भारत की विकास दर वित्त वर्ष 27 में 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान, बना रहेगा दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था: आरबीआई

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति कमेटी (एमपीसी) के फैसलों का ऐलान करते हुए कहा कि भारत वित्त वर्ष 27 में 6.7 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था बना रहेगा। आरबीआई द्वारा अगस्त एमपीसी में जारी किया गया विकास दर अनुमान पिछले अनुमान 6.6 प्रतिशत से 10 आधार अंक ज्यादा है। उन्होंने कहा कि जून 2026 के बाद से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण आपूर्ति पक्ष पर पड़ने वाला दबाव कुछ कम हुआ है। हालांकि, जुलाई के पहले हफ़्ते से टकराव के फिर से बढ़ने की वजह से एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है और सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता फिर से पैदा हो गई है। लगातार बनी हुई ग्लोबल अनिश्चितता के बावजूद, घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, जैसा कि पहली तिमाही के हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से पता चलता है। मल्होत्रा ने कहा कि पहली तिमाही के शुरुआती कॉर्पोरेट नतीजों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी अच्छे प्रदर्शन का संकेत मिलता है। आरबीआई गवर्नर के मुताबिक, हेडलाइन महंगाई दर बढ़ने का अनुमान है, जिसकी मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों और ईंधन की आपूर्ति से जुड़े दबाव हैं, जबकि मुख्य महंगाई दर सामान्य बनी हुई है और तीसरी तिमाही में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद इसके कम होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून, अल नीनो, भू-राजनीतिक अस्थिरता और ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी को लेकर अनिश्चितताओं के बीच भविष्य की स्थिति अभी साफ नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी पॉलिसी से जुड़ा कदम उठाने से पहले महंगाई की चाल और उसके घटकों के बारे में ज्यादा स्पष्टता की जरूरत है। विकास दर को लेकर मल्होत्रा ने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस गतिविधियों में लगातार विस्तार और जबरदस्त निर्यात की वजह से अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है।
चेन्नई नगर निगम ने रेबीज रोधी टीकाकरण अभियान के तहत दो लाख स्ट्रीट डॉग्स को लक्षित किया

चेन्नई। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) अगस्त के दूसरे सप्ताह में शहरव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू करेगा, जिसका लक्ष्य लगभग दो लाख आवारा कुत्तों को टीका लगाना है। यह अभियान रेबीज की रोकथाम और पशु कल्याण में सुधार के लिए किए जा रहे गहन प्रयासों का हिस्सा है। यह अभियान शहर के सभी क्षेत्रों में लागू होगा और पालतू कुत्तों को रेबीज और परजीवी रोधी टीके मुफ्त में उपलब्ध कराएगा। पालतू जानवरों के मालिकों से इस कार्यक्रम का लाभ उठाने और अपने जानवरों को टीका लगवाने का आग्रह किया गया है। पिछले साल नगर निगम ने लगभग 1.47 लाख आवारा कुत्तों का टीकाकरण किया था, जब चेन्नई में आवारा कुत्तों की आबादी लगभग 1.80 लाख होने का अनुमान था। तब से कुत्तों की आबादी में वृद्धि होने की आशंका को देखते हुए, जीसीसी ने इस वर्ष टीकाकरण का लक्ष्य बढ़ाकर दो लाख कुत्ते कर दिया है। यह अभियान निगम के पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ चलाया जा रहा है। वर्तमान में, चेन्नई में स्थित 15 एबीसी केंद्रों में से 11 चालू हैं। नन्दंबक्कम और पेरंगुडी में दो और केंद्र अगले सप्ताह से काम करना शुरू कर देंगे। अंबत्तूर के अथिपटू और शोलिंगनल्लूर में शेष केंद्र अगस्त के चौथे सप्ताह तक चालू हो जाएंगे। एक बार सभी 15 सुविधाएं चालू हो जाने के बाद, जीसीसी को उम्मीद है कि नसबंदी प्रक्रियाओं को पूरा करने की उसकी क्षमता में काफी वृद्धि होगी। मौजूदा केंद्र मिलकर प्रतिदिन लगभग 200 गर्भनिरोधक ऑपरेशन करते हैं। निगम को उम्मीद है कि अतिरिक्त सुविधाओं के साथ यह संख्या दोगुनी होकर लगभग 400 ऑपरेशन प्रतिदिन हो जाएगी। इस वर्ष जनवरी से अब तक आवारा कुत्तों पर लगभग 24,000 गर्भनिरोधक ऑपरेशन किए जा चुके हैं। ऑपरेशनों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जनवरी में 1,490 से बढ़कर फरवरी में 2,493 और मार्च में 3,058 हो गई है। निगम ने अप्रैल में 3,259 सर्जरी, मई में 3,637 और जून में 4,765 सर्जरी कीं। जुलाई में मासिक आंकड़ा अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जब 5,324 सर्जरी की गईं। हालांकि, यह टीकाकरण अभियान पशु कल्याण कार्यकर्ताओं द्वारा आवारा कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण अभियानों के दौरान उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर जताई गई चिंताओं के बीच शुरू किया गया है। टीकों के लिए आवश्यक कोल्ड-चेन स्थितियों को बनाए रखने और टीका लगाए गए जानवरों को सुरक्षित रूप से उनके क्षेत्रों में वापस भेजने को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की गई हैं। जीसीसी ने टीकों के अनुचित प्रबंधन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि टीकाकरण की शीशियों को आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ संग्रहित और परिवहन किया जाता है। नगर निगम ने इस अभियान में जनता की अधिक भागीदारी की भी मांग की है, विशेष रूप से पालतू जानवरों के मालिकों, स्थानीय पशुपालकों और बचावकर्ताओं से, क्योंकि इसका उद्देश्य टीकाकरण कवरेज का विस्तार करना और चेन्नई भर में रेबीज के संचरण के जोखिम को कम करना है।
विपक्षी सांसदों ने संसद में गांधी की प्रतिमा से मकर द्वार तक निकाला मार्च, गृह मंत्री से सदन में जवाब देने की मांग

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के अन्य सांसदों ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी और अन्य मुद्दों को लेकर प्रेरणा स्थल पर महात्मा गांधी की प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से कहा कि लोकतंत्र में सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों की जनता के प्रति जवाबदेही होती है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों पर गोलियां चलाई गईं, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, आंसू गैस छोड़ी गई या लाठीचार्ज किया गया है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्णय लेने वालों को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र है, किसी का शाही दरबार नहीं, इसलिए सरकार को इन घटनाओं पर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद चर्चा का मंच है और किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद से ही निकल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चर्चा से बचती है तो यह संसद और लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान है। खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें राम विरोधी और राष्ट्र विरोधी बताने की कोशिश कर रही है। राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चढ़ावे संबंधी विवाद को लेकर खड़गे ने कहा कि विपक्ष भगवान राम का विरोध नहीं कर रहा बल्कि यह जानना चाहता है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे, सोने-चांदी और अन्य चढ़ावे का उपयोग किस प्रकार किया गया। उन्होंने ट्रस्ट से जुड़ी कथित भूमि अनियमितताओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यदि विपक्ष भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग करता है तो उसे राष्ट्र-विरोधी करार देना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार पर स्वतंत्र विचारों को दबाने और राजनीतिक विरोध को राष्ट्रवाद से जोड़ने का आरोप लगाया। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि विरोध मार्च की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा से इसलिए की गई ताकि सरकार गांधी के विचारों से प्रेरणा लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल की घटनाओं में प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। सरकार को यह बताना चाहिए कि लाठीचार्ज क्यों किया गया, नुकीली लाठियों का इस्तेमाल क्यों हुआ और पैलेट गन क्यों चलाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े चढ़ावे में अनियमितताओं के आरोप नए नहीं हैं बल्कि निर्माण कार्य शुरू होने के समय से ही इस तरह के सवाल उठते रहे हैं। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि विपक्ष इसी के खिलाफ आवाज उठा रहा है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में आकर पूरे मामले पर विस्तृत बयान दें और स्पष्ट करें कि छात्रों पर बल प्रयोग क्यों किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर गोलीबारी और पैलेट गन के इस्तेमाल से बच्चे घायल हुए हैं। प्रतापगढ़ी ने कहा कि संसद के भीतर इन घटनाओं पर चर्चा होना आवश्यक है ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। इमरान प्रतापगढ़ी ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि इंडी अलायंस लगातार केंद्र सरकार से राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वहां के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आस्था के नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर भी सरकार को पारदर्शी तरीके से जवाब देना चाहिए।
झारखंड: सरायकेला में 22 लाख के तीन इनामी नक्सली गिरफ्तार, एके-47 समेत कई हथियार बरामद

सरायकेला। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस और सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 22 लाख रुपये के इनामी तीन माओवादी नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो, पांच लाख रुपये का इनामी रवि सरदार और दो लाख रुपये की इनामी उसकी पत्नी मीना शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक एके-47 राइफल, एक पिस्टल, कारतूस और नक्सली गतिविधियों से जुड़े अन्य सामान बरामद किए हैं। तीनों के खिलाफ सरायकेला-खरसावां सहित पड़ोस के जिलों के थानों में कई वारदात दर्ज हैं। पुलिस को मिली खुफिया सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाया गया। संयुक्त टीम ने संभावित ठिकानों की घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से अत्याधुनिक हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मदन महतो पर राज्य सरकार ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था और कई नक्सली अभियानों में उसकी भूमिका सामने आई थी। रवि सरदार पर पांच लाख रुपये और उसकी पत्नी मीणा पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, दोनों संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उनसे नक्सली संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, अन्य सक्रिय उग्रवादियों और हाल के वर्षों में हुई नक्सली घटनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। इन सूचनाओं के आधार पर आगे भी अभियान चलाया जाएगा। कोल्हान क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल के महीनों में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा समेत कई उग्रवादियों की गिरफ्तारी भी हुई है।
अनुच्छेद 370 हटाना भाजपा का था ऐतिहासिक फैसला, राहुल गांधी देश को बांटने की राजनीति कर रहे: गौरव भाटिया

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए और इसे भारत की एकता, अखंडता तथा संवैधानिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक फैसला बताया। इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने नई दिल्ली में प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, जबकि श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तिरंगा फहराकर इस दिन को विशेष रूप से मनाया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 5 अगस्त का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। सात वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह भारतीय संविधान की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। उनके अनुसार यह फैसला संविधान की भावना के अनुरूप था और इससे राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती मिली। भाटिया ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए इस ऐतिहासिक निर्णय को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर विकास, निवेश, पर्यटन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। श्रीनगर में अनुच्छेद 370 हटने की सातवीं वर्षगांठ पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने लाल चौक सहित विभिन्न स्थानों पर तिरंगा फहराया। भाजपा कार्यकर्ता मंजूर अहमद ने कहा कि यह उसी प्रक्रिया का हिस्सा है जिसकी शुरुआत 5 अगस्त 2019 को हुई थी। उन्होंने बताया कि 2019 में भी उन्होंने लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था और इस वर्ष भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार पार्टी ने प्रत्येक घर, दुकान, संस्थान और सार्वजनिक स्थान पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया है ताकि राष्ट्रीय ध्वज हर स्थान पर सम्मानपूर्वक लहराता दिखाई दे। गौरव भाटिया ने विपक्ष, विशेष रूप से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से नहीं चलने दे रहा है। भाटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हैं, जबकि विपक्ष देश को बांटने की राजनीति करता है। यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष अराजक तत्वों के साथ खड़ा होकर लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज में बाधा उत्पन्न करता है। भाजपा प्रवक्ता ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच कुल 274 भगोड़ों को 36 देशों से भारत वापस लाया गया है। उन्होंने इसे कानून के शासन को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का परिणाम बताया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपराधियों को कानून के दायरे में लाने में अधिक प्रभावी हुआ है। प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “स्वाभाविक रूप से मन में एक सवाल आता है, और मैं उसे आपके सामने रखना चाहता हूं। इन भगोड़ों ने क्या अपराध किए थे? ये लोग गंभीर अपराधों के आरोपी हैं। इनमें 53 लोग यौन अपराधों के आरोपी हैं, जिनमें बच्चों के खिलाफ रेप और पॉक्सो अपराध शामिल हैं। 42 लोग संगठित अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों के आरोपी हैं। 18 लोग मानव तस्करी और अपहरण के आरोपी हैं। 16 लोग आतंकवादी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोपी हैं। आतंकवादियों को वापस लाया गया है। कोई भी भारत की ओर बुरी नज़र से नहीं देख सकता।” उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत ड्रग तस्करी के 16 आरोपी हैं, 12 लोग नकली करेंसी और साइबर अपराध के आरोपी हैं और अन्य धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों में शामिल हैं। विजय माल्या जैसे लोग, जिनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, और कई अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। बाकी 45 लोग अन्य अपराधों के आरोपी हैं।
कोयंबटूर की नोय्याल नदी में बह रहा बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज, एसटीपी प्रोजेक्ट में देरी से बढ़ी चिंता

कोयंबटूर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के तहत नेशनल रिवर कंजर्वेशन डायरेक्टरेट (एनआरसीडी) से मंजूरी मिलने के बावजूद नोय्याल नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने के काम में बहुत कम प्रगति हुई है। इस वजह से कोयंबटूर जिले की 9 नगर पंचायतें अभी भी बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी नदी में बहा रही हैं। इरुगुर, सुलूर, कन्नमपलयम, वेल्लालोर, पेरूर, पूलुवापट्टी, वीरपांडी, अलंदुरई और थोंडामुथुर से होने वाले सीवेज प्रदूषण की समस्या को हल करने के लिए ‘नदंथई वाझी कावेरी’ योजना के तहत 2024 में एसटीपी प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई थी। इस पहल का मकसद इन स्थानीय निकायों से निकलने वाले सीवेज को नोय्याल नदी में पहुंचने से पहले इकट्ठा करना और उसे ट्रीट करना है। यह प्रोजेक्ट नदी के पानी की गुणवत्ता सुधारने और नदी के रास्ते में आने वाले इलाकों में भूजल को और दूषित होने से बचाने के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। हालांकि, मंजूरी मिलने के लगभग दो साल बाद भी, प्रस्तावित ट्रीटमेंट सुविधाओं को लागू करने का काम अभी तक तेजी नहीं पकड़ पाया है। तमिलनाडु में बहने वाली कावेरी नदी की एक प्रमुख सहायक और मौसमी नदी है, जो कोयंबटूर जिले में पश्चिमी घाट से निकलती है और कावेरी में मिलने से पहले कोयंबटूर, तिरुप्पुर, इरोड और करूर जिलों से होते हुए लगभग 158.35 किलोमीटर तक बहती है। नदी का लगभग 62.21 किलोमीटर हिस्सा कोयंबटूर जिले से गुजरता है, जहां इसके जल तंत्र में 17 बांध और 25 तालाब शामिल हैं। नदी के किनारे बसे स्थानीय निकायों से बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज बहाना पर्यावरण के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। मंजूर की गई फंडिंग व्यवस्था के तहत, केंद्र सरकार से प्रोजेक्ट की लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा उठाने की उम्मीद है, जबकि तमिलनाडु सरकार बाकी 40 प्रतिशत हिस्सा देगी। नोय्याल के किनारे रहने वाले किसानों ने चिंता जताई है कि गंदा पानी लगातार बहाए जाने से भूजल दूषित हो रहा है और खेती के काम पर असर पड़ रहा है। एक किसान और गैर-राजनीतिक किसान संघ के सदस्य राजन अरुणाचलम ने कहा कि शुरुआती घोषणा के बाद एटीपी बनाने के काम में लगभग कोई प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों से बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी लगातार नदी में जा रहा है, जिससे भूजल प्रदूषित हो रहा है और नोय्याल के किनारे के इलाकों में खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। कोयंबटूर के जिला कलेक्टर पवनकुमार जी. गिरियप्पनावर ने कहा कि नोय्याल नदी के किनारे स्थित स्थानीय निकायों तक इस प्रोजेक्ट को बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट अभी ‘डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट’ के चरण में है और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
पहाड़ी बारिश का असर: प्रयागराज में बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर, नदी किनारे के लोगों को सतर्क रहने की सलाह

प्रयागराज। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और ऊपरी इलाकों से छोड़े जा रहे पानी के कारण प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तटबंध को कोई खतरा नहीं है। बाढ़ जैसी स्थिति भी अभी नहीं बनी है। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं तथा नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। एहतियात के तौर पर नदी किनारे आजीविका चलाने वाले लोग अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव के कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि जब भी पहाड़ी क्षेत्रों या ऊपरी राज्यों में बारिश होती है तो उसका असर प्रयागराज में जरूर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि संगम वह स्थान है जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम माना जाता है, इसलिए विभिन्न नदियों का पानी यहां आकर मिलता है। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर बारिश न होने के बावजूद भी जलस्तर बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि संगम क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु घूमने-फिरने तथा धार्मिक गतिविधियों के लिए आते हैं। मौसम सुहावना होने के कारण लोगों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन प्रशासन द्वारा लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि दो दिन पहले जलस्तर कुछ कम हुआ था, लेकिन पिछले दो दिनों में यह फिर तेजी से बढ़ा है। नदी का जलस्तर करीब 10 से 12 फीट तक बढ़ चुका है, जिससे नदी किनारे के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वहीं, संगम में नियमित स्नान करने आने वाले एक श्रद्धालु ने बताया कि वह रोज नदी में स्नान करने आते हैं। उन्होंने कहा कि दो-तीन दिन पहले तक लोग नदी के भीतर काफी दूर तक जा सकते थे, लेकिन अब पानी बढ़ने के कारण स्नान का क्षेत्र सीमित हो गया है। हालांकि अभी जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहें, अनावश्यक रूप से गहरे पानी में न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। फिलहाल हालात सामान्य हैं, लेकिन लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
आमिर खान धमकी मामले में बड़ा खुलासा, फॉरेंसिक जांच में आरजू बिश्नोई की आवाज से ऑडियो मैच होने का दावा

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान को मिली जान से मारने की धमकी के मामले में जांच एजेंसियों को एक अहम सुराग मिला है। पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक जांच के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हुए धमकी भरे ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य आरजू बिश्नोई की पुरानी रिकॉर्डिंग से मेल खाती है। इस रिपोर्ट के बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने जांच तेज कर दी है। हालांकि पुलिस अभी इस पूरे मामले में मिले डिजिटल सबूतों और अन्य तकनीकी जानकारियों की भी गहराई से जांच कर रही है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वायरल ऑडियो में मौजूद आवाज को आरजू बिश्नोई के पुराने वॉयस सैंपल से मिलाया गया। पंजाब पुलिस ने जांच के बाद इसकी जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच को दी। पुलिस इसे मामले में मिले महत्वपूर्ण सुरागों में से एक मान रही है। दरअसल, कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हुई थी। इस ऑडियो में बोलने वाले व्यक्ति ने खुद को आरजू बिश्नोई बताया था और आमिर खान को धमकी देते हुए उन्हें चेतावनी दी थी। ऑडियो में अभिनेता को सबक सिखाने की बात कही गई थी। इस ऑडियो के सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच में यह भी सामने आया कि धमकी देने वालों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया। मुंबई पुलिस की साइबर सेल की शुरुआती जांच में धमकी से जुड़े डिजिटल फुटप्रिंट (आईपी) विदेश से जुड़े मिले थे। जांच में पता चला कि स्वीडन आधारित वीपीएन और एन्क्रिप्टेड टोर ब्राउजर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर वास्तविक लोकेशन और डिवाइस की जानकारी छिपाने की कोशिश की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी वाला ऑडियो सीधे तौर पर आरज़ू बिश्नोई ने रिकॉर्ड किया था या फिर गैंग के किसी अन्य सदस्य ने उसकी पहचान का इस्तेमाल करते हुए इसे तैयार किया। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि ऑडियो को किसने सबसे पहले सोशल मीडिया पर डाला और इसे फैलाने में कौन-कौन लोग शामिल रहे। इस मामले में मुंबई पुलिस, पंजाब पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियां साथ में काम कर रही हैं। एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, इंटरनेट कॉलिंग और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही हैं, ताकि धमकी देने वाले व्यक्ति और उसके पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
तमिलनाडु में 13 साल बाद ऑटो-रिक्शा के किराए में होगा संशोधन, यूनियनों ने सौंपे ज्ञापन

चेन्नई। तमिलनाडु में 13 साल के अंतराल के बाद ऑटो-रिक्शा के किराए में संशोधन होने जा रहा है। राज्य परिवहन प्राधिकरण ने ट्रेड यूनियनों और यात्री प्रतिनिधियों से परामर्श के बाद सरकार को एक विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। परिवहन प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि किराए में संशोधन की सिफारिश करने वाली रिपोर्ट तमिलनाडु गृह विभाग को भेज दी गई है और नए शुल्क पर जल्द ही निर्णय आने की उम्मीद है। तमिलनाडु में लगभग 3.46 लाख ऑटो-रिक्शा हैं और मौजूदा किराया ढांचा लगभग 13 वर्षों से अपरिवर्तित है। ऑटो चालकों और ट्रेड यूनियनों ने ईंधन की कीमतों, रखरखाव खर्च, बीमा प्रीमियम और अन्य परिचालन लागतों में हुई भारी वृद्धि का हवाला देते हुए सरकार पर किराया संशोधन का दबाव बनाया है। संशोधित किराया संरचना निर्धारित करने की प्रक्रिया के अंतर्गत, सरकारी अधिकारियों, ऑटो-रिक्शा ट्रेड यूनियनों और यात्री संगठनों की एक त्रिपक्षीय बैठक 9 जुलाई को चेन्नई में आयोजित की गई। इस परामर्श में ट्रेड यूनियनों के 30 से अधिक प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के साथ-साथ यात्री संगठनों के लगभग 90 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हालांकि, दोनों पक्षों ने न्यूनतम किराए को लेकर अलग-अलग प्रस्ताव रखे। ऑटो-रिक्शा ट्रेड यूनियनों ने न्यूनतम किराया बढ़ाकर 70 रुपये करने की मांग की, उनका तर्क था कि पिछले दशक में परिचालन खर्चों में भारी वृद्धि को देखते हुए मौजूदा किराया अब व्यवहार्य नहीं रह गया है। यात्री संगठनों ने संशोधन की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए सरकार से न्यूनतम किराया 50 रुपये पर बनाए रखने का आग्रह किया ताकि ऑटो यात्रा सस्ती बनी रहे, विशेष रूप से दैनिक यात्रियों के लिए। परामर्श के बाद, परिवहन प्राधिकरण के अधिकारियों ने दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों की जांच की और सरकार के विचारार्थ एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट में त्रिपक्षीय चर्चाओं के दौरान उठाए गए प्रमुख बिंदुओं के साथ-साथ ऑटो-रिक्शा परिचालन लागत को प्रभावित करने वाले कई कारकों को भी ध्यान में रखा गया है। प्राधिकरण ने अपनी सिफारिशें तैयार करने से पहले अन्य प्रमुख शहरों में प्रचलित ईंधन की कीमतों और ऑटो-रिक्शा के किराए का भी अध्ययन किया है। रिपोर्ट को अब आगे विचार के लिए गृह विभाग को सौंप दिया गया है, जो परिवहन संबंधी नियामक मामलों की देखरेख करता है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार संशोधित न्यूनतम किराया और उसके बाद प्रति किलोमीटर शुल्क को अंतिम रूप देने से पहले सिफारिशों की जांच करेगी। मंजूरी मिलने के बाद, यह नया किराया तमिलनाडु में 13 वर्षों में ऑटो-रिक्शा किराए में पहला बड़ा संशोधन होगा और राज्य भर में चलने वाले लगभग 3.46 लाख वाहनों पर लागू होगा।
फैमिली वेकेशन पर मीरा राजपूत, शेयर कीं ससुरालवालों संग मस्ती भरी तस्वीरें

मुंबई। एंटरप्रेन्योर मीरा राजपूत कपूर ने मंगलवार सुबह फैंस के साथ अपनी फैमिली वेकेशन की मजेदार झलकियां शेयर कीं। उन्होंने अपने पति शाहिद कपूर, सास सुप्रिया पाठक, ससुर पंकज कपूर, ननद सनाह कपूर और कपूर परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए अपने ‘कपूर ससुराल वालों’ के साथ बिताए मजेदार पलों को दिखाया। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मीरा ने सुप्रिया पाठक के साथ एक खुशमिजाज तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वे कैमरे के सामने मुस्कुराती हुई नजर आ रही थीं। तस्वीर के साथ कैप्शन में मीरा ने लिखा, “हैव-टू-बी कपूर” एक और तस्वीर में शाहिद कपूर अपने पिता और दिग्गज एक्टर पंकज कपूर के साथ पोज देते हुए दिखे। उनके बेटे जैन, जिनका चेहरा फुटबॉल इमोजी से ढका हुआ था, शाहिद को गले लगाते हुए दिखे। मीरा ने तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा, “कैन-ओनली-बी कपूर” उन्होंने एक्ट्रेस और अपनी ननद सनाह कपूर की अपनी बेटी मिशा के साथ पोज देते हुए एक तस्वीर भी शेयर की और लिखा, “ओनली-वांट-टू-बी कपूर” जानकारी के लिए बता दें कि मीरा राजपूत ने 7 जुलाई 2015 को गुरुग्राम में एक निजी समारोह में शाहिद कपूर से शादी की थी। उनकी शादी आध्यात्मिक संस्था ‘राधा स्वामी सत्संग ब्यास’ के जरिए तय हुई थी क्योंकि दोनों परिवार इस समुदाय के माध्यम से एक-दूसरे को जानते थे। लगभग 10 साल के उम्र के अंतर के बावजूद, इस कपल को बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में से एक माना जाता है। वे बेटी मिशा (जन्म 2016) और बेटे जैन (जन्म 2018) के माता-पिता हैं। प्रोफेशनल तौर पर, मीरा एक वेलनेस क्लिनिक और स्किन केयर ब्रांड को संभाल रही हैं। काम की बात करें तो, इस साल शाहिद कपूर की दो बड़ी फिल्में रिलीज हुईं। उन्हें आखिरी बार जून में रिलीज हुई ‘कॉकटेल 2’ में देखा गया था और उससे पहले वे विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी ‘ओ रोमियो’ में नजर आए थे।