अफ्रीका कप ऑफ नेशंस क्वालीफायर में घाना की हार, हेड कोच ने पद से इस्तीफा दिया

अकरा। मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व असिस्टेंट कोच और रियल मैड्रिड के पूर्व कोच कार्लोस क्विरोज ने आपसी सहमति से घाना राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के हेड कोच पद से इस्तीफा दे दिया है। यह जानकारी घाना फुटबॉल एसोसिएशन (जीएफए) ने गुरुवार को दी। कार्लोस क्वेइरोज का जाना ऐसे समय में हुआ, जब घाना को अफ्रीका कप ऑफ नेशंस क्वालीफायर के अपने पिछले दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। टीम पहले कोट डी आइवर के खिलाफ उसके घरेलू मैदान पर 0-2 से हारी, इसके बाद गाम्बिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर भी 2-4 से पराजित हुई। जीएफए ने ‘ब्लैक स्टार्स’ (घाना की टीम) के साथ अपने कार्यकाल के दौरान पुर्तगाली कोच की प्रतिबद्धता और पेशेवर रवैये के लिए उनका धन्यवाद किया। एसोसिएशन ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए एक मजबूत भविष्य बनाने और घाना के टैलेंट को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। क्विरोज ने बताया कि यह फैसला दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद लिया गया और इसमें घाना, ‘ब्लैक स्टार्स’ और घाना के फुटबॉल के हितों को ध्यान में रखा गया। उन्होंने एक आधिकारिक बयान में कहा, “आपसी सम्मान की भावना के साथ हुई बातचीत के बाद, घाना फुटबॉल एसोसिएशन और मैंने आपसी सहमति से उस सर्विस एग्रीमेंट को खत्म करने का फैसला किया है जिसके तहत मैं घाना की राष्ट्रीय टीम ‘ब्लैक स्टार्स’ के हेड कोच के तौर पर काम कर रहा था। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन दोनों पक्षों ने माना कि मौजूदा हालात में हमारे पेशेवर रिश्ते को खत्म करना ही सबसे सही कदम था, क्योंकि घाना, ‘ब्लैक स्टार्स’ और घाना के फुटबॉल का हित सबसे ऊपर है।” क्विरोज को फीफा वर्ल्ड कप 2026 और अफ्रीका कप ऑफ नेशंस 2027 क्वालीफायर की तैयारियों के लिए नियुक्त किया गया था। क्विरोज ने कहा कि घाना की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात थी और उन्होंने जीएफए और उसके अध्यक्ष का भरोसा जताने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “मैं ‘ब्लैक स्टार्स’ के लिए एक मजबूत भविष्य बनाने और देश के टैलेंट को आगे बढ़ाने में मदद करने के पक्के इरादे के साथ घाना आया था। हमारी प्रतिबद्धता और कोशिशों के बावजूद, जरूरी हालात पूरी तरह से नहीं बन पाए; इसी वजह से और हमारे हालिया प्रदर्शन को देखते हुए हमने इस सफर को खत्म करने का फैसला किया। मैं सम्मान, आभार और गर्व के साथ जा रहा हूं।” 73 वर्षीय कोच ने ‘ब्लैक स्टार्स’ के खिलाड़ियों की तारीफ की और घाना की जनता से टीम का समर्थन जारी रखने की अपील करते हुए कहा, “सबसे पहले, मैं ‘ब्लैक स्टार्स’ के खिलाड़ियों को सलाम करता हूं। उन सभी का शुक्रिया जिन्होंने हिम्मत, लगन और गर्व के साथ घाना का प्रतिनिधित्व किया। आप अपने देश के लिए लड़े और लाखों लोगों की उम्मीदों को आगे बढ़ाया। इन खिलाड़ियों पर भरोसा रखें। उनकी रक्षा करें। उनका समर्थन करें। इनमें हुनर ​​और काबिलियत है। एकता, समर्थन और सही माहौल मिलने पर, यह पीढ़ी घाना के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती है।” क्विरोज ने फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने से लगभग 10 सप्ताह पहले घाना की राष्ट्रीय टीम का जिम्मा संभाला था। उनके नेतृत्व में ‘ब्लैक स्टार्स’ ने ग्रुप-एल से सर्वश्रेष्ठ आठ तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में शामिल होकर नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई किया था। हालांकि, राउंड ऑफ 32 में टीम को कोलंबिया के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा और उसका अभियान समाप्त हो गया।

बाबा रामदेव के बयान को संतों का समर्थन, बोले- भारत के मुसलमानों के पूर्वज हिंदू थे

हरिद्वार। बाबा रामदेव के ‘भारत में सभी मुसलमान कन्वर्टेड हैं’ वाले बयान पर संतों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। हरिद्वार में महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने बाबा रामदेव के बयान को सही बताते हुए कहा कि भारत में रहने वाले मुस्लिम समाज के पूर्वज हिंदू थे और बाद में परिस्थितियों के कारण धर्मांतरण हुआ। वहीं, भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने भी कहा कि भारत में मुस्लिम समाज के लोगों के पूर्वज हिंदू थे और समय के साथ धर्मांतरण हुआ। महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने कहा कि बाबा रामदेव ने जो बात कही है, वह सत्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि असदुद्दीन ओवैसी जैसे कुछ मुस्लिम नेता अपने समुदाय को गुमराह करने का काम करते हैं। ऐसे नेताओं के पास विकास और सामाजिक हित से जुड़े मुद्दे नहीं हैं और वे केवल अपने राजनीतिक हितों पर ध्यान देते हैं। भारत और पाकिस्तान में रहने वाले मुस्लिम समाज के लोग मूल रूप से यहीं के हिंदू समाज से धर्मांतरित हुए हैं। ऐतिहासिक परिस्थितियों में लोगों को बहला-फुसलाकर, दबाव या भय के कारण धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। करौली शंकर महादेव ने कहा कि इसी वजह से वे मुस्लिम समाज से अपील करते हैं कि ऐसे लोगों से सावधान रहें, जो उन्हें उनके मुताबिक गुमराह करने का काम करते हैं। महामंडलेश्वर ने आगे कहा कि मुस्लिम समाज अब पहले की तुलना में अधिक शिक्षित और जागरूक हो रहा है और ऐसे नेताओं को समाज में स्वीकार्यता नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुस्लिम समाज का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करते हैं। सनातन का उद्देश्य सभी संतों का सम्मान, सामाजिकता, इंसानियत और मानवता को बढ़ावा देना है। वहीं, इसी मुद्दे पर भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि भारत का मुस्लिम समाज मक्का, मदीना या अरब से आकर यहां नहीं बसा है। वे लंबे समय से यह बात कहते रहे हैं कि भारत में रहने वाले मुस्लिम समाज के लोग हिंदू समाज से धर्मांतरित हुए हैं। इतिहास में अलग-अलग परिस्थितियों में लोगों ने धर्म परिवर्तन किया। पहले लोगों के सामने तलवार, भय, आतंक या मृत्यु का डर जैसी परिस्थितियां रही होंगी, लेकिन आज ऐसी परिस्थितियां नहीं हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ लोगों को अपने पूर्वजों के बारे में समझ आएगा और घर वापसी की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

रिलायंस होम फाइनेंस मामले में सीबीआई की दूसरी चार्जशीट, अनिल अंबानी समूह के तीन शीर्ष अधिकारी नामजद

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) मामले में गुरुवार को मुंबई स्थित विशेष सीबीआई अदालत में दूसरी चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में कुल 11 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए समूह के तीन वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। सीबीआई के अनुसार, आरोपियों में आरएचएफएल के निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अमित बापना, रिलायंस कैपिटल समूह के प्रबंध निदेशक एवं उपाध्यक्ष अमिताभ झुनझुनवाला तथा रिलायंस पावर के सीएफओ सुरेश नागराजन शामिल हैं। चार्जशीट में सात कंपनियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इनमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस पावर लिमिटेड, रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क लिमिटेड, रिलायंस बिजनेस ब्रॉडकास्ट न्यूज होल्डिंग्स लिमिटेड, रिलायंस मीडियावर्क्स फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और कुंजबिहारी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इसके अलावा आरएचएफएल के चार्टर्ड अकाउंटेंट और वैधानिक ऑडिटर विजय नपावालिया को भी आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक की जांच में यह सामने आया है कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड द्वारा उधार लिए गए लगभग 7,429.16 करोड़ रुपए कथित रूप से विभिन्न मध्यवर्ती और फ्रंट कंपनियों के माध्यम से रिलायंस एडीए समूह की अन्य कंपनियों तक पहुंचाए गए। एजेंसी का आरोप है कि यह हस्तांतरण ऋणदाताओं द्वारा निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करते हुए किया गया, जिससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को नुकसान पहुंचा तथा संबंधित संस्थाओं और आरोपियों को अनुचित लाभ मिला। सीबीआई ने यह मामला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पूर्व आंध्रा बैंक) और सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों के समूह से प्राप्त शिकायतों के आधार पर दर्ज किया था। इससे पहले एजेंसी ने इस मामले में 9 जुलाई को पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें चार आरोपियों को नामजद किया गया था। दूसरी चार्जशीट के साथ अब तक इस मामले में कुल 15 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। इनमें वरिष्ठ अधिकारी और समूह की विभिन्न कंपनियां शामिल हैं। एजेंसी ने कहा है कि अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका और अतिरिक्त आरोपों की जांच अभी भी जारी है। सीबीआई की बैंकिंग सिक्योरिटीज फ्रॉड शाखा ने रिलायंस समूह की कई कंपनियों, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम), रिलायंस होम फाइनेंस (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (आरसीएफएल), रिलायंस टेलीकॉम (आरटीएल) और रिलायंस कैपिटल (आरसीएल) शामिल हैं, के खिलाफ कुल नौ एफआईआर दर्ज की हैं। ये मामले विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, एलआईसी और ईपीएफओ की शिकायतों पर आधारित हैं। सीबीआई ने बताया कि रिलायंस एडीए समूह से जुड़े मामलों में अब तक छह चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी हैं। मौजूदा आरोपपत्र इस शृंखला की सातवीं चार्जशीट है। एजेंसी अब तक इन मामलों में सात लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन मामलों की जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही है। सीबीआई का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और नए तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

हरदोई में चोरी के शक में घरेलू सहायिका को कुर्सी से बांधकर पीटने का आरोप, पांच लोगों पर एफआईआर

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई में चोरी के शक में एक घरेलू सहायिका को कुर्सी से बांधकर पीटने का मामला सामने आया है। घटना कोतवाली देहात क्षेत्र की नेक्सरा कॉलोनी की बताई जा रही है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र की रहने वाली उपासना नेक्सरा कॉलोनी में आकांक्षा के घर घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी। पीड़िता का आरोप है कि 30 सितंबर को चोरी के शक में आकांक्षा और परिवार की अन्य महिलाओं ने उसे पकड़ लिया और कुर्सी से बांध दिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला द्वारा डंडे से उपासना के गले पर दबाव बनाने और उसके साथ मारपीट करने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि उपासना से चोरी कबूल कराने के लिए उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि पीड़िता ने चोरी करने के आरोप से इनकार किया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। उसकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने आकांक्षा, आशीष, दीपिका, सोनी और वाणी के खिलाफ दलित उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया है और मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से दबिश दिए जाने की बात कही गई है। इस घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एशियन गेम्स: राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी ने तीरंदाज गणेश, स्क्वैश और सेलिंग टीमों को मेडल जीतने पर बधाई दी

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में गुरुवार को पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने भारतीय महिला स्क्वैश टीम और कंपाउंड तीरंदाज गणेश मणिरत्नम तिरुमुरु को ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा, पुरुषों की स्किफ स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले प्रिंस नोबल और मनु फ्रांसिस की भी सराहना की। नागोया किंजो फूटो एरिना में एक करीबी मुकाबले में हांगकांग से 2-1 से हारने के बाद भारतीय महिला स्क्वैश टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “मैं एशियन गेम्स 2026 में स्क्वैश के महिला टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, जोशना चिनप्पा और शमीना रियाज को बधाई देती हूं। आपकी सामूहिक कोशिशों से भारत को स्क्वैश में एक और मेडल मिला है। मैं इस उपलब्धि के लिए टीम की सराहना करती हूं।” प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम मोदी के हवाले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “इंडियन विमेंस स्क्वैश टीम पर गर्व है, जिन्होंने एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उनके जोशीले प्रयास के लिए उन्हें बधाई। उन्होंने बहुत मजबूत इरादे से खेला और पोडियम पर अपनी सही जगह बनाई। यह सफलता युवाओं को स्क्वैश की ओर भी प्रेरित करेगी, जो भारत में मशहूर हो रहा है।” मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल ने गुरुवार को पुरुषों की स्किफ प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतकर एशियन गेम्स में भारत का सेलिंग में मेडल का खाता खोला। राष्ट्रपति ने इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, “एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के स्किफ इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने पर मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल को बहुत-बहुत बधाई। आपके शानदार प्रदर्शन ने भारतीय सेलिंग का मान बढ़ाया है। आपके कौशल, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प की वजह से ही आपको यह कामयाबी मिली है। भविष्य में और भी उपलब्धियां हासिल करने के लिए मेरी शुभकामनाएं।” वहीं, पीएम ने भारतीय जोड़ी की तारीफ में कहा, “एक खास और शानदार सिल्वर। प्रिंस नोबल और मनु फ्रांसिस को एशियन गेम्स 2026 में मेंस स्किफ इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने पर बधाई। उन्होंने अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर किया और इस बार पोडियम पर पहुंचकर अच्छा किया। यह सच में स्किल और पक्के इरादे से मिली एक बड़ी छलांग है। उनके आगे के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।” भारतीय कंपाउंड तीरंदाज गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु ने गुरुवार को पुरुषों का इंडिविजुअल ब्रॉन्ज मेडल जीता, जिससे तीरंदाजी में भारत के मेडलों की संख्या चार हो गई। गणेश ने वियतनाम के कांग डुक डांग को 149-144 से हराकर पोडियम पर तीसरा स्थान हासिल किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘एक्स’ पर लिखा, “एशियन गेम्स 2026 में तीरंदाजी के कंपाउंड पुरुष व्यक्तिगत इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर गणेश मणिरत्नम तिरुमुरु को हार्दिक बधाई। कंपाउंड पुरुष टीम इवेंट में भारत के गोल्ड मेडल में योगदान देने के बाद, अब आपने अपने नाम एक व्यक्तिगत मेडल भी किया है, जिससे आइची-नागोया में भारत की उपलब्धियां और बढ़ गई हैं। भविष्य में और भी सफलताओं के लिए मेरी शुभकामनाएं।” पीएम ने इन तीरंदाजों की तारीफ में कहा, “एशियन गेम्स में मेन्स कंपाउंड इंडिविजुअल ब्रॉन्ज मेडल मैच में कड़ी मेहनत से मिली जीत पर गणेश मणिरत्नम तिरुमुरु को बधाई। दबाव में सटीकता, शानदार धैर्य और पक्के इरादे से गणेश ने बहुत नाम कमाया है। भविष्य की कोशिशों के लिए उन्हें शुभकामनाएं।

गुजरात में मतदाता पंजीकरण के लिए विशेष अभियान, अक्टूबर-नवंबर में चार रविवार को लगेंगे शिविर

गांधीनगर। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने गुरुवार को बताया कि गुजरात राज्य में मतदाता सूची से छूटे नागरिकों और नव पात्र युवा मतदाताओं को नामांकित करने के लिए एक राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत अक्टूबर और नवंबर में चार रविवारों को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह विशेष अभियान सतत अद्यतन प्रक्रिया के तहत भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार उन राज्यों के लिए चलाया जाएगा, जहां विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभ्यास पूरा हो चुका है। 11, 18 और 25 अक्टूबर और 1 नवंबर को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नामित अधिकारी और बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान केंद्रों पर निर्धारित प्रपत्रों में दावे और आपत्तियां प्राप्त करने के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस पहल से विशेष रूप से 18-19 वर्ष की आयु के पात्र पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के साथ-साथ उन नागरिकों को भी नामांकन कराने का अवसर मिलेगा जिनके नाम पिछली बार की मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए थे। गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप सागले ने राज्य भर में चुनाव प्रचार की व्यवस्था करने के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और कलेक्टरों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। सीईओ के कार्यालय ने कहा कि चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक चुनावी पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) अभियान के हिस्से के रूप में कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी (एसडब्ल्यूईईपी) गतिविधियां संचालित करेंगे। पात्र नागरिकों को नामांकन प्रक्रिया और विशेष अभियान दिवसों के बारे में सूचित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर बैनर और स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से भी जागरूकता पैदा की जाएगी। कार्यालय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान अवधि को गैर-एसआईआर के रूप में वर्गीकृत किया गया है और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत मतदाता सूची में शामिल होने के इच्छुक पात्र व्यक्तियों को केवल फॉर्म 6 जमा करना होगा। पर्यवेक्षक चार विशेष प्रचार दिवसों के दौरान नियमित रूप से मतदान केंद्रों का दौरा करेंगे ताकि व्यवस्थाओं की निगरानी की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवेदन प्राप्त हो गए हैं। जिला चुनाव अधिकारी, ईआरओ और एईआरओ पर्यवेक्षण और निगरानी प्रक्रिया के हिस्से के रूप में यादृच्छिक क्षेत्र निरीक्षण भी करेंगे। इस विशेष अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र नागरिकों, विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का अवसर मिले और यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची अद्यतन और समावेशी बनी रहे।

दिल्ली: भारत-बुल्गारिया विदेश कार्यालय परामर्श का 7वां दौर, निवेश और रक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा

नई दिल्ली। भारत-बुल्गारिया विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का 7वां दौर गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इसकी सह-अध्यक्षता भारतीय पक्ष से सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और बुल्गारियाई पक्ष से विदेश मामलों के उप मंत्री क्रिस्टो पोलेंडाकोव ने की। भारत और बुल्गारिया के बीच दीर्घकालिक, सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जिनमें हाल के समय में उच्चस्तरीय आदान-प्रदान हुए हैं। बुल्गारिया यूरोपीय संघ में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। एफओसी के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की, जिनमें उच्चस्तरीय आदान-प्रदान, संस्थागत तंत्रों के तहत सहयोग और व्यापार एवं निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अंतरिक्ष, रक्षा, शिक्षा, संस्कृति और जन-संबंधों में सहयोग शामिल हैं। दोनों पक्षों ने भारत-बुल्गारिया संबंधों में निरंतर प्रगति और इस वर्ष जून में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की सोफिया यात्रा से मिली नई गति को सराहा। दोनों पक्षों ने आपसी हित के नए क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) ने आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों में एक नया अध्याय खोला है और व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी संबंधों को गहरा करने के लिए इसके शीघ्र कार्यान्वयन के प्रयासों को जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। चर्चा में बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान भी शामिल था। दोनों पक्ष सोफिया में आपसी सहमति से तय तिथि पर विदेश कार्यालय परामर्श का अगला दौर आयोजित करने पर सहमत हुए।

तृणमूल नेता के बहनोई समेत चार लोग नौकरी दिलाने के झूठे वादे के मामले में गिरफ्तार

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और जिला अध्यक्ष अजीत मैती के बहनोई गोविंद कर और तीन अन्य लोगों को नौकरी दिलाने के झूठे वादे से जुड़े कथित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पूर्व विधायक पहले से ही इसी मामले में पुलिस हिरासत में हैं। उनके बहनोई के साथ पुलिस ने उनके ड्राइवर अमल भुइयां और एक सहयोगी प्रणब मंडल उर्फ ​​साहब को भी गिरफ्तार किया है। गुरुवार को खड़गपुर स्थानीय पुलिस स्टेशन की पुलिस ने गोविंद कर को मदपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। जांचकर्ताओं ने बताया कि तलाशी के दौरान नकदी और कई सोने के आभूषण बरामद हुए। इस बीच, पुलिस ने बुधवार सुबह अजीत मैती के पैतृक गांव फुलगेरिया निवासी प्रणब मंडल के आवास पर भी छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और एक लैपटॉप जब्त किया। पुलिस के मुताबिक, अजीत मैती ने एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) में नौकरी दिलाने के वादे पर एक व्यक्ति से 5 लाख रुपए लिए थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 2025 में अपनी पत्नी की नौकरी के लिए रकम देने के बावजूद उसे नौकरी नहीं मिली। उसने आगे दावा किया कि जब उसने पैसे वापस मांगे तो उसे धमकी दी गई। इसके बाद, 26 सितंबर को उसने खड़गपुर स्थानीय पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। हालांकि अजीत मैती को पिंगला में एक पुराने मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन खड़गपुर में दर्ज नए मामले के सिलसिले में वह मंगलवार से चार दिनों से पुलिस हिरासत में है। गिरफ्तार गोविंद कर, अमल भुइयां और प्रणब मंडल को गुरुवार को मिदनापुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में पेश किया गया। सरकारी वकील सैयद नाजिम हबीब ने बताया कि अदालत ने कथित नौकरी धोखाधड़ी और पैसे वापस न करने से संबंधित धाराओं के तहत दर्ज मामले में तीनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। बचाव पक्ष के वकील मृणाल चौधरी ने बताया कि अजीत मैती 3 अक्टूबर को फिर से अदालत में पेश होंगे। अदालत के आदेशानुसार, तीनों आरोपी तब तक पुलिस हिरासत में रहेंगे।

महाराष्ट्र: सीएम फडणवीस ने शुरू की ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ पहल, 66 एमओयू से 3 लाख रोजगार सृजन की उम्मीद

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को “मेड फॉर बिजनेस” टैगलाइन के साथ ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ ब्रांड पहल का शुभारंभ किया, जिसमें 92.19 अरब डॉलर से अधिक या लगभग 8.58 लाख करोड़ रुपए के 66 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के प्रस्तावित निवेश पोर्टफोलियो का अनावरण किया गया। प्रस्तावित निवेश से तीन लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। वैश्विक निवेशकों, उद्योगपतियों और राज्य के अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य उद्यम को जमीनी स्तर के विकास से जोड़ना और राज्य भर में युवा इंजीनियरों, स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं और कृषि समुदायों के लिए अवसर पैदा करना है। हाल ही में अनावरण किए गए लोगो में निवेश के “आई” को महाराष्ट्र के “एम” के साथ मिला दिया गया है, जो उद्यम और सरकार के बीच साझेदारी का प्रतीक है। “मेड फॉर बिजनेस” की रणनीति के तहत, प्रशासन ने एकल-खिड़की जवाबदेही, समयबद्ध अनुमोदन और सक्रिय विवाद समाधान का वादा किया है। 92.19 अरब डॉलर मूल्य के 66 समझौता ज्ञापनों का लक्ष्य उच्च विकास वाले क्षेत्रों को शामिल करना है, जिनमें सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, एयरोस्पेस, रक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कृषि-प्रसंस्करण शामिल हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह पहल महाराष्ट्र को 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करने के लिए बनाई गई है। इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि औद्योगिक अवसर मुंबई और पुणे जैसे पारंपरिक महानगरों से परे भी विस्तारित हों। प्रस्तावित परियोजनाएं विदर्भ और मराठवाड़ा में चंद्रपुर, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, छत्रपति संभाजीनगर और जालना, साथ ही नासिक, जलगांव, नंदुरबार, रत्नागिरी, पालघर और व्यापक मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) सहित क्षेत्रों तक फैली हुई हैं। इन निवेशों का समर्थन करने के लिए, राज्य सरकार ने शिक्षा शहर, चिकित्सा शहर और एआई और नवाचार शहर जैसे समर्पित केंद्रों की योजना बनाई है, जिनका उद्देश्य औद्योगिक विकास को प्रतिभा विकास और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ना है। प्रशासन के लिए अपेक्षाएं निर्धारित करते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने इन्वेस्ट महाराष्ट्र टीम को परियोजनाओं की सीधी जिम्मेदारी लेने प्रगति की लगातार निगरानी करने और नियामक संबंधी बाधाओं को जल्द से जल्द दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “समय पर लिया गया निर्णय किसी कारखाने को आगे बढ़ा सकता है। किसी समस्या का समाधान रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। एक स्पष्ट समाधान किसी उद्यमी को विस्तार करने का आत्मविश्वास दे सकता है।” मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के नेताओं से अपील की कि वे मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देकर वर्षा की कमी का सामना कर रहे कृषि क्षेत्रों के समुदायों की सहायता करें। उन्होंने प्रौद्योगिकी और विनिर्माण कंपनियों से आग्रह किया कि वे ग्रामीण महाराष्ट्र में लचीलापन बढ़ाने के लिए जल संरक्षण, कुशल सिंचाई और अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण में अपनी इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का उपयोग करें।

महाराष्ट्र: रायगढ़ के दिवेआगर बीच पर बड़ा हादसा, समुद्र में डूबने से 8 छात्रों की मौत

रायगढ़। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के श्रीवर्धन तहसील स्थित दिवेआगर बीच पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। समुद्र में नहाने के दौरान आठ छात्रों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद चलाए गए तलाशी अभियान में सभी आठ छात्रों के शव बरामद कर लिए गए। पुणे जिले के आलंदी स्थित विनर्स अकादमी के 11वीं और 12वीं साइंस के करीब 30 से 40 छात्र पर्यटन के लिए दिवेआगर आए थे। छात्र समुद्र तट पर घूमने और खेलने के दौरान पानी में उतरे थे। इसी दौरान कुछ छात्र समुद्र में नहाने लगे। बताया जा रहा है कि पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण आठ छात्र डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। शुरुआत में सात छात्रों के शव बरामद किए गए थे और एक छात्र की तलाश जारी थी। बाद में चलाए गए अभियान में आठवें छात्र का शव भी बरामद कर लिया गया। हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान यश किरण वानखेडे, सोहम तुकाराम भांडवलकर, तन्मय दत्तात्रय वाहिले, कौस्तुभ संदीप दौंड, कैवल्य वासनकर, राजवीर वहिले, प्रणव बनसोडे, सुमित अहिरे के तौर पर हुई है। घटना के बाद दिवेआगर बीच पर पुलिस, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद हैं। प्रशासन की ओर से आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। एक साथ आठ छात्रों की मौत से पिकनिक की खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे की सूचना पीड़ित परिजनों को दिए जाने के साथ ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।