मेमोरी की बढ़ती लागत के चलते एप्पल ने भारत में आईफोन की कीमतों को 40 प्रतिशत तक बढ़ाया

नई दिल्ली। एप्पल ने भारत में अपने आईफोन लाइनअप की कीमतों में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। इसकी वजह मेमोरी की बढ़ती लागत है। वहीं, कंपनी ने अपने स्मार्टफोन की नई पीढ़ी लॉन्च करने के साथ ‘आईफोन डुओ’ के साथ फोल्डेबल सेगमेंट में भी प्रवेश किया है, जिसकी कीमत 2.99 लाख रुपए निर्धारित की गई है। एप्पल ने आईफोन 17 के 256जीबी वेरिएंट की कीमत को 82,900 रुपए से बढ़ाकर 99,900 रुपए कर दिया है, जो कीमत में 17,000 रुपए या 20.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं, 512जीबी वेरिएंट की कीमत 1,24,900 रुपए हो गई है, जो पहले 1,02,900 रुपए थी। इससे कीमत में 22,000 रुपए या 21.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपए है, जो आईफोन 17 प्रो की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। वहीं, आईफोन 18 प्रो मैक्स की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपए है, जो 20 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा, सबसे बड़ी बढ़ोतरी 1टीबी वाले आईफोन एयर की कीमत में हुई है। इसकी कीमत 40.6 प्रतिशत बढ़कर 2,24,900 रुपए हो गई है, जो पहले 1,59,900 रुपए थी। आईफोन एयर के 256जीबी और 512जीबी वेरिएंट भी 25 प्रतिशत महंगे हो गए हैं। इसके अलावा, आईफोन 17ई की शुरुआती कीमत अब 79,900 रुपए है, जो 23.1 प्रतिशत अधिक है। वहीं, 128जीबी वाले आईफोन 16 की कीमत 28.6 प्रतिशत बढ़कर 89,900 रुपए हो गई है। भारत में एप्पल के प्रो मॉडल्स की कीमतों में हुई बढ़ोतरी कई प्रमुख बाजारों की तुलना में काफी अधिक है। अमेरिका में आईफोन 18 प्रो और प्रो मैक्स की कीमतों में क्रमशः 9 प्रतिशत और 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, भारत में आईफोन की कीमतें 20–30 प्रतिशत बढ़ी हैं, जो 8–10 प्रतिशत के वैश्विक औसत से काफी अधिक है। उन्होंने कीमतों में इस बढ़ोतरी के लिए मेमोरी की लागत, रुपए की कमजोरी और घरेलू उत्पादन की बढ़ी हुई लागत को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि आईफोन डुओ पर 20 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लग सकता है, क्योंकि इसका स्थानीय स्तर पर असेंबल नहीं किया जाता है। साइबरमीडिया रिसर्च के इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के प्रमुख प्रभु राम ने कहा कि 2,99,900 रुपए की कीमत वाला आईफोन डुओ प्रो सीरीज से ऊपर एक अल्ट्रा-प्रीमियम श्रेणी स्थापित करता है। उनके अनुसार, निकट अवधि में यह बड़े पैमाने पर बिक्री बढ़ाने वाले उत्पाद के बजाय मुख्य रूप से ब्रांड की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले उत्पाद के रूप में काम कर सकता है। राम ने कहा कि फाइनेंसिंग विकल्प प्रो मैक्स यूजर्स को आकर्षित करने में मदद कर सकते हैं, जबकि निकट अवधि में आईफोन डुओ की शिपमेंट सीमित और सप्लाई की कमी से प्रभावित रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल फोल्डेबल स्मार्टफोन कुल स्मार्टफोन शिपमेंट का 1 प्रतिशत से भी कम हैं, लेकिन एप्पल के इस सेगमेंट में प्रवेश से इसके विकास को गति मिल सकती है।
पंजाब के युवा ड्रग्स से हो रहे बर्बाद, सरकार गंभीर नहीं: राम कृपाल यादव

पटना। बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने पंजाब में ड्रग्स की समस्या, बिहार की बाढ़ और पश्चिम बंगाल में बंगाली भाषी लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष पर निशाना साधा। राम कृपाल यादव ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब लंबे समय से नशे की समस्या से जूझ रहा है और राज्य के युवा इसका शिकार होकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। पंजाब के कई युवा कभी देश की सुरक्षा बलों में सेवा देने के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब ड्रग्स की गिरफ्त में आ रहे हैं। पंजाब की मौजूदा सरकार इस गंभीर समस्या को लेकर पर्याप्त गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है और जब कोई युवा ड्रग्स के मुद्दे पर सवाल उठाता है तो उस पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने इसी संदर्भ में गुलजार सिंह की आत्महत्या का जिक्र करते हुए पंजाब सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। बिहार में बाढ़ की स्थिति पर राम कृपाल यादव ने कहा कि राज्य के कई जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं। पटना, बेगूसराय समेत कई इलाकों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थिति पर चिंता जताते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दवाइयों, भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। मंत्री ने कहा कि पशुओं के लिए चारे और आश्रय की व्यवस्था सहित अन्य चीजों के लिए अधिकारियों को जरूरी राहत उपाय करने के निर्देश दिए हैं और पूरे हालात की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दवाइयों, भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। पशुओं के लिए चारे और आश्रय की व्यवस्था का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग अपने गांवों से बाहर निकलने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए सूखे राशन की व्यवस्था की जा रही है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा केंद्रीय मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र पर भी राम कृपाल यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस नेतापर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाली भाषा बोलने वाले लोगों को देश के किसी भी हिस्से में रहने और अपनी आजीविका चलाने का संवैधानिक अधिकार है। दरअसल अपने पत्र में अधीर रंजन चौधरी ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और अन्य राज्यों में बंगाली भाषी भारतीय कामगारों को ‘बांग्लादेशी’ बताकर मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई थी। साथ ही कहा था कि अगर राज्य बंगाली भाषा को ही खतरा मानता है, तो संसद में बंगाली को आठवीं अनुसूची से हटाने का प्रस्ताव लाया जाए।
गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से झटका, रिहाई की मांग वाली याचिका खारिज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी और गैंगस्टर अबू सलेम की रिहाई से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह फैसला सुनाया। अबू सलेम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिला की थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए सलेम की याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले, 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सलेम की याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया था। सलेम की ओर से दाखिल याचिका में दलील दी गई थी कि जब उसे पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था, तो भारत सरकार ने आश्वासन दिया था कि उसे किसी भी मामले में मौत की सजा नहीं दी जाएगी और उसे 25 साल से अधिक की सजा नहीं दी जाएगी। उसकी तरफ से कहा गया था कि सजा में मिलने वाली छूट को जोड़ने पर उसने 25 साल की सजा पूरी कर ली है, इसलिए उसे रिहा किया जाए। सलेम का मुख्य दावा यह था कि अगर मुकदमे के दौरान हिरासत , सजा के बाद की हिरासत और अच्छे व्यवहार के लिए जेल में मिली छूट को सही ढंग से एक साथ गिना जाए, तो उसने 31 मार्च 2025 तक 25 साल का समय पूरा कर लिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि उसकी याचिका समय से पहले दायर की गई है। उसकी 25 साल की अवधि 2030 में पूरी होगी। सलेम को 2002 में पुर्तगाल में गिरफ्तार किया गया था। प्रत्यर्पण की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सलेम को 2005 में भारत लाया गया। इसके बाद उस पर टाडा के दो मामलों में मुकदमा चला, जिसमें एक 1993 के बॉम्बे धमाकों से जुड़ा था और दूसरा एक अलग मामला था। उसे क्रमशः 25 फरवरी 2015 व 7 सितंबर 2017 के फैसलों में दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
बिहार : अरुण भारती ने की सीएम सम्राट से मुलाकात, मरीन ड्राइव के गोलंबर का नाम रामविलास के नाम पर रखने की मांग

पटना। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जमुई सांसद अरुण भारती ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर पटना स्थित मरीन ड्राइव (जेपी गंगा पथ) के एक गोलंबर का नामकरण पद्म भूषण रामविलास पासवान के नाम पर करने और वहां उनकी भव्य आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। बुधवार को हुई इस मुलाकात के दौरान बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक तथा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना भी मौजूद रहे। अरुण भारती ने मुख्यमंत्री के समक्ष इस मांग को भावनात्मक आग्रह के तौर पर रखा। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन गरीबों, दलितों, पिछड़ों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकार एवं सम्मान की लड़ाई में समर्पित किया। उन्होंने कहा कि पटना का मरीन ड्राइव बिहार की बदलती तस्वीर, आधुनिक विकास और नई पीढ़ी की आकांक्षाओं का प्रतीक बन चुका है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थल पर राम विलास पासवान की स्मृति को स्थायी रूप देना उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। बताया गया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को गंभीरता से सुना। पार्टी नेताओं ने उम्मीद जताई कि बिहार सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेगी। इससे पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी 31 अगस्त को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मरीन ड्राइव स्थित गोलंबर का नामकरण ‘पद्म भूषण श्रद्धेय रामविलास पासवान गोलंबर’ करने और वहां उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी। चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि रामविलास पासवान सामाजिक न्याय के पुरोधा और वंचितों एवं शोषितों की आवाज थे। उन्होंने करीब पांच दशकों तक सार्वजनिक जीवन में रहते हुए गरीबों, दलितों और पिछड़ों के अधिकार तथा सम्मान के लिए काम किया। वह 9 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा के सदस्य रहे तथा 6 प्रधानमंत्रियों के मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। पत्र में चिराग पासवान ने कहा था कि राष्ट्र के प्रति रामविलास पासवान की सेवाओं को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने प्रस्ताव पर कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को निर्देश देने, नोडल विभाग और पदाधिकारी नामित करने तथा प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने का भी अनुरोध किया था। पार्टी नेताओं का कहना है कि मरीन ड्राइव जैसे प्रमुख स्थल पर राम विलास पासवान की प्रतिमा और उनके नाम पर गोलंबर का नामकरण आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष और सामाजिक सरोकारों से परिचित कराने का माध्यम बनेगा।
पंजाब के पूर्व मंत्री चुन्नी लाल भगत के निधन पर नेताओं ने दुख जताया, शाम 5 बजे होगा अंतिम संस्कार

जालंधर। पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री चुन्नी लाल भगत का गुरुवार को निधन हो गया है। उनके निधन पर विभिन्न दलों के नेताओं ने दुख व्यक्त किया। पंजाब सरकार के मंत्री और चुन्नीलाल भगत के बेटे मोहिंदर भगत ने दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “बहुत दुखद खबर, मेरे पिता पूर्व कैबिनेट मंत्री चुन्नी लाल भगत अब हमारे बीच नहीं रहे हम उनके निधन से बहुत दुखी हैं। उनका जाना हमारे लिए एक ऐसी क्षति है जो कभी पूरी नहीं हो सकती। उनका अंतिम संस्कार 10 सितंबर को शाम 5:00 बजे है।” पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “पंजाब के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता चुन्नी लाल भगत के निधन से गहरा दुख हुआ है। पंजाब के लिए उनकी लंबी जनसेवा और योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके बेटे मोहिंदर भगत और शोक-संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। गुरु साहिब दिवंगत आत्मा को अनंत शांति प्रदान करें।” आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आम आदमी पार्टी के साथी एवं पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के पिता चुन्नी लाल भगत के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और मोहिंदर भगत सहित पूरे परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।” कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, “पंजाब की राजनीति के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री चुन्नी लाल भगत के निधन की दुखद खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है। उन्होंने अपने जीवनकाल में पंजाब के लोगों की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जाना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पंजाब की राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति है। दुख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।
ड्रग तस्करों के जहाज पर कार्रवाई से पहले होती है कानूनी समीक्षा, तस्करी के रास्ते बंद करना जरूरी : मार्को रुबियो

वॉशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका संदिग्ध मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े जहाजों पर कार्रवाई करता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हर ऐसे अभियान की पहले कानूनी समीक्षा की जाती है और क्षेत्रीय साझेदार देशों के साथ हुए समझौतों के तहत ही कार्रवाई की जाती है। बुधवार को इक्वाडोर की राजधानी क्विटो स्थित अमेरिकी दूतावास में पत्रकारों से बात करते हुए रुबियो ने कहा कि कार्रवाई का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि जहाज किस देश से जुड़ा है, वह कहां मौजूद है और उससे किस तरह का खतरा है। उन्होंने बताया कि हाल के कई अभियान साझेदार देशों के क्षेत्रीय जलक्षेत्रों में संयुक्त रूप से चलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह जहाज पर निर्भर करता है, उससे पैदा होने वाले खतरे पर निर्भर करता है और इस बात पर भी कि वह कहां स्थित है। अमेरिका जब किसी साझेदार देश के समुद्री क्षेत्र में काम करता है, तो उसे उस देश के कानूनों और प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। उन्होंने कहा, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन तस्करी मार्गों को बाधित किया जा रहा है। इन रास्तों को बंद किया जा रहा है।” रुबियो के अनुसार, हर लक्ष्य की कानूनी समीक्षा युद्ध विभाग में की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अभियान के संबंध में फैसला अलग-अलग परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाता है। रुबियो ने कहा कि ये संयुक्त अभियान उन एकतरफा कार्रवाइयों से अलग हैं जो पिछले साल की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्रों में की गई थीं। उनके मुताबिक, संयुक्त अभियानों में अमेरिका और उसके साझेदार देशों के बीच प्रक्रिया और नियमों पर सहमति होती है। जब एक पत्रकार ने दावा किया कि गैलापागोस द्वीपों के पास सीआईए के एक गुप्त कार्यक्रम के तहत तीन जहाजों को नष्ट किया गया था, तो रुबियो ने उस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल होने वाली नौकाओं के खिलाफ अपना अभियान कभी छिपाया नहीं है। उन्होंने कहा कि अब यह प्रयास क्षेत्र के देशों के सहयोग के साथ और व्यापक हो गया है। उन्होंने कहा, “हम यह काम एक साल से अधिक समय से कर रहे हैं। अब अंतर सिर्फ इतना है कि हम इसे क्षेत्र के देशों के साथ मिलकर, उनके समुद्री क्षेत्रों में, उनके सहयोग से कर रहे हैं।” जब उनसे मछुआरों को होने वाले खतरे के बारे में पूछा गया, तो रुबियो ने कहा कि इन अभियानों का निशाना मादक पदार्थों के तस्कर, तस्करी में इस्तेमाल होने वाली नौकाएं और अवैध मछली पकड़ने वाली गतिविधियां हैं। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य मछुआरों को निशाना बनाना नहीं है। हमारा लक्ष्य मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना है।
गणेशोत्सव से पहले पेन में बढ़ा कारोबार, 70 लाख मूर्तियां बिकीं, विदेशों में भी भारी मांग

रायगढ़। गणेशोत्सव को लेकर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पेन शहर में इस साल रिकॉर्ड कारोबार हुआ है। इस साल पेन में अब तक 70 लाख से ज्यादा गणेश मूर्तियां बिकी हैं, जिनमें से 15 से 20 लाख मूर्तियां विदेशों में भेजी गई हैं। कच्चे माल की लागत बढ़ने से कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद बाजार में मांग में कोई कमी नहीं देखी गई। पेन को गणपति मूर्तियों का गढ़ माना जाता है। यहां के कुम्हारों द्वारा बनाई गई मूर्तियां न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे विदेशों में भी भेजी जाती हैं। एक मूर्ति विक्रेता ने आईएएनएस को बताया, “यहां बनी मूर्तियां देश भर में भेजी जाती हैं और अमेरिका, दुबई और वेस्टइंडीज जैसी जगहों पर भी निर्यात की जाती हैं। निर्यात का काम जनवरी में शुरू होकर जून तक चलता है, जिसके बाद स्थानीय मांग पर ध्यान दिया जाता है।” विक्रेता के अनुसार, पेन में गणेश मूर्ति बनाने का व्यवसाय सैकड़ों साल पुराना है। यहां करीब 500 से ज्यादा कारखाने हैं जहां हजारों कारीगर साल भर मूर्तियां बनाने का काम करते हैं। इस साल खास बात यह रही कि कपड़े से बनी गणेश मूर्तियां लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रही हैं। डाइमंट वर्क वाली मुर्तियों की भी काफी मांग है। महिला कारीगर द्वारा ही कपड़े और स्टोन का काम किया जाता है। जैसे-जैसे गणेश चतुर्थी नजदीक आ रही है, मूर्तियों की मांग बढ़ती ही जा रही है। एक अन्य विक्रेता ने कहा कि अब मूर्तियों की मांग इतना ज्यादा बढ़ गई है कि हमें उसे पूरा भी नहीं कर पा रहे हैं। हमारे पास जितनी मुर्तियां तैयार की गई थी उसमें से 90 प्रतिशत पहले ही बिक चुकी है और अब 10 प्रतिशत ही बचा हुआ है। उन्होंने बताया कि विदेशों में हमारी कपड़े और डायमंड वाली मुर्तियों की ही अधिक मांग है। वो लोग उसके लिए अच्छी-खासी कीमत भी देने को तैयार रहते हैं। इसके अलावा, तमिल नाडू, केरल, कर्नाटक जैसे जिलों में भी हमारी गणेश की मुर्तियों की काफी मांग है। महाराष्ट्र के नंदुरबार में गणेश जी की एक लाख से ज्यादा मूर्तियां तैयार हैं। यहां गणेश जी की मूर्तियों की लगभग 22 से 24 दुकानें हैं। मूर्ति खरीदने आए एक व्यक्ति ने बताया कि यहां काफी बढ़ी मूर्तियां बनती हैं इसलिए यहां से ही हम गणेश जी की मूर्ति लेकर जाते हैं। वहीं, गुजरात के साबरकांठा के कुकड़िया गांव की ग्रामीण महिलाएं प्राकृतिक मिट्टी और रंगों का इस्तेमाल करके इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां बना रही हैं, जिससे पर्यावरण की सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।
सीबीआई को मिली बड़ी सफलता, 13 साल से फरार आरोपी हरनेक सिंह का अमेरिका से कराया प्रत्यर्पण

नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लंबे समय से फरार आरोपी हरनेक सिंह को अमेरिका से सफलतापूर्वक भारत वापस लाने में कामयाबी हासिल की है। वह 2013 से जांच और मुकदमे से बच रहा था। सीबीआई ने गुरुवार को जानकारी दी कि आरोपी हरनेक सिंह के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस और लुक-आउट सर्कुलर जारी थे। उसे अमेरिका से डिपोर्ट किया गया। बुधवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचने पर सीबीआई अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने बताया कि उसे जल्द ही हरियाणा के पंचकूला में स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने 2016 में आईपीसी के तहत साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और नकली दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल करने और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपराधों के लिए मामला दर्ज किया था। जांच से पता चला कि 2013 के दौरान, सिंगापुर में रहने वाले या काम करने वाले भारतीय नागरिकों से ठगों ने फर्जी फोन कॉल के जरिए संपर्क किया था। ये आरोपी सिंगापुर इमिग्रेशन अधिकारियों के तौर पर बात करते थे। सीबीआई के अनुसार, आरोपियों की तरफ से पीड़ित लोगों को गलत जानकारी दी गई थी। आरोपियों ने उनसे कहा था कि उन्होंने एयरपोर्ट पर अपने डिसएम्बार्केशन फॉर्म में गलत जानकारी भरी है। उन पर आपराधिक मुकदमा चल सकता है और उन्हें डिपोर्ट किया जा सकता है। इसके बाद आरोपियों की ओर से लोगों को वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के जरिए भारत में तय प्राप्तकर्ताओं को कथित सेटलमेंट फीस या जुर्माना भरने के लिए कहा गया। जांच में यह बात सामने आई कि धोखाधड़ी से हासिल की गई रकम हरनेक सिंह की ओर से चलाए जा रहे मनी-ट्रांसफर आउटलेट के जरिए मिली थी। इस काम में उसके साथ सह-आरोपी आदित्य भारद्वाज और दीपक जैन भी शामिल थे। आरोपी हरनेक सिंह मई 2013 में भारत से भाग गया और बाद में गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका चला गया, जहां वह एक दशक से अधिक समय तक फरार रहा। जब हरनेक सिंह फरार चल रहा था, तब सह-आरोपी आदित्य भारद्वाज और दीपक जैन के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई उक्त अदालत में पूरी हुई और दोनों को 26 मई 2025 को दोषी ठहराया गया। हालांकि, समन और वारंट के बावजूद हरनेक सिंह ट्रायल कोर्ट के सामने पेश नहीं हुआ। नतीजतन, पंचकूला में सीबीआई के स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने 22 अप्रैल 2024 को उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इसके बाद सीबीआई ने इंटरपोल के जरिए इस मामले को आगे बढ़ाया, जिसके नतीजे में आरोपी के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी हुआ और उसके पासपोर्ट के लिए लुक-आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था।
राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा ने 7 और बागी नेताओं को छह वर्ष के लिए पार्टी से निकाला, कुल संख्या 48 हुई

जयपुर। राजस्थान निकाय चुनावों में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के खिलाफ भाजपा ने बड़ी कार्रवाई की है। भाजपा की ओर से 7 और बागी प्रत्याशियों को पार्टी से निकाल दिया गया है। इन नेताओं को छह वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटा दिया गया है। भाजपा की ओर से ताजा कार्रवाई में अजमेर नगर निगम के पांच बागी और जैतारण व मुंडवा नगर पालिकाओं के एक-एक बागी नेता शामिल हैं। इससे पहले भाजपा ने 7 सितंबर को 41 नेताओं को पार्टी से निकाला था, जिससे अब तक निकाले गए नेताओं की कुल संख्या 48 हो गई है। भाजपा के प्रदेश महासचिव श्रवण सिंह बगड़ी की ओर से निष्कासन का आदेश जारी करते हुए कहा गया कि ये नेता पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। पार्टी ने इस कदम को अनुशासनहीनता करार दिया और कहा कि यह कार्रवाई प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देशों पर की गई है। अजमेर नगर निगम से अरुण शर्मा (वार्ड 38), नीतू मिश्रा (वार्ड 41), सीमा गोस्वामी (वार्ड 52), रूबी जैन (वार्ड 74), और धर्मेंद्र सिंह चौहान ‘पंचम’ (वार्ड 75) को छह साल के लिए निष्कासित किया गया है। निष्कासित किए गए कई नेताओं ने पहले पार्टी या चुने हुए पदों पर काम किया है। सीमा गोस्वामी अजमेर शहर महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष हैं, जबकि अरुण शर्मा पूर्व मंडल अध्यक्ष हैं। जैतारण नगरपालिका के वार्ड 17 से चुनाव लड़ रहे पूर्व पार्षद राकेश सोलंकी को भी पार्टी से निकाल दिया गया है। भाजपा ने किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण मुंडेल के खिलाफ भी कार्रवाई की है; वे नागौर जिले की मुंडवा नगरपालिका के वार्ड 8 से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा का कहना है कि पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ना, बागी उम्मीदवार का समर्थन करना या पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ काम करना संगठन-विरोधी गतिविधि और घोर अनुशासनहीनता है। इस ताजा कार्रवाई से पहले, भाजपा ने 41 पदाधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को छह साल के लिए अपनी प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया था। पिछली सूची में सबसे ज्यादा निष्कासन जयपुर से हुए थे, जहां 26 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी से हटाया गया था। लगातार निष्कासन आदेश को पार्टी नेतृत्व की उस कोशिश के तहत देखा जा सकता है कि भाजपा राजस्थान निकाय चुनावों के दौरान अनुशासन बनाए रखना चाहती है।
‘तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और मां तारा के दर्शन के लिए की गई विशेष व्यवस्था’, सीएम सुवेंदु ने कौशिकी अमावस्या की दी बधाई

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित प्रसिद्ध तारापीठ मंदिर में कौशिकी अमावस्या का पर्व मुख्य रूप से मनाए जाने को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से एक वीडियो संदेश जारी किया गया, जिसको बंगाल भाजपा के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर साझा किया गया है। सीएम सुवेंदु की ओर से कहा गया, “पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से मैं मां तारा के सभी भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं। इस बार मैं पवित्र कौशिकी अमावस्या के अवसर पर तारापीठ में हुई तैयारी बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल हुआ।” उन्होंने आगे कहा, “प्रशासन के अधिकारियों, चुने हुए प्रतिनिधियों और सभी संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। इस बार भक्तों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और मां तारा के निर्बाध दर्शन सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें वॉच टावर और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, अतिरिक्त बस और ट्रेन की व्यवस्था, पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं, आग से सुरक्षा के उपाय और प्राथमिक चिकित्सा के लिए स्वास्थ्य शिविर शामिल हैं।” बता दें कि इस वर्ष कौशिकी अमावस्या का पर्व 10 सितंबर से 11 सितंबर के बीच है। माना जाता है कि इस दिन मां तारा देवी प्रकट हुई थीं। कौशिकी अमावस्या की रात्रि को शक्ति और तंत्र साधना के लिए खास महत्व माना जाता है। माना जाता है कि इस रात्र को मां तारा की आराधना करने से विशेष आध्यात्मिक उर्जा की प्राप्ति होती है। मंदिर के पास स्थित तारापीठ महाश्मशान में इस पूरी रात विशेष तांत्रिक और गुप्त पूजाएं की जाती हैं। मान्यता है कि इस रात मां तारा ने दुष्टों का नाश करने के लिए विशेष शक्ति रूप धारण किया था। कौशिकी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर तारापीठ मंदिर में मां तारा के दर्शन कर विशेष पूजा करते हैं। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने से गर्भ गृह में प्रवेश और प्रतिमा को स्पर्श करने पर रोक लगाई जाती है। श्रद्धालुओं को दूर से ही मां तारा के दर्शन होते हैं। 10 सितंबर को सुबह 10:33 बजे से अगले दिन 8:56 बजे तक कौशिक अमावस्या रहेगी। मां तारा और मां काली की पूजा 10 सितंबर की रात्रि को की जाएगी।