौरान जीई एयरोस्पेस से इंजन की डिलीवरी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। यह विकास तेजस एमके1ए कार्यक्रम के सामने आ रही सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक को हल करने में मदद कर सकता है। कंपनी पहले ही एचएएल को 10 इंजन सप्लाई कर चुकी है, जिसमें अगस्त में हाल ही में दिए गए तीन इंजन भी शामिल हैं। अधिकारियों को अब अक्टूबर से दिसंबर तक हर महीने चार इंजन आने की उम्मीद है। यदि डिलीवरी शेड्यूल ट्रैक पर रहता है, तो एचएएल को साल के अंत से पहले 12 और इंजन मिल जाएंगे, जिससे सप्लाई किए गए इंजनों की कुल संख्या 22 हो जाएगी।

ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर से चुनाव कराओ: तेजस्वी यादव

पटना। विपक्षी दलों की ओर से एसआईआर, ईवीएम और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इसी बीच ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग का समर्थन किया है। तेजस्वी यादव का यह बयान उस वक्त आया है, जब यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। पटना में तेजस्वी यादव ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि बैलेट की मांग तो हमलोग शुरू से कर रहे हैं। मशीन को हटाओ, बैलेट को लाओ। उन्होंने 30 सितंबर को होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक और सीईसी ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका सबके सामने आ गई है, खासकर यह कि कैसे कथित तौर पर वोटों की चोरी की जा रही है और कैसे भाजपा को एक के बाद एक चुनाव जिताया जा रहा है। उन्होंने बिहार में यह तरीका शुरू किया और बाद में इसे पूरे देश में लागू किया। वोटों की चोरी का तरीका खुद दो चुनाव आयुक्तों ने उजागर किया है। बुधवार को सुबह 11:00 बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाई गई है। हम इस बैठक में शामिल होने और अपनी बात रखने के लिए वहां जा रहे हैं। अगर कोई भी आकर वोटों की चोरी कर सकता है, लोकतंत्र को बर्बाद और खत्म कर सकता है और संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट कर सकता है, तो देश कैसे चलेगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि शुरू से ही हमारी यह मांग रही है, और कई अन्य नेताओं ने भी यही मांग की है कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। भाजपा संस्थाओं को नष्ट और उनका गलत इस्तेमाल कर रही है, इसलिए देश की जनता के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना बहुत जरूरी है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग यूपी की पूर्व सीएम और बसपा प्रमुख मायावती ने भी की। उन्होंने कहा कि चुनाव में मतदाता को इस बात का पूरा भरोसा होना चाहिए कि उसने जिस उम्मीदवार को वोट दिया है, उसका मत उसी के खाते में गया और गिनती में शामिल हुआ। वोट को लेकर संदेह की स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

गुजरात में मिलावटी दूध बनाने वाली संदिग्ध इकाई पर मारा छापा, 1,200 लीटर दूध किया नष्ट

जामनगर। जामनगर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने मंगलवार को बताया कि कलावद में एक रिहायशी मकान पर छापेमारी के दौरान लगभग 1,200 लीटर संदिग्ध मिलावटी दूध, 75 किलो वनस्पति घी और 75 किलो दूध बनाने वाला पाउडर नष्ट किया। यह छापेमारी एसओजी कर्मियों को मिली सूचना के बाद की गई, जिसमें बताया गया था कि कलावड़ तालुका के जलसाना गांव में संदिग्ध दूध व्यापारी कांजीभाई उर्फ कानो देपालभाई मलानी के घर पर मिलावटी दूध तैयार किया जा रहा था। यह परिसर कलावद में कपूरिया की कथा में शीतला माताजी मंदिर क्षेत्र के पास स्थित था। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई राजकोट डिवीजन के पुलिस उप महानिरीक्षक निर्लिप्त राय और जामनगर के पुलिस अधीक्षक डॉ. रवि मोहन सैनी के निर्देशों के बाद की गई, जिसमें रोजमर्रा की इस्तेमाल की वस्तुओं में मिलावट करने वाले व्यापारियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया था। अधिकारियों ने बताया, “एसओजी के कर्मचारी कलावद टाउन और ग्रामीण पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों में गश्त कर रहे थे, तभी कर्मियों तोशिफभाई तयानी, रमेशभाई चावड़ा और फिरोजभाई खफी को दूध में संदिग्ध मिलावट की सूचना मिली।” इसके बाद पुलिस ने खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दी, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसओ ने संदिग्ध दूध के आवश्यक नमूने एकत्र किए, परिसर को सील कर दिया और आगे की कार्रवाई के लिए नमूनों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने कहा, “खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने संदिग्ध मिलावटी दूध, वनस्पति घी और दूध बनाने वाले पाउडर के शेष भाग को एक ऐसे स्थान पर और इस तरह से नष्ट कर दिया, जिससे मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे।” पुलिस के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने लागू प्रावधानों के तहत दूध के व्यापार में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।