फॉर्म 6 को लेकर राहुल गांधी के पोस्ट को चुनाव आयोग ने बताया भ्रामक

नई दिल्ली। मतदाता पंजीकरण से जुड़े फॉर्म 6 को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पोस्ट को चुनाव आयोग ने भ्रामक बताया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर फॉर्म 6 में ‘अवैध और एकतरफा’ बदलाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे बीजेपी की मदद के लिए पद के दुरुपयोग से भी जोड़ा। राहुल गांधी के इन आरोपों पर चुनाव आयोग ने दावे का फैक्ट चेक जारी करते हुए ‘भ्रामक’ बताया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब यह ‘संदेह से परे स्थापित’ हो चुका है कि ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म 6 को अवैध और एकतरफा तरीके से बदला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बीजेपी की मदद करने के लिए ज्ञानेश कुमार द्वारा अपने पद के दुरुपयोग का एक और सबूत है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि ‘लोकतंत्र पर आपराधिक हमले’ में शामिल ज्ञानेश कुमार और अन्य सभी लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी। राहुल गांधी ने अपने दावे के साथ चुनाव आयोग की प्रेस नोट का एक हिस्सा भी साझा किया था। इसमें फॉर्म 6 और एसआईआर को लेकर कहा गया था कि एसआईआर के लिए फॉर्म 6 से जुड़ा डिक्लेरेशन सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखा गया है। वहीं, गैर-एसआईआर अवधि के दौरान रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के अनुसार लागू फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। राहुल गांधी के आरोप के बाद इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने भी एक्स पर जवाब दिया और ‘फैक्ट चेक’ जारी करते हुए उनके बयान को भ्रामक बताया। आयोग ने कहा कि बिहार में एसआईआर के लिए 24 जून 2025 का आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी के साथ जारी हुआ था। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में बरकरार रखा था। दूसरी तरफ, ईसीआई ने कहा कि उसने 26 सितंबर 2026 की प्रेस नोट नं. 120 के पॉइंट 1(iii) में स्पष्ट किया था कि एसआईआर के लिए फॉर्म 6 के साथ संलग्न डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। इस तरह चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के उस आरोप को खारिज किया कि संबंधित फैसला एकतरफा तरीके से लिया गया था। फॉर्म 6 को लेकर राहुल गांधी इससे पहले 1 अक्टूबर को भी चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने एक्स पोस्ट में दावा किया था कि ऑनलाइन फॉर्म 6 को अवैध रूप से बदला गया और कहा था कि चुनाव आयोग के अपने कमिश्नर्स ने भी इस मुद्दे को रिकॉर्ड पर रखा है। इसके साथ ही राहुल गांधी ने टीसीएस की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए थे। उन्होंने पूछा था कि ईसीआई में किसने टीसीएस को ऑनलाइन फॉर्म 6 में बदलाव करने का आदेश दिया? टीसीएस में किसने इस बदलाव को मंजूरी दी? और क्या बदलाव करने के लिए टीसीएस पर किसी तरह का दबाव बनाया गया था? अब राहुल गांधी ने फॉर्म 6 का मुद्दा दोबारा उठाते हुए सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि राहुल गांधी का बयान भ्रामक है। आयोग ने अपने फैक्ट चेक में बिहार एसआईआर के 24 जून 2025 के आदेश को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया बताया है।

लंदन से शिकागो जा रही ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट ने बीच उड़ान में घोषित की इमरजेंसी; 9,000 फीट तक नीचे उतरा

नई दिल्ली। लंदन से शिकागो जा रही ब्रिटिश एयरवेज की एक फ्लाइट ने आयरलैंड के ऊपर उड़ान भरते समय आपातकाल (इमरजेंसी) घोषित कर दिया। इसके बाद विमान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल होने वाला 7700 इमरजेंसी ट्रांसपोंडर कोड प्रसारित किया और लगभग 9,000 फीट की ऊंचाई तक नीचे उतर आया। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटराडार24 के अनुसार, ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट बीए295 अटलांटिक महासागर के मार्ग पर थी, जब उसने आपात स्थिति का संकेत भेजा। विमान के अचानक नीचे उतरने और 7700 कोड प्रसारित करने से विमानन विशेषज्ञों और एविएशन पर्यवेक्षकों का ध्यान इस घटना की ओर गया। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विमान में किस प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई थी। विमान द्वारा प्रसारित 7700 कोड एक सामान्य आपात स्थिति को दर्शाता है और इसका उपयोग तब किया जाता है जब एयर ट्रैफिक कंट्रोल को तत्काल सहायता की आवश्यकता के बारे में सूचित करना हो। विशेषज्ञों के अनुसार, 7700 कोड यह तो बताता है कि विमान किसी आपात स्थिति का सामना कर रहा है, लेकिन यह उसके कारण की जानकारी नहीं देता। इसके पीछे तकनीकी खराबी, चिकित्सा आपात स्थिति या अन्य परिचालन संबंधी कारण हो सकते हैं। ब्रिटिश एयरवेज ने तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है कि इमरजेंसी घोषित करने की वजह क्या थी। विमान की स्थिति और उसके बाद की उड़ान से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। यह घटना कुछ दिन पहले हुई एक अन्य चर्चित विमानन आपात स्थिति के बाद सामने आई है, जिसमें फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 को दुबई से तेल अवीव जाते समय कॉकपिट में कथित हमले के बाद रास्ता बदलना पड़ा था। उस मामले में विमान ने 7700 के साथ-साथ 7500 कोड भी प्रसारित किया था। 7500 कोड आमतौर पर विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या संभावित हाईजैकिंग जैसी स्थिति का संकेत देता है। रिपोर्टों के अनुसार, 30 सितंबर को हुई उस घटना में बोइंग 737 मैक्स 8 विमान में 174 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। कथित कॉकपिट विवाद के बाद विमान तेजी से नीचे उतरा था। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतार लिया गया था। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ब्रिटिश एयरवेज की बीए295 उड़ान की घटना का फ्लाईदुबई मामले से कोई संबंध नहीं है। फिलहाल दोनों घटनाओं को अलग-अलग मामलों के रूप में देखा जा रहा है। विमानन अधिकारियों और ब्रिटिश एयरवेज की ओर से विस्तृत जानकारी आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बीए295 द्वारा आपात स्थिति घोषित करने के पीछे वास्तविक कारण क्या था। फिलहाल जांच और तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है।

विंटर शेड्यूल से पहले नवी मुंबई एयरपोर्ट ने बढ़ाई कनेक्टिविटी, बस, टैक्सी और शटल सेवाओं का किया विस्तार

अहमदाबाद। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) द्वारा संचालित नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) ने आगामी विंटर शेड्यूल 2026-27 से पहले अपने मल्टीमॉडल परिवहन नेटवर्क का विस्तार किया है। इसका उद्देश्य मुंबई, नवी मुंबई, पुणे और पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंच को अधिक आसान और सुविधाजनक बनाना है। एनएमआईए ने एक बयान में सोमवार को बताया कि 25 अक्टूबर 2026 से 27 मार्च 2027 तक लागू रहने वाले विंटर शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए बसों, टैक्सियों, ऑटो-रिक्शा, कार रेंटल और एयरपोर्ट शटल सेवाओं का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, इस योजना के तहत महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) 7 अक्टूबर से ई-शिवाई इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू करेगा। पहले चरण में ये सेवाएं नवी मुंबई एयरपोर्ट को दादर, बोरीवली और पुणे से जोड़ेंगी। वहीं, किराया पुणे के लिए 450 रुपए, बोरीवली के लिए 210 रुपए और दादर ईस्ट के लिए 170 रुपए तय किया गया है। बयान में कहा गया है कि 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के साथ यात्रा करने वाली महिलाओं को 50 प्रतिशत किराया छूट भी मिलेगी। दादर-एनएमआईए मार्ग सायन और अटल सेतु के माध्यम से संचालित होगा, जबकि बोरीवली मार्ग सीएसएमआईए टर्मिनल-1, बांद्रा और अटल सेतु से होकर गुजरेगा। पुणे रूट पर प्रतिदिन दो बस सेवाएं संचालित की जाएंगी। इसके अलावा नवंबर के मध्य तक ठाणे और नासिक को भी एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है। निजी बस ऑपरेटर चलो बस पहले से ही प्रतिदिन 21 सेवाएं संचालित कर रहा है, जो एयरपोर्ट को मारोल (अंधेरी ईस्ट), बांद्रा, दादर और कोलाबा स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से जोड़ती हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए पीक आवर्स में अतिरिक्त सेवाएं भी जोड़ी जा रही हैं। नवी मुंबई के भीतर नवी मुंबई म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट (एनएमएमटी) एयरपोर्ट के लिए सात विशेष रूट (ए1 से ए7) संचालित कर रहा है। ये सेवाएं टर्मिनल-1 को खारकोपर, तारघर, बेलापुर, नेरुल, पनवेल, खांदेश्वर और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट ऑफिस से जोड़ती हैं। बेलापुर और नेरुल के बीच पीक समय में हर 15-20 मिनट पर बसें उपलब्ध हैं। आगे चलकर वाशी और पनवेल की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की भी योजना है। बयान में आगे कहा गया है कि एयरपोर्ट ने अंतिम मील कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए टैक्सी और ऑटो सेवाओं का भी विस्तार किया है। उबर गो, उबर प्रीमियर और उबर ऑटो जैसी सेवाएं यात्रियों को ऑन-डिमांड परिवहन सुविधा प्रदान करेंगी। इसके अलावा, प्रीपेड टैक्सी, प्रीपेड ऑटो और कार रेंटल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। भारत टैक्सी 10 अक्टूबर से एयरपोर्ट पर अपनी सेवाएं शुरू करेगी और प्रारंभिक चरण में 40 वाहनों का बेड़ा उपलब्ध कराएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) और छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सीएसएमआईए) के बीच निःशुल्क शटल सेवा भी शुरू की जा रही है। सिटीफ्लो, आर्या और चलो द्वारा संचालित यह सेवा हर घंटे उपलब्ध होगी और मुंबई के दोनों एयरपोर्ट के बीच सीधा ट्रांसफर प्रदान करेगी। कुल मिलाकर एयरपोर्ट की ग्राउंड ट्रांसपोर्ट क्षमता बढ़ाकर 4,689 वाहनों और सेवाओं तक पहुंचाई जा रही है, जिसमें 3,787 ऐप-आधारित टैक्सियां, 184 कार रेंटल वाहन, 171 ऑटो-रिक्शा और 547 बसें शामिल हैं। यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए एयरपोर्ट पर नई साइनज व्यवस्था, उन्नत वे-फाइंडिंग सिस्टम और ऑन-ग्राउंड सहायता सेवाएं भी शुरू की जा रही हैं। बसों, शटल सेवाओं, आगमन, प्रस्थान और निजी वाहनों के लिए अलग-अलग समर्पित क्षेत्र भी विकसित किए गए हैं।

मॉस्को फॉर्मेट बातचीत के दौरान भारत ने अफगानिस्तान के लिए अपना समर्थन दोहराया

मॉस्को। भारत ने सोमवार को फिर से कहा कि वह अफगानिस्तान के लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और अफगानिस्तान की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है। अफगानिस्तान पर 8वीं मॉस्को फॉर्मेट बातचीत में शामिल भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया। रूस में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल (राजदूत विनय कुमार और जेएस पीएआई डॉ. एम. सुरेश कुमार) ने 5 अक्टूबर 2026 को मॉस्को में रूसी विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित अफगानिस्तान पर 8वीं मॉस्को फॉर्मेट बातचीत में भाग लिया। अफगानिस्तान के साथ अपनी पुरानी दोस्ती के आधार पर, भारत अफगानिस्तान के लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और अफगानिस्तान की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है। पिछले महीने, भारत ने अफगानिस्तान को दी जा रही मानवीय सहायता के तहत काबुल में जीवन रक्षक दवाओं और मेडिकल सामान की एक और खेप पहुंचाई। विदेश मंत्रालय ने एक पोस्ट में कहा कि अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत की मानवीय सहायता जारी है। भारत से एक और खेप काबुल पहुंच गई है, जिसमें शहर के सरकारी अस्पताल के लिए जीवन रक्षक दवाएं और मेडिकल सामान शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत की मानवीय सहायता का मुख्य हिस्सा है। यह कदम अफगानिस्तान को मानवीय सहायता (जरूरी दवाएं, राहत सामग्री और अन्य मदद शामिल) देने की भारत की लगातार कोशिशों के तहत उठाया गया है। 20 अगस्त को, भारत ने काबुल के एक सरकारी अस्पताल में दवाएं और मेडिकल का सामान पहुंचाया और अफगानिस्तान के लोगों के साथ अपनी स्वास्थ्य साझेदारी को फिर से मजबूत किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाना! अफगानिस्तान के दोस्ताना लोगों के साथ अपनी मजबूत स्वास्थ्य साझेदारी को दोहराते हुए भारत ने काबुल के एक सरकारी अस्पताल में दवाएं और मेडिकल का सामान पहुंचाया। जुलाई में, नूरिस्तान में आई भयानक बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत ने अफगानिस्तान के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी को राहत सामग्री पहुंचाई थी।

असम पुलिस ने सीएम की फर्जी तस्वीर फैलाने वालों पर कार्रवाई की, कांग्रेस नेता हिरासत में

गुवाहाटी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोमवार को बताया कि असम पुलिस ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की एक फर्जी और मॉर्फ की गई (बदलाव की गई) तस्वीर फैलाने में शामिल कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएमओ ने चेतावनी दी कि मनगढ़ंत कंटेंट बनाने, शेयर करने या उसे आगे बढ़ाने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ के अनुसार, पुलिस ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की बदली हुई तस्वीर फैलाने में शामिल लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएमओ ने कहा कि मनगढ़ंत कंटेंट फैलाने और जनता को गुमराह करने की ऐसी जानबूझकर की गई कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसमें यह भी कहा गया कि ऐसे फर्जी कैंपेन बनाने, शेयर करने या उन्हें आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यह घटनाक्रम हिमंत बिस्वा सरमा की कथित तौर पर मॉर्फ की गई तस्वीर को लेकर हुए विवाद के बीच सामने आया है, जिसे सोशल मीडिया पर फैलाया गया था। इस बीच, असम पुलिस ने तस्वीर फैलाने के मामले में एक कांग्रेस नेता को हिरासत में लिया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोलपारा जिला कांग्रेस सोशल मीडिया सेल की उपाध्यक्ष के तौर पर पहचानी गईं क्वीन हजारिका को मॉर्फ की गई तस्वीर शेयर करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक महिला के साथ दिखाई दे रहे थे। पुलिस का आरोप है कि इस तस्वीर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके बदला गया था और फिर ऑनलाइन फैलाया गया। खबरों के मुताबिक, कांग्रेस नेता को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर नकली तस्वीर शेयर करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई से असम में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि मशहूर हस्तियों को निशाना बनाने के लिए बदली हुई या एआई से बनी सामग्री का इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई का मकसद जानबूझकर नकली सामग्री फैलाने और जनता को गुमराह करने की कोशिशों को रोकना था।

पंजाब में सिस्टम पूरी तरह चरमराया, ड्रग्स-रंगदारी का खुला खेल: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पंजाब की कानून व्यवस्था, मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग, एसआईआर, चुनाव आयोग, उत्तर प्रदेश के राज्यसभा उम्मीदवारों और राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेतृत्व के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति को बेहद खराब बताते हुए भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा। वहीं, चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के रुख का हवाला दिया। पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर आरपी सिंह ने कहा कि राज्य में स्थिति बेहद खराब और लगातार बिगड़ती जा रही है। पंजाब में हत्याएं हो रही हैं, ड्रग्स का खुलेआम कारोबार चल रहा है और फिरौती तथा रंगदारी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। लोगों को फोन करके धमकियां दी जाती हैं कि अगर तय रकम शाम तक नहीं भेजी गई तो उनके बेटे का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी जाएगी। आरपी सिंह ने कहा कि पंजाब में सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है। स्थिति सिर्फ आम लोगों के लिए ही चिंताजनक नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मी भी हथियारबंद अपराधियों के निशाने पर हैं। उन्होंने पंजाब सरकार से कानून-व्यवस्था पर गंभीरता से काम करने की मांग की। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग की ओर मार्च किए जाने को लेकर आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना है, लेकिन विरोध तार्किक आधार पर होना चाहिए। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट गए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल निलंबन से इनकार कर दिया। अदालत ने अब मामले में सीईसी को अपना जवाब दाखिल करने के लिए तारीख और समय दिया है। इसके बावजूद विपक्ष प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट के फैसले और प्रक्रिया पर भरोसा है तो फिर इस तरह के प्रदर्शन की जरूरत क्यों पड़ रही है। भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी पर आरपी सिंह ने कहा कि अय्यर कांग्रेस के नेता हैं और अब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को जवाब देना होगा कि क्या भारत को आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने मणिशंकर अय्यर के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की क्षमता होने की बात कहते हुए बातचीत की मेज पर बैठने की जरूरत बताई थी। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर उसकी नीति क्या है। उत्तर प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपी सिंह ने कहा कि पार्टी ने सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए आठ नए चेहरों का चयन किया है। इन उम्मीदवारों से उम्मीद है कि वे राज्यसभा की गरिमा बढ़ाएंगे और उच्च सदन में प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। उम्मीदवारों का चयन पार्टी के संगठनात्मक दृष्टिकोण और सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर किया गया है। राहुल गांधी के चुनावी मुद्दों को लेकर आरपी सिंह ने कहा कि बिहार चुनाव से पहले राहुल गांधी ने ‘वोट अधिकार यात्रा’ निकाली थी, लेकिन बाद में तेजस्वी यादव ने भी अपनी अलग यात्रा शुरू की। बिहार की जनता ने इन प्रयासों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के रुख पर भी सवाल उठाया। आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, वहां एसआईआर और चुनाव आयोग की प्रक्रिया ठीक बताई जाती है, जबकि चुनाव हारने के बाद वही प्रक्रिया गलत बताई जाने लगती है। उन्होंने केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और झारखंड का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष की सरकार बनने या चुनाव जीतने पर चुनाव आयोग को लेकर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन हार के बाद आयोग पर आरोप लगाए जाते हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस में कानून और संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुसार काम होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति के आदेश से चलने वाली निजी पार्टी नहीं है। ईवीएम के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले भी कई बार इस सवाल को उठा चुका है। ईवीएम को लेकर मामला अदालत तक गया था और अदालत में विपक्ष को राहत नहीं मिली। उन्होंने कांग्रेस के पुराने चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने 2004 और 2009 के चुनाव भी इसी ईवीएम व्यवस्था के माध्यम से जीते थे। आरपी सिंह ने आगे कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर ईवीएम और चुनाव आयोग सही बताए जाते हैं, जबकि हार के बाद उसी व्यवस्था पर सवाल उठाना राजनीतिक सुविधा के अनुसार मुद्दा उठाने जैसा है। उन्होंने विपक्ष से चुनावी हार की समीक्षा करने और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार आरोप लगाने के बजाय जनता के बीच अपने काम और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देने की बात कही।

सर्जियो गोर ने एडमिरल पापारो की भारत में मेजबानी की, भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी पर दिया जोर

नई दिल्ली। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल पापारो की भारत में मेजबानी की। अमेरिकी पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो, अमेरिका-भारत की अहम रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच सेनाओं के आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक भारत के दौरे पर हैं। सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा कर लिखा, “भारत में एडमिरल सैमुअल पापारो की मेजबानी करना सम्मान की बात है। अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य नेताओं में से एक, एडमिरल पापारो अमेरिकी प्रशांत कमान (यूएस पैसिफिक कमांड) का नेतृत्व करते हैं, जो देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी भौगोलिक लड़ाकू कमान है। यह कमान लगभग आधी दुनिया में फैले क्षेत्र में लगभग चार लाख सैन्य और असैन्य कर्मियों की निगरानी करती है।” सर्जियो गोर के अनुसार, इस दौरान एडमिरल पापारो ने भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, वायु सेना के उप-प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल तेजिंदर सिंह और अन्य वरिष्ठ भारतीय रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। गोर ने कहा कि यह शाम अमेरिका-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी की बढ़ती मजबूती, महत्वाकांक्षा और महत्व को दर्शाती है। अपने छह दिवसीय भारत दौरे पर एडमिरल पापारो साझा सुरक्षा प्राथमिकताओं, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, उभरती प्रौद्योगिकियों, क्षेत्रीय रणनीतिक स्थिरता और हिंद-प्रशांत में समुद्री सहयोग पर चर्चा करेंगे। इससे पहले एडमिरल पापारो ने रविवार को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से भी मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “अमेरिकी प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से मिलकर खुशी हुई। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हमारी सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।” एडमिरल सैमुअल जे. पापारो शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा का मकसद भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना है। सर्जियो गोर ने भारत पहुंचने पर एडमिरल पापारो का गर्मजोशी से स्वागत किया।

‘एक वोट की ताकत’: बोंगईगांव मेडिकल कॉलेज का वादा पूरा करने पर बोले सीएम सरमा

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को बोंगईगांव मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करते हुए राज्य सरकार के विकास एजेंडे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट उस सिद्धांत को दिखाता है जिसके तहत जिन कामों की नींव रखी जाती है, उन्हें पूरा करके उनका उद्घाटन भी किया जाता है। लोगों को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की नींव 2021 में रखी गई थी और अब वही प्रोजेक्ट पूरा हो गया है और उसका उद्घाटन किया गया है। विकास कार्यों में जनता के समर्थन की भूमिका का जिक्र करते हुए सरमा ने कहा कि आपके एक वोट की ताकत ने ही सरकारों को ऐसे प्रोजेक्ट लागू करने में सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का यह सिद्धांत है कि जिस भी प्रोजेक्ट की नींव रखी जाए, उसे पूरा करके उसका उद्घाटन भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2021 में बोंगईगांव मेडिकल कॉलेज की नींव रखी गई थी, और आज, भगवान की कृपा से, हमें उसी मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करने का सौभाग्य मिला है। यह उद्घाटन गुवाहाटी और अन्य बड़े शहरी केंद्रों से बाहर मेडिकल शिक्षा और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के असम के बड़े प्रयासों का हिस्सा है। राज्य सरकार असम के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की नीति पर काम कर रही है ताकि स्पेशलाइज्ड हेल्थकेयर तक पहुंच बेहतर हो सके और ट्रेंड डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाई जा सके। पिछले कुछ सालों में, असम में मेडिकल एजुकेशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए सरकार ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कई नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए हैं। इस विस्तार का मकसद दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों के मरीजों की बेहतर इलाज के लिए गुवाहाटी के बड़े अस्पतालों पर निर्भरता को कम करना भी है। उम्मीद है कि बोंगईगांव मेडिकल कॉलेज, बोंगईगांव और आस-पास के जिलों के मरीजों की सेवा करेगा और साथ ही स्थानीय छात्रों को घर के पास मेडिकल की पढ़ाई करने का मौका भी देगा। असम सरकार ने बार-बार कहा है कि उसका लंबे समय का लक्ष्य राज्य के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोलना है। यह पहल अस्पतालों, मेडिकल एजुकेशन सुविधाओं और दूसरे हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ-साथ की जा रही है। सरकार ने मेडिकल कॉलेजों के विस्तार को राज्य में डॉक्टरों और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की संख्या बढ़ाने की जरूरत से भी जोड़ा है। सरमा ने अक्सर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को राज्य की विकास रणनीति का एक अहम हिस्सा बताया है, खासकर बड़े शहरों के बाहर के इलाकों में हेल्थकेयर तक पहुंच बेहतर बनाने के लिए।

फ्लाईदुबई फ्लाइट की घटना पर ईरान बोला- स्मित मच्छार ने बचाईं जानें, पूरी इजरायल की साजिश

मुंबई। फ्लाईदुबई फ्लाइट की घटना पर मुंबई में ईरान के कॉन्सल जनरल सईद रजा मोसायेब मोतलाघ ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर की सराहना करते हुए कहा कि मानव जीवन बचाना हमेशा सराहनीय है और पायलट ने अपनी सूझबूझ से सैकड़ों जानें बचाईं। साथ ही उन्होंने इजरायल पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि यह पूरी घटना प्रधानमंत्री पद के चुनाव से पहले टकराव पैदा करने के लिए खुद इजरायल द्वारा ही रची गई थी। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ने और भारतीय बाजार में आई गिरावट के बीच अमेरिका के न रुकने की वजह से आने वाले हालात को लेकर मुंबई में ईरान के कॉन्सल जनरल सईद रजा मोसायेब मोतलाघ ने कहा, “यह बिल्कुल स्पष्ट है। अगर आप इस हमले से पहले की स्थिति को देखें तो होर्मुज पूरी तरह से खुला था, बिना किसी प्रतिबंध के और देश इसका स्वतंत्र रूप से उपयोग कर रहे थे। दरअसल, इस वजह से ईरान को दो बड़े नुकसान झेलने पड़ रहे थे।” उन्होंने आगे कहा कि पहला, ईरान का दुश्मन ठीक उसकी सीमाओं के पास मौजूद था, जैसा कि हमने देखा। दूसरा, जब हम प्रतिबंधों के अधीन थे, तब अन्य देश होर्मुज का अधिकतम उपयोग कर रहे थे, जबकि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान संयम बरत रहा था और इस आवाजाही में कोई बाधा नहीं डाल रहा था। हाल ही में इजरायल ने कहा कि वह आतंकवाद को खत्म करने के लिए गहराई तक जाएगा और कुछ बड़े की योजना बना रहा है, इस पर ईरानी राजनयिक ने कहा कि उन्होंने अपनी कुटिल मंशा के लिए इस योजना को अंजाम दिया है और अब वे हालात का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें इस बात से भी कोई परहेज नहीं है कि इस प्रक्रिया में भारी संसाधनों का नुकसान हो या कई देश गंभीर मुश्किलों में धकेले जाएं। उन्होंने आगे कहा कि हमने इसे करीब सात महीने पहले इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ उनके द्वारा किए गए हमले और आक्रामकता में देखा है। देखिए कि इसके परिणाम क्षेत्र के लिए और भारत जैसे देश के लिए भी क्या रहे हैं। आप देख सकते हैं कि लोगों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है और किस तरह अन्य देश भी इन समस्याओं में घसीटे गए हैं। फ्लाईदुबई फ्लाइट की घटना पर उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से हाल के दिनों में हमने एक ऐसी घटना देखी है जो बेहद संदिग्ध है और इसे लेकर काफी चर्चा और अटकलें लग रही हैं। दरअसल, इस इंटरव्यू के शुरू होने से ठीक पहले भी मैं इस मामले पर एक लेख पढ़ रहा था, लेकिन किसी भी स्थिति में कोई भी घटना जो मानव जीवन को जोखिम में डालती है, वह खेदजनक और अस्वीकार्य है। भारतीय पायलट स्मित मच्छार द्वारा कई इजरायलियों की जान बचाने पर सईद रजा ने कहा कि मानव जीवन को बचाना, चाहे वह कहीं भी हो या कोई भी पद पर हो, सराहनीय है। इस मामले में पायलट ने अपनी जान भी बचाई है। इस घटना को लेकर काफी विवाद और अटकलें रही हैं, लेकिन एक बार फिर मैं कहूंगा कि मानव जीवन बचाने का कोई भी प्रयास सराहना के योग्य है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल में प्रधानमंत्री पद के चुनाव नजदीक होने के कारण इजरायल ने फ्लाईदुबई की इस उड़ान वाली घटना की पहले से योजना बनाई थी, तो मुंबई में ईरान के कॉन्सल जनरल मोतलाघ ने कहा, “स्वाभाविक रूप से, आप इस बात को लेकर निश्चित हो सकते हैं। जैसा कि मैंने अपने पिछले जवाबों में कहा था, मैंने इस मुद्दे से जुड़े कई पहलुओं और विवादों का जिक्र किया था और तब भी यही बात कही थी। दुर्भाग्य से उनके उद्देश्य इतने स्वार्थी और लापरवाह हो गए हैं कि अब हम देख रहे हैं कि वे किसी एक व्यक्ति या किसी खास समूह के अस्तित्व को बचाने के लिए, जरूरी नहीं कि अपने शासन के अस्तित्व के लिए ही, दुनिया भर में टकराव पैदा कर रहे हैं।” इजरायल का कहना है कि शुरुआती जांच के मुताबिक ओमानी को-पायलट के आईआरजीसी से संबंध थे और यह एक आतंकी हमला था। इसे लेकर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर काफी विवाद रहा है। जब आप इससे जुड़ी परिस्थितियों को देखते और उनका अध्ययन करते हैं, तो आपको एहसास होता है कि इस बात की प्रबल संभावना है कि यह पूरी घटना खुद इजरायलियों द्वारा ही रची गई हो। घटना से ठीक एक दिन पहले आपने देखा कि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अनिवार्य रूप से इस संभावना के बारे में एक बयान जारी किया था कि कुछ हो सकता है और अगले ही दिन यह घटना घट गई।

तब्बू ने फिल्म ‘निन्ने पेल्लाडाथा’ के 30 साल पूरे होने पर मनाया जश्न, बोलीं- समय की कसौटी पर खरी उतरी कहानी

मुंबई। एक्ट्रेस तब्बू ने सोशल मीडिया पर एक प्यारी और दिल को छू लेने वाली पोस्ट के साथ नागार्जुन के साथ अपनी रोमांटिक एंटरटेनर फिल्म ‘निन्ने पेल्लाडाथा’ के 30 साल पूरे होने का जश्न मनाया। सोमवार को तब्बू ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर कृष्णा वामसी की डायरेक्ट की हुई फिल्म की कुछ झलकियां शेयर कीं। उन्होंने बताया कि ‘निन्ने पेल्लाडाथा’ एक ऐसी कहानी है जिसने बहुत से लोगों के दिलों को छुआ और समय की कसौटी पर खरी उतरी। तब्बू ने आगे कहा कि इस फैमिली ड्रामा के गाने आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह रखते हैं। ‘निन्ने पेल्लाडाथा’ के 3 दशक पूरे होने पर, उन्होंने फोटो-शेयरिंग ऐप पर लिखा, “एक ऐसी रोमांटिक कहानी जिसने दिल जीत लिए, एक ऐसी कहानी जो समय की कसौटी पर खरी उतरी, और ऐसे गाने जो पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करते रहे हैं। निन्ने पेल्लाडथा के सदाबहार जादू और तीन यादगार दशकों के इसके खूबसूरत सफर का जश्न मनाते हुए।” पुरानी यादों को ताज़ा करते हुए, कमेंट सेक्शन में लोगों ने कहा, “ओह माय गॉड, 30 साल हो गए और मुझे अब भी इससे प्यार है”, और “यह मेरी अब तक की पसंदीदा फिल्मों में से एक है।” कृष्णा वामसी द्वारा लिखित और डायरेक्ट की गई ‘निन्ने पेल्लाडाथा’ को नागार्जुन ने अन्नपूर्णा स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया था। इस प्रोजेक्ट में नागार्जुन ने सीनू और तब्बू ने महालक्ष्मी “पांडु” का किरदार निभाया था। इनके अलावा, चलपति राव, गिरी बाबू, चंद्र मोहन, आहुति प्रसाद, ब्रह्माजी, बनर्जी, रवि तेजा, सी.वी.एल. नरसिम्हा राव, जीवा, उत्तेज, पृथ्वीराज, लक्ष्मी, रमा प्रभा, मंजू भार्गवी, कविता, शानूर सना और रामाराजू जैसे कलाकारों ने भी इसमें अहम भूमिकाएं निभाई थीं। बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता के साथ-साथ, ‘निन्ने पेल्लाडाथा’ को कई अवॉर्ड्स भी मिले, जिनमें 1996 का ‘तेलुगु में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म’ का नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी शामिल है। बाद में इस फिल्म को तमिल में ‘उन्नय्ये कल्याणम पन्निकिरेन’ नाम से डब किया गया और कन्नड़ में ‘प्रीथसोद थप्पा’ टाइटल के साथ इसका रीमेक भी बनाया गया। टेक्निकल क्रू की बात करें तो, इस ड्रामा का कैमरा वर्क के प्रसाद ने किया था, जबकि एडिटिंग का काम शंकर ने संभाला था। संदीप चौटा ने ‘निन्ने पेल्लाडाथा’ के लिए संगीत तैयार किया है, जो टॉलीवुड में उनका पहला काम है।