मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने किया अजमेरा ट्रेंड्स का उद्घाटन

सानक्वेलिम। सानक्वेलिम में को अजमेरा ट्रेंड्स के भव्य शोरूम का उद्घाटन गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने किया। इस अवसर पर उन्होंने अजमेरा ट्रेंड्स की टीम को बधाई दी और गोवा में व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए शुभकामनाएं दीं। यह गोवा राज्य में अजमेरा ट्रेंड्स की पहली फ्रैंचाइज़ी है। उद्घाटन समारोह में अजमेरा फैशन के फाउंडर एवं सीईओ अजय अजमेरा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय अजमेरा ने कहा कि गोवा में अजमेरा ट्रेंड्स की यह पहली शाखा है और कंपनी गोवा की जनता को हमेशा बेहतरीन गुणवत्ता के परिधान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर फ्रैंचाइज़ी ओनर प्रिया शंभुराव राणे देसाई ने बताया कि अजमेरा ट्रेंड्स में महिलाओं के लिए साड़ी, कुर्ती, लहंगा और गाउन सहित विभिन्न प्रकार के परिधानों की विस्तृत रेंज वाजिब दामों पर उपलब्ध होगी।उल्लेखनीय है कि अजमेरा ट्रेंड्स सूरत की प्रमुख टेक्सटाइल कंपनी अजमेरा फैशन की रिटेल फ्रैंचाइज़ी चेन है, जिसका देश भर में तेज़ी से विस्तार हो रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

भारत को विश्व की फार्मेसी से विश्व की प्रयोगशाला बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए:अनुप्रिया पटेल

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत को विश्व की फार्मेसी होने से आगे बढ़कर अनुसंधान, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों द्वारा संचालित विश्व की प्रयोगशाला बनना चाहिए। अहमदाबाद स्थित आईआईएमए में स्वास्थ्य सेवा में एआई को बढ़ावा देना विषय पर आयोजित आईआईएमए हेल्थकेयर समिट 2026 के तीसरे संस्करण को संबोधित करते हुए मंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय दवा उद्योग ने 200 से अधिक देशों को टीकों और आवश्यक चिकित्सा उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जबकि भारत के टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 220 करोड़ से अधिक खुराकें दी गईं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की परिवर्तनकारी शक्ति के बारे में बोलते हुए मंत्री ने दवा खोज में तेजी लाने, व्यक्तिगत उपचारों को सक्षम बनाने और बेहतर स्क्रीनिंग, नैदानिक निर्णय लेने और रोग निगरानी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने की इसकी क्षमता पर प्रकाश डाला। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को अपनाना सुरक्षित, जिम्मेदार और मानव-केंद्रित होना चाहिए,जिसमें रोगी की गोपनीयता के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय हों और प्रौद्योगिकी मानव नैदानिक निर्णय का पूरक हो, न कि उसका स्थान ले। उन्होंने सरकार, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योग के बीच मजबूत सहयोग के माध्यम से पायलट परियोजनाओं से जनसंख्या स्तर पर कार्यान्वयन की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य सेवा में एआई के लिए उत्कृष्टता केंद्र एम्स नई दिल्ली, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ और एम्स ऋषिकेश में स्थापित किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार की 5,000 करोड़ रुपये की फार्मा-मेडटेक सेक्टर में अनुसंधान और नवाचार प्रोत्साहन (पीआरआईपी) योजना का उद्देश्य अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करना तथा नवाचार-आधारित विकास की दिशा में परिवर्तन को बढ़ावा देना है। मंत्री ने केंद्रीय बजट में घोषित 10,000 करोड़ रुपये के बायोफार्मा शक्ति मिशन पर भी प्रकाश डाला,जिसका उद्देश्य बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स में क्षमताओं को मजबूत करना,कुशल मानव संसाधन विकसित करना, नियामक और नैदानिक परीक्षण क्षमताओं को मजबूत करना और घरेलू जैव-औषधीय इको-सिस्टम को समर्थन देना है।औषधि विभाग के सचिव मनोज जोशी ने औषधि एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जहां बड़ी औषधि कंपनियां उत्पादन, मानव संसाधन, विपणन, वितरण और इन्वेंट्री प्रबंधन के लिए एआई का तेजी से उपयोग कर रही हैं, वहीं स्टार्टअप, विशेष रूप से बेंगलुरु और हैदराबाद में, औषधि खोज के लिए एआई का लाभ उठा रहे हैं। इससे संभावित औषधि उम्मीदवारों की तेजी से पहचान और चयन करने में मदद मिल रही है और औषधि खोज में लगने वाला समय काफी कम हो रहा है। उन्होंने पूंजी, सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग, कंप्यूटिंग क्षमता और विशेषीकृत प्रतिभा से संबंधित चुनौतियों पर प्रकाश डाला और कहा कि सरकार राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन और इंडिया एआई मिशन सहित कई पहलों के माध्यम से इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए काम कर रही है ।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को मिल रहा सम्मान और अवसर

गाजियाबाद। जीवन में आने वाली विपरीत परिस्थितियां कभी-कभी इंसान को पूरी तरह तोड़ देती हैं, लेकिन यदि कठिन समय में सही सहयोग और अवसर मिल जाए तो जीवन को फिर से नई दिशा दी जा सकती है। गाजियाबाद निवासी नवनीत और उनकी दिव्यांग पत्नी की कहानी इसी विश्वास, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल है। दिनांक *26 अप्रैल 2026* को बीमारी के बाद उनके 17 वर्षीय इकलौते पुत्र का निधन हो गया। पुत्र ही परिवार का एकमात्र सहारा था और उसकी छोटी-सी आय से किसी तरह परिवार का भरण-पोषण हो रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी तथा उन्हें दिव्यांग पेंशन के रूप में मात्र ₹1,000 प्रतिमाह प्राप्त होती थी। पुत्र के उपचार में परिवार की बची हुई जमा पूंजी भी खर्च हो गई और कर्ज का बोझ बढ़ता चला गया।ऐसे कठिन समय में नीव शक्ति संस्था एवं गाजियाबाद जिला प्रशासन ने परिवार की परिस्थितियों को समझते हुए उन्हें रोजगार से जोड़ने की पहल की। इसी क्रम में दंपति को दिव्यांग खोखा उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें स्वयं का रोजगार शुरू करने का अवसर मिला।आज यही छोटा-सा खोखा नवनीत जी और उनकी पत्नी के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और नई उम्मीद का माध्यम बन गया है। दोनों पति-पत्नी मिलकर इस रोजगार को संचालित कर रहे हैं और मेहनत एवं लगन से अपने परिवार की आजीविका चला रहे हैं। इससे उन्हें दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अपने श्रम से सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिला है। लाभार्थी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जताया आभार लाभार्थी नवनीत  ने कहा कि, “हमने अपने जीवन में बहुत बड़ा दुख देखा है। बेटे को खोने के बाद हमारे सामने परिवार चलाने की भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। ऐसे समय में नीव शक्ति संस्था और गाजियाबाद जिला प्रशासन ने हमारा साथ दिया। हमें केवल खोखा नहीं मिला, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिला। इसके लिए हम उत्तर प्रदेश सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के हृदय से आभारी हैं। सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं से हमें नई उम्मीद और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।उन्होंने कहा कि आज वह और उनकी पत्नी मेहनत कर अपना रोजगार चला रहे हैं और सम्मान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा जिला प्रशासन गाजियाबाद का धन्यवाद ज्ञापित किया। शासकीय योजनाओं का उद्देश्य—सहायता से आगे बढ़कर आत्मनिर्भरता जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रकार के प्रयासों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार, सम्मान और स्वावलंबन के अवसर प्रदान करना है। नवनीत और उनकी पत्नी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।यह कहानी संदेश देती है कि “दया नहीं, अवसर; सहानुभूति नहीं, सम्मान; और सहायता नहीं, आत्मनिर्भरता” ही सशक्त समाज की दिशा है। सही समय पर मिला एक अवसर किसी कठिन परिस्थिति से जूझ रहे परिवार के जीवन में नई उम्मीद और नई राह पैदा कर सकता है।

विद्युत विभाग शीघ्र एवं त्वरित समस्याओं का निस्तारण करना सुनिश्चित करायें: कुमार सौरभ मुख्य विकास अधिकारी

गाजियाबाद। मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद कुमार सौरभ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के निर्माणाधीन कार्यों में विद्युत कार्यों में आ रही समस्याओं के निस्तारण हेतु विद्युत विभाग एवं समस्त कार्यदायी संस्थाओं के अधीन समन्वय बैठक आयोजित की गयी। उक्त समीक्षा बैठक के अन्तर्गत अधिकांशतः कार्य लोक निर्माण विभाग के थे, जिनके सम्बन्ध में अधिशासी अभियन्ता द्वारा अवगत कराया गया कि अधिकांश धनराशि विद्युत विभाग को दिये जाने के उपरान्त भी कार्य पूर्ण नही कराये जा रहे है, मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विद्युत विभाग को निर्देश दिये गये है कि तुलसी निकेतन पर बनाये गये यूटर्न के कार्य के अधीन विद्युत कार्य को दिनांक 30.09.2026 तक, मोदीनगर हापुड़ मार्ग (प्रमुख जिला मार्ग-148 डब्लू) के किमी0 1 (625) से 13 में टू-लेन विद पेव्ड शोल्डर के साथ चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के अधीन विद्युत कार्य को 20.10.2026 तक, फरुखनगर सिरौरा मार्ग के चैनेज 0.00 से 9.70 तक चौड़ीकरण एवं सुदढ़ीकरण के अधीन कार्य को 15.09.2026 तक, बन्थला ढिकौली मार्ग (अ०जि०मा०) के किमी० 8 से बेहटा हाजीपुर मार्ग (अ०जि०मा०) के किमी० 9, 10, 11, 12, 13 (900) में चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण के अधीन कार्य को 15.09.2026 तक, दिल्ली कानपुर मार्ग (अ०जि०मा०) के चैनेज 22.600 से 23.800 तक मार्ग के चौड़ीकरण / सुदृढ़ीकरण के अधीन अवशेष 60 प्रतिशत कार्य को 15. 09.2026 तक पूर्ण कराया जाये एवं हिण्डन एयरपोर्ट सिविल टर्मिनल से बेटी बचाओं चौक मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के अधीन कार्य पूर्ण कराये जाने का बार चार्ट उपलब्ध कराया जाये।उपरोक्त के अतिरिक्त गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम गाजियाबाद एवं नगर पालिकाओं के अधिकारियों को निर्देश दिये गये के अपने-अपने विभाग के अधीन लम्बित कार्यों की सूची अधीक्षण अभियन्ता विद्युत को उपलब्ध करा दे, जिससे उनका निस्तारण कर कार्य पूर्ण कराये जाये। यह भी निर्देश दिये गये कि उक्त बिन्दुओं का अनुपालन अगली समीक्षा बैठक से पूर्व किया जाये। आज की समीक्षा बैठक में  जे०पी०यादव अपर नगर आयुक्त, एन०के०चौधरी मुख्य अभियन्ता नगर निगम, श्री आलोक रंजन मुख्य अभियन्ता जी०डी०ए०, रामराजा अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग, निशान्त अधीक्षण अभियन्ता विद्युत, महेश उपाध्याय विद्युत एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहें।

पीएनजी ज्वेलर्स की ओर से हर महिला के लिए कंटेम्प्ररी डिज़ाइन के साथ वार्षिक मंगलसूत्र महोत्सव का आयोजन

गुरूग्राम। भारत में विवाह समारोह में सबसे पवित्र प्रतीकों में माना जानेवाला मंगलसूत्र के महत्व का उत्सव मनाते हुए पीएनजी ज्वेलर्स ने अपने बहुप्रतीक्षित मंगलसूत्र महोत्सव की घोषणा की है। यह महोत्सव १३ अगस्त से १३ सितंबर २०२६ तक भारत भर के सभी पीएनजी ज्वेलर्स शोरूम्स में आयोजित किया जाएगा। इस वार्षिक महोत्सव में अब तक का सबसे विस्तृत मंगलसूत्र कलेक्शन प्रस्तुत किया जाएगा।यह कलेक्शन आधुनिक भारतीय महिलाओं की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और पारंपरिक ज्वेलरी के महत्व को भी बनाए रखा गया है.पिछले कुछ वर्षों से मंगलसूत्र महोत्सव पीएनजी ज्वेलर्स की प्रमुख वार्षिक उपक्रमों में से एक बन चुका है. इस महोत्सव में ग्राहकों के लिए पारंपरिक, आधुनिक और लाइटवेट मंगलसूत्रों की विस्तृत श्रृंखला पेश की जाती है।यह मंगलसूत्र त्योहारों के साथ-साथ रोज के लिए भी उपयुक्त हैं. इस वर्ष का कलेक्शन ग्राहकों की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें आकर्षक सोने का मंगलसूत्र, सॉलिटेयर इंस्पायर्ड डायमंड स्टाइल्स, मिनिमलिस्ट डेली वियर डिज़ाइन्स और परंपरा के साथ व्यक्तित्व के लिए ज्वेलरी शामिल हैं.सभी आयु वर्ग की विवाहित महिलाओं की पसंद-नापसंद को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस महोत्सव में पति और परिवारों की आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है, जो श्रावण के शुभ अवसर पर गहनों का कोई खास तोहफ़ा देना चाहते हैं।उत्कृष्ट कारीगरी से कोई समझौता किए बिना किफायती दाम पर ज्वेलरी उपलब्ध कराने वाला यह फेस्टिवल ग्राहकों को उनके स्टाइल, पर्सनैलिटी और बजट के हिसाब से कई तरह के डिज़ाइन चुनने का मौका देता है.इस महोत्सव के तहत ग्राहक मंगळसूत्र के आभूषणों पर मेकिंग चार्जेस केवल 7.99% से मिल रहा है. यह विशेष छूट १३ सितंबर २०२६ तक सीमित है, यह प्रेम और कटिबद्धता का शाश्वत प्रतीक रहे इस ज्वेलरी में निवेश करने का एक उत्कृष्ट अवसर है।इस अवसर पर पीएनजी ज्वेलर्स के अध्यक्ष और व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. सौरभ गाडगीळ ने कहा,मंगलसूत्र हमेशा से भावनात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन आज की महिलाएँ इसे पहनने और अपनी शैली में अपनाने का नया दृष्टिकोण प्रस्तुत कर रही हैं. पीएनजी ज्वेलर्स में हमारी कोशिश रही है कि हम इसके सांस्कृतिक महत्व को बनाए रखें और साथ ही ऐसे डिज़ाइन पेश करें जो आज की जीवनशैली के लिए अनुकूल हों. ‘मंगलसूत्र महोत्सव’ के ज़रिए हम देश के सबसे बड़े कलेक्शन में से एक पेश कर रहे हैं,जिससे प्रत्येक महिला को ऐसा डिज़ाइन मिल सके जो उनकी पर्सनैलिटी को दर्शाता हो. चाहे वह परंपरा से जुड़ी हो या आधुनिक सुंदरता से प्रेरित हो. यह वार्षिक महोत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत और आत्म-अभिव्यक्ति, को व्यक्त करने के तरीका इन दोनों का उत्सव है.लगभग दो शतकों का विश्वास और उत्कृष्ट कारीगरी की विरासत के साथ पीएनजी ज्वेलर्स ज्वेलरी की विविध श्रेणियों में निरंतर प्रयोग कर रहे है. मंगलसूत्र महोत्सव जैसी उपक्रमों के माध्यम से ब्रांड अपने बढ़ते रिटेल नेटवर्क के ज़रिए उत्कृष्ट डिझाइन्स, अतुलनीय विविधता और ग्राहकों को अर्थपूर्ण मूल्य प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को अधिक सशक्त बनाता है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने पीएम गतिशक्ति पहल को मजबूत करने के लिए दो अहम एमओयू पर हस्ताक्षर किए

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स डेटा के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए दो अहम एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे राज्य की पीएम गतिशक्ति व्यवस्था को नई गति मिलेगी, क्योंकि राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को ज्यादा डेटा-आधारित बनाना चाहता है।भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (बीआईएसएजी—एन) और नेशनल लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (एनएलडीएसएल) के साथ ये समझौते 20 अगस्त को रायपुर में पीएम गतिशक्ति और लीड्स 2025 डिसैमिनेशन वर्कशॉप के दौरान किए गए। इस वर्कशॉप का आयोजन छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्य और उद्योग विभाग और भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईआई) ने संयुक्त रूप से किया था।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पीएम गतिशक्ति छत्तीसगढ़ में डेटा-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत कर रही है। इससे हमें बेहतर ढंग से इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना बनाने, कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स की कमियों की पहचान करने और बेहतर तालमेल वाले औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। यह निवेश और टिकाऊ आर्थिक विकास के लिए मजबूत माहौल बनाने में सहायक है।वर्कशॉप में पीएम गतिशक्ति के तहत छत्तीसगढ़ की तरक्की एक खास बात रही। राज्य ने पहले ही 35 से ज्यादा विभागों को इस प्लेटफार्म से जोड़ लिया है और 41 जरूरी व 600 से ज़्यादा अतिरिक्त डेटा लेयर्स को मैप किया है। इसने 45 यूज केस और 30 टूल्स विकसित किए हैं, जिससे यह एक जटिल डिजिटल प्लेटफार्म के बजाय प्लानिंग का एक व्यावहारिक जरिया बन गया है।जीआईएस-आधारित रोड ब्लैक स्पॉट की पहचान से ऐसे उपाय करने में मदद मिल रही है जिनसे दुर्घटनाओं को रोका जा सके और जानें बचाई जा सकें। इसी तरह के डेटा-आधारित तरीकों का इस्तेमाल उन गांवों की पहचान करने के लिए किया जा रहा है जहां बैंकिंग सुविधाएँ ठीक से नहीं हैं, और एमएमजीबीवाई के तहत बस रूट को बेहतर बनाने के लिए भी इनका उपयोग हो रहा है। सालाना एक्शन प्लान के तहत 80 से ज़्यादा प्रोजेक्ट्स को मदद दी गई है। टूरिज्म वाली जगहों पर कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए 600 मोबाइल टावर लगाए गए हैं, जबकि ‘भव्य’ स्कीम के तहत नवा रायपुर में 700 एकड़ जमीन तय की गई है।छत्तीसगढ़, पीएम गतिशक्ति को लागू करने वाले प्रमुख राज्यों में से एक बनकर उभरा है और डीपीआईआईआई के लीड्स 2025 असेसमेंट में जमीन से घिरे राज्यों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राज्यों में गिना गया है। इंसानों और हाथियों के बीच टकराव को कम करने के लिए वन विभाग का “गज संकेत” ऐप, गतिशक्ति का एक और उदाहरण है। यह ऐप सरकार को प्रशासनिक विभागों की सीमाओं के बजाय समस्या की भौगोलिक स्थिति के आधार पर फैसले लेने में मदद करता है।

संबित पात्रा ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- वंदे मातरम को लेकर कोई समझौता नहीं होगा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम की घोषणा के बाद शनिवार को भाजपा मुख्यालय में पहली पदाधिकारी बैठक हुई। बैठक के बाद पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उन्होंने बताया कि अभी भी बैठकों का सिलसिला जारी है। संबित पात्रा ने कहा कि पहली पदाधिकारी बैठक में पहला प्रस्ताव भारत के गौरव और सम्मान, वंदे मातरम के महामंत्र के सम्मान में पारित हुआ है। पिछले कुछ महीनों में वंदे मातरम को लेकर कुछ ऐतिहासिक फैसले हुए हैं। उन्होंने कहा, “यह वर्ष वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह के रूप में मनाया जा रहा है। हिंदुस्तान के कोने-कोने में वंदे मातरम के प्रति सम्मान, भाव और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिल रहा है।” संबित पात्रा ने कहा, “मैंने वंदे मातरम को मंत्र इसलिए कहा, क्योंकि इस मंत्र के मूल में देश है, देशभक्ति है। भारत के इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के नेतृत्व में वंदे मातरम के सभी 6 पदों का गायन लाल किले के परिसर में हुआ।” उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2026 को भारत के इतिहास में पहली बार पूरे वंदे मातरम, जिसमें सभी 6 छंद शामिल हैं, को गाया गया। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “सूर्योदय के साथ हमने संपूर्ण वंदे मातरम को सुना, सराहा और नमन किया, वहीं सूर्य अस्त होते-होते 15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यालय का एक वीडियो सामने आया, जहां सोनिया गांधी को वंदे मातरम को दो छंदों के बाद रोकने के लिए कहते देखा गया।” संबित पात्रा ने कहा, “हमने देखा कि किस प्रकार कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी की मौजूदगी में जब तिरंगा लहराया जा रहा था, उस समय जब वंदे मातरम शुरू हुआ तो 2 छंदों के बाद सोनिया गांधी को ‘स्टॉप-स्टॉप’ कहते हुए सुना गया, जैसे कोई गलत शब्द बोल दिए गए हों।” उन्होंने कहा कि 19 अगस्त को सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जो 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने अक्टूबर में कलकत्ता में पारित किया था। वह प्रस्ताव था कि हम 6 छंदों के वंदे मातरम को नहीं मानेंगे, हम इसका विभाजन करेंगे और काट-छांट कर वंदे मातरम के केवल 2 ही छंद गाएंगे। संबित पात्रा ने कहा, “राष्ट्र भक्ति का लबादा ओढ़कर आखिर कांग्रेस अपने आप को कब तक छुपाए रखेगी, आज कांग्रेस के ऊपर से राष्ट्र भक्ति का लबादा पूरी तरह गिर चुका है और उसके अंदर की तुष्टिकरण की राजनीति पूरा देश देख रहा है। मगर भारतीय जनता पार्टी ये होने नहीं देगी।” उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। संबित पात्रा ने आरोप लगाए कि राहुल गांधी ने खुद एक बंद कमरे की बैठक में कहा था कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप देश को इस तरह से बांट दें। महात्मा गांधी ने वंदे मातरम गाने की बात कही थी। यह कभी हिंदू और मुसलमानों को बांटने का साधन नहीं था।

बंधन कोन्नगर ने सहयोगात्मक सामाजिक विकास पर राष्ट्रीय संवाद को आगे बढ़ाने के लिए SETU 2026 का शुभारंभ किया

नई दिल्ली। बंधन कोन्नगर ने आज सहयोगात्मक सामाजिक विकास पर भारत के प्रथम राष्ट्रीय नेतृत्व शिखर सम्मेलन ‘SETU – India’s National Leadership Summit on Collaborative Social Development’ का आयोजन किया। ‘नीति से व्यवहार तक: व्यापक सामाजिक प्रभाव के लिए साझेदारियों का निर्माण’ विषय पर आयोजित इस शिखर सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, कॉर्पोरेट CSR एवं ESG विशेषज्ञों, परोपकार क्षेत्र के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों तथा विकास क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। शिखर सम्मेलन का उद्देश्य सरकार, उद्योग, नागरिक समाज, समुदायों तथा अन्य हितधारकों के बीच विकास लक्ष्यों के समन्वय से जुड़ी संभावनाओं एवं चुनौतियों पर राष्ट्रीय स्तर पर संवाद और कार्रवाई के लिए एक मंच स्थापित करना था, ताकि व्यापक, मापनीय एवं टिकाऊ समाधानों को विकसित किया जा सके। नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटैट सेंटर में आयोजित यह शिखर सम्मेलन समावेशी एवं सहयोगात्मक सामाजिक विकास पर राष्ट्रीय संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जिसे भविष्य में भी जारी रखा जाएगा।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय में माननीय राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान को इस उद्घाटन शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था। इस अवसर पर राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के CEO श्री अरुण के.आर. पिल्लई, बंधन समूह के चेयरमैन श्री चंद्र शेखर घोष तथा बंधन कोन्नगर के CEO श्री संजीब कुमार दास सहित वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि, CSR एवं ESG क्षेत्र के नेतृत्वकर्ता, विकास क्षेत्र के विशेषज्ञ, परोपकारी संस्थाएं, शिक्षाविद तथा कार्यान्वयन साझेदार उपस्थित रहे।SETU राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगात्मक सामाजिक विकास पर केंद्रित एक सतत संवाद का मंच है। इसका उद्देश्य नीति, संसाधनों, कार्यान्वयन तथा समुदायों की आवश्यकताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इसके अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों के बीच संवाद, जमीनी स्तर के अनुभवों का आदान-प्रदान, साक्ष्य-आधारित प्रभाव अध्ययन, साझेदारी घोषणाएं तथा समावेशी विकास में योगदान देने वाले संगठनों को सम्मानित करने जैसे प्रयासों को प्रमुखता दी जाएगी। सरकार, कॉर्पोरेट क्षेत्र, नागरिक समाज, परोपकार, शिक्षा जगत और समुदायों के बीच समन्वय के माध्यम से SETU ऐसे समाधानों को प्रोत्साहित करने का प्रयास करेगा, जो नीति से व्यवहार, पायलट परियोजना से व्यापक स्तर, हस्तक्षेप से प्रभाव तथा गतिविधि से मापनीय परिणाम की दिशा में आगे बढ़ें। इसका उद्देश्य ऐसे विकास प्रतिमान में योगदान देना है, जिसमें आर्थिक एवं सामाजिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ें और भारत की समग्र प्रगति में योगदान दें।बंधन समूह के चेयरमैन श्री चंद्र शेखर घोष ने कहा,“2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का हमारा दृष्टिकोण तभी सार्थक रूप से पूरा होगा, जब विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे। ग्रामीण समुदाय, महिलाएं, युवा तथा वंचित समुदाय केवल विकास के निष्क्रिय लाभार्थी नहीं हो सकते; उन्हें भारत में आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार और योगदानकर्ता बनना होगा। CSR का अगला चरण केवल व्यय और गतिविधियों तक सीमित न रहकर मापनीय एवं दीर्घकालिक प्रभाव की दिशा में आगे बढ़ना है। SETU एक आह्वान है—कल्याण से सशक्तीकरण की ओर, अलग-अलग हस्तक्षेपों से साझेदारी की ओर और अल्पकालिक गतिविधियों से दीर्घकालिक सामाजिक मूल्य की ओर बढ़ने का।शिखर सम्मेलन के प्रथम सत्र का उद्घाटन श्री कमलेश पासवान और श्री अरुण कुमार पिल्लई द्वारा किया गया। सत्र में समावेशी विकास के लिए नीति, कौशल विकास तथा संस्थागत साझेदारी के महत्व पर चर्चा की गई। श्री चंद्र शेखर घोष ने ‘समावेशन से संस्थान तक: जमीनी स्तर से विकास मॉडल का निर्माण’ विषय पर नेतृत्व संबोधन दिया। उन्होंने ऐसे विकास मॉडलों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया, जो केवल व्यक्तिगत हस्तक्षेप तक सीमित न रहकर टिकाऊ संस्थानों और प्रणालियों का स्वरूप ग्रहण कर सकें। शिखर सम्मेलन में कौशल विकास, टिकाऊ आजीविका एवं उद्यमिता, ऋण एवं बाजार,

रियल ने ‘रियल ग्रीटिंग्स’ के साथ इस रक्षाबंधन भाई-बहन के खूबसूरत रिश्ते का जश्न मनाया

नई दिल्ली। इस रक्षाबंधन, डाबर इंडिया लिमिटेड के भारत के अग्रणी पैकेज्ड फ्रूट जूस एवं बेवरेज ब्रांड रियल ने अपने नवीनतम अभियान ‘रियल ग्रीटिंग्स’ के माध्यम से भाई-बहनों के उस खूबसूरत और अक्सर शब्दों में न व्यक्त हो पाने वाले रिश्ते का जश्न मनाया है।इस अभियान के केंद्र में एक भावनात्मक डिजिटल फिल्म है, जो एक भाई और बहन के रिश्ते को उन छोटे-छोटे पलों के माध्यम से जीवंत करती है जो उनके बंधन को वास्तव में खास बनाते हैं। रोजमर्रा की नोक-झोंक, शरारतों और हंसी-मजाक से लेकर चिंता, स्नेह और हर परिस्थिति में साथ निभाने तक, यह फिल्म दिखाती है कि भाई-बहन भले ही अपने प्यार को हमेशा शब्दों में व्यक्त न करें, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। फिल्म भाई-बहन के रिश्ते को बेहद सहज और वास्तविक तरीके से प्रस्तुत करती है, जहां तकरार और शरारतों के साथ-साथ अपनापन और साथ भी होता है। यह याद दिलाती है कि हर छोटी-मोटी लड़ाई, हर मजाक और हर छोटे से भाव के पीछे गहरा प्यार और मजबूत रिश्ता छिपा होता है।अभियान के बारे में बात करते हुए, डाबर इंडिया लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट मार्केटिंग, श्री मयंक कुमार ने कहा, “रक्षाबंधन उस रिश्ते का उत्सव है, जो अनगिनत छोटे-छोटे पलों से बना होता है। इसमें नोक-झोंक है, लड़ाई है, हंसी है और सबसे बढ़कर हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ है। ‘रियल ग्रीटिंग्स’ के माध्यम से हम ऐसे रिश्ते का जश्न मनाना चाहते थे, जिसे केवल शब्दों से नहीं, बल्कि एक नजर, एक मुस्कान, एक इशारे और उस प्यार से महसूस किया जाता है जो बिना कहे सब कुछ समझ लेता है। यह अभियान इस बात को दर्शाता है कि भाई-बहन हमेशा अपने मन की बात नहीं कहते, लेकिन उनके कर्म ही उनकी भावनाओं को व्यक्त कर देते हैं।रियल ग्रीटिंग्स’ के माध्यम से रियल उपभोक्ताओं को पारंपरिक राखी बांधने की रस्म से आगे बढ़कर अपने भाई-बहनों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए प्रेरित कर रहा है। यह पहल लोगों को उन भावनाओं को सार्थक शुभकामनाओं और संदेशों के रूप में साझा करने का अवसर प्रदान करती है, जो अक्सर अनकही रह जाती हैं, जिससे यह अवसर और भी व्यक्तिगत तथा यादगार बन जाता है।डाबर इंडिया लिमिटेड में जी.एम. मार्केटिंग, फूड्स एंड बेवरेजेज, सुश्री मोनिशा प्रशर ने कहा, “भाई-बहन का रिश्ता उन छोटे-छोटे पलों से बनता है जो जीवनभर याद रहते हैं। एक-दूसरे की टांग खींचने से लेकर चुपचाप एक-दूसरे का ख्याल रखने तक, यही पल इस रिश्ते को खास बनाते हैं। ‘रियल ग्रीटिंग्स’ इन्हीं सच्ची भावनाओं और प्यार के खूबसूरत अभिव्यक्तियों का उत्सव है। इस अभियान के माध्यम से हम लोगों को अपने भाई-बहनों की अहमियत समझने, उनकी सराहना करने और उन भावनाओं को शब्द देने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं जो अक्सर अनकही रह जाती हैं।यह अभियान फिल्म विभिन्न पीढ़ियों के दर्शकों से जुड़ने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें ऐसे दृश्य और परिस्थितियां दिखाई गई हैं जो लगभग हर भाई-बहन के लिए परिचित और जुड़ाव महसूस कराने वाली हैं। फिल्म इस सार्वभौमिक सत्य को उजागर करती है कि भाई-बहन भले ही अपने स्नेह को खुलकर व्यक्त न करें, लेकिन वे हमेशा एक-दूसरे के सबसे भरोसेमंद साथी और मजबूत सहारा बने रहते हैं।रियल ग्रीटिंग्स’ अभियान फिल्म को डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से प्रसारित किया जा रहा है। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई-बहनों के लिए संदेश, यादें और प्यार से भरे खास पल साझा करने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।

प्रुडेंशियल हेल्थ इंडिया ने तेजी से बढ़ते स्वास्थ्य बीमा बाजार में परिचालन शुरू किया

नोएडा।प्रुडेंशियल एचसीएल हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड (प्रुडेंशियल हेल्थ इंडिया), प्रुडेंशियल पीएलसी (यूके) और एचसीएल ग्रुप के 70:30 संयुक्त उद्यम द्वारा समर्थित स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमा कंपनी ने भारत में अपना व्यावसायिक परिचालन शुरू कर दिया है। कंपनी को 1 जुलाई 2026 को पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ था।तेजी से विस्तार कर रहे भारतीय स्वास्थ्य बीमा बाजार को ध्यान में रखते हुए कंपनी का लक्ष्य तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा को अधिक सरल, व्यक्तिगत और सुलभ बनाना है। कंपनी के नेटवर्क में 12,000 से अधिक अस्पताल शामिल हैं। इसका ओम्नीचैनल मॉडल एजेंसी नेटवर्क के माध्यम से व्यक्तिगत सलाह और एआई-सक्षम डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर प्लेटफॉर्म को एक साथ लाता है।प्रुडेंशियल पीएलसी के रीजनल सीईओ नवीन ताहिलियानी ने कहा, “भारत प्रुडेंशियल के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाजार है। प्रुडेंशियल हेल्थ इंडिया के माध्यम से हमारा उद्देश्य सरल, सुलभ और सहज ग्राहक अनुभव वाला एक अलग स्वास्थ्य बीमा व्यवसाय तैयार करना है। प्रुडेंशियल की बीमा विशेषज्ञता को एचसीएल ग्रुप की तकनीक और स्वास्थ्य सेवा क्षमताओं से जोड़कर हम स्वास्थ्य सुरक्षा को अधिक भारतीय परिवारों तक पहुंचाना चाहते हैं।प्रुडेंशियल हेल्थ इंडिया के एमडी एवं सीईओ डिज़िग्नेट अमित दवे ने कहा, “हमारा प्रयास केवल वित्तीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्राहकों की स्वास्थ्य यात्रा के हर महत्वपूर्ण चरण में सही सहायता उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में हम ‘इंश्योरेंस फॉर ऑल बाय 2047’ के विज़न में योगदान देना चाहते हैं।यह साझेदारी प्रुडेंशियल की बीमा विशेषज्ञता और एचसीएल की तकनीकी एवं स्वास्थ्य सेवा क्षमताओं को एक मंच पर लाकर अगली पीढ़ी के ग्राहक-केंद्रित और तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य बीमा इकोसिस्टम के निर्माण पर केंद्रित है।