पीएनजी ज्वेलर्स ने गुरुग्राम में नए स्टोअर के साथ एनसीआर में किया प्रवेश

गुरुग्राम। पीएनजी ज्वेलर्स ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत करते हुए हरियाणा के गुरुग्राम स्थित आर2, ग्राउंड फ्लोर, एम3एम रूट 65, सेक्टर-65 में एक नया कंपनी स्वामित्व और कंपनी संचालित स्टोर शुरू किया। 3,500 सक्वेअर फुट में विस्तारित यह नया शोरूम ग्राहकों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया है और प्रमुख बाजारों में ब्रांड के लगातार रिटेल विस्तार का हिस्सा है। स्टोअर के उद्घाटन अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह के हाथों और पीएनजी ज्वेलर्स के अध्यक्ष और व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. सौरभ गाडगील, कर्मचारियों और शुभचिंतकों की उपस्थिति में किया। नया शोरूम ग्राहकों के लिए सोने, हीरे और चांदी के ज्वेलरी की पीएनजी ज्वेलर्स की श्रृंखला उपलब्ध है। यहां ब्रांड के सभी कलेक्शन और श्रेणियों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। यह स्टोअर गुरुग्राम के ग्राहकों की विविध ज्वेलरी संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर डिझाईन किया गया है,जिसमें रोज की ज्वेलरी,त्योहारों की खरीदारी,शादीयों उपहार और जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों के लिए ज्वेलरी शामिल हैं। स्टोअर के उद्घाटन पर चित्रांगदा सिंह ने कहा पीएनजी ज्वेलर्स अपने साथ विश्वास,उत्कृष्ट कारीगरी और ग्राहकों की पसंद की समझ पर आधारित समृद्ध विरासत लेकर आया है। ब्रांड के इस नए बाजार में प्रवेश के साथ यहां के ग्राहकों को इसकी सोच-समझकर तैयार की गई ज्वेलरी और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से इस विरासत को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करने का अवसर मिलेगा मैं इस परिसर में पीएनजी ज्वेलर्स का स्वागत करते हुए नए सफर के लिए पूरी टीम को शुभकामनाएं देती हूं। पीएनजी ज्वेलर्स के अध्यक्ष और व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. सौरभ गाडगील ने कहा गुरुग्राम यह हमारे राष्ट्रीय विस्तार के सफर में एक महत्वपूर्ण बाजारपेठ है और सेक्टर 65 में नए स्टोअर की शुरुआत इस परिसर से ग्राहकों की बढ़ती मांग के प्रति हमारा प्रतिसाद है, सोने, हीरे और चांदी की ज्वेलरी की व्यापक श्रृंखला के साथ यह स्टोअर हमें ग्राहकों के और करीब पहुंचकर उनकी सेवा करने का अवसर देगा, साथ ही पीएनजी ज्वेलर्स से जुड़े विश्वास, उत्कृष्ट कारीगरी और अनुभव को भी कायम रखेगा। हम स्थानीय समुदाय का हिस्सा बनने और गुरुग्राम के समझदार ग्राहकों की पसंद के अनुरूप तैयार किए गए पीएनजी ज्वेलर्स के विशिष्ट डिजाइनों के माध्यम से उनके साथ दीर्घकालिक दृढ़ रिश्ता बनाने के लिए उत्साहित हैं। गुरुग्राम में यह नया स्टोअर पीएनजी ज्वेलर्स के रिटेल नेटवर्क को और मजबूत करता है। ब्रांड लगातार ऐसे बाजारों में विस्तार कर रहा है जहां ब्रांड के उत्पादों और सेवाओं की मांग बढ़ रही है। कंपनी-स्वामित्व और कंपनी-संचालित मॉडल के माध्यम से पीएनजी ज्वेलर्स अपने उत्पादों की विविधता ग्राहक अनुभव और सेवा मानकों में एकरूपता बनाए रखने के साथ स्थानीय ग्राहकों के साथ अधिक मजबूत संबंध स्थापित करने में मदद कर सकता है।
नोएडा में राजनाथ सिंह ने किया अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन, बोले- मेडिकल तकनीक से बीमारियों की पहचान अब ज्यादा सटीक

नोएडा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को नोएडा के सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र सभागार में महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के नए इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर नोएडा सांसद डॉ. महेश शर्मा के साथ लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज भी उपस्थित रहीं। यह केंद्र उत्तर प्रदेश में कंपनी का पहला सेंटर है, जो दिल्ली और हरियाणा के बाद यूपी में अपने विस्तार की शुरुआत नोएडा से कर रही है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल तकनीक ने अभूतपूर्व प्रगति की है। पहले जिन बीमारियों का पता लगाना काफी मुश्किल होता था, अब आधुनिक जांच तकनीकों के माध्यम से उनकी पहचान जल्द और अधिक सटीक तरीके से संभव हो पा रही है। अच्छी जांच व्यवस्था का उद्देश्य केवल बीमारी का पता लगाना नहीं, बल्कि मरीज को अनावश्यक जांच और गलत निदान से बचाना भी होना चाहिए। रक्षा मंत्री ने आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में एकीकृत दृष्टिकोण को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और अन्य जांच सुविधाएं एक ही केंद्र पर उपलब्ध होने से मरीजों को बार-बार अलग-अलग स्थानों पर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ती। साथ ही, डॉक्टरों को भी सभी जांच रिपोर्ट एक साथ मिल जाने से उपचार संबंधी निर्णय लेने में काफी आसानी होती है। उन्होंने मेडिकल साइंस और रक्षा क्षेत्र के बीच पुराने और महत्वपूर्ण संबंधों का भी जिक्र किया और कहा कि रेडियोलॉजी जैसी तकनीकों का विकास और उनका इस्तेमाल सैन्य क्षेत्र में भी अहम रहा है। अल्ट्रासोनोग्राफी जैसी तकनीकों का उपयोग सैनिकों की चिकित्सा जांच और युद्धक्षेत्र में घायल जवानों की स्थिति का आकलन करने में किया जाता रहा है। सैन्य क्षेत्र में मजबूत चिकित्सा व्यवस्था अत्यंत जरूरी है और भविष्य में मेडिकल विज्ञान को नई तकनीकों के साथ निरंतर जोड़ना होगा। रक्षा मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से करीब 45 करोड़ लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बनी है। उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों में करीब 5 करोड़ लोग स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आए हैं और लगभग 80 लाख लोगों को इसका सीधा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में जहां करीब 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर करीब 45 हो गई है। साथ ही, प्रदेश के करीब 75 जिलों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जो गुर्दा रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। भविष्य की चुनौतियों की ओर इशारा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज युवा आबादी वाला देश है, लेकिन आने वाले दशकों में जनसंख्या की उम्र बढ़ेगी। वर्ष 2050 तक बुजुर्गों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जिससे अस्पतालों पर दबाव बढ़ेगा। इससे निपटने के लिए बीमारी होने के बाद इलाज करने की बजाय प्रिवेंटिव हेल्थ केयर (रोग निवारण) को प्राथमिकता देना अत्यंत जरूरी है। बता दें कि महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के इस नए केंद्र में एआई आधारित अल्ट्रा-फास्ट 3.0 टेस्ला एमआरआई और 160-स्लाइस सीटी स्कैनर जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एक ही छत के नीचे रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, जीनोमिक्स और व्यक्तिगत स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं होने से नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
विदेश मंत्री का दो दिवसीय रूस दौरा, आईआरआईजीसी-टीईसी के 27वें सत्र की करेंगे सह-अध्यक्षता

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर 23 और 24 अगस्त को रूस के आधिकारिक दौरे पर होंगे। इस दौरान आईआरआईजीसी-टीईसी के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे और अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात भी प्रस्तावित है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। इसके अनुसार, विदेश मंत्री 23-24 अगस्त को रूसी संघ के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर रूस की आधिकारिक यात्रा करेंगे। वे व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे। इसमें आगे कहा गया है कि इस यात्रा के दौरान, जयशंकर रूसी संघ के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मिलेंगे और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जुलाई 2026 में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान बैठकों के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की थी। बैठक का विवरण साझा करते हुए जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा, “रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा की गई। क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के संबंध में हमने अपनी गहरी चिंता दोहराई।” चर्चा में भारत-रूस साझेदारी के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया, जिनमें व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और गतिशीलता शामिल हैं। जयशंकर ने आगे कहा, “हमने व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा गतिशीलता सहित हमारी साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी देशों की स्थिति पर भी चर्चा की।” एमईए के अनुसार, इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन एक ऐसा सिस्टम है जो दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों में हुई प्रगति पर नियमित रूप से नजर रखता है। इसे मई 1992 में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन के समझौते के तहत बनाया गया था। आईआरआईजीसी का पहला सत्र 13 और 14 सितंबर 1994 को हुआ था। अब तक आईआरआईजीसी की 26 बैठकें हो चुकी हैं। आईआरआईजीसी का 26वां सत्र 20 अगस्त 2025 को मास्को में हुआ था। वहीं 25वां नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। यह भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग और संबंधों की समीक्षा करने वाला एक प्रमुख शीर्ष मंच है। इस आयोग की बैठकों की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री (या नामित मंत्री) और रूसी संघ के उप प्रधानमंत्री करते हैं।
रोज 5 मिनट करें पूर्वोत्तानासन, कमर-कंधे होंगे मजबूत और तनाव होगा दूर

नई दिल्ली। योग शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने का रामबाण उपाय है। यह शरीर को स्ट्रेच करके सभी तरह की शारीरिक समस्याओं से निजात पाने में मदद भी करता है। इन्हीं आसनों में एक पूर्वोत्तानास भी है, जो बाजुओं, कंधों, कमर और पैरों को मजबूत बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। पूर्वोतानासन का नाम दो शब्दों के मेल से बना है ‘पूर्व’, और ‘उत्तान’। ‘पूर्व’ यानी ‘पूर्व दिशा’ या ‘शरीर का अगला हिस्सा’, और ‘उत्तान’ का मतलब है ‘खिंचा हुआ’। इस आसन से आपका स्वास्थ्य अच्छा होता है और तनाव से भी मुक्त रहते हैं। आयुष मंत्रालय ने इसे एक महत्वपूर्ण योगासन बताया है। उनके अनुसार, यह एक ऐसा योगासन है, जो शरीर के पूरे भार को हाथों और पैरों पर संतुलित करके, मुख्य रूप से हाथों, कलाई, पीठ, जांघों और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। यह आसन शरीर में ऊर्जा का संचार, रीढ़ की हड्डी में लचीलापन और पेट की मांसपेशियों को बेहतर बनाता है। पूर्वोत्तानासन का अभ्यास करने से पेट में दबाव पड़ता है, जिससे पेट की मांसपेशियां मजबूत बनती है और पेट के आसपास जमी चर्बी भी कम होने लगती है। इसी के साथ ही, पूर्वोत्तानासन शरीर के लचीलेपन को बढ़ाता है, जिससे ऊर्जा का संचार होता है। इसके रोजाना अभ्यास करने से पीठ दर्द और सिरदर्द में आराम मिलता है, पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और कमर दर्द में राहत बनी रहती है। साथ ही, ब्लड सर्कुलेशन की वजह से सिरदर्द भी कम होता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह शरीर में लचीलापन बढ़ाता है। साथ ही, यह शरीर की मांसपेशियों में भी लचीलापन लाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार भरता है, तथा दिमाग भी तेज चलता है। आसन को करने के दौरान शरीर का भार हाथों और कलाइयों पर होता है। इसलिए कलाई में चोट वाले लोगों को इस आसन से बचना चाहिए। इसके अलावा, गर्दन की किसी भी चोट से पीड़ित लोगों को या तो इस आसन को करने से पूरी तरह बचना चाहिए या आसन का अभ्यास करते समय कुर्सी का सहारा लेना चाहिए।
पीडीए पर योगी के बयान से गरमाई सियासत, अखिलेश बोले- घबराई भाजपा बदल रही परिभाषा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच पीडीए को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीडीए में ‘पी’ का मतलब पाकिस्तान बताए जाने वाले बयान पर सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा पीडीए से घबराई हुई है, इसलिए उसकी परिभाषा बदल रही है। अखिलेश ने कहा कि ‘एकरंगी क्या जानें पीडीए के बहुरंग’। उन्होंने कहा कि पीडीए का मतलब प्रेम, दया और अपनापन है। उन्होंने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और सरकारी बजट की कथित लूट को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में सपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है और पीडीए में ‘पी’ का मतलब एक दिन पाकिस्तान कर देगी। उन्होंने कहा था कि सपा का ‘पी’ पहले पिछड़ा था और बाद में पंडित हो गया। अखिलेश ने कहा, ‘‘पी का मतलब पाकिस्तान-भाजपा का मतलब भाग जाओ पाकिस्तान।’’ उन्होंने दावा किया कि भाजपा पीडीए से घबराई हुई है और इसी वजह से इसकी परिभाषा बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जितनी पीड़ा बढ़ेगी, उतना ही पीडीए मजबूत होगा। सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर विपक्ष और पीडीए समाज के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में फर्जी मुठभेड़ हो रही हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और इसमें शामिल बड़े लोगों को बचाने का काम किया गया। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा के कथित षड्यंत्र को विफल करने की ताकत केवल समाजवादी पार्टी के पास है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आज हर चीज महंगी हो गई है। पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने और चीनी की कीमतों को लेकर उन्होंने सरकार पर मुनाफाखोरी का आरोप लगाया। अखिलेश ने सरकार से सवाल किया कि यदि करीब 15 करोड़ लोगों को गरीब माना जा रहा है और उन्हें आयुष्मान कार्ड मिला है तो उनकी प्रति व्यक्ति आय कितनी है। उन्होंने कहा कि सपा और उसके सहयोगी दल प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रहे हैं और इस बार दोहरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘सपा किसी को छोड़कर नहीं जाती, सपा को लोग छोड़कर जाते हैं।’’ प्रयागराज और लखनऊ में जलभराव का जिक्र करते हुए अखिलेश ने सरकार पर विकास कार्यों के नाम पर खर्च के बावजूद बुनियादी समस्याएं दूर नहीं कर पाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में भारी रकम विकास कार्यों पर खर्च होने के बावजूद हालात देखे जा सकते हैं और लखनऊ में भी जलभराव की स्थिति सामने आई है। बुलेटप्रूफ जैकेट के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि उन्हें अभी तक ऐसी जैकेट नहीं मिली है और उन्हें इसकी जरूरत भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन्हें इसकी ज्यादा जरूरत है, उनसे जाकर पूछा जाना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार बनने पर पशुपालन और डेयरी कारोबार से जुड़े लोगों के हित में नई नीति लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी डेयरी नीति बनाई जाएगी जिससे पशुपालकों और इस कारोबार से जुड़े लोगों को जानवरों और व्यापार दोनों में लाभ मिल सके। उन्होंने भाजपा के सहयोगी दलों को सीट बंटवारे को लेकर भी निशाना बनाया और कहा कि यदि सपा अपने सहयोगियों को पर्याप्त सीटें देती है तो सहयोगी दलों को भी उसी भावना के साथ सीटें देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सहयोगी दलों का सम्मान किया जाना चाहिए और चौधरी चरण सिंह तथा अजित सिंह जैसे नेताओं की विरासत का भी सम्मान होना चाहिए। दिव्यांगों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर दिव्यांगजनों को सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिए अलग घोषणापत्र तैयार किया जाएगा और जरूरतमंद दिव्यांग साथियों को इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। अखिलेश ने महिलाओं और गरीबों के लिए आर्थिक सहायता से जुड़े वादों को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सपा ने 40 हजार रुपये देने की घोषणा की थी, तब भाजपा ने इसे हवाहवाई बताया था, जबकि अब 50 हजार रुपये देने की बात कही जा रही है। उन्होंने महाराष्ट्र और बिहार की योजनाओं का भी संदर्भ देते हुए लाभार्थियों के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। गौमूत्र को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि उनके पार्टी कार्यालय में 200 लीटर गौमूत्र रखा हुआ है और सवाल यह है कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा।
विक्टोरिया में लेबर पार्टी का बड़ा चुनावी वादा, सत्ता में लौटने पर सभी को मुफ्त दंत चिकित्सा

मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत में सत्तारूढ़ लेबर पार्टी ने नवंबर में होने वाले राज्य चुनाव से पहले बड़ा चुनावी वादा किया है। ऐसा वादा जो चर्चा में है। विपक्ष हमलावर है। प्रीमियर बेन कैरोल ने घोषणा की है कि अगर लेबर दोबारा सत्ता में आती है तो राज्य में सभी विक्टोरियाई नागरिकों के लिए मुफ्त दंत चिकित्सा सेवा शुरू की जाएगी। इसे ऑस्ट्रेलिया में किसी राज्य सरकार की ओर से अपनी तरह की अनूठी पहल बताया गया है। कैरोल ने एक बयान में कहा, “मैं उन हजारों कामकाजी लोगों के लिए लड़ रहा हूं जो डेंटिस्ट के पास जाने का खर्च नहीं उठा सकते।” उन्होंने अपने कैंपेन के शुरुआत इसी वायदे के साथ की है और शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी झलक भी दिखाई। इस योजना पर लेबर सरकार 230 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर खर्च करेगी और तीन साल में राज्यभर में 10 सार्वजनिक दंत चिकित्सा क्लीनिक खोलेगी। इनमें से सात क्लीनिक मेलबर्न और तीन रीजनल विक्टोरिया में स्थापित किए जाएंगे। इन क्लीनिकों में लोगों को बिना पूर्व अपॉइंटमेंट के चेकअप, फिलिंग, रूट कैनाल और दांत निकालने जैसी सेवाएं मुफ्त मिलेंगी। स्वास्थ्य मंत्री इंग्रिड स्टिट ने एबीसी न्यूज को बताया कि कुछ क्लीनिक जुलाई 2027 से काम करना शुरू कर सकते हैं। क्लीनिक सप्ताह के दिनों में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक और सप्ताहांत में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे। सरकार का दावा है कि पूरी तरह शुरू होने के बाद ये केंद्र हर साल एक लाख से अधिक लोगों को उपचार उपलब्ध करा सकेंगे। दांत में तेज दर्द, सूजन या दुर्घटना के कारण लगी चोट जैसे तत्काल मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। कैरोल ने इसे महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत से निपटने के लिए ‘संरचनात्मक सहायता’ बताया है। उनका कहना है कि लोगों को दंत चिकित्सा इसलिए नहीं टालनी चाहिए क्योंकि उनके पास इलाज का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में अधिकांश वयस्कों की दंत चिकित्सा सेवाएं मेडिकेयर के दायरे में नहीं आतीं। मुफ्त या कम लागत वाली सेवाएं मुख्य रूप से बच्चों, युवाओं, आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर समुदायों तथा कुछ रियायती कार्डधारकों के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि विपक्ष ने इस घोषणा पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि विक्टोरिया में मौजूदा सार्वजनिक दंत चिकित्सा सेवाओं के लिए प्रतीक्षा अवधि पहले ही काफी लंबी है और सरकार के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती होगी। विपक्ष के अनुसार, सार्वजनिक दंत चिकित्सा के लिए राज्य में औसत प्रतीक्षा अवधि करीब सात महीने है। ग्रीन्स ने भी योजना का स्वागत करने के बजाय इसके सीमित पैमाने पर सवाल उठाया है। पार्टी का कहना है कि केवल 10 क्लीनिक राज्य की जरूरत के मुकाबले काफी कम हैं। दूसरी ओर, विक्टोरियन काउंसिल ऑफ सोशल सर्विस ने योजना का स्वागत करते हुए कहा है कि इन सेवाओं तक कम आय वाले लोगों की प्राथमिक पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह घोषणा 28 नवंबर के विक्टोरिया विधानसभा चुनाव से करीब 100 दिन पहले लेबर का पहला बड़ा चुनावी वादा है। कैरोल जुलाई में जैसिंटा एलन के बाद प्रीमियर बने थे और अब पार्टी को लगातार चुनावी दबाव के बीच सत्ता में बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
नोएडा सेक्टर 79 के निवासियों ने बिजली और साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सिक्का बिल्डर्स के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली। नोएडा के सेक्टर 79 स्थित सिक्का किमांतरा ग्रीन्स सोसाइटी के निवासियों ने शनिवार को सिक्का बिल्डर्स के खिलाफ बड़ा आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। निवासियों ने सिक्का बिल्डर्स पर आरोप लगाया कि फ्लैट खरीदने के बाद से उन्हें बिजली और साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दी गईं। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के अभाव के कारण उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए एक निवासी ने कहा, “नोएडा के सेक्टर 79 स्थित सिक्का किमांतरा ग्रीन्स सोसाइटी में पानी इतना खारा है कि इसे पीने से लोग बीमार पड़ जाते हैं। खारे पानी की वजह से हमारे बाल झड़ने लगे हैं। बिजली दिन में 10 से 25 बार गुल हो जाती है और 10-10 मिनट बाद आती है।” निवासी ने आगे कहा कि सोसाइटी बने तीन साल होने जा रहे हैं तब से ये समस्याएं लगातार बनी हुई हैं और सिक्का बिल्डर्स बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे शिकायत करने के बाद वह ‘बस अगले महीने हो जाएगा’ कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। उन्होंने कहा कि बिल्डर्स का काम करने का कोई इंटेंशन ही नहीं दिखता। निवासियों ने आईएएनएस को बताया कि सोसाइटी में साफ-सफाई की भी व्यवस्था नहीं है, एक फव्वारे के लिए बनाया तो उसमें पानी भर गया है और वह सड़ गया है, जिससे डेंगू पैदा हो रहा है, जिससे आए दिन लोग बीमार हो रहे हैं और अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। एक निवासी ने कहा कि सिक्का बिल्डर्स ने हमने पूरा पैसा ले लिया है; इतना ही नहीं, उन्होंने हमसे अतिरिक्त पैसा भी ले रखा है, फिर भी इन समस्याओं को समाधान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस सोसाइटी में तकरीबन 250 लोग रहते हैं और सभी इन बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लेकर हमने बहुत बार शिकायत की, और उनके ऑफिस जाकर मीटिंग करने के लिए भी कहा, लेकिन उनकी तरफ से कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे हम सभी लोग बहुत परेशान हैं। इसीलिए हम सभी प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए हैं।
इस सप्ताह निफ्टी में गिरावट के बीच एफआईआई ने निकाले 1,602 करोड़ रुपए, घरेलू निवेशकों ने संभाला मोर्चा

नई दिल्ली। ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे सप्ताह दबाव देखने को मिला। इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय बाजार से 1,602 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने खरीदारी जारी रखते हुए बाजार को सहारा दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एफआईआई तीन सप्ताह की लगातार खरीदारी के बाद फिर से बिकवाली के रुख में लौट आए। पूरे सप्ताह के दौरान उनका निवेश व्यवहार मिश्रित रहा। सप्ताह के पहले कारोबारी सत्र में उन्होंने बिकवाली की, इसके बाद अगले दो सत्रों में खरीदारी की और फिर अंतिम दो कारोबारी दिनों में दोबारा बिकवाली शुरू कर दी। यदि 20 जुलाई से 21 अगस्त की अवधि को देखा जाए, तो एफआईआई पहले सप्ताह में विक्रेता रहे, उसके बाद लगातार तीन सप्ताह खरीदार बने और इस सप्ताह में फिर से बिकवाली की। इसके बावजूद पिछले एक महीने में उनकी कुल गतिविधि का परिणाम 1,282 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी के रूप में सामने आया। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार मजबूती से खरीदारी करते रहे। उन्होंने पिछले एक महीने के दौरान हर सप्ताह शुद्ध निवेश किया और कुल मिलाकर 48,390 करोड़ रुपए का निवेश किया। केवल इस सप्ताह ही डीआईआई ने 17,320 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। अगस्त महीने के अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो दोनों श्रेणियों के निवेशक कुल मिलाकर खरीदार बने हुए हैं। इस अवधि में एफआईआई ने 2,510 करोड़ रुपए और डीआईआई ने 34,370 करोड़ रुपए का निवेश किया है। सप्ताह के दौरान प्रमुख सूचकांकों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। निफ्टी ने सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ की और मध्य सप्ताह में 24,026 का निचला स्तर छुआ। हालांकि अंतिम दो कारोबारी सत्रों में रिकवरी देखने को मिली, जिससे सूचकांक निचले स्तरों से उबर गया। इसके बावजूद सप्ताह के अंत में निफ्टी 24,252 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले सप्ताह की तुलना में लगभग 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने नया सर्वकालिक उच्च स्तर छूते हुए सप्ताह में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की रुचि अभी भी मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। यदि तेल कीमतों में और तेजी आती है, तो भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार को समर्थन देती रह सकती है।
तमिलनाडु ने स्टार 3.0 सॉफ्टवेयर के तहत पांच-चरणीय ऑनलाइन प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन शुरू किया

चेन्नई। तमिलनाडु रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने एक पांच-चरण वाली प्रणाली शुरू की है, जिससे खरीदार और विक्रेता सब-रजिस्ट्रार के ऑफिस जाए बिना या कतार का टोकन लिए बिना प्रॉपर्टी से जुड़े कुछ डॉक्यूमेंट्स रजिस्टर करवा सकते हैं। यह सुविधा विभाग के स्टार 3.0 सॉफ्टवेयर के जरिए काम करती है और शुरुआत में इसमें नए बने अपार्टमेंट, घरों और रिहायशी प्लॉट की सेल डीड (बिक्री विलेख) शामिल हैं। होम लोन के लिए टाइटल डीड (मालिकाना हक के दस्तावेज) जमा करने का मेमोरेंडम, मॉर्गेज डीड और लोन बंद होने की पुष्टि करने वाली रसीदें भी ऑनलाइन सिस्टम के जरिए रजिस्टर की जा सकती हैं, चूंकि लोगों के घरों में बायोमेट्रिक उपकरण उपलब्ध नहीं हो सकते हैं, इसलिए प्रॉपर्टी डेवलपर्स और घर या प्लॉट बेचने वाली कंपनियों के ऑफिस में बनी तय जगहों पर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जा सकता है। पहले चरण में खरीदारों को रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर एक अकाउंट बनाना होगा और उस डॉक्यूमेंट को चुनना होगा, जिसका रजिस्ट्रेशन कराना है। उन्हें एक ऐसा रजिस्ट्रेशन सेंटर भी चुनना होगा जहां फिंगरप्रिंट, आइरिस-स्कैनिंग और वेबकैम की सुविधाएं हों। आवेदकों को प्रॉपर्टी के पिछले टाइटल डीड की जानकारी देनी होगी और उसकी डिजिटल कॉपी अपलोड करनी होगी। खरीदार, विक्रेता और गवाहों के नाम, पते और पहचान से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। आवेदक को यह बताना होगा कि प्रॉपर्टी घर है या प्लॉट और संबंधित सब-रजिस्ट्रार ऑफिस, गांव, सर्वे नंबर, एरिया, सीमाएं और दूसरी जरूरी जानकारी देनी होगी। प्रॉपर्टी के ट्रांसफर की कीमत, पेमेंट का तरीका, अभी किसके कब्जे में है और कानूनी स्थिति (जिसमें चल रहे कानूनी मामले भी शामिल हैं) के बारे में जानकारी भी देनी होगी। इन जानकारियों के आधार पर, सिस्टम अपने-आप एक ड्राफ्ट डीड तैयार कर लेगा। यह पोर्टल प्रॉपर्टी की कीमत, स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस, कंप्यूटर चार्ज और डॉक्यूमेंट राइटर वेलफेयर फंड में योगदान की गणना करके उन्हें दिखाएगा। ड्राफ्ट की समीक्षा करने और उसे अपलोड करने के बाद, वह “माय डॉक्यूमेंट” सेक्शन में सेव हो जाएगा। इसके बाद संबंधित पक्षों को पहचान का प्रमाण, साइट प्लान और प्रॉपर्टी की फोटो जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे। दूसरे चरण में सेव किए गए डॉक्यूमेंट को “माय डॉक्यूमेंट्स” सेक्शन से सबमिट करना होगा। इसके बाद आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा और फिर संबंधित लोगों के फिंगरप्रिंट, फोटो और आइरिस की जानकारी रिकॉर्ड करनी होगी। तीसरे चरण में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होता है। चौथे चरण में भुगतान के बाद आवेदक को रजिस्ट्रेशन के लिए दस्तावेज जमा करने के लिए ऑनलाइन सहमति देनी होती है। इससे आवेदक की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। पांचवें और आखिरी चरण में संबंधित अधिकार क्षेत्र के रजिस्ट्रार 24 घंटे के भीतर डीड, सहायक रिकॉर्ड और पहचान दस्तावेजों की जांच करेंगे। अगर दस्तावेज सभी जरूरतों को पूरा करते हैं, तो रजिस्ट्रार डीड पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करेंगे और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद रजिस्टर्ड दस्तावेज आवेदक के लॉगिन के जरिए डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा, जिससे फिजिकल रूप से जाने या टोकन लेने की जरूरत नहीं रहेगी।
भारत बनाम श्रीलंका: कोलंबो टेस्ट पर बारिश का साया, जानिए पांचों दिन कैसा रहेगा मौसम का हाल

नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच रविवार (23 अगस्त) से कोलंबो के सिंहली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि, गाले की तरह इस टेस्ट मुकाबले पर भी बारिश का साया मंडरा रहा है। एक्यूवेदर की रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे टेस्ट मैच के पांचों दिन बारिश होने की आशंका है। टेस्ट के पहले दिन बारिश होने के 64 प्रतिशत चांस हैं। सुबह और दिन के समय में बारिश होने की आशंका ज्यादा है। कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन बारिश होने की संभावना सबसे ज्यादा 96 प्रतिशत है। टेस्ट मैच के तीसरे दिन बारिश होने की आशंका 91 प्रतिशत है। चौथे दिन भी बारिश मैच का मजा किरकिरा करेगी, जबकि टेस्ट के आखिरी दिन भी इंद्र देव मुकाबले में लगातार खलल डाल सकते हैं। टेस्ट के पांचवें दिन बारिश होने की आशंका 91 प्रतिशत है। भारतीय टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे है। गाले में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 165 रनों से जीत दर्ज की थी। भारत की ओर से बल्लेबाजी में देवदत्त पडिक्कल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 167 रनों की दमदार पारी खेली थी। वहीं, केएल राहुल ने 82 रनों का योगदान दिया था। ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल ने भी अर्धशतकीय पारी खेली थी। वहीं, गेंदबाजी में मानव सुथार का जादू खूब चला था और उन्होंने पहली पारी में 4 और दूसरी इनिंग में 6 विकेट चटकाए थे। श्रीलंका के बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनर्स के आगे आसानी से घुटने टेक दिए थे। चौथी पारी में 372 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की पूरी टीम 202 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी। भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 47 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं। इनमें भारत ने 23 मुकाबलों में जीत हासिल की है, जबकि श्रीलंका ने 7 मुकाबलों में बाजी मारी है। दोनों टीमों के बीच 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। वहीं, कोलंबो के सिंहली क्रिकेट क्लब मैदान पर भारत का रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है। इस मैदान पर टीम इंडिया ने 9 टेस्ट खेले हैं, जिनमें 3 में जीत, 2 में हार और 4 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।