न्यू अशोक नगर में सीवर कार्य के चलते ट्रैफिक डायवर्जन, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा न्यू अशोक नगर स्थित ईस्ट एंड अपार्टमेंट्स के सामने सीवर मरम्मत और निर्माण कार्य किए जाने के कारण यातायात व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता और वाहन चालकों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करते हुए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए नोएडा सेक्टर-15 राउंडअबाउट और सराय चौक से होकर न्यू अशोक नगर जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। दिल्ली की ओर आने वाले नोएडा के वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे इस मार्ग का उपयोग करने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। एडवाइजरी के मुताबिक, नोएडा सेक्टर-15 राउंडअबाउट से सीधे चिल्ला बॉर्डर होते हुए दिल्ली में प्रवेश किया जा सकता है। इसके अलावा, नोएडा मोड़ से डीएनडी, मयूर विहार फेज-3 या कोंडली मार्ग के जरिए भी दिल्ली पहुंचा जा सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से यात्रा की पहले से योजना बनाने, यातायात नियमों का पालन करने और ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान वाहन चालक धैर्य बनाए रखें, डायवर्जन संकेतों का पालन करें और ट्रैफिक पुलिस द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का अनुसरण करें, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। यातायात अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक रूप से प्रभावित मार्गों पर जाने से बचने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर अपनी यात्रा को आसान बनाने की सलाह दी है। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से सोशल मीडिया पर बताया गया कि वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में एलम फीडिंग लाइन को डुप्लिकेट मेन लाइन से जोड़ने के काम के कारण, 7 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे पानी का समझदारी से इस्तेमाल करें और जरूरी इंतजाम पहले से कर लें। पानी के टैंकर की जरूरत के लिए दिल्ली जल बोर्ड से सम्पर्क कर सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर चुनाव आयोग 10-11 अक्टूबर को विशेष वोटर एनरोलमेंट ड्राइव आयोजित करेगा

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) संजीव वर्मा ने बुधवार को घोषणा की कि 10 और 11 अक्टूबर को पूरे केंद्र शासित प्रदेश में दो दिन का विशेष और सघन वोटर एनरोलमेंट ड्राइव (मतदाता पंजीकरण अभियान) चलाया जाएगा। यह वीकेंड ड्राइव सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी और यह नियमित वीकेंड वोटर सुविधा पहल की शुरुआत है। इसका मकसद योग्य नागरिकों, खासकर पहली बार वोट देने वालों, महिलाओं और दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी), को खुद को रजिस्टर करने और अपनी चुनावी जानकारी अपडेट या सही करने का आसान मौका देना है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि यह फैसला वर्मा की अध्यक्षता में जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के साथ हुई समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसमें तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। चुनाव तंत्र को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचने का निर्देश देते हुए वर्मा ने कहा कि मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर न रहे। उन्होंने डीईओ और ईआरओ को इस पहल के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए संस्थागत और सार्वजनिक स्तर पर लोगों तक पहुंचने का निर्देश दिया, साथ ही आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से नियमित रूप से जमीनी स्तर की जानकारी देने को कहा। इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) सभी मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे ताकि नागरिकों को फॉर्म 6, 7 और 8 जमा करने में मदद मिल सके, जिससे नए पंजीकरण, नाम हटाने और सुधार की प्रक्रिया आसान हो सके। नागरिकों को फॉर्म को फिजिकली (कागज पर) जमा करने और वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से जमा करने, दोनों में मदद दी जाएगी। आखिरी छोर तक पहुंचने के लिए, सीईओ ने बीएलओ को घर-घर जाकर उन योग्य नागरिकों की पहचान करने और उनकी मदद करने का निर्देश दिया जो शायद वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं, जिसमें युवाओं और मदद की जरूरत वाले अन्य वंचित समूहों पर खास ध्यान दिया जाएगा। नागरिकों से इस पहल का पूरा लाभ उठाने का आग्रह करते हुए, वर्मा ने जमीनी स्तर पर वोटर एनरोलमेंट को और अधिक सुलभ बनाने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वोटर लिस्ट को पूरा, सटीक और समावेशी बनाए रखने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी है।
कपिल देव इनविटेशनल टूर चैंपियनशिप में शौर्य भट्टाचार्य ने दो-शॉट की बढ़त बनाई

ग्रेटर नोएडा। कपिल देव इनविटेशनल टूर चैंपियनशिप के पहले राउंड में बुधवार को शौर्य भट्टाचार्य ने ‘सिक्स-अंडर-66’ के स्कोर के साथ दो-शॉट की बढ़त हासिल की। ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स गोल्फ एंड स्पा रिजॉर्ट में जारी प्रतियोगिता में डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई में तीन बार के विजेता, 23 वर्षीय भट्टाचार्य ने सात बर्डी लगाईं और दिन का अपना एकमात्र शॉट ‘पार-फोर’ आठवें होल पर गंवाया। भट्टाचार्य ने ‘रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप’ में 14वीं रैंकिंग के साथ इस हफ्ते की शुरुआत की थी। वह इस सीजन में एक और खिताब जीतने के करीब पहुंचे हैं; उन्होंने फरवरी में ‘प्लेयर्स चैंपियनशिप 2026’ और अगस्त में ‘कोलार ओपन 2026’ में संयुक्त रूप से रनर-अप (दूसरे स्थान) का स्थान हासिल किया था। चंडीगढ़ के शुभंकर शर्मा, जो दो बार पीजीटीआई टूर विजेता रह चुके हैं, ‘फोर-अंडर 68’ के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उनके राउंड में ‘पार-फाइव’ 12वें होल पर एक ईगल, तीन बर्डी और एक बोगी शामिल थी। शुभंकर ने अप्रैल में पीजीटीआई पर ‘बोल्डर्स क्लासिक’ जीता था, जिससे एक प्रोफेशनल खिताब के लिए उनका आठ साल का इंतजार खत्म हुआ। बांग्लादेश के जमाल हुसैन, गुरुग्राम के ध्रुव श्योराण और बेंगलुरु के मनोज एस ने ‘टू-अंडर 70’ का समान स्कोर बनाकर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। जमाल ने एक बोगी के मुकाबले तीन बर्डी लगाईं, जबकि श्योराण ने छह बर्डी और चार बोगी का मिला-जुला खेल दिखाया। मनोज ने पांच बर्डी और तीन बोगी दर्ज कीं। इस टूर्नामेंट में एक खास प्रो-एम फॉर्मेट है, जिसमें सभी चार राउंड में एमेच्योर खिलाड़ी प्रोफेशनल खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं। लंबे समय तक चले खेल के कारण कुछ खिलाड़ियों को फ़्लडलाइट की रोशनी में भी खेलना पड़ा। ‘रेस टू इंडिया चैंपियनशिप’ में अभी सबसे आगे चल रहे सप्तक तलवार ने तीन-ओवर 75 के स्कोर के साथ शुरुआत की और संयुक्त रूप से 36वें स्थान पर रहे। बुधवार को प्रो-एम इवेंट प्रोफेशनल शौर्य भट्टाचार्य और एमेच्योर डॉ. हमीदी की टीम ने जीता। उनका स्कोर 44 स्टेबलफोर्ड प्वाइंट्स था और उन्होंने काउंटबैक के आधार पर जीत हासिल की।
आर्कटिक सर्कल असेंबली में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बुधवार को घोषणा की कि विदेश राज्य मंत्री और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, आर्कटिक सर्कल असेंबली (एसीए) की सालाना बैठक में हिस्सा लेने के लिए 8 से 10 अक्टूबर तक आइसलैंड के रेकजाविक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, एसीए 2026 में राज्य मंत्री (एमओएस) सिंह ‘मेल्टिंग पोल्स: पर्सपेक्टिव्स फ्रॉम इंडिया एंड सिंगापुर’ नाम के प्लेनरी सेशन में हिस्सा लेंगे। राज्य मंत्री भारत द्वारा आयोजित ‘आर्कटिक एंड क्लाइमेट चेंज पर्सपेक्टिव्स फ्रॉम ऑब्जर्वर स्टेट्स’ सेशन में शुरुआती भाषण भी देंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा, “भारत की आर्कटिक पॉलिसी 2022 छह स्तंभों; विज्ञान, जलवायु और पर्यावरण, आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी, गवर्नेंस और क्षमता निर्माण; पर आधारित है। आर्कटिक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्रों के बीच बढ़ते आपसी संबंधों को देखते हुए, भारत आर्कटिक के साथ सहयोग बढ़ा रहा है, खासकर पोलर रिसर्च, जलवायु और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर। राज्य मंत्री एसीए बैठकों में आर्कटिक के विभिन्न पहलुओं पर भारत का नजरिया पेश करेंगे।” मंत्रालय ने आगे कहा, “रेकजाविक में रहने के दौरान राज्य मंत्री आइसलैंड के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। भारत और आइसलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंध दोस्ताना हैं और इनमें काफी विस्तार हुआ है। इसकी वजह हाल ही में हुआ ऐतिहासिक भारत-ईएफटीए टीईपीए समझौता, नियमित उच्च-स्तरीय राजनयिक बातचीत और जियोथर्मल, मछली पालन और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों में साझेदारी है।” आयोजकों के अनुसार, आर्कटिक सर्कल असेंबली आर्कटिक पर होने वाली सबसे बड़ी सालाना अंतरराष्ट्रीय सभा है, जिसमें 70 से ज्यादा देशों के 2500 तक प्रतिभागी शामिल होते हैं। यह असेंबली हर साल अक्टूबर में आइसलैंड के रेकजाविक में हार्पा कॉन्सर्ट हॉल और कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित की जाती है। रेकजाविक में स्थित आर्कटिक सर्कल सचिवालय असेंबली और मंचों के आयोजन के साथ-साथ विभिन्न आर्कटिक सर्कल प्लेटफॉर्म को चलाने के लिए जिम्मेदार है। यह आर्कटिक सर्कल के सहयोगियों, सरकारों, मीडिया और आर्कटिक व उसके भविष्य में रुचि रखने वाले लोगों के साथ बातचीत और सहयोग के लिए भी जिम्मेदार है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह को सूखे की स्थिति से अवगत कराया, केंद्र से सहायता मांगी

नई दिल्ली। अपने दो दिवसीय दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें महाराष्ट्र में व्याप्त गंभीर सूखे की स्थिति और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे राहत उपायों से अवगत कराया। उन्होंने केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता का अनुरोध भी किया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ नागपुर हवाई अड्डे के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की, जिससे परियोजना के लिए आवश्यक 27 एकड़ रक्षा भूमि के अधिग्रहण का मार्ग प्रशस्त हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य सरकार द्वारा केंद्र को प्रस्तुत अग्रिम प्रस्ताव की एक प्रति सौंपी। उन्होंने बताया कि राज्य के लगभग 32 जिले गंभीर सूखे की स्थिति का सामना कर रहे हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत तालुका बुरी तरह प्रभावित हैं। जमीनी हकीकत का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम 8 से 11 अक्टूबर तक महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगी। अपने भौतिक निरीक्षण के आधार पर, टीम एक तथ्य-खोज रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) के तहत वित्तीय सहायता संबंधी निर्णय राज्य के प्रस्ताव और टीम की आकलन रिपोर्ट दोनों के आधार पर अंतिम रूप दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकतम केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया और पुष्टि की कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र के साथ मजबूती से खड़ी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई अपनी चर्चा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि उपग्रह इमेजरी मापदंडों के साथ-साथ वर्षा की कमी, भूजल स्तर, फसल क्षति और भौतिक निरीक्षण जैसे कारकों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। यदि कुछ तालुका उपग्रह इमेजरी मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं, तब भी अन्य मापदंडों के आधार पर उन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि लगभग 20 तालुकों में फसल क्षति के आधार पर सूखा राहत प्रदान करने की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। चूंकि केंद्रीय सहायता पहुंचने में समय लग सकता है, इसलिए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने उपलब्ध संसाधनों से किसानों को तत्काल सहायता प्रदान करने की तैयारी कर रही है। लगभग 23,000 गांवों में फसल सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और शेष सर्वेक्षण कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार सभी औपचारिकताओं को पूरा करके किसानों को जल्द से जल्द सहायता राशि जारी करने का लक्ष्य रखती है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन के लिए भूमि आवंटन के मुद्दे को सुलझाने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की।
दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को किया रिहा, जंतर-मंतर पर जाते समय किया था डिटेन

नई दिल्ली। लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेताओं को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया है। विपक्षी नेता लगातार दूसरे दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर जा रहे थे। पुलिस ने उनको जंतर-मंतर पर जाते समय हिरासत में ले लिया था। इस दौरान कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने कहा कि पुलिस सभी विपक्षी सांसदों पर बर्बर बल प्रयोग कर रही है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम अंत तक लड़ेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ज्ञानेश कुमार और भाजपा सत्ता से बाहर हो जाएं। हम विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। वे हमारी गरिमा पर हमला कर सकते हैं, लेकिन गरिमा हमारे शरीर में नहीं, हमारे मन में, हमारी विचारधारा में, हमारे मूल्यों में है। सिर्फ इसलिए कि उन्होंने हमारी गरिमा पर हमला किया है, हम पीछे नहीं हटेंगे। कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि राहुल गांधी को जेड प्लस सुरक्षा दी गई है, फिर भी उन्हें अकेले एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। यह सरासर अन्याय है, कपड़े फाड़ दिए गए, प्रियंका गांधी को चोटें आईं और वह गिर गईं। हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया गया मानो हम अपराधी हों। राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को जाना ही होगा। यह राहुल गांधी और कांग्रेस का फैसला है। हमने ऐसा कई जगहों पर किया है। हमने अतीत में भी ऐसा किया है और आगे भी करते रहेंगे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार चुनाव जीतने के लिए ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का इस्तेमाल करती थी। जब उनके लिए भी जीतना मुश्किल हो गया, तो उन्होंने बिहार, बंगाल और महाराष्ट्र में चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल शुरू कर दिया। चुनाव आयोग का गठन देश के हर नागरिक के मताधिकार को सुनिश्चित करने के लिए किया गया था, लेकिन आज चुनाव आयोग का दुरुपयोग हो रहा है और भाजपा के खिलाफ वोट देने वाले लोगों के नाम चुनाव जीतने के लिए हटाए जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक मोहरा हैं, इसलिए पूरा देश केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ खड़ा है। अमित शाह के निर्देश पर कार्रवाई की गई और नेताओं को आतंकवादियों की तरह गाड़ियों में बिठाया गया। इस देश की जनता भाजपा को माफ नहीं करेगी। मैं केंद्र सरकार से मांग करता हूं कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत बर्खास्त किया जाए। कांग्रेस सांसद गद्दाम वामसी कृष्णा कहते हैं कि कल जो कुछ हुआ, वह पूरी दुनिया ने देखा। अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी इस बात पर नजर रख रहा है कि भारतीय लोकतंत्र खतरे में है। चुनाव आयोग अपने अहंकार के चलते उन 300 से अधिक सांसदों से मुलाकात नहीं कर रहा है जो उनसे बातचीत करने आए थे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस ने बहुत बुरा बर्ताव किया और हम इसके खिलाफ खड़े हैं।
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की मां का निधन, राजनीतिक हलकों में शोक की लहर

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का बुधवार को रांची के बरियातू रोड स्थित हिल व्यू अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ दीपक गुप्ता और डॉ उज्जवल राय ने दी। वह करीब 80 वर्ष की थीं। उनके निधन की खबर के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। रूपी सोरेन पिछले कई महीनों से बीमार चल रही थीं। हाल के दिनों में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। सितंबर में उन्हें सांस लेने में तकलीफ के बाद हिल व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले उनका हैदराबाद में भी इलाज कराया गया था। रांची लौटने के बाद उनकी तबीयत में कई बार गिरावट आई और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी रहा। बुधवार को उनकी हालत अचानक गंभीर हो गई। चिकित्सकों की टीम ने उनके उपचार के लिए विशेषज्ञों को बुलाया। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक गुप्ता और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. उज्जवल राय समेत अन्य चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे थे। बुधवार शाम उनकी हालत और बिगड़ गई, और बाद में चिकित्सकों ने उनके निधन की पुष्टि की। रूपी सोरेन की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार के अपने कई कार्यक्रम रद्द कर दिए थे। राज्य मंत्रिपरिषद की बुधवार शाम प्रस्तावित बैठक भी स्थगित कर दी गई थी। मुख्यमंत्री शाम करीब चार बजे हिल व्यू अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से अपनी मां के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उनके अस्पताल पहुंचने के बाद राज्य सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद समेत कई नेता भी वहां पहुंचे थे। रूपी सोरेन का विवाह एक जनवरी 1962 को शिबू सोरेन के साथ हुआ था। विवाह के बाद वह लगातार शिबू सोरेन के साथ रहीं। शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक नेताओं में थे। वह झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री भी रहे। शिबू सोरेन का 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हुआ था। पति के निधन के बाद रूपी सोरेन परिवार के साथ रहीं और झारखंड मुक्ति मोर्चा के राजनीतिक परिवार की वरिष्ठ सदस्य के रूप में उनकी उपस्थिति बनी रहीं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी मां के स्वास्थ्य को लेकर लगातार चिकित्सकों से जानकारी लेते रहे थे। रूपी सोरेन के निधन की खबर सामने आने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की ओर से शोक संवेदना व्यक्त की जा रही है।
‘बाबा के बाद वही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं’, मां के निधन पर बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

रांची। बाबा के जाने के बाद मां ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं। आज वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं। मां. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां रूपी सोरेन के निधन के बाद इन शब्दों के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। मां को खोने का दर्द उनके इस छोटे से संदेश में साफ दिखाई दिया। रूपी सोरेन का बुधवार को रांची के बरियातू रोड स्थित हिल व्यू अस्पताल में निधन हो गया। वह करीब 80 वर्ष की थीं। रूपी सोरेन लंबे समय से बीमार थीं। पिछले कुछ समय से उनका इलाज हिल व्यू अस्पताल में चल रहा था। बुधवार को उनकी तबीयत गंभीर होने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा था। बाद में चिकित्सकों डॉ. दीपक गुप्ता और डॉ. उज्जवल राय ने उनके निधन की जानकारी दी। रूपी सोरेन के निधन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। यह परिवार के लिए लगातार दूसरा बड़ा निजी आघात है। करीब एक साल पहले 4 अगस्त 2025 को हेमंत सोरेन के पिता और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन का दिल्ली में निधन हुआ था। पिता के निधन के बाद रूपी सोरेन ही परिवार के लिए सबसे बड़ी भावनात्मक ताकत थीं। रूपी सोरेन का विवाह एक जनवरी 1962 को शिबू सोरेन से हुआ था। विवाह के बाद वह लगातार उनके साथ रहीं और शिबू सोरेन के लंबे राजनीतिक और सामाजिक संघर्षों में परिवार की जिम्मेदारियां संभालती रहीं। शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक नेताओं में शामिल थे। वह झारखंड के मुख्यमंत्री भी रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रूपी सोरेन को संघर्ष, त्याग और धैर्य की प्रतीक बताते हुए कहा कि शिबू सोरेन के निधन के बाद भी वह उनके संघर्षों में सदैव साथ खड़ी रहीं। पार्टी ने उनके निधन को झारखंड समेत देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि एक मां का साया उठ जाना हेमंत सोरेन, उनके परिवार और पूरे झारखंड के लिए बेहद पीड़ादायक है।
एनडीए नेताओं ने राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को बताया ‘नौटंकी’, कहा-सीईसी के इस्तीफे की मांग गलत

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को एनडीए ने नौटंकी बताया है। राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के सांसदों के साथ आकाशवाणी भवन के बाहर विरोध जताया। इस दौरान उनकी बहन व कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं। आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि राहुल गांधी को अपने पद की गरिमा का कोई सम्मान नहीं है, चाहे वे कांग्रेस अध्यक्ष हों या विपक्ष के नेता। जब नीट का मुद्दा उठा तो उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। वे अपने साथ संविधान की एक कॉपी लेकर चलते हैं। क्या संविधान बिना इजाजत कहीं भी विरोध प्रदर्शन शुरू करने या नौटंकी करने की अनुमति देता है? उन्हें इस तरह का ड्रामा करने की आदत हो गई है। जब ज्ञानेश कुमार पद पर नहीं थे, तब लोकसभा के चुनाव हुए। शिवसेना नेता ने कहा कि चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने पहले ईवीएम पर सवाल उठाए, लेकिन सिद्ध नहीं कर पाए। इसके बाद जब मुद्दा नहीं मिला तो वोट चोरी का मुद्दा उठाया, लेकिन वह सिद्ध नहीं कर पाए। जब कुछ नहीं मिला तो वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वे चाहते हैं कि बोकस लोग वोट करे? जिन लोगों ने उन्हें वोट दिया है और जिनके वोटिंग के बदौलत वे जीते हैं। क्या वे छोड़ने को तैयार हैं? क्योंकि वे वोटर तब भी वहीं थे। अगर हर चीज पर आपत्ति है तो उन्हें खुद के चुने जाने पर भी आपत्ति होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए क्योंकि उन्होंने पूरी तरह से एक ‘अर्बन नक्सल’ की भूमिका अपना ली है। वह विपक्ष के नेता के पद की गरिमा को मिट्टी में मिला रहे हैं। भ्रम फैलाना और अराजकता पैदा करना ही उनका मकसद बन गया है. केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि राहुल गांधी का एकमात्र काम धरना देना ही रह गया है। अब उनके पास कोई और काम नहीं बचा है। रैलियां निकालने और झूठ बोलने के लिए राहुल गांधी को वहां इतनी देर तक बैठने की जरूरत नहीं है। वे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जो कि अच्छी बात नहीं है क्योंकि बाबासाहेब अंबेडकर ने हमें संविधान दिया है। संविधान के अनुसार, चुनाव आयोग को गलत मतदाताओं के नाम हटाने का अधिकार है, जिसमें दो जगहों पर पंजीकृत मतदाता भी शामिल हैं। राहुल गांधी को चुनाव आयोग से बात करनी चाहिए। यह मामला चुनाव आयोग का है, सरकार का नहीं। हम उम्मीद करते हैं कि चुनाव आयोग एक साफ-सुथरी मतदाता सूची तैयार करेगा।
आंध्र प्रदेश: विशाखापट्टनम में गलती से राइफल चलने से एक कांस्टेबल घायल

विशाखापत्तनम। मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विशाखापट्टनम दौरे के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात आंध्र प्रदेश पुलिस के एक कांस्टेबल को उनकी सर्विस राइफल के अनजाने में चलने से चोट लग गई। यह घटना आईएनएस देगा में हुई, जब सशस्त्र रिजर्व (एआर) कांस्टेबल राजनाथ सिंह के विमान की सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर तैनात थे। आंध्र प्रदेश विशेष पुलिस बटालियन से जुड़े एआर कांस्टेबल अप्पलाकोंडा को सीने के निचले बाएं हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल के पास मौजूद सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर) अनजाने में चल गई। तेज आवाज सुनकर पुलिस और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। कांस्टेबल बेहोश पाए गए। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टर उनकी हालत पर कड़ी नजर रख रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। अधिकारियों ने राइफल के अनजाने में चलने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को विशाखापट्टनम में हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) में फ्लीट सपोर्ट शिप-1 (एफएसएस-1) का शुभारंभ करने पहुंचे। उन्होंने फ्लीट सपोर्ट शिप-5 (एफएसएस-5) की नींव भी रखी और उन्नत स्लिपवे-4 तथा 300 टन क्षमता वाली गोलियाथ क्रेन का उद्घाटन किया। सोमवार को विशाखापट्टनम पहुंचे राजनाथ सिंह ने ‘बड़ाखाना’ कार्यक्रम के दौरान नौसेना कर्मियों से बातचीत की। एफएसएस-1 के प्रक्षेपण, एफएसएस-5 की नींव रखने और उन्नत स्लिपवे-4 तथा 300 टन के गोलियाथ क्रेन के उद्घाटन के बाद, वे ओडिशा के कोरापुट के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में दूसरी शक्ति इंजन निर्माण इकाई का उद्घाटन किया। उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कोरापुट डिवीजन द्वारा 2000वें एयरो-इंजन की डिलीवरी के उपलक्ष्य में आयोजित ऐतिहासिक कार्यक्रम का उद्घाटन किया। विशाखापत्तनम में आयोजित इस कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, आंध्र प्रदेश के सड़क, भवन, अवसंरचना एवं विकास मंत्री जनार्दन रेड्डी, विशाखापत्तनम सांसद श्रीभरत मथुकुमिल्ली, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, पूर्वी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल संजय भल्ला, पूर्वी तट के तटरक्षक कमांडर अतिरिक्त महानिदेशक डोनी माइकल, एचएसएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रियर एडमिरल सी रघुराम (सेवानिवृत्त) तथा भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।