जम्मू-कश्मीर: सीएम उमर अब्दुल्ला ने टेस्ट टीम में चुने जाने पर आकिब नबी को बधाई दी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तेज गेंदबाज आकिब नबी को बधाई दी है, जिन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया। अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इंजरी से रिकवरी कर रहे हैं, जिसके चलते नबी को दो मुकाबलों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, “मुख्यमंत्री ने श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने पर क्रिकेटर आकिब नबी को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने (उमर अब्दुल्ला) उनके चयन को जम्मू-कश्मीर के लिए बेहद गर्व की बात और पूरे क्षेत्र के अनगिनत युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बताया। मुख्यमंत्री ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता की शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे इस मौके का पूरा फायदा उठाएंगे और देश का नाम रोशन करेंगे।” उल्लेखनीय है कि आकिब नबी जम्मू-कश्मीर के ऐसे पहले क्रिकेटर बन गए हैं जिन्हें भारत की टेस्ट टीम के लिए चुना गया है। वह सीनियर टीम (सभी फॉर्मेट में से) में जगह पाने वाले जम्मू-कश्मीर के तीसरे क्रिकेटर भी हैं। इससे पहले, परवेज रसूल और उमरान मलिक भारत के लिए लिमिटेड-ओवर्स फॉर्मेट में खेल चुके हैं, लेकिन आकिब नबी को बुमराह की जगह पहली बार टेस्ट टीम में बुलाया गया, जिससे वे टेस्ट सीरीज के लिए चुने जाने वाले जम्मू-कश्मीर के पहले क्रिकेटर बन गए। आकिब ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में 60 विकेट लेकर इतिहास रचा और जम्मू-कश्मीर को उनका पहला रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। आकिब उस ‘इंडिया ए’ टीम का भी हिस्सा थे जिसने हाल ही में श्रीलंका का दौरा किया था, जहां उन्होंने दो फर्स्ट-क्लास मैचों में छह विकेट लिए थे। भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू होगी। पहला मुकाबला गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा और फिर 23 अगस्त से कोलंबो का सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब सीरीज के दूसरे मैच की मेजबानी करेगा। इससे पहले, भारतीय टीम 7 अगस्त से श्रीलंका इलेवन के खिलाफ 3 दिवसीय वॉर्म-अप मैच खेलेगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई नेताओं ने प्रथम मंगला गौरी व्रत की बधाई दी

नई दिल्ली। श्रावण कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, मंगलवार को प्रथम मंगला गौरी व्रत है। इस दिन माता गौरी (पार्वती) और भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फलदाई होता है। सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। इस पावन अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई नेताओं ने बधाई दी है। दिल्ली सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “आप सभी को पावन श्रावण मास के प्रथम मंगला गौरी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं। जगत जननी मां मंगला गौरी की असीम कृपा से प्रत्येक घर में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल का वास हो। मां का आशीर्वाद सभी के जीवन को आनंद, सौभाग्य और नई ऊर्जा से आलोकित करे।” नई दिल्ली आनंद विहार की उप महापौर और भाजपा नेता डॉ. मोनिका पंत ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “आप सभी को पावन श्रावण मास के प्रथम मंगला गौरी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं। जगत जननी मां मंगला गौरी की असीम कृपा से प्रत्येक घर में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल का वास हो। मां का आशीर्वाद सभी के जीवन को आनंद, सौभाग्य और नई ऊर्जा से आलोकित करे।” भाजपा की राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “पावन मंगला गौरी व्रत की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। मां गौरी की कृपा सदैव आप सभी पर बनी रहे।” जयपुर के सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने ‘एक्स’ पोस्ट कर लिखा, “ओम सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।” उन्होंने आगे लिखा कि पवित्र श्रावण मास के प्रथम मंगला गौरी व्रत की समस्त मातृशक्ति को हार्दिक शुभकामनाएं। मां पार्वती की कृपा आपके संपूर्ण परिवार पर सदैव बनी रहे। ग्वालियर नगर के भाजपा जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र शर्मा ने ‘एक्स’ पोस्ट कर लिखा, “आप सभी को पावन श्रावण मास के प्रथम मंगला गौरी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं। जगत जननी मां मंगला गौरी की असीम कृपा से प्रत्येक घर में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल का वास हो। मां का आशीर्वाद सभी के जीवन को आनंद, सौभाग्य और नई ऊर्जा से आलोकित करे।
निरंतर प्रयास और साधना से हमारी प्रतिभा और निखरती है: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मंगलवार को सुभाषित शेयर किया है। प्रधानमंत्री की ओर से लिखा गया, “निरंतर प्रयास और साधना से हमारी प्रतिभा और निखरती है। आज हमारे युवा इन्हीं गुणों को आत्मसात कर दुनियाभर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने एक संस्कृत श्लोक, “न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते। तत्स्वयं योगसंसिद्ध: कालेनात्मनि विन्दति॥” साझा किया। इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र करने वाला कुछ भी नहीं है। कर्मयोग या साधना के द्वारा जिसका अंतःकरण भली-भांति शुद्ध हो गया है, वह साधक समय आने पर उस परम ज्ञान को अपने आप ही अपने भीतर आत्मा में अनुभव कर लेता है।” बीते दिन सोमवार को पीएम मोदी ने श्लोक शेयर करते हुए लिखा था, “त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः। याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको वाञ्छति कर्म एव।” जिसका हिंदी अर्थ है कि भाग्य के प्रतिकूल होने पर भी मनुष्य को धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि धैर्य के कारण वह कभी भी अपनी खोई हुई अनुकूल स्थिति को पुनः प्राप्त कर सकता है। जिस प्रकार समुद्र के बीच में जहाज टूट जाने पर भी एक कुशल नाविक केवल अपने कर्म, अर्थात जीवित रहने और तैरने के प्रयास की ही इच्छा करता है और हिम्मत नहीं हारता। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 जुलाई को सुभाषित शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था, “गुरु पूर्णिमा की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। गुरु ज्ञान के साथ ही अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुविचार और सुसंस्कारों से सुशिक्षित करते हैं। आइए, उनके आदर्शों को अपने जीवन का संबल बनाएं।” पीएम की ओर से सोशल मीडिया पर एक श्लोक, “प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा। शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥” भी साझा किया गया है। जिसका हिंदी अर्थ है कि जो जीवन में प्रेरणा का संचार करे, सही दिशा का संकेत दे, ज्ञान और सत्य का उपदेश करे, उचित मार्ग दिखाए, शिक्षा प्रदान करे तथा जीवन में सत्य का बोध कराकर आत्मविकास का मार्ग प्रशस्त करे, ये गुरु के छह स्वरूप बताए गए हैं।
स्वदेश लौटने पर भारतीय टीम का भव्य स्वागत, खिलाड़ियों ने सरकार और सहयोगी संस्थाओं का जताया आभार

नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाने वाली भारतीय टीम का दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। खिलाड़ियों के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, परिवार के सदस्य, खेल अधिकारी और समर्थक एयरपोर्ट पहुंचे। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और भारत माता के जयघोष के बीच खिलाड़ियों का अभिनंदन किया गया। खिलाड़ियों ने इस सम्मान के लिए देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वागत उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है और आगे भी वे देश के लिए इसी तरह पदक जीतने का प्रयास करेंगे। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के 96 वर्षों के इतिहास में पहली बार भारत ने मुक्केबाजी में सात स्वर्ण पदक जीते हैं। यह उपलब्धि न केवल भारतीय बॉक्सिंग के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सभी सहयोगी संस्थाओं को इस सफलता का श्रेय देते हुए कहा कि अब भारतीय मुक्केबाजों की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत हुई है। स्वर्ण पदक विजेता भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने एयरपोर्ट पर मिले शानदार स्वागत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इतने लोगों को स्वागत के लिए उपस्थित देखकर उन्हें बेहद गर्व महसूस हो रहा है। साक्षी ने कहा कि भारत सरकार, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और हरियाणा सरकार ने हमेशा खिलाड़ियों का साथ दिया है। इसी सहयोग और बेहतर प्रशिक्षण के कारण यह सफलता संभव हो सकी। उन्होंने अपना स्वर्ण पदक देशवासियों को समर्पित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे भारत की है और वे भविष्य में भी देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगी। साक्षी चौधरी के दादा सतपाल सिंह ने कहा कि उन्हें अपनी पोती पर बेहद गर्व है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि वे दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ मेहनत करते रहेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। वहीं उनकी भाभी प्रिया ने कहा कि साक्षी की जीत पूरे परिवार के लिए भावुक कर देने वाला पल था। जब उन्होंने गोल्ड मेडल जीता तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा और सभी बेसब्री से उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने भी टीम के प्रदर्शन पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और देश लौटने पर मिले सम्मान ने उनकी खुशी को कई गुना बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि सेना और भारत सरकार से मिले सहयोग ने खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद की। प्रीति ने बताया कि जल्द ही राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा, जिसमें एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी की जाएगी। भारतीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने अपनी सफलता का श्रेय भारतीय सेना, आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट और कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस को दिया। उन्होंने कहा कि सेना का प्रतिनिधित्व करने से खिलाड़ियों के भीतर देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने का अतिरिक्त उत्साह पैदा होता है। पहले उनके सामने केवल देश के लिए खेलने की प्रेरणा थी, लेकिन अब एक सैनिक होने के नाते जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य उज्बेकिस्तान में होने वाला वर्ल्ड कप है, जिसके लिए वे पूरी मेहनत से तैयारी करेंगी। पुरुषों की 90 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाले मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने कहा कि उनकी तैयारी कई महीनों पहले से शुरू हो गई थी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए वे आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण लेते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी भारतीय खेल प्राधिकरण और बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा पटियाला में आयोजित विशेष शिविरों में होती है। उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स पर है। भारतीय पैरा-एथलीटों ने भी कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों की शॉट पुट एफ-57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोमन राणा ने कहा कि यह पदक केवल उनका नहीं बल्कि पूरे देश, भारतीय सेना और उन सभी लोगों का है जिन्होंने उनके सफर में सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स है और वे उसके लिए पूरी मेहनत करेंगे। महिलाओं की शॉट पुट एफ-57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली शर्मिला धनखड़ ने कहा कि देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी वे कड़ी मेहनत जारी रखेंगी ताकि भारत के लिए और अधिक पदक जीत सकें। भारतीय पैरा-एथलीट सुवर्णा राज ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत खेलों में और भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 के बाद से भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है और भविष्य में भारत पदकों की संख्या के मामले में दुनिया की बड़ी खेल शक्तियों को भी चुनौती दे सकता है। पुरुषों के शॉट पुट स्पर्धा में पदक जीतने वाले शुभम जुयाल ने कहा कि देश के लिए पदक जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों ने कई महत्वपूर्ण पदक जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने यह भी कहा कि चार वर्ष बाद कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में आयोजित होंगे और भारतीय खिलाड़ी घरेलू मैदान पर और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अभी से तैयारी शुरू करेंगे।
ईरान के लिए आखिरी मौका, जल्द किसी नतीजे पर पहुंचेगी बातचीत : डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली। ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि ये बातचीत जल्द ही किसी न किसी नतीजे पर पहुंच जाएगी। यह कोई बहुत मुश्किल बात नहीं है। हम होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की बात कर रहे हैं। इसे सचमुच मंगलवार तक खोल दिया जाए। पूरी तरह से खोल दिया जाए। ट्रंप ने आगे कहा कि यह पहला चरण है, और दूसरे चरण में हम परमाणु मुद्दे पर बात करेंगे। इस मामले में हमारा रुख बहुत सख्त है। उनके (ईरान के) पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। बातचीत अभी भी चल रही है। यह उनके लिए आखिरी मौका है। एक अच्छे समझौते पर हस्ताक्षर करने का यह उनका अंतिम अवसर है। इससे पहले ट्रंप ने सोमवार को ईरानी नेतृत्व को ‘दोहरे चरित्र वाला’ बताया। ट्रंप ने कहा कि वह एक तरफ तो अमेरिका के साथ बातचीत के लिए गिड़गिड़ाते रहते हैं और बैठक तय होते ही खुलेआम कहते फिरते हैं कि कोई बातचीत नहीं हो रही है। यहां तक कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बड़े-बड़े दावे करने लगते हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान चाहे कुछ भी दावा करता रहे, लेकिन यह स्पष्ट है कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का नियंत्रण बना हुआ है और जब तक अमेरिका नहीं चाहेगा, तब तक ईरान के पास कुछ भी नहीं पहुंचेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया, “ईरान का नेतृत्व हैरान करने वाली दोहरी बातें करता है। वे बैठक की मांग करते हैं, कुछ लोग तो कहेंगे कि वे इसके लिए ‘गिड़गिड़ाते’ हैं। बातचीत शुरू होती है और आगे के कई दौर तय होते हैं, लेकिन फिर वे खुलेआम और बड़े गर्व से कहते हैं कि कोई बातचीत ही नहीं हो रही, किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं चल रही, और वे सिर्फ ‘ओमान’ से बात कर रहे हैं।” ट्रंप ने कहा कि वे हमेशा की तरह बड़े-बड़े दावे करने लगते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर उनका पूरी ताकत से नियंत्रण रहेगा। हकीकत यह है कि उस इलाके पर पहले से ही अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है और हमारी ‘नाकाबंदी’ या जैसा कुछ लोग कहते हैं, ‘अमेरिका की स्टील की दीवार’ वहां मौजूद है। उन्होंने कहा कि ईरान तक कुछ भी नहीं पहुंच सकता, जब तक हम ऐसा नहीं चाहते। और तब तक कुछ भी नहीं पहुंचेगा, जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता या फिर पूरी तरह आत्मसमर्पण नहीं किया जाता। ट्रंप ने कहा कि ईरान चाहे इसे माने या न माने, लेकिन हम उस समस्या का हल निकालने के लिए बातचीत कर रहे हैं, जिसे उसने दशकों से पैदा किया है। बात बिल्कुल साफ है, ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘अप्रत्यक्ष वार्ता’ से जुड़े दावे को सिरे से खारिज कर दिया। बाघेई ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “किसी प्रतिनिधि का स्वागत करने या फिर किसी को बातचीत के लिए भेजने की हमारी कोई योजना नहीं है। फिलहाल हमारी यूएस से कोई बातचीत नहीं चल रही है।
वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 6,125 हुई, नेशनल असेंबली के अध्यक्ष ने जारी किया अपडेट

काराकास। वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या में अब भी बढ़ोतरी हो रही है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज की ओर से ऑफिशियल अपडेट जारी किया गया है। उनकी ओर से जारी अपडेट के अनुसार, 24 जून को आए भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6,125 हो गई है। रोड्रिग्ज के टेलीग्राम चैनल पर सोमवार को पोस्ट की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि बचाए गए लोगों की संख्या 6,462 बनी हुई है, जबकि 60,992 लोगों को अस्पताल में इलाज मिला है। जारी अपडेट में कहा गया है कि अधिकारियों ने भूकंप से प्रभावित परिवारों को 287 घर मुहैया कराए हैं और देश भर में 43,679 इमारतों का मूल्यांकन किया है। वेनेजुएला सरकार ने भवन की रहने की क्षमता का आकलन करने के लिए ट्रैफिक-लाइट टैगिंग प्रणाली का उपयोग किया है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हरे टैग रहने योग्य संरचनाओं को दर्शाते हैं, पीले टैग प्रतिबंधित पहुंच को दर्शाते हैं, जबकि लाल टैग उच्च जोखिम वाली इमारतों की पहचान करते हैं, जिन्हें ध्वस्त किया जा सकता है। 24 जून को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप आए थे। जिनका केंद्र पश्चिमी राज्य याराक्यू और मध्य राज्य ला गुएरा था। रोड्रिग्ज ने पहले कहा था कि तटीय राज्य ला गुएरा में आश्रय स्थलों में 10,981 लोग हैं, जबकि कराकस में 6,133 और मध्य राज्य मिरांडा में 1,323 लोग हैं। यहां सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। इससे पहले, वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने देश के हालिया भूकंप के पीड़ितों के समर्थन के लिए 28 देशों की ओर से दी गई मानवीय सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कराकस में एक संग्रह केंद्र का निरीक्षण करने के बाद यह टिप्पणी की, जहां 24 जून के भूकंप के पीड़ितों के लिए अस्थायी शिविरों में वितरण के लिए 2,000 टन से अधिक अंतरराष्ट्रीय सहायता वितरित की गई है। रोड्रिग्ज ने कहा, “जिन देशों ने हमारी मदद की, उनको बहुत-बहुत धन्यवाद है। उन्होंने कहा, ‘प्रत्येक देश यह देख सकेगा कि उसकी सहायता का उपयोग कैसे किया जा रहा है, ताकि वेनेजुएला के लोगों को उस देश की मैत्रीपूर्ण मदद का एहसास हो। इस त्रासदी पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद, वेनेजुएला जानता है कि वह अकेला नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भविष्य को देखें, हम कैसे उबरेंगे, हम प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण कैसे करेंगे।
अमेरिका के 25 राज्यों ने सेक्शन 301 टैरिफ को लेकर ट्रंप प्रशासन के खिलाफ दायर किया मुकदमा

न्यूयॉर्क। अमेरिका में 25 राज्यों के एक गठबंधन ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। कोर्ट के एक डॉक्यूमेंट के अनुसार, इसमें कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 60 व्यापारिक साझेदारों के सामान पर बड़े नए टैरिफ लगाकर अपने कानूनी अधिकार का गलत इस्तेमाल किया है। यह शिकायत यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में दायर की गई है। इसमें हाल ही में लगाए गए शुल्कों को चुनौती दी गई है। प्रभावित देशों से आयात होने वाले ज्यादातर सामानों पर 10 फीसदी या 12.5 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। राज्यों के अनुसार, ये देश मिलकर अमेरिका के कुल आयात का 99.4 फीसदी हिस्सा हैं। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, कोएलिशन कोर्ट से टैरिफ को रोकने, उन्हें गैर-कानूनी घोषित करने और पहले चुकाई गई ड्यूटी के रिफंड का ऑर्डर देने के लिए कह रहा है। कानूनी चुनौती प्रशासन के उस प्रयास पर केंद्रित है जिसके तहत वह ट्रंप की व्यापक टैरिफ व्यवस्था को बरकरार रखना चाहता है, जिसे संघीय अदालतों ने अलग-अलग वैधानिक ढांचों के तहत लागू किए गए दो पहले के संस्करणों को पहले ही खारिज कर दिया था। राज्यों का तर्क है कि फेडरल अधिकारियों ने 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 301 और जबरन मजदूरी की चिंताओं का इस्तेमाल सिर्फ एक बहाने के तौर पर किया ताकि लगभग वैसी ही ग्लोबल ड्यूटी को तेजी से फिर से बनाया जा सके, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में पहले ही खारिज कर दिया था। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने एक बयान में कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के गैर-कानूनी टैरिफ मेहनती परिवारों पर टैक्स के अलावा और कुछ नहीं हैं। इससे किराने का सामान, घर की जरूरी चीजें, बिल्डिंग मटीरियल और रोजमर्रा की अनगिनत चीजों की कीमतें बढ़ रही हैं, जिन पर न्यूयॉर्क के लोग निर्भर हैं।” ओरेगन के अटॉर्नी जनरल डैन रेफील्ड ने भी यही बात कही और स्थानीय समुदाय पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव पर जोर दिया। रेफील्ड ने एक्स पर लिखा, “आज, हम ट्रंप के गैर-कानूनी टैरिफ के खिलाफ अपना तीसरा केस फाइल कर रहे हैं। ट्रंप एक बार फिर ओरेगन के परिवारों और छोटे बिजनेस के लिए रोजमर्रा के सामान की कीमतें बढ़ा रहे हैं और एक बार फिर, हम उन्हें रोकने के लिए एक मल्टीस्टेट कोएलिशन को लीड कर रहे हैं।” न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट में हारने के बाद, सरकार एक बार फिर टैरिफ के नए राउंड के साथ परिवारों और बिजनेस पर गैर-कानूनी तरीके से टैक्स बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।” व्हाइट हाउस ने कोएलिशन की दलीलों को खारिज कर दिया और कहा कि सेक्शन 301 टैरिफ राष्ट्रपति के पहले कार्यकाल से ही कानूनी तौर पर टिकाऊ टूल साबित हुए हैं और मौजूदा सरकार में भी ऐसे ही बने हुए हैं। सोमवार को घोषित मुकदमे में न्यूयॉर्क के साथ एरिजोना, कैलिफोर्निया, कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, हवाई, इलिनोइस, केंटकी, मैसाचुसेट्स, मैरीलैंड, मेन, मिशिगन, मिनेसोटा, नेवादा, न्यू जर्सी, न्यू मैक्सिको, नॉर्थ कैरोलिना, ओरेगन, पेंसिल्वेनिया, रोड आइलैंड, वर्जीनिया, वरमोंट, वाशिंगटन और विस्कॉन्सिन शामिल हैं। सोमवार (अमेरिकी स्थानीय समय) का मुकदमा नई ड्यूटीज के लिए कम से कम दूसरी बड़ी कानूनी चुनौती है। छोटे व्यवसाय के एक समूह ने पहले भी सरकार पर मुकदमा किया था और इसी तरह की दलील दी थी कि ट्रंप सुप्रीम कोर्ट के अपने बड़े टैरिफ एजेंडे को पहले से अमान्य ठहराए जाने से बचने के लिए नए कानूनी अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
यादों में जोशी : मेलोड्रामा के दौर में सूक्ष्म अभिनय के प्रतीक बने अरविंद जोशी

नई दिल्ली। अरविंद जोशी का जन्म 5 अगस्त 1929 को एक सुसंस्कृत गुजराती ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके बड़े भाई प्रख्यात रंगमंच कलाकार और निर्देशक प्रवीण जोशी थे, जिनसे उन्हें कला की दुनिया में एक मजबूत आधार मिला। अरविंद जोशी ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और लगभग एक दशक तक ‘इंडियन नेशनल थिएटर’ (आईएनटी) के साथ जुड़े रहे। आईएनटी के साथ उनका अनुभव उनके लिए एक प्रयोगशाला के समान था, जहां उन्होंने पारंपरिक नाटकों को आधुनिक सामाजिक यथार्थवाद के साथ जोड़ना सीखा। बाद में उन्होंने ‘प्रस्थान’ नाम की अपनी खुद की नाट्य संस्था की स्थापना की, जिसका उद्देश्य गुजराती रंगमंच को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर उसे सामाजिक चिंतन का माध्यम बनाना था। थिएटर के साथ-साथ सिनेमा की चकाचौंध में भी अरविंद जोशी का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। 1970 और 1980 के दशक में, जब भारतीय सिनेमा मेलोड्रामा के चरम पर था, अरविंद जोशी ने ‘अंडरएक्टिंग’ और सूक्ष्म भावों की शैली को अपनाया। बता दें कि मेलोड्रामा अतिरंजित नाटक है, जिसमें अत्यधिक भावनाएं, बढ़ा-चढ़ाकर की गई हरकतें और सनसनीखेज घटनाएं होती हैं। 1975 की ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ में ठाकुर बलदेव सिंह (संजीव कुमार) के बड़े बेटे की भूमिका अरविंद जोशी ने ही निभाई थी। स्क्रीन पर उनका समय भले ही कम था लेकिन उनके सटीक भावों ने दृश्य की गंभीरता को स्थापित किया। इसके अलावा, उन्होंने हिंदी और गुजराती सिनेमा में अपनी कलात्मक विविधता का निरंतर प्रदर्शन किया। अरविंद जोशी ने 1961 में फिल्म ‘चुंदड़ी चोखा’ से डेब्यू किया जो ग्रामीण गुजराती जीवन पर आधारित थी। 1969 में ‘कंकु’ में उन्होंने ग्रामीण समाज में एक विधवा के संघर्ष को दिखाया और यह फिल्म काफी प्रशंसित हुई। उसी साल हिंदी फिल्म ‘इत्तेफाक’ में उनकी महत्वपूर्ण सहायक भूमिका थी। 1975 की मशहूर फिल्म ‘शोले’ में वह ठाकुर के बड़े बेटे के रूप में नजर आए। 1983 में ‘ढोला-मारू’ राजस्थानी लोककथा पर आधारित रोमांटिक महाकाव्य थी। वर्ष 1957 में उनकी शादी उषा जोशी से हुई थी। प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता शरमन जोशी उनके बेटे हैं और जानी-मानी टेलीविजन अभिनेत्री मानसी जोशी रॉय उनकी बेटी हैं। उम्र संबंधी जटिलताओं और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं, विशेषकर सीने में गंभीर संक्रमण के कारण 29 जनवरी 2021 को मुंबई के विले पार्ले स्थित नानावटी अस्पताल में उनका निधन हो गया।
सोने और चांदी में तेजी के साथ कारोबार, कीमतें एक प्रतिशत तक बढ़ीं

मुंबई। सोने और चांदी की शुरुआत मंगलवार को तेजी के साथ हुई और दोनों कीमती धातुओं में करीब एक प्रतिशत की बढ़त देखी गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्टूबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,42,915 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,43,559 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। सुबह 9:50 पर यह 555 रुपए या 0.39 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,43,470 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। अब तक के कारोबार में सोने ने 1,43,365 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,43,915 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ। सोने के साथ चांदी में भी तेजी देखी गई। चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,16,746 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,18,143 रुपए प्रति किलो पर खुला। फिलहाल यह 2,354 रुपए या 1.09 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,19,100 रुपए प्रति किलो पर खुला। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,18,143 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,19,896 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। कॉमेक्स पर सोना 0.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,113 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 59 डॉलर प्रति औंस पर था। इसके अलावा, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ‘गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स’ रिपोर्ट में बताया गया कि 2026 की दूसरी तिमाही में सोने की कुल मांग सालाना आधार पर 1,269 टन पर स्थिर रही। वहीं, साल की पहली छमाही मांग सालाना आधार पर 2 प्रतिशत बढ़कर अनुमानित 2,522 टन (जिसकी कीमत 380 अरब डॉलर थी) हो गई है। साल की दूसरी तिमाही में गोल्ड ईटीएफ, बार और सिक्कों में निवेश घटकर 262 टन रह गया। इस गिरावट की मुख्य वजह दूसरी तिमाही में गोल्ड-बैक्ड ईटीएफ से 45 टन की निकासी थी, हालांकि साल की पहली छमाही में ईटीएफ की मांग 18 टन के साथ थोड़ी सकारात्मक बनी रही। बार और सिक्कों में निवेश काफी हद तक स्थिर रहा; दूसरी तिमाही में इसमें साल-दर-साल सिर्फ 3 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि पहली छमाही की मांग पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 21 प्रतिशत ज्यादा रही, जिसकी वजह पहली तिमाही में हुई जबरदस्त मांग थी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का पूर्वोत्तर दौरा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की करेंगे समीक्षा

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा 4 से 6 अगस्त तक पूर्वोत्तर भारत के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे असम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेंगे। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा 4 अगस्त को नई दिल्ली से असम के डिब्रूगढ़ पहुंचेंगे और रात वहीं प्रवास करेंगे। दौरे के दूसरे दिन, 5 अगस्त को वे असम के चराइदेव जिले का दौरा करेंगे, जो हाल की बाढ़ के दौरान सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा है। यहां वे स्वास्थ्य सुविधाओं, राहत कार्यों और प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे नागालैंड के मोन जिले के लिए रवाना होंगे, जहां विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रमों और बैठकों में भाग लेंगे। नागालैंड के दौरे के बाद नड्डा उसी दिन डिब्रूगढ़ लौटेंगे। यहां वे असम सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा ढांचे की बहाली, राहत शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाओं तथा संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री स्थानीय कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे और रात डिब्रूगढ़ में ही ठहरेंगे। दौरे के अंतिम दिन 6 अगस्त को केंद्रीय मंत्री अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिले के याज़ाली जाएंगे। वहां वे स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति का निरीक्षण करेंगे, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों से चर्चा करेंगे तथा विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस दौरान क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत बनाने और आपदा के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। अधिकारियों के अनुसार, यह दौरा मुख्य रूप से बाढ़ और भूस्खलन के बाद उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का आकलन करने पर केंद्रित है। हाल की प्राकृतिक आपदाओं से कई क्षेत्रों में चिकित्सा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जबकि जलजनित और वेक्टर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी की निगरानी प्रणाली, मेडिकल राहत कार्यों, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता की समीक्षा करेंगे। हालिया आपदा के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने वाले सबसे वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री के रूप में नड्डा का यह दौरा केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करने तथा प्रभावित लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दौरे के दौरान उनकी समीक्षा के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा भविष्य में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की संभावना है।