राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी के बयान पर भड़के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, विपक्ष से पूछे सवाल

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक विवादों में घसीट रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था को भी राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया जा रहा है। शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद को राजनीति में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के साथ हुई मुलाकात को जिस तरह प्रस्तुत किया, उससे सच से अधिक राजनीति की झलक दिखाई देती है। भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी पहले भी सर्वोच्च न्यायालय के बारे में गलत बयान देने के मामले में माफी मांग चुके हैं और अब वह राष्ट्रपति के नाम पर भी भ्रामक दावे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था का प्रतिनिधित्व करती हैं। डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस से उपचुनावों और मतदाता सूची को लेकर कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को मतदाता सूचियों पर आपत्ति थी तो उसके बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) ने जांच के दौरान कोई शिकायत या आपत्ति क्यों दर्ज नहीं कराई। उन्होंने सवाल किया कि मतदान और मतगणना के दौरान कांग्रेस के एजेंट मौजूद थे या नहीं और यदि कोई गड़बड़ी थी तो उस समय आपत्ति क्यों नहीं उठाई गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 45 दिनों की समयसीमा को लेकर लगातार सवाल उठाती रही है। ऐसे में उसे स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह निर्धारित अवधि के भीतर सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकॉर्ड की मांग करेगी या बाद में समयसीमा खत्म होने का हवाला देगी। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर परस्पर विरोधी आरोप लगाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले ईवीएम पर सवाल उठाती थी और अब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर आरोप लगा रही है। उनके अनुसार, दोनों दावे एक साथ सही नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, “यदि ईवीएम में गड़बड़ी थी तो फिर एसआईआर का मुद्दा क्या था और यदि एसआईआर में गड़बड़ी है तो फिर ईवीएम पर पहले लगाए गए आरोपों का क्या आधार था।” डॉ. त्रिवेदी ने दावा किया कि कांग्रेस का उद्देश्य चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर भ्रम का माहौल बनाना है। उन्होंने कहा कि असम के सिलचर नगर निगम चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान हुआ था, लेकिन वहां भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रपति के नाम पर किए गए दावों का उनके पास क्या प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना और चुनावी हार के बाद नए-नए आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति बन चुकी है। प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस से पांच प्रमुख सवाल पूछे, जिनमें उपचुनाव के दौरान मतदाता सूची की जांच, मतदान और मतगणना की निगरानी, 45 दिनों के भीतर सीसीटीवी फुटेज की मांग, राष्ट्रपति के नाम पर किए गए दावों के सबूत तथा ईवीएम और एसआईआर को लेकर लगाए गए आरोपों को लेकर स्पष्टीकरण शामिल है। पहला सवाल – उपचुनावों में आपने मतदाता सूचियों की जांच की थी या नहीं? क्या आपने कोई आपत्ति दर्ज कराई थी? दूसरा सवाल – चुनाव और मतगणना के दौरान सब कुछ सीसीटीवी में दर्ज हो रहा था। क्या आपने किसी बात पर आपत्ति जताई थी या नहीं? तीसरा सवाल – क्या आप 45 दिनों के भीतर कोई फुटेज या अन्य जानकारी मांगेंगे या नहीं? चौथा सवाल – आपने राष्ट्रपति का नाम लेकर जो बात कही है, उसका आपके पास क्या साक्ष्य है? किसी बात का इस प्रकार राजनीतिक इस्तेमाल करना बेहद निंदनीय है। पांचवां सवाल – ईवीएम को लेकर लगाया गया आपका आरोप सही था या एसआईआर को लेकर लगाया गया आरोप सही है? कोई भी व्यक्ति सामान्य बुद्धि से समझ सकता है कि दोनों आरोप एक साथ सही नहीं हो सकते। अर्थात, दोनों ही आरोप झूठे हैं।

पश्चिम बंगाल: ‘वोट चोर’ टिप्पणी पर मुख्य सचिव ने महुआ मोइत्रा को भेजा कानूनी नोटिस

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा को सोशल मीडिया पर उन्हें ‘वोट चोर’ कहने के आरोप में कानूनी नोटिस भेजा है। कानूनी नोटिस में मनोज कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर उन्हें ‘वोट चोर’ बताया, जबकि वह इस वर्ष हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के रूप में कार्य कर रहे थे। महुआ मोइत्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया था कि अग्रवाल ने लाखों वैध बंगाली मतदाताओं के मतदान अधिकार को अवैध रूप से छीन लिया। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत अग्रवाल का पीछा करेगा और वह इससे बच नहीं पाएंगे। कानूनी नोटिस में मनोज कुमार अग्रवाल के वकील ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में उनके मुवक्किल ने कानून और भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के निर्देशों के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन किया था। नोटिस में यह भी कहा गया है कि महुआ मोइत्रा के आरोपों से उनके मुवक्किल की पेशेवर ईमानदारी, योग्यता और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है। अग्रवाल के वकील ने महुआ मोइत्रा से नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर दोनों विवादित सोशल मीडिया पोस्ट हटाने और लिखित माफी मांगने को कहा है। इसके अलावा उनसे भविष्य में इस तरह की कथित मानहानिकारक टिप्पणियां न करने का लिखित आश्वासन देने की भी मांग की गई है। कानूनी नोटिस में कथित मानहानि के लिए 10 करोड़ रुपए का मुआवजा और 50,000 रुपए कानूनी तथा अन्य खर्चों के रूप में देने की भी मांग की गई है। वकील ने चेतावनी दी है कि यदि नोटिस में की गई मांगों का पालन नहीं किया जाता है, तो उनके खिलाफ सिविल और आपराधिक कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

सीजेपी प्रोटेस्ट को लेकर पुलिस की हाई लेवल बैठक, 20 जोन में बांटी गई नई दिल्ली

नई दिल्ली। दिल्ली में 10 अक्टूबर को सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई। पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ लगभग तीन घंटे तक बैठक कर प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की रणनीति पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार की गई है। इसी क्रम में नई दिल्ली जिले को 20 जोन में विभाजित किया गया है, ताकि सुरक्षा प्रबंधन, निगरानी और त्वरित कार्रवाई को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके। सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार की शाम से जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए निलंबित रहेंगी और यह प्रतिबंध शनिवार रात 10 बजे तक लागू रहेगा। दिल्ली पुलिस का कहना है कि सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति इसलिए नहीं दी गई क्योंकि आयोजकों ने कानूनी निर्देशों और पिछले प्रदर्शन के दौरान दिए गए अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया। इंटरनेट सेवाएं बंद करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद स्पेशल सेल (मुख्यालय) के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मनीषी चंद्रा ने टेलीकॉम कंपनियों के नोडल अधिकारियों को 24 घंटे के प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए। टेलीकॉम कंपनियों को भेजे गए डीसीपी के पत्र में कहा गया कि केंद्रीय गृह सचिव ने दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024 के नियम 3 की उपधारा (1) और दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 20(2)(बी) के तहत मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने के पुलिस के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। टेलीकॉम ऑपरेटरों से कहा गया है कि वे शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट प्रतिबंध लागू करें। इंटरनेट सेवाओं पर यह रोक 57 दिल्ली मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने के अतिरिक्त है। इन स्टेशनों को शुक्रवार रात 9 बजे से बंद किया गया। पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है और कानून-व्यवस्था तथा सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए एहतियाती प्रतिबंध लगाए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का प्रस्ताव दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को भेजा गया है। इनमें राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लोक कल्याण मार्ग, सुप्रीम कोर्ट, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, कश्मीरी गेट, सराय काले खां-निजामुद्दीन, लाजपत नगर, जंगपुरा, विश्वविद्यालय, सिविल लाइंस, ओखला विहार, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, आश्रम, रोहिणी वेस्ट, वेलकम, शालीमार बाग, आदर्श नगर और हौज खास समेत अन्य स्टेशन शामिल हैं। रेलवे के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) बी. भरत रेड्डी ने कहा कि शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी प्रदर्शन के मद्देनजर 334 सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) कर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 14 कंपनियों की भी मांग की गई है। आईएएनएस से बातचीत में रेड्डी ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ट्रेन से दिल्ली आने वाले लोगों की आवाजाही को संभालने के लिए प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा, “सीजेपी ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ट्रेन से आने वाले लोगों के लिए 334 जीआरपी कर्मियों की तैनाती की गई है और सीएपीएफ की 14 कंपनियां मांगी गई हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती 24 घंटे जारी रहेगी। दिल्ली में सात प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं, जहां सबसे ज्यादा ट्रेनें आती हैं और यात्रियों की संख्या भी सबसे अधिक रहती है।” उन्होंने बताया कि इन सभी स्टेशनों पर सुरक्षा कर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे। यात्रा में होने वाली संभावित परेशानियों को लेकर पूछे गए सवाल पर रेड्डी ने कहा कि जिन यात्रियों की ट्रेनें डायवर्ट नहीं की गई हैं और जो निर्धारित स्टेशनों पर पहुंचेंगी, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

सीईसी विवाद: विपक्ष ने की राष्ट्रपति से मुलाकात, द्रौपदी मुर्मु ने वोट चोरी के आरोप पर मांगा सबूत

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं ने विजय चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में दस से अधिक नेता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “आज हमारे गठबंधन दलों के सभी नेता, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अन्य नेता राष्ट्रपति से मिले। राष्ट्रपति को हमने ज्ञापन सौंपा। पिछले चार दिनों से हम वोट चोरी के खिलाफ जो आंदोलन चला रहे हैं, उसके बारे में बताने के लिए हम राष्ट्रपति के पास गए थे।” उन्होंने कहा, “हमने अपनी बात उनके सामने रखी और वोट चोरी के बारे में उन्हें बताया। ज्ञानेश कुमार के कार्यालय से जो इतनी बड़ी वोट चोरी हो रही है, उसे लेकर हमने मांग की है कि ईवीएम को हटाकर फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। उन्होंने हमसे वोट चोरी के सबूत मांगे हैं। हम सबूत तैयार कर रहे हैं और उन्हें जल्द सौंपेंगे। हम सारी जानकारी देंगे। उन्होंने हमारी बातों को ध्यान से सुना है।” राहुल गांधी ने कहा, “मैं अभी-अभी एक बहुत ही हैरान करने वाली बैठक से निकला हूं। सबसे पहली बात, हम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपने गए थे। राष्ट्रपति ने हमारी बात को किसी भी तरह से नकारा नहीं, उस पर कोई सवाल नहीं उठाया और न ही उस पर कोई बहस की।” उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली की बात पर राष्ट्रपति ने हमसे कहा कि आप सबूत लेकर हमारे पास आइए। हमने सारे सबूत एकत्रित किए हैं, इन सबूतों को राष्ट्रपति के पास ले जाया जाएगा। पूरा देश जानता है, छात्र जानते हैं कि देश में वोट चोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि वे इसके बारे में सोचेंगी और कार्रवाई करेंगी। मैं उनका दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं। राहुल गांधी ने कहा कि 2024 का चुनाव भी चुरा लिया गया और फिर भी राष्ट्रपति चाहती हैं कि हम उन्हें सबूत दें। जब वह सबूत स्वीकार करने के लिए तैयार होंगी, तो हम जमा किए गए सभी सबूत उनके पास ले जाएंगे। मुझे असल में उम्मीद थी कि राष्ट्रपति वोट की चोरी होने की बात से इनकार करेंगी और कहेंगी कि भारत में चुनाव की व्यवस्था निष्पक्ष और स्वतंत्र है, लेकिन मैं हैरान और स्तब्ध रह गया कि राष्ट्रपति ने हमारी बात मान ली। वहीं ममता बनर्जी ने कहा कि हमने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा है। हमने सकारात्मक रुख देखा है। उन्होंने कहा कि वह जांच करेंगी, विवरण देखेंगी। उन्होंने हमें सबूत भेजने के लिए कहा है और हम भेजेंगे। देश बहुत चिंतित है और संविधान के संरक्षक के तौर पर आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोकतंत्र बना रहे। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक एकजुट है। हम बहुत मजबूत हैं और 60 प्रतिशत से ज्यादा लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका रुख बहुत सकारात्मक है और उन्होंने कहा कि वह जांच करेंगी। इससे पहले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के साथ विपक्षी नेता विजय चौक पहुंचे। इनमें राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, ममता बनर्जी, दानिश अली, मनोज झा, राजीव राय, सुप्रिया सुले, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कई नेता शामिल थे। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, अभिषेक बनर्जी, भूपेश बघेल और कुमारी सैलजा भी विजय चौक पहुंचे थे। विपक्षी नेताओं ने विजय चौक पर बैठकर नारेबाजी की और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां मौजूद रहे।

सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस 10 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से करेगी ट्रैफिक डायवर्जन, लोगों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की सलाह

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने की घोषणा की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें नई दिल्ली या मध्य दिल्ली के रास्ते रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी या हवाई अड्डे जाना है तो अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करें। पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह 6 बजे से स्थिति के अनुसार कई प्रमुख चौराहों और मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू किया जाएगा। इनमें आउटर सर्किल कनॉट प्लेस-बाराखंबा रोड टी-पॉइंट, गोल डाकखाना गोलचक्कर, पटेल चौक गोलचक्कर, जय सिंह रोड-अशोका रोड टी-पॉइंट, आरएमएल अस्पताल गोलचक्कर और आउटर सर्किल कनॉट प्लेस-संसद मार्ग टी-पॉइंट शामिल हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा कि यातायात प्रबंधन के लिए किए गए इंतजाम स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं और जमीनी हालात के आकलन के आधार पर इनमें ढील या सख्ती की जा सकती है। पुलिस ने लोगों से ट्रैफिक की ताजा जानकारी, वैकल्पिक मार्ग और अन्य अपडेट के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखने को कहा है। जिन अन्य स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन प्रस्तावित हैं, उनमें शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान गोलचक्कर, पंचकुइयां गोलचक्कर, मंडी हाउस गोलचक्कर, डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक (डब्ल्यू-पॉइंट), राम चरण अग्रवाल चौक (ए-पॉइंट), मिंटो रोड-डीडीयू मार्ग और गुरु नानक चौक शामिल हैं। इसके अलावा विंडसर पैलेस गोलचक्कर, टॉलस्टॉय मार्ग-जनपथ चौराहा, चेम्सफोर्ड रोड-आउटर सर्किल कनॉट प्लेस टी-पॉइंट, भारियों रोड-एमजीएम (रिंग रोड) टी-पॉइंट, लोधी रोड फ्लाईओवर, नीला गुंबद गोलचक्कर, मदरसा टी-पॉइंट, सम्राट होटल गोलचक्कर, सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग चौराहा, भीकाजी कामा प्लेस, मोती बाग फ्लाईओवर, रिंग रोड-सैन मार्टिन मार्ग टी-पॉइंट, रेल भवन गोलचक्कर, जय सिंह रोड-संसद मार्ग चौराहा और अशोका रोड-जंतर-मंतर रोड गोलचक्कर पर भी यातायात प्रभावित रह सकता है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने जनपथ-कर्तव्य पथ क्षेत्र के आसपास मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया है। साथ ही शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार शाम तक 45 दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति इसलिए नहीं दी गई क्योंकि आयोजकों ने पहले के प्रदर्शन के दौरान कानूनी निर्देशों और अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया था।

सीने में दर्द का इंतजार क्यों? विशेषज्ञों ने बिना लक्षण वाली हृदय बीमारी की जल्द पहचान और आधुनिक इमेजिंग से शुरुआती जोखिम पता लगाने पर दिया जोर

गुरुग्राम। हृदय में होने वाले शुरुआती बदलाव कई बार लक्षण दिखाई देने से पहले ही शुरू हो जाते हैं। ऐसे में सीने में दर्द या सांस फूलने जैसे लक्षणों का इंतजार करने के बजाय आधुनिक कार्डियक इमेजिंग के माध्यम से हृदय संबंधी जोखिमों की समय रहते पहचान करना जरूरी है। इको एशिया / इको इंडिया 2026 में विशेषज्ञों ने बिना लक्षण वाली हृदय बीमारी, स्टेज बी हार्ट फेल्योर, मधुमेह से जुड़े हृदय जोखिम और कार्डियक इमेजिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर चर्चा की।दुनियाभर में हृदय रोग का बढ़ता बोझ इसकी समय रहते पहचान की जरूरत को और महत्वपूर्ण बनाता है। अक्टूबर 2026 में जारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में इस्केमिक हार्ट डिजीज के कारण दुनिया भर में लगभग 95 लाख लोगों की मौत हुई, जिससे यह दुनियाभर में मौत का सबसे बड़ा एकल कारण रहा। यह आंकड़ा वैश्विक स्तर पर हृदय रोग के गंभीर प्रभाव को दर्शाता है।भारत में भी हृदय रोग मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल मौतों में हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों की हिस्सेदारी 28.1% है। इस बोझ में इस्केमिक हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का योगदान लगभग 80% है। इको एशिया / इको इंडिया 2026 का आयोजन 8 से 11 अक्टूबर तक गुरुग्राम स्थित द लीला एंबिएंस में किया जा रहा है। इसका आयोजन एशियन-पैसिफिक एसोसिएशन ऑफ इकोकार्डियोग्राफी (एएई) और इंडियन एकेडमी ऑफ इकोकार्डियोग्राफी (आईएई) द्वारा “शेपिंग द न्यू एरा ऑफ कार्डियक इमेजिंग” थीम के तहत किया जा रहा है। भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विशेषज्ञ इस सम्मेलन में कार्डियक इमेजिंग, शोध और नई तकनीकों पर चर्चा कर रहे हैं। बिना लक्षण के भी शुरू हो सकती है हृदय बीमारी कई मरीजों में हृदय की संरचना या उसके काम करने के तरीके में बदलाव उस समय भी शुरू हो सकते हैं, जब कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देता। कार्डियक इमेजिंग इन शुरुआती बदलावों को पहचानने और भविष्य में होने वाले जोखिम को बेहतर तरीके से समझने में मदद कर सकती है।डॉ. राकेश गुप्ता, एग्जीक्यूटिव ऑर्गनाइजिंग प्रेसिडेंट, इंडियन एकेडमी ऑफ इकोकार्डियोग्राफी (आईएई) ने कहा, “हृदय रोग के मामले में लक्षणों का इंतजार करना हमेशा सही तरीका नहीं है। कई लोगों में हृदय में शुरुआती बदलाव बिना किसी स्पष्ट परेशानी के विकसित हो सकते हैं और मरीज लंबे समय तक इससे अनजान रह सकता है। आधुनिक इमेजिंग तकनीकें हृदय की संरचना और उसके काम करने के तरीके में हो रहे बदलावों को शुरुआती स्तर पर पहचानने में मदद कर सकती हैं। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण है, जिनमें पहले से हृदय रोग के जोखिम मौजूद हैं। समय रहते बीमारी की पहचान होने पर जीवनशैली में जरूरी बदलाव, नियमित निगरानी और उचित इलाज शुरू किया जा सकता है।” स्टेज बी हार्ट फेल्योर: लक्षण आने से पहले बीमारी की पहचान स्टेज बी हार्ट फेल्योर में मरीज को आमतौर पर हार्ट फेल्योर के स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन हृदय की संरचना या उसके काम करने के तरीके में बदलाव शुरू हो चुके होते हैं। सम्मेलन में इन बदलावों की शुरुआती पहचान और भविष्य के जोखिम का आकलन करने पर विशेष जोर दिया गया।डॉ. हंसा गुप्ता, चेयरमैन, साइंटिफिक कमेटी, आईएई ने कहा, “स्टेज बी हार्ट फेल्योर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस चरण में मरीज को अक्सर कोई खास लक्षण महसूस नहीं होता, जबकि हृदय में बदलाव शुरू हो चुके होते हैं। इकोकार्डियोग्राफी और स्ट्रेन इमेजिंग जैसी जांचें हृदय की कार्यक्षमता में हो रहे शुरुआती बदलावों को पहचानने और समझने में मदद कर सकती हैं। इस स्तर पर जोखिम की पहचान होने से मरीज की बेहतर निगरानी की जा सकती है और समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है। जीवनशैली में बदलाव और उचित उपचार से बीमारी के आगे बढ़ने के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।” मधुमेह का असर सिर्फ ब्लॉकेज तक सीमित नहीं विशेषज्ञों ने कहा कि मधुमेह का हृदय पर असर केवल कोरोनरी धमनियों में ब्लॉकेज तक सीमित नहीं है। लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने से हृदय की मांसपेशियों की संरचना और कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इसे डायबिटिक कार्डियोमायोपैथी कहा जाता है।इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत में लगभग 8.98 करोड़ वयस्क डायबिटीज के साथ रह रहे थे और वयस्कों में इसका अनुमानित प्रसार 10.5% था।डॉ. जे. ओह, इंटरनेशनल चेयरमैन, आईएई ने कहा, “मधुमेह और हृदय रोग का आपस में गहरा संबंध है और भारत में मधुमेह का बोझ बहुत बड़ा है। मधुमेह धीरे-धीरे शरीर के अलग-अलग अंगों को प्रभावित करता है और हृदय भी इससे अछूता नहीं है। कई मामलों में मरीज को सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी नहीं होती, लेकिन हृदय की मांसपेशियों में बदलाव शुरू हो चुके होते हैं। इसलिए मधुमेह की देखभाल केवल ब्लॉकेज की जांच तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इमेजिंग की मदद से हृदय की संरचना और उसकी कार्यक्षमता में होने वाले बदलावों को शुरुआती स्तर पर समझने में मदद मिल सकती है। लंबे समय से मधुमेह से पीड़ित लोगों, खासकर जिनमें अन्य जोखिम कारक भी मौजूद हैं, उन्हें नियमित हृदय जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इकोकार्डियोग्राफी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका सम्मेलन में इकोकार्डियोग्राफी और कार्डियक इमेजिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, एआई डॉक्टरों को इमेज का विश्लेषण करने, जरूरी माप लेने और कुछ असामान्य बदलावों की पहचान करने में मदद कर सकता है। सम्मेलन के वैज्ञानिक कार्यक्रम में हृदय की संरचना से जुड़ी इमेजिंग और इकोकार्डियोग्राफी में एआई के व्यावहारिक इस्तेमाल पर भी सत्र शामिल हैं।डॉ. एस. के. पराशर, इंटरनेशनल चेयरमैन, आईएई ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उद्देश्य डॉक्टरों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनकी मदद करना है। इकोकार्डियोग्राफी में एआई इमेज का विश्लेषण करने, जरूरी माप लेने और कुछ असामान्य बदलावों की पहचान करने में मदद कर सकता है। आने वाले समय में यह जांच की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाने के साथ-साथ ऐसे शुरुआती बदलावों की पहचान में भी मदद कर सकता है, जिन्हें सामान्य जांच के दौरान पहचानना कभी-कभी मुश्किल होता है। हालांकि, एआई केवल एक सहायक तकनीक है। अंतिम निर्णय हमेशा डॉक्टर को

भारत का गौरव बढ़ाने वाले एशियाई खेलों के चैंपियनों का किया गया सम्मान

नई दिल्ली।आस्था जनसेवा राष्ट्रीय जिम्मेदारी और खेल उत्कृष्टता के प्रभावशाली संगम ने ष्सेवा संकल्प राष्ट्रनिर्माण के 25 साल को विशेष बनाया जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन यात्रा के 25 वर्षों को चिह्नित करने वाला राष्ट्रीय समारोह था।डॉ अशोक कुमार मित्तल सदस्य राज्यसभा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों धर्मगुरुओं युवाओं सांस्कृतिक हस्तियों और खेल जगत के चैंपियनों को एक साथ लाया गया ताकि सेवा सद्भाव सुशासन और राष्ट्रनिर्माण जैसे व्यापक विषयों पर विचार किया जा सके। इस समारोह में कई विशिष्ट राजनीतिक अतिथियों की उपस्थिति रही जिनमें संदीप पाठक सदस्य राज्यसभाय जगदंबिका पाल सदस्य लोकसभा संजय गोयल सदस्य दिल्ली विधानसभा विधायक शाहदरा दीपक म्हास्के राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक भाजपा शामिल रहे।शाम को विभिन्न धर्म परंपराओं के प्रतिनिधि एक साझा मंच पर एकत्रित हुए जिसने भारत की धार्मिक विविधता और साझा राष्ट्रीय उद्देश्य के संदेश को मजबूत किया। कार्यक्रम में सर्वधर्म प्रार्थना सेवा और सार्वजनिक जिम्मेदारी पर विचार डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुति और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। इस समारोह में विभिन्न परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख आध्यात्मिक एवं धर्मगुरु भी शामिल हुए जिनमें मरज़बान नरिमान ज़ैवाला ट्रस्टी दिल्ली पारसी अंजुमनय योग मनीषी आचार्य विवेक मुनि महाराज संस्थापक आचार्य सुशील मुनि मिशन ज्ञानी दिलबाग सिंह  हेड ग्रंथी गुरुद्वारा रकाब गंज साहिबय स्वामी राजेश्वरा नंद चेयरमैन संत समाज दल गोस्वामी सुशील महाराज राष्ट्रीय संयोजक भारतीय सर्व धर्म संसदय साहिबज़ादा जिया निज़ामी साहिबज़ादा हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह भंते दीपांकर सुमेधो शामिल रहे। इनकी सहभागिता ने सेवा संकल्प के केंद्रीय संदेश को रेखांकित किया कि भारत की विभिन्न आस्थाएं सेवा सद्भाव करुणा और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की साझा भावना के साथ एकजुट हो सकती हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एकजुट समावेशी और प्रगतिशील भारत के विजन के केंद्रीय मूल्यों मंर रही हैं। विभिन्न राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे जिनमें निकारागुआ चाड बुरुंडी लाइबेरिया मेडागास्कर जॉर्डन रूस कैमरून बोत्सवाना लेसोथो वेनेजुएला अंगोला बुर्किना फासो नाइजर और इज़राइल सहित देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल थे। खिलाड़ियों को एक.एक करके मंच पर आमंत्रित किया गया और डॉ अशोक कुमार मित्तल सहित वरिष्ठ गणमान्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह में उनकी मेहनत अनुशासन और भारत की खेल उपलब्धियों में उनके योगदान का सम्मान किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी : मुख्यमंत्री योगी

वाराणसी। प्रधानमंत्री मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की दोस्ती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह रिश्ता पद से नहीं, विश्वास से बना था। पद बदलते रहे, लेकिन मित्रता नहीं बदली। 7 अक्टूबर 2001 को प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। जनसेवा की इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन उनके मित्र आबे की स्मृति को समर्पित गलियारे का उद्घाटन इससे सुंदर संयोग नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने जापान की पूर्व प्रथम महिला और शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे के साथ कॉरिडोर का अनावरण किया। मुख्यमंत्री योगी ने इसे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रधानमंत्री मोदी और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से आबे को विनम्र श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने कहा कि जापान ने काशी को रुद्राक्ष दिया और अब काशी उसी रुद्राक्ष में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृति को हमेशा के लिए बसा रही है। सीएम योगी ने कहा कि 2007 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री मोदी जापान गए थे। वहीं उनकी शिंजो आबे से पहली मुलाकात हुई। उसी वर्ष आबे ने भारत की संसद में कहा था कि मजबूत भारत जापान के सर्वोत्तम हित में है और मजबूत जापान भारत के सर्वोत्तम हित में। वर्ष 2014 में काशी-क्योटो पार्टनर सिटी समझौता हुआ और 2015 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ काशी में गंगा आरती देखी। वर्ष 2017 में दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन का शिलान्यास किया। 2018 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी को यामानाशी स्थित अपने निजी आवास पर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है तो इतिहास बदलता है। 2021 में शिंजो आबे को भारत के प्रमुख नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री मोदी अपने मित्र को अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे। पूरे भारत ने राष्ट्रीय शोक रखा। उन्होंने कहा, ”यह प्रोटोकॉल नहीं था, एक रिश्ता था।” गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज की दुनिया में बिना लाभ-हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना कठिन है। दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, जबकि भारत और जापान के रिश्ते ट्रस्ट यानी विश्वास पर आधारित हैं। करीब 1400 जापानी कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। दोनों देशों की साझेदारी अब सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुंच चुकी है। जापान के पास टेक्नोलॉजी और अनुभव है तो भारत के पास टैलेंट और युवा ऊर्जा है। इसी वर्ष फरवरी की जापान यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि टोक्यो और यामानाशी में जापानी कंपनियों के साथ हजारों करोड़ के निवेश पर समझौते हुए। उन्होंने 500 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज चलने वाली मैग्लेव ट्रेन में जापान की प्रिसिजन इंजीनियरिंग को करीब से देखा। यामानाशी अब उत्तर प्रदेश का ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी पार्टनर है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ईडा क्षेत्र में 500 एकड़ में जापानी सिटी विकसित की जा रही है। इन्वेस्ट यूपी में यामानाशी डेस्क भी बनाई गई है। जापान के पास प्रिसिजन है तो उत्तर प्रदेश के पास स्केल, 25 करोड़ लोगों का बाजार, देश का सबसे युवा वर्कफोर्स और एक्सप्रेसवे व एयरपोर्ट का सबसे बड़ा नेटवर्क है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2027 में भारत-जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होंगे और यह गलियारा उस अमृत पर्व की पहली भेंट है। जापान ‘लैंड ऑफ द राइजिंग सन’ है और उत्तर प्रदेश ‘लैंड ऑफ द सन डायनेस्टी’। सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कौशाम्बी और संकिसा भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े तीर्थ हैं। इसलिए जापान की आस्था का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। काशी और क्योटो अपनी-अपनी सभ्यता की आत्मा हैं। दोनों ने विरासत को संभालकर विकास करना सिखाया है। मुख्यमंत्री योगी ने आबे मेमोरियल कॉरिडोर को नई पीढ़ी के लिए जीवंत क्लासरूम बताया। उन्होंने कहा कि यहां आने वाला हर युवा सीखेगा कि दूर की सोच रखने वाला एक नेता दो देशों का भविष्य कैसे बदल देता है। जापान की पूर्व प्रथम महिला अकी आबे पति शिंजो आबे को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके पति का प्रधानमंत्री मोदी से गहरा लगाव और आत्मीय संबंध था। वर्ष 2015 में काशी आने के बाद वह उनसे गंगा आरती और वाराणसी की यादें साझा करते थे। तभी से उनके मन में भी वाराणसी आने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि आज उनके पति जीवित होते तो अपने नाम पर बने इस स्मारक को देखकर बहुत खुश होते। यह कहते हुए उनकी आंखों में आंसू छलक आए। अकी आबे ने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के डिजाइन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसकी बाहरी दीवारों पर 108 रुद्राक्ष लगे हैं। जापान में भी 108 की संख्या का विशेष महत्व है और नया कार्य शुरू होने पर बौद्ध मंदिरों में 108 बार घंटियां बजाई जाती हैं।

दीपोत्सव-2026 में दमकेगी रामनगरी, प्रमुख मार्गों से घाट तक दिखेगी आस्था की भव्य तस्वीर

अयोध्या। दीपों की रोशनी से निखरने वाली रामनगरी इस बार कलात्मक सजावट और रचनात्मक आकृतियों से भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। दीपोत्सव-2026 में अयोध्या के प्रमुख चौराहों से लेकर प्रवेश मार्ग, रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और सरयू तट तक रामायण की थीम पर भव्य सज्जा नजर आएगी। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। रामनगरी में सजावटी द्वार, वे-फाइंडर, सेल्फी प्वाइंट और मंच के साथ राम रथ व पुष्पक विमान की झलक भी दिखाई देगी। वहीं, सरयू की लहरों पर आकर्षक फ्लोटर्स दीपोत्सव की भव्यता में चार चांद लगाएंगे। दीपोत्सव-2026 के तहत अयोध्या में छह से आठ नवंबर तक विभिन्न आयोजन होंगे। 7 नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए करीब 10 प्रमुख स्थानों पर थीम आधारित वे-फाइंडर लगाए जाएंगे। ये प्रमुख प्रवेश मार्गों, चौराहों और आयोजन स्थलों के आसपास होंगे। दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राम कथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। हर इंस्टॉलेशन की थीम, डिजाइन और निर्माण शैली अलग होगी। इनमें अयोध्या और दीपोत्सव की झलक कलात्मक अंदाज में नजर आएगी। त्रि-आयामी कलाकृतियां आयोजन स्थलों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ आगंतुकों के अनुभव को भी खास बनाएंगी। इन्हें इस तरह तैयार किया जाएगा कि ये दीपोत्सव-2026 की सजावट का हिस्सा बनने के साथ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनें। इसी कड़ी में लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी मार्ग तक कलात्मक स्थापनाएं (आर्ट इंस्टालेशन) तैयार की जाएंगी। ‘दीयों के उत्सव’ के सांस्कृतिक आयोजनों के लिए रामकथा पार्क का स्थायी मंच नए कलेवर में नजर आएगा। यहां ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था के साथ एलईडी स्क्रीन, थीम आधारित रंगीन कपड़े आदि का इस्तेमाल होगा। दोनों ओर सीढ़ियां, पुष्प सज्जा, रंगोली, पर्दे और मंच पर बैठने की व्यवस्था भी होगी। मौजूदा ढांचे के अनुरूप ही डिजाइन तैयार किया जाएगा। वहीं, राम कथा पार्क के प्रवेश और निकास को आकर्षक बनाने के लिए सजावटी गेट का निर्माण होगा। प्रत्येक द्वार का डिजाइन भारतीय संस्कृति, पारंपरिक प्रतीकों और रामायण के प्रसंगों पर आधारित होगा। दीपोत्सव-2026 में अयोध्या के प्रवेश मार्गों की तस्वीर इस बार नए रंग-रूप में नजर आएगी। शहर के प्रमुख हाईवे और ‘धर्म पथ’ पर रामायण की थीम से सजे 10 भव्य द्वार तैयार किए जाएंगे। लखनऊ, सुल्तानपुर और रायबरेली की ओर से अयोध्या आने वाले मार्गों के साथ धर्म पथ पर बनने वाले इन द्वारों की सजावट में हर गेट की अलग पहचान होगी। आकर्षक डिजाइन, थीम आधारित सज्जा और रोशनी से सजे ये प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचते ही दीपोत्सव की भव्यता का एहसास कराएंगे। राम की पैड़ी के निकट पुष्पक विमान थीम पर रोडसाइड इंस्टॉलेशन आकर्षण का केंद्र बनेगा। वहीं, रामायण की कथा को जीवंत करते हुए राम रथ और झांकी तैयार की जाएगी। राम की पैड़ी के पास राम दरबार की भव्य प्रस्तुति होगी, जबकि रामकथा पार्क के समीप हेलीपैड क्षेत्र में भरत मिलाप मंच और पाथवे विकसित किए जाएंगे। प्रमुख मार्गों पर फ्लैग पोल लगाकर आयोजन की भव्यता बढ़ाई जाएगी। वहीं, सरयू और राम की पैड़ी पर आकर्षक फ्लोटर्स भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर खींचेंगे। इनके अतिरिक्त राम रथ, राम दरबार, भरत मिलाप मंच विशेष के आकर्षण होंगे। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की भव्यता के साथ उसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी नए रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। रामायण की थीम पर होने वाली सजावट, कलात्मक स्थापनाएं और प्रकाश व्यवस्था श्रद्धालुओं व पर्यटकों को रामनगरी के दिव्य और भव्य स्वरूप का नया अनुभव कराएंगी। हमारा प्रयास है कि दीपोत्सव की आभा अयोध्या आने वाले हर व्यक्ति के मन में अविस्मरणीय छाप छोड़े। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि ‘दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक रचनात्मकता के साथ भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। रामायण की थीम पर तैयार सजावटी द्वार, आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और मनमोहक प्रकाश सज्जा श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। उन्होंने बताया कि शहर के प्रमुख मार्गों के किनारे रामायण के विभिन्न कांडों और प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्थापनाएं तैयार की जा रही हैं। इनमें लंका कांड समेत रामायण के प्रमुख प्रसंगों को बेहद सरल भाषा में एक-एक पंक्ति के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

एफआईआर मेरे लिए मेडल की तरह, ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा : राहुल गांधी

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के आरोप में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर कहा कि उनके लिए हर एफआईआर एक मेडल की तरह है। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे। मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि मेरे खिलाफ 45 एफआईआर दर्ज हैं। मेरा लक्ष्य 100 एफआईआर का है। मैं चाहता हूं कि मेरे खिलाफ 100 एफआईआर दर्ज हों। हर एफआईआर मेरे लिए एक मेडल की तरह है। उन्होंने कहा कि करीब 300 लोकसभा और राज्यसभा सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे लेकिन उन्हें मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई। दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया और कहा कि वहां विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। अब इंडिया ब्लॉक के सांसद तय विरोध स्थल जंतर-मंतर पर जाएंगे और वहां बैठकर देश को बताएंगे कि ज्ञानेश कुमार देश के वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हैं और उन्होंने केंद्र सरकार के साथ मिलकर देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ऐसा किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम यह विरोध जारी रखेंगे। चुनाव आयोग की बार-बार की गलतियां और केंद्र सरकार के इशारे पर हो रही हरकतें यह दिखाती हैं कि वे देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। वे संविधान की भी परवाह नहीं करते। इसलिए, हमने तय किया है कि लोगों की आवाज पूरे देश तक पहुंचनी चाहिए। यही हमारा काम है और इसीलिए राहुल गांधी लड़ रहे हैं। लोगों के हक छीने जा रहे हैं, उसकी सुरक्षा के लिए हम कोशिश कर रहे हैं, हम डरने वाले नहीं हैं बल्कि लड़ते रहेंगे और आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी साथी जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, हम प्रदर्शन करते रहेंगे। चुनाव आयोग जो भी कर रहा है, उसके पीछे केंद्र सरकार है। इसलिए हम सभी विपक्षी दलों के नेता देश के लोगों को बताना चाहते हैं कि उनका अधिकार छीना जा रहा है। जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हमारे ऊपर कितने भी केस दर्ज किए जाएं, हम डरने और रुकने वाले नहीं हैं। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि सरकार को लगता है कि हम एफआईआर से डर जाएंगे लेकिन, हम डरने वाले नहीं हैं।