दिल्ली से हरिद्वार तक : सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में तड़के से भक्तों का तांता

हरिद्वार। सावन के पवित्र महीने के पहले सोमवार पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। उत्तराखंड के हरिद्वार से लेकर उत्तर प्रदेश के अयोध्या, हापुड़ और ग्रेटर नोएडा तक, वहीं दिल्ली के प्रमुख शिवालयों में भी सुबह तड़के से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। भक्त गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित कर भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना कर रहे हैं। हरिद्वार के प्रसिद्ध दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए कतार में लग रहे। सावन के पहले सोमवार के कारण मंदिर में भारी भीड़ देखने को मिली। मंदिर प्रशासन ने दर्शन और पूजा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। दक्षेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी विनोद ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पूरे महीने भगवान शिव प्रतीकात्मक रूप से दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विराजमान रहते हैं और यहीं से सृष्टि का संचालन करते हैं। यही वजह है कि सावन में इस मंदिर का महत्व कई गुना बढ़ जाता है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। महामंडलेश्वर संतोषी माता ने भी कनखल स्थित इस पवित्र स्थल के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान शिव की कृपा से यह स्थान सदियों से आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है और सावन के महीने में यहां पूजा-अर्चना का विशेष फल मिलता है। मंदिर पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि दक्षेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव का ससुराल माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि सावन के पूरे महीने भगवान शिव यहां निवास करते हैं और सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसी विश्वास के साथ हर साल हजारों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक करने आते हैं। उधर, उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में भी सावन के पहले सोमवार पर लाखों श्रद्धालु उमड़े। भक्तों ने सबसे पहले सरयू नदी में पवित्र स्नान किया और उसके बाद नागेश्वर नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हापुड़ के प्राचीन सिद्ध पीठ श्री सबली महादेव मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। मंदिर के पुजारी पंडित रवि शंकर शुक्ला ने बताया कि यह मंदिर जिले के सबसे प्रतिष्ठित शिव मंदिरों में से एक है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है, इसलिए सावन के पहले सोमवार पर यहां विशेष भीड़ उमड़ती है। ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव स्थित प्रसिद्ध रावण मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बिसरख को रावण का जन्मस्थान माना जाता है। यहां मौजूद स्वयंभू शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि उसकी गहराई आज तक कोई नहीं जान पाया है। धार्मिक मान्यता यह भी है कि रावण ने इसी शिवलिंग की कठोर तपस्या कर भगवान शिव को अपने सिर अर्पित किए थे, जिसके बाद उसे 10 सिरों से जुड़ी अद्भुत शक्ति का वरदान मिला था। इसी वजह से सावन के दौरान यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बन जाता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी सावन के पहले सोमवार पर शिवभक्ति का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। तुगलकाबाद के प्राचीन शिव मंदिर और ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं। गौरी शंकर मंदिर पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि वह सुबह छह बजे मंदिर पहुंचे थे, लेकिन तब तक भी दर्शन के लिए लंबी लाइन लग चुकी थी। उन्होंने कहा कि वह रोज मंदिर आते हैं, लेकिन सावन के पहले सोमवार जैसी भीड़ उन्होंने लंबे समय बाद देखी है।
ब्राजील की वर्कर्स पार्टी ने राष्ट्रपति लूला को चौथे कार्यकाल के लिए आधिकारिक तौर पर नॉमिनेट किया

रियो डी जेनेरो। ब्राजील में इस साल अक्टूबर में राष्ट्रपति चुनाव होने जा रहा है। इस बीच ब्राजील की रूलिंग वर्कर्स पार्टी (पीटी) ने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा को आने वाले प्रेसिडेंट चुनाव के लिए आधिकारिक तौर पर अपना उम्मीदवार नामित किया है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को साओ पाउलो में पार्टी के नेशनल कन्वेंशन में, डेलीगेट्स ने ब्राजीलियन सोशलिस्ट पार्टी के मौजूदा उपाध्यक्ष गेराल्डो अल्कमिन के साथ लूला को टिकट देने को आधिकारिक मंजूरी दे दी। पीटी प्रेसिडेंट एडिन्हो सिल्वा ने ऐलान किया कि पार्टी ने सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट में अपने उम्मीदवार का रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया है। कन्वेंशन को संबोधित करते हुए, 80 साल के ब्राजीलियाई राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार की उपलब्धियां कैंपेन के लिए एक मजबूत नींव का काम करेंगी। लूला ने कहा, “हम हर जगह लोगों को गर्व से दिखा सकते हैं कि फेडरल सरकार ने क्या हासिल किया है।” लूला ने ब्राजील की डिफेंस इंडस्ट्री को मजबूत करने, देश के रणनीतिक मिनरल रिसोर्स की सुरक्षा करने और देश की संप्रभुता की रक्षा करने का वादा किया। उन्होंने कहा, “कोई भी चीनी, कोई भी अमेरिकी, कोई भी फ्रांसीसी ब्राजील की संप्रभुता का सम्मान किए बिना इन रिसोर्स को नहीं छुएगा।” उन्होंने कहा कि आगे बदलाव लाने के लिए उनकी सरकार को और ज्यादा हिम्मत दिखानी होगी। लूला के कैंपेन में कम आय वालों पर बोझ कम करने के मकसद से प्रस्तावित आय कर सुधारों के साथ-साथ एक ऋण राहत कार्यक्रम को भी उजागर किया गया। इसे सार्वजनिक समर्थन मिला है। इस बीच ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने चीन के साथ अपने देश के संबंधों को और मजबूत किया है। चीन ब्राजील का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। लूला ने हाल में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से सीधी बातचीत की। दोनों नेताओं की चर्चा में व्यापार, प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि और मर्कोसुर-चीन के आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर जोर रहा। ब्राजील के चुनावी नियमों के तहत, राजनीतिक पार्टियों को 5 अगस्त तक अपने उम्मीदवारों की पुष्टि करनी होगी और 15 अगस्त तक आधिकारिक रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। आधिकारिक चुनाव कैंपेन 16 अगस्त से शुरू होने वाला है। लूला ने पहले 2002 और 2006 के चुनाव जीतने के बाद लगातार दो कार्यकाल राष्ट्रपति के तौर पर काम किया था। उन्होंने 2022 का चुनाव जीतने के बाद फिर से पद की जिम्मेदारी संभाली और जनवरी 2023 में अपना तीसरा कार्यकाल शुरू किया।
बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी करेंगे बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल, जैश-ए-मोहम्मद की धमकियों के बीच सुरक्षा बढ़ी

कोलकाता। आतंकवादी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ से जान को खतरा होने की हालिया जानकारी के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी अब बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे। यह जानकारी पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से जुड़े सूत्रों ने दो संदिग्धों की गिरफ्तारियों के बाद दी। पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमीम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि हमीम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार दोनों के संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-अपराधी समूह ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ (एसबीएन) से भी हैं। मंडल को शुक्रवार सुबह पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान शहर से गिरफ्तार किया गया था। एसटीएफ को उसके पास से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के रोजाना के कार्यक्रमों और आवाजाही से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले। एसटीएफ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने रविवार शाम से ही नई बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। रविवार रात उन्होंने पूर्वी मिदनापुर जिले के कांथी में स्थित अपने पैतृक घर से कोलकाता तक इसी गाड़ी में यात्रा की। राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों के बाद जब सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने, तभी से उनके काफिले में बुलेटप्रूफ गाड़ी शामिल कर ली गई थी। हालांकि, अधिकारी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री अपनी यात्राओं के दौरान लोगों से मिलने-जुलने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं करना पसंद करते थे। लेकिन पुलिस अधिकारी का कहना है कि मौजूदा हालात और जान को गंभीर खतरे को देखते हुए उन्हें अब उस बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल करना ही होगा। गौरतलब है कि 6 मई को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यम ग्राम में हत्या हुई थी। एक कार ने चंद्रनाथ की गाड़ी का रास्ता रोका और मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने बहुत करीब से उन पर गोलियां चलाईं। इस हमले में चंद्रनाथ की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद, मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें केवल बुलेटप्रूफ गाड़ी में यात्रा करने की सलाह दी थी, जिसे उनके काफिले में शामिल भी किया गया था। हालांकि, बदली हुई परिस्थितियों के बावजूद मुख्यमंत्री ने रविवार शाम तक कभी इसका इस्तेमाल नहीं किया।
बिहार : सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में लगी भीषण आग, यात्रियों में मचा हड़कंप

पटना। बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन (63344) में सोमवार तड़के करीब 3:25 बजे भीषण आग लग गई, जिससे यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग ट्रेन के मध्य इंजन के पास लगी और तेजी से तीन डिब्बों में फैल गई। घने धुएं और ऊंची लपटों ने स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। आग लगने के समय ट्रेन में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। जैसे ही उन्होंने लपटें देखीं, यात्री डिब्बों से उतरने लगे। सभी यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने से एक बड़ा हादसा टल गया। सहरसा निवासी यात्री संजय कुमार ने बताया कि उन्हें सबसे पहले डिब्बे के नीचे से तीव्र गर्मी महसूस हुई। जब वे जांच करने के लिए नीचे उतरे, तो उन्होंने लपटें देखीं और तुरंत साथी यात्रियों को सतर्क किया। यात्री राजू कुमार ने बताया कि वह सिमरी बख्तियारपुर जाने के लिए मानसी स्टेशन पर ट्रेन में सवार हुए थे। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने के कुछ ही देर बाद इंजन के पास आग दिखाई दी, जो जल्द ही भीषण आग में बदल गई। जब स्टेशन अधिकारियों ने यात्रियों को ट्रेन से बाहर निकलने का आदेश दिया, तो कोच के अंदर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। आग की सूचना मिलने के बाद, कई दमकल गाड़ियां और रेलवे अधिकारी स्टेशन पहुंचे। दमकलकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और आखिरकार आग पर काबू पा लिया। इस घटना से सिमरी बख्तियारपुर में रेल परिचालन बाधित हुआ और कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। स्टेशन अधीक्षक संजय कुमार सज्जन ने बताया कि इस घटना के बाद सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। कोसी एक्सप्रेस (सहरसा-पटना), जानकी एक्सप्रेस (मनिहारी-जयनगर), सहरसा-समस्तीपुर पैसेंजर और श्रावणी स्पेशल (सहरसा-देवघर) सहित कई ट्रेनें विलंबित रहीं। स्टेशन अधीक्षक के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है, हालांकि सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं अग्निशमन कार्यों का निरीक्षण किया। रेलवे ने घटना के सटीक कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। अधिकारी प्रभावित तीनों डिब्बों को हुए नुकसान का आकलन भी कर रहे हैं।
आरबीआई एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक आज से शुरू, ब्याज दरों की होगी समीक्षा

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति कमेटी (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक की शुरुआत सोमवार से हो गई है। इस बैठक में ब्याज दरों (रेपो रेट) के साथ देश की आर्थिक स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इस बैठक के फैसलों का ऐलान बुधवार को आबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की ओर से सुबह 10 बजे किया जाएगा। आरबीआई एमपीसी की द्विमासिक बैठक ऐसे समय पर हो ही है, जब दुनिया वैश्विक अस्थिरता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर बढ़ाने और बॉन्ड यील्ड के उच्च स्तर पर जाने जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। कई विश्लेषकों का मानना है कि छह सदस्यों वाली आरबीआई एमपीसी अगस्त में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रख सकती है। एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि आरबीआई अपनी अगली बैठक में पॉलिसी रेट्स को अपरिवर्तित रख सकता है, क्योंकि अगले दो तिमाहियों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) 5 प्रतिशत से ऊपर रहने की उम्मीद है, जबकि घरेलू आर्थिक गतिविधि में मजबूती के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7 प्रतिशत से अधिक हो सकती है, जो पहले के अनुमानों से अधिक है। इसके अलावा, तेल की कीमतों में अस्थिरता, रुपए पर दबाव और बाहरी पूंजी प्रवाह में उतार-चढ़ाव के कारण केंद्रीय बैंक से स्पष्ट रूप से नरम टिप्पणी आने की संभावना नहीं है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई में मजबूत पूंजी प्रवाह, विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार, बेहतर मानसून की स्थिति और लगभग सामान्य जलाशय स्तरों के कारण घरेलू अर्थव्यवस्था के आधारभूत कारकों में सुधार हुआ है। इससे पहले जून में हुई आरबीआई एमपीसी की बैठक ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखा था और अपने पॉलिसी रुख को न्यूट्रल रखा था। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान भी संशोधित कर 6.6 प्रतिशत कर दिया था।
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर बुमराह, आकिब नबी को पहली बार मिली जगह

नई दिल्ली। भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अपनी इंजरी से रिकवर न होने के कारण श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। बुमराह की जगह पर जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि बुमराह अपने बाएं घुटने की इंजरी से समय रहते रिकवर नहीं हो सके हैं और इसी कारण वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। बुमराह को यह चोट इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान लगी थी। बुमराह का बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बुमराह के स्थान पर घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को बुमराह की स्थान पर टीम में मौका मिला है। नबी ने जम्मू-कश्मीर को इस बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने टूर्नामेंट में कुल 60 विकेट अपने नाम किए थे। पिछले दो रणजी सीरीज में नबी 104 विकेट निकाल चुके हैं। वह हाल ही में श्रीलंका दौरे पर गई भारत ए टीम का हिस्सा भी रहे थे, जहां उन्होंने दो मुकाबलों में 6 विकेट झटके थे। नबी के पास इंटरनेशनल स्टेज पर अपनी काबिलियत को साबित करने का यह सुनहरा मौका होगा। आकिब अब तक खेले 43 फर्स्ट क्लास मैचों में 18 की औसत से 162 विकेट चटका चुके हैं और उन्होंने एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा 16 बार किया है। वहीं, लिस्ट-ए क्रिकेट में आकिब 36 मुकाबलों में 27 की एवरेज से 56 विकेट निकाल चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के कारण आकिब को भारतीय टेस्ट टीम में जगह देने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होना है। पहला टेस्ट मैच गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इसके बाद दूसरे टेस्ट मैच का आगाज 23 अगस्त से होना है, जो कोलंबो में खेला जाना है। सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय टीम श्रीलंका इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय मैच खेलेगी, जिसकी शुरुआत 7 अगस्त से होनी है।
युवा नशे और लत के खतरों को समझें, सतर्क रहें और विनाशकारी आदत से दूर रहेंः पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ 100 हफ्ते तक चलने वाले इस अभियान में हर नागरिक, खासकर युवाओं से शामिल होने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज हम सभी जिस अभियान के साक्षी बन रहे हैं, वह व्यक्ति, परिवार, समाज और सबसे बड़ी बात कि राष्ट्र के लिए है। विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए नशामुक्त युवा, इस मूवमेंट का नाम ही इसके संकल्प को स्पष्ट करता है।” आज जब देश ने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है, तो इसके लिए यह आवश्यक है कि देश का युवा तन-मन से स्वस्थ हो, आत्मविश्वास से भरपूर हो और ड्रग्स जैसी घातक आदत से हमेशा-हमेशा दूर ही रहे। यही इस अभियान का उद्देश्य है। इसलिए हम सबको संकल्प लेना है कि हमारे युवा नशे और ड्रग्स के खतरे को समझें, हर तरह से जागरूक रहें और उससे दूर रहें। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत शुरू की गई इस पहल का नाम ही ‘नशा मुक्त युवा’, इसके मकसद और संकल्प को दर्शाता है। जैसे-जैसे भारत एक विकसित देश बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, यह जरूरी है कि हमारे युवा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ और आत्मविश्वास से भरे हों और साथ ही नशे की लत जैसी बुराई से दूर रहें। यही इस पहल का मुख्य मकसद है। हमें यह पक्का करने का संकल्प लेना होगा कि हमारे युवा नशे और लत के खतरों को समझें, सतर्क रहें और इस विनाशकारी आदत से दूर रहें। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ काम ऐसे होते हैं जिनमें व्यक्ति अकेले प्रयास करे तो निराश हो जाता है, थकान महसूस करता है और लंबा रास्ता तय करने का मन नहीं करता। लेकिन जब वही काम सामूहिक अभियान बन जाता है और करोड़ों लोग कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ते हैं, तो जो काम व्यक्ति अकेले नहीं कर पाता, उसके लिए भी उसे ऊर्जा मिल जाती है। आज इसी ताकत के साथ चलाया जा रहा यह अभियान हर युवा के मन को छूएगा। प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “मेरा आप सभी से आग्रह है, आप सब इस बड़े मूवमेंट के लीडर हैं। आपने मेरे इस विश्वास को और मजबूत किया है कि भारत का युवा कितना जागरूक है, कितना समझदार है और अपने कर्तव्यों के प्रति कितना गंभीर है। मैं आप सभी को इस अभियान के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। आप भारत की अमृतपीढ़ी हैं। आप अगले 20-25 वर्षों में अपने जीवन को दिशा देंगे और आप ही 2047 में देश को विकसित भारत की मंजिल तक लेकर जाएंगे और उसके शिखर पर आप ही बैठे होंगे। उसका सारा रसपान करने का अवसर आप ही को मिलने वाला है। देश को आपकी ऊर्जा, आपकी कल्पना शक्ति और आपकी टैलेंट की जरूरत है, इसलिए देश के लिए और अपने जीवन के लिए खुद को नशामुक्त रखना बहुत जरूरी है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “आने वाले 100 रविवार ‘नशा मुक्त भारत’ की दिशा में 100 मजबूत कदम होंगे। अगर कोई युवा गलती से नशे में फंस भी गया है तो इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि उसके सारे रास्ते बंद हो गए हैं! हमें हमेशा इस बात का ध्यान रखना है, घर का कोई बच्चा अगर नशे का शिकार बन गया है, तो इसे सामाजिक प्रतिष्ठा की आड़ में छिपाएं नहीं। जिसकी जरूरत हो, उसका सहयोग लें। मेडिकल हेल्प से अपने बच्चे को नशे से मुक्त कराने का प्रयास करें। हमें परिवार में बच्चों से खुलकर संवाद की संस्कृति भी बनानी चाहिए ताकि ऐसे भंवर में फंसने से पहले ही आप उसका हाथ थाम सकें।” पीएम मोदी ने कहा कि समाज का सहयोग, योग और ध्यान की ताकत, ये नशे के खिलाफ हमारे अंतर्मन को ताकत देते हैं। आज तो हमारे पास नशा छोड़ने के लिए पुनर्वास केंद्र जैसी सुविधाएं भी हैं। आज स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के हजारों छात्र इस कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े हैं। साथ ही, ‘मायभारत’ के लाखों वॉलंटियर्स भी इससे जुड़े हैं। एनएसएस के जवान भी हमारे साथ शामिल हुए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों, संस्थानों और बैकग्राउंड के 1 करोड़ से अधिक युवा आज एक साथ हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “एक आह्वान मैं कॉलेज और विश्वविद्यालय के हमारे प्रोफेसर्स से भी करना चाहता हूं। आप भी कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट्स के साथ ड्रग्स के खतरों पर बात करें। नशे के खिलाफ अपने कैम्पस में एक मूवमेंट चलाएं। आपके प्रयास बड़े परिणाम ला सकते हैं।” उन्होंने कहा, ड्रग्स के खिलाफ अभियान में आज सरकार भी मजबूती से युवाओं के साथ खड़ी है। देश में नशे के कारोबारियों और नशे पर सख्ती से कार्रवाई हो रही है, पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं, हजारों करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गई हैं। ये दिखाता है कि ड्रग्स के खिलाफ हमारी सरकार कितनी सख्त है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि नशे से दूर रहकर आपको अपनी क्षमता को बचाना होगा। आपको यह पता होना चाहिए कि ड्रग्स आपको कुछ समय के लिए तो नशा या उत्साह देते हैं, लेकिन आपके करियर और परिवार को बहुत नीचे गिरा देते हैं।
वीजा शर्तों का उल्लंघन करने पर दिल्ली से 6 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

नई दिल्ली। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ के फॉरेनर सेल ने वीजा शर्तों का उल्लंघन करने पर छह बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के होटलों और गेस्ट हाउस में चलाए गए स्पेशल वेरिफिकेशन अभियान के दौरान इस उल्लंघन का पता चला। दरअसल, वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ के फॉरेनर सेल ने ‘ऑपरेशन वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन’ शुरू किया है। इसका मकसद दिल्ली में वीजा की शर्तों का उल्लंघन करने वाले या तय से ज्यादा समय तक रहने वाले विदेशियों की पहचान करना, उनकी जांच करना और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। इस ऑपरेशन के दौरान एक खास टीम ने सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के होटलों और गेस्ट हाउसों की बड़े पैमाने पर जांच की। दिल्ली के नबी करीम इलाके में आकर्षण रोड पर स्थित एक होटल में छह बांग्लादेशी नागरिक वहां ठहरे हुए पाए गए। इनके पासपोर्ट, वीजा और इमिग्रेशन रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि वे सभी छह लोग ‘डबल एंट्री वीजा’ पर भारत आए थे। इस वीजा के तहत उन्हें हर यात्रा पर ज्यादा से ज्यादा 15 दिनों तक भारत में रहने की इजाजत थी। हालांकि, वे तय समय-सीमा से ज्यादा समय तक भारत में रुके रहे, जिससे उन्होंने अपने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया। सभी छह विदेशी नागरिकों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया और फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) के सामने पेश किया गया। एफआरआरओ ने कानूनी कार्रवाई शुरू की और उन्हें देश से वापस भेजने (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया पूरी होने तक हिरासत में रखने के लिए ‘रिस्ट्रिक्शन ऑर्डर’ जारी किए। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान शफी इमाम नफीस सिद्दीकी (31), याह्या एहतेशाम (31), आसिफ मोल्ला (21), एमडी बुलबुल हुसैन (20), हसन शेख (24) और मोस्त तिशा खातून (21) के रूप में हुई है। सभी बांग्लादेशी नागरिकों ने बताया कि वे वैध ‘डबल एंट्री वीजा’ पर भारत आए थे। बांगलादेशी नागरिकों के यात्रा दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने पर पता चला कि वीजा वैध थे, लेकिन हर यात्रा के दौरान वीजा के तहत अधिकतम 15 दिन तक ही रुकने की अनुमति थी। आरोपी व्यक्तियों ने सक्षम अधिकारी से कोई एक्सटेंशन या अनुमति लिए बिना तय समय-सीमा से ज़्यादा समय तक भारत में रहकर अपने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया था।
मणिचक्र को एक्टिव करता है ये आसन, रक्त संचार को भी नियंत्रित करने में करता है मदद

नई दिल्ली,। दफ्तर में घंटों कुर्सी पर बैठने से शरीर में अकड़न, कमर दर्द और पीठ दर्द होना आम है। इससे निजात पाने के लिए व्याघ्रासन एक सटीक, सरल और असरदार समाधान है। इसको करने से पेट कम होता है और शरीर में नई ऊर्जा आती है। व्याघ्रासन को करने के दौरान शरीर की मुद्रा बाघ के समान होती है, जिस वजह से इसे टाइगर पोज भी कहा जाता है। यह मुद्रा ऊर्जा को नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण तरीके से प्रवाहित करने में भी सहायक है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, व्याघ्रासन (टाइगर पोज) रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने, कमर दर्द व साइटिका से राहत देने वाला एक महत्वपूर्ण योगासन है। व्याघ्रासन को करते समय पेट के अंगों पर पड़ने वाले हल्के दबाव से पाचन तंत्र सक्रिय होता है, जिससे गैस और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। नियमित अभ्यास से भोजन का पाचन बेहतर होता है और भूख सही समय पर लगती है। व्याघ्रासन (टाइगर पोज) मणिपुर (सोलर प्लेक्सस चक्र) और स्वाधिष्ठान चक्र (सैक्रल चक्र) को उत्तेजित करता है। यह आसन आत्मविश्वास, आंतरिक शक्ति और सशक्तीकरण की भावना को बढ़ाता है। यह शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है। इस आसन से शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व अच्छी तरह पहुंचते हैं, जिससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और थकान कम होती है। खासकर पैरों, हाथों और पीठ की मांसपेशियां व्याघ्रासन से मजबूत बनती हैं। बेहतर रक्त संचार से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और आप लंबे समय तक स्वस्थ बने रहते हैं। व्याघ्रासन करने के लिए योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं और हथेलियों को जमीन पर टिका लें ताकि शरीर का भार हाथों और घुटनों पर आ जाए। अब गहरी सांस लें, सामने देखें और अपनी दाईं टांग को पीछे की ओर सीधा उठाएं। साथ ही, अपनी गर्दन को ऊपर की ओर खींचें। इसके बाद, सांस छोड़ते हुए उस दाईं टांग को मोड़कर अपनी छाती की तरफ लाएं और पीठ को ऊपर की ओर गोलाई में झुकाएं।
जापान में आए भूकंप के बाद लगभग 80 हजार घरों में पानी की किल्लत, मृतकों की संख्या बढ़कर 38 हुई

टोक्यो,। जापान के कुमामोटो प्रांत में आए शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। प्रांत सरकार ने रविवार को यह जानकारी दी। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह हुई आपदा प्रबंधन मुख्यालय की मीटिंग में, कुमामोटो प्रांत के अधिकारियों ने बताया कि 38 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनकी मौत की जांच अभी भी चल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनकी मौत 7.1 तीव्रता के भूकंप की वजह से हुई थी या नहीं। यात्सुशिरो शहर में निप्पॉन पेपर फैक्ट्री में, जहां भूकंप की वजह से धुएं का गुबार गिर गया था, रेस्क्यू टीम ने 10 लोगों को वहां से निकाला। उनमें से आठ की मौत की पुष्टि हो गई, जबकि दो घायल हो गए। एक और व्यक्ति जो लापता था, गुरुवार को दोपहर के बाद मलबे में मिला। हालांकि उस व्यक्ति की हालत अभी तक पता नहीं चली है। काशिमा टाउन के एऑन मॉल कुमामोटो में, जहां भूकंप के बाद एक बड़ा धमाका हुआ था, 12 लोगों को बचाया गया। उनमें से सात की मौत की पुष्टि हो गई है और पांच घायल हैं। पुलिस और फायरफाइटर्स यह पता लगाने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं कि बिल्डिंग के अंदर कोई और फंसा हुआ है या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि अभी पूरे इलाके में 406 इवैक्यूएशन शेल्टर में 9,400 से ज्यादा लोग रह रहे हैं। भूकंप की वजह से करीब 79,700 घरों में पानी नहीं है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि अभी किसी भी प्रभावित नगर पालिका में पानी की सर्विस ठीक करने का कोई टाइमटेबल नहीं है। इस बीच, गुरुवार दोपहर तक करीब 19,000 घरों में बिजली नहीं थी। क्यूशू इलेक्ट्रिक पावर के मुताबिक, अगर रिपेयर का काम प्लान के अनुसार हुआ तो शुक्रवार शाम तक बिजली ठीक होने की उम्मीद है। बुधवार को जापान की प्रधानमंत्री साने तकाइची ने कुमामोटो भूकंप को लेकर दूसरी आपदा नियंत्रण मुख्यालय बैठक की। कुमामोटो प्रांत के गवर्नर किमुरा और कैबिनेट ऑफिस के उप मंत्री त्सुशिमा भी इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। तकाइची ने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई। उन्होंने आश्वासन दिया कि जापान सरकार भूकंप से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए तेजी से काम कर रही है, वहीं संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां शुरुआती राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।