महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

मुंबई। समुद्री मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने तटीय इलाकों में मछली पकड़ने पर लगी पाबंदी को 15 अगस्त तक बढ़ा दिया है। इस फैसले की जानकारी महाराष्ट्र के मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से फोन पर बात कर साझा की। नितेश राणे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से टेलीफोन पर बात की। उन्होंने उन्हें महाराष्ट्र के मत्स्य विभाग द्वारा 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर लगाए गए प्रतिबंध के बारे में बताया।इस दौरान उन्होंने गोवा सरकार से अनुरोध किया कि इस अवधि में महाराष्ट्र का सहयोग करे और यह सुनिश्चित करे कि गोवा के मछुआरे महाराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए प्रवेश न करें। मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस मामले पर सकारात्मक जवाब दिया और पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने सहयोग के लिए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत का धन्यवाद भी किया। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने तटीय इलाकों में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध 15 अगस्त तक बढ़ा दिया है। इसके तहत राज्य की तटरेखा से 12 समुद्री मील यानी करीब 24 किलोमीटर के भीतर व्यावसायिक और यंत्रीकृत मछली पकड़ने पर रोक रहेगी। यह पाबंदी केंद्र सरकार के 31 जुलाई को खत्म हुए मानक प्रतिबंध से भी आगे तक बढ़ाई गई है। हालांकि इस प्रतिबंध से पारंपरिक मछुआरों को छूट दी गई है। अधिकृत छोटे और बिना मोटर वाले नावों का इस्तेमाल करने वाले पारंपरिक मछुआरे तट के पास स्थानीय पानी में मछली पकड़ सकते हैं। वहीं, गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए यंत्रीकृत नावों को 1 अगस्त से 12 समुद्री मील से आगे खुले समुद्र में मछली पकड़ने की अनुमति है। महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि इस पाबंदी का मकसद समुद्री जीवों को प्रजनन का समय देना और मछली भंडार को बढ़ाना है ताकि मछुआरों को आगे चलकर बेहतर मुनाफा मिल सके।

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

नई दिल्ली। भारत का ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) इकोसिस्टम परंपरा और अवसरों के बीच एक पुल के रूप में विकसित हो रहा है। 2030 तक 10,000 जीआई रजिस्ट्रेशन के लक्ष्य के साथ, देश अपनी विरासत-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और अपने अनोखे क्षेत्रीय उत्पादों की वैश्विक उपस्थिति बढ़ाने की अच्छी स्थिति में है। यह जानकारी एक आधिकारिक फैक्टशीट में मंगलवार को दी गई। भारत में 800 से ज्यादा रजिस्टर्ड जीआई प्रोडक्ट हैं और 2014 से अब तक 607 जीआई दिए जा चुके हैं। पिछले 10 सालों में, जीआई टैग के लिए अधिकृत यूजर्स की संख्या 365 से बढ़कर 29,000 (जनवरी 2025 तक) हो गई है। 2025 के संशोधन के जरिए, जीआई एप्लीकेशन और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए फीस में 80 प्रतिशत की कमी की गई है। टैग के रिन्यूअल की फीस भी 3,000 रुपए से घटाकर सिर्फ 500 रुपए कर दी गई है। सरकारी बयान के अनुसार, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) खास क्षेत्रीय उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ाकर जीआई की वैल्यू बढ़ाते हैं। जीआई टैग प्रमाणिकता और मूल स्थान को प्रमाणित करते हैं, जबकि एफटीए व्यापार की बाधाओं को कम करते हैं और निर्यात के मौकों को बेहतर बनाते हैं। इनके बढ़ते महत्व को देखते हुए, जीआई भारत की व्यापार वार्ताओं में एक अहम मुद्दा बन गए हैं। प्रोडक्ट्स को उनके मूल स्थान से जोड़कर, जीआई टैग पारंपरिक ज्ञान को बचाते हैं, उनके गलत इस्तेमाल को रोकते हैं और ग्राहकों का भरोसा बढ़ाते हैं। ये कारीगरों, बुनकरों, किसानों और उत्पादक समूहों को बाजार में बेहतर पहचान दिलाने और प्रीमियम बाजारों तक पहुंचने में मदद करते हैं। फैक्टशीट के अनुसार, भारत का जीआई इकोसिस्टम पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ा है, जिसे मजबूत कानूनी ढांचे और लोगों में बढ़ती जागरूकता का समर्थन मिला है। सरकारी पहलें वित्तीय सहायता, निर्यात को बढ़ावा देने, पर्यटन को जोड़ने और खास मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए इस इकोसिस्टम को और मजबूत कर रही हैं। ये सभी प्रयास मिलकर जीआई प्रोडक्ट्स को ग्रामीण विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और निर्यात-आधारित विकास का जरिया बना रहे हैं। बयान में कहा गया, “जीआई टैग कारीगरों की कलाकृतियों के लिए असलियत की मुहर का काम करता है, जो उन्हें नकल, गलत इस्तेमाल और बिना इजाज़त कमर्शियल इस्तेमाल से बचाता है। हालांकि, इसका महत्व कानूनी सुरक्षा से कहीं अधिक है।” उदाहरण के लिए, चन्नापटना के खिलौनों को 2006 में जीआई पहचान मिली थी। यह मान्यता सिर्फ कर्नाटक के चन्नापटना इलाके में बने लकड़ी के खिलौनों के लिए है। इन खिलौनों को उस इलाके की खास ‘लैकरवेयर’ कला (लकड़ी पर रंग-रोगन और पॉलिश की कला) का इस्तेमाल करके बनाया जाना चाहिए। बयान में कहा गया है कि भले ही यह एक साधारण सर्टिफिकेशन लगे, लेकिन इस टैग से बहुत बड़े फायदे हो सकते हैं। जीआई टैग सिर्फ एक लेबल से कहीं ज्यादा है। कपड़ा मंत्रालय के अनुसार, इससे ग्रामीण कारीगरों की आमदनी 20-30 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। किसी प्रोडक्ट की उत्पत्ति और उसकी खास विरासत को सर्टिफाई करके, जीआई टैग खरीदारों का भरोसा बढ़ाते हैं और मार्केट में प्रोडक्ट की अपील को बेहतर बनाते हैं। जीआई-टैग वाले प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग से कारीगरों को ज्यादा पहचान मिलती है, वे प्रीमियम मार्केट तक पहुंच पाते हैं, उनकी मोल-भाव करने की क्षमता मजबूत होती है और उन्हें अपने काम से बनने वाली वैल्यू का बड़ा हिस्सा मिलता है। बयान के अनुसार, यह मान्यता टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा करती है। ये आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कारीगरी को बचाने और बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। भारत में हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स, कृषि प्रोडक्ट्स, मैन्युफैक्चर्ड गुड्स, फ़ूड प्रोडक्ट्स और नेचुरल प्रोडक्ट्स जैसी कैटेगरी में जीआई-टैग वाले प्रोडक्ट्स मौजूद हैं।

पीएम आवास की ओर प्रस्तावित मार्च पर रोक की मांग, सैकड़ों वकीलों ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास की ओर किसी भी प्रस्तावित मार्च को रोकने और हाई-सिक्योरिटी इलाकों में प्रदर्शन के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग को लेकर देशभर के सैकड़ों वकीलों ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन एडवोकेट संकेत गुप्ता के जरिए भेजा गया। वकीलों ने ज्ञापन में कहा कि प्रधानमंत्री आवास देश के सबसे संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों में से एक है। ऐसे में यहां राजनीतिक प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने दिल्ली पुलिस से मांग की कि पीएम आवास जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में राजनीतिक प्रदर्शन के लिए एक एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया बनाई जाए। ज्ञापन में अरविंद केजरीवाल द्वारा पीएम आवास की ओर मार्च के आह्वान का भी हवाला दिया गया। वकीलों ने कहा कि 20 जुलाई को बिना अनुमति के हुए धरने जैसी घटनाएं फिर न हों, इसे रोकना जरूरी है। वकीलों ने आशंका जताई कि अगर राजनीतिक दल या संगठन हाई-सिक्योरिटी क्षेत्रों की ओर जुटान करते हैं तो इससे सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ज्ञापन में कहा गया कि संविधान के आर्टिकल 19 के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सबको है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को उससे ऊपर रखना जरूरी है। इसी वजह से मांग की गई कि प्रधानमंत्री आवास के आसपास किसी भी तरह की अवैध सभा, जुलूस या प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए। ज्ञापन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एसपीजी एक्ट के प्रावधानों का भी जिक्र किया गया। वकीलों ने कहा कि इन कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही दिल्ली पुलिस से अपील की गई कि वह सभी हाई-सिक्योरिटी प्रतिष्ठानों के आसपास प्रदर्शन को लेकर एक जैसी और व्यापक एसओपी जारी करे। वकीलों ने यह भी कहा कि भविष्य में अगर कोई राजनीतिक दल या संगठन हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र की ओर मार्च का सार्वजनिक आह्वान करता है तो उस पर रोक के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश पहले से तय होने चाहिए। ज्ञापन को अत्यंत जरूरी बताते हुए वकीलों ने दिल्ली पुलिस से इस मामले में तत्काल निवारक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

केरल: बाढ़ से मरने वालों की संख्या 21 हुई, छह लापता; आईएमडी ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

तिरुवनंतपुरम। केरल में लगातार हो रही बारिश की वजह से मरने वालों की संख्या 21 हो गई है, जबकि छह लोग अभी भी लापता हैं। भारी बारिश से पूरे राज्य में स्थिति गंभीर हो गई है। बाढ़, भूस्खलन और नदियों के उफान पर होने की वजह से हजारों लोग बेघर हो गए हैं, घरों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों को कई जिलों में बचाव और राहत कार्य तेज करने पर मजबूर होना पड़ा है। परिस्थितियों का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन मंगलवार को पठानमथिट्टा जिले के रन्नी और अरनमुला के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। उनका पहला पड़ाव दोपहर में अरनमुला होगा, जहां उनसे जिले के अधिकारियों से बातचीत करने, राहत कैंपों के कामकाज का आकलन लगाने और दूसरी प्रभावित जगहों पर जाने से पहले बचाव कार्यों की समीक्षा करने की उम्मीद है। आपदा से निपटने के तरीकों से राजनीतिक आलोचना से घिरी सरकार के लिए मुख्यमंत्री का यह दौरा अहम है। पुलिस की ओर से बाढ़ के शुरुआती अहम दौर में कोऑर्डिनेशन में कमी का आरोप लगाया गया है, और सवाल उठाया है कि समय पर कार्रवाई से आपदा का असर कम हो सकता था? जंगल के इलाकों में रात भर बारिश कम हुई, लेकिन पठानमथिट्टा में हालात अभी भी ठीक नहीं हैं। रन्नी और अरनमुला में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, जहां पंबा, अचनकोविल और कक्कत्तर नदियों में पानी का लेवल अभी भी ज्यादा है। अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी है। जिला प्रशासन की ओर से 74 राहत कैंप खड़े हो गए हैं, जिनमें से 3,000 से ज्यादा लोगों को रहने की जगह दी गई है। कैंपों के रास्ते जरूरी सामान बांट जा रहा है, जबकि बचाव दल कमजोर जगहों पर तैयार हैं। अधिकारियों की ओर से लोगों को पहाड़ी और बाढ़ वाले इलाकों में बिना वजह जाने से बचने की सलाह दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मध्य और उत्तरी केरल में और भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जिससे नई बाढ़ और भूस्खलन का डर बढ़ गया है।

विपक्ष नहीं चलने दे रहा सदन; जेपीएससी परीक्षा पर नहीं दे रहा जवाब : संबित पात्रा

नई दिल्ली। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर संसद की कार्यवाही न चल पाने को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष के सांसद सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे हैं। एक के बाद एक अवरोध लाकर सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विपक्ष संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार नहीं है। ये केवल सदन में शोर कर रहे है जिससे सदन चल नहीं पा रहा है। इसके साथ ही वे अभी भी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा पर चुप हैं। इस पर कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में खड़े होकर घंटों भाषण देते हैं। अच्छी बात है, कम से कम चर्चा तो हुई लेकिन जब उसी विषय पर उनके बेटे कर्नाटक में ऐसा बयान देते हैं जो असंवेदनशील है, अमानवीय है तो उस पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे चुप हैं। उन्होंने कहा कि कल हमने टीवी पर देखा कि कर्नाटक में हुए पेपर लीक और पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों ने आंदोलन किया और मीडिया बंधुओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे व कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे से पूछा कि क्या आप जिम्मेदारी लेंगे क्योंकि आप राज्य के गृह मंत्री हैं। इस दौरान बड़े अहंकार से प्रियांक खड़गे ने कहा कि ठीक है, पहले छात्रों को 25 दिन की भूख हड़ताल करने दो, फिर हम लाठीचार्ज करेंगे और फिर अपने इस्तीफे के बारे में चिंता करेंगे। प्रियांक के इस बयान पर राहुल गांधी चुप हैं और मैं दावे के साथ कहना चाहूंगा कि आज भी वे सदन चलने नहीं देंगे। यह कांग्रेस का डबल स्टैंडर्ड है। कर्नाटक में प्रियांक खड़गे ने असंवेदनशील बयान देते हुए कहा, “उन्हें भूख हड़ताल करने दो। फिर हम उन पर लाठीचार्ज करेंगे और उसके बाद ही मैं इस्तीफ़े के बारे में सोचूंगा। राहुल गांधी इस पर अभी भी चुप हैं।” संबित पात्रा ने कहा कि मानसून सत्र को कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ सहयोगी दल बाधित कर रहे हैं। एक सत्र पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। हालांकि जब से सत्र शुरू हुआ है, प्रश्नकाल हो नहीं पा रहा है। जीरो आवर के लिए सदन में बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। लगभग किसी भी बिल पर चर्चा हो नहीं पा रही है। इसके पीछे का कारण आपने कांग्रेस और उसके कुछ इंडिया ब्लॉक के साथियों में देखा होगा। मुझे तो उनके डबल स्टैंडर्ड पर आश्चर्य होता है। उन्होंने कहा कि झारखंड में हजारों छात्र आंदोलन पर बैठे हैं और कांग्रेस पार्टी एक शब्द भी झारखंड में आंदोलन पर बैठे छात्रों के पक्ष में बोलती नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस के विधायक सदन में उस विषय को उठाने से बच रहे हैं। झारखंड की जेपीएससी परीक्षा को लेकर एक तख्ती भी कांग्रेस के हाथों में नहीं देखी गई क्योंकि यह सेलेक्टिव आउटरेज है। भाजपा सांसद ने कहा कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 कितने दिनों के भीतर बर्थ और डेथ रजिस्टर होना चाहिए, अगर नहीं हुआ तो उसका परिणाम क्या होगा। जन्म और मृत्यु सतत प्रक्रिया है, जो देश और विश्व में चलती रहती है। इसे लेकर नागरिक अपने अधिकारों का प्रयोग किस तरह करें और नए कानून में क्या है, इस पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने चर्चा नहीं होने दी। क्या यह विषय गंभीर है या नहीं। उन्होंने कहा कि सोमवार को निर्मला सीतारमण ने बैंकर बुक एविडेंस बिल 2026 पेश किया, यह कितना बड़ा बिल है क्योंकि सभी का सरोकार बैंकिंग से है लेकिन बैंकिंग से सरोकार रखने वाली भारत की जनता को बैंकर बुक एविडेंस बिल 2026 के बारे में कोई चर्चा सुनने को नहीं मिलती है क्योंकि सदन में हुड़दंग मचा हुआ है।

5 अगस्त का पंचांग: भगवान गणेश और मां महालक्ष्मी की पूजा करना शुभ, दोपहर 2:17 से 3:50 तक अमृत काल

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। 5 अगस्त 2026 को (बुधवार) कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रात 8:42 बजे तक है। इसके बाद अष्टमी लग जाएगी। इस दिन भगवान गणेश, माता महालक्ष्मी, तथा सावन मास के कारण भगवान शिव की पूजा करना बहुत लाभदायक माना गया है। बुधवार को सुबह 6:03 बजे सूर्योदय और शाम 7:02 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 11:14 बजे चंद्रोदय और अगले दिन दोपहर 12:56 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा रात 9:17 बजे तक अश्विनी नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद भरणी नक्षत्र आरंभ होगा। बुधवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन शाम 5:30 बजे तक शूल योग रहेगा; इसके बाद गंड योग है। इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:53 तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल दोपहर 2:17 से 3:50 तक रहेगा। वहीं, राहुकाल दोपहर 12:32 बजे से 2:10 बजे और गुलिक काल सुबह 10:55 से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल सुबह 7:40 से 9:18 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है। बुधवार को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मेष राशि में स्थित रहेगा। उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय ने ज्ञानेश्वरी यादव को सम्मानित किया, 30 लाख रुपए और डीएसपी पद पर प्रमोशन मिला

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट ज्ञानेश्वरी यादव से मुलाकात की, जिन्होंने ग्लास्गो में महिलाओं के 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में देश को सिल्वर जिताया। मुख्यमंत्री ने भारतीय वेटलिफ्टर को इस शानदार उपलब्धि के लिए 30 लाख रुपए और डीएसपी पद पर आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज मुख्यमंत्री निवास पर, हमने राजनांदगांव की अपनी प्रतिभाशाली बेटी ज्ञानेश्वरी यादव का दिल से स्वागत और सम्मान किया, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीता है। अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में, ज्ञानेश्वरी ने महिलाओं के 53 किलोग्राम भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर पूरे छत्तीसगढ़ और देश का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि हमारी बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त उदाहरण है।” मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी यादव को प्रमोशन देने की घोषणा करते हुए लिखा, “उनके शानदार प्रदर्शन के सम्मान में, हमने 30 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि और डीएसपी पद पर आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन देने की घोषणा की है। राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को हर संभव अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें विश्वास है कि ज्ञानेश्वरी आने वाले समय में वैश्विक मंच पर भारत और छत्तीसगढ़ का नाम नई ऊंचाइयों तक ले जाती रहेंगी। उल्लेखनीय है कि ज्ञानेश्वरी यादव ने सोमवार को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश को सिल्वर मेडल जिताया था। भारतीय वेटलिफ्टर ने कुल 199 किग्रा (स्नैच में 88 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा) का भार उठाकर शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर दूसरा स्थान हासिल किया। यह उनके कुल भार और क्लीन एंड जर्क में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। इस भारवर्ग में नाइजीरिया की डिडिह ओनोमे ओमोलोला ने कुल 206 किग्रा (93 किग्रा स्नैच + 113 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का भार उठाकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि कनाडा की रेबेका ग्रौलक्स ने कुल 178 किग्रा के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

अफसाना खान का ‘इंस्टाग्राम’ अकाउंट हुआ हैक, फैंस को सोशल गतिविधियों से दूर रहने की दी हिदायत

मुंबई। मनोरंजन जगत की मशहूर गायिका अफसाना खान का आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया है। इस बात की जानकारी गायिका ने खुद ही सभी को दी है। साथ ही, उन्होंने फैंस को हिदायत दी है कि जब तक वे आधिकारिक तौर पर कंफर्म न दें कि अकाउंट का एक्सेस वापस मिल गया है, तब तक उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से भेजी गई किसी भी बातचीत में शामिल न हों, किसी लिंक पर क्लिक न करें या किसी मैसेज का जवाब न दें। गायिका की टीम ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें अफसाना इस घटना पर निराशा जताती हुईं और सोशल मीडिया अकाउंट्स के गलत इस्तेमाल की कड़ी निंदा करती हुई दिखाई दे रही हैं। जारी किए गए वीडियो में वे कहती हैं कि इंस्टाग्राम हमेशा से वह मुख्य प्लेटफॉर्म रहा है, जिसके जरिए वह अपने फैंस से जुड़ती हैं और अपने संगीत, लाइव शो और निजी उपलब्धियों के बारे में अपडेट शेयर करती हैं। उन्होंने कहा, “जिसने भी ऐसा किया है, बहुत गलत किया है। इंस्टाग्राम ऐसी जगह है, जहां हम अपने सभी निजी और प्रोफेशनल अपडेट, शो और रोजमर्रा की गतिविधियों के बारें में शेयर करते हैं। किसी के अकाउंट का इस तरह गलत इस्तेमाल करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।” गायिका ने अपने फैंस को बताया कि उनके अकाउंट की रिकवरी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और संबंधित टीम को मामले की जानकारी दे दी गई है। साथ ही, उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि अकाउंट जल्द ही वापस मिल जाएगा। गायिका ने कहा, “हमने अकाउंट रिकवरी के लिए सबमिट कर दिया है और मुझे उम्मीद है कि जल्द ही वापस मिल जाएगा। महादेव के आशीर्वाद से सब ठीक हो जाएगा।” गायिका ने अपने फैंस को यह भी कहा कि जब तक उनका अकाउंट आधिकारिक तौर पर वापस नहीं मिल जाता, तब तक सभी को सावधान रहने और उनके इंस्टाग्राम प्रोफाइल से होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज करें। गायिका की बात करें, तो वह एक भारतीय पंजाबी पार्श्व गायिका और गीतकार हैं, जो अपनी दमदार आवाज और ‘तितलियां,’ ‘धक्का,’ तथा ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ के सुपरहिट गाने ‘नाल नचना’ के लिए जानी जाती हैं। पिछले कुछ वर्षों में उनके ज्यादातर गाने चार्टबस्टर रहे हैं।

मृणाल ठाकुर ने डीपफेक बनाने वालों को दी चेतावनी, कहा- पहचान के गलत इस्तेमाल पर होगी कानूनी कार्रवाई

मुंबई। अभिनेत्री मृणाल ठाकुर ने सोशल मीडिया के जरिए डीपफेक बनाने वालों को चेतावनी दी। उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए उनके वीडियो और तस्वीरों को हटाने की चेतावनी दी। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने डीपफेक बनाने वालों को चेतावनी देते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाही की बात की। अभिनेत्री ने लिखा, “मेरी तस्वीर या आवाज का इस्तेमाल करके डीपफेक वीडियो या फोटो बनाना और शेयर करना गैरकानूनी और गलत है। इस पोस्ट के जरिए मैं सभी को चेतावनी दे रही हूं, इसे तुरंत बंद कर दें। अगर मेरी पहचान का आगे कोई गलत इस्तेमाल हुआ, तो मैं कानूनी कार्रवाई करूंगी।” अभिनेत्री मृणाल ठाकुर की बात करें, तो अब उनकी झोली में कई फिल्में लगी हुई हैं। अभिनेत्री साल की शुरुआत में रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ नजर आई थीं। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी मुख्य भूमिका में थे। यह फिल्म मुंबई शहर में रहने वाले दो ऐसे लोगों की है जो आत्म-संदेह, सामाजिक दबाव और असुरक्षा से जूझते हुए प्यार और अपनापन पाते हैं। फिल्म ने बॉक्सऑफिस पर अच्छी कमाई की थी। इसके बाद अभिनेत्री डेविड धवन की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में नजर आई थीं। इस फिल्म में उनके साथ वरुण धवन और पूजा हेगड़े भी मुख्य भूमिकाओं में थे। अभिनेत्री अदिवी शेष के साथ एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘डकैत- एक प्रेम कथा’ में नजर आई थी। इस फिल्म का निर्देशन शनेल देव ने किया है। यह फिल्म प्यार, धोखे, और बदले की एक अनोखी कहानी है। इसमें हाई-स्टेक्स चोरी और जबरदस्त सस्पेंस देखने को मिलता है। फिल्म में मृणाल ठाकुर ने ‘सरस्वती’ नाम का किरदार निभाया है। उनका किरदार सिर्फ एक रोमांटिक लव-इंटरेस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि वह कहानी का मुख्य संघर्ष और ताकत का प्रतीक बनता है। आदिवी शेष मुख्य अभिनेता के रूप में नजर आए हैं, जबकि फिल्म में अनुराग कश्यप ने एक खतरनाक खलनायक/पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई है।

एनडीए की मंगल मिलन बैठक जारी, मानसून सत्र के अंतिम चरण पर चर्चा होने की संभावना

नई दिल्ली। एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक संसद पुस्तकालय भवन (पीएलबी) में चल रही है। इस बैठक में मानसून सत्र के शेष 10 दिनों के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन की सदन रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। सत्ताधारी एनडीए के सभी सदस्य बैठक के लिए पहुंचे। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के सांसद, जो पहले तृणमूल कांग्रेस में थे, उन्होंने भी दूसरी बार बैठक में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एनडीए के अन्य सांसदों के इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब संसद का मानसून सत्र अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर रहा है। एनडीए के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कई लंबित विधेयकों को विचार और पारित कराने के लिए पेश करने की तैयारी कर रही है, जबकि विपक्ष द्वारा कई विवादास्पद मुद्दों पर व्यवधान जारी रहने की आशंका है। मानसून सत्र में पिछले कई दिनों से बार-बार विरोध प्रदर्शन और व्यवधान देखने को मिले हैं, क्योंकि विपक्षी दल परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने, जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर दान चोरी मामले सहित कई मुद्दे उठा रहे हैं। सरकार और विपक्ष दोनों के अपने-अपने रुख पर अडिग रहने की उम्मीद के साथ, सत्र के तीसरे सप्ताह में केंद्र के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के प्रयासों के साथ-साथ तीव्र राजनीतिक आदान-प्रदान का एक और दौर देखने को मिल सकता है। ‘मंगल मिलन’ बैठक एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का नया रूप है, जिसका आयोजन रचनात्मक बहस और निर्बाध गठबंधन संरेखण को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। संसद सत्रों के दौरान दैनिक सदन प्रबंधन और अंतरदलीय सहमति को सुविधाजनक बनाने के अलावा, ‘मंगल मिलन’ बैठक एनडीए के घटक दलों के साथ समन्वय को बढ़ावा देने के माध्यम के रूप में भी कार्य करती है। यह बैठक एनडीए सांसदों की बहसों में भागीदारी को बढ़ावा देती है और शिवसेना, एलजेपी, टीडीपी, जेडीयू और अन्य क्षेत्रीय दलों सहित प्रमुख सहयोगियों के बीच बोलने की भूमिकाओं के वितरण को सुनिश्चित करती है। एनसीपीआई के कई सांसदों ने, जिन्होंने पहली बार एनडीए संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ में भाग लिया था, सत्तारूढ़ गठबंधन की “संगठित प्रणाली” की प्रशंसा की थी।