दिल्ली में युवाओं को फिटनेस और नशामुक्ति का संदेश देने के लिए निकाली साइकिल रैली

नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रविवार को फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का 84वां संस्करण आयोजित किया गया। इस बार कार्यक्रम की थीम ‘नशा मुक्त भारत’ रखी गई थी। साइकिल रैली के जरिए युवाओं को फिट रहने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने मिलकर साइकिल चलाई और साथ ही योग व अन्य फिटनेस गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। 2026 की एशियन यू-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट संजना ने भी इस आयोजन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, “आज मैं फिट इंडिया मूवमेंट के 84वें संस्करण में शामिल होने आई हूं। यह अभियान स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों और युवाओं को एक साथ लाता है। फिट इंडिया मूवमेंट को साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जन आंदोलन के रूप में शुरू किया था और अब केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया इस मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं।” फिट इंडिया चैंपियन और सर्टिफाइड फिटनेस एवं न्यूट्रिशन कोच सपना गोमला ने कहा, “यह प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया एक शानदार कदम है। नशा मुक्त भारत के विजन के जरिए यह हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरित कर रहा है। अगर हमारा देश नशे से मुक्त रहेगा तो युवा अपने करियर, अपने स्वास्थ्य, अपने परिवार और अपने सपनों पर ध्यान दे पाएंगे। इसलिए मुझे लगता है कि नशा मुक्त भारत एक बहुत जरूरी पहल है।” फिट इंडिया एंबेसडर और डाइट एवं फिटनेस एक्सपर्ट स्वाति सोढ़ी ने बताया, “फिट इंडिया मूवमेंट 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत शुरू हुआ था। यह पूरे देश का जन आंदोलन है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के नेतृत्व में संडे ऑन साइकिल पहल एक राष्ट्रीय फिटनेस आंदोलन बन गई है। आज हम इस अभियान के 84वें संस्करण में हैं। इसका फोकस स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों और युवाओं को इस मिशन से जोड़ना है और साथ ही नशा मुक्त भारत का संदेश हर घर तक पहुंचाना है।” दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री विनय आर्य ने कहा, “मेरे हिसाब से यह भारत सरकार की सबसे बेहतरीन पहलों में से एक है। आज जिस तरह से इसे आयोजित किया गया वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है। मैंने खुद देखा कि हजारों युवा साइकिलिंग, योग और अन्य फिटनेस गतिविधियों में शामिल हुए। यह किसी प्रोफेशनल कॉरपोरेट इवेंट जैसा लगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करता हूं. जिन्होंने 2019 में फिट इंडिया मूवमेंट शुरू किया और यह तब से लगातार सफलतापूर्वक चल रहा है।

‘नशा मुक्त युवा’ अभियान की शुरुआत, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री बोले- इससे युवाओं का जीवन बदलेगा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने संबोधन दिया। डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान’ के लॉन्च के अवसर पर प्रधानमंत्री हमारे साथ हैं। हम उनका स्वागत करते हैं। जब देश आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष मना रहा था, उस वक्त लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री की ओर से विकसित भारत की संकल्पना की गई थी। इसी संकल्पना को साकार करने के लिए 140 करोड़ की जनता को सहयोगी के तौर पर देखा गया था। किसी भी देश को समृद्ध राष्ट्र बनने के लिए, देश के नागरिकों का स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक होता है।” उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक की ओर से स्वस्थ समाज का निर्माण किया जाता है और स्वस्थ समाज से समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। स्वस्थ समाज बनाने के लिए प्रधानमंत्री की ओर से देश के युवा सशक्त हों, इसका आह्वान किया गया है। अमृत काल में प्रधानमंत्री की ओर से मार्गदर्शन किया गया, और उन्होंने कहा कि देश के युवा अमृत काल के सारथी हैं। उन्होंने कहा कि युवा देश के लिए जिएं; युवाओं की अपेक्षाएं होती हैं, उनके मन में कई विचार होते हैं। युवाओं को मार्गदर्शन मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री की ओर से ‘माई भारत’ की स्थापना की गई थी। ‘माई भारत’ युवा संगठन आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दो करोड़ 26 लाख युवाओं का संगठन बन चुका है। मनसुख मांडविया ने कहा कि इसी संगठन ने प्रधानमंत्री के संकल्प को आगे बढ़ाया है। 15 अगस्त, 2020 को प्रधानमंत्री की ओर से लाल किले से ये भी कहा गया था कि देश को ‘नशा मुक्त’ बनाना है। प्रधानमंत्री के ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए ‘माई भारत’ युवा संगठन ने कमर कस ली है और इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि प्रधानमंत्री के इस संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए एक वर्ष पहले देश के सभी आध्यात्मिक गुरुओं और संगठनों के यूथ विंग्स को साथ लेकर, विविध नशा मुक्त कार्य से जुड़े लोगों को साथ लेकर दो दिवसीय आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया था। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री ने आगे कहा कि आध्यात्मिक युवा सम्मेलन में दो दिनों तक विचार विमर्श किया गया। युवाओं की ओर से देश को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ने के लिए ‘काशी आध्यात्मिक समिति घोषणा पत्र’ कार्य योजना बनाया गया। इसमें तय किया गया कि आने वाले दिनों में किस तरह के कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में 26 राज्यों के राज्यपाल उपस्थित हैं। एक करोड़ से अधिक युवाओं की ओर से संकल्प लिया गया है। 28 स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के एक आह्वान पर युवा शक्ति का जनआंदोलन खड़ा होना, बताता है कि प्रधानमंत्री पर मजबूत भरोसा कभी नहीं बदलने वाला है। मुझे विश्वास है कि यह अभियान युवाओं का जीवन बदलेगा।

मनीष पॉल: कॉमिक टाइमिंग ने बनाया सबका चहेता, छोटे पर्दे के लोकप्रिय एंकर से लेकर फिल्मों तक का सफर किया तय

मुंबई। बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में जब भी किसी बेहतरीन, ऊर्जावान और हाजिर जवाब होस्ट या एंकर का जिक्र होता है तो सबसे पहला नाम मनीष पॉल का आता है। 3 अगस्त 1981 को जन्मे मनीष ने अपने बेहतरीन सेंस ऑफ ह्मयूमर, अनूठे अंदाज और मंच पर जबरदस्त मौजूदगी के दम एक नया मुकाम हासिल किया है। मनीष पॉल आज टीवी, फिल्मों और ओटीटी प्लेटफार्म पर अपना जादू बिखेर रहे हैं। आज भी बॉलीवुड या टीवी के अवार्ड शो या अन्य कोई बड़ा कार्यक्रम मनीष पॉल अपने अनोखे अंदाज में एंकरिंग करते हुए दिखते हैं। मनीष पॉल का जन्म नई दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। पॉल ने अपनी स्कूली शिक्षा अपीजय स्कूल से की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज से पर्यटन में बीए किया। मनीष पॉल ने दिल्ली में एक होस्ट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। शुरू में कुछ दिनों तक स्कूलों और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एंकरिंग करते रहे। इसके बाद मुंबई चले गए और काम की तलाश में जुट गए। पॉल को 2002 में स्टार प्लस पर संडे टैंगो की मेजबानी करने का मौका मिला। मनीष, जी म्यूजिक के साथ एक वीजे भी रहे। रेडियो सिटी के मॉर्निंग ड्राइव टाइम शो ‘कसा काय मुंबई’ के साथ एक रेडियो जॉकी के तौर पर भी काम किया। मनीष पॉल ने ‘राधा की बेटियां कुछ कर दिखाएंगी’, जिंदादिल, शश्श…फिर कोई है, लव गुरु के साथ, ‘व्हील घर घर में’, कहानी शुरू और कुछ कुक होता है, जैसे टीवी सीरियलों में काम किया है। हालांकि मनीष को इन धारावाहिकों से कुछ खास पहचान नहीं मिली है। मनीष के करियर का असली ट्रनिंग प्वाइंट तब आया, जब उन्होंने रियलिटी शो की होस्टिंग शुरू की। सारेगामापा छोटे उस्ताद, डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स, नच बलिए, स्टार या रॉकस्टार (प्रतियोगी), झलक दिखला जा के कई सीजन को अपनी अनूठी कॉमिक टाइमिंग और ऊर्जा से जीवंत बना दिया। पॉल ने नेशनल ज्योग्राफिक पर साइंस ऑफ स्टुपिड की भी मेजबानी की है । मनीष पॉल ने टीवी के अलावा फिल्मों में भी हाथ आजमाया। 2010 में आई ‘तीस मार खान’ में नजर आए थे। वहीं, 2013 में आई ‘मिकी वायरस’ फिल्म में पहली बार मनीष मुख्य किरदार में नजर आए। इसके बाद उन्होंने ‘तेरे बिन लादेन-2’ में मुख्य भूमिका निभाई थी। 2022 में ‘जुगजुग जियो’ में गुरप्रीत का किरदार निभाया, जिसे लोगों ने पसंद किया। 2023 में आई वेबसीरीज ‘रफूचक्कर’ में भी मनीष पॉल ने मुख्य भूमिका निभाई है। मनीष पॉल की शादी 2007 में संयुक्ता पॉल से हुई, जो बंगाली हैं। वे स्कूल में मिले और 1998 के अंत में डेटिंग शुरू कर दी थी। जल्द ही, उनके परिवार एक-दूसरे को जान गए और आखिरकार उन्होंने शादी कर ली। उनकी एक बेटी है, जिसका जन्म 2011 में हुआ और एक बेटा है, जिसका जन्म 2016 में हुआ। मनीष ने 2011 में डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ एंकर का पुरस्कार जीता था।

भारी बारिश से कर्नाटक के शिवमोग्गा में भूस्खलन, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत

शिवमोग्गा। कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली तालुक में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक अस्थायी झोपड़ी मलबे में दब गई, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें तीन साल का एक बच्चा भी शामिल है। यह हादसा रविवार तड़के हुआ। जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार तड़के करीब 2:30 बजे तीर्थहल्ली के इंदिरा नगर में हुई। मलनाड क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया। भूस्खलन के कारण भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें उस झोपड़ी पर आ गिरीं, जहां मजदूरी करके लौटे परिवार के सदस्य सो रहे थे। मृतकों की पहचान मल्लिकार्जुन (30), नागवेणी (27) और उनके तीन वर्षीय बेटे संतोष के रूप में हुई है। यह परिवार कोप्पल जिले के गंगावती तालुक के कक्करागोल गांव से यहां मजदूरी करने आया था। वहीं, मलबे में फंसे एक अन्य घायल मजदूर हनुमंथ को अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा के कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। उसे तीर्थहल्ली के जयचामराजेंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि उसे उचित चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। वहीं, पास की एक अन्य झोपड़ी में रह रहे कुछ लोग भी घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के तुरंत बाद पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की टीमों ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों लोगों के शव बाहर निकाले गए। यह घटना तीर्थहल्ली पुलिस थाना क्षेत्र में हुई है। अधिकारी लगातार हो रही बारिश के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। गौरतलब है कि मानसून की भारी बारिश के कारण पश्चिमी घाट क्षेत्र में गंभीर भूस्खलन और ट्रेन सेवाओं में बाधा आई है। मंगलुरु और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर भूस्खलन होने से जनहानि के साथ-साथ यातायात भी प्रभावित हुआ है। शनिवार रात येडकुमारी और श्रीवागिलु रेलवे स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर हुए भूस्खलन के बाद रविवार को मंगलुरु और यशवंतपुर के बीच ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। रेलवे की राहत सामग्री लेकर जाने वाली विशेष ट्रेन प्रभावित स्थल पर पहुंच गई है। बता दें कि इससे पहले 1 जुलाई की तड़के मंगलुरु के कंकनाडी नागोरी इलाके में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक मकान ढह गया था। इस हादसे में एक महिला और दो किशोरियों सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, एक पुरुष और दो किशोरियों सहित तीन अन्य लोगों को स्थानीय निवासियों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवानों ने मलबे से सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया था।

बारामूला में सुरक्षाबलों ने ओवर ग्राउंड वर्कर को किया गिरफ्तार, हथियार और गोला-बारूद बरामद

बारामूला। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान के दौरान एक संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से अवैध हथियार, गोला-बारूद, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय सेना की 46 राष्ट्रीय राइफल्स, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) बारामूला, सीआरपीएफ की 53वीं बटालियन तथा बीएसएफ की 112वीं बटालियन ने रविवार को नरवाव इलाके के जंडफरान-गोरीवान क्रॉसिंग पर संयुक्त नाका (चेकपोस्ट) लगाया था। इस दौरान आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। चेकिंग के दौरान गोरीवान की ओर से आ रहा एक व्यक्ति सुरक्षा बलों को देखकर मौके से भागने की कोशिश करने लगा। उसकी संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए सुरक्षाबलों के जवानों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके पास से एक कैमोफ्लाज रंग की एमपी-5 टाइप पिस्तौल, 10 जिंदा 9 एमएम कारतूस से भरी एक मैगजीन, एक मोबाइल फोन और एक काला बैकपैक बरामद किया गया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान एजाज अहमद गनी के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय मोहम्मद सुल्तान गनी का पुत्र और बारामूला जिले के नंबलन, शीरी क्षेत्र का निवासी बताया गया है। प्रारंभिक जांच में उसे ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के रूप में चिन्हित किया गया है। ओजीडब्ल्यू वे लोग होते हैं जो प्रत्यक्ष रूप से आतंकवादी संगठन का हिस्सा नहीं होते, लेकिन उन्हें रसद, ठिकाना, सूचना या अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का काम करते हैं। इस मामले में पुलिस स्टेशन शीरी में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपी के संपर्कों, गतिविधियों और संभावित आतंकी नेटवर्क से उसके संबंधों की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों के स्रोत और इनके संभावित इस्तेमाल के बारे में भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को घाटी में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुरक्षाबलों का कहना है कि घाटी में आतंकवाद और उसके सहयोगी नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है। संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखी जा सके तथा किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते विफल किया जा सके।

परिसीमन वोटों के लिए, प्रतिनिधित्व के लिए नहीं’, भाजपा पर कांग्रेस सांसद ने साधा निशाना

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के परिसीमन का विरोध किए जाने पर कांग्रेस नेताओं ने समर्थन किया है। सुखदेव भगत ने कहा कि प्रतिनिधित्व के नजरिए से, बल्कि भाजपा सरकार जानबूझकर इसे वोटों के नजरिए से कर रही है। राहुल गांधी ने शनिवार को सभी दलों से संसद में केंद्र सरकार के परिसीमन विधेयक को पारित करने के प्रयास को विफल करने का आह्वान किया था। इस पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “निश्चित रूप से, जिस तरह से जनसंख्या के हिसाब से चीजें संतुलित नहीं हो रही हैं और अगर मैं अपनी निजी राय बताऊं तो मैं परिसीमन के खिलाफ हूं। मैं इसीलिए इसके खिलाफ हूं, क्योंकि असम में जिस तरह से यह किया गया है। वहां भाजपा की सरकार है और वे जानबूझकर इसे वोटों के नजरिए से कर रहे हैं, न कि प्रतिनिधित्व के नजरिए से। उन्होंने कहा, “अगर हम आज संसद में मौजूद 543 सदस्यों को देखें, तो मुझे लगता है कि हमारे कई लोगों को पूरी तरह से भागीदारी का मौका भी नहीं मिलता। हम संसद के अंदर बस एक छोटा सा हिस्सा बनकर रह जाते हैं। क्या संख्या बढ़ाने के बाद उन्हें औचित्य मिल पाएगा। संख्याबल नहीं बढ़ाया जाना चाहिए, बल्कि संसद की गरिमा के अनुरूप एक सार्थक चर्चा और बहस हो, वो महत्वपूर्ण है।” इसी बीच, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के शानदार प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “निश्चित रूप से सभी बधाई के पात्र हैं। जब हमारे खिलाड़ी वहां इस तरह का प्रदर्शन करते हैं तो हमें गर्व महसूस होता है। तब हमें खुशी होती है और हम उन्हें बधाई देते हैं।” नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तबादले पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “ऐसे कदमों से हमेशा अविश्वास और शक पैदा होता है।” कुलगाम हमले के बाद सरकारों पर महबूबा मुफ्ती के आरोपों को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा, “यह सामान्य बात नहीं है। इसमें कहीं न कहीं सीमा पार से जुड़ी घटनाएं हो रही हैं। पहलगाम की घटना के बाद भी अगर ऐसी घटना हो रही है, और उसी समय अमरनाथ यात्रा भी चल रही है, तो मेरा मानना ​​है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की यह जिम्मेदारी है कि वे देखें कि कहां चूक हुई है या कहां कमी रह गई है। आरोप-प्रत्यारोप से अधिक जरूरी नागरिकों की सुरक्षा है।

चेन्नई में सर्टिफिकेट समेत नागरिक सेवाओं को मिलेगी रफ्तार, 12 नए मिनी तालुक कार्यालय जल्द

चेन्नई। तमिलनाडु सरकार राजस्व सेवाओं को अधिक तेज और सुलभ बनाने के उद्देश्य से चेन्नई में 12 मिनी तालुक कार्यालय स्थापित करने की योजना बना रही है। इन कार्यालयों में समर्पित ई-सेवा केंद्र होंगे, जहां विभिन्न प्रकार के राजस्व प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रस्ताव की औपचारिक घोषणा तमिलनाडु विधानसभा के आगामी सत्र के दौरान होने की उम्मीद है। इसका मकसद मौजूदा तालुक ऑफिसों में काम में होने वाली देरी को कम करना और काम का बोझ घटाना है। ये मिनी तालुक ऑफिस चेन्नई के मौजूदा तालुकों के अधिकार क्षेत्र में ही काम करेंगे, लेकिन इनका पूरा ध्यान सिर्फ सर्टिफिकेट से जुड़ी सेवाओं पर होगा। लोग मुख्य तालुक ऑफिस जाए बिना ही इन सेंटरों पर कम्युनिटी, इनकम, नेटिविटी, विधवा, कानूनी उत्तराधिकारी और रेजिडेंस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकेंगे। अभी चेन्नई में 16 तालुक ऑफिस हैं, जो रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े कई तरह के काम संभालते हैं। इस प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट के तहत अक्सर मांगे जाने वाले राजस्व सर्टिफिकेट (राजस्व प्रमाण पत्र) आसानी से उपलब्ध कराने के लिए मिनी ऑफिस खोलने के लिए 12 जगहें चुनी गई हैं। ये प्रस्तावित ऑफिस कोडुंगैयूर, एरुक्कनचेरी, पोरुर, मोगाप्पैर, कोरात्तुर, सालिग्रामम, नीलांगराई, पल्लीकरनई, शोलिंगनल्लूर, तिरुवनमियूर/बेसेंट नगर, ट्रिपलिकेन (तिरुवल्लीकेनी) और मनापक्कम में खोले जाएंगे। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हेडक्वार्टर के डिप्टी तहसीलदार इन मिनी तालुक ऑफिस के इंचार्ज होंगे। हर सेंटर में एक खास ई-सेवा सुविधा भी होगी, जिससे लोग अपने इलाके के पास ही सर्टिफिकेट से जुड़ी सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे और सर्विस का लाभ उठा सकेंगे। यह योजना सबसे पहले पिछली डीएमके सरकार के समय सोची गई थी, जब चेन्नई के तालुक ऑफिस में काम का बोझ बढ़ने और आवेदनों को प्रोसेस करने में लगने वाले समय को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बाद चेन्नई कलेक्ट्रेट ने इन सेंटरों के लिए सही जगहें चुनीं। सिस्टम को और बेहतर बनाने की कोशिशों के तहत, राजस्व विभाग कुछ सर्टिफिकेट पर साइन करने का अधिकार सोशल सिक्योरिटी स्कीम के तहसीलदारों को देने की संभावना पर विचार कर रहा है। ये अधिकारी अभी बुढ़ापा पेंशन और दूसरे कल्याणकारी कार्यक्रमों का काम देखते हैं। अधिकारियों का मानना ​​है कि अधिकार सौंपने से जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से बंटेंगी, रेगुलर तहसीलदारों पर काम का बोझ कम होगा और आवेदनों का निपटारा तेजी से हो सकेगा। यह पहल राज्य सरकार की रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन को विकेंद्रीकृत करने और जरूरी सरकारी सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगर चेन्नई में मिनी तालुक सिस्टम सफल रहा, तो इससे मौजूदा ऑफिस में भीड़ कम होगी और सर्टिफिकेट चाहने वाले नागरिकों को इंतजार भी कम करना पड़ेगा।

एटा: ट्रक ने कांवड़ियों के ट्रैक्टर को मारी टक्कर, 7 घायल, एक गंभीर

एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में सावन के दौरान कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोतवाली देहात क्षेत्र में हाईवे पर कांवड़ियों से भरे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 7 कांवड़िए घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल श्रद्धालु को बेहतर इलाज के लिए सैफई रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, सभी श्रद्धालु मैनपुरी जिले के कुरावली थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव के रहने वाले हैं। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली से सोरों गंगा घाट जा रहे थे, जहां से गंगाजल लेकर अपने क्षेत्र के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करना था। ट्रैक्टर में करीब 17 कांवड़िए सवार थे। रास्ते में बारिश होने के कारण वाहन धीरे-धीरे चल रहा था। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए ट्रक ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर पलट गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की पहचान रागिनी, निशा, गीतम, सत्यपाल, रघुवीर, संध्या और मुस्कान के रूप में हुई है। इनमें सत्यपाल की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जबकि बाकी छह घायलों का इलाज जिला मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। जिला अस्पताल के डॉक्टर श्रीजीत ने बताया कि 108 एंबुलेंस के जरिए सात घायल अस्पताल लाए गए थे। इनमें एक मरीज की हालत गंभीर थी, इसलिए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया है। बाकी छह मरीजों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। हादसे में घायल रागिनी ने बताया कि वे सभी कांवड़ यात्रा पर गंगाजल लेने जा रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। वहीं घायल श्रद्धालुओं की रिश्तेदार काजल ने कहा कि बारिश की वजह से ट्रैक्टर धीमी गति से चल रहा था, लेकिन पीछे से आए ट्रक ने तेज रफ्तार में टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर पलट गया। घायल के परिजन विकास कुमार ने बताया कि हादसे के बाद एंबुलेंस तो समय पर पहुंच गई, लेकिन उस वक्त तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी। वहीं एक अन्य परिजन राजेश कुमार ने भी बताया कि ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मारी, जिसके कारण सात लोग घायल हो गए।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले रोकने को लेकर जताई सहमती, होर्मुज को फिर से खोलने का दिया हवाला

वाशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि तेहरान और कई मिडिल ईस्ट देशों की तरफ से हमले रोकेने की अपील के बाद, अमेरिका ईरान के खिलाफ प्लान किए गए सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमत हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि एक संभावित समझौते का फ्रेमवर्क बन गया है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन डिप्लोमेसी को आगे बढ़ने देने के लिए प्लान किए गए स्ट्राइक को रोकने का फैसला किया है। ट्रंप ने लिखा, “अमेरिका पूरी तरह तैयार तथा हमला करने की स्थिति में है और पूरी ताकत के साथ इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ जाने के लिए तैयार है।” ट्रंप ने आगे कहा कि हालांकि ईरान और मिडिल ईस्ट के दूसरे देशों ने वाशिंगटन से सैन्य कार्रवाई में देरी करने की अपील की है। ट्रंप के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत, पूरी तरह से खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “इस अपील के आधार पर, मैं दुनिया के भविष्य के लिए और इसी तरह, एक सफल और खुशहाल ईरान के बने रहने के लिए, हमला रोकने पर सहमत हो गया हूं, बशर्ते हम जल्दी से कोई डील कर सकें।” उन्होंने यह भी दावा किया कि इजरायल ने डिप्लोमैटिक रास्ता अपनाने के फैसले का समर्थन किया और कहा, “इजरायल इस कमिटमेंट में मेरे साथ है। सब लोग काम पर लग जाओ और इसे पूरा करो।” ट्रंप ने प्रस्तावित समझौते, उसकी टाइमलाइन या ईरान या इजरायल ने उनके पोस्ट में किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि की है या नहीं, इस बारे में और जानकारी नहीं दी। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि जब तक ईरान अमेरिकी सेना को धमकी देना बंद नहीं करता और परमाणु हथियार बनाने की कोशिशें नहीं रोकता, तब तक अमेरिका उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई करता रहेगा। उन्होंने ईरानी नेतृत्व के साथ बातचीत के सफल होने की संभावना पर भी संदेह जताया। कैंप डेविड में हुई पहली लाइव टेलीविजन कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता करने के बाद रिपोर्टरों से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि सरकार ईरान पर दबाव बनाए रखेगी, भले ही डिप्लोमैटिक बातचीत चल रहे हों। जब राष्ट्रपति से पूछा गया कि आने वाले हफ्तों में क्या उम्मीद करें, तो उन्होंने कहा, “हम उन पर हमला करेंगे और आप जानते हैं किसी समय वे कहेंगे, हम अब और बर्दाश्त नहीं कर सकते।” उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना वाशिंगटन का मुख्य मकसद है। ट्रंप ने कहा, “उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा। अगर उनके पास होता, तो मिडिल ईस्ट अब तक खत्म हो चुका होता।” राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को बहुत ज्यादा सैन्य नुकसान हुआ है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि अभी भी उसकी सीमित क्षमताएं बची हुई हैं।

प्रधानमंत्री मोदी अभिभावक हैं, उनका अपमान मतलब देश का अपमान: इमाम उमर अहमद इलियासी

नई दिल्ली। ऑल इंडिया इमाम संगठन के मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में अपशब्दों के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री हैं और अभिभावक के तौर पर हम उन्हें देखते हैं। ये अपशब्द सिर्फ प्रधानमंत्री के लिए नहीं थे, बल्कि देश का भी अपमान हुआ है। इमाम उमर अहमद इलियासी ने अपने एक वीडियो संदेश में कहा, “मेरी भी एक जिम्मेदारी है और एक इमाम के तौर पर मैं अपना फर्ज निभाना चाहता हूं। पिछले एक महीने में, पूरे देश और दुनिया ने 20 जुलाई से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों को देखा है। हर किसी को विरोध करने का अधिकार है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन यह सब शालीनता के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “विरोध प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। सरकारी बसों और गाड़ियों में आग लगा दी गई, सड़कें जाम कर दी गईं और आगजनी की घटनाएं हुईं। सरकारी संपत्ति हम सबकी है, इसलिए ऐसी हरकतें आखिरकार जनता का ही नुकसान करती हैं।” इमाम इलियासी ने कहा कि आंदोलन या विरोध करना चाहिए। परिवारों के अंदर भी विरोध और मतभेद होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि आप अपने बड़ों का अपमान करें। जिस तरह आंदोलन के अंदर बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए शब्दों का इस्तेमाल किया, ये अमर्यादित थे। उन्हें और उनकी माता जी के लिए बुरा-भला कहा गया। यह सब देखकर बुरा लगा है। हमारी भारतीय संस्कृति है कि बड़ों का सम्मान करना चाहिए। उमर अहमद इलियासी ने आगे कहा, “नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री हैं और अभिभावक के तौर पर हम उन्हें देखते हैं। आंदोलन में जिस तरह की चीजें पूरी दुनिया ने देखी, समझें कि ये अपशब्द सिर्फ प्रधानमंत्री के लिए नहीं थे, बल्कि देश का भी अपमान हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि आज नरेंद्र मोदी हमारे देश के चुने हुए प्रधानमंत्री हैं और उन्हें 37 देशों से सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिले हैं। यह कोई मामूली उपलब्धि नहीं है। भारत के इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री को ऐसा सम्मान नहीं मिला है। जब आप उनका अपमान करते हैं और उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो क्या हमारे संस्कार हमें यही सिखाते हैं? क्या यही हमारी संस्कृति है? हम क्या संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं? उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा, “मैं देख रहा था, जिस तरह आंदोलन हो रहा था। इसको लेकर मैं दुखी हूं। आपने प्रधानमंत्री का जिस तरह अपमान किया है, उससे भारत का भी अपमान हुआ है।