ग्रीन एनर्जी स्कीम 2035 तक 900 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में ‘बड़ा कदम’: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III (जीईसी-III) योजना को कैबिनेट की मंजूरी देश को वर्ष 2035 तक 900 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन-आधारित ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह फैसला स्वच्छ ऊर्जा, मजबूत बिजली ग्रिड और रोजगार सृजन को नई गति देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा, “स्वच्छ बिजली, मजबूत ग्रिड और अधिक अवसर”। उन्होंने बताया कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III के तहत 135 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी सुनिश्चित की जाएगी, 50 गीगावाट-घंटे (जीडब्ल्यूएच) बैटरी स्टोरेज क्षमता विकसित की जाएगी और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में बिजली ग्रिड को मजबूत बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना विनिर्माण, निर्माण और ऊर्जा भंडारण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को और तेज करेगी। इसके साथ ही एक अन्य एक्स पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, देशभर के किसानों के हितों की रक्षा के साथ ही उनकी आय में बढ़ोतरी के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने 2027-28 के मार्केटिंग सीजन के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दी है। इससे देश के करोड़ों किसान भाई-बहनों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना सुनिश्चित होगा।” दरअसल, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को जीईसी-III योजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य देशभर के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 135 गीगावाट तक नवीकरणीय ऊर्जा के प्रभावी प्रसारण और एकीकरण के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करना है। भारत का ऊर्जा क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार कर रहा है। जुलाई 2026 तक देश की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 552 गीगावाट तक पहुंच चुकी है, जबकि वर्ष 2014 में यह लगभग 249 गीगावाट थी। इसमें 300.50 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता शामिल है, जो देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता का 54 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बनाती है। भारत वर्तमान में नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित क्षमता के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। जुलाई 2026 तक देश की स्थापित सौर क्षमता 164.59 गीगावाट तक पहुंच गई, जो वर्ष 2014 में केवल 2.8 गीगावाट थी। सौर ऊर्जा अब भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का सबसे बड़ा घटक बन चुकी है। वर्ष 2025 में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा वृद्धि बाजार बना। इस दौरान देश ने 37 गीगावाट से अधिक नई सौर क्षमता जोड़ी, जबकि अमेरिका ने लगभग 34 गीगावाट की वृद्धि दर्ज की। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III योजना को वित्त वर्ष 2032-33 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना की कुल लागत 1.86 लाख करोड़ रुपए से अधिक होगी, जिसमें 1.36 लाख करोड़ रुपए राज्यों के भीतर ट्रांसमिशन सिस्टम विकसित करने पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 50,000 करोड़ रुपए की लागत से 50 जीडब्ल्यूएच बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) स्थापित की जाएगी। योजना के तहत बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियां नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों या अन्य महत्वपूर्ण ग्रिड स्थलों पर स्थापित की जाएंगी। इनका उद्देश्य सौर और पवन ऊर्जा की अनियमित उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों, ग्रिड भीड़भाड़ और पीक आवर्स की मांग को बेहतर तरीके से संभालना है। सरकार ने इस योजना के लिए 54,082 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने केसीआर परिवार पर भारी संपत्ति जमा करने का लगाया आरोप

हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव (केसीआर) और उनके परिवार के सदस्यों पर सत्ता के महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए भारी संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि केसीआर और उनके परिवार ने तेलंगाना आंदोलन का फायदा उठाकर हजारों करोड़ की संपत्ति जमा कर ली। उन्होंने सैकड़ों एकड़ जमीन पर फार्महाउस बनवाए और आलीशान जीवन जी रहे हैं। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले सिरसिल्ला निर्वाचन क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उन पर और उनके पिता, केसीआर, पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री के रूप में सिरसिला की अपनी पहली यात्रा पर, रेवंत रेड्डी ने एक रोड शो किया। यह बीआरएस के गढ़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा शक्ति प्रदर्शन का एक बड़ा उदाहरण था। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य में बीआरएस के 10 साल के शासनकाल के दौरान अपने परिवार के सदस्यों को शीर्ष पदों पर आसीन होने और सत्ता का आनंद लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए केसीआर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केटीआर ने 2009 के चुनावों में सिरसिल्ला सीट महज 172 वोटों के अंतर से जीती थी और अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए एक लाख करोड़ रुपए की चौंका देने वाली संपत्ति जमा कर ली थी। रेवंत रेड्डी ने लोगों से पूछा कि क्या केसीआर परिवार ने इन सभी वर्षों में उनकी किसी भी प्रकार से मदद की है। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से उनके जीवन में बदलाव लाने की जिम्मेदारी उठाएंगे। उन्होंने कहा, “राज्य की राजनीति में बीआरएस, केसीआर और केटीआर अतीत बन जाएंगे और कांग्रेस 2034 तक सत्ता में बनी रहेगी।” उन्होंने मांग की कि केटीआर अपनी और अपने परिवार के सदस्यों, जिनमें केसीआर, हरीश राव और संतोष कुमार शामिल हैं, की संपत्ति पर एक श्वेत पत्र जारी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केटीआर की अमेरिका और सिंगापुर में स्थित संपत्तियों का भी खुलासा करेंगे। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा सत्र में अनुपस्थित रहने के लिए केसीआर की आलोचना की और आरोप लगाया कि वह दलित अध्यक्ष को ‘सर’ कहकर संबोधित करने को तैयार नहीं थे।
‘आप-दा सरकार ने राज्य को ड्रग्स के दलदल में धकेला’, नशा मुक्त पंजाब यात्रा के समापन पर बोले अमित शाह

जालंधर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नशा मुक्त पंजाब का नारा देकर सत्ता में आई सरकार ने प्रदेश को ड्रग्स के दलदल में धकेल दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब से नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए संकल्पित है। जालंधर में भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन के बाद अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “नशा मुक्त पंजाब का नारा देकर सत्ता में आई ‘आप-दा’ सरकार ने पंजाब को ड्रग्स के दलदल में धकेल दिया है।” उन्होंने दावा किया कि जालंधर में यात्रा के समापन पर प्रदेशभर से पहुंचे लोगों का उत्साह दिखाता है कि पंजाब की जनता मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाने का मन बना चुकी है। अमित शाह ने बताया कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ पठानकोट से शुरू हुई यह यात्रा 13 दिनों में करीब 4 हजार किलोमीटर चली और राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंची। उन्होंने कहा कि इस दौरान गांव-गांव जाकर नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा, “हम 31 दिसंबर 2029 से पहले नशे के इस कारोबार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए संकल्पित हैं।” इससे पहले जालंधर में नशे के खिलाफ आयोजित रैली को संबोधित करते हुए भी अमित शाह ने कहा कि भाजपा आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में नशे के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने पंजाब की माताओं और युवाओं से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन करने की अपील की। शाह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में पंजाब में ‘चिट्टा’ यानी सिंथेटिक ड्रग्स का अवैध कारोबार चल रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि पंजाब में किसानों, उद्योग, कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा जैसे कई मुद्दे हैं, लेकिन भाजपा आगामी चुनाव में नशा मुक्त पंजाब के मुद्दे को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाएगी। उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि भाजपा ही राज्य को नशे की समस्या से मुक्त करा सकती है। अमित शाह ने देशभर में नशीले पदार्थों की बरामदगी को लेकर भी आंकड़े पेश किए। उन्होंने दावा किया कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान 26 लाख किलोग्राम नशीले पदार्थ पकड़े गए थे, जबकि 2014 से 2024 के बीच मोदी सरकार के दौरान इससे कहीं अधिक मात्रा में ड्रग्स जब्त किए गए। उन्होंने जब्त नशीले पदार्थों की कीमत की तुलना करते हुए भी केंद्र सरकार की कार्रवाई को ज्यादा प्रभावी बताया। शाह ने कहा कि पंजाब को देशभर में बड़े योगदानों के लिए जाना जाता है। इसमें देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में पंजाब के किसानों का योगदान और देश की सीमाओं की रक्षा में पंजाब के लोगों की भूमिका शामिल है। उन्होंने कहा कि देश को जब भी अनाज की जरूरत पड़ी, पंजाब के किसानों ने देश के अन्न भंडार भरे। इसके साथ ही आजादी से पहले और उसके बाद देश की सुरक्षा के लिए पंजाब के लोगों ने बड़ा बलिदान दिया है। गृह मंत्री ने नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पंजाब के लोगों को एकजुट करने और खास तौर पर युवाओं के बीच नशे को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्यव्यापी यात्रा निकाली। शाह ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पंजाब में ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने और सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के प्रयासों को और मजबूत करेगी। पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नशे के मुद्दे को राज्य में एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के तौर पर आगे बढ़ा रही है।
जी20 से पहले होटल लॉबी में दिखा पीयूष गोयल का कूल अंदाज, समकक्षों संग हंसी-मजाक करते आए नजर

मिलवौकी। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के व्यापार मंत्री बुधवार को मिलवॉकी में दो दिवसीय जी20 बैठक के लिए जुट रहे हैं। पीयूष गोयल ने मिलवॉकी के होटल की लॉबी में अपने दूसरे जी20 समकक्षों के साथ अनौपचारिक और मजेदार बातचीत की, जिसकी झलकियां तस्वीरों में देखने को मिल रही है। इस बैठक में वैश्विक व्यापार के भविष्य, सप्लाई चेन, अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करने वाले नियमों पर फोकस होगा। जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक की मेजबानी अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर कर रहे हैं। यह बैठक व्यापार व्यवस्था के लिए एक अहम समय पर हो रही है, जब टैरिफ विवाद, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को लेकर चिंताएं और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों पर मतभेद प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंधों को आकार दे रहे हैं। भारत के लिए, यह बैठक अमेरिका के साथ बातचीत के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच है, क्योंकि नई दिल्ली और वाशिंगटन द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने और एक अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से बातचीत जारी रखे हुए हैं। बता दें, पीयूष गोयल मंगलवार को मिलवॉकी पहुंचे। यहां पर भारत के केंद्रीय मंत्री मंत्रिस्तरीय बैठक से इतर अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, जिसमें अमेरिका के साथ बातचीत भी शामिल है। एजेंडे में अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य को नियंत्रित करने वाले कुछ बुनियादी सिद्धांतों को मेज पर रखा गया है, विशेष रूप से मोस्ट-फेवर्ड-नेशन सिद्धांत, जिसके तहत डब्ल्यूटीओ के सदस्य आम तौर पर अन्य सदस्यों को तुलनीय टैरिफ सुविधा देते हैं। भारत इन चर्चाओं में बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को बनाए रखने और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के हितों की रक्षा पर जोर देने के साथ आगे बढ़ रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत “विश्व व्यापार संगठन को केंद्र में रखते हुए नियम-आधारित, खुली, समावेशी, पारदर्शी, न्यायसंगत और गैर-भेदभावपूर्ण बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के लिए काम करेगा, साथ ही विकासशील देशों के लिए पर्याप्त नीतिगत गुंजाइश सुनिश्चित करेगा।” यह रुख मिलवॉकी में होने वाली चर्चाओं को विशेष महत्व देता है, क्योंकि वाशिंगटन जी 20 सदस्यों पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के संचालन के तरीके में बदलाव पर विचार करने के लिए जोर दे रहा है। ग्रीर ने मंत्रिस्तरीय बैठक की घोषणा करते हुए कहा था कि ट्रंप प्रशासन जी20 साझेदारों के साथ मिलकर “निष्पक्ष, पारस्परिक और संतुलित व्यापार पर आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था स्थापित करने” के लिए काम करना चाहता है।
मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन पर शोक की लहर, राजकीय सम्मान न मिलने पर सरकार पर उठे सवाल

धर्मशाला। शाहपुर से पांच बार विधायक और पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन पर प्रदेश में शोक की लहर है। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी ने उनके निधन को हिमाचल की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। वहीं, उनके अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान न दिए जाने को लेकर राज्य सरकार पर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने कहा, “यह हिमाचल प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। यह क्षति पूरे हिमाचल के साथ-साथ कांगड़ा जिले के लिए भी है, क्योंकि वे शुरू से ही कांगड़ा के मुखर आवाज रहे हैं। उनका नेतृत्व ईमानदार रहा है। वह राजनेताओं की एक ऐसी पीढ़ी से थे, उनके जैसे नेता अब कोई-कोई ही बचे हैं।” उन्होंने कहा कि वह बिल्कुल स्वस्थ थे, चलते-फिरते ही ईश्वर के शरण में चले गए। यह उनके नेक नीयत और उनके राजनीतिक व व्यक्तिगत जीवन की कमाई का ही परिणाम है। शाहपुर और कांगड़ा के लिए उनका बड़ा योगदान रहा है, जिसे आज हम याद कर रहे हैं। मैं तो जब लगभग आठ साल का था, तब से उन्हें जानता हूं। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने आगे कहा कि कई पुरानी यादें जहन में आ रही हैं, लेकिन आज एक बात का दुख है। उनके जाने का दुख तो है ही, साथ ही जो राजकीय सम्मान उन्हें मिलना चाहिए था, उसके बारे में न तो प्रशासन को पता है और न ही प्रदेश सरकार को। हमेशा से यह परंपरा रही है कि ऐसे पूर्व मंत्रियों को राजकीय सम्मान दिया जाता है, लेकिन अगर सरकार ऐसे मामलों में भी इस तरह का रवैया अपनाएगी तो इससे दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता। पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी ने कहा कि उन्होंने बीएसपी से भी चुनाव लड़ा और भाजपा में भी शामिल हुए, जो दर्शाता है कि उनकी स्वीकार्यता हर जगह थी और लोग उनके समर्थक भी थे। शाहपुर के लोगों ने उन्हें बहुत प्यार दिया। जीवन के इस अंतिम दौर में, 88वें वर्ष में वह अचानक हमें छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि इस संसार से उनका जाना किसी नसीब वाले को ही नसीब होता है। वह बिना किसी तकलीफ के अपना काम करते हुए, नहा-धोकर भोजन ग्रहण कर रहे थे और तभी अचानक हार्ट अटैक आया, जिससे उनका निधन हो गया। उनके लिए कहने को शब्द नहीं हैं, लेकिन हम सब इस दुख को साझा कर रहे हैं। मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति मिले और भगवान उन्हें अपने चरणों में अच्छी जगह दें। यही हमारी कामना है। एक अन्य महिला नेता ने कहा कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया का यहां अंतिम संस्कार हुआ। यह बहुत दुख की बात है। उनका कार्यकाल बहुत सफल रहा है। हमने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया है। इस पर गाइडलाइन्स हैं कि अगर स्टेट फ्यूनरल नोटिफाई होता है तो राजकीय सम्मान दिया जाता है, लेकिन एक पूर्व मंत्री होने के नाते जो बनता है, उसके तहत हमने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया है।
मिजोरम के राज्यपाल और असम राइफल्स के आईजी ने सुरक्षा और विकास संबंधी पहलों पर की चर्चा

आइजोल। मिजोरम के राज्यपाल जनरल (डॉ.) वीके सिंह (सेवानिवृत्त) ने बुधवार को असम राइफल्स (पूर्व) के महानिरीक्षक मेजर जनरल इंदरजीत सिंह भिंडर के साथ बैठक में राज्य में सुरक्षा और विकास संबंधी पहलों पर चर्चा की। अर्धसैनिक बल के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी गई, जिसमें कहा गया, “30 सितंबर, 2026 को असम राइफल्स (पूर्व) के इंस्पेक्टर जनरल मेजर जनरल इंदरजीत सिंह भिंडर ने मिजोरम के राज्यपाल जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह, पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एडीसी (सेवानिवृत्त) से मुलाकात की। बैठक में राज्य में सुरक्षा और विकास संबंधी पहलों और आगामी भर्ती रैली पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने मिजोरम में असम राइफल्स के प्रयासों की सराहना की,” असम राइफल्स भारत-म्यांमार की 510 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा की मिजोरम से सुरक्षा कर रही है। म्यांमार का चिन राज्य विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों, दुर्लभ वन्यजीवों और कई अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी का केंद्र है, जो मिजोरम के छह जिलों चम्फाई, सियाहा, लॉग्टलाई, हनथियाल, सैतुअल और सेरछिप के माध्यम से की जाती है। इसी बीच, मिजो भाषा विकास बोर्ड (एमएलडीबी) के अध्यक्ष आर. लल्लियानजुआला और सचिव लालसांगपुड्या ने बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की और मिजो भाषा के प्रचार और विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की। इस संवाद के दौरान, राज्यपाल जनरल (डॉ.) वीके सिंह ने छोटे बच्चों और गैर-मिजो भाषी लोगों को मिजो भाषा सिखाने और मिजो शब्दों का सही उच्चारण सिखाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने पुस्तकों के प्रकाशन के लिए मिजो भाषा विकास बोर्ड के साथ सहयोग हेतु साहित्य अकादमी के अधिकारियों से बात करने की इच्छा भी व्यक्त की। राज्यपाल ने कहा कि मिजो भाषा बोलने वाले लोग अब विश्व भर में व्यापक रूप से फैले हुए हैं, और उन्होंने मिजोरम की उच्च साक्षरता दर के बारे में बताया। उन्होंने भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में मिजो भाषा को शामिल करने के लिए हर संभव प्रयास करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
चुनाव आयोग स्वतंत्र संवैधानिक संस्था, स्वतंत्र रूप से करता है काम: रामदास आठवले

देहरादून। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्षी मांग के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसे चुनाव संबंधी फैसले लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है, लेकिन उनकी पार्टी का मानना है कि चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से काम करता है। केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किए गए संविधान ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र शक्तियां दी हैं और इसका सरकार से सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का मुख्य दायित्व सही मतदाता सूची तैयार करना, निष्पक्ष चुनाव कराना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना है। एसआईआर को लेकर उठे विवाद पर आठवले ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दूसरे देश से आकर भारत में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फर्जी दस्तावेज या प्रमाण पत्र जमा करता है और जांच में इसकी पुष्टि होती है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा मामले में किन लोगों के नाम और किन परिस्थितियों में हटाए गए, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को, जिसे कानून के तहत मतदान का अधिकार प्राप्त है, अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अधिकार होना चाहिए और ऐसे किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आठवले ने कहा कि उन्हें लगता है कि अखिलेश यादव “ख्याली दुनिया में जी रहे हैं।” उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दिल्ली में हुई इंडी गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुए और उनकी जगह पार्टी की ओर से कुछ नेताओं को भेजा गया। आठवले ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं रहेगा। दोनों दलों के साथ चुनाव लड़ने की संभावना उन्हें नहीं दिखाई देती। आठवले ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को चुनाव से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने का अधिकार है। चुनाव आयोग सरकार की गाइडलाइन के आधार पर काम नहीं करता, बल्कि संविधान से मिली शक्तियों के तहत अपने फैसले लेता है।
ग्रीन एनर्जी को बड़ी उड़ान: 54 हजार करोड़ की ऊर्जा गलियारा-3 योजना मंजूर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करने और 135 गीगावाट तक नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी को सुगम बनाने के लिए पीएम-धारा (पीएम-विकसित सामंजस्यपूर्ण और त्वरित नवीकरणीय ऊर्जा पहुंच) योजना को मंजूरी दी है। इस संबंध में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा, “आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जीईसी-3 योजना को मंजूरी दी है, यह ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-3 योजना है जिसका परिव्यय लगभग 54,000 करोड़ रुपए है और यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य सरकारों को राज्यों के भीतर आरई क्षेत्रों से उनके लोड सेंटर तक लगभग 135 गीगावाट आरई पावर की निकासी के लिए सहायता प्रदान की जाए।” इस योजना के तहत ग्रिड लचीलेपन के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर या नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर या जेनरेटर के छोर पर 50 गीगावाट-घंटा की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) की तैनाती का भी प्रावधान है। बीईएसएस क्षमता का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा की अनियमितता, ट्रांसमिशन भीड़ और पीक-आवर कटौती से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करना है, साथ ही गैर-सौर घंटों के दौरान बिजली की मांग को पूरा करने में मदद करना है। इस योजना से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर बेहतर ग्रिड एकीकरण और बिजली निकासी में मदद मिलने की उम्मीद है। यह योजना वित्त वर्ष 2032-33 तक लागू करने के लिए लक्षित है, जिसकी कुल परियोजना लागत 1,86,405 करोड़ रुपए है। इसमें से 1,36,378 करोड़ रुपए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-थर्ड के तहत इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि 50 गीगावाट-घंटा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए 50,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इस योजना में कुल 54,082 करोड़ रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता शामिल है। केंद्रीय वित्तीय सहायता से इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन शुल्क को कम करने में मदद मिलेगी, जिससे बिजली की लागत कम रखने में मदद मिलेगी और अंततः बिजली उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम घटक के तहत सभी ग्रीनफील्ड परियोजनाओं को टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) के माध्यम से लागू किया जाएगा, जबकि ब्राउनफील्ड उन्नयन और नेटवर्क सुदृढ़ीकरण कार्य लागत प्लस आधार (सीपीबी) पर किए जाएंगे। राज्य ट्रांसमिशन यूटिलिटीज समग्र कार्यान्वयन एजेंसियों के रूप में कार्य करेंगी। ट्रांसमिशन सेवा प्रदाता बिल्ड-ओन-ऑपरेट-मेंटेन (बीओओएम) मॉडल के माध्यम से टीबीसीबी तंत्र के तहत परियोजनाओं में भाग लेंगे।
भाखड़ा नहर पर व्यक्ति ने वीडियो बनाकर लगाए प्रताड़ना के आरोप, सुखपाल सिंह खैरा ने पंजाब सरकार को घेरा

समाना। पंजाब के समाना स्थित भाखड़ा नहर के पुल से एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में व्यक्ति ने आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब सरकार में मंत्री अमन अरोड़ा, गांव के सरपंच और अपने भाई व भतीजों पर कथित रूप से परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यक्ति ने मानसिक परेशानी का जिक्र करते हुए अपनी जान देने की बात भी कही है। वीडियो में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उसकी बेटियों के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई है। हालांकि, वीडियो में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, पंजाब कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने भी वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पर निशाना साधा। खैरा ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति दलवीर सिंह है और उसने अपनी स्थिति के लिए अमन अरोड़ा समेत अन्य लोगों पर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता ने एक अन्य मामले का जिक्र करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर भी आरोप लगाए। खैरा ने दावा किया कि कुछ दिन पहले गुलजार दिड़बा नाम के व्यक्ति की मौत के मामले में भी हरपाल चीमा का नाम लिया गया था। खैरा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस पर सवाल उठाते हुए अमन अरोड़ा और हरपाल चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दोनों मंत्रियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करती है। दूसरी ओर, सिटी समाना पुलिस ने वायरल वीडियो को लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति ने भाखड़ा नहर में छलांग लगाई है या नहीं। मामले की जांच जारी है। वीडियो सामने आने और सुखपाल सिंह खैरा की ओर से इसे सोशल मीडिया पर उठाए जाने के बाद मामला राजनीतिक चर्चा में भी आ गया है।
मर्चेंट नेवी में बिहार का परचम, कैप्टन रितु बनीं विदेशी जहाज की कमान संभालने वाली महिला

पटना। कैप्टन रितु कुमारी ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी के इतिहास में पहली महिला मास्टर बनीं और मर्चेंट नेवी टैंकर, एमटी जग पवित्रा की कमान संभालने वाली बिहार की दूसरी महिला बनीं। इस मौके पर कैप्टन रितु कुमारी ने कहा, “भारत में शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया कंपनी में काफी महिलाएं आ गई हैं, लेकिन बिहार से मैं दूसरी हूं। विदेश जाने वाले जहाजों में मैं बिहार की पहली महिला कैप्टन हूं। यदि पूरे समुद्री क्षेत्र की बात करें तो इसमें महिलाओं की भागीदारी केवल दो प्रतिशत है। कैप्टन और मुख्य अधिकारी जैसे शीर्ष पदों पर और चीफ इंजीनियर, सेकंड इंजीनियर जैसे तकनीकी पदों पर अभी भी बहुत कम महिलाएं पहुंच पाई हैं।” अपनी पढ़ाई और करियर को लेकर उन्होंने कहा कि शुरुआत में मुझे इस क्षेत्र के बारे में जानकारी नहीं थी। बिहार में आज भी बहुत से लोगों को इसके बारे में पता नहीं है, तब तो जागरूकता बिल्कुल नहीं थी। मैं आनंद सर के यहां ट्यूशन करती थी, जहां सुपर-30 बैच चलता था। वहां सीनियर्स ने बताया कि आईआईटी के अलावा भी विकल्प है, जबकि उस समय लोग केवल आईआईटी के बारे में ही जानते थे। सीनियर्स ने बताया कि यदि आईआईटी में रैंक पीछे भी आती है तो यह एक विकल्प है, इसका अलग से फॉर्म भरना होता है, और कोई अलग परीक्षा नहीं देनी पड़ती, चयन आईआईटी के परिणाम से ही होता है। वहीं से मेरा चयन हुआ। कैप्टन रितू ने कहा कि उस समय जागरूकता कम थी, इसलिए उनका चयन आईआईटी के माध्यम से हुआ। वह बहुत खुश थीं। काउंसलिंग के लिए गई तो आईआईटी के जरिए तीन कॉलेजों में दाखिला होता था, दो मुंबई में और एक कोलकाता में। वह काउंसलिंग के लिए गईं, तब भी महिला उम्मीदवार के तौर पर उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्होंने केवल यह देखा कि मुंबई में रहने की इच्छा थी और टीएस चाणक्य मुंबई में था, जो बीएससी नॉटिकल साइंस का तीन साल का कोर्स कराता था। उन्होंने कहा कि मैंने सोचा कि पहले सभी दोस्त बीटेक कर रहे हैं जिसमें चार साल लगते हैं, मेडिकल में भी समय लगता है। वहां पढ़ाई कम और अतिरिक्त गतिविधियां ज्यादा थीं। सुबह पीटी, दिन भर खेल, स्विमिंग की सुविधा थी, जो मैंने पहले कभी देखी भी नहीं थी। मैं रोज सुबह-शाम स्विमिंग के लिए जाती थी। इसके अलावा कई तरह के खेल, क्विज, नाटक जैसी गतिविधियां होती रहती थीं, जो मैं अपने स्कूल नवोदय विद्यालय, राजगीर में भी करती रही हूं। कैप्टन रितु ने कहा कि मैं वहां इन गतिविधियों में बहुत सक्रिय रहती थी, कार्यक्रमों के आयोजन में हिस्सा लेती थी। मैं स्कूल कैप्टन भी रही हूं। मुझे लगा कि यही वह करियर है जिसकी मैं तलाश कर रही थीं, जिसमें किताबी पढ़ाई तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा और अतिरिक्त गतिविधियां करने को मिलेंगी। यह उनके लिए अच्छा रहा। थोड़ी रैगिंग भी हुई, लेकिन उन्होंने उसका भी आनंद लिया। फिर तीन साल की पढ़ाई पूरी हुई और उन्होंने अपने पहले जहाज पर नौकरी शुरू की। उन्होंने बताया कि वह नाव के जरिए जहाज पर गईं। जब उन्होंने नाव से जहाज को देखा तो वह विशालकाय था; वह एक टैंकर जहाज था, और मैंने अपने पूरे करियर में टैंकर जहाजों पर ही काम किया है। कैप्टन रितु ने कहा कि जहाज पर चढ़ते समय थोड़ी घबराहट भी हुई। जहाज पर पहुंचने के बाद लगा कि चलो, अब शुरुआत करनी है। उस समय यही सोच थी कि जहां भी जाऊंगी, अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी। कॉलेज में गईं, तब भी और पहला जहाज जॉइन किया, तब भी यही सोचा कि सबसे बेहतर बनना है। उस समय महिला होने को लेकर मन में ऐसा कोई भेदभाव नहीं था।