‘अर्जुन रेड्डी’ के दिनों को याद कर भावुक हुए विजय देवरकोंडा, बोले- संदीप रेड्डी वांगा और मेरा रिश्ता बेहद खास

मुंबई। विजय देवरकोंडा और संदीप रेड्डी वांगा ने अपने करियर के एक ऐसे दौर में साथ कदम रखा था, जब उनके पास न तो पहचान थी और न ही फिल्मों की दुनिया में कोई बड़ा सहारा। एक फिल्म पर दोनों ने अपना करियर और भविष्य तक दांव पर लगा दिया था। उस मुश्किल समय में जो भरोसा दोनों के बीच बना, वह आज भी कायम है। यही वजह है कि जब विजय से संदीप के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके मन में संदीप के लिए बेशुमार प्यार है और वह उसे शब्दों में नहीं बता सकते। विजय देवरकोंडा निर्देशक वेणु गोपाल रेड्डी की रोमांटिक फिल्म ‘रोमनचकम’ के प्री-रिलीज इवेंट में पहुंचे थे। इस फिल्म को संदीप रेड्डी वांगा प्रस्तुत कर रहे हैं। इसी दौरान विजय ने संदीप के साथ अपने रिश्ते और फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ के दिनों को याद किया। विजय ने कहा, ”संदीप के लिए मेरे मन में जो प्यार है, उसे मैं शब्दों में नहीं बता सकता। यह सिर्फ निर्देशक और अभिनेता का रिश्ता नहीं है। यह सिर्फ भाई का रिश्ता या दोस्ती भी नहीं है। यह कुछ और है। मेरा संदीप के साथ रिश्ता करियर के शुरुआती संघर्षों से जुड़ा हुआ है।” विजय ने ‘अर्जुन रेड्डी’ के बनने के समय को याद करते हुए बताया कि उस वक्त दोनों के पास ज्यादा पैसा या किसी तरह का प्रभाव नहीं था। फिल्म बनाना उनके लिए किसी बड़ी लड़ाई से कम नहीं था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें खुद नहीं पता था कि वे क्या कर रहे हैं। अगर फिल्म नहीं चलती तो दोनों के लिए हालात बहुत मुश्किल हो सकते थे। विजय ने कहा, ”उस वक्त हम दोनों साथ में जंग लड़ रहे थे। हमें नहीं पता था कि हम क्या कर रहे हैं। अगर फिल्म नहीं चलती तो हमारे लिए हालात बहुत मुश्किल हो सकते थे। हम दोनों के पास पैसे नहीं थे। हमारी कोई पहचान नहीं थी। हमारे कोई फैंस नहीं थे, क्योंकि तब तक फिल्म ‘पेलीचूपुलु’ रिलीज नहीं हुई थी।” अभिनेता ने कहा, ”मुझे संदीप को सिर्फ इसलिए याद नहीं करता कि ‘अर्जुन रेड्डी’ सफल रही या बाद में वह फिल्म इतनी बड़ी बन गई। मेरे लिए इस फिल्म से जुड़े असली मायने हमारे साथ बिताए हुए पल हैं। फिल्म बनाते समय हमने न सिर्फ काम किया, बल्कि अपनी जिंदगी, तनाव और मुश्किलें भी एक-दूसरे के साथ साझा कीं।” विजय ने कहा, ”फिल्म बनाने के लिए प्रणय और प्रभाकर ने अपनी जमीन तक गिरवी रख दी थी। उन्होंने संदीप पर भरोसा करके फिल्म के लिए पैसा लगाया था और संदीप ने भी मुझ पर पूरा विश्वास रखा। इतना ही नहीं, उन्होंने उन लोगों को भी मेरी काबिलियत पर भरोसा करने के लिए तैयार किया।” अभिनेता ने कहा, ”उस फिल्म के साथ बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ था। एक फिल्म के लिए परिवार की कमाई, भविष्य और बहुत सारी उम्मीदें लगा दी गई थीं। इसी वजह से वह दौर मेरे लिए बेहद खास है। संदीप मेरे लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, और मैं भी संदीप के लिए किसी भी हद तक जा सकता हूं।’ बता दें कि संदीप रेड्डी वांगा की आने वाली फिल्म ‘रोमांचकम’ दुनिया भर के सिनेमाघरों में 3 सितंबर को रिलीज होने वाली है।
एफएसएसएआई की कार्रवाई के बाद जोमैटो ने एनालॉग डेयरी उत्पादों से बनी डिश की बिक्री पर रोक लगाई

नई दिल्ली। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने सोमवार को कहा कि उसने अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड रेस्टोरेंट द्वारा एनालॉग डेयरी उत्पादों से बनी डिश बेचने के मामले में ‘जीरो-टॉलरेंस’ पॉलिसी अपनाई है और ऐसे सभी खाद्य पदार्थों को प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। खाद्य नियामक एफएसएसएआई द्वारा कई रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई के बाद, कंपनी ने उन डिश को तुरंत हटा दिया है जिन्हें पार्टनर्स ने एनालॉग डेयरी वाली डिश बताया है। कंपनी ने कहा कि इस कदम का मकसद ग्राहकों के लिए पारदर्शिता और खाने की क्वालिटी को बेहतर बनाना है। साथ ही, कंपनी ने चेतावनी दी कि जो रेस्टोरेंट उसकी शर्तों को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें प्लेटफॉर्म से हटाया जा सकता है। नई पॉलिसी के तहत, रेस्टोरेंट पार्टनर्स से कहा गया है कि वे प्राकृतिक डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल शुरू करें। जहां तुरंत ऐसा करना मुमकिन नहीं है, वहां उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपने मेन्यू से ऐसे आइटम हटा दें जिनमें एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल हुआ हो। इसके अलावा, रेस्टोरेंट से यह भी कहा गया है कि वे आपूर्तिकर्ताओं द्वारा दिए गए प्रोडक्ट लेबल और सामग्री की जानकारी की जांच करें, ताकि इस्तेमाल हो रही सामग्री की पुष्टि हो सके और यह पक्का किया जा सके कि जोमैटो पर लिस्ट किए गए प्रोडक्ट्स की जानकारी सही है। जोमैटो के सीईओ आदित्य मंगला ने कहा, “जोमैटो का मुख्य मकसद अधिक से अधिक लोगों तक बेहतर खाना पहुंचाना है। ग्राहकों की सेहत का ध्यान रखने के साथ, यह पक्का करना है कि हमारे रेस्टोरेंट पार्टनर जो खाना लिस्ट करते हैं और परोसते हैं, वह साफ-सुथरे और तय मानकों के मुताबिक हो।” उन्होंने आगे कहा, “यह पॉलिसी कंपनी की उस प्रतिबद्धता को दिखाती है, जिसे हम उन पार्टनर्स के साथ मिलकर पूरा कर रहे हैं जिनकी सोच भी हमारे जैसी है।” यह फैसला खाद्य सुरक्षा और मिलावट को लेकर नियामक जांच बढ़ने के बीच लिया गया है। इस महीने की शुरुआत में, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा के नियमों के उल्लंघन और नियमों का पालन न करने की बात सामने आने के बाद दो खाद्य संचालनकों के खिलाफ रेगुलेटरी कार्रवाई की थी। रेगुलेटर ने नियमों का पालन न करने वाले घी उत्पादों और मिलावट की चिंताओं को देखते हुए लाइसेंस सस्पेंड कर दिए और रोक लगाने के आदेश जारी किए। एक और कार्रवाई में, महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने लोगों की सेहत से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए नकली ‘एनालॉग’ पनीर के प्रोडक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी। यह कार्रवाई लैब में हुई जांच के नतीजों के बाद की गई, जिसमें राज्य में हाल ही में टेस्ट किए गए पनीर के 35 प्रतिशत से ज्यादा सैंपल वेजिटेबल-फैट की मिलावट के कारण क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए थे। राज्य के रेगुलेटर के मुताबिक, होटलों, रेस्टोरेंट, कैटरर्स और क्लाउड किचन्स को डेयरी उत्पादों के विकल्प का इस्तेमाल करने, उन्हें बनाने, परोसने या स्टोर करने से रोक दिया गया। जोमैटो ने कहा कि उसकी पॉलिसी लागू रेगुलेटरी जरूरतों के मुताबिक है और यह ग्राहकों के लिए ज्यादा हेल्दी खाने के विकल्पों और ज्यादा पारदर्शिता पर उसके बड़े फोकस का हिस्सा है।
बलूचों ने ‘इंटरनेशनल इनफोर्समेंट डिसअपियरेंस डे’ पर किया पीड़ितों को याद, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की अपील

क्वेटा। ‘इंटरनेशनल इनफोर्समेंट डिसअपियरेंस डे’ (जबरन गायब किए गए पीड़ितों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस) पर बलूचिस्तान के कई मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं ने उन लोगों को याद किया जिन्हें पाकिस्तानी सेना ने उनके घरों, सड़कों और समुदायों से जबरन गायब कर दिया था। साथ ही, उन्होंने उन परिवारों के प्रति एकजुटता भी जताई जो बरसों से अपने प्रियजनों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वे बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित जबरन गायब किए गए हजारों बलूचों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सार्थक और प्रभावी कदम उठाएं। हर साल 30 अगस्त को ‘जबरन गायब किए गए पीड़ितों का अंतरराष्ट्रीय दिवस’ मनाया जाता है। यह संयुक्त राष्ट्र द्वारा तय किया गया दिन है, जिसे 2011 में मानवाधिकारों के इस गंभीर उल्लंघन के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने और पीड़ितों व उनके परिवारों के सम्मान में शुरू किया गया था। इस मौके पर, बलूचिस्तान की मानवाधिकार परिषद (एचआरसीबी) ने कहा कि जनवरी 2016 से जुलाई 2026 के बीच, उसके पास पूरे बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने के 9,130 मामलों का रिकॉर्ड है। एचआरसीबी ने कहा, “यह असल संख्या का एक छोटा सा हिस्सा है, क्योंकि कई इलाके सुरक्षा बलों के कड़े नियंत्रण में हैं, जिससे अनगिनत मामलों का रिकॉर्ड रखना मुश्किल हो जाता है। हर संख्या के पीछे एक मां अपने बेटे का इंतजार कर रही है, एक बच्चा अपने माता-पिता का इंतजार कर रहा है, एक पत्नी अपने पति का इंतजार कर रही है, और एक परिवार हर दिन अनिश्चितता के साथ जी रहा है।” बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (बीएसओ)-आजाद ने पाकिस्तानी बलों पर बलूचिस्तान के लोगों के खिलाफ “गैर-कानूनी कार्रवाई” करने का आरोप लगाया और कहा कि जबरन गायब करना इन अत्याचारों के सबसे प्रमुख रूपों में से एक है। यह आरोप लगाते हुए कि राज्य ने अब विभिन्न तरीकों और नीतियों के माध्यम से इस चलन को सामान्य बना दिया है, संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से तत्काल कार्रवाई करने और इन “गंभीर अपराधों” के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की। बीएसओ ने एक्स पोस्ट में कहा, “2026 की छमाही बीत गई है। अब तक 800 से अधिक बलूच छात्र, राजनीतिक कार्यकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, मजदूर, दुकानदार और अन्य नागरिक पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसियों द्वारा जबरन गायब किए जाने का शिकार हुए हैं। पीड़ितों में महिलाएं, लड़कियां, नाबालिग बच्चे, बुजुर्ग और युवा शामिल हैं। आठ साल से लेकर साठ साल तक के लोग इसमें शामिल हैं। यही नहीं, इसमें मस्तुंग के जाकिर नाम के डेढ़ साल के मासूम का मामला भी शामिल है।” इस बीच, बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता सबीहा बलूच ने कहा कि हालांकि यह दिन दुनिया भर में उन लोगों को याद करने के लिए मनाया जाता है जिन्हें जबरन गायब कर दिया गया है, लेकिन बलूच लोगों के लिए जबरन गायब किया जाना साल में एक बार याद करने का मुद्दा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की सच्चाई है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सबीहा ने कहा, “बलोच परिवार हर दिन इस डर के साथ जीते हैं कि कहीं उनका कोई और अपना उठा न लिया जाए और गायब न कर दिया जाए। माताएं अपने बेटों का और बच्चे अपने पिता का इंतजार करते हैं। परिवार ऐसे जवाबों का इंतजार करते हैं जो शायद कभी न मिलें। बलोचिस्तान के लिए हर दिन जबरदस्ती गायब किए जाने की घटनाओं का दिन होता है। दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए, जबकि परिवार उम्मीद और असहनीय दर्द के बीच इंतजार कर रहे हैं।” इस दिन के मौके पर, ‘बलोच वॉयस फॉर जस्टिस’ (बीवीजे) ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मानवाधिकारों की रक्षा की अपनी जिम्मेदारी निभाने, पाकिस्तानी अधिकारियों से जवाबदेही की मांग करने और बलोचिस्तान में लोगों को जबरदस्ती गायब करने की प्रथा को खत्म करने के प्रयासों का समर्थन करने का आग्रह किया।
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: लूथरा बंधुओं को सरेंडर करने का निर्देश, सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा हाईकोर्ट का फैसला

नई दिल्ली। गोवा के अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में आग लगने की घटना के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लूथरा बंधुओं को दो सप्ताह में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। दिसंबर 2025 में इस नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें नाइटक्लब के तीनों मालिकों (सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता) की जमानत रद्द कर दी गई थी। साथ ही, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता की ओर से दाखिल अपीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने तीनों को दो सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से आरोप तय करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी आग्रह किया है। गोवा के मापुसा की अतिरिक्त सत्र अदालत ने पहले तीनों को जमानत दे दी थी। अजय गुप्ता को 23 मार्च, जबकि सौरभ और गौरव लूथरा को 1 अप्रैल को जमानत मिली थी। गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। 19 अगस्त को जस्टिस नीला गोखले ने राज्य की अपील स्वीकार करते हुए तीनों की जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन सोमवार को शीर्ष अदालत ने उनकी अपीलें खारिज कर दीं। मामला 6 दिसंबर 2025 की रात उत्तरी गोवा के अरपोरा में स्थित नाइटक्लब में लगी आग से जुड़ा है। इस हादसे में 25 लोगों की जान चली गई थी। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया कि क्लब के पास वैध सुरक्षा मंजूरी नहीं थी और वहां पर्याप्त अग्निशमन उपकरण भी मौजूद नहीं थे। पुलिस के अनुसार, बिना जरूरी सुरक्षा उपायों के एक इनडोर फायर शो आयोजित किया गया था, जिसके दौरान आग भड़क गई। जांच में यह दावा भी किया गया कि रेस्तरां वैध ट्रेड लाइसेंस के बिना संचालित हो रहा था। आग लगने के कुछ घंटे बाद सौरभ और गौरव लूथरा के थाईलैंड भाग जाने की बात सामने आई थी। बाद में दोनों को थाईलैंड से डिपोर्ट किया गया और गोवा पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत गैर-इरादतन हत्या, जीवन को खतरे में डालने वाले कृत्य और आग से संबंधित लापरवाही समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया। मामले में क्लब के अन्य साझेदारों, मैनेजर, इवेंट आयोजकों और कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया।
ओवैसी का आरएसएस और भाजपा पर तंज, बोले-भाईचारे की बात करते हैं, मुसलमानों को टिकट नहीं देते

हैदराबाद। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों, सिंधु जल संधि और देश में भाईचारे व धार्मिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर कोई आंकड़ा या आकलन देना जल्दबाजी होगी। पार्टी की तैयारियां जारी हैं और 20 सितंबर के बाद वह दोबारा उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने से कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। एआईएमआईएम चुनावी मैदान में अपनी पूरी ताकत लगाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के संभावित प्रदर्शन को लेकर अभी कोई संख्या नहीं बता सकता हूं। सिंधु जल संधि के मुद्दे पर ओवैसी ने कहा कि संधि को निलंबित करना एक बात है लेकिन इसके बाद पानी के इस्तेमाल और भंडारण की ठोस योजना भी होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भारत पानी को रोकता है तो उसे कहां जमा किया जाएगा और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि उपलब्ध पानी का उपयोग नहीं किया जाएगा तो उसे कहां ले जाया जाएगा या उसका रुख किस तरह बदला जाएगा, यह स्पष्ट करना जरूरी है। पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते लेकिन इसके साथ यह भी बताना होगा कि संधि से जुड़े फैसले के बाद पानी का व्यावहारिक इस्तेमाल कैसे किया जाएगा। भाजपा के भाईचारे की बात करने पर ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ भाईचारे की बात की जाती है जबकि दूसरी तरफ भाजपा पर मुसलमानों को टिकट नहीं देने का आरोप है। उन्होंने यूसीसी, मॉब लिंचिंग, धार्मिक सभाओं के नाम पर हिंसा और बुलडोजर कार्रवाई जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए पूछा कि ऐसे माहौल में भाईचारा कहां है। लोगों के घर गिराने जैसी कार्रवाइयां गलत और जनता को भ्रमित करने वाली हैं। ओवैसी ने उन लोगों की पहचान करने की मांग की जो मुसलमानों के भारत में रहने पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे बयानों के पीछे आरएसएस से जुड़ी या उसकी विचारधारा से प्रभावित मानसिकता होती है। उन्होंने आरएसएस पर लोकतंत्र में विश्वास नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन की विचारधारा में एक झंडे, एक नेता और एक विचारधारा की अवधारणा का उल्लेख मिलता है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस अलग-अलग मंचों के लिए अपने विचारों के अलग-अलग संस्करण पेश करता है। ओवैसी ने अमेरिकी विदेश विभाग के धार्मिक स्वतंत्रता कार्यालय के दबाव का भी उल्लेख करते हुए कहा कि हाल के कुछ बयान इसी दबाव के कारण दिए जा रहे हैं।
शामली एनकाउंटर पर अवधेश प्रसाद ने कसा तंज, कहा-मुठभेड़ की जांच होनी चाहिए

अयोध्या। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने हरियाणवी सिंगर और अभिनेता अंकित बालियान हत्याकांड में दो मुख्य शूटरों के एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि किन परिस्थितियों और हालात में पुलिस को एनकाउंटर करना पड़ा, यह जांच का विषय है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत किसी व्यक्ति के गंभीर से गंभीर अपराध में दोषी पाए जाने पर भी कानून के मुताबिक सजा का प्रावधान है। इसमें उम्रकैद से लेकर मृत्युदंड तक की सजा शामिल है। ऐसे में एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। बता दें कि हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड के दो शूटरों सुमित और मोहित को यूपी पुलिस ने सोमवार सुबह मुठभेड़ में मार गिराया। शामली एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों शूटर बाइक से शामली से सोनीपत (हरियाणा) की तरफ भाग रहे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उन्हें घेर लिया, जिसके बाद शूटरों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की तरफ से जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटर मारे गए। उन्होंने देश में युवाओं की स्थिति और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। अवधेश प्रसाद ने कहा कि विश्वगुरु बनने की चाहत रखने से पहले देश के सभी सम्मानित नागरिकों के अधिकार और संवैधानिक हक सुनिश्चित किए जाने चाहिए। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी संपत्ति बताते हुए कहा कि आज युवा सबसे अधिक मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। किसी देश की असली दौलत सोना, चांदी या हीरे नहीं, बल्कि वहां के लोग, विशेषकर युवा होते हैं। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही पर भी उन्होंने भारत सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नेपाल में फंसे या लापता सैकड़ों भारतीय नागरिकों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जाना चाहिए। वहीं, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ‘वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में हिंदू-मुस्लिम एकता संबंधी बयान पर प्रसाद ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा तैयार संविधान और उसकी प्रस्तावना में सभी नागरिकों के अधिकार और सम्मान स्पष्ट रूप से सुनिश्चित किए गए हैं।
मिलिंद सोमन ने पत्नी अंकिता कोंवर को जन्मदिन की बधाई दी: तुम्हारे साथ रहना बहुत मज़ेदार है

मुंबई। एक्टर और फिटनेस के शौकीन मिलिंद सोमन ने अपनी पत्नी अंकिता कोंवर को जन्मदिन की बधाई दी, जिन्होंने रविवार को अपना जन्मदिन मनाया।मिलिंद ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक रोमांटिक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह और अंकिता एक शानदार बैकग्राउंड के सामने एक-दूसरे का साथ एन्जॉय करते हुए दिखे।अपनी पत्नी के लिए अपना प्यार और सम्मान ज़ाहिर करते हुए, उन्होंने कहा कि वह अपनी ज़िंदगी में अंकिता के होने के लिए शुक्रगुज़ार हैं और भविष्य में उनके साथ नए और रोमांचक अनुभव शेयर करने के लिए उत्सुक हैं।अंकिता के लिए मिलिंद का दिल से निकला संदेश कुछ ऐसा था, “मेरे पास शुक्रगुज़ार होने के लिए बहुत सी चीज़ें हैं, लेकिन जब मुझे तुम मिलीं @ankita_earthy तो कायनात ने कमाल ही कर दिया; तुम्हारे साथ बिताया हर पल प्यार, खूबसूरती और खुशी का एक तोहफ़ा है… तुम्हारे साथ रहना बहुत मज़ेदार है और यह बहुत खास है कि हम इतनी सारी चीज़ें शेयर करते हैं… मैं तुम्हारे लिए वो सब कुछ चाहता हूँ जो तुम चाहती हो, क्योंकि मुझे पता है कि तुम हम दोनों के लिए सबसे समझदारी भरे फ़ैसले करोगी, और मैं इस साल तुम्हारे साथ हर नए अनुभव का इंतज़ार कर रहा हूँ… तुम्हें जन्मदिन मुबारक हो, तुम ही मेरी ज़िंदगी में रोशनी लाती हो!मिलिंद और अंकिता लगातार नए फिटनेस चैलेंज लेकर अपनी सीमाओं को चुनौती देते रहते हैं। यह जोड़ी सोशल मीडिया पर अपनी हालिया उपलब्धियों के बारे में पोस्ट करके दूसरों को भी प्रेरित करती है।जुलाई में, अंकिता ने मशहूर इंग्लिश चैनल रिले स्विम पूरी करने वाली पहली असमिया महिला और पूर्वोत्तर भारत की पहली महिला बनकर इतिहास रचा था।अंकिता ने अपनी मुश्किल यात्रा के दौरान लगातार साथ देने के लिए मिलिंद का शुक्रिया अदा किया।उन्होंने लिखा, “और 2026 में, मैं रिले में इसे पार करने वाली पहली असमिया महिला बनी, साथ ही खुद से एक दिन सोलो स्विम करने का वादा भी किया। मुझे अपने अंदर की उस लड़की पर बहुत गर्व है, जिसने 3 साल पहले तैरना सीखने का फ़ैसला किया था। तब से वह और मैं बहुत आगे आ चुके हैं। मेरा दिल शुक्रगुज़ारी से भरा है। एक पार्टनर के तौर पर सबसे बड़ा सहारा बनने के लिए @milindrunning आपका शुक्रिया। मैं आपका शुक्रिया अदा करने के लिए कभी भी काफ़ी शब्द नहीं जुटा पाऊँगी!”
पीएम मोदी ने ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ ओरिएंटल स्टडीज़ में महात्मा गांधी सेंटर का दौरा किया

ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ ओरिएंटल स्टडीज़ में महात्मा गांधी सेंटर का दौरा किया।पीएम मोदी ने सेंटर में इंडोलॉजिस्ट (भारतीय अध्ययन के विशेषज्ञों) और छात्रों से बातचीत की और विज़िटर्स बुक में हस्ताक्षर भी किए।इससे पहले दिन में, पीएम मोदी ने यहां शास्त्री मेमोरियल में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी।लाल बहादुर शास्त्री ने 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने लोकप्रिय राष्ट्रीय नारा “जय जवान, जय किसान” दिया था।X पर एक पोस्ट में, पीएम मोदी ने कहा, “ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। हम एक महान राजनेता को याद करते हैं, जिनकी देश के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है।पीएम मोदी ने ताशकंद में राष्ट्रपति भवन में उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की और द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की।विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान के अनुसार, बातचीत व्यापार और निवेश, बुनियादी ढांचे, महत्वपूर्ण खनिजों, खनन, रक्षा और सुरक्षा, नवाचार, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, UPI सहित डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी।दोनों देशों के बीच दोस्ती को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने पीएम मोदी को उज़्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान “ओली दराजली दोस्तलिक” (Oliy Darajali Do’stlik) ऑर्डर से सम्मानित किया।दोनों नेताओं ने भारत की ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल और उज़्बेकिस्तान के ‘यशिल माकोन’ (Yashil Makon) हरित प्रयासों के तहत ताशकंद में राष्ट्रपति भवन में संयुक्त रूप से एक पेड़ भी लगाया।बातचीत से पहले, ताशकंद में राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया।मध्य एशियाई देश की अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने उज़्बेकिस्तान के 52 अभ्यासकर्ताओं के साथ एक विशेष योग सत्र भी देखा।पीएम मोदी उज़्बेकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। एक विशेष पहल के तहत, राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने ताशकंद हवाई अड्डे पर पहुंचने पर पीएम मोदी का स्वागत किया। उज़्बेकिस्तान में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी दो दिन की यात्रा पर किर्गिज़स्तान जाएंगे। वहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन और छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।
जब नसीरुद्दीन शाह ने अपनी फ़िल्म ‘चक्र’ के लिए लगभग 2 महीने तक स्नान नहीं किया

मुंबई।क्या आप जानते हैं कि दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने अपनी फ़िल्म ‘चक्र’ में अपने किरदार में ढलने के लिए लगभग 1.5-2 महीने तक स्नान नहीं किया था?अभिनेता गुलशन ग्रोवर ने ‘द कपिल शर्मा शो’ में बताया था कि जब उन्हें इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों में इस बात का पता चला, तो उन्हें लगा कि वह कभी भी नसीरुद्दीन की तरह अभिनय नहीं कर पाएंगे क्योंकि उन्हें दिन में 2 से 4 बार स्नान करना पसंद है, जब भी संभव हो।हालाँकि, गुलशन ग्रोवर ने आगे कहा कि किस्मत से उन्हें ऐसे रोल मिले जिनमें उन्हें हमेशा तैयार-सज-धज कर और हाथ में ड्रिंक लिए रहना पड़ता था।जब मैं फ़िल्मों में नया था, तो मैंने सुना था कि महान अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने अपनी फ़िल्म ‘चक्र’ के लिए 1.5-2 महीने तक स्नान नहीं किया था। वह किरदार में पूरी तरह ढलना चाहते थे। मैं तो 2-4 बार स्नान करता हूँ… जब भी मौका मिले। हे भगवान! मैंने कहा, मैं उनकी तरह अभिनय नहीं कर पाऊँगा। हालाँकि, मेरी किस्मत ऐसी थी कि मुझे ऐसे सभी रोल मिले जिनमें मैं सूट पहने और हाथ में ड्रिंक लिए होता था।’चक्र’ की बात करें तो 1981 में रिलीज़ हुई यह फ़िल्म रवींद्र धर्मराज के निर्देशन में बनी थी। यह उनके निर्देशन में बनी पहली और आखिरी फ़िल्म साबित हुई।इस ड्रामा फ़िल्म की मुख्य कास्ट में नसीरुद्दीन शाह, स्मिता पाटिल और कुलभूषण खरबंदा के साथ अन्य कलाकार शामिल थे।प्रदीप उप्पूर द्वारा समर्थित ‘चक्र’ का कैमरावर्क बरुन मुखर्जी ने किया था। फ़िल्म की तकनीकी टीम में भानुदास एडिटिंग विभाग के प्रमुख थे।’चक्र’ मुंबई की झुग्गियों में जीवन की कठोर वास्तविकताओं पर प्रकाश डालती है। यह फ़िल्म अम्मा (स्मिता पाटिल द्वारा अभिनीत) और उनके बेटे बेनवा (रणजीत चौधरी द्वारा अभिनीत) के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे लुक्का (नसीरुद्दीन शाह द्वारा अभिनीत), एक छोटे-मोटे अपराधी का प्रभाव बेनवा के भविष्य को आकार देता है।
किर्गिस्तान में भारतीय समुदाय ने PM मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया

बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बिश्केक पहुंचे, जहां 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए मध्य एशियाई देश में उनका भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया।PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “भारत से बिश्केक तक, आज शाम भारतीय समुदाय ने बहुत खास स्वागत किया।भारतीय समुदाय “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारे लगा रहा था।PM मोदी ने किर्गिस्तान के लोगों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखीं और उनकी सराहना की।भारतीय प्रधानमंत्री के स्वागत में कुछ योग प्रेमियों ने योग का प्रदर्शन भी किया।बिश्केक के मानस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन आदिलबेक कासिमालिएव ने PM मोदी का स्वागत किया।PM मोदी ने X पर कहा, “कुछ देर पहले बिश्केक पहुंचा। गर्मजोशी से स्वागत के लिए किर्गिज़ गणराज्य के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन आदिलबेक कासिमालिएव का आभारी हूं। कल और परसों विभिन्न नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें करूंगा और SCO शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा। मध्य एशियाई देश की प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी होंगी।शनिवार को उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की दो देशों की यात्रा के लिए रवाना होने से पहले अपने बयान में PM मोदी ने कहा, “भारत 2017 से SCO का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है। मैं सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर पर आधारित इस क्षेत्र के लिए भारत के विजन को आगे बढ़ाने और आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खतरे से मुक्त क्षेत्र के लिए साथी सदस्यों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं, जो हमारे पड़ोस और उससे आगे शांति और स्थिरता के लिए खतरा बने हुए हैं।प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं राष्ट्रपति (साद्यर) झापारोव (किर्गिस्तान) और अन्य SCO नेताओं से मिलने और छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए भी उत्सुक हूं, जो मध्य एशिया की समृद्ध जीवित विरासत का उत्सव है और जिसका भारत बहुत सम्मान करता है।” उन्होंने कहा, “मुझे भरोसा है कि इस दौरे से मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी, उस क्षेत्र के साथ हमारे सभ्यतागत संबंध गहरे होंगे और शांति, स्थिरता व समृद्धि के लिए हमारे साझा प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सकेगा – ये वे मूल्य हैं जो दुनिया के साथ भारत के जुड़ाव के केंद्र में हैं।किर्गिस्तान के निवेश मंत्री रवशानबेक सबिरोव ने शनिवार को कहा कि किर्गिस्तान को उम्मीद है कि पीएम मोदी के दौरे से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों, निवेश और व्यापार को बड़ी गति मिलेगी। देश इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी और एग्रो-इंडस्ट्री जैसे सेक्टर में और अधिक भारतीय कंपनियों को आकर्षित करने का इच्छुक है।