पीएम मोदी ने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के नेताओं को भारतीय विरासत से जुड़े खास उपहार भेंट किए

बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की 26वीं बैठक में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा उनके परिवार के सदस्यों को भारत की समृद्ध कला, संस्कृति, संगीत और हस्तशिल्प परंपरा से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए। प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और विद्वान बिबेक देबरॉय द्वारा अंग्रेजी में अनूदित महाभारत का 10 खंडों का संपूर्ण संस्करण भेंट किया। यह महाकाव्य धर्म, न्याय, कर्तव्य, नैतिकता और राज्यकला जैसे विषयों पर आधारित भारत की सांस्कृतिक और दार्शनिक धरोहर का प्रतीक है। इसे किर्गिस्तान के महाकाव्य ‘मानस’ से सांस्कृतिक समानता के रूप में भी प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा राष्ट्रपति को लद्दाख का पारंपरिक ‘त्सुग-दुल’ ऊनी कंबल भी भेंट किया गया। स्थानीय ऊन से तैयार यह कंबल रंग-बिरंगे ज्यामितीय और पुष्पीय डिजाइनों के लिए प्रसिद्ध है और लद्दाख की घुमंतू एवं पशुपालक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। यह किर्गिस्तान की पर्वतीय और खानाबदोश परंपराओं से भी जुड़ाव दर्शाता है। किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री को डोकरा कला से निर्मित पारंपरिक संगीतकारों की जोड़ी भेंट की गई। यह प्राचीन ‘लॉस्ट-वैक्स’ धातु ढलाई तकनीक से तैयार हस्तशिल्प भारतीय लोककला और संगीत परंपरा का प्रतीक है तथा दोनों देशों की लोक संगीत विरासत को जोड़ने वाला सांस्कृतिक संदेश देता है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को चंदन की लकड़ी से बनी शततंत्री वीणा (संतूर) भेंट की गई। जम्मू-कश्मीर की संगीत परंपरा से जुड़ा यह वाद्य उज्बेकिस्तान के पारंपरिक ‘चांग’ वाद्य से काफी मिलता-जुलता है और दोनों देशों की साझा संगीत विरासत को दर्शाता है। राष्ट्रपति को लकड़ी के नक्काशीदार बॉक्स में कांगड़ा की प्रीमियम चाय भी दी गई, जिसमें कांगड़ा फर्स्ट फ्लश ब्लैक टी और कांगड़ा ग्रीन टी शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी की यह चाय अपनी सुगंध, हल्के स्वाद और विशिष्ट हिमालयी पहचान के लिए जानी जाती है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की पत्नी को आगरा की संगमरमर जड़ाई वाली पेटी और वाराणसी की बनारसी सिल्क स्टोल भेंट की गई। यह उपहार भारत की दो प्रतिष्ठित हस्तशिल्प परंपराओं का सुंदर संगम है। वहीं, राष्ट्रपति की बेटी को फाइन सिल्वर ब्रोच भेंट किया गया, जिसमें फूलों की आकृति, जालीदार नक्काशी और बारीक धातु शिल्प भारतीय आभूषण कला की उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री को संगमरमर जड़ाई वाली सजावटी प्लेट भेंट की। आगरा की पारंपरिक पत्थर जड़ाई कला से तैयार इस प्लेट पर नीले, हरे और लाल रंगों के पुष्पीय डिजाइन बनाए गए हैं, जो भारत और उज्बेकिस्तान की साझा कलात्मक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकला का प्रतीक हैं।
आतंकवादी को किसी मजहब से जोड़ना खुद और धर्म के साथ भी अन्याय : सलमान खुर्शीद

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने मंगलवार को आतंकवाद और धर्म को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। सलमान खुर्शीद ने आईएएनएस से बात करते हुए यहां तक कहा कि आतंकवादी को किसी मजहब से जोड़ना खुद और धर्म के साथ भी अन्याय के समान है। नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह बात तो बहुत साफ है कि आतंकवाद का किसी मजहब या किसी धर्म से कोई ताल्लुक नहीं है। जो समझता है कि धर्म का ताल्लुक आतंकवाद से है, वह न तो धर्म को समझता है और न ही आतंकवाद को समझता है। इसलिए अगर आप आतंकवादी को किसी मजहब से जोड़ेंगे, तो आप इतना बड़ा अन्याय अपने आप के साथ भी करेंगे और धर्म के साथ भी करेंगे। आतंकवादी तो आतंकवादी होता है, वह कभी धार्मिक तो हो ही नहीं सकता। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई टलने पर कहा कि निचली अदालतों में बहस हो रही है। सभी जानते हैं कि केस में सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने फैसला किया था और कहा था कि जब 6 साल पूरे होंगे, तो उसके बाद आपकी बेल पर जरूर कार्रवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट की एक और बेंच ने कहा कि ऐसा करना शायद सही नहीं था, अब बड़ी पीठ इस पर सुनवाई करेगी। आज नहीं तो कल, उनको बेल मिल ही जाएगी। यूपी चुनाव में कांग्रेस-सपा द्वारा माइनॉरिटी से बचने के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं सपा के लिए कुछ नहीं कह सकता। हर पार्टी का अपना नजरिया होता है, अपना सिस्टम होता है। मैं अपनी पार्टी के लिए कह सकता हूं कि हमारी पार्टी में किसी किस्म की झिझक नहीं है। यह दूसरी बात है कि जब आप बात करते हैं और लोगों को बताते हैं कि आपको सभी लोगों को साथ लेकर चलना है, तब आप दलितों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों की बात करते हैं, जिनमें मुसलमान भी शामिल हैं। जो भी कमजोर है और जिसे समाज में इंसाफ नहीं मिला है, हम उसकी बात करते हैं। कोई यह नहीं कह सकता कि आप तौल-तौलकर अलग-अलग वर्गों पर बोलें। माहौल देखकर कभी किसी के लिए कहा जाता है, कभी किसी के लिए। राहुल गांधी ने तो यहां तक कहा है कि आप माइनॉरिटी-माइनॉरिटी क्यों कहते हैं, अगर मुसलमान की बात करनी है तो सीधे मुसलमान कहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई नाराज है तो राहुल गांधी से बात कर लें। वह बात करने के लिए तैयार हैं। हर चीज का एक मौका और एक तरीका होता है। अगर किसी को शिकायत है तो अपनी बात कहे। अगर मुस्लिम महिला मतदाता उन तक नहीं पहुंच पा रही हैं, तो हमसे बात कर लें कि राहुल गांधी तक यह बात पहुंचाएं। वह इन बातों पर गौर करेंगे और जो प्रतिक्रिया देनी होगी, वह देंगे। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ पर कांग्रेस नेता ने कहा कि विवाद किस बात का है? कोई विवाद नहीं है। ऑफिशियल फंक्शन्स में सभी पद गाए जाने चाहिए। पारंपरिक रूप से हम लोग केवल दो पद गाते चले आ रहे हैं, ताकि किसी को ऐसा न लगे कि यह किसी विशेष वर्ग के लिए ही है। यह सबके लिए है, पूरे भारतवर्ष के लिए है, भारत के सभी लोगों के लिए है। जब वह परंपरा इतने सालों से चली आ रही थी, तो उसमें परिवर्तन की आवश्यकता क्या थी?
यमन में संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान में आईएस का प्रवक्ता ढेर

अदन। यमन सरकार ने मंगलवार को दावा किया कि इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंकी संगठन का आधिकारिक प्रवक्ता अबू हुज़ैफा अल-अंसारी संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान में मारा गया। यह अभियान यमनी सुरक्षा बलों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की विशेष बलों ने मिलकर चलाया। सरकारी टीवी चैनल सबा ने केंद्रीय राज्य सुरक्षा एजेंसी के हवाले से बताया कि अभियान का उद्देश्य अल-अंसारी को जीवित पकड़ना था, लेकिन कार्रवाई के दौरान वह मारा गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की स्पेशल फोर्सेज को यमन की 22वीं काउंटर टेररिज्म यूनिट का सहयोग मिला। हालांकि, एजेंसी ने अभियान की जगह और अन्य परिचालन संबंधी जानकारी सार्वजनिक नहीं की। स्थानीय सैन्य सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे दक्षिण-पूर्वी हदरमौत प्रांत के सैयून शहर में की गई। सुरक्षा बलों ने अल-हौटा इलाके के एक पुराने मिट्टी के मकान को निशाना बनाया, जहां अल-अंसारी ठहरा हुआ था। सूत्रों ने बताया कि अल-अंसारी अभियान में घायल होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाद में चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। इस कार्रवाई में मकान में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी मारा गया। अभियान के दौरान ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि छापेमारी के समय सैयून शहर में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष और अस्थिरता का फायदा उठाकर अल-कायदा इन द अरेबियन पेनिनसुला और आईएस जैसे आतंकी संगठन देश के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं। इस बीच यमन सरकार ने यह भी दावा किया कि उसकी नौसेना ने लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के पास स्थित सरकारी नियंत्रण वाले द्वीपों की ओर बढ़ रही हूती विद्रोहियों की चार विस्फोटकों से लदी नौकाओं को रोक लिया। सरकारी समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, नौकाएं रणनीतिक हनिश और ज़ुकर द्वीपों की ओर बढ़ रही थीं, जिन्हें यमनी नौसेना ने बीच रास्ते में रोक दिया। सैन्य सूत्रों का कहना है कि रविवार और सोमवार को भी हूती नौकाओं की गतिविधियां दर्ज की गई थीं। हालांकि, हूती समूह ने इन दावों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
दिल्ली नगर निगम में शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित 15 दिवसीय शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण शिविर का आज भव्य समापन हुआ।इस शिविर का समापन कार्यक्रम नजफगढ़ क्षेत्र के ककरोला स्थित डॉ. साहब सिंह वर्मा स्टेडियम में आयोजित किया गया । इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी जोनों के लगभग एक हजार शिक्षकों ने हिस्सा किया और उन्होंने शारीरिक शिक्षा, योग, व्यायाम, फिटनेस, खेल तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया।समापन समारोह में सांसद कमलजीत सहरावत, दिल्ली नगर निगम के नेता सदन जय भगवान यादव, अध्यक्ष वार्ड समिति नजफगढ़ क्षेत्र जयवीर राणा, उपाध्यक्ष सुषमा पवन राठी, अध्यक्ष शिक्षा समिति योगेश वर्मा, उपाध्यक्ष शिक्षा समिति अमित खरखड़ी, पार्षद सुदेश गहलोत, अपर आयुक्त शिक्षा संजीव मित्तल, उपायुक्त नजफगढ़ क्षेत्र शाश्वत सौरभ एवं निदेशक शिक्षा निखिल तिवारी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण, प्रशिक्षक, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।इस अवसर पर माननीय सांसद कमलजीत सहरावत ने निगम के प्रशिक्षण शिविर कार्यकम के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं एवं विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर दिल्ली नगर निगम के नेता सदन जय भगवान यादव ने अपने संबोधन में शिक्षा को दिल्ली नगर निगम की प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण स्थान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि निगम के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, खेल और व्यक्तित्व विकास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है। श्री यादव ने कहा कि “स्वस्थ विद्यार्थी एवं सशक्त शिक्षक ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।उन्होंने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विद्यालयी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और शिक्षक-शिक्षिकाओं से प्रशिक्षण का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।अध्यक्ष, शिक्षा समिति योगेश वर्मा ने अपने संबोधन में शारीरिक शिक्षा को विद्यार्थियों के समग्र विकास का आवश्यक अंग बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और सकारात्मक सोच का विकास होता है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यालयों में खेल और शारीरिक गतिविधियों को केवल एक अतिरिक्त गतिविधि न मानकर शिक्षा की मुख्यधारा का हिस्सा बनाएं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सामान्य शिक्षक भी यदि बच्चों की फिटनेस, खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करें, तो इसका प्रभाव विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंच सकता है।15 दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर की विशेषता यह रही कि कार्यक्रम केवल विशेषज्ञ शिक्षकों तक सीमित न रखते हुए सामान्य शिक्षकों को भी शारीरिक शिक्षा एवं फिटनेस से जोड़ा गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को योग, व्यायाम, फिटनेस, खेल गतिविधियों तथा बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली और अनुशासन विकसित करने के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया।कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक विकास पर विशेष बल दिया गया। शिक्षकों को बताया गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, टीमवर्क, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास भी है।कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशिक्षकों, आयोजन समिति, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
पात्र को दिलाये कब्जा, न्याय दिलाना हमारा कार्य है: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़

गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। जनसुनवाई में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने भूमि कब्जा, राजस्व विवाद, अवैध अतिक्रमण, सार्वजनिक सुविधाओं, पेंशन, राशन कार्ड, जलापूर्ति सहित अन्य जनसमस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशानुरूप प्रत्येक शिकायतकर्ता की शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक एवं संतोषजनक समाधान किया जाए तथा निस्तारण के उपरांत शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए। इस दौरान दिव्यांगजनों द्वारा जिलाधिकारी से निवेदन किया किया कि डीएम साहब ट्राईसाईकिल, रोजगार, पेशन, अंत्योदय कार्ड व आयुष्मान कार्ड तो आपके निर्देशों के क्रम में बन गए हैं कृपया आवास और दिलवा दीजिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जल्द ही किसी योजना के तहत आप लोगों के लिए आवास की व्यवस्था कराई जायेगी।इस दौरान कुछ प्रार्थियों के दौरान प्लाट/जमीन पर कब्जा, अपने ही मकान पर कार्य ना कराने देना सहित अन्य राजस्व से सम्बंधित अनेक शिकायतें प्राप्त हुई। खोड़ा निवासी सुमन द्वारा ने अपने शिकायती पत्र में कहा कि उन्होने सजवान नगर में एक प्लाट खरीदा था किन्तु उस पर दंबगों ने कब्जा कर लिया हैं जिसकी शिकायती सम्बंधित थाना व कमीश्नर साहब के यहां भी की किन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई। डीएम साहब हमारी सहायता करें, हमें हमारे प्लाट पर कब्जा दिलाए। जिलाधिकारी ने प्रार्थी की पूरी बात सुनी और एसडीएम सदर को निर्देशित करते हुए कहा यदि किसी पात्र या सही व्यक्ति की सम्पत्ति पर कोई कब्जा करने की कोशिश करता हैं तो उनको बाहर निकाले और सही व्यक्ति को कब्जा दिलाएं, न्याय दिलाना हमारा कार्य है। जनपद में कहीं भी किसी भी कमजोर, असहाय, गरीब व्यक्ति के सम्पत्ति पर कब्जा नहीं होना चाहिए, ना ही उनका किसी भी प्रकार का उत्पीड़न हो, इस बात का सभी अधिकारीगण विशेष ध्यान रखें। मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में हर व्यक्ति को न्याय व हर पीड़ित को सहायता दिलाना हमारा मुख्य जिम्मेदारी है।जनसुनवाई में भूपेन्द्र पुरी, मोदीनगर निवासी एक महिला सन्नो पत्नी सुशील ने अवगत कराया कि उनके पति सुशील को कैंसर हो गया, इसके साथ ही नन्दग्राम निवासी श्री संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी पुत्री को कैंसर हो गया है कृपया हमारी सहायता करें। जिलाधिकारी ने सम्बंधित अधिकारी/ बाबू को निर्देशित किया कि सीएम रिलिफ फंड से इनकी सहायता हेतु आवेदन किया जाएं साथ ही इनके आयुष्मान कार्ड भी बनाऐं जाएं जिससे इन्हें ईलाज से सम्बंधित समस्याओं को सामना ना करना पड़े।जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की मानवता एवं पीड़ितों को न्याय दिलाने की इसी कार्यशैली का असर हैं कि आज हर कोई अपनी शिकायत को लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंच जाते हैं, 10 बजे से 12 बजे तक की जनसुनवाई में भीड़ इतनी हो जाती है कि कई बार 2—3 बजे तक भी जनसुनवाई होती है।जनसुनवाई के दौरान एडीएम प्रशासन ज्योति मौर्या, एडीएम एल/ए अवनीश सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चन्द्र त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
भारत कौशल प्रतियोगिता के सफल आयोजन को लेकर बैठक, 63 कौशलों में पात्र प्रशिक्षणार्थियों के पंजीकरण के निर्देश

गाजियाबाद। जिला समन्वयक उ०प्र० कौशल विकास मिशन ने अवगत कराया कि भारत कौशल प्रतियोगिता के सफल आयोजन एवं जिला कौशल विकास प्लान तैयार करने हेतु मुख्य विकास अधिकारी गाजियाबाद की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के 18 जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। जिसमें जिला सेवायोजन अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, सहायक श्रमायुक्त, जिला समाज कल्याण अधिकारी, प्रधानाचार्य राजकीय आई०टी०आई०/ जिला समन्वयक, कौशल विकास विभाग, राजकीय पॉलीटेक्निक, जिला अल्पसंख्यक विभाग, जन शिक्षण संस्थान, बेसिक शिक्षा विभाग, जवाहर नवोदय विद्यालय, उप जिला पंचायत राज अधिकारी, परियोजना अधिकारी, डूडा विभाग, जनरल सेकेट्री स्मॉल स्केल इण्डस्ट्रीज एण्ड ट्रेडर्स एसोसियेशन, गाजियाबाद द्वारा प्रतिभाग किया गया। जिसमें शैक्षिक संस्थानों से सम्बन्धित विभागों को स्किल इण्डिया कम्पीटिशन 2026-27 में 63 कौशलों के पात्रता मानदण्ड के अनुसार स्किल इण्डिया डिजिटल हब पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिये निर्देशित किया और जिला कौशल विकास समिति के सदस्यों से स्वः रोजगार एवं रोजगार को ध्यान में रखते हुये प्रमुख सेक्टर/कोर्सों का चयन किया जाये।जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र के साथ समन्वय स्थापित कर कौशल विकास में प्रशिक्षणरत प्रशिक्षणार्थियों को इण्डस्ट्रीज भ्रमण कराया जाये। मुख्य विकास अधिकारी महोदय, गाजियाबाद द्वारा इण्डस्ट्रीज की मांग के अनुसार ऑटोमोटिव, इलैक्ट्रोनिक्स इत्यादि प्रमुख सेक्टर / कोर्सों का चयन किया गया। एम०आई०एस० मैनेजर, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को समाज कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर शैक्षणिक संस्थानों में वर्कशॉप आयोजित कर ज्यादा से ज्यादा प्रशिक्षणार्थियों का भारत कौशल प्रतियोगिता में पंजीकरण कराने हेतु निर्देशित किया गया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मिली स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती, आईएमए गाजियाबाद ने दिए ₹2 लाख के जरूरी उपकरण

गाजियाबाद। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की गाजियाबाद शाखा के द्वारा जनपद में स्वास्थ्य विभाग के अधीन संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों हेतु कुछ अति आवश्यक उपकरण जैसे ऑटोक्लेव मशीन, ऑटो स्कोप, ड्रेसिंग ड्रम एवं अन्य उपकरण जिनका कुल मूल्य ₹ 200000 है, मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजियाबाद को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन गाजियाबाद शाखा की ओर से सी एस आर के अंतर्गत उपलब्ध कराया गया, इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी जनपद गाजियाबाद डॉ सचिन वैश्य वर्तमान आई एम ए, गाजियाबाद अध्यक्ष – डॉ अल्पना कंसल, सचिव – डॉ राजीव त्यागी, उपाध्यक्ष – डॉ अर्चना शर्मा, कोषाध्यक्ष- डॉ सारिका जैन, नवीन चयनित अध्यक्ष – डॉ प्रहलाद चावला, डॉ अपूर्वा डी सी क्यू ए एवं डॉ रविंद्र कुमार उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजियाबाद उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वास्थ्य विभाग गाजियाबाद की ओर से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन गाजियाबाद शाखा के समस्त पदाधिकारियो को इन उपकरणों को सी एस आर करने हेतू हार्दिक धन्यवाद दिया।
निर्वाचन कार्यों में लापरवाही करने एवं समयबद्ध कार्य पूर्ण ना करने वाले बीएलओ के वेतन आहरित ना करने के निर्देश

गाजियाबाद। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में निर्वाचन कार्यों से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन संबंधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि जिन बीएलओ द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर डीएसई एवं प्रपत्र-6, 7 और 8 का कार्य पूर्ण नहीं किया गया है, उनके वेतन का आहरण न किया जाए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्वाचन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।बैठक में अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन), सिटी मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी सदर, उप जिलाधिकारी मोदीनगर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल एवं सदस्य दीपक गोयल ने गोआश्रय स्थल पट्टी का किया निरीक्षण

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल एवं सदस्य दीपक गोयल द्वारा जनपद गाजियाबाद में गोवंश संरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस क्रम में सर्वप्रथम अपराह्न 2:30 बजे नंदी पार्क, नगर निगम गाजियाबाद स्थित गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया गया।नंदी पार्क में वर्तमान में कुल 1,923 गोवंश संरक्षित पाए गए। निरीक्षण के दौरान गोआश्रय स्थल में साफ-सफाई एवं गोवंशों के रख-रखाव की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। माननीय उपाध्यक्ष एवं सदस्य महोदय द्वारा गोवंशों के रख-रखाव, भरण-पोषण एवं प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया गया। विशेष रूप से मृत्यु अभिलेख, पंचनामा, भूसा अभिलेख, चारा लॉगबुक एवं गोवंश लॉगबुक की समीक्षा की गई तथा अभिलेखों के समुचित संधारण की स्थिति का जायजा लिया गया। उपाध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा नंदी पार्क में गोवंशों के स्वास्थ्य, भरण-पोषण एवं देखभाल के लिए किए जा रहे कार्यों का अवलोकन करते हुए व्यवस्थाओं की सराहना की गई। डॉ. मोनिका गुप्ता, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, सदर, गाजियाबाद एवं उनकी टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए पूरी टीम को पूर्ण समर्पण, तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ गोवंश सेवा कार्य जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही सुझाव दिया गया कि अतिरिक्त शेड तैयार होने के उपरांत यथासंभव छोटे एवं बड़े गोवंशों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की जाए, जिससे उनकी आयु एवं आवश्यकता के अनुसार बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सके।इसके उपरांत सायं 6:30 बजे स्थायी गोआश्रय स्थल पट्टी, विकासखंड भोजपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय गोआश्रय स्थल पर कुल 155 गोवंश पाए गए। मौके पर लगभग भूसा, दाना एवं हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध पाया गया। गोआश्रय स्थल में हरे चारे की बुवाई की गई है, लेकिन भूमि पथरीली होने के कारण हरा चारा अपेक्षित रूप से विकसित नहीं हो पाया है। पुनः रोपित करने के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष एवं सदस्य महोदय द्वारा गोआश्रय स्थल में बीमार गोवंशों की चिकित्सा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने तथा गोवंशों के भरण-पोषण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पानी की टंकी एवं नांद आदि की नियमित साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए, ताकि गोवंशों को स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सके।निरीक्षण के दौरान मौके पर उपस्थित ग्रामीण विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा गोआश्रय स्थल से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत किए गए, जिनका माननीय उपाध्यक्ष एवं सदस्य महोदय द्वारा अवलोकन किया गया। अभिलेखों का संधारण संतोषजनक पाया गया।उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने कहा कि निराश्रित गोवंश का संरक्षण एवं उनके समुचित भरण-पोषण की व्यवस्था करना सभी संबंधित स्थानीय निकायों का दायित्व है। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग को गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी गोवंश को किसी प्रकार की समस्या न हो। प्रत्येक गोवंश के लिए प्रतिदिन पर्याप्त भरण-पोषण, स्वच्छ पेयजल एवं सुरक्षित और पर्याप्त स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि गोवंशों के साथ संवेदनशीलता का व्यवहार किया जाए तथा गले में ऐसी रस्सी अथवा अन्य सामग्री न बांधी जाए, जिससे उन्हें किसी प्रकार का कष्ट या चोट पहुंचे। गोआश्रय स्थलों में गोवंशों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण एवं सुरक्षित आवास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। निरीक्षण के दौरान डॉ. प्रकाश पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, गाजियाबाद; डॉ. मोनिका गुप्ता, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, सदर, गाजियाबाद; डॉ. आशीष, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम गाजियाबाद सहित ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं पशुपालन विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में जिला स्तरीय ‘व्यापार बंधु’ की बैठक संपन्न

गाजियाबाद। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय ‘व्यापार बंधु’ की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का सफल संयोजन चन्द्रकांत भूषण, उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर, गाजियाबाद द्वारा किया गया।व्यापारियों द्वारा उठाए गए प्रमुख समस्याओं एवं नए एजेंडा बिन्दुओं पर गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय द्वारा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए।बैठक के प्रमुख फैसले व निर्देश:खाद्य जांच रिपोर्ट में देरी: सैंपलों की जांच रिपोर्ट 6-8 माह लटकने पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (नगर) को 30 दिन में आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। 30 दिन की कानूनी सीमा के बाद आई रिपोर्टों पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।अवैध बस स्टैंड व पार्किंग: पालिका ट्रक स्टैंड परिसर में अवैध वसूली, अवैध बस स्टैंड और खड़े कबाड़ वाहनों पर नगर निगम को 1 सप्ताह में कार्यवाही रिपोर्ट देने को कहा गया।शौचालय सुविधा: मोहन नगर चैकपोस्ट पर व्यापारियों व वाहन चालकों की सुविधा के लिए नगर निगम को तत्काल मोबाइल शौचालय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।सड़क मरम्मत: हापुड़ रोड (वार्ड-56) और कचहरी मार्ग की जर्जर सड़कों की अविलंब मरम्मत हेतु सिंचाई व पीडब्लूडी विभाग को निर्देशित किया गया।ई-बस संचालन: राजनगर एक्सटेंशन से वैशाली व मेरठ रोड रूट पर मिलने वाली 50 नई ई-बसों में से कार्ययोजना बनाकर बसें चलाने के निर्देश दिए गए।डिजिटल पेमेंट: डिप्टी रजिस्ट्रार (फर्म्स एवं सोसाइटी) कार्यालय में नकद के स्थान पर डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए।बैठक में एसीपी (गाजियाबाद पुलिस), अधिशासी अभियंता (नगर निगम), एफएसडीए, एआरटीओ (परिवहन विभाग), सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, मण्डी समिति, तथा जिला उद्योग व्यापार मण्डल व व्यापारिक संगठनों की ओर से तिलक राज अरोड़ा (प्रदेश महामंत्री, उ०प्र० उद्योग व्यापार मण्डल), पं० अशोक भारतीय (प्रदेश उपाध्यक्ष), केसरी कुमार मिश्र (अध्यक्ष, फूड प्रोफेशनल वेलफेयर एसोसिएशन),प्रशांत सरैया (फैडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेड हाउस), पंकज गर्ग (जिला महामंत्री) एवं अवधेश शर्मा सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।जिलाधिकारी ने अंत में सभी अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि व्यापार बंधु की बैठक में प्राप्त सभी बिन्दुओं का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।