सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने आज उत्तर प्रदेश की बेटियां अवसरों के अभाव से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। शारदीय नवरात्रि के पंचम दिवस पर मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी माँ स्कन्दमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है।” उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें सिर्फ अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी। सीएम योगी ने कहा कि पिछले साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है। सीएम योगी ने यह भी कहा कि सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं। लेकिन पिछले 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है। ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत से अधिक हो गया है। वहीं, स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है। इस दौरान, सीएम योगी ने मातृ शक्ति के लिए केंद्र और राज्य की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं।” उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है। ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ और ‘पोषण अभियान’ से गर्भवती माताओं को पोषण व आर्थिक संबल मिला है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से मातृ व शिशु मृत्यु दर में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत प्रदेश की करोड़ों बहनों को निःशुल्क कैशलेस उपचार सुनिश्चित हुआ है।” सीएम ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ से बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है। जनवरी, 2016 तक प्रदेश में महिला पुलिसकर्मी की संख्या 10,000 थी, जो आज बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “आज उत्तर प्रदेश की बेटियां अवसरों के अभाव से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला है। जय मां स्कन्दमाता।

गुजरात: 19 अक्टूबर तक रात 2 बजे तक चलेंगी मेट्रो, पुलिस ने 49 ‘एसएचई’ वाहन तैनात किए

अहमदाबाद। गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (जीएमआरसी) ने बुधवार को बताया कि नवरात्रि के दौरान देर रात यात्रा की सुविधा के लिए अहमदाबाद मेट्रो की सेवाएं 14 से 19 अक्टूबर तक रात 2 बजे तक चलेंगी। इस बढ़ी हुई समय-सीमा के दौरान यात्रा करने के लिए यात्रियों को 50 रुपये का एक खास पेपर टिकट खरीदना होगा। अभी मेट्रो सेवाएं सुबह 6:20 बजे से रात 11 बजे तक चलती हैं। नए शेड्यूल के तहत, वस्त्रल गाम, थल्तेज गाम और एपीएमसी–कोटेश्वर रोड कॉरिडोर पर ट्रेनें 30 मिनट के अंतराल पर चलेंगी, जबकि एपीएमसी–सेक्टर-1 कॉरिडोर पर सेवाएं देर रात के तय समय के दौरान हर घंटे चलेंगी। वस्त्रल गाम–थल्तेज गाम कॉरिडोर पर, आखिरी ट्रेनें वस्त्रल गाम से रात 2 बजे और थल्तेज गाम से रात 2:12 बजे चलेंगी। एपीएमसी–कोटेश्वर रोड कॉरिडोर पर, आखिरी ट्रेनें एपीएमसी से रात 2:14 बजे और कोटेश्वर रोड से रात 2:07 बजे चलेंगी। एपीएमसी–सेक्टर-1 कॉरिडोर पर, आखिरी ट्रेनें एपीएमसी से रात 12:44 बजे और सेक्टर-1 से रात 12:38 बजे चलेंगी। इस कॉरिडोर के लिए बढ़ाए गए शेड्यूल में एपीएमसी से रात 10:30 बजे, 11:44 बजे और 12:44 बजे, और सेक्टर-1 से रात 10:38 बजे, 11:38 बजे और 12:38 बजे ट्रेनें चलेंगी। जीएमआरसी ने कहा कि ऑपरेशन के बढ़े हुए समय के दौरान यात्रा के लिए सिर्फ़ 50 रुपए वाला स्पेशल पेपर टिकट ही मान्य होगा। ये टिकट सभी मेट्रो स्टेशनों पर मिलेंगे और इनका इस्तेमाल सिर्फ़ एक बार की यात्रा के लिए किया जा सकेगा। वहीं, अहमदाबाद पुलिस ने बताया कि नवरात्रि के शुरुआती तीन दिनों में ट्रैफ़िक जाम ज़्यादा नहीं था, हालांकि गरबा प्रोग्राम खत्म होने के बाद रात में एसजी हाईवे, रिंग रोड और मुख्य जंक्शनों पर कुछ जगहों पर जाम की खबर मिली थी। पुलिस के अनुसार, शहर का कंट्रोल रूम 4,300 कैमरों के जरिए ट्रैफिक पर नजर रख रहा है। इनमें स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए 3,300 कैमरे और निर्भया प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए 1,000 कैमरे शामिल हैं। पुलिस को ट्रैफिक जाम से जुड़ी तीन कॉल 11 अक्टूबर को, नौ कॉल 12 अक्टूबर को और पांच कॉल 13 अक्टूबर को मिलीं। इन कॉल्स पर कार्रवाई का समय 10 मिनट से भी कम था। इसकी तुलना में, पिछले साल नवरात्रि के शुरुआती तीन दिनों में ऐसी लगभग 45 कॉल आई थीं। पुलिस ने कॉल्स में कमी का कारण ट्रैफिक नियमन, सड़क इंजीनियरिंग के उपाय और जनता के सहयोग को बताया। त्योहार के लिए, शहर की पुलिस ने 49 एसएचई टीम की गाड़ियां, 12 अभयम हेल्पलाइन गाड़ियां, 49 स्पेशल गरबा गाड़ियां और 129 पेट्रोलिंग गाड़ियां (जिनमें जनरक्षक डायल 112 की गाड़ियां भी शामिल हैं) तैनात कीं। पुलिस ने बताया कि शुरुआती तीन दिनों में, मदद मांगने वाली चार महिलाओं को उनकी बताई जगहों से पिक किया गया और सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया। एसएचई टीमों ने गरबा की मुख्य जगहों और सड़क पर होने वाले गरबा कार्यक्रमों का दौरा किया, साथ ही सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और बॉडी-वर्न कैमरों का इस्तेमाल किया।

युवा क्रिकेट प्रतिभाओं को मिला मंच, पुलवामा में अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट का शानदार समापन

पुलवामा। खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने और युवाओं के बीच रचनात्मक जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पुलवामा पुलिस ने सिविक एक्शन प्रोग्राम (सीएपी) 2026-27 के तहत लेलहार क्रिकेट ग्राउंड, काकापोरा में लड़कों के लिए अंडर-19 नॉकआउट क्रिकेट टूर्नामेंट का सफलतापूर्वक समापन किया। टूर्नामेंट का समापन एक रोमांचक फाइनल के साथ हुआ, जिसमें उत्साह, खेल भावना और प्रतिस्पर्धा का माहौल देखने को मिला। टूर्नामेंट में जिले के विभिन्न हिस्सों से कुल आठ टीमों ने भाग लिया और इसमें लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई। फाइनल मुकाबला पुलवामा क्रिकेट टीम और लेलहार क्रिकेट टीम के बीच खेला गया, जिसमें पुलवामा क्रिकेट टीम विजयी रही और उसने चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती। समापन समारोह में पुलवामा के एसएसपी साहिल सारंगल (आईपीएस) और जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। युवा क्रिकेटरों से बातचीत करते हुए एसएसपी पुलवामा ने उनके उत्साह, अनुशासन और खेल भावना की सराहना की। उन्होंने युवाओं में टीम वर्क, आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने में खेलों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को लगन के साथ खेल जारी रखने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सीएप 2026-27 के तहत समुदाय-केंद्रित पहलों के माध्यम से खेलों को बढ़ावा देने, युवा प्रतिभाओं को निखारने और पुलिस-जनता के संबंधों को मजबूत करने के लिए पुलवामा पुलिस की प्रतिबद्धता को दोहराया। विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार दिए गए। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ को भी उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इस टूर्नामेंट ने उभरते क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने, खेल कौशल विकसित करने और आपसी भाईचारा बढ़ाने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान किया। पुलवामा पुलिस सीएपी 2026-27 के तहत ऐसी पहलों के माध्यम से खेलों और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नमिश तनेजा को कन्या पूजन का रहता था इंतजार, बोले- ‘पूरी, हलवा और छोले के साथ पैसों की भी होती थी खुशी’

मुंबई। एक्टर नमिश तनेजा ने नवरात्रि के त्योहार के मौके पर बचपन की यादें ताजा की। उन्होंने बताया कि दिल्ली में बचपन बिताने के दौरान वह नवरात्रि में कन्या पूजन के लिए जाया करते थे। इस दौरान पूरी, हलवा और छोले खाने की खुशी तो होती ही थी, साथ ही उन्हें इस बात का भी इंतजार रहता था कि कन्या पूजन के दौरान कितने पैसे मिलेंगे। अब नवरात्रि में वह शूटिंग के व्यस्त शेड्यूल के कारण नौ दिनों के बजाय पहले और आखिरी दिन का व्रत ही रख पाते हैं। नमिश ने नवरात्रि से जुड़ी अपनी बचपन की यादें शेयर करते हुए कहा, ”मेरे लिए नवरात्रि बचपन की यादों और उस समय की मासूमियत से जुड़ी है। मुझे आज भी याद है कि बचपन में मैं कन्या पूजन के लिए जाया करता था। पूरी, हलवा और छोले खाने की खुशी तो थी ही, लेकिन मुझे सबसे ज्यादा उत्सुकता इस बात की रहती थी कि कितने पैसे मिलेंगे। मैं लोगों को मनाने के लिए कहता था, ‘मैं छोटा हूं, प्लीज मुझे भी शामिल कर लो।’ वे छोटे-छोटे पल, सुंदर कपड़े पहने बच्चों को देखना और उनके हाथों में छोटे पर्स देखना आज भी मेरे चेहरे पर मुस्कान ले आता है।” नमिश तनेजा ने कहा, ”मैं बचपन से ही नवरात्रि के व्रत रख रहा हूं। पहले दिल्ली में मैं पूरे नौ दिनों का व्रत रखता था, लेकिन मुंबई आने और शूटिंग शेड्यूल की वजह से आमतौर पर पहले और आखिरी दिन का व्रत रख पाता हूं या फिर अपने काम के हिसाब से इसे मैनेज करता हूं। नवरात्रि के व्रत में मुझे सबसे ज्यादा खाना पसंद है, खासकर व्रत वाले फ्रेंच फ्राइज। आलू हमेशा से मेरे पसंदीदा रहे हैं।” नमिश ने आगे कहा, ”नवरात्रि पर कन्याओं का स्वागत करना, उनके पैर धोना, उन्हें खाना खिलाना और उनका आशीर्वाद लेना मुझे बहुत पसंद है। मेरे लिए यह परंपरा त्योहार की खूबसूरती बढ़ा देती है। नवरात्रि का मतलब सिर्फ व्रत रखना नहीं है, बल्कि परिवार की परंपराओं को निभाना और बचपन से जुड़ी यादों को सहेजकर रखना भी है। यही छोटी-छोटी बातें हर साल इस त्योहार को मेरे लिए खास बनाती हैं।” बता दें कि नमिश तनेजा टीवी इंडस्ट्री में जाना-पहचाना नाम हैं। वह ‘एक नई पहचान’, ‘स्वरागिनी-जोड़े रिश्तों के सुर’, ‘इक्यावन’, ‘विद्या’ और ‘ऐ मेरे हमसफर’ जैसे टीवी शोज में काम कर चुके हैं।

भारत-ब्रुनेई जेटीसी की तीसरी बैठक: खाद्य सुरक्षा, फार्मा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। भारत और ब्रुनेई दारुस्सलाम ने बुधवार को द्विपक्षीय व्यापार को विस्तार देने पर सहमति जताई, जिसमें भारत से कृषि उत्पादों और दवा उत्पादों के निर्यात को बढ़ाना भी शामिल है। दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने के उपायों की पहचान और द्विपक्षीय व्यापार एवं आर्थिक सहयोग की समीक्षा के लिए भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की तीसरी बैठक आयोजित की गई। बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित वर्मा और ब्रुनेई दारुस्सलाम के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय की स्थायी सचिव, अर्थव्यवस्था एवं व्यापार, मे फैजा अहमद आरिफिन ने की। बैठक के बाद वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस विचार-विमर्श में भाग लिया। बयान में कहा गया कि चर्चा द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार, बाजार पहुंच की प्राथमिकताओं को हल करने और बिजनेस-टू-बिजनेस आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने के लिए संस्थागत तंत्र की पहचान करने पर केंद्रित रही। दोनों पक्षों ने खाद्य सुरक्षा को समर्थन देने और व्यापार में विविधता लाने के उद्देश्य से भारत से ब्रुनेई दारुस्सलाम को कृषि और पशु उत्पादों के निर्यात को सुविधाजनक बनाने पर भी विचार-विमर्श किया। फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा को आगे सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया। दोनों पक्षों ने नियामक सहयोग, खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं के अवसरों पर विचार किया और फार्मास्यूटिकल एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में अधिक भागीदारी की संभावना को स्वीकार किया। ऊर्जा पर हुई चर्चा में निरंतर औद्योगिक विकास को समर्थन देने के लिए पारंपरिक और उभरती ऊर्जा साझेदारियों को शामिल किया गया। दोनों पक्षों ने पर्यटन में सहयोग और व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों में भागीदारी के माध्यम से लोगों के बीच आपसी संबंधों और वाणिज्यिक पहुंच को मजबूत करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लक्षित व्यापार संवर्धन कार्यक्रम और पारस्परिक व्यापार प्रतिनिधिमंडल विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और सेवाओं में निवेश के अवसरों की पहचान करने में मदद कर सकते हैं। दोनों देशों ने बैठक के दौरान चर्चा किए गए व्यापार और निवेश उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और फॉलो-अप कार्रवाइयों की निगरानी के लिए संबंधित नोडल एजेंसियों और कार्य समूहों के बीच नियमित संवाद बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। बयान में आगे कहा गया है कि भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति की अगली बैठक ब्रुनेई दारुस्सलाम में आयोजित की जाएगी।

असम सीमा के 123 गांवों पर विवाद काफी हद तक सुलझ गया है: मुख्यमंत्री पेमा खांडू

इटानगर। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर स्थित 123 गांवों से जुड़े अंतरराज्यीय सीमा विवाद काफी हद तक सुलझ गए हैं। खांडू ने कहा कि क्षेत्रीय समितियों के हालिया संयुक्त क्षेत्र दौरों के बाद पापुम पारे जिले के 32 विवादित क्षेत्रों में से 31 का निपटारा हो गया है। असम और अरुणाचल प्रदेश 804 किलोमीटर लंबी अंतरराज्यीय सीमा साझा करते हैं, और दोनों राज्य अपनी सीमा पर लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाने के प्रयासों में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चकमा मुद्दे सहित अन्य लंबे समय से लंबित मुद्दों को सुलझाने के प्रयास प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को उचित समय पर घटनाक्रमों से अवगत कराया जाएगा। खांडू ने बुधवार को नाहरलागुन के पास ताराजुली स्थित गालो हेरिटेज सेंटर में डोनी पोलो बहुउद्देशीय हॉल का उद्घाटन किया और इसे सामुदायिक भागीदारी और सांस्कृतिक संकल्प का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना सरकारी वित्त पोषित इमारत से कहीं अधिक है। नाहरलागुन स्थित मोपिन मैदान गालो समुदाय द्वारा स्वेच्छा से राज्य के पहले मेडिकल कॉलेज, टोमो रिबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज (टीआरआईएचएमएस) के निर्माण हेतु सौंप दिया गया था। समाज से सभी कार्यों को समान महत्व देने का आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री खांडू ने कहा कि विकसित देश श्रम को उच्च सम्मान देते हैं और उन्होंने अरुणाचल प्रदेश को भी ऐसी ही कार्य संस्कृति विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने स्थानीय युवाओं को निर्माण, विद्युत और प्लंबिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने का आह्वान किया, ताकि राज्य को बाहरी कुशल श्रमिकों पर कम निर्भर रहना पड़े। उन्होंने हैदराबाद के राष्ट्रीय कौशल केंद्र में भेजे गए 50 युवाओं के एक समूह का उदाहरण दिया, जिन्होंने बाद में पासीघाट में एक परियोजना को 10 लाख रुपए में पूरा किया, जबकि बाहरी टीम ने इसके लिए 18 लाख रुपए का प्रस्ताव दिया था। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि राष्ट्रीय संदर्भ में अरुणाचल प्रदेश की आदिवासी आबादी कम है और कहा कि भाषा और परंपरा के लुप्त होने से पहचान खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार केवल नीति के माध्यम से ही सहायता कर सकती है, लेकिन समुदायों को स्वयं अपनी विरासत को संरक्षित करना और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाना होगा।

दिवाली से पहले गुजरात में उचित मूल्य की दुकानों तक 96 प्रतिशत से अधिक राशन की आपूर्ति पूरी

गांधीनगर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमन सोलंकी ने बुधवार को बताया कि राज्य सरकार द्वारा दिवाली से पहले अक्टूबर माह के लिए अग्रिम वितरण शुरू करने के साथ ही गुजरात भर में गोदामों से उचित मूल्य की दुकानों तक खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं का 96 प्रतिशत से अधिक परिवहन पूरा हो चुका है। राज्य सरकार ने इस वर्ष दिवाली नवंबर के आरंभ में पड़ने के कारण नियमित मासिक आवंटन के अतिरिक्त अक्टूबर माह में राशन कार्डधारकों को खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं का अग्रिम वितरण करने का निर्णय लिया है। अतिरिक्त त्योहारी आवंटन के तहत, प्रत्येक राशन कार्डधारक को एक लीटर डबल-फिल्टर्ड मूंगफली का तेल और एक किलो चीनी मिलेगी। इससे प्रति राशन कार्ड कुल चीनी का आवंटन दो किलो हो जाएगा। सोलंकी ने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों पर मूंगफली के तेल और चीनी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री पीसी बरंदा ने कहा कि गुजरात राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से परिवहन की जाने वाली लगभग दो लाख मीट्रिक टन वस्तुओं में से लगभग 1.95 लाख मीट्रिक टन वस्तुएं उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचाई जा चुकी हैं। वस्तुओं के हिसाब से, आवंटित गेहूं, चावल, चना और चीनी का 98 प्रतिशत दुकानों तक पहुंच चुका है, जबकि तुअर दाल के लिए यह आंकड़ा 97 प्रतिशत है। लगभग 90 प्रतिशत डबल-फोर्टिफाइड नमक और 93 प्रतिशत डबल-फिल्टर्ड मूंगफली के तेल के एक लीटर के पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं। उचित मूल्य की दुकानों के संचालकों ने वस्तुओं का वितरण शुरू कर दिया है, और राशन कार्डधारकों से अग्रिम वितरण को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने आगे बताया कि वडोदरा में कुल 2,27,790 तेल के पाउच में से 2,12,660 पाउच निर्धारित उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंच चुके हैं, जो खेप का 93.34 प्रतिशत है। शेष 15,130 पाउच जल्द से जल्द वितरित किए जाएंगे। अग्रिम वितरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राशन कार्डधारकों को दिवाली त्योहार से पहले अतिरिक्त आवश्यक वस्तुओं के साथ-साथ उनकी नियमित मासिक आपूर्ति भी मिल जाए।

भाई-बहन में लीडरशिप करने की होड़, इंडी गठबंधन में सबका राहुल गांधी से मोहभंग: गिरिराज सिंह

पटना। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राघोपुर हादसे से लेकर एसआईआर और 2029 के चुनाव तक को लेकर विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने इंडिया गठबंधन में राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर बगावत का दावा किया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “राघोपुर की घटना बहुत दुखद है, लेकिन वहां के जनप्रतिनिधि दिल्ली में एक मीटिंग कर रहे थे तो यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है। वे प्रतिपक्ष के नेता भी हैं और वो राघोपुर की घटना से कितने मर्माहत थे, इससे यह पता चलता है। यह पहली बार नहीं है कि ऐसी घटनाओं के दौरान जनप्रतिनिधि दिल्ली में थे।” उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई पहली बार नहीं हो रहा है। जिसे जो करना है, वो कोर्ट में होगा। कोर्ट में राहुल गांधी ने याचिका डाली है, लेकिन ओवैसी हो या राहुल गांधी, एसआईआर बहाना है, उन्हें सिर्फ प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलना है। उन्होंने कहा कि दूसरी बात ये है कि राहुल गांधी के नेतृत्व को अब इंडिया गठबंधन के नेता स्वीकारने को तैयार नहीं हैं। मैं नाम नहीं लूंगा, लेकिन उसी इंडिया गठबंधन के एक नेता ने कहा कि राहुल गांधी नेतृत्व लायक नहीं हैं, उनके पास विजन नहीं है। वह पूरे देश को तहस-नहस कर देंगे, इसलिए हम उनके नेतृत्व को स्वीकार नहीं करेंगे। चाय की पार्टी हो गई, अब इन लोगों के साथ नहीं जुटूंगा। गृह मंत्री अमित शाह के 2029 के चुनाव में जीत के दावे को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो कहा है, वो शुरू हो गया है। अभी पश्चिम बंगाल में चार सीट पर उपचुनाव हुआ, असम में हुआ, और चारों उपचुनाव में कांग्रेस हार गई। त्रिपुरा में साढ़े चार हजार ग्राम सभा का चुनाव हुआ। मात्र 14 सीटों पर वो जीतकर आए, उन्हें उसकी चिंता नहीं है। 9 राज्य में तीस साल से ऊपर हो गया, सरकार नहीं बनी, और कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि इन्हें ये चिंता है कि राहुल गांधी देश में कैसे आग लगाएंगे, क्योंकि उनका अब एक ही यंत्र और तंत्र बचा है और इंडिया गठबंधन के लोग उनसे ऊब चुके हैं। राहुल गांधी को ही लोग तानाशाह कह रहा है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देश में उनसे छोटा कोई नहीं है। वे 60 साल के हो गए हैं और केहुनी मारते रहते हैं। वह खुद को युवा कहते हैं। इंडिया गठबंधन के एक बड़े नेता ने कहा कि वे अब टी पार्टी पर चले गए हैं और उनकी लीडरशिप को नहीं मानते। वे ऐसे लोग हैं जो देश में आग लगाते हैं और अपनी लीडरशिप को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के बीच हमेशा इस बात की होड़ रहती थी कि कौन लीड करेगा। इंडिया गठबंधन के एक बड़े नेता ने अकेले में मुझसे कहा कि राहुल गांधी की लीडरशिप में लड़ाई अब जीतने लायक नहीं लगती है।

जेपी नड्डा ने खड़गे पर वोटर लिस्ट को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया, गृह मंत्री शाह का किया बचाव

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कड़ी आलोचना की। उन्होंने खड़गे पर गृह मंत्री अमित शाह और मतदाता सूची से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया। नड्डा ने कहा कि शाह ने कभी भी 13.39 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया नहीं कहा। एक पोस्ट में, उन्होंने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर चुनाव आयोग का पक्ष साफ किया। उन्होंने बताया कि 13.39 करोड़ नाम अंतिम रूप से हटाए गए लोगों की सूची नहीं थी, बल्कि उन्हें अनुपस्थित/स्थानांतरित/मृत/डुप्लिकेट कैटेगरी में रखा गया था। इस संख्या में 2.80 करोड़ मृतक, 6.30 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोग, 3.01 करोड़ अनुपस्थित और 1.02 करोड़ डुप्लिकेट नाम शामिल थे। नड्डा ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिशों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एसआईआर तो 2024 के बाद लागू हुआ, जबकि कांग्रेस गुजरात में 31 साल से चुनाव नहीं जीत पाई है, त्रिपुरा में 33 साल से उसका कोई मुख्यमंत्री नहीं बना है और पश्चिम बंगाल में उसे 54 साल से जीत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में वोटरों द्वारा कांग्रेस को नकारना जनता का भरोसा खोने का संकेत है, जिसे गुमराह करने वाले प्रचार और नकारात्मक राजनीति से ठीक नहीं किया जा सकता। नड्डा ने राहुल गांधी और कांग्रेस से अपील की कि वे घुसपैठियों को बचाने और भ्रम फैलाने के लिए एसआईआर का बहाना बनाने के बजाय लोगों का भरोसा जीतने पर ध्यान दें। सत्ताधारी गठबंधन पर भरोसा जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता का भरोसा पीएम मोदी, भाजपा और एनडीए पर है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि 2029 में एनडीए भारी बहुमत से सरकार बनाएगी, जबकि कांग्रेस को लगातार चौथी बार राष्ट्रीय स्तर पर हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “सिर्फ आरोपों से जनता के जनादेश की सच्चाई को बदला नहीं जा सकता।

तिरंगा यात्रा पर रोक नहीं, लेकिन पहले परमिशन जरूरी: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता आरपी सिंह ने तिरंगा यात्रा के नाम पर सियासी प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर अड़े विपक्ष को कानून का आइना दिखाया। उन्होंने दो टूक कहा कि तिरंगे पर किसी का पहरा नहीं है, लेकिन राजनीतिक बैनर तले कार्यक्रम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक 10 दिन पहले इजाजत लेना लाजिमी है। आरपी सिंह ने 50 हजार के मुचलके वाले एफिडेविट से लेकर बोट क्लब से जंतर-मंतर और अब रामलीला मैदान तक धरना स्थल शिफ्ट होने के इतिहास, लुटियंस दिल्ली की संवेदनशीलता और पिछले धरने की आड़ में संसद पर बम फेंकने की साजिश तक का जिक्र कर विपक्ष को घेरा। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, “किसी को भी तिरंगा यात्रा निकालने से कोई रोक नहीं है, लेकिन अगर आप किसी राजनीतिक दल के नाम से या किसी संगठन के नाम से कोई भी कार्यक्रम करना चाहते हैं तो उसके लिए पहले अनुमति लेनी पड़ती है। यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि 10 दिन पहले अनुमति लेनी होगी, उसके अनुसार ही आपको कार्यक्रम करने दिया जाएगा। विपक्ष तिरंगे की आड़ में अपना विरोध प्रदर्शन आगे बढ़ाना चाहता है।” उन्होंने कहा कि दरअसल उन्होंने देख लिया है कि उनके साथ लोग नहीं हैं, जनसमर्थन उनके साथ नहीं है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक पोस्ट किया, जिसमें बताया कि 30,000 से अधिक युवा वहां भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। कपिल मिश्रा ने एक पोस्ट डाला, जिसमें पूरा स्टेडियम, जेएनयू का पूरा जोन, भरा हुआ था और सभी जय श्री राम के नारे लगा रहे थे और यह भी कह रहे थे कि कॉकरोच पैरों के नीचे तो नहीं आ गए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कुछ न कुछ तो उन्हें करना ही है, जिन लोगों से उन्हें आदेश मिल रहे हैं, उन्हें कुछ न कुछ दिखाना है, जिन लोगों के लिए वह काम कर रहे हैं, उन्हें संतुष्ट करना है, इसलिए इस प्रकार की बातें कर रहे हैं। सीजेपी आम आदमी पार्टी की यूथ विंग है और अभिजीत दिपके तो पहले ही कह चुके हैं कि मैं आम आदमी पार्टी में था और अब भी मैं आप का समर्थक हूं और मैं भाजपा का विरोधी हूं। उन्होंने कहा कि जाहिर है कि आम आदमी पार्टी के लोगों को इस बात पर आपत्ति होगी, परंतु हमें सीख देने की बजाय उन बच्चों को सीख दें जो कानून तोड़ते हैं। एसआईआर की बात संजय सिंह को शोभा नहीं देती, उनकी पत्नी का वोट दो जगह है, एक सुल्तानपुर में और दूसरा दिल्ली में, क्या वह दो जगह वोट डालेंगे? भविष्य में एक जगह से तो नाम कटेगा ही। सौरव दास की गिरफ्तारी को लेकर आरपी सिंह ने कहा कि उन्होंने एक एफिडेविट दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 50,000 के मुचलके पर उन्हें छोड़ा गया था, जिसमें यह शर्त थी कि अगले एक साल तक वह कोई भी ऐसा कार्यक्रम नहीं करेंगे, जो कानून को तोड़ता हो। अब जंतर-मंतर को सरकार ने डेजिग्नेटेड प्लेस से हटाकर रामलीला मैदान को डेजिग्नेटेड प्लेस कर दिया है। अब उसके बावजूद अगर आप वहां जाएंगे तो सरकार को एक्शन लेना पड़ेगा, पुलिस को एक्शन लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनको इस बात पर भी प्रकाश डालना चाहिए था कि पहले सारे कार्यक्रम बोट क्लब पर होते थे। महेंद्र सिंह टिकैत का जो कार्यक्रम था, जो बोट क्लब पर किसान आंदोलन हुआ था, उसके बाद ही उसे बोट क्लब से हटाकर जंतर-मंतर किया गया था। तो वह करें तो ठीक और हम करें तो गलत, यह नहीं चल सकता, क्योंकि वह पूरा एरिया लुटियंस दिल्ली का एरिया है, उसमें पार्लियामेंट आता है, उसमें राष्ट्रपति भवन आता है, उसमें कई मंत्रियों के निवास आते हैं।