एयर शो की तैयारी को लेकर सीएम योगी ने की समीक्षा, नमो घाट पर व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित वाराणसी दौरे और एयर शो के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि आयोजन के दौरान आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो। बैठक में वायुसेना के अधिकारी भी मौजूद थे। समीक्षा बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने नमो घाट पहुंचकर प्रस्तावित एयर शो की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने नमो घाट पर स्थलीय निरीक्षण कर आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली, निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी और सेना के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों ने परियोजना के मानचित्र के माध्यम से प्रस्तावित व्यवस्थाओं और आयोजन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। सीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान नमो घाट के साथ गंगा के अन्य प्रमुख घाटों पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को एयर शो आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। कार्यक्रम के अंतिम दिन, 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों का शामिल होना प्रस्तावित है। सीएम योगी ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और रूट डायवर्जन की प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त पार्किंग स्थलों की व्यवस्था करने के साथ वहां स्पष्ट साइनेज भी लगाए जाएं, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा हो। आयोजन स्थल और घाटों पर समुचित बैरिकेडिंग के साथ पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार रखा जाए। घाटों पर पर्याप्त मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शहर में आयोजित होने वाले विभिन्न त्योहारों और कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की समुचित योजना बनाई जाए। एयर-शो जैसे बड़े आयोजन में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों, युवक मंगल दल और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं तैयार रखने के निर्देश दिए। पार्किंग स्थलों पर पुलिस, यातायात पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने नगर निगम को घाटों की विशेष सफाई कराने के साथ शहर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने नमो घाट से अस्सी घाट तक घाटों की पेंटिंग कराने को कहा। इसके साथ ही एयरपोर्ट से शहर तक आने वाले प्रमुख मार्गों और अन्य महत्वपूर्ण सड़कों पर लगे विद्युत खंभों पर स्पाइरल लाइट लगाने तथा प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतीकरण की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों के संबंध में जानकारी दी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि घाटों पर सिल्ट की सफाई कराई जा रही है। इसके अलावा 300 मोबाइल टॉयलेट और 400 वाटर टैंकर की व्यवस्था के साथ ही तीन हजार सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बैठक में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, सौरभ श्रीवास्तव और डॉ. सुनील पटेल, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह और जगदीश पटेल, जिलाध्यक्ष रामशकल पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, एडीजी जोन नवीन अरोड़ा, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा, डीआईजी वैभव कृष्ण, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, सीडीओ प्रखर कुमार, वायुसेना के अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आयुर्वेद में रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए स्पार्क 5.0 और आयुर्शोध 2026 लॉन्च, छात्रों को मिलेंगे 50 हजार

नई दिल्ली। आयुर्वेद अनुसंधान और नवाचार को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) ने दो बड़ी पहल शुरू की हैं। एनसीआईएसएम की अध्यक्ष प्रो. मनीषा कोठेकर ने केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) के स्पार्क (एसपीएआरके) 5.0 और सीसीआरएएस आयुर्शोध 2026 का शुभारंभ किया। इन पहलों का उद्देश्य स्नातक छात्रों के बीच अनुसंधान को बढ़ावा देना और विद्वतापूर्ण उत्कृष्टता, शोध संचार और नवाचार को मान्यता देकर आयुर्वेद में रिसर्च के इकोसिस्टम को मजबूत करना है। एसपीएआरके 5.0 यानी स्टूडेंटशिप प्रोग्राम फॉर आयुर्वेद रिसर्च केन का पांचवां संस्करण, है। यह कार्यक्रम 2026-27 के लिए शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद के स्नातक छात्रों को शोध पद्धतियों और तकनीकों से परिचित कराना है। इसके तहत छात्र अल्पकालिक स्वतंत्र शोध परियोजनाओं पर काम करेंगे। इस कार्यक्रम से बीएएमएस छात्रों में शोध की योग्यता, विश्लेषणात्मक सोच और करियर के रूप में अनुसंधान में शुरुआती रुचि को बढ़ावा मिलेगा। इस बार कुल 300 स्टूडेंटशिप दी जा रही हैं। प्रत्येक छात्र को 50,000 रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी। एनसीआईएसएम और भारत सरकार से मान्यता प्राप्त कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में तृतीय, चतुर्थ और व्यावसायिक वर्ष में पढ़ रहे बीएएमएस छात्र इसके लिए पात्र हैं। इसके लिए पंजीकरण 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2026 है। सीसीआरएएस आयुर्शोध आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध योगदानों को मान्यता देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। इसमें तीन श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। पहली श्रेणी है सीसीआरएएस-प्रबोध, जिसमें 3 मिनट की थीसिस प्रस्तुतियों के माध्यम से शोध का संचार और प्रस्तुतीकरण करना होगा। दूसरी श्रेणी सीसीआरएएस-प्रकाश है, जिसमें मूल अनुसंधान पर आधारित प्रकाशनों के माध्यम से विद्वतापूर्ण उपलब्धियों को मान्यता दी जाएगी। तीसरी श्रेणी सीसीआरएएस-नवोन्मेष है, जिसमें नवोन्मेषी प्रोटोटाइप, नए समाधान, प्रक्रियात्मक नवाचार और परिवर्तनकारी शोध पद्धतियों को मान्यता दी जाएगी। द्वितीय सर्कुलर में पुरस्कारों का विवरण दिया गया है, जिसमें श्री धूतपापेश्वर लिमिटेड द्वारा प्रायोजित पुरस्कार राशि भी शामिल है। सीसीआरएएस आयुर्शोध का फाइनल 11 दिसंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस शुभारंभ कार्यक्रम में सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रो. रबीनारायण आचार्य, श्री धूतपापेश्वर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ डॉ. रणजीत पुराणिक, एनसीआईएसएम के विभिन्न बोर्डों के अध्यक्ष और देश भर के सीसीआरएएस संस्थानों के प्रमुख उपस्थित थे। इन पहलों से उभरती हुई अनुसंधान प्रतिभाओं को निखारने और आयुर्वेद अनुसंधान को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
दिल्ली: एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर स्वतंत्र पत्रकार रोजी समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग थाने में एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर स्वतंत्र पत्रकार रोजी, गजेंद्र सिंह और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कुछ सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर जातिसूचक टिप्पणी करने, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सोशल मीडिया के जरिए मानहानि करने के आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, यह एफआईआर 13 अक्टूबर को दर्ज की गई। शिकायत में रोजी, गजेंद्र सिंह, सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह के नाम शामिल हैं। एसीपी विवेक भगत ने अपनी शिकायत में कहा कि 3 अक्टूबर को वह जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ड्यूटी पर तैनात थे। शिकायत के मुताबिक, बुटा सिंह गोलचक्कर के पास स्वतंत्र पत्रकार रोजी ने कथित तौर पर उनकी जाति (मेघ/मेघवाल) को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं और उनके एसीपी पद पर नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए। विवेक भगत का कहना है कि उन्होंने इन टिप्पणियों को नजरअंदाज करते हुए अपनी ड्यूटी जारी रखी। शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और हिरासत में लेने की कार्रवाई के दौरान रोजी ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। एसीपी का आरोप है कि रोजी और उनके साथियों ने बार-बार उनका सामना किया, जिससे सरकारी कार्य के निर्वहन में बाधा उत्पन्न हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी शाम संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी की गई और उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। शिकायत में कहा गया है कि रोजी, गजेंद्र सिंह और सीजेपी से जुड़े कुछ लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और इंस्टाग्राम पर उनके खिलाफ पोस्ट, वीडियो और रील साझा किए। विवेक भगत का आरोप है कि इन पोस्टों के कारण उन्हें मानसिक परेशानी हुई और उनकी सामाजिक तथा पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा। शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221, भारतीय न्याय संहिता की धारा 356(2), भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के तहत मामल दर्ज किया गया है। एसीपी विवेक भगत ने शिकायत में यह भी कहा कि रोजी द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायत को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को भेजा गया था, जिसकी जांच पहले से जारी है। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। एफआईआर में किसी व्यक्ति का नाम शामिल होने मात्र से उसका दोष सिद्ध नहीं माना जाता।
विकसित भारत के लिए तकनीक और नवाचार में सक्षम बनना जरूरी: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल बड़ी अर्थव्यवस्था बनना नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसा राष्ट्र बनाना है, जो तकनीकी रूप से सक्षम, आर्थिक रूप से प्रतिस्पर्धी, नवाचार में अग्रणी और अपना भविष्य स्वयं तय करने में आत्मविश्वासी हो। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में आत्मनिर्भर भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत को केवल दूसरे देशों में विकसित ज्ञान और तकनीक का उपयोग करने वाला देश नहीं, बल्कि नई तकनीकों और ज्ञान के निर्माण में योगदान देने वाला राष्ट्र बनना होगा। राजनाथ सिंह बुधवार को नई दिल्ली में आईआईटी कानपुर के ‘ग्रेटर दैन अस’ अभियान में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरत का अर्थ केवल देश की सीमाओं के भीतर अधिक उत्पादन करना नहीं है। इसका वास्तविक अर्थ अपनी सोचने, अभिकल्प तैयार करने, निर्माण करने और नवाचार करने की क्षमता विकसित करना है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्य में औद्योगिक विकास केवल बुनियादी ढांचे, निवेश और विनिर्माण क्षमता पर निर्भर नहीं रहेगा। इसमें तकनीक, नवाचार, उत्पादकता और कुशल मानव संसाधन की भूमिका लगातार बढ़ेगी। ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों, शोधकर्ताओं और उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर वैज्ञानिक शोध और औद्योगिक उपयोग के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है। यह संस्थान उभरती तकनीकों को उद्योगों तक पहुंचाने के साथ युवाओं की आकांक्षाओं और बदलती अर्थव्यवस्था में पैदा हो रहे अवसरों के बीच भी सेतु का काम कर सकता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के आईआईटी संस्थानों का उद्देश्य केवल इंजीनियर और वैज्ञानिक तैयार करना नहीं रहा है। उनका व्यापक लक्ष्य मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। आईआईटी से निकली पीढ़ियों ने अपने ज्ञान, प्रतिभा और उद्यमशीलता के माध्यम से देश की प्रगति से जुड़ी अनेक चुनौतियों का समाधान करने में योगदान दिया है। रक्षा मंत्री ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संस्थानों से जुड़े नवाचार और उद्यमशीलता का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। अगस्त 2025 तक आईआईटी से जुड़े तंत्र ने 6,000 से अधिक नवोद्यमों को सहयोग दिया था। इसी तंत्र से 56 यूनिकॉर्न सामने आए और लगभग 5,000 पेटेंट दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां बताती हैं कि आईआईटी अब केवल शिक्षा देने वाले संस्थान नहीं रह गए हैं। वे नवाचार, उद्यमशीलता और तकनीकी क्षमता के विकास के प्रमुख केंद्र भी बन रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि आईआईटी कानपुर जैसे संस्थान के योगदान का आकलन केवल वहां से पढ़कर निकलने वाले विद्यार्थियों या प्रकाशित होने वाले शोधपत्रों की संख्या से नहीं किया जा सकता। इसका वास्तविक प्रभाव उन तकनीकों में भी दिखाई देता है, जिन्हें वहां के पूर्व विद्यार्थी विकसित करते हैं, उन उद्यमों में भी दिखता है जिन्हें वे खड़ा करते हैं, और उन समस्याओं के समाधान में भी नजर आता है, जिनसे दूसरे लोगों के लिए नए अवसर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी संस्थान का ज्ञान और नवाचार विभिन्न क्षेत्रों तथा पीढ़ियों तक पहुंचता है, तो राष्ट्र निर्माण में उसका योगदान कई गुना बढ़ जाता है। रक्षा मंत्री ने आईआईटी कानपुर में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), उद्योग और शिक्षाविदों के सहयोग से स्थापित उत्कृष्टता केंद्र का उल्लेख किया। उन्होंने इसे शोध और व्यावहारिक जरूरतों को जोड़ने का अच्छा उदाहरण बताया। उन्होंने संस्थान में रक्षा प्रौद्योगिकी विद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से शैक्षणिक शोध और रक्षा क्षेत्र की जरूरतों के बीच सहयोग मजबूत हो सकता है। इससे वैज्ञानिक उपलब्धियों को रणनीतिक महत्व वाली तकनीकों में बदलने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि रक्षा क्षेत्र में तकनीकी क्षमता विकसित करने के लिए ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे शोध संस्थानों में विकसित ज्ञान को वास्तविक जरूरतों के अनुरूप उपयोग में लाने के अवसर बढ़ते हैं।
अनोखी पहल: 12वीं की छात्राएं बनीं एक दिन की अधिकारी, एसएसपी आफिस में फरियादियों की सुनीं समस्याएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में महिला सशक्तीकरण और बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत गोरखपुर में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। 12वीं की दो छात्राओं को एक दिन का अधिकारी बनाया गया, जहां छात्राओं ने सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं। गोरखपुर में 12वीं कक्षा की छात्रा नैन्सी तिवारी और घृती तिवारी ने एसएसपी कार्यालय में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ और एसपी नॉर्थ राजेश गुणावत के साथ जनसमस्याओं को सुना। दोनों छात्राएं गोरखपुर के जंगल धूसड़ स्थित एकेडमिक ग्लोबल स्कॉलर स्कूल की छात्रा हैं। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत इन छात्राओं को पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को करीब से समझने और जनसमस्याओं की सुनवाई में सहभागिता का अवसर मिला। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। इसके साथ ही बालिकाओं को महिला सुरक्षा, अधिकारों और पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करना भी मिशन शक्ति अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। नैन्सी तिवारी और घृती तिवारी की इस सहभागिता को बालिकाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इस तरह की पहल से छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था समझने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पहचानने का अवसर मिलता है। इस दौरान एसपी नार्थ राजेश धुनावत ने कहा कि इस पहल से न केवल छात्राओं और युवाओं के अंदर कॉन्फिडेंस आएगा, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली से भी वे अवगत होंगे। साथ ही बेहतर पुलिसिंग का सपना भी साकार होगा। एक दिन की अधिकारी बनकर घृति तिवारी और नैंसी तिवारी ने दर्जनों मामलों को सुना और फरियादियों की फरियाद सुनकर कइयों का निवारण भी किया। निश्चित रूप से इस तरह की पहल से न केवल बेहतर पुलिसिंग का सपना पूरा होगा, बल्कि नई पीढ़ियों को पुलिस की कार्यप्रणाली को सीखने का मौका मिलेगा।
पीएम मोदी और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की मुलाकात, दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने पर हुई बातचीत

नई दिल्ली। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने से जुड़े क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। बातचीत के दौरान, पीएम मोदी ने कनाडा के साथ एक रचनात्मक और दूरदर्शी रणनीतिक साझेदारी बनाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की, जो दोनों देशों के लोगों के लिए ठोस लाभ पहुंचाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद एक्स पर पोस्ट किया, “कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मिलकर खुशी हुई। हमने व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान में भारत-कनाडा संबंधों को और मजबूत करने पर एक सार्थक चर्चा की। भारत कनाडा के साथ एक रचनात्मक और दूरदर्शी रणनीतिक साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो दोनों देशों के लोगों के लिए ठोस लाभ पहुंचाएगी।” इससे पहले दिन में, अनीता आनंद ने नई दिल्ली में विदेश मंत्री (ईएएम) डॉ. एस जयशंकर के साथ बैठक की, जहां दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। बैठक के बाद, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और कनाडा दोनों देशों के नेतृत्व और निरंतर जुड़ाव के मार्गदर्शन में अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “आज नई दिल्ली में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मिलकर खुशी हुई। व्यापार और निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान में हमारे संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।” उन्होंने कहा, “हमारे नेतृत्व और सरकार तथा उद्योग जगत में निरंतर जुड़ाव के मार्गदर्शन में, हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।” अनीता आनंद ने 2025 में अपनी भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर के साथ हुई अपनी बैठक को याद किया, जब दोनों ने कनाडा-भारत संबंधों के लिए एक संयुक्त रोडमैप स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की थी और कहा कि वह द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति को देखकर उत्साहित हैं, जिसमें व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाना और ऊर्जा, नवाचार और सुरक्षा पर सहयोग का विस्तार करना शामिल है। अनीता आनंद मंगलवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचीं। पिछले साल जून के बाद से यह उनकी तीसरी भारत यात्रा है। विदेश मंत्रालय ने आनंद का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि उनकी भारत यात्रा दोनों देशों को हाल की प्रगति पर आगे बढ़ने और द्विपक्षीय साझेदारी को और आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी।
जेएनयू यौन उत्पीड़न मामला: एनसीडब्ल्यू प्रमुख से मिला भाजपा का प्रतिनिधिमंडल, सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की चेयरपर्सन विजया रहाटकर से मुलाकात की और कांग्रेस सांसद व जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के बर्खास्त प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। उन पर 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी ने एनसीडब्ल्यू चेयरपर्सन से मिलने के बाद पत्रकारों से कहा, “हमने आज राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की चेयरपर्सन से मुलाकात की। इस दौरान पांच सांसद और हमारी महिला मोर्चा की पदाधिकारी भी मौजूद थीं। हमने उनसे आग्रह किया कि वे जेएनयू में हुई हालिया घटना का संज्ञान लें, जिसमें मणिपुर के कांग्रेस सांसद और जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ. बिमोल अकोइजम शामिल हैं।” उन्होंने कहा, “11 छात्राओं ने उनके दुर्व्यवहार के खिलाफ लिखित शिकायतें देकर बहुत साहस दिखाया है। जांच के बाद यूनिवर्सिटी की आंतरिक समिति ने इन शिकायतों को सही पाया। उन्हें यूनिवर्सिटी से बर्खास्त कर दिया गया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं ने इस मामले पर एक शब्द भी नहीं कहा है। यह व्यक्ति बहुत प्रभावशाली है और उसे पार्टी का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए हमने उन 11 छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है।” पार्टी पर निशाना साधते हुए चौधरी ने कहा, “आदर्श रूप से कांग्रेस को छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें पार्टी और पद से हटा देना चाहिए था। हालांकि, अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है, इसीलिए हमने एनसीडब्ल्यू से हस्तक्षेप की मांग की है।” इस बीच, दिल्ली पुलिस ने यौन उत्पीड़न के आरोपों के सिलसिले में प्रोफेसर अकोइजम को नोटिस जारी किया है और उन्हें गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की। अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत दर्ज की गई। एफआईआर में प्रोफेसर अकोइजम का नाम शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मई में कम से कम 11 छात्राओं ने प्रोफेसर अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने बैठकों या कार्यक्रमों के बहाने छात्राओं को कैंपस स्थित अपने आवास पर बुलाया और उनके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने क्लासरूम में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां कीं। बताया गया है कि उन्हें नौकरी से हटाने के यूनिवर्सिटी के फैसले से पहले हुई जांच में इन आरोपों और शिकायतों की पड़ताल की गई थी।
दीपावली पर रोशनी से जगमगाएगा ग्रेटर नोएडा, सभी प्रवेश द्वार और गोलचक्कर होंगे रोशन

ग्रेटर नोएडा। दीपावली के त्योहार पर ग्रेटर नोएडा को रोशनी से जगमगाने की तैयारी तेज हो गई है। शहर के सभी प्रवेश द्वारों और प्रमुख गोलचक्करों को रोशन किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न सेक्टरों, गांवों और पार्कों में भी प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस दिशा में काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) प्रेरणा सिंह ने विद्युत अभियांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दीपावली से पहले स्ट्रीट लाइट लगाने और उन्हें चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहार से पहले प्रकाश व्यवस्था से जुड़े सभी जरूरी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। बैठक में शहर के प्रमुख मार्गों, प्रवेश द्वारों, गोलचक्करों और विभिन्न सेक्टरों में स्ट्रीट लाइट लगाने की प्रगति की समीक्षा की गई। एसीईओ ने कहा कि दीपावली से पहले सभी निर्धारित स्थानों पर लाइटें लगाकर उन्हें चालू किया जाए, ताकि शहर में बेहतर रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही गांवों में भी प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। प्राधिकरण की ओर से तिलपता, कुलेसरा, छपरौला और खोदना खुर्द समेत कुल 17 गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य प्रगति पर है। एसीईओ प्रेरणा सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी गांवों में दिवाली से पहले स्ट्रीट लाइट लगाने का काम पूरा कर उन्हें चालू किया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी रात के समय बेहतर रोशनी उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा सेक्टर-2, सेक्टर-3 और सेक्टर-12 समेत अन्य सेक्टरों के पार्कों में भी स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए गए। प्राधिकरण का जोर शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ आवासीय क्षेत्रों में भी प्रकाश व्यवस्था बेहतर बनाने पर है। समीक्षा बैठक में बादलपुर और अस्तौली में निर्माणाधीन 33 केवी बिजलीघरों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इन दोनों बिजलीघरों के निर्माण की निर्धारित समयसीमा में अभी छह महीने शेष हैं। इसके बावजूद एसीईओ ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और बिजलीघरों को तय समय से पहले पूरा कराने के निर्देश दिए। इन बिजलीघरों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। बढ़ती जरूरतों को देखते हुए बिजली ढांचे को मजबूत करना भी प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। किसानों को आवंटित छह प्रतिशत आबादी भूखंडों में बिजली से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। एसीईओ ने निर्देश दिए कि इन भूखंडों में बिजली के सभी लंबित कार्य नवंबर तक पूरे कर लिए जाएं। खैरपुर, खोदना खुर्द, पतवाड़ी, छोटी मिलक और इटैड़ा समेत कई गांवों में इन भूखंडों के क्षेत्रों में बिजली संबंधी कार्य चल रहे हैं। अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि आवंटित भूखंडों में आवश्यक बिजली सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक के दौरान ड्रेन निर्माण से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। एसीईओ प्रेरणा सिंह ने प्रस्तावित कार्यों की टेंडर प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी कर निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से सभी कार्यों की प्रगति पर नजर रखने और तय समयसीमा के अनुसार योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में ड्रेन विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक मनोज कुमार सचान, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक अजित भाई पटेल, अश्विनी चतुर्वेदी, सौरभ भारद्वाज समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
धन के लिए धर्म नहीं त्यागूंगा, छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा: सीएम योगी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “याद रखना, एक संन्यासी के जीवन का ध्येय ही होना चाहिए कि धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा। धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागूंगा और छिड़ गया युद्ध तो बम-गोले भी दागूंगा।” उन्होंने कहा कि देश और धर्म के लिए किया गया हर त्याग महान है। शांति के समय धर्म का स्वरूप संयम, सौहार्द और लोककल्याण है, लेकिन राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष के लिए भी तैयार रहना चाहिए। भारत सेवाश्रम संघ ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। राष्ट्रोन्नति को आत्मोन्नति का माध्यम बनाकर संस्था ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्र जागरण और लोककल्याण से जोड़ा है। सीएम योगी बुधवार को वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वामी प्रणवानंद महाराज के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर आरती की। मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना भी की। संघ के प्रधान सचिव स्वामी विश्वात्मानंद ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1926 में स्थापित काशी शाखा ने सेवा और राष्ट्र जागरण की अपनी परंपरा के सौ वर्ष पूरे किए हैं। यह संस्था भारत ही नहीं, दुनिया के अनेक देशों में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब राष्ट्र संकट में होता है तो उसकी आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत भी संकट में पड़ जाती है। उन्होंने सवाल किया कि विदेशी आक्रांता सफल नहीं होते तो क्या काशी विश्वनाथ मंदिर को अपवित्र और क्षतिग्रस्त करने का दुस्साहस होता। क्या राम जन्मभूमि पर पांच सौ वर्षों तक गुलामी का कलंक रहता या श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर ऐसा संकट खड़ा होता। उन्होंने कहा कि आपसी बंटवारे का दुष्परिणाम देश को भुगतना पड़ा। इसी पाप के परिमार्जन के लिए संतों ने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्रीय जागरण का माध्यम बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसी राष्ट्रीय चेतना और संकल्प का परिणाम है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज का गोरक्षपीठ से गहरा संबंध रहा है। वर्ष 1912-13 में वह गोरखपुर पहुंचे और सिद्ध योगी बाबा गंभीरनाथ के सानिध्य में साधना की। उन्होंने स्वामी प्रणवानंद के बचपन का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि लगभग 12-13 वर्ष की आयु में वह अपने शिक्षक के साथ गुरु की खोज में गोरखपुर पहुंचे थे। बाबा गंभीरनाथ ने उन्हें देखकर जन्म से सिद्ध योगी बताया था। साधना के दौरान वह तीन घंटे तक अखंड समाधि में रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर से प्राप्त आध्यात्मिक प्रेरणा को स्वामी प्रणवानंद ने पूरे देश में राष्ट्र जागरण का माध्यम बनाया। इसी ऐतिहासिक संबंध के कारण भारत सेवाश्रम संघ से उनका विशेष लगाव है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1926 में स्वामी प्रणवानंद ने काशी शाखा की स्थापना की थी। देश की पराधीनता के समय वह स्वाधीनता और हिंदू जागरण की अलख जगाते रहे। आज भारत सेवाश्रम संघ देश के साथ दुनिया के अनेक देशों में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि संघ ने राष्ट्रवाद को जीवन का ध्येय बनाया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति के विरुद्ध नए राजनीतिक संगठन के निर्माण की प्रेरणा भी स्वामी प्रणवानंद से मिली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ के संन्यासियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। यही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। शताब्दी समारोह में भारत सेवाश्रम संघ की ओर से 100 परिवारों को सिलाई मशीनें प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं पांच परिवारों को सिलाई मशीनें सौंपीं। उन्होंने कहा कि संघ का यह प्रयास सौ परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना है। उन्होंने प्रयागराज कुंभ में संघ की अन्नक्षेत्र सेवा और देशभर में संचालित लोककल्याणकारी गतिविधियों की भी सराहना की। कहा कि शांति के समय सेवा और लोककल्याण के माध्यम से समाज को समर्थ बनाना ही आध्यात्मिक साधना की सार्थकता है। भारत सेवाश्रम संघ के प्रधान सचिव स्वामी विश्वात्मानंद ने कहा कि काशी शाखा की स्थापना धर्म को मानवता, अध्यात्म को सेवा और तीर्थ को राष्ट्रीय जागरण से जोड़ने के संकल्प के साथ हुई थी। संघ पीड़ितों की सहायता, तीर्थयात्रियों की सेवा, चिकित्सा, शिक्षा, जनजाति कल्याण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। विकसित भारत के निर्माण के लिए शिक्षित, चरित्रवान और संवेदनशील समाज आवश्यक है।
16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में ‘तिरंगा’ प्रदर्शन करेंगे अभिजीत दिपके, लोगों से जुटने की अपील

नई दिल्ली। कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपनी पार्टी के सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी के विरोध में 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘तिरंगा’ प्रदर्शन का आह्वान किया है। उन्होंने देशभक्तों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ शाम पांच बजे प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में दिपके ने इस प्रदर्शन को ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम दिया। उन्होंने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रंका को कथित तौर पर सिर्फ तिरंगा लहराने के लिए जेल भेजा गया है। दिपके ने कहा, “मैं सभी देशभक्तों और तिरंगे से प्यार करने वाले लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे 16 अक्टूबर को शाम पांच बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगे के साथ पहुंचें। हम वहां तिरंगा लहराएंगे और दिखाएंगे कि तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है।” उन्होंने दिल्ली नहीं पहुंच पाने वाले लोगों से भी अपने-अपने इलाकों में तिरंगा मार्च निकालने की अपील की। दिपके ने कहा कि इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि तिरंगा देश का गौरव है और इसे लहराना कोई अपराध नहीं है। सीजेपी संस्थापक ने यह भी कहा कि इस प्रदर्शन के बाद उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, लेकिन वह इससे चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मेरा तिरंगा मेरा गौरव है और मैं इसे हर हाल में लहराऊंगा।” इससे पहले बुधवार को सौरव दास और आशुतोष रंका को जंतर-मंतर पर कथित अतिक्रमण के मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, सीजेपी के एक अन्य नेता अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रंका को तिहाड़ जेल में अलग-अलग बैरकों में रखा गया है। सौरव दास को जेल नंबर-2, जबकि आशुतोष रंका को जेल नंबर-4 में रखा गया है। सीजेपी नेताओं सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे की ओर से पेश अधिवक्ता अभिष्ट हेल ने आईएएनएस को बताया कि दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। तीनों सीजेपी नेताओं को जंतर-मंतर पर कथित रूप से अनधिकृत प्रवेश करने के आरोप में एहतियातन हिरासत में लिया गया था। जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचना से हटाया जा चुका है। पुलिस ने उनके खिलाफ अतिक्रमण, बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन और सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने से संबंधित आरोप दर्ज किए हैं। बुधवार सुबह तीनों को नई दिल्ली के मंदिर मार्ग स्थित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था।