दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि 3 लैंडफिल साइटों से 2.16 करोड़ मीट्रिक टन कचरा हटाया गया और 100 एकड़ ज़मीन वापस हासिल की

नई दिल्ली।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि ओखला, भलस्वा और गाज़ीपुर में कचरे के पहाड़ों को हटाने के लिए सरकार के वैज्ञानिक तरीके से अब तक लगभग 2.16 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का निपटान किया गया है और 100 एकड़ ज़मीन वापस हासिल की गई है।उन्होंने कहा, “इससे लैंडफिल के पास रहने वाले लोगों को साफ़-सुथरा और बेहतर माहौल देने में मदद मिली है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कचरे के पहाड़ सालों से दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बने हुए थे।उनकी सरकार ने इन्हें हटाने का वादा किया था और एक वैज्ञानिक रोडमैप, लगन और समय-सीमा के साथ काम करके उस वादे को पूरा करने की दिशा में कदम उठाए।उन्होंने कहा कि सरकार ने न केवल मौजूदा कचरे के पहाड़ों को हटाने पर ध्यान दिया है, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए भी योजना बनाई है।मुख्यमंत्री ने बताया कि ओखला में लगभग 70 लाख मीट्रिक टन कचरे का निपटान किया गया है, जिससे 35 एकड़ ज़मीन वापस मिली है। भलस्वा में लगभग 102 लाख मीट्रिक टन कचरे का निपटान किया गया और 45 एकड़ ज़मीन वापस हासिल की गई।उन्होंने कहा कि इसी तरह, गाज़ीपुर में लगभग 44 लाख मीट्रिक टन कचरे का निपटान किया गया, जिससे 20 एकड़ ज़मीन वापस मिली।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कचरे के पहाड़ों को हटाने का काम सिर्फ़ कचरा हटाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका इन इलाकों में रहने वाले लोगों की ज़िंदगी पर भी सकारात्मक असर पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि जो लोग रोज़ इन इलाकों से गुज़रते हैं, वे अब बेहतर माहौल देख सकते हैं, साथ ही आस-पास रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है।साफ़-सुथरा और बेहतर माहौल स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कचरे के पहाड़ों से इतनी बड़ी ज़मीन वापस हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है।मुख्यमंत्री ने कहा कि गाज़ीपुर में कचरे के निपटान के बाद जो बेकार सामग्री (इनर्ट मटीरियल) मिली है, उसका भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल निचले इलाकों को भरने और सड़कों के नीचे का आधार तैयार करने में किया गया है।उन्होंने कहा कि इससे न केवल कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित हुआ है, बल्कि इस प्रक्रिया से मिली सामग्री का भी इस्तेमाल हो पाया है। सरकार का काम करने का तरीका सिर्फ़ मौजूदा समस्या को हल करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भविष्य की ज़रूरतों के लिए योजना बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में दिल्ली में चार नए ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ (कचरे से ऊर्जा बनाने वाले) प्लांट लगाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब ये प्लांट तैयार हो जाएंगे, तो दिल्ली में रोज़ाना पैदा होने वाले कचरे को उसी रफ़्तार से प्रोसेस करने की क्षमता विकसित हो जाएगी, जिससे यह पक्का हो सकेगा कि कचरा जमा होता न रहे और कचरे के नए पहाड़ न बनें।उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह पक्का करना है कि दिल्ली में रोज़ाना जितना भी कचरा पैदा होता है, उसे रोज़ाना ही प्रोसेस किया जाए।
बिहार में आरक्षण की समीक्षा पर घमासान, संजय झा बोले- मैं ऐसे कपों में चाय पी चुका हूं तो मेरी जाति क्या हुई?

पटना। बिहार की सियासत में आरक्षण को लेकर बयानबाजी कोई नई बात नहीं है, लेकिन इन दिनों आरक्षण की समीक्षा, अनुसूचित जातियों के भीतर वर्गीकरण और क्रीमी लेयर को लेकर छिड़ी बहस ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। एनडीए के घटक दल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बीच शुरू हुआ विवाद अब इस्तीफे की मांग तक पहुंच गया है। इसी बीच जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बेहद सधे अंदाज में तस्वीर के जरिए विपक्ष पर सवाल खड़ा किया है। संजय झा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 10 चाय के कप वाली एक तस्वीर साझा की। तस्वीर के साथ उन्होंने विपक्षी नेताओं से सवाल किया कि क्या वे बता सकते हैं कि इनमें से कौन सा कप किस जाति के लिए है? उन्होंने कहा कि झूठ के पांव नहीं होते और समाज में नफरत फैलाने में जुटे विपक्ष के नेताओं को बताना चाहिए कि तस्वीर में कौन सा कप किस जाति के लोगों के लिए है। संजय झा ने लिखा कि वह इन सभी कपों में चाय पी चुके हैं, तो फिर उनकी जाति क्या हुई? आरक्षण को लेकर ताजा विवाद की शुरुआत हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता और बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन के आरक्षण की समीक्षा और अनुसूचित जातियों के भीतर वर्गीकरण से जुड़े बयान से हुई। इसके बाद केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। चिराग ने जीतन राम मांझी और उनके बेटे संतोष कुमार सुमन से मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग तक कर दी। पटना में पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने शनिवार को कहा था कि अनुसूचित वर्ग की सभी जातियां एकजुट हैं, तभी उनकी ताकत बनी हुई है। आरक्षण के भीतर भी बंटवारा किए जाने से पूरे अनुसूचित वर्ग को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि लोजपा (रामविलास) दलित आरक्षण में सब-कोटा के सख्त खिलाफ है। चिराग ने एससी आरक्षण में क्रीमी लेयर की व्यवस्था को संविधान की भावना के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियों को सामाजिक भेदभाव और छुआछूत के आधार पर आरक्षण मिला है, न कि आर्थिक आधार पर। उन्होंने कहा कि यदि जीतन राम मांझी आरक्षण में क्रीमी लेयर या वर्गीकरण के पक्ष में हैं, तो उन्हें पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही संतोष कुमार सुमन को भी बिहार सरकार में मंत्री पद छोड़ना चाहिए। चिराग के इस बयान पर जीतन राम मांझी ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल कई बातें नहीं कहना चाहते और मोतिहारी में होने वाली सभा में इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। मांझी ने कहा कि संविधान लागू हुए कई दशक बीत गए, लेकिन अनुसूचित जाति की कई जातियां आज भी हाशिए पर हैं। बिहार में अनुसूचित जाति की करीब 22 जातियां हैं, जिनमें कुछ को छोड़कर बाकी को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है। मांझी ने 2024 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि राज्यों को अनुसूचित जातियों के भीतर वर्गीकरण की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य आरक्षण समाप्त करना नहीं, बल्कि जिन समुदायों को अब तक आरक्षण का पर्याप्त लाभ नहीं मिला है, उन्हें उचित हिस्सेदारी दिलाना है। उन्होंने इस मुद्दे को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी उठाए जाने की बात कही। मांझी ने चिराग के इस्तीफे की मांग पर पलटवार करते हुए कहा कि इस्तीफा उन्हें खुद देना चाहिए, क्योंकि वह संतोष कुमार सुमन की बात को समझ नहीं रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जातियों के भीतर उचित हिस्सेदारी के लिए वर्गीकरण की मांग को लेकर उनकी पार्टी आगे भी संघर्ष करती रहेगी। इस बीच भीम आर्मी भी अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए ऑनलाइन प्राथमिकी की व्यवस्था और अत्याचार निवारण कानून को और प्रभावी बनाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर चुकी है। ऐसे में आरक्षण का मुद्दा बिहार में एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बहस के केंद्र में आ गया है।
नेपाल में बाढ़ से तमिलनाडु के 219 निवासियों को बचाया, 100 लोगों की तलाश जारी: मंत्री राजमोहन

चेन्नई। तमिलनाडु सरकार में मंत्री राजमोहन ने रविवार को बताया कि बाढ़ प्रभावित नेपाल में फंसे तमिलनाडु के 319 निवासियों में से कम से कम 219 को बचा लिया गया है, जबकि शेष 100 लोगों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी है। नई दिल्ली से लौटने के बाद चेन्नई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए राजमोहन ने बताया कि बचाए गए निवासियों को अलग-अलग समूहों में वापस लाया जा रहा है। सोमवार शाम को दिल्ली से कोयंबटूर आने वाली फ्लाइट से 33 लोगों के पहुंचने वाले है, जबकि छह अन्य लोगों के उसी रात चेन्नई पहुंचेंगे। मंत्री राजमोहन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार केंद्र सरकार, भारतीय राजनयिक अधिकारियों और नेपाल में बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके। प्रभावित यात्रियों में कुंभकोणम स्थित एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से यात्रा करने वाला 57 सदस्यीय समूह भी शामिल था। समूह के 21 सदस्यों को बचा लिया गया है और उन्हें सुरक्षित चेन्नई लाया गया है। बचाव दल अभी भी शेष 36 सदस्यों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार को क्रोमपेट के उन 49 निवासियों के बारे में भी जानकारी की प्रतीक्षा है, जिन्होंने महादेवी यात्रा समूह के साथ यात्रा की थी। उनके वर्तमान ठिकाने की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। राजमोहन ने कहा कि तमिलनाडु के 150 निवासियों का एक अन्य समूह चीन की सीमा के रास्ते काठमांडू पहुंचा था और अलग-अलग उड़ानों से भारत लौट रहा था। इसके अलावा 39 अन्य लोगों के भी सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है। बाढ़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर की आपदा बताते हुए मंत्री ने कहा कि विनाश का व्यापक पैमाना और दुर्गम भूभाग बचाव और पहचान प्रयासों में बाधा डाल रहे हैं। शव और व्यक्तिगत सामान सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से सैकड़ों किलोमीटर दूर तक बह सकते हैं, जिससे खोज कार्य विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है। दोनों देशों के सैन्यकर्मी और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। हालांकि, क्षतिग्रस्त सड़कों, बाधित संचार नेटवर्क और खराब मौसम की वजह से कई स्थानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। बचाव अभियान के समन्वय, फंसे हुए निवासियों के बारे में जानकारी एकत्र करने और उनके परिवारों की सहायता करने के लिए नई दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस में एक समर्पित युद्ध कक्ष स्थापित किया गया है। राज्य के अधिकारी केंद्र सरकार और मिशन में शामिल अन्य अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं।
भाजपा नेताओं का दावा-‘मन की बात’ से हर बार देशवासियों को कुछ नया सीखने को मिलता है

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 137वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायक कार्यों को सामने लाते हैं। दिल्ली भाजपा चीफ हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की सबसे बड़ी खूबी और ‘मन की बात’ की पहचान यही है कि वे देश के दूर-दराज इलाकों में हो रही छोटी-छोटी और जमीनी स्तर की घटनाओं के बारे में बात करते हैं। आज उन्होंने नशे से मुक्त जीवन के बारे में बात की। आज यह एक बड़ी चिंता का विषय है; अगर हमारे युवा इस रास्ते पर जा रहे हैं, तो पूरे समाज का यह फर्ज है कि वह आगे आए और इसे रोके। इसके साथ ही, अगर आप पीएम स्वनिधि योजना को देखें, तो यह एक छोटी योजना है, लेकिन यह हमारे रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे स्टॉल मालिकों को 10,000, 20,000 या 50,000 रुपए की मदद देती है। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11:00 बजे से 11:30 बजे तक ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित करते हैं। आज, देश भर के लोगों के साथ-साथ सीए और सीएस भी सूरत में भारतीय जनता पार्टी के दफ़्तर में इस कार्यक्रम को एक साथ सुनने के लिए इकट्ठा हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को समृद्ध, स्वच्छ और सुरक्षित बनाया है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों समेत सभी क्षेत्रों के लोगों के लिए काम किया है और हर वर्ग के लोगों को फायदा पहुंचाया है। यूपी भाजपा चीफ पंकज चौधरी ने कहा कि ‘मन की बात’ के जरिए प्रधानमंत्री कहीं न कहीं युवाओं, किसानों और देश के लिए अच्छा काम करने वाले सभी लोगों का हौसला बढ़ाते हैं, ताकि उन्हें देखकर देश के दूसरे लोगों में भी जागरूकता आए और वे भी उस दिशा में आगे बढ़ें। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायक ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां एपिसोड सुना। प्रधानमंत्री ने देश को उन चीजों के बारे में बताया जो समाज में अच्छा काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने एवोकाडो के बारे में बहुत विस्तार से बात की! मैं रोज एवोकाडो खाता हूं। यह एक ऐसा फल है जिसे सलाद के तौर पर और ब्रेड के साथ खाया जाता है। पहले इसे विदेशों में उगाया जाता था। आज देश के किसान एवोकाडो उगा रहे हैं और लोग इसे घर पर सलाद और टोस्ट के साथ खा रहे हैं। यह विटामिन से भरपूर फल है। हमने उन प्रेरणादायक बातों को सुना, और हमें भी प्रेरणा और ऊर्जा मिली। भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि हर बार प्रधानमंत्री के कार्यक्रम ‘मन की बात’ से कुछ नया सीखने को मिलता है। जैसे, आज उन्होंने रिसर्च करने वाले शोधकर्ताओं के बारे में इतिहास से एक उदाहरण दिया। उन्होंने चोल वंश के बारे में बात की, लेकिन हेमू के बारे में उन्होंने जो जानकारी दी, उसके बारे में हमें कोई अंदाजा नहीं था कि उन्होंने 23 लड़ाइयों में से 22 जीती थीं। इसी तरह, उन्होंने ओडिशा की जानी-मानी हस्तियों के बारे में भी बात की। इस कार्यक्रम के जरिए इतना कुछ सीखने को मिलता है जो पूरे देश, युवाओं और समाज को एक संदेश देता है। भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कहा कि रेडियो पर प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम देश के 140 करोड़ नागरिकों और देश के युवाओं के मन की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस वेबसाइट का जिक्र किया, उसे देश के लोगों ने ही शुरू किया था ताकि हम अपने इतिहास के बारे में जान सकें। इसी तरह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम लोगों की कोशिशों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाते हैं। इससे साफ़ पता चलता है कि प्रधानमंत्री की सोच के केंद्र में देश का विकास है। पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा कि आज के जेन जी को यह भी नहीं पता कि 2014 से पहले भारत कैसा था। उन्हें गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, तो ये सभी चीजें 2014 के बाद ही सामने आईं। आज पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए 11 करोड़ किसानों को पैसे दिए जा रहे हैं। 81 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 2014 के बाद हुई। हमारे देश में पहले एमबीबीएस की सिर्फ 49,000 सीटें हुआ करती थीं। बच्चे एमबीबीएस डॉक्टर कैसे बनते। 12 सालों में मोदी ने कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज की संख्या बढ़ाई है और आज एमबीबीएस की 1.52 लाख सीटें हैं, ताकि बच्चे बड़े होकर एमबीबीएस डॉक्टर और इंजीनियर बन सकें। भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री ने कहा कि हर बार नई ऊर्जा मन की बात कार्यक्रम से मिलती है। विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हम लोग आगे बढ़ रहे हैं, पीएम मोदी ने स्वच्छता से लेकर नशा अभियान को लेकर कहा। मैं विश्वास दिलाता हूं कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य पूरा करेंगे, हरियाणा भी विकसित होगा, इसमें मेरी विधानसभा का भी अहम रोल है।
‘खतरों के खिलाड़ी 15’ से जल्दी बाहर होने का दर्द अब भी दिल में है- अविका गौर

मुंबई। अभिनेत्री अविका गौर ने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ से अपने एलिमिनेशन के बाद पहली बार अपने अनुभव और भावनाओं के बारे में खुलकर बात की है। शो से इतनी जल्दी बाहर होना उनके लिए आसान नहीं रहा। अविका ने कहा कि एलिमिनेशन के बाद जब वह घर बैठकर शो देखती हैं, तो उनके मन में बार-बार यही ख्याल आता है कि अगर वह उस वक्त वहां होतीं, तो शायद और बेहतर कर सकती थीं। हालांकि, बाद में उन्हें यह भी एहसास होता है कि टीवी पर बैठकर किसी स्टंट को देखना और खुद उस डर, दबाव और एड्रेनालिन के बीच उसे करना बिल्कुल अलग बात है। अविका गौर ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट शेयर किया और बताया कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ ने उनकी जिंदगी और खुद को देखने के नजरिए पर काफी असर डाला है। उन्होंने लिखा, ”मैंने ‘खतरों के खिलाड़ी’ देखने के बाद अपने बारे में एक बात महसूस की है। मैं खुद को यह सोचते हुए पाती हूं कि अगर मैं वहां होती, तो मैंने हार नहीं मानी होती। मैं और ज्यादा कोशिश करती। मैं बेहतर करती।” अविका ने आगे मजाकिया अंदाज में कहा, ”शो को आराम से सोफे पर बैठकर देखने के दौरान मुझे ऐसा लगने लगता है, जैसे मैं ‘खतरों के खिलाड़ी’ की एक्सपर्ट बन गई हूं। लेकिन फिर याद आता है कि मैं अपनी जिंदगी के आरामदायक माहौल में बैठकर शो देख रही हूं। मुझे न तो उस समय का दबाव महसूस हो रहा है और न ही उस स्टंट को करने का डर। बाहर बैठकर किसी स्थिति का हीरो बनना बहुत आसान है। जब कोई चीज हमारे लिए बहुत मायने रखती है, तो हम उसे बार-बार अपने दिमाग में दोहराते हैं, अलग-अलग फैसलों की कल्पना करते हैं और कहानी का एक ऐसा वर्जन बना लेते हैं, जो कभी हुआ ही नहीं।’ अविका ने कहा, ”शायद इसी वजह से इतनी जल्दी एलिमिनेट होना मेरे लिए पूरी तरह छोड़ पाना मुश्किल रहा है। मेरे अंदर कहीं न कहीं अभी भी वह लड़की है, जो सोचती है कि मेरे पास देने के लिए बहुत कुछ था। शायद सच में था भी। लेकिन मुझे यह भी समझना होगा कि इस सोच में लगातार जीते रहना सही नहीं है। यह मानना अलग बात है कि आपके पास और बेहतर करने की क्षमता थी और हर वक्त उस दुनिया में रहना अलग।” उन्होंने कहा, ”जब मैंने पहली बार शो किया था, तब मैं सिर्फ 21 साल की थीं। उस समय शो ने मुझे खुद को और अपने भविष्य को एक अलग नजरिए से देखने में मदद की थी। मैं डर का सामना करने और स्टंट करने के इरादे से शो में गई थीं, लेकिन वहां से निकलने के बाद मुझे खुद के बारे में बहुत कुछ नया समझ आया।” अविका ने लिखा, ”मैंने हमेशा मेहनत करने, तैयारी करने, खुद को आगे बढ़ाने और अपनी पसंद की जिंदगी बनाने में विश्वास किया है। इसलिए ऐसी चीज को स्वीकार करना, जो पूरी तरह मेरे नियंत्रण से बाहर हो, मेरे लिए मुश्किल और सच कहूं तो दिल तोड़ने वाला रहा है।’ उन्होंने आगे कहा, ”कई बार इंसान किसी चीज के लिए अपना सब कुछ दे देता है, फिर भी नतीजा वैसा नहीं मिलता जैसा उसने सोचा था। शायद क्लोजर का मतलब यह तय करना नहीं है कि आप शो में बने रहने के लायक थे या आप बेहतर कर सकते थे। असली क्लोजर यह स्वीकार करना है कि कहानी उस तरह खत्म नहीं हुई, जिस तरह हमने अपने दिमाग में लिखी थी।” बता दें कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में अविका गौर का सफर शो के दूसरे हफ्ते में ही खत्म हो गया था। एलिमिनेशन स्टंट में उनका मुकाबला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरहान अवत्रामानी यानी ओरी से हुआ था। ओरी ने यह स्टंट करीब 10 मिनट में पूरा कर लिया, जबकि अविका को इसे पूरा करने में 13 मिनट से ज्यादा का समय लगा। इसके बाद उनका शो का सफर खत्म हो गया।
बंगाल में किडनी तस्करी रैकेट में शामिल बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस ने रविवार को बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कोलकाता में सीमा पार किडनी की तस्करी के रैकेट में शामिल एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि रसेल अहमद नामक बांग्लादेशी नागरिक को शनिवार देर रात बागूइहाटी इलाके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया, “शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित बागूइहाटी क्षेत्र से उसे गिरफ्तार करने के बाद, एसटीएफ के जवानों ने उसे उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर शहर पुलिस के अंतर्गत बिधाननगर (दक्षिण) पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों को सौंप दिया है।” बांग्लादेशी नागरिक को उत्तर 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस फिलहाल उससे इस रैकेट में शामिल उसके स्थानीय सहयोगियों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए पूछताछ कर रही है। रिकॉर्ड से पता चलता है कि अहमद को 2024 में किडनी तस्करी रैकेट में शामिल होने के कारण गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि अहमद अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था और उसने आधार कार्ड और पैन कार्ड सहित भारतीय पहचान पत्र हासिल कर लिए थे। वह लंबे समय से पश्चिम बंगाल में किराए के मकान में अवैध रूप से रह रहा था और किडनी तस्करी रैकेट में शामिल था। पता चला है कि कुछ दिन पहले एसटीएफ ने प्रभास मंडल को गिरफ्तार किया था, जो किडनी तस्करी रैकेट में शामिल था। मंडल से पूछताछ के दौरान अहमद का नाम सामने आया। पुलिस को तब पता चला कि अहमद भारत और बांग्लादेश दोनों देशों से जुड़े सीमा पार किडनी तस्करी रैकेट को चलाने में अहम भूमिका निभा रहा था। मोंडल को 18 अगस्त को एक पीड़ित युवक के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, जिसकी एक किडनी का ऑपरेशन नाममात्र शुल्क पर किया गया था। पता चला है कि यह गिरोह मुख्य रूप से आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के युवाओं को निशाना बनाता था। उन्होंने कहा, “गिरोह चलाने वाले इन युवाओं को नौकरी का लालच देकर दूसरे राज्यों में ले जाते थे। वहां उनकी किडनी का ऑपरेशन किया जाता था और पीड़ितों को इसके बदले नाममात्र की रकम दी जाती थी।” पुलिस जांच के दौरान अहमद के पास से एक रेट चार्ट बरामद हुआ। विभिन्न राज्यों के निजी अस्पतालों के कागजात भी मिले, जिनमें इन अस्पतालों में किडनी की आवश्यकता से संबंधित विवरण दर्ज थे।
ताशकंद में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के बीच वार्ता, भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर हुई चर्चा

ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। इस चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलने पर सहमति जताई। बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, विदेश मंत्रालय के पश्चिम विभाग के सचिव सिबी जॉर्ज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान में हुए सम्मान और स्वागत की तारीफ की। पीएम ने कहा, “कल आपने स्वाग में मैंने भोजन के दौरान जो अनुभव किया उसमें आपका प्यार साफ दिखाई दिया। उसके लिए मैं विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं।” पीएम मोदी ने कहा, स्वादिष्ट भोजन के साथ-साथ, मुझे प्रतिभाशाली बच्चों का गाना और नृत्य भी देखने को मिला। ऐसा लग रहा था मानो आपने मेरे सामने हिंदुस्तान ही खड़ा कर दिया हो। मुझे ऐसा लगा कि मेरा गुजरात यहीं है। इसके अलावा, आपने पूरे शहर को भारत के तिरंगे के रंगों से रंग दिया। इस दृश्य ने मेरे दिल को छू लिया। यह सब दिखाता है कि आप भारत को अपने दिल के करीब रखते हैं। पीएम मोदी ने कहा, “दो दिन आप अपने स्वतंत्रता दिवस की 35वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। मैं इस अवसर पर आपको और उज्बेकिस्तान के सभी लोगों को अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।” खुशी का संयोग यह है कि इस वर्ष हम अपनी रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। मुझे खुशी है कि इस विशेष अवसर पर हम अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने जा रहे हैं। हम इसके अंतर्गत ठोस लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ेंगे। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी का ताशकंद में औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने उनका स्वागत किया और दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 52 उज्बेक योग साधकों की भागीदारी वाले एक विशेष योग सत्र को भी देखा। उन्होंने इस योग सत्र की झलकियां अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर साझा करते हुए कहा, “नमस्ते, आप सभी ने आज बहुत शानदार योग प्रदर्शन किया है। यहां हर उम्र के लोग मौजूद हैं। उज्बेकिस्तान को योग से जोड़ने के लिए मैं अपने मित्र राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करता हूं। आप सभी को बहुत-बहुत बधाई।” वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “उज्बेकिस्तान को योग पसंद है!” इस योग सत्र ने उनकी यात्रा में एक खास सांस्कृतिक पहलू जोड़ा और यह दिखाया कि उज्बेकिस्तान में योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। सत्र में शामिल प्रतिभागियों में योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान के छह सदस्य भी थे, जिन्होंने जून 2026 में अहमदाबाद में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया था। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर उज्बेकिस्तान पहुंचे थे। ताशकंद हवाई अड्डे पर मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए उन्होंने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का धन्यवाद भी किया। ताशकंद पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने ताशकंद में मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके इस विशेष सम्मान के लिए मैं उनका आभारी हूं। यह मेरी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और लगातार बढ़ती गति को दर्शाती है।” उज्बेकिस्तान में भारतीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने ‘मोदी मोदी’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के स्वागत पर खुशी जताते हुए ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, “ताशकंद में भारतीय समुदाय के प्यार और स्नेह से अभिभूत हूं। हमारा प्रवासी समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु है, जो दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत बना रहा है।
स्विट्जरलैंड में रेव पार्टी के दौरान चली गोलियां, 1 की मौत और 5 घायल

बर्न। स्विट्जरलैंड का आरौ रविवार तड़के गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक रेव पार्टी को निशाना बनाया गया। इस वारदात में एक शख्स की मौत हो गई जबकि 5 घायल हो गए। गोलीबारी की घटना आरौ के शाचेन इलाके में रात करीब 2:30 बजे (स्थानीय समय) हुई। स्विट्जरलैंड के अखबार ‘ब्लिक’ की रिपोर्ट के अनुसार, गोलीबारी के बाद पुलिस ने हॉर्स रेसिंग ट्रैक के पास घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है। आर्गौ कैंटोनल पुलिस ने गोलीबारी की घटना में हताहतों की पुष्टि की है। पुलिस ने कहा, “शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आराऊ के शाचेन इलाके में हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है।” पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है और शहर के केंद्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। आर्गौ कैंटोनल पुलिस ने एक्स पोस्ट में कहा, “हॉर्स रेसिंग ट्रैक, स्विमिंग पूल और स्पोर्ट्स फील्ड के आसपास के इलाके की बड़े पैमाने पर घेराबंदी की गई है। पुलिस लोगों से इस इलाके से दूर रहने को कह रही है। एहतियात के तौर पर पुलिस आरौ के बाहर भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।” पुलिस ने आगे कहा, “बड़े पुलिस ऑपरेशन के कारण, आरौ स्विमिंग पूल अगली सूचना तक बंद रहेगा। लोगों से अनुरोध है कि वे शाचेन से दूर रहें।” ‘ब्लिक’ की रिपोर्ट के अनुसार, आर्गौ कैंटोनल पुलिस की मीडिया प्रवक्ता वैनेसा रम्पोल्ड ने कहा कि गोलीबारी हॉर्स रेसिंग ट्रैक पर हुई और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या हुआ था। पुलिस ने पुष्टि की है कि लोगों के एक बड़े समूह ने कई राउंड फायरिंग की। आर्गौ कैंटोनल डिजास्टर रिस्पॉन्स यूनिट (केकेई) और सेना का सुपर पूमा हेलीकॉप्टर भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। आर्गौ कैंटोनल पुलिस ने एक्स पर कहा, “अज्ञात हमलावर की तलाश जारी है। अपराध के संभावित मकसद और घटना के सही हालात अभी स्पष्ट नहीं हैं। आर्गौ कैंटोनल पुलिस भारी बल के साथ तैनात है और उसने जांच शुरू कर दी है।
‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत अमृतसर में सफाई अभियान, ‘आप’ विधायक बोले- ये हम सबकी जिम्मेदारी

अमृतसर। आम आदमी पार्टी (आप) विधायक अजय गुप्ता ने रविवार को अमृतसर के ऐतिहासिक जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि दी और ‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत सफाई अभियान की शुरुआत की। इस दौरान नगर निगम के मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आप विधायक अजय गुप्ता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “पंजाब में, पंजाब के बेटे भगवंत सिंह मान और हमारे राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने स्वच्छता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत आज हमने अपने निर्वाचन क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया है।” उन्होंने कहा कि उनका निर्वाचन क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां सचखंड श्री हरमंदर साहिब और श्री दुर्ग्याणा तीर्थ जैसे पवित्र स्थल आते हैं। यह गुरुओं, पीरों, पैगंबरों, वीरों और शहीदों की धरती है। यहां रोजाना 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, इसलिए शहर का साफ-सुथरा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “हम सब मिलकर इस पवित्र शहर को साफ-सुथरा रखें। क्योंकि कोई भी मुहिम तब तक कामयाब नहीं होती जब तक लोगों का सहयोग न मिले। मैं चाहता हूं कि सभी लोग अपने आसपास गंदगी न फैलाएं, खुद भी न डालें और किसी और को भी न डालने दें।” वहीं, नगर निगम के मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया ने कहा कि अमृतसर गुरुओं की नगरी है। यह पीरों-पैगंबरों की धरती है। निगम और आम आदमी पार्टी की सरकार अपनी तरफ से सफाई के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि एक जन जागरूकता अभियान है, जिसमें लोगों को जोड़ना जरूरी है। मेयर ने कहा, “हमने जो यह जागरूकता अभियान शुरू किया है, इसके साथ लोगों को भी जोड़ना चाहते हैं ताकि हम मिलकर अपने इस पवित्र शहर को खूबसूरत और साफ-सुथरा बनाएं। इसके तहत हमने पहले भी जो जागरूकता अभियान चलाए थे, उसमें हमें बहुत बड़ी सफलता मिली है। हमारे शहरवासी बहुत सुलझे हुए लोग हैं और काफी ज्यादा इन्होंने साथ देना शुरू किया है, लेकिन अभी भी काफी कमी है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में निगम, सरकार और लोगों के सहयोग से अमृतसर को देश का सबसे खूबसूरत और साफ-सुथरा शहर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे सफाई अभियान लगातार चलते रहेंगे और हर वार्ड में लोगों को जागरूक किया जाएगा।
लखनऊ में राजनाथ सिंह बोले, अंतरराष्ट्रीय मंच पर अब भारत की बात पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है

लखनऊ। रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है और आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को पूरी दुनिया गंभीरता से सुनती है। उन्होंने कहा कि यह भारत के बढ़ते कद और बदलती वैश्विक हैसियत का प्रमाण है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी परियोजनाओं और आधुनिक इमारतों का निर्माण नहीं, बल्कि हर परिवार तक स्वच्छ पेयजल, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, युवाओं को अवसर और समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। रक्षा मंत्री ने रविवार को लखनऊ छावनी परिषद में करीब 101 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 विकास परियोजनाओं के भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को वह केवल निर्माण कार्य के तौर पर नहीं देखते। ये लखनऊ छावनी के भविष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता हैं और वास्तव में ’12 परियोजनाएं नहीं, 12 संकल्प’ हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हर मोहल्ले, हर बस्ती और हर परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि लखनऊ और पूरे उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दिशा में पूरी निष्ठा और लगन से काम कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसे पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है। उन्होंने कहा कि 10-12 वर्ष पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत जब अपनी बात रखता था तो उसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था, जितनी वह हकदार थी। आज स्थिति बदल गई है। अब जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर बोलता है तो पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत क्या कह रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह भारत की बढ़ती हुई हैसियत और कद का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का मतलब केवल बड़े-बड़े प्रोजेक्ट और आधुनिक इमारतें खड़ी करना नहीं है। इसका वास्तविक अर्थ तब होगा, जब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचे, युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलकूद के अवसर मिलें तथा कोई दिव्यांग बच्चा खुद को समाज की मुख्यधारा से अलग महसूस न करे। रक्षा मंत्री ने कहा कि समय बदलने के साथ शहरों और लोगों की जरूरतें भी बदलती हैं। ऐसे में विकास के अनुरूप नियमों में बदलाव जरूरी है। इसी क्रम में लखनऊ छावनी क्षेत्र में नए बिल्डिंग बायलॉज लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले छावनी क्षेत्र में जी प्लस-2 यानी ग्राउंड प्लस दो मंजिल तक निर्माण की व्यवस्था थी। अब इसे बढ़ाकर जी प्लस-3 किया गया है। पार्किंग को शामिल करने पर अब पांच मंजिल तक निर्माण की अनुमति है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य लखनऊ छावनी को उसकी समृद्ध विरासत के साथ आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए तेजी से विकसित करना है। राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलाव केवल इमारतों में नहीं होना चाहिए, बल्कि हमारी पहचान और स्मृतियों में भी होना चाहिए। इसी भावना के तहत लखनऊ छावनी परिषद में ब्रिटिश काल से चले आ रहे कुछ बाजारों के नाम बदलकर स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा से जुड़े भारतीय महापुरुषों एवं विभूतियों के नाम पर रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि रॉयल आर्टिलरी बाजार का नाम अब एकता बाजार, ब्रिटिश कैवलरी बाजार का नाम वीरांगना ऊदा देवी बाजार और ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार का नाम माता दीन वाल्मीकि बाजार किया गया है। एक अन्य ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार का नाम मंगल पांडे बाजार रखा गया है। वहीं कैनेडी मार्केट का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मार्केट किया गया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि बाजारों के नाम बदलना केवल औपचारिकता नहीं है। इन नामों के जरिए नई पीढ़ी को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और समाज के लिए योगदान देने वाली महान विभूतियों से परिचित कराने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि नए नाम केवल बाजारों और सड़कों के पते नहीं बदलेंगे, बल्कि लोगों की स्मृतियों और नई पीढ़ी की सोच में भी भारतीय इतिहास की छाप छोड़ेंगे। राजनाथ सिंह ने लखनऊ में हो रहे तेज विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की। उन्होंने कहा कि शहर में बेहतर जलापूर्ति, शिक्षा, खेलकूद, बाढ़ नियंत्रण और अन्य बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है। उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने कहा कि लखनऊ छावनी में विकास परियोजनाओं के माध्यम से सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। छावनी क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ इसकी ऐतिहासिक पहचान और विरासत को भी संरक्षित रखा जाएगा। लखनऊ और उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास का उद्देश्य केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और बेहतर जीवन की नींव तैयार करना है।