यमन ने भारतीय जहाज ‘फैज नूरे ओलिया’ पर हुए हमले की निंदा की, बोला- ये अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन

अदन। यमन ने लाल सागर में भारतीय कार्गो जहाज एमएसवी फैज नूरे ओलिया पर हुए हूती हमले की कड़ी निंदा की है। यमन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि विस्फोटक से भरी नाव से किए गए इस हमले में जहाज पूरी तरह डूब गया। इसमें 13 भारतीयों समेत कुल 14 नाविक सवार थे और सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय और समुद्री नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया। सोशल मीडिया पोस्ट में यमन ने कहा, “इससे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नौवहन की सुरक्षा और व्यापार की स्वतंत्रता को सीधा खतरा पैदा हुआ है। यमन इस मुश्किल समय में भारत के साथ एकजुटता से खड़ा है और भारतीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। यमनी तटरक्षक बल और यमनी नौसेना द्वारा चलाए गए त्वरित बचाव अभियान में जहाज के सभी 14 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया। इनमें 13 भारतीय नागरिक थे। सभी को सुरक्षित मोचा बंदरगाह पहुंचाया गया।” विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला हूती विद्रोहियों के अपराधों की निरंतर श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें ये शहरों, हवाई अड्डों और ऑयल केंद्रों पर बमबारी करते हैं, निर्यात बाधित करते हैं और यमनी जनता को आय के स्रोतों से वंचित करने का काम करते हैं। हूती हमलों से लाल सागर, बाब-अल-मंदब स्ट्रेट और अदन की खाड़ी में बंदरगाहों और समुद्री नौवहन के लिए खतरा बढ़ गया है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक हितों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसके साथ ही यमन ने सऊदी अरब के समुद्री गठबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा, “सऊदी अरब के नेतृत्व में गठित बहुराष्ट्रीय रक्षात्मक समुद्री गठबंधन एक रणनीतिक पहल है जिसका महत्व समुद्री खतरों के बढ़ने के साथ और बढ़ गया है। यह गठबंधन अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति लाइनों को सुरक्षित करने और लाल सागर, बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य और अदन की खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रावधानों के अनुरूप है।” बता दें कि मंगलवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की थी। बयान जारी कर बताया था कि भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हूती विद्रोहियों ने हमला किया। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में लगातार वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके साथ ही मंत्रालय ने समय पर जरूरी मदद पहुंचाने के लिए यमन का धन्यवाद किया था। मालवाहक जहाज मंगलवार को यमन के पश्चिमी तट के पास लाल सागर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद डूब गया था। हूती विद्रोहियों ने विस्फोटकों से भरी एक नाव से हमले को अंजाम दिया था। सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (एनआरएफ) ने एक बयान में कहा कि तटरक्षक बल और नौसेना की इकाइयों ने संयुक्त अभियान चलाकर ‘फैजे नूरे ओलिया’ नामक जहाज के चालक दल को बचाया। यह जहाज हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले बंदरगाह शहर होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हमले का शिकार हुआ था।

भारत-ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट देश के लिए बड़ी उपलब्धि : गजेंद्र सिंह शेखावत

जोधपुर। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारत-ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के इंजीनियरिंग, हस्तशिल्प और चमड़ा उद्योग को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “इस एग्रीमेंट के तहत भारत से ब्रिटेन को भेजे जाने वाले 99 फीसदी सामान पर अब कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा। यानी जीरो टैरिफ पर वहां सामान जाएगा।” उन्होंने आंकड़ा देते हुए बताया, “इस समझौते के लागू होने के पहले ही दिन 140 मिलियन डॉलर के उत्पाद इसके प्रावधानों के तहत निर्यात किए गए। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह समझौता कितना अहम है।” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस समझौते में मोबिलिटी एग्रीमेंट भी शामिल है। इसके तहत दोनों देशों के बीच काम और व्यापार के लिए लोगों का आना-जाना आसान होगा। गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “जब दो देशों के बीच मोबिलिटी का समझौता होता है तो वर्क वीजा बहुत आसानी से मिलने लगते हैं। मेरा मानना है कि तकनीक के क्षेत्र में भारत से यूके जाने वाले लोगों की संख्या में इजाफा होगा। भारत की प्रतिभा अब दुनिया के दूसरे देशों में जाकर देश के लिए और बेहतर काम कर सकेगी।” वहीं दूसरी ओर राजस्थान में होने वाले पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों को लेकर गजेंद्र सिंह शेखावत ने भरोसा जताया कि भाजपा सभी जगह बड़ी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य की हर विधानसभा में विकास की नई लहर शुरू हुई है। भाजपा संगठन पूरी एकजुटता के साथ काम कर रहा है और इन दोनों चुनावों को हम पूरी गंभीरता से ले रहे हैं।” गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि राजस्थान की जनता पंचायती राज और स्थानीय निकाय दोनों चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत देकर आशीर्वाद देगी।

पीएम मोदी की 37 नए सांसदों से नाश्ते पर मुलाकात, बोले- ‘मिलकर करें काम, सदन की कार्यवाही में बढ़-चढ़कर लें हिस्सा’

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने आवास पर भारतीय जनता पार्टी के नए 37 सांसदों के लिए नाश्ते पर एक बैठक आयोजित की। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों को सदन में मौजूदगी बढ़ाने और सदन के कामकाज में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की सलाह दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मुलाकात करने वाले सांसदों में नितिन नवीन, सुष्मिता देव, राजेंद्र गुप्ता, राहुल सिंह, स्वाति मालीवाल, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी और अन्य शामिल थे। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों से कहा कि वे सदन में ज्यादा वक्त गुजारें। सभी से सीखें चाहे वह पक्ष के सदस्य हों या विपक्ष के सदस्य हों। पीएम मोदी ने सलाह दी कि सभी सांसद मिल-जुलकर कम करें। इससे पहले, मंगलवार को भाजपा नीत एनडीए की संसदीय दल की बैठक हुई। संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। भाजपा सांसद हेमंग जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “एनडीए संसदीय दल की मंगल मिलन बैठक कई नई बातों की जानकारी देने वाली रही।” वहीं, राज्यसभा सांसद माया नरोलिया ने पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में आयोजित एनडीए नेताओं के साथ ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम में सहभागिता की। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एनडीए राष्ट्रहित, सुशासन और जनसेवा के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है।” गठबंधन की पूरी एकजुटता दिखाने के मकसद से संसद सत्र के दौरान ये बैठकें पारंपरिक रूप से मंगलवार को आयोजित की जाती हैं। पिछली बैठक 28 जुलाई को हुई थी। तृणमूल से अलग हुए गुट यानी हाल ही में बनी ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) के सांसद भी गठबंधन की इस बैठक में शामिल हुए।

झारखंड छात्र आंदोलन को मिला इमरान खान का समर्थन, जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर उठाई आवाज

रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान का समर्थन मिला है। अभिनेता ने सोशल मीडिया के जरिए आंदोलन कर रहे छात्रों का मुद्दा उठाया और लोगों से उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। इमरान खान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर करते हुए सरकार और आम लोगों का ध्यान झारखंड के छात्रों के प्रदर्शन की ओर खींचा। इमरान खान ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ”झारखंड में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। चलो हम सब उन्हें इग्नोर कर दें, क्या गलत हो सकता है।” उनके इस पोस्ट को छात्रों के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी कुछ कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने छात्रों की मांगों को लेकर अपनी बात रखी है। दरअसल, झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में पिछले कई दिनों से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग है कि विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए और पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाली भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। इस आंदोलन को छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर शुरू किया है। आंदोलन के दौरान छात्रों ने कई कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें मशाल जुलूस और शांतिपूर्ण प्रदर्शन शामिल हैं। छात्रों के आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) समेत कुछ संगठनों ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। वहीं, देश के अलग-अलग राज्यों से भी छात्रों को सहयोग मिल रहा है। इस आंदोलन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार छात्रों की चिंताओं से अवगत है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मामले की जांच चल रही है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। वहीं, विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। विपक्षी नेताओं ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।

वित्त वर्ष 27 में महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान, छोटी अवधि में होगी बढ़ोतरी: आरबीआई

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को वित्त वर्ष 27 के लिए खुदरा महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जारी किया है। साथ ही कहा कि वैश्विक अस्थिरता के कारण छोटी अवधि में महंगाई दर में बढ़ोतरी हो सकती है। आरबीआई एमपीसी के फैसलों का ऐलान करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि लगातार 16 महीनों तक केंद्रीय बैंक के लक्ष्य 4 प्रतिशत से नीचे रहने के बाद खुदरा महंगाई दर जून में बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि पहली तिमाही में महंगाई दर आरबीआई के पहले के अनुमान से 30 आधार अंक कम रही, जिससे पता चलता है कि इनपुट लागत के दबाव का असर सीमित रहा। खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, कोर महंगाई (जिसमें खाने-पीने की चीजें और ईंधन शामिल नहीं हैं) मई और जून के दौरान 3.9 प्रतिशत पर स्थिर रही। कीमती धातुओं को छोड़कर, कोर महंगाई और भी कम, यानी 2.3-2.5 प्रतिशत रही, जिससे पता चलता है कि मांग-पक्ष से जुड़ी महंगाई का दबाव कम बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और इसे घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की लगातार गतिविधियों, अच्छे निवेश ट्रेंड और मजबूत निर्यात का सहारा मिल रहा है। गवर्नर ने कहा कि आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 5 प्रतिशत लगाया है, जिसमें दूसरी तिमाही महंगाई 4.7 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। वहीं, वित्त वर्ष 2028 की पहली तिमाही के लिए महंगाई का अनुमान 5.3 प्रतिशत है। मल्होत्रा ​​ने कहा कि महंगाई के अनुमान पर जोखिम अभी भी बने हुए हैं, जो बारिश पर अल-नीनो के असर, ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़े हैं।

राम मंदिर चढ़ावे की हो निष्पक्ष जांच, ई-20 पेट्रोल को लेकर विपक्ष ने किया प्रदर्शन, अमित शाह से सदन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को सपा, राजद, झामुमो और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव समेत सांसदों ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा में कथित गड़बड़ी, जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने, छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विपक्ष जनता की आस्था और आर्थिक हितों से जुड़े हर मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा से जुड़ा मामला लोगों की धार्मिक आस्था से संबंधित है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकार ने अब तक ऐसी स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि मौजूदा वाहन ई-20 या भविष्य में प्रस्तावित ई-30 और ई-40 ईंधन के उपयोग के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं। उन्होंने मांग की कि ऑटोमोबाइल कंपनियां इस संबंध में स्पष्ट प्रमाणन दें, अन्यथा लोगों पर ऐसे ईंधन के उपयोग का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य राम मंदिर चढ़ावा में कथित गड़बड़ी, जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने तथा अन्य महत्वपूर्ण जनसरोकार के मुद्दों को उठाना है। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और राम मंदिर चढ़ावा से जुड़े मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी चंपत राय पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि, उनके आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। पप्पू यादव ने भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर उन्हें पहले संसदीय प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि वह हिंसा में विश्वास नहीं करते और प्रयागराज की अदालत द्वारा भेजे गए नोटिस का विधिक प्रक्रिया के तहत जवाब देंगे। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद संजय यादव ने कहा कि राम मंदिर के लिए श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित गड़बड़ी का मामला अत्यंत गंभीर है। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार किसी धार्मिक उद्देश्य या भगवान के नाम पर एकत्रित धन का दुरुपयोग या चोरी बड़ा पाप माना जाता है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी ने झारखंड से जुड़े एक अन्य मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे ही कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आई, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे सुनिश्चित किए। उन्होंने कहा कि झारखंड सीआईडी लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियां कर रही है तथा सरकार मामले की गंभीरता से जांच करा रही है। महुआ माजी ने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में उपस्थित होकर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल जैसे आरोपों पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करें। उनके अनुसार, पूरे देश की निगाहें इस मुद्दे पर सरकार के जवाब का इंतजार कर रही हैं।

दिल्ली-एनसीआर में मौसम मेहरबान: हल्की से मध्यम बारिश के आसार, येलो अलर्ट जारी

नोएडा। दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों के लिए बुधवार का दिन मौसम के लिहाज से राहत भरा रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 5 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे दिन आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश के चलते पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी, हालांकि वातावरण में नमी बढ़ने के कारण उमस लोगों को परेशान कर सकती है। आईएमडी के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 5 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर 85 से 70 प्रतिशत के बीच रह सकता है। मौसम विभाग ने दिनभर आम तौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, सुबह के समय हल्की से मध्यम बारिश, पूर्वाह्न में भी हल्की से मध्यम बारिश, जबकि रात के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसी को देखते हुए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा, जिससे लोगों को तेज धूप और लू जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस महसूस होगी, जिससे लोगों को असहजता हो सकती है। आईएमडी के अनुसार, 6 अगस्त को भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहेगा। इस दिन अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पूरे दिन बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि इस दिन किसी प्रकार की मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। 7 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है। इस दिन भी कोई चेतावनी नहीं है। 8 अगस्त को अधिकतम तापमान 34 डिग्री तथा न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विभाग ने सामान्य रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। वहीं 9 अगस्त को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आर्द्रता 80 से 60 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। इस दिन हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। 10 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आर्द्रता 80 से 60 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दिन भी हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ आसमान में बादल छाए रहेंगे और किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान बताता है कि आने वाले कई दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में मानसून सक्रिय रहेगा। रुक-रुक कर होने वाली बारिश लोगों को भीषण गर्मी से राहत देगी, लेकिन बढ़ी हुई नमी के कारण उमस बनी रह सकती है।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा भारत, भुवनेश्वर के ब्रिक्स शिक्षा बैठक में लेगा हिस्सा

नई दिल्ली। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक बुधवार से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुरू हो रही है। यह बैठक 5 से 7 अगस्त तक चलेगी। इसमें 200 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिनमें शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। ईरान से भी एक प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में हिस्सा लेने भारत पहुंचा है। ईरान के विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कार्यवाहक मंत्री डॉ. मसूद शमश बख्श और प्रौद्योगिकी एवं नवाचार विभाग के उपमंत्री डॉ. मोहम्मद नबी शाहिकी ताश बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे। वे भुवनेश्वर में होने वाली बैठक में शामिल होंगे। इसकी जानकारी ईरानी दूतावास के आधिकारिक ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए दी गई। ईरान के दूतावास ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा कि दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान ईरानी प्रतिनिधि भारत के कई अग्रणी वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों का दौरा भी करेंगे। इस बैठक का आयोजन तीन दिन तक होगा, जिसमें 5 अगस्त को ब्रिक्स शिक्षा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हो रही है। 6 अगस्त को मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त चर्चा होगी और 7 अगस्त को 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की आधिकारिक बैठक होनी है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी भी शामिल होंगे। इस बैठक में सदस्य देशों के बीच शिक्षा सहयोग, नवाचार और कौशल विकास जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी। भारत ने इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान युवाओं की भागीदारी को सबसे ज्यादा महत्व दिया है। इसी सोच के साथ ‘मॉडल ब्रिक्स’ नाम की एक छात्र-केंद्रित पहल शुरू की गई है। यह पहल ब्रिक्स की मंत्रिस्तरीय बैठकों के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित की जाएगी। इसका मकसद युवा नागरिकों को ब्रिक्स की प्रक्रिया से जोड़ना है। साथ ही उन्हें कूटनीति, बहुपक्षीय सहयोग और सहमति बनाने के तरीके समझाने में मदद करना है। भुवनेश्वर में हो रही यह बैठक शिक्षा के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

फीफा प्रमुख इन्फेंटिनो ने मोरक्को में सीनियर स्टाफ संग बुलाई संकटकालीन बैठक

नई दिल्ली। फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो बुधवार को मोरक्को में एक संकटकालीन बैठक करेंगे। यह बैठक फीफा के कमर्शियल और इवेंट ऑपरेशन्स को बेचने की उनकी योजना की कड़ी आलोचना के बाद बुलाई गई है। इन्फेंटिनो को ‘फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज’ (एफएफई) बनाने की अपनी योजना वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह कंपनी फीफा के टूर्नामेंट्स के कमर्शियल और ऑपरेशनल पहलुओं को चलाने के लिए बनाई जानी थी। यूईएफए, कॉनकाकैफ, एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (एएफसी) और कई राष्ट्रीय संघों के साथ-साथ फीफा के अंदर से भी इस योजना का भारी विरोध हुआ था। ‘स्काई स्पोर्ट्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, इन्फेंटिनो ने फुटबॉल की विश्व शासी निकाय (गवर्निंग बॉडी) के सीनियर अधिकारियों को रबात में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए कहा है। फीफा के ग्लोबल फुटबॉल डेवलपमेंट प्रमुख आर्सेन वेंगर ने विवादित ‘फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज’ (एफएफई) प्रस्ताव को वापस लेने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को छोड़ना जरूरी और निर्विवाद था और उन्होंने एक स्वतंत्र और पारदर्शी विश्व शासी निकाय में अपना भरोसा फिर से जताया। एक बयान में वेंगर ने स्पष्ट किया कि इस रणनीतिक प्रस्ताव में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। इस प्रस्ताव का मकसद फीफा के प्रमुख कॉम्पिटिशन राइट्स (जैसे फीफा वर्ल्ड कप) को मैनेज करने के लिए एक कमर्शियल सब्सिडियरी बनाना था, इसके साथ ही निजी निवेशकों को इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति देना था। यूईएफए ने इस विवादित प्रस्ताव के जवाब में कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी थी, और फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ वेल्स ने फीफा अध्यक्ष के तौर पर इन्फेंटिनो के दोबारा चुने जाने की कोशिश के लिए अपना समर्थन आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है। इसके अलावा, एफए भी फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से समर्थन वापस लेने जा रहा है। वेल्स पहला फुटबॉल संघ बन गया है जिसने फीफा अध्यक्ष के तौर पर इन्फेंटिनो के दोबारा चुने जाने के लिए अपना समर्थन आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है। अगले साल मार्च में इन्फेंटिनो अध्यक्ष के तौर पर अपने आखिरी कार्यकाल के लिए दोबारा चुनाव लड़ने वाले हैं और उन्हें जीतने के लिए फीफा के 211 सदस्यों में से 106 वोटों की जरूरत होगी। फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ वेल्स (एफएडब्ल्यू) ने पुष्टि की है कि वह “2027-2031 कार्यकाल के लिए फीफा अध्यक्ष के तौर पर दोबारा चुनाव के लिए मिस्टर जियानी इन्फेंटिनो की उम्मीदवारी से अपना समर्थन वापस ले रहा है।

भारत बनाम श्रीलंका: नेट गेंदबाज के तौर पर टीम इंडिया से जुड़े हर्ष, तनुष, विपराज और शिवांग

कोलंबो। श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू हो रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों की मदद की खातिर हर्ष दुबे, तनुष कोटियन और विपराज निगम और कलाई के स्पिनर शिवांग कुमार को बतौर नेट गेंदबाज टीम से जोड़ा गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को एक आधिकारिक अपडेट में कहा, “हर्ष दुबे, शिवांग कुमार, तनुष कोटियन और विपराज निगम श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की तैयारी में टीम की मदद करने के लिए नेट गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम में शामिल हुए हैं।” यह जानकारी शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम के नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब (एनसीसी) ग्राउंड पर अपना पहला प्रैक्टिस सेशन शुरू करने के बाद दी गई। हालांकि, इन चारों खिलाड़ियों के मुख्य टीम या प्लेइंग इलेवन में शामिल होने की संभावना कम ही है, लेकिन यह अनुभव उनके लिए सीखने और आगे बढ़ने का एक बड़ा मौका है। घरेलू क्रिकेट में विदर्भ के लिए खेलने वाले बाएं हाथ के स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर दुबे ने इस साल की शुरुआत में अफगानिस्तान के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। वह अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट, इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मैच और जिम्बाब्वे में टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए भी टीम का हिस्सा थे। वहीं, मुंबई के ऑफ-स्पिनर कोटियन ने पिछले दो सीजन में घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। वह 2024/25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के लिए भी भारतीय टीम में रविचंद्रन अश्विन की जगह शामिल किए गए थे, जिन्होंने ब्रिस्बेन में तीसरे मैच के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। लेग-स्पिनर विपराज निगम जून में श्रीलंका में हुई 50 ओवर की ट्राई सीरीज के दौरान भारत ए टीम का हिस्सा रहे थे। वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से अपना दमखम दिखा चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले और आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलने वाले शिवांग, जून में न्यू चंडीगढ़ में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट से पहले भारतीय टीम के लिए नेट बॉलर थे। कोलंबो के एनसीसी में 7 से 9 अगस्त तक तीन दिन के प्रैक्टिस मैच में हिस्सा लेने के बाद, भारतीय टीम गॉल जाएगी, जहां 15 अगस्त से सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेला जाना है। इसके बाद, 23 से 27 अगस्त तक सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में दूसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा।