मानसून की विदाई पर तालकटोरा स्टेडियम में ‘बदरिया’ का रंगारंग आयोजन, हजारों लोगों ने लिया सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद

नई दिल्ली।मानसून की विदाई के अवसर पर मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार के सहयोग से माता चकेरी देवी फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘बदरिया’ रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में किया गया, जिसका उद्घाटन दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया।सांसद मनोज तिवारी ने पूर्वांचल का पारंपरिक पचरा गाकर तो लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने लोकगीत के साथ कार्यक्रम में उपस्थित हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में पूर्वांचल की लोक संस्कृति और परंपरा का रंग भर दिया।लोक गायिका अनुराधा सिंह के भक्ति गीतों एवं विभिन्न समूहों की नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इसके अलावा वाद्य संगीतकार शौभिक सरकार, सौरव गांगुली, संभवी पाठक, सनवी पाठक, रूपक डे, चंदन तिवारी ने भोजपुरी एवं मैथली गीतों से एकत्र जनों का मन मोह लिया।इस मौके पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत,माता चकेरी देवी फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं प्रदेश महामंत्री योगिता सिंह, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, फाउंडेशन के न्यासी एवं भाजपा नेता बृजेश राय, प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम बिधूड़ी, दिल्ली भाजपा पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संतोष ओझा, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा लता गुप्ता, आदित्य कुमार हलवासिया, भाजपा कार्यालय मंत्री कैलाश जैन एवं अमित गुप्ता सहित कई पदाधिकारी और हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। देश में हर 50-60 किलोमीटर पर भाषा और बोली का स्वरूप बदल जाता है, लेकिन हमारी मूल संस्कृति एक ही है — बंधुत्व, आत्मीयता, परोपकार और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए कुछ करने की भावना। यही हमारी भारतीय संस्कृति की पहचान है और इसी भावना को आगे बढ़ाने का कार्य ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन करते हैं।आज ‘बदरिया’ का यह कार्यक्रम दूसरी बार आयोजित हो रहा है। पिछले वर्ष भी मुझे शामिल होने का अवसर मिला था। ‘बदरिया’ के आयोजन में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के अनेक रंग देखने को मिल रहे हैं, लेकिन इसकी विशेषता केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ नहीं हैं, बल्कि समाज के उन वर्गों की चिंता करना भी है, जो किसी कारणवश वंचित, शोषित या पीड़ित हैं।हमारा दायित्व है कि समाज का कोई भी व्यक्ति स्वयं को अकेला या उपेक्षित महसूस न करे। उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें, परिवार सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और हमारी माताएँ-बहनें स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनें। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर और सशक्त समाज के संकल्प का भी मूल भाव है।माता चकेरी देवी फाउंडेशन की योगिता जी और उनकी पूरी टीम इसी सेवा और सामाजिक सरोकार की भावना को आगे बढ़ा रही है। दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों से इतनी बड़ी संख्या में मातृशक्ति और गणमान्य लोगों की उपस्थिति इस आयोजन की सफलता और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाती है।

विद्या वाहिनी योजना के तहत छात्राओं को साइकिल वितरण पर आप पार्टी के आरोपों का भाजपा ने किया खंडन

नई दिल्ली।दिल्ली सरकार की ‘विद्या वाहिनी योजना’ के तहत कक्षा 9 में पढ़ने वाली छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं की स्कूल तक पहुंच को सुगम बनाना और उनकी शिक्षा को निरंतर आगे बढ़ाने में सहयोग देना है। इस पहल को लेकर आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में आज माननीय विधायक एवं दिल्ली सरकार के मुख्य प्रवक्ता श्री अभय वर्मा, विधायक एवं प्रवक्ता अनिल कुमार शर्मा तथा हरीश खुराना ने मीडिया से बातचीत की।मीडिया को संबोधित करते हुए अभय वर्मा ने कहा कि दिल्ली की बेटियों को साइकिल उपलब्ध कराने की दिल्ली सरकार की पहल से आम आदमी पार्टी को अनावश्यक आपत्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार लंबे समय तक सत्ता में रही, लेकिन उसने दिल्ली की बेटियों के लिए इस प्रकार की पहल करने की आवश्यकता महसूस नहीं की। वर्तमान सरकार ने आगे बढ़कर निर्णय लिया कि कक्षा 9 में पढ़ने वाली छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उनकी शिक्षा और स्कूल तक पहुंच को और सुगम बनाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइकिलों की खरीद भारत सरकार के जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई है। यह एक ओपन टेंडर प्रक्रिया थी, जिसमें पात्र प्रतिभागियों को भाग लेने का अवसर उपलब्ध था। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान किसी भी इच्छुक प्रतिभागी को आपत्ति अथवा शिकायत दर्ज कराने का अधिकार था।अभय वर्मा ने कहा कि टेंडर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फ्लोट हुआ, निर्धारित समय में खोला गया और इसके बाद एल-1 बोलीदाता को साइकिलों की आपूर्ति का वर्क ऑर्डर दिया गया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान टेंडर में भाग लेने वाले किसी भी प्रतिभागी की ओर से कोई आपत्ति सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि साइकिलों का वितरण शुरू होने के बाद अचानक इस विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाने और भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की बेटियों को मिल रही इस सुविधा को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है। अभय वर्मा ने यह भी कहा कि जिस कथित शिकायत का हवाला दिया जा रहा है, शिकायतकर्ता स्वयं टेंडर प्रक्रिया में सहभागी नहीं था और न ही उसने टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने का प्रयास किया था। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाने के पीछे की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने साइकिलों की खरीद निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की है तथा इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने आम आदमी पार्टी से अपील की कि यदि उसके पास प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस तथ्य या प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करे, केवल आरोप लगाकर दिल्ली की बेटियों को मिलने वाले लाभ को बाधित करने का प्रयास न किया जाए। हरिश खुराना ने कहा कि साइकिल खरीद की प्रक्रिया जेम पोर्टल पर पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है और एल-1 बोलीदाता को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयनित किया गया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को खरीद प्रक्रिया पर कोई आपत्ति थी, तो उसे टेंडर प्रक्रिया के दौरान ही उचित माध्यम से उठाना चाहिए था। वितरण शुरू होने के बाद लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी आवाजाही को सुगम बनाना है। साइकिल वितरण इसी व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है और इसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय छात्राओं के हित में देखा जाना चाहिए।इस अवसर पर विधायक अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना और विद्या वाहिनी योजना जैसी जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की महिलाओं और छात्राओं के हित में किए जा रहे इन प्रयासों पर विपक्ष द्वारा लगातार सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली की लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल दी जा रही हैं, तब विपक्ष को इन जनकल्याणकारी कार्यों का स्वागत करना चाहिए, न कि भ्रम फैलाना चाहिए।

स्वयंसेवक से राष्ट्रीय मंत्री तक जय प्रकाश ने सेवा और समर्पण की मिसाल कायम की : रेखा गुप्ता

नई दिल्ली। सर्व समाज दिल्ली के द्वारा भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय मंत्री जय प्रकाश का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एवं भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सम्मिलित होकर उन्हें नए दायित्व के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जय प्रकाश की संगठनात्मक यात्रा एक सामान्य स्वयंसेवक के रूप में प्रारंभ हुई और विद्यार्थी जीवन से लेकर संगठन के विभिन्न दायित्वों, पार्षद, स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं महापौर के रूप में जनसेवा करते हुए आज भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री के दायित्व तक पहुंची है। उनकी यह यात्रा भाजपा की उस समर्पित कार्यकर्ता परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जिसमें सेवा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्र प्रथम का भाव सर्वोपरि रहता है।दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि पार्टी ने जय प्रकाश को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व देकर उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव और समर्पण का सम्मान किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जय प्रकाश अपनी कार्यशैली, संगठन के प्रति निष्ठा और जनसेवा के अनुभव से भाजपा को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।इस मौके पर विधायक करतार सिंह तंवर, दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर , विधायक तिलक राम गुप्ता, राजकुमार भाटिया , पूनम शर्मा सहित हजारों लोग मौजूद रहे।

जब गुलशन ग्रोवर की वजह से एक फ़्लाइट में देरी हुई

मुंबई। एक्टर गुलशन ग्रोवर ने एक बार बताया था कि कैसे उनकी वजह से एक फ़्लाइट में देरी हुई थी।’द कपिल शर्मा शो’ में उन्होंने बताया कि एक बार वे फ़्लाइट में थे और फ़्लाइट इसलिए टेक-ऑफ़ नहीं कर पा रही थी क्योंकि एयर होस्टेस उनके बगल में बैठने से मना कर रही थी।जब होस्ट कपिल शर्मा ने पूछा कि क्या कभी कोई महिला उनसे डरी है, तो गुलशन ग्रोवर ने एक मज़ेदार किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, “मैं मनाली में शूटिंग कर रहा था और मुझे कुल्लू के लिए फ़्लाइट लेनी थी। मुझे टिकट नहीं मिल रहा था। सीट पाने के लिए मुझे अपना सारा एक्टिंग का चार्म दिखाना पड़ा और डायलॉग वगैरह बोलने पड़े। तब जाकर आखिरी मिनट में मुझे सीट मिली। मैं दौड़कर फ़्लाइट की तरफ़ गया। मेरी सीट पीछे की तरफ़ थी। छोटे प्लेन में पीछे की तरफ़ एक बेंच जैसी सीट थी। एयर होस्टेस को आकर वहीं बैठना था।लेकिन, काफ़ी समय बीतने के बाद भी फ़्लाइट टेक-ऑफ़ नहीं कर रही थी। उत्सुक होकर गुलशन ग्रोवर ने एयर होस्टेस से पूछा, ‘क्या हो रहा है?’ “हम क्यों नहीं जा रहे हैं?उन्हें तब हैरानी हुई जब एयर होस्टेस ने जवाब दिया, “वजह आप हैं।जब एक्टर ने पूछा कि क्या हुआ, तो उसने कहा, “मैं अपनी नौकरी छोड़ दूंगी, लेकिन उनके साथ नहीं बैठूंगी।गुलशन ग्रोवर ने 1980 के दशक से 400 से ज़्यादा फ़िल्मों में खतरनाक विलेन के रोल निभाकर बॉलीवुड के ‘बैड मैन’ का खिताब हासिल किया है।उनके फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत ‘हम पाँच (1980)’ और ‘रॉकी (1981)’ जैसी फ़िल्मों से हुई। जल्द ही, उन्होंने ‘राम लखन (1989)’, ‘शोला और शबनम (1992)’, ‘सर (1993)’, ‘मोहरा (1994)’ और ‘हेरा फेरी (2000)’ जैसी फ़िल्मों के ज़रिए नेगेटिव रोल में अपनी जगह पक्की कर ली।इतना ही नहीं, गुलशन ग्रोवर कई इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स का भी हिस्सा रहे हैं, जिनमें ‘द सेकेंड जंगल बुक: मोगली एंड बालू (1997)’ और ‘डेस्परेट एंडेवर्स (2011)’ शामिल हैं।खतरनाक विलेन की अपनी इमेज के बावजूद, गुलशन ग्रोवर ने ‘आई एम कलाम’ जैसी फ़िल्मों में पॉज़िटिव रोल में भी यादगार परफ़ॉर्मेंस दी हैं।

महाराष्ट्र: अन्ना हजारे मुंबई के ICU में भर्ती

मुंबई। मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को सोमवार को तबीयत बिगड़ने के बाद बॉम्बे हॉस्पिटल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया।मेडिकल सूत्रों के मुताबिक, 87 वर्षीय कार्यकर्ता का इलाज पहले उनके पैतृक गांव रालेगण सिद्धि के पास एक मेडिकल सेंटर में चल रहा था। हालांकि, गंभीर वायरल संक्रमण, डिहाइड्रेशन और किडनी से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुंबई लाया गया।हजारे अभी ICU में गौतम भंसाली की देखरेख में हैं और उन पर लगातार नज़र रखी जा रही है। मेडिकल एक्सपर्ट्स विस्तृत जांच कर रहे हैं और रिपोर्ट के आधार पर इलाज का प्लान तय किया जाएगा। उनके वाइटल साइन्स (जैसे ब्लड प्रेशर, पल्स आदि) पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।देश भर में उनके समर्थक और शुभचिंतक चिंता जता रहे हैं और उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद उनकी सेहत के बारे में आधिकारिक बयान आने की उम्मीद है।हजारे भारत के सबसे प्रमुख भ्रष्टाचार-विरोधी कार्यकर्ताओं और समाज सुधारकों में से एक हैं। उन्हें महाराष्ट्र में अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि को वॉटरशेड डेवलपमेंट, पेड़ लगाने, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और नशा मुक्ति जैसे नए कामों के ज़रिए एक मॉडल गांव में बदलने के लिए पहचान मिली।उन्हें सूचना का अधिकार (RTI) कानून और जन लोकपाल बिल लागू करने की मांग को लेकर किए गए अनशन और आंदोलनों से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। समाज और ग्रामीण विकास में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1992 में पद्म भूषण से सम्मानित किया, साथ ही उन्हें महाराष्ट्र भूषण समेत कई सम्मान भी मिले।जुलाई 2026 में, हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक औपचारिक पत्र लिखा और सार्वजनिक बयान दिए। उन्होंने NEET समेत परीक्षा पेपर लीक की गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के बड़े पैमाने पर विरोध के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।हजारे ने प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों और सिविल सोसाइटी समूहों का समर्थन किया।हजारे ने कहा कि युवा और छात्र देश की मुख्य ताकत हैं, और जिम्मेदारी वरिष्ठ नेतृत्व की होनी चाहिए, न कि निचले स्तर के अधिकारियों पर दोष मढ़ना चाहिए। पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र में, उन्होंने केंद्र सरकार से प्रधान का इस्तीफ़ा स्वीकार करने का आग्रह किया। उन्होंने तर्क दिया कि किसी बड़े सार्वजनिक मुद्दे पर मंत्री का इस्तीफ़ा स्वीकार करने से लोकतांत्रिक जवाबदेही मज़बूत होती है और सरकारी विभागों में एक मज़बूत संदेश जाता है।अहिल्यानगर में अपने मौन उपवास के दौरान, हज़ारे ने दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस द्वारा बल प्रयोग और लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की। गांधीवादी सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बातचीत हमेशा बेहतर होती है और जनता की शिकायतों का समाधान बल प्रयोग के बजाय अहिंसक चर्चा के माध्यम से किया जाना चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में 22 बार अनिश्चितकालीन उपवास किए हैं, लेकिन कभी भी हिंसा का सहारा नहीं लिया और न ही उसे बढ़ावा दिया। छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन, जनता के दबाव और राजनीतिक बातचीत के बाद, धर्मेंद्र प्रधान ने आख़िरकार उसी हफ़्ते केंद्रीय मंत्रिमंडल से अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी समूहों ने अपने विरोध-प्रदर्शन वापस ले लिए।इसके जवाब में, हज़ारे ने फिर से कहा कि लोकतांत्रिक बातचीत और अहिंसक तरीकों से जनता की मांगों को सुनना भारतीय शासन की मुख्य ताकत है।

बीजेपी कार्यकर्ताओं को ‘झूठी बातों’ का मुकाबला करने के लिए तैयार रहना होगा: महाराष्ट्र के CM

पुणे।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस ने माओवाद से प्रेरणा ली है और देश भर में अराजकता फैलाने के लिए झूठ का सहारा लिया है।उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियां झूठी बातें फैलाने में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं से इस गलत जानकारी का मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने पुणे में बीजेपी राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक के समापन सत्र को संबोधित किया।आगामी राजनीतिक लड़ाई को झूठी बातों के खिलाफ लड़ाई बताते हुए, CM फडणवीस ने बताया कि जब सरकार ने पाठ्यक्रम में ऐतिहासिक सच्चाइयों को शामिल किया तो विपक्ष ने “भगवाकरण” (saffronisation) के आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान NCERT की पाठ्यपुस्तकों में मुगल इतिहास के लिए 13 पेज दिए गए थे और छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए सिर्फ़ एक पैराग्राफ रखा गया था। उन्होंने कहा, “दशकों तक हमारा असली इतिहास हमसे छिपाया गया। मोदी सरकार ने मुगलों के इतिहास को एक पैराग्राफ तक सीमित करके और छत्रपति शिवाजी महाराज व मराठा इतिहास को 17 पेज देकर इसे सुधारा है, जिससे उनकी झूठी कहानी टूट गई है।CM फडणवीस ने आरोप लगाया कि विपक्ष का अगला निशाना आगामी कुंभ मेला है, जहां उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के लिए बुलाए गए टेंडर अनुमानित लागत से 20 से 30 प्रतिशत कम थे, जिससे अलग-अलग कॉन्ट्रैक्ट में 100 करोड़ रुपये से ज़्यादा की बचत हुई।उन्होंने कहा, “हम चार अलग-अलग चरणों में ऑडिट कर रहे हैं। विपक्ष की एकमात्र रणनीति बार-बार और बेशर्मी से झूठ बोलना है।ऐतिहासिक चेतावनियों का ज़िक्र करते हुए, CM फडणवीस ने याद दिलाया कि भारत रत्न बी.आर. अंबेडकर ने अपने आखिरी भाषण में देश को अराजकता के खतरों के बारे में आगाह किया था। उन्होंने कहा कि आज संविधान की आड़ में वही खतरा पैदा किया जा रहा है।उन्होंने चेतावनी दी, “यह सिर्फ़ बीजेपी के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे समाज के खिलाफ है। विपक्ष अराजकता फैलाने के लिए संविधान का नाम तो लेता है, लेकिन उसके मूल मूल्यों को कुचलता है। हालांकि, जो कोई भी संविधान का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करेगा, उसके अपने हाथ ही जलेंगे।उन्होंने कहा कि जहां भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, वहीं कई वैश्विक ताकतें इसकी प्रगति को रोकने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, “इन ताकतों को पता है कि अगर भारत को अभी नहीं रोका गया, तो बाद में इसे नहीं रोका जा सकेगा। उनके साथ काम करने वाले सिर्फ़ 5 प्रतिशत लोगों को ही पता होता है कि उनका इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि 95 प्रतिशत लोग इस बात से अनजान रहते हैं।मुख्यमंत्री फडणवीस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, वह पार्टी जिसने कभी संविधान में संशोधन करके मौलिक अधिकारों को न्यायिक सुरक्षा के दायरे से बाहर कर दिया था, अब संविधान की लाल किताब दिखा रही है।उन्होंने कहा, “ऊपर से तो यह ‘संविधान’ दिखता है, लेकिन अंदर माओवाद की लाल किताब है। लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ की बात करते हैं, लेकिन असल में यह ‘झूठ की गूंज’ के अलावा और कुछ नहीं है।उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ से बड़ा मातृशक्ति का कोई प्रतीक नहीं है; यह वह गीत है जिसे स्वतंत्रता सेनानी निडर होकर फांसी के फंदे तक जाते हुए गाते थे। उन्होंने सोनिया गांधी की कड़ी आलोचना की, जिन पर एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान इस गीत को रुकवाने का आरोप है।महिलाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे पर बात करते हुए, उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पूर्व UPA की सहयोगी पार्टियों को ‘महिला आरक्षण विधेयक’ का हत्यारा करार दिया, क्योंकि उन्होंने अतीत में इसे पारित होने से रोका था।उन्होंने भरोसा दिलाया, “मुझे अपने नेता पर पूरा भरोसा है। एक बार जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी चीज़ को हासिल करने का संकल्प ले लेते हैं, तो वे उसे पूरा करके ही रहते हैं। तमाम मुश्किलों के बावजूद, PM मोदी 2029 तक महिला आरक्षण को लागू करना सुनिश्चित करेंगे।मजबूत संकल्प जताते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जहां PM मोदी के नेतृत्व में देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं महाराष्ट्र हर नागरिक की उम्मीदों को पूरा करने के लिए 2030 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा।उन्होंने भरोसा जताया कि महायुति सरकार राज्य को बदलने के लिए सभी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करेगी।

नेपाल से 158 भारतीय नागरिकों को बचाया गया, भारतीय टीमें बचाव और राहत कार्य जारी रखे हुए हैं: MEA

नई दिल्ली।विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को पुष्टि की कि पिछले हफ़्ते हिमालयी देश में आए विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल से 158 भारतीय नागरिकों को बचाया गया।मंत्रालय ने बताया कि सोमवार रात 9 बजे तक कुल 158 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है, और फोरेंसिक टीम तथा टनल रेस्क्यू टीमें बचाव और राहत कार्य जारी रखे हुए हैं।MEA ने कहा, “फोरेंसिक टीम: भारत की विशेष फोरेंसिक टीम ने आज काठमांडू में नेपाल पुलिस की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने विभिन्न प्रोटोकॉल और डॉक्यूमेंटेशन को बेहतर बनाने पर चर्चा की।रविवार को नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने फोरेंसिक टीम से मुलाकात की और उन्हें जानकारी दी। इसके बाद, टीम ने काठमांडू में नेपाल पुलिस की सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल के फोरेंसिक विभाग की टीमों के साथ चर्चा की।इसमें आगे कहा गया, “टनल रेस्क्यू टीम: भारत की टनल रेस्क्यू ऑपरेशन टीम ने आज चिलिमे और लांगटांग हाइड्रोपावर साइट्स पर नेपाली सेना के साथ मिलकर अपने प्रयास जारी रखे। चिलिमे में खराब मौसम और मुश्किल रास्तों के बावजूद, टीम टनल तक पहुँचने में कामयाब रही। बचाव कार्य कल भी जारी रहेंगे।भारतीय टनल रेस्क्यू टीम रविवार को चिलिमे और लांगटांग इलाके में हाइड्रोपावर टनल साइट्स पर खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए नेपाली सेना की टीम के साथ शामिल हुई।राजदूत श्रीवास्तव ने X पर कहा, “टनल रेस्क्यू के लिए हमारी टेक्निकल टीम ने आज नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग दोनों साइट्स पर काम किया। चिलिमे में खराब मौसम और मुश्किल रास्तों के बावजूद, टीम टनल तक पहुँचने और टनल के अंदर सुरक्षा रस्सियाँ लगाने में सफल रही। लांगटांग में, टीम नेपाली बलों के साथ मिलकर 185 मीटर की गहराई तक जाँच करने में सफल रही। बचाव कार्य कल भी जारी रहेंगे।नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए भारत से मदद लेकर चौथी उड़ान रविवार को काठमांडू पहुँची।MEA ने कहा, “11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान नेपाल पहुँच गई है, और विनाशकारी बाढ़ के बाद जारी सहायता के तहत यह सामग्री संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है।” इस खेप में सर्च-एंड-रेस्क्यू (खोज और बचाव) उपकरणों से लैस एक टनल टेक्निकल टीम और DNA एनालिसिस के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की एक टीम शामिल है। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं।

PM मोदी ने वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया, भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं

बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बिश्केक में वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और इसमें शामिल होने वाले भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं।PM मोदी ने X पर कहा, “बिश्केक में वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल हुआ। भारतीय दल को मेरी शुभकामनाएं।उद्घाटन समारोह में PM मोदी कई विश्व नेताओं से बातचीत करते और अलग-अलग देशों की शुरुआती परफॉर्मेंस और प्रस्तुतियों को देखते हुए नज़र आए।जब खेलों के उद्घाटन के दौरान भारतीय दल को पेश किया गया, तो PM मोदी खड़े होकर उनका अभिवादन करते हुए दिखे।विदेश मंत्रालय (MEA) ने X पर कहा, “PM नरेंद्र मोदी ने SCO के अन्य नेताओं के साथ बिश्केक में छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के आधिकारिक उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। हर दो साल में होने वाला यह आयोजन खानाबदोश सभ्यताओं की समृद्ध खेल परंपराओं, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाता है और देशों को उनकी साझा संस्कृति के जीवंत उत्सव में एक साथ लाता है।इससे पहले, अपनी गहरी दोस्ती दिखाते हुए, PM मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने किर्गिस्तान की राजधानी में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान अपनी द्विपक्षीय बातचीत खत्म करने के तुरंत बाद, बिश्केक एरिना में वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह के लिए एक ही कार में यात्रा की।दोनों नेताओं ने पिछले साल सितंबर में चीन के तियानजिन में SCO नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान भी ऐसी ही दोस्ती दिखाई थी, जब वे अपनी द्विपक्षीय बैठक की जगह तक एक ही कार में गए थे।PM मोदी ने 26वें SCO शिखर सम्मेलन के दौरान कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की।यह दोहराते हुए कि भारत यूक्रेन में शांति लाने की सभी कोशिशों का समर्थन करता है, PM मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ बैठक के दौरान कहा कि मानवता की भलाई के लिए अंतहीन युद्ध से युद्ध की समाप्ति की ओर बढ़ना ज़रूरी है।PM मोदी ने बताया कि दोनों नेताओं ने पहले भी यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा की है, और पुतिन ने अपनी पिछली मुलाकात के दौरान उन्हें इस संघर्ष के सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी थी। “जैसा कि आप जानते हैं, भारत शांति की दिशा में सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा। युद्ध में बिताया गया हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता में नई उम्मीद और उत्साह भरता है। हमें अंतहीन युद्ध से हटकर युद्ध को खत्म करने की ओर बढ़ना चाहिए। मानवता की भलाई के लिए यह बहुत ज़रूरी है,” पीएम मोदी ने बैठक की शुरुआत में अपने संबोधन में कहा।

झारखंड: धनबाद में पेड़ से लटका मिला युवक का शव, चतरा में पुल के नीचे बरामद हुई लाश

धनबाद/ चतरा,। झारखंड के धनबाद और चतरा जिलें में सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में दो युवकों के शव बरामद होने से हड़कंप मच गया। स्थानीय पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र की है, जहां भेलाटांड़ स्थित बिनोद बिहारी कोयलांचल विश्वविद्यालय के सामने सड़क किनारे एक 26 वर्षीय युवक का शव पेड़ से लटका पाया गया। मृतक की पहचान ठाकुरकुल्ही निवासी राकेश कुमार वर्मा उर्फ आकाश वर्मा (26) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, चार भाइयों में तीसरे नंबर पर रहने वाला राकेश मजदूरी करता था और सोमवार को काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था, जिसके बाद उसकी मौत की खबर आई। बरवाअड्डा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसएनएमएमसीएच भेज दिया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दूसरी घटना चतरा जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़िया गांव की है, जहां निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्र के समीप स्थित पुल के नीचे से 36 वर्षीय विजय यादव का शव बरामद हुआ। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि विजय की कहीं और हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को पुल के नीचे फेंका गया है। उल्लेखनीय है कि गड़िया गांव में पिछले दो महीनों के भीतर संदिग्ध परिस्थिति में मौत की यह दूसरी घटना है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। राजपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और चतरा सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के लिखित आवेदन, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आज आईटीआर भरने की अंतिम तिथि: आयकर विभाग ने गैर-ऑडिट करदाताओं से की तुरंत रिटर्न फाइल करने की अपील

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने व्यवसाय या पेशेवर आय वाले उन करदाताओं को अंतिम याद दिलाई है, जिन्हें अपने खातों का ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं है। विभाग ने सोमवार को कहा कि आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है और पात्र करदाताओं को समय सीमा समाप्त होने से पहले अपना रिटर्न दाखिल एवं सत्यापित कर देना चाहिए। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि 7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न पहले ही दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग ने कहा, “आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 7 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं। व्यवसाय या पेशेवर आय वाले ऐसे करदाता जो ऑडिट के दायरे में नहीं आते, उनके लिए 31 अगस्त 2026 अंतिम तिथि है। अंतिम समय तक इंतजार न करें और आज ही अपना आईटीआर दाखिल करें।” विभाग ने करदाताओं को सलाह दी है कि वे रिटर्न दाखिल करते समय सही फॉर्म का चयन करें और अपनी आय की जानकारी पूरी सटीकता के साथ दर्ज करें। साथ ही, वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) में उपलब्ध जानकारी के साथ वित्तीय आंकड़ों का मिलान भी कर लें ताकि बाद में किसी प्रकार की त्रुटि या नोटिस की स्थिति न बने। आमतौर पर आईटीआर-3 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए होता है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से होती है और जो आईटीआर-1, आईटीआर-2 या आईटीआर-4 दाखिल करने के पात्र नहीं होते। वहीं आईटीआर-4 (सुगम) उन पात्र निवासी व्यक्तियों, एचयूएफ और साझेदारी फर्मों के लिए उपलब्ध है, जो आयकर अधिनियम की धारा 44एडी, 44एडीए या 44एई के तहत अनुमानित कराधान योजना का लाभ लेते हैं। आयकर विभाग ने चेतावनी दी है कि समय सीमा चूकने पर करदाताओं को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें विलंब शुल्क, बकाया कर पर ब्याज, रिफंड मिलने में देरी और कुछ कर लाभों का नुकसान शामिल है। हालांकि यदि कोई करदाता आज की समयसीमा तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता है, तो वह 31 दिसंबर 2026 तक विलंबित रिटर्न दाखिल कर सकता है, बशर्ते उससे पहले निर्धारण प्रक्रिया पूरी न हो जाए। लेकिन विलंबित रिटर्न दाखिल करने की स्थिति में कई महत्वपूर्ण लाभ समाप्त हो सकते हैं, जिनमें व्यावसायिक या पूंजीगत हानियों को अगले वर्षों में आगे ले जाने की सुविधा भी शामिल है। नियमों के अनुसार, यदि किसी करदाता की कुल आय 5 लाख रुपए से अधिक है, तो धारा 234एफ के तहत 5,000 रुपए तक का विलंब शुल्क लगाया जा सकता है। यदि कुल आय 5 लाख रुपए से कम है, तो यह शुल्क अधिकतम 1,000 रुपए होगा। इसके अतिरिक्त, जिन करदाताओं पर कर बकाया है, उन्हें धारा 234ए के तहत बकाया राशि पर प्रति माह 1 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना पड़ सकता है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि व्यवसाय या पेशेवर आय वाले वे करदाता जो डिफॉल्ट नई कर व्यवस्था से बाहर निकलकर पुरानी कर व्यवस्था का विकल्प चुनना चाहते हैं, उन्हें भी निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना आवश्यक है।