अवैध निर्माण पर चला जीडीए का हथौड़ा 

गाजियाबाद। प्रभारी प्रवर्तन जोन 8 के नेतृत्व में उप्र नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत राजबीर द्वारा ग्राम सभापुर लोनी गाजियाबाद पर लगभग 10,000 वर्ग. मी. क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अनाधिकृत कालोनी में लगभग 60-70 भूखण्डों की बाउण्ड्रीवाल, विद्युत पोल्स, सडक़ों आदि का ध्वस्तीकरण किया गया इसके अलावा नवजीवन एन्कलेव लोनी गाजियाबाद पर  संतोष तिवारी द्वारा किये गये अवैध निर्माण के विरूद्ध ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सम्पादित की गयी। ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के दौरान निर्माणकर्ता, कालोनाईजरों द्वारा भारी भारी विरोध प्रकट किया गया, परन्तु प्राधिकरण पुलिस बल द्वारा उन्हे नियन्त्रित कर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही जारी रखी गयी। स्थल पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के समय प्रवर्तन जोन-8 के समस्त स्टाफ प्राधिकरण पुलिस बल व प्राधिकरण प्रवर्तन दस्ते की उपस्थिति में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। आगामी माह में भी ध्वस्तीकरण सील की कार्यवाही किये जाने का अभियान जारी रहेगा।

गाजियाबाद के विकास को मिली नई रफ्तार

गाजियाबाद। गाजियाबाद आज तेजी से विकसित होते आधुनिक शहर के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है। शहर में बढ़ती विकास गतिविधियों, आवासीय एवं अवस्थापना विकास की गति तथा निवेश और निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार का सकारात्मक प्रभाव गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के राजस्व संग्रहण पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के विकास शुल्क मद से चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त तक 7,111.24 लाख (लगभग 71.11 करोड़) की राजस्व प्राप्ति हुई है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि में 3,950.33 लाख (लगभग 39.50 करोड़) प्राप्त हुए थे। इस प्रकार एक वर्ष की समान अवधि में 3,160.91 लाख (लगभग 31.61 करोड़) की अतिरिक्त प्राप्ति हुई है, जो लगभग 80.02 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है। इस वृद्धि की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान लगातार कई महीनों में विकास शुल्क की प्राप्ति में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। मई में राजस्व प्राप्ति में लगभग 169 प्रतिशत वृद्धि, जून में लगभग 109 प्रतिशत वृद्धि, जुलाई में लगभग 510 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि, अगस्त में लगभग 499 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि। विशेष रूप से जुलाई एवं अगस्त माह में हुई भारी वृद्धि यह दर्शाती है कि गाजियाबाद में विकास एवं निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आई है तथा विकास संबंधी अनुमतियों,प्रक्रियाओं के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। विकास शुल्क से राजस्व में 80 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि महज राजस्व संग्रहण का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह गाजियाबाद में बढ़ती विकास गतिविधियों और निर्माण क्षेत्र की सक्रियता का एक महत्वपूर्ण संकेतक भी है। शहर में सुनियोजित विकास के साथ-साथ नई आवासीय एवं अन्य विकास गतिविधियों के बढऩे से प्राधिकरण की विकासोन्मुख भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो रही है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा राजस्व संग्रहण की नियमित समीक्षा, लंबित देयों की प्रभावी वसूली, प्रक्रियाओं की निगरानी तथा विकास शुल्क की प्राप्तियों को बढ़ाने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है। राजस्व में हुई यह उल्लेखनीय वृद्धि प्राधिकरण को अपने विकास कार्यों के लिए और अधिक वित्तीय क्षमता प्रदान करेगी। मजबूत राजस्व आधार के माध्यम से सडक़ एवं परिवहन अवस्थापना,जल निकासी,स्ट्रीट लाइट,हरित क्षेत्र,आवासीय योजनाओं तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को गति देने में सहायता मिलेगी। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का प्रयास है कि बढ़ते शहरीकरण को सुनियोजित विकास में परिवर्तित करते हुए गाजियाबाद को आधुनिक सुव्यवस्थित बेहतर अवस्थापना सुविधाओं से युक्त और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक शहर बनाया जाए। विकास शुल्क मद में 80.02 प्रतिशत की वृद्धि इस बात का सकारात्मक संकेत है कि गाजियाबाद में विकास की गति तेज हो रही है और उसके साथ-साथ विकास प्राधिकरण की वित्तीय एवं कार्यान्वयन क्षमता भी निरंतर सुदृढ़ हो रही है।गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा राजस्व वृद्धि को केवल वित्तीय उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि गाजियाबाद के सतत सुनियोजित एवं जनोन्मुख विकास के लिए एक मजबूत आधार के रूप में देखा जा रहा है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि शहर में हो रही विकास गतिविधियों की इस सकारात्मक गति को आगे भी बनाए रखते हुए उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग जनहित एवं गाजियाबाद के समग्र विकास में सुनिश्चित किया जाए।

अश्विनी वैष्णव ने रेलवे सुरक्षा, तकनीकी और रखरखाव संबंधी कमियों के सुधार के निर्देश दिए

नई दिल्ली।केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में एक विस्तृत सुरक्षा समीक्षा बैठक की। बैठक में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेलवे बोर्ड के सदस्य, जोनल रेलवे के महाप्रबंधक, महानिदेशक एवं मंडल रेल प्रबंधक  उपस्थित रहे।रेल मंत्री ने बैठक के दौरान सिग्नलिंग से संबंधित तकनीकी कमियों को मिशन मोड में दूर करने के निर्देश दिए। ओवरहेड इक्विपमेंट के संबंध में, जिन स्थानों पर कंपोनेंट्स की निर्धारित सेवा अवधि पूरी हो चुकी है, वहां उनके रखरखाव और प्रतिस्थापन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।रेल मंत्री ने कोचों के रखरखाव, विशेषकर फायर सेफ्टी से संबंधित इलेक्ट्रिकल सर्किट एवं वायरिंग पर विशेष ध्यान देकर वर्कशॉप में मेंटेनेंस के स्तर को सुधारने के निर्देश दिए। रेल मंत्री ने वैगन और कोच के कपलर तथा पहियों के रखरखाव पर भी  ध्यान देने को कहा।ट्रैक के रखरखाव के संबंध में पॉइंट मशीन, टर्नआउट और फास्टनर का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जहां कहीं भी फास्टनर नहीं हैं, वहां उन्हें लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।बैठक में खराब गुणवत्ता वाली आपूर्ति के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन ट्रैक, कोच अथवा वैगन से संबंधित सामग्री की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित सप्लायर के विरुद्ध कठोर कार्रवाई  सुनिश्चित करने को कहा गया। जानबूझकर की गई लापरवाही के मामलों में संबंधित सप्लायर को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने के भी निर्देश दिए गए।रेल मंत्री ने सभी अधिकारियों को जिला एवं राज्य प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर उन स्थानों पर अग्रिम तैयारियां करने को कहा, जहां त्योहारों या मेलों के कारण अचानक यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, ताकि वहां आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।

बिहार में कोसी समेत आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ से 13 जिले प्रभावित

पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। गुरुवार को आठ प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं। गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा नदियों में जल स्तर बढ़ गया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। बाढ़ से 13 जिले प्रभावित हुए हैं और कई क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर के कारण लोगों को व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है। पटना प्रशासन हाई अलर्ट पर है, क्योंकि गंगा, सोन और पुनपुन नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। पटना में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 127 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है, जबकि दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 61 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से लगभग 2.01 मीटर ऊपर बह रही है, जिससे बाढ़ का पानी आसपास के घरों में घुस रहा है। इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में 5.54 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप मनेर, दानापुर, बख्तियारपुर और मोकामा के नदी तटीय क्षेत्रों में पानी तेजी से फैल गया है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए 12 सरकारी नौकाएं तैनात की हैं। समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.50 मीटर ऊपर चढ़ गया है। हाथीदाह और कहलगांव में भी गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मुंगेर में भी गंगा चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है। भागलपुर में गंगा के किनारे हो रहे भीषण कटाव ने राघोपुर-काजीकोरिया तटबंध और रेलवे के बांध की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। बांध की सुरक्षा के लिए अधिकारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। मिट्टी के कटाव को रोकने के अभियान के तहत रेत की बोरियों को लाने-ले जाने और गिराने के लिए लगभग 200 ट्रैक्टर और तीन स्टीमर तैनात किए गए हैं। रोहतास के नौहट्टा में सोन नदी का बढ़ता जलस्तर लगभग 100 लोगों को नदी के छोटे-छोटे द्वीपों पर फंसे होने का कारण बना है, जहां वे कृषि गतिविधियों में लगे हुए थे। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण अधिकारी उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में दरभंगा, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, खगड़िया, वैशाली, बेगुसराय, भागलपुर, समस्तीपुर और मुंगेर शामिल हैं। बाढ़ की स्थिति बिगड़ने के साथ ही प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने की तैयारी शुरू हो गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। इस आकलन में फसलों, पशुधन और घरों को हुए नुकसान को शामिल किया जाएगा, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र परिवारों को शीघ्र ही राहत सहायता प्राप्त हो। राज्यभर में बाढ़ की स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए अधिकारी नदी के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

भारत और बेल्जियम मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाएंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भारत-बेल्जियम संबंधों का “मुख्य स्तंभ” बताया और घोषणा की कि दोनों देश मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। नई दिल्ली में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच मजबूत संबंध भारत और बेल्जियम को “स्वाभाविक साझेदार” बनाते हैं। उन्होंने कहा, “रक्षा और सुरक्षा सहयोग हमारे संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ है। आज, हमने दोनों देशों के बीच मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। हमारी सरकारों और रक्षा उद्योगों के बीच हुए समझौते रक्षा क्षेत्र में मिलकर विकास और उत्पादन के नए अवसर पैदा करेंगे। हम अपनी-अपनी एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और अपराध के खिलाफ सहयोग को भी और मजबूत करेंगे।” प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले दशक में भारत और बेल्जियम के बीच साझेदारी ने उल्लेखनीय प्रगति की है और द्विपक्षीय सहयोग का दायरा पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक फैल गया है। उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम आधुनिक रक्षा उपकरणों, जैसे कि जोरावर टैंक, पर मिलकर काम कर रहे हैं और आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स में से एक को विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारत और बेल्जियम के संबंधों की जड़ें इतिहास में गहरी है। पहले विश्व युद्ध में बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान हमारी साझा स्मृति का अहम हिस्सा है। आज लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच आपसी गहरे संबंध हमें स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।” भारत की आर्थिक वृद्धि की सराहना करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों जैसे चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है। प्रधानमंत्री ने कहा, “आज, दुनिया बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष जारी हैं, जबकि अनिश्चितता फूड, फ्यूल और सप्लाई चेन जैसे हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी, भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है। भारत ने पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। आज, भारत की विकास गाथा दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत बन रही है।” जनवरी में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के बारे में बात की। पीएम मोदी ने कहा, “इस वर्ष की शुरुआत में हमने ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया। विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच यह अभूतपूर्व सहयोग वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई मजबूती देगा। भारत की निरंतर आर्थिक प्रगति और इस एग्रीमेंट ने हमारे आर्थिक संबंधों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। आज हमने इन संभावनाओं को ठोस परिणामों में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के क्षेत्र में भारत और बेल्जियम के बीच हुए समझौते (एमओयू) से सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पर दोनों देशों के सहयोग को नई गति मिलेगी।

कन्नड़ अभिनेता दुनिया विजय को कोर्ट से मिला तलाक, पत्नी को देना होगा 2 करोड़ गुजारा भत्ता

बेंगलुरु। कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर दुनिया विजय और उनकी पत्नी नागरत्ना के बीच चल रहा लंबे समय का वैवाहिक विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को दोनों के तलाक को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने शादी खत्म करने के साथ ही दुनिया विजय को अपनी पत्नी नागरत्ना को एकमुश्त 2 करोड़ रुपए गुजारा भत्ता देने का भी आदेश दिया है। जस्टिस डीके सिंह और जस्टिस एच. शांतिभूषण की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए शादी खत्म करने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने फैसला लेते समय नागरत्ना की परिस्थितियों, दंपति के तीन बच्चों और दुनिया विजय की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा। इसके अलावा, फिल्म इंडस्ट्री में दुनिया विजय की स्थिति और उनकी कमाई की क्षमता को भी ध्यान में रखा गया। दुनिया विजय और नागरत्ना के बीच यह विवाद कई सालों से चल रहा था। इससे पहले फैमिली कोर्ट ने दुनिया विजय की तलाक की याचिका खारिज कर दी थी। उस समय कोर्ट का कहना था कि दुनिया विजय ने पत्नी पर क्रूरता के जो आरोप लगाए थे, वे साबित नहीं हो पाए। हालांकि, इसके बाद भी दोनों के रिश्ते में सुधार नहीं आया। दुनिया विजय साथ रहने के लिए तैयार नहीं थे जबकि नागरत्ना शुरुआत में तलाक के खिलाफ थीं। मामले की सुनवाई के दौरान दुनिया विजय ने अपनी पत्नी पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा था कि नागरत्ना उनके माता-पिता की ठीक से देखभाल नहीं करती थीं। दोनों के बीच लंबे समय से चल रही अनबन और रिश्ते में आई दूरी को देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले पर विचार किया। कोर्ट ने पत्नी और तीनों बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए आखिरकार तलाक की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही कोर्ट ने नागरत्ना को 2 करोड़ रुपए की एकमुश्त राशि देने का आदेश दिया। दुनिया विजय को यह रकम दो महीने के भीतर चुकानी होगी। अगर वह तय समय के अंदर रकम का भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें 6 फीसदी सालाना ब्याज भी देना होगा। दुनिया विजय की बात करें तो उन्होंने साल 2007 में आई फिल्म ‘दुनिया’ से जबरदस्त पहचान बनाई थी। फिल्म की सफलता के बाद वह कन्नड़ सिनेमा के चर्चित चेहरों में शामिल हो गए। आगे चलकर उन्होंने एक्टिंग के साथ डायरेक्शन और प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया और इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई।

बिहार: अशोक चौधरी बोले- बाढ़ को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सजग, तेजस्वी पर भी भड़के

पटना। बिहार के मंत्री और जदयू के नेता अशोक चौधरी ने गुरुवार को कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पूरी तरह सजग है और निचले इलाकों को खाली कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं है, लेकिन बिहार सरकार का पूरा तंत्र पूरी तत्परता और सजगता के साथ काम कर रहा है। मीडिया से बातचीत में अशोक चौधरी ने कहा कि नेपाल में जारी अलर्ट को देखते हुए जल संसाधन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। कितने क्यूसेक पानी आ रहा है और पानी रोकने की क्षमता कितनी है, इसकी लगातार समीक्षा की जा रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और सोन नदी के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। मध्य प्रदेश में बारिश के कारण सोन नदी में पानी बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में अपेक्षाकृत कम बारिश होने के बावजूद नेपाल और मध्य प्रदेश में होने वाली भारी बारिश का असर बिहार को झेलना पड़ता है। इसी कारण राज्य सरकार लगातार गाद प्रबंधन नीति की मांग कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से मुलाकात के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी। अशोक चौधरी ने कहा कि गाद जमा होने के कारण गंगा का बेसिन कई स्थानों पर फैल गया है, इसलिए गाद प्रबंधन नीति बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के केंद्र की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाने के संबंध में उन्होंने कहा कि तेजस्वी कोई अर्थशास्त्री नहीं हैं और केवल विरोध के लिए बयान दे रहे हैं। मध्य पूर्व संकट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था और जीडीपी वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है। पेट्रोलियम और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद वित्तीय प्रबंधन मजबूत रहना सरकार की उपलब्धि है। विदेश नीति को लेकर अशोक चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी विपक्ष में रहते हुए भी देशहित में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के साथ खड़े हुए थे। आज विपक्ष के नेता विदेश जाकर प्रधानमंत्री और भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाते हैं। यह राजनीतिक सोच और देश-विदेश की समझ का अंतर है। बाढ़ में बहकर आने वाली बड़ी मछलियों को खाने से भी उन्होंने लोगों को सावधान किया। जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में करीब 1000 से 1100 जलाशय हैं और वहां से विषम परिस्थितियों में बहकर आने वाली मछलियां मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं मानी जा सकतीं। उन्होंने लोगों से ऐसी मछलियां नहीं खाने की अपील की। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह संविधान प्रदत्त अधिकार है और बेहद संवेदनशील विषय है। इस पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। आरक्षण से जुड़े किसी विषय पर समीक्षा या चर्चा की आवश्यकता है, तो वह संसद में होनी चाहिए, मीडिया में नहीं। उन्होंने कहा कि जदयू अपने नेतृत्व की विचारधारा के साथ खड़ा है और आरक्षण जैसे गंभीर विषय पर अंतिम चर्चा का मंच संसद ही हो सकता है।

जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाने वालों को सुधांशु त्रिवेदी का जवाब, बोले-सेना का अपमान बन गई है कांग्रेस की पहचान

लखनऊ। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहला सीईओ बनाए जाने के बाद से भाजपा और कांग्रेस में जुबानी जंग शुरू हो गई है। इस क्रम में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राशिद अल्वी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सुधांशु त्रिवेदी ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि अल्वी का बयान कांग्रेस की उस मानसिकता को उजागर करता है, जिसे उन्होंने ‘दिमागी नक्सलवाद’ करार दिया। त्रिवेदी ने कहा कि सेना का अपमान करना कांग्रेस की पहचान बन गई है। त्रिवेदी ने कहा कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने एक पूर्व एयर चीफ मार्शल को सीईओ नियुक्त कर सकारात्मक और पेशेवर कदम उठाया है। सैन्य पृष्ठभूमि वाले अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति से ट्रस्ट के कामकाज में सिस्टम, उपयोगिता, कार्यक्षमता और पारदर्शिता बेहतर हो सकती है। ट्रस्ट में अन्य सदस्यों की नियुक्तियों से भी उसकी सक्रियता और प्रभावशीलता बढ़ेगी। कांग्रेस की आलोचना करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि जो लोग पहले भगवान राम के अस्तित्व और अयोध्या की ऐतिहासिकता पर सवाल उठाते थे, वही अब राम मंदिर और श्री राम जन्मभूमि से जुड़े फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए पंचतंत्र की ‘बगुला भगत’ की कहानी का भी जिक्र किया। सशस्त्र बलों के मुद्दे पर त्रिवेदी ने कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों का हवाला दिया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक के सबूत मांगने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित द्वारा तत्कालीन सेना प्रमुख के लिए की गई कथित टिप्पणी और पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से मुलाकात के मुद्दे को भी उठाया। त्रिवेदी ने कहा कि इन घटनाओं से कांग्रेस के सशस्त्र बलों के प्रति रवैये पर सवाल उठते हैं। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि गजनवी, मोहम्मद गोरी और बाबर केवल मंदिरों को लूटने नहीं आए थे, बल्कि मंदिरों को नष्ट करने और मूर्तियां तोड़ने के उद्देश्य से आए थे। उन्होंने अलबरूनी, उत्बी, फरिश्ता और मिनहाज-उस-सिराज जैसे ऐतिहासिक लेखकों के विवरणों का उल्लेख करते हुए अपने दावे को सही ठहराने की कोशिश की। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा था कि मौजूदा भाजपा सरकार सुप्रीम कोर्ट के जजों को गवर्नर या राज्यसभा का सदस्य बना रही है। इससे लोगों के मन में शक पैदा होता है। अब आपने एक रिटायर्ड एयर चीफ को राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ बना दिया है, उनका इससे क्या लेना-देना है? मुझे हैरानी है कि क्या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पीछे कोई छिपा हुआ सच है, जिसकी वजह से उन्हें यहां सीईओ बनाया गया है।

एनएसई का शेयर मौजूदा नियमों के तहत अपने प्लेटफॉर्म पर नहीं हो सकता लिस्ट: बीएसई सीईओ

मुंबई। बीएसई के प्रबंध निदेशक और सीईओ सुंदररमन राममूर्ति ने कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का शेयर मौजूदा नियमों के तहत अपने प्लेटफॉर्म पर नहीं लिस्ट हो सकता है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई। सीएनबीसी-टीवी18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, रामामूर्ति ने कहा कि एनएसई ने पुष्टि की है कि वह सेल्फ-ट्रेडिंग की मंजूरी के लिए अपने ऑफर डॉक्यूमेंट में कोई अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल नहीं करने जा रहा है। रिपोर्ट में आगे कहा गया, “रामामूर्ति ने बताया कि बीएसई की कंप्लायंस टीम ने एनएसई से पता किया था कि क्या वे ऐसी इजाजत लेने और अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में कोई अतिरिक्त दस्तावेज फाइल करने की योजना बना रहे हैं।” इसमें आगे कहा गया, “उनके अनुसार, एनएसई ने जवाब दिया कि मीडिया रिपोर्टें अटकलों पर आधारित और बेबुनियाद थीं और वह इस मामले में कोई नया अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल नहीं करेगा।” राममूर्ति ने बताया कि बीएसई ने भी 2017 में अपने ही एक्सचेंज पर ट्रेड करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली थी। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय पर आया है, जब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बीएसई पर लिस्ट होने के बाद एनएसई अपने ही एक्सचेंज पर ट्रेड कर सकता है। इसके अलावा, हाल ही में शुरू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) पर रामामूर्ति ने कहा कि सीएएस सिस्टम के लिए लिक्विडिटी एक जरूरी चीज है। सीएएस में लिक्विडिटी की कमी के कारण भागीदारी कम रही है। इंडेक्स वॉल्यूम में गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर, रिपोर्ट से पता चलता है कि अगस्त में एनएसई का मंथली इक्विटी डेरिवेटिव्स टर्नओवर गिरकर 34.48 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो नवंबर 2023 के बाद सबसे कम है। जबकि अगस्त में बीएसई का टर्नओवर 32.2 लाख करोड़ रुपए रहा, जो जून 2025 के बाद सबसे कम है।

जैकी श्रॉफ ने प्यारेलाल और शक्ति कपूर को दी जन्मदिन की बधाई, सोशल मीडिया पर खास अंदाज में किया याद

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने दिग्गज संगीतकार प्यारेलाल और जाने-माने अभिनेता शक्ति कपूर को उनके जन्मदिन पर खास अंदाज में शुभकामनाएं दीं। जैकी ने सोशल मीडिया पर दोनों कलाकारों की तस्वीरें शेयर करते हुए उनके लिए बेहद प्यारा मैसेज लिखा। उन्होंने संगीतकार प्यारे लाल के लिए जहां सम्मान जताया, वहीं शक्ति कपूर के लिए खुशियों से भरी जिंदगी की कामना की। जैकी श्रॉफ ने सबसे पहले मशहूर संगीतकार प्यारे लाल को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने प्यारे लाल की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह वायलिन बजाते हुए नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर के साथ जैकी ने लता मंगेशकर और मुकेश की आवाज में फिल्म ‘शोर’ का मशहूर गाना ‘एक प्यार का नगमा है’ भी जोड़ा। यह गाना लक्ष्मीकांत-प्यारे लाल की जोड़ी के सबसे यादगार गानों में शामिल है। तस्वीर के साथ जैकी ने लिखा, ‘मेरे मन में प्यारेलाल के लिए हमेशा सम्मान रहेगा।” प्यारेलाल का जन्म 3 सितंबर 1940 को हुआ था। वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे मशहूर संगीतकारों में गिने जाते हैं। उनका नाम खास तौर पर लक्ष्मीकांत-प्यारे लाल की जोड़ी की वजह से जाना जाता है। प्यारे लाल ने लक्ष्मीकांत शांताराम कुदलकर के साथ मिलकर इस जोड़ी को बनाया था। दोनों ने लंबे समय तक साथ काम किया और हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक यादगार गाने दिए। लक्ष्मीकांत-प्यारे लाल की जोड़ी ने कई बड़ी फिल्मों के लिए संगीत दिया। ‘शोर’ का ‘एक प्यार का नगमा है’, ‘सरगम’ का ‘ढपली वाले ढपली बजा’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ का टाइटल सॉन्ग, ‘कर्ज’ का ‘ओम शांति ओम’ और ‘अमर अकबर एंथनी’ का ‘पर्दा है पर्दा’ आज भी लोगों की जुबान पर हैं। इसके अलावा ‘क्रांति’ का ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी’, ‘एक दूजे के लिए’ का ‘तेरे मेरे बीच में’, ‘राम लखन’ का ‘माय नेम इज लखन’ और ‘तेजाब’ का ‘सो गया ये जहां’ भी इस जोड़ी के बेहद लोकप्रिय गानों में शामिल हैं। प्यारे लाल के योगदान को देखते हुए उन्हें साल 2024 में देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया। संगीत की दुनिया में उनके लंबे योगदान को देखते हुए यह सम्मान उनके लिए बेहद खास रहा। इसके बाद जैकी श्रॉफ ने अभिनेता शक्ति कपूर को भी जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शक्ति कपूर की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह ब्लैक सूट में काफी स्टाइलिश नजर आ रहे हैं। जैकी ने तस्वीर के साथ लिखा, ‘आपकी जिंदगी में हमेशा खुशियां बनी रहें।’ शक्ति कपूर हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने चार दशक से ज्यादा समय तक फिल्मों में काम किया है। उनके करियर की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने एक ही तरह के किरदारों में खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने विलेन की भूमिका भी निभाई और कॉमेडी किरदारों से दर्शकों को खूब हंसाया। ‘अंदाज अपना अपना’, ‘राजा बाबू’, ‘कुली नंबर 1’ जैसी फिल्मों में शक्ति कपूर ने अपनी कॉमेडी से अलग पहचान बनाई। वहीं उनके निगेटिव किरदारों ने भी उन्हें खूब लोकप्रियता दिलाई।