‘मुसलमान इस देश का नागरिक, वह घबराएगा नहीं’, उज्जैन मस्जिद विवाद पर बोले मौलाना मुश्ताक मलिक

हैदराबाद। हैदराबाद के मौलाना मुश्ताक मलिक ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में मस्जिद गिराए जाने की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ये मसला ध्यान भटकाने की कोशिश है, लेकिन मुसलमान घबराएगा नहीं। मुसलमान इस देश का नागरिक है और वह संविधान में विश्वास रखता है। मौलाना मुश्ताक मलिक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मध्य प्रदेश के उज्जैन में मस्जिद का जो मसला है, उसमें मुसलमानों ने तीन फीट का हिस्सा खुद हटाने के लिए कहा था। इसके बावजूद प्रशासन रात में क्रेन लेकर आया और उसने मस्जिद को गिराना शुरू किया। वो मस्जिद सैकड़ों साल पुरानी है और उसका आर्किटेक्चर अलग है। मुसलमानों को यह चिंता थी कि क्रेन से उसे हटाएंगे तो आर्किटेक्चर को नुकसान होगा।” उन्होंने कहा, “इससे आर्किटेक्चर की हम हिफाजत करते हैं। आपने क्रेन से मस्जिद को गिरा दिया, उसका मीनार छत पर गिरा।” मौलाना ने कहा, “ये लोग (सत्ता) तलाशा करेंगे, क्योंकि उन्हें शासन करना नहीं आ रहा है। विपक्ष से लेकर युवा, वकील और डॉक्टर समेत तमाम लोग आज सड़कों पर उतरना चाहते हैं। ये (उज्जैन का मसला) ध्यान भटकाने की कोशिश है, लेकिन मुसलमान घबराएगा नहीं। मुसलमान इस देश का नागरिक है और वह संविधान में विश्वास रखता है। संविधान के आधार पर ही मुसलमानों ने इस देश में रहने का फैसला किया था।” मौलाना मुश्ताक मलिक ने कहा कि अगर आप (सत्तापक्ष) संविधान को नहीं मानेंगे, तो आप मजहबी भेदभाव पैदा करेंगे। उन्होंने कहा कि मुसलमान इसका जवाब देगा और आपका इक्तेदार बाकी रहने वाला नहीं है। बता दें कि सड़क चौड़ीकरण के लिए उज्जैन में छतरी चौक स्थित शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाया जा रहा है। पिछले दिनों इसको लेकर स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच तनातनी थी। हालांकि, प्रशासन की ओर से शांति स्थापित किए जाने के बाद मस्जिद के हिस्से को हटाने का कार्य किया गया।

‘हम यहां जीतने आए हैं, दोस्ती निभाने नहीं’, डब्ल्यूसीएल 2026 की शुरुआत से पहले बोले एबी डिविलियर्स

नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने कहा कि यूएई में अपने ‘वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स’ (डब्ल्यूसीएल) खिताब को बचाने के लिए मैदान के बाहर की दोस्ती और मैदान पर बिना किसी समझौते वाली प्रतिस्पर्धी भावना के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। डिविलियर्स ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम से कहा था कि मैदान पर कदम रखते ही दोस्ती को एक तरफ रख दें। डिविलियर्स ‘साउथ अफ्रीका चैंपियंस’ की कप्तानी करेंगे। यह टूर्नामेंट 3 से 18 अक्टूबर तक शारजाह में खेला जाएगा और उनकी टीम रविवार को शारजाह में ही ‘वेस्टइंडीज चैंपियंस’ के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। डिफेंडिंग चैंपियन इस टूर्नामेंट में 2025 में पाकिस्तान चैंपियंस पर 9 विकेट की शानदार जीत के साथ खिताब जीतने के बाद उतर रहे हैं। फाइनल में डिविलियर्स ने 60 गेंदों पर नाबाद 120 रन बनाए थे। डिविलियर्स ने ‘वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स’ के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर ‘फैनकोड’ द्वारा आयोजित एक विशेष बातचीत में ‘आईएएनएस’ से कहा, “हां, पिछले साल डब्ल्यूसीएल का हिस्सा बनने की मुख्य वजह पुरानी यादों को ताजा करना और पुराने साथियों के साथ फिर से ड्रेसिंग रूम साझा करना था। निश्चित रूप से पहले सीजन में यही सबसे खास बात थी, जिसमें मैंने हिस्सा लिया था। जाहिर है मैं सबसे पहला सीजन नहीं खेल पाया था। मैंने दूसरे सीजन में कप्तान के तौर पर खेला और पुराने साथियों के साथ-साथ पुराने प्रतिद्वंद्वियों के साथ भी बहुत अच्छी बातचीत हुई, जो सालों में दोस्त बन गए थे।” साउथ अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी ने आगे कहा, “हम एक ही होटल में रुके थे और मैचों से पहले और बाद में खूब मजाक-मस्ती होती थी और माहौल बहुत हल्का-फुल्का रहता था। हालांकि, फिर ‘साउथ अफ्रीका चैंपियंस’ का कप्तान होने के नाते थोड़ा दबाव भी था। जैसे ही मैं मैदान पर पहुंचा, मुझमें प्रतिस्पर्धी सोच जाग गई। मैंने टीम को एकजुट किया और उनसे कहा कि हम यहां जीतने आए हैं, न कि सबके साथ दोस्ती करने। ऐसा मैच के बाद हो सकता है और हमने इसी तरह अपनी क्रिकेट खेली। हमने जबरदस्त खेल दिखाया और मैदान पर अपना बेस्ट दिया, और इसका नतीजा बहुत अच्छा रहा।” डिविलियर्स ने कहा कि ट्रॉफी जीतना एक ऐसी यादगार बात थी जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी। यह मेरे क्रिकेट करियर की सबसे यादगार चीजों में से एक है। भले ही मैं अब रिटायर हो चुका हूं। इस टूर्नामेंट में हमने अहम मौकों पर बहुत अच्छा खेल दिखाया और देश का प्रतिनिधित्व करते हुए हमारा नजरिया बहुत सकारात्मक और अच्छा था। हालांकि, फिर भी मुझे होटल की वे शामें याद हैं जब हम पुराने साथियों और विरोधी टीमों के दोस्तों से मिलते थे। हम सभी बहुत खुश थे और खेल को इसी तरह खेला जाना चाहिए।” पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसिस डब्ल्यूसीएल में अपने डेब्यू के लिए टीम में शामिल हो गए हैं और डिविलियर्स के साथ फिर से जुड़ेंगे। उनके साथ प्रोटियाज के पूर्व खिलाड़ी जेपी डुमिनी, वेन पार्नेल, इमरान ताहिर, रिचर्ड लेवी और कॉलिन इनग्राम भी होंगे, जबकि तेज गेंदबाजी के दिग्गज एलन डोनाल्ड हेड कोच की भूमिका निभाएंगे। खिताब बचाने की अपनी तैयारी और फिटनेस के बारे में बात करते हुए डिविलियर्स ने कहा, “पिछले साल डब्ल्यूसीएल का हिस्सा बनना बहुत अच्छा रहा। जाहिर है कि टूर्नामेंट जीतना और भी मजेदार था और यह हमारे लिए सोने पे सुहागा जैसा था। मैंने जिस तरह से बल्लेबाजी की, उससे मुझे खुद भी हैरानी हुई। तो, मसल मेमोरी अभी भी है, लेकिन शारीरिक रूप से यह इतना आसान नहीं था। मैंने टूर्नामेंट से लगभग दो महीने पहले तैयारी शुरू कर दी थी, और मांसपेशियों को फिर से एक्शन के लिए तैयार करने के लिए खास तौर पर गेंदें हिट कर रहा था। इसके अलावा, फिटनेस के मामले में मैं एक एक्टिव इंसान हूं। मुझे फिट रहना पसंद है। मैं फिटनेस के लिए बहुत काम करता हूं और हफ्ते में कम से कम चार या पांच बार जिम जाता हूं।” डिविलियर्स ने कहा, “मेरी फिटनेस हमेशा से अच्छी रही है और अभी भी मैं अच्छी स्थिति में हूं। मगर लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद फिर से गेंद को अच्छी तरह हिट करना आसान नहीं होता। फील्डिंग भी ऐसी चीज है, जिसमें लगातार अभ्यास जरूरी होता है। मैं पिछले कुछ समय से लगातार मेहनत कर रहा हूं और अब दोबारा खेलने के लिए तैयार हूं।” डिविलियर्स ने आगे कहा, “रिटायरमेंट के बाद क्रिकेट पहले जैसा गंभीर नहीं रह जाता, लेकिन जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं तो जीतने की पूरी कोशिश करते हैं। उम्मीद है कि हम यूएई में होने वाले डब्ल्यूसीएल 2026 में अपना खिताब बचाने में सफल होंगे।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं का व्यक्त किया आभार

जोधपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के जन्मदिन के अवसर पर उनके निवास पर बधाई देने वालों का सिलसिला जारी है। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और शहरवासी उनके निवास पर पहुंचे और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। इस दौरान गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जोधपुर के लोगों, साथियों और भाजपा परिवार के कार्यकर्ताओं का स्नेह उनके जीवन का अवलंबन और शक्ति है। परिवार की तरह सभी लोग एक-दूसरे की खुशियों और दुख के अवसर पर साथ खड़े रहें, यही भावना होनी चाहिए। शेखावत ने कहा कि जन्मदिन केवल खुशी का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जीवन के अब तक के सफर का आकलन करने का अवसर भी होता है। व्यक्ति को यह देखना चाहिए कि जीवन में आगे बढ़ने के दौरान कितने लोगों का साथ, सहयोग और समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि इन सभी के प्रति मन में कृतज्ञता का भाव होना चाहिए और साथ ही यह भी विचार करना चाहिए कि जीवन में क्या हासिल करना था और क्या अभी बाकी है। अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए शेखावत ने कहा कि छात्र संघ अध्यक्ष से लेकर विभिन्न जिम्मेदारियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में मंत्री बनने तक का सफर जनता के प्यार, ईश्वर की कृपा, परिवार के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं के स्नेह से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए व्यक्ति को पूरी तरह समर्पित होना पड़ता है। सबसे पहला त्याग परिवार और परिवार को देने वाले समय का होता है। उन्होंने इस अवसर पर परिवार और अपने साथ खड़े रहे सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। शेखावत ने अपने जोधपुर से जुड़ाव पर कहा कि उनका जन्म जैसलमेर में हुआ, लेकिन पिछले करीब 45 वर्षों से जोधपुर में रहने के कारण जोधपुर और मारवाड़ उनके डीएनए में समाहित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पिता की नौकरी के कारण बचपन में अलग-अलग स्थानों पर रहने का अवसर मिला, लेकिन कॉलेज के समय से ही जोधपुर से उनका गहरा जुड़ाव हो गया। फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान भारतीय पायलट स्मित मच्छार के अदम्य साहस का जिक्र करते हुए शेखावत ने कहा कि देश के सपूत और बेटियां अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे अवसर प्रदान करते हैं, जिससे पूरे देश को गर्व महसूस होता है। उन्होंने उस पायलट की सूझबूझ और साहस की सराहना की, जिसने विमान हादसे के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की जान बचाने के लिए प्रयास किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पायलट को फोन करना, उनके हालचाल मालूम करना और उनके साहस की सराहना करना देशभर के लोगों के लिए प्रेरणा का विषय है। इससे उन सभी लोगों को प्रेरणा मिलती है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में देश का सम्मान बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। शेखावत ने राजस्थान के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत के साथ अपने जुड़ाव को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भैरों सिंह शेखावत एक राजनीतिक संस्था थे और राजस्थान सहित देश के राजनीतिक परिदृश्य में काम करने वाले अनेक लोगों ने उनसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कुछ न कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी सीखा, वह भैरों सिंह शेखावत के सानिध्य में रहकर, उन्हें देखकर और उनसे संवाद करके सीखा। उन्होंने आगे कहा कि ‘बाबूसा’ की सोच और दृष्टि राजस्थान व भारत को प्रगति के पथ पर ले जाने की थी। आज राजस्थान और देश को आगे बढ़ते देख, निश्चित रूप से उनकी कल्पनाओं और आकांक्षाओं के पूरा होने का संतोष मिलता है।

एशियन गेम्स 2026: प्रणवी ने गोल्फ में भारत को दिलाया ऐतिहासिक गोल्ड मेडल, महिला टीम ने जीता सिल्वर

कासुगाई। एशियन गेम्स 2026 में प्रणवी उर्स ने इतिहास रच दिया है। वह कासुगाई कंट्री क्लब ईस्ट कोर्स में चार दिन तक चले इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। प्रणवी ने इवेंट के आखिरी दिन ‘ईवन पार 70′ का स्कोर किया और कुल ’15-अंडर 265′ के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता। प्रणवी ने महिला टीम को चार दिनों में ’14-अंडर 546’ के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। प्रणवी ने इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता। वहीं, अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा। अदिति अशोक 14वें स्थान पर रहीं। उन्होंने आखिरी दिन 3-अंडर 67 का स्कोर बनाया और टूर्नामेंट का समापन 2-ओवर 282 के कुल स्कोर के साथ किया। वहीं, दीक्षा डागर संयुक्त 23वें स्थान पर रहीं। उन्होंने चौथे दिन ‘7-ओवर पार’ का स्कोर बनाया और उनका कुल स्कोर 12-ओवर रहा। चीन की यिन रुओनिंग और सिंगापुर की शैनन टैन ने ’14-अंडर पार’ पर रहने के कारण संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल जीता। प्रणवी आखिरी दिन दूसरे स्थान पर चल रही टैन से तीन स्ट्रोक की बढ़त के साथ उतरी थीं। तीसरे होल पर उनका प्रदर्शन बहुत खराब रहा, जहां उन्होंने ‘ट्रिपल बोगी’ की, जिससे वह दूसरे स्थान पर खिसक गईं। इसके बाद प्रणवी ने छठे, 10वें और 13वें होल पर तीन ‘बर्डी’ के साथ वापसी की और बढ़त बना ली। आखिर में 18वें होल पर ‘ईवन पार’ स्कोर करके उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। महिला टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए जश्न मनाने का मौका दिया। टीम ने चार दिनों में कुल 14-अंडर 246 का स्कोर बनाया। इस प्रदर्शन के दम पर भारत ने एशियन गेम्स के महिला टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। खास बात यह है कि महिला टीम स्पर्धा में एशियन गेम्स इतिहास का यह गोल्फ में भारत का पहला मेडल है। प्रणवी और भारतीय महिला टीम से आखिरी दिन दो मेडल की उम्मीद थी। अंतिम दौर से पहले प्रणवी शानदार स्थिति में थीं। वह हांगकांग की चौथे स्थान पर चल रही सोफी हान से नौ स्ट्रोक आगे थीं। हालांकि, उन्हें अपनी बढ़त बरकरार रखनी थी और कोई गलती नहीं करनी थी।भारतीय टीम के सामने अदिति अशोक का उदाहरण भी था। अदिति पिछले एशियन गेम्स में तीसरे दिन के बाद पहले स्थान पर थीं, लेकिन आखिरी दिन बढ़त नहीं बचा सकीं और दूसरे स्थान पर खिसक गई थीं। इसके चलते उन्हें गोल्ड की जगह सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था।

नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह का प्रत्यर्पण, केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया- ‘मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि’

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि मोदी सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह को तुर्किए से वापस लाने में कामयाबी हासिल की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि भारत सरकार ने कथित नार्को-ट्रैफिकिंग सरगना नवप्रीत सिंह को तुर्किए से भारत वापस लाने में कामयाबी हासिल की है, ताकि उस पर ड्रग्स की तस्करी और अन्य अपराधों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा सके। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मोदी सरकार ने तुर्किए से कुख्यात ड्रग तस्कर नवप्रीत सिंह को डिपोर्ट करवाकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। नवाब विर्क की फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके तुर्किए की नागरिकता लेने के बाद भी, वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करता रहा था।” उन्होंने आगे कहा, “हमारी एजेंसियों ने उसका पता लगाया, उसकी असली पहचान का खुलासा किया और उसे डिपोर्ट करवाया। आज उसे भारत वापस लाया गया है और ड्रग तस्करी व अन्य अपराधों के मामलों में जेल भेज दिया गया है। इस सफलता के लिए सभी एजेंसियों को बधाई। मोदी सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर ड्रग-कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।” इससे पहले अप्रैल में मोस्ट वांटेड गैंगस्टर और आतंकवादी दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी और ड्रग तस्करी के संदिग्ध मोहम्मद सलीम डोला को तुर्किए से भारत वापस लाया गया था। उस समय केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा था कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को डोला को तुर्किए से वापस लाने में बड़ी कामयाबी मिली है। डोला की गिरफ्तारी ड्रग्स से जुड़े भगोड़ों और संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों को कानून के दायरे में लाने के सरकार के संकल्प को दिखाती है। मई में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) के साथ मिलकर अजरबैजान से भगोड़े प्रभदीप सिंह को प्रत्यर्पित कराया था। यह मामला 358 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी से जुड़े ड्रग्स के एक बड़े केस से संबंधित था। पुलिस ने बताया कि 2023 से फरार चल रहे प्रभदीप को प्रत्यर्पण की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद स्पेशल सेल की तीन सदस्यीय टीम बाकू से भारत वापस लाई थी। भारत और तुर्किए ने 2001 में प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जो जून 2002 में लागू हुई। यह समझौता दोनों देशों को आतंकवाद और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित भगोड़ों के हस्तांतरण की मांग करने की अनुमति देता है। पिछले मामलों में तुर्किए ने चरमपंथी नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों, जिनमें संदिग्ध इस्लामिक स्टेट ऑपरेटिव भी शामिल हैं, को निर्वासित करने में भारत की सहायता की है। ऐसे मामलों में अक्सर इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस और अन्य स्थापित प्रक्रियाओं का उपयोग करके समन्वय किया जाता है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथिंद्र बोस सीने में तेज दर्द के कारण अस्पताल में भर्ती

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथिंद्र बोस को शुक्रवार रात सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल, उनका पूर्वी कोलकाता में ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास के पास एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। नवीनतम जानकारी के अनुसार, उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगभग स्थिर है। अध्यक्ष रथिंद्र बोस ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर आयोजित दो कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। उन्होंने दिन भर अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लिया। उन कार्यक्रमों से घर लौटने के बाद स्पीकर को अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। परिवार के सदस्यों ने उन्हें तुरंत प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनका इलाज तुरंत शुरू हो गया। नवीनतम जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने विधानसभा अध्यक्ष के कई टेस्ट किए। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, सही समय पर इलाज शुरू होने के बाद से उनकी शारीरिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ है। फिलहाल वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद मई में उन्हें सर्वसम्मति से सदन का नया अध्यक्ष चुना गया। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रथिंद्र बोस, उत्तर बंगाल के किसी भी विधानसभा क्षेत्र से सदन के अध्यक्ष बनने वाले पहले विधायक हैं। वे पहली बार विधायक बने हैं। वे लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे। बाद में वह भाजपा के साथ सक्रिय राजनीति में शामिल हुए। 2026 के विधानसभा चुनावों में, उन्होंने कूचबिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अभिजीत भौमिक को 23,000 से अधिक वोटों से हराया। रथिंद्र बोस के साथ, लंबे समय बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा को ऐसा स्पीकर मिला जो कानूनी पेशे से नहीं था। उन्होंने हाल ही में अटलांटा का दौरा किया और वहां बसे बंगाली समुदाय के साथ पश्चिम बंगाल के आर्थिक विकास, राज्य के भविष्य, निवेश की संभावनाओं और राज्य के शिक्षा क्षेत्र में सुधार सहित विभिन्न मुद्दों पर सार्थक बातचीत की। वहां बोस ने अधिक सार्थक विधायी बहसों को प्रोत्साहित करने और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच लोकतांत्रिक संवाद के लिए एक वातावरण बनाने के बारे में भी अपने विचार साझा किए।

परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस की कमान मिलने पर सचिन पायलट ने दी बधाई

नई दिल्ली। कांग्रेस ने पंजाब में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की है। पंजाब में परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी गई है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने परगट सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करेगी। सचिन पायलट ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, ”पंजाब कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह जी को मैं बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।” उन्होंने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा, ”मैं आशा करता हूं कि आने वाले विधानसभा चुनावों में आपके नेतृत्व में पार्टी बेहतरीन प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे जी एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी के विचारों को आप जनता तक पहुंचाने का कार्य पूरी प्रतिबद्धता और निष्ठा के साथ करेंगे।” पायलट ने कहा कि पंजाब बदलाव की राह देख रहा है और ऐसे समय में कांग्रेस को अपने संगठन को और मजबूत करते हुए जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाना होगा। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के कार्यकाल की भी सराहना की। पायलट ने कहा, ”मैं राजा वड़िंग जी को भी उनके कार्यकाल के दौरान पार्टी और संगठन की मजबूती के लिए अथक परिश्रम और योगदान के लिए धन्यवाद देता हूं।” कांग्रेस ने पंजाब में संगठनात्मक बदलाव करते हुए परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह प्रदेश संगठन की कमान संभालेंगे। पार्टी ने राजा वड़िंग के कार्यकाल के दौरान उनके योगदान की सराहना की है। इसके साथ ही कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि पंजाब में विभिन्न चुनाव संबंधी समितियों के वर्किंग प्रेसिडेंट, चेयरपर्सन और को-चेयरपर्सन पहले की तरह अपने पदों पर बने रहेंगे। पंजाब के साथ कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में भी प्रदेश संगठन के नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के योगदान की भी सराहना की है। इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में चौधरी वीरेंद्र सिंह की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इन नियुक्तियों से संबंधित प्रेस रिलीज कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी की गई। उत्तर प्रदेश और पंजाब में इन बदलावों के साथ कांग्रेस ने दोनों राज्यों में अपने प्रदेश संगठन को नया नेतृत्व सौंपा है। वहीं, पंजाब कांग्रेस की कमान मिलने के बाद परगट सिंह के सामने अब संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया है, वो भी जाएगा: राहुल गांधी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया है, वो भी जाएगा। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज गांधी जयंती है और आज ही हजारों नौजवान वोट चोरी के खिलाफ सड़कों पर हैं। शांतिपूर्वक, बिना हिंसा के, अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए। उनकी मांग साफ है ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। राहुल गांधी ने आगे लिखा कि बापू ने यही सिखाया था – सच बोलो, शांति से लड़ो और यही सरकार को सबसे ज्यादा डराता है, क्योंकि लाठी से भीड़ रोकी जा सकती है, सवाल नहीं। ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया है, वो भी जाएगा। सीजेपी के साथ ही साथ वामपंथी छात्र संगठनों और कई अन्य संगठनों ने शुक्रवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी। वहीं, आम आदमी पार्टी समेत कई राजनीतिक दल के नेता भी प्रदर्शन करने पहुंच रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाया। कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

सपा सांसद नदवी का भाजपा पर हमला, बोले- जवानों के जज्बात कुचले, संस्थाओं की संप्रभुता खत्म की

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने 30 सितंबर को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि 2 अक्टूबर से पूरे देश में गठबंधन की पार्टियां चुनाव आयोग और वोट चोरी के मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध करेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के जरिए संस्थाओं की संप्रभुता खत्म की गई, नौजवानों और छात्रों के हितों को दफन किया जा रहा है, और मौजूदा सरकार में मजबूत लीडरशिप की कमी है। सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, “इंडिया गठबंधन की 30 सितंबर को जो बैठक हुई थी, उसमें 20 पार्टियों ने हिस्सा लिया था। उसमें तय हो गया था कि 2 अक्टूबर से पूरे देश में तमाम पार्टियां जो इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, और जो वहां शामिल नहीं हो पाई थीं लेकिन मुद्दों पर साथ हैं, उन्होंने भी विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। ज्ञानेश कुमार का जिस तरह से इस्तेमाल किया गया है और संस्थाओं की जो संप्रभुता थी, जो उनका अधिकार था, उसे खत्म किया गया है, उससे लोग बहुत नाराज हैं। भारतीय जनता यानी हिंदुस्तानी आवाम के मतों को छीनने का अधिकार संविधान ने किसी को नहीं दिया है।” उन्होंने कहा, “जो कुछ भी हो रहा है, यह हिंदुस्तानी आवाम की प्रतिक्रिया है। नौजवानों के जज्बातों को कुचला जा रहा है। छात्रों के जो हित हैं, उन्हें दफन किया जा रहा है। वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं। भेदभाव की सियासत ने देश की नींव हिला दी है और जब किसी देश के समाज में आपस में विश्वास की कमी हो जाए तो समझ लीजिए कि उसके ताने-बाने हिलने लगे हैं।” सपा सांसद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद देश के असल मुद्दे और चुनौतियां सामने हैं। अभी छह लोगों को, जो देशद्रोह के आरोप में पकड़े गए थे और जो म्यांमार और सेवन सिस्टर्स यानी नॉर्थ-ईस्ट में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल थे, उन्हें न जाने क्यों रातों-रात छोड़ दिया गया और देश से बाहर जाने दिया गया। गलवान घाटी में जो हुआ, हिंदुस्तान के इतिहास में इससे ज्यादा हमारे देश के जवानों के मनोबल और देश के गौरव व शान को पहली बार महसूस हुआ कि मजबूत नेतृत्व की कमी है। और जिस तरह ऑपरेशन सिंदूर के समय हमारे देश से युद्धविराम का ऐलान नहीं हो रहा है, बल्कि ट्रंप कर रहे हैं, यह भी कमजोरी की बात है। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, “यह स्पष्ट है कि देश के अंदर संविधान को कमजोर करने की जो साजिश है, देश के अंदर एसआईआर के माध्यम से जिस तरह से आज ज्ञानेश कुमार ने कमजोर किया है, वोट चोरी करने में भाजपा की मदद की है, हम भाजपा से सीधे लड़ रहे हैं।” पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रभारी प्रकाश जोशी ने कहा, “भाजपा ने दिमाग नहीं लगाया। अगर दिमाग लगाते तो फेयर चुनाव की बात करते। पिछले पांच महीने में जब से यह सरकार बनी है, जब से भाजपा के सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने हैं, वे पूरी तरह से निष्फल रहे हैं, पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं। उन्हें डर सता रहा है कि चुनाव हार सकते हैं। नहीं तो पांच महीने के अंदर अगर उपचुनाव हो रहा है तो इस तरह से सरकारी मशीनरी, चुनाव आयोग और पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग नहीं होता।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी के जो कार्यकर्ता खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं और उस पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है, यह नहीं होना चाहिए था। यह डरा हुआ, बौखलाया हुआ मुख्यमंत्री कर रहा है। प्रकाश जोशी ने कहा कि जिस सीट से आप आते हैं, उस सीट को आप नहीं संभाल पाए। आज नंदीग्राम की जनता जवाब देना चाहती है, आज रेजीनगर की जनता, जो हुमायूं कबीर के बहकावे में आ गई थी, वह जवाब देना चाहती है। वह समझ चुकी है कि हुमायूं कबीर भाजपा का ही एक डिजाइन था, उस डिजाइन का हिस्सा था। आज वो जवाब देना चाहते हैं, तो इसी बौखलाहट में वे ये सब कर रहे हैं। लेकिन इस बार की जनता जवाब देने वाली है।

चुनाव प्रचार में जेल नहीं, जनता से जुड़े मुद्दों पर बात होनी चाहिए, हिमंता बिस्वा सरमा का गौरव गोगोई पर तंज

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में जेल की बात करने के बजाय लोगों के जीवन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। गौरव गोगोई के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमा ने कहा कि चुनाव राजनीतिक दलों के लिए सड़क, शिक्षा, विकास और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा करने का मौका होता है। मुख्यमंत्री ने कहा, ”जब चुनाव आते हैं तो वोट के बारे में सोचना चाहिए, जेल के बारे में नहीं।” उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं को सड़क, स्कूल, कॉलेज और ओरुनोदोई जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर बात करनी चाहिए। सीएम सरमा ने कहा, ”जब चुनाव आते हैं तो सड़क, स्कूल, कॉलेज और ओरुनोदोई की बात करनी चाहिए।” सीएम सरमा ने जेल की राजनीति और आम मतदाताओं की चिंताओं के बीच अंतर बताते हुए कहा कि जेल में बंद कैदी वोट नहीं देते। आम जनता वोट देती है। यह बयान 6 अक्टूबर को होने वाले नगांव लोकसभा उपचुनाव से पहले भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपना प्रचार तेज कर दिया है और एक-दूसरे पर हमले भी बढ़ गए हैं। गौरव गोगोई असम में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं, जबकि हिमंता बिस्वा सरमा राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख प्रचारकों में से एक हैं। 2026 के असम विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी सरमा और गोगोई के बीच शासन, कल्याणकारी योजनाओं और राजनीतिक विवादों सहित कई मुद्दों पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी। ताजा बयान असम में जारी व्यापक राजनीतिक मुकाबले को भी दिखाता है, जहां अलग-अलग दल विकास, शासन और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़े अपने-अपने मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाने की कोशिश कर रहे हैं। नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर को होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। ऐसे में चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ सरमा और गोगोई के बीच राजनीतिक बयानबाजी चुनावी चर्चा का प्रमुख हिस्सा बने रहने की संभावना है।