अमेरिकी सेना ने कैरेबियाई सागर में ड्रग तस्करों के जहाज को उड़ाया, तीन की मौत

वाश‍िंगटन। अमेरिकी साउथ कमांड (साउथकॉम) के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फियर ने कैरेबियाई क्षेत्र में ड्रग तस्करी के ख‍िलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाद द‍िया। मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना पर टास्‍क फोर्स एक तेज रफ्तार जहाज पर सैन्‍य कार्रवाई की। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी साउथकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में घटना की जानकारी साझा की। साउथकॉम ने पोस्‍ट ल‍िखा, ”अमेरिकी दक्षिणी कमान (साउथकॉम) के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फेयर ने कैरेबियाई क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एक तेज रफ्तार जहाज (गो-फास्ट वेसल) के खिलाफ घातक सैन्य कार्रवाई की।” साउथकॉम ने बताया क‍ि अधिकृत खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई थी कि यह जहाज सक्रिय रूप से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था। इस अभियान के दौरान तीन ऐसे लोगों की मौत हुई जिन्हें अमेरिकी पक्ष ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आतंकवादी (नार्को-टेररिस्ट) बताया है। इससे पहले अमेरिकी साउथ कमांड के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फियर ने मंगलवार को भी पूर्वी प्रशांत महासागर में सैन्‍य कार्रवाई की थी। ड्रग तस्करी के ख‍िलाफ कार्रवाई करते हुए नार्को-आतंकी संगठन लॉस चोनेरोस के लिए काम कर रहे एक तैरते आपूर्ति स्टेशन जहाज को नष्‍ट कर द‍िया था। यूएस साउथकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में बताया क‍ि 7 सितंबर को यूएस साउदर्न कमांड के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फियर (जेटीएफ-डब्‍ल्‍यूएचईएम) की टीम ने पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र के रास्ते होने वाली अवैध ड्रग तस्करी गतिविधियों का समर्थन कर रहे एक तैरते हुए आपूर्ति स्टेशन जहाज को सफलतापूर्वक रोक लिया। बयान के अनुसार, खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई थी कि यह जहाज हिंसक नार्को-आतंकी संगठन लॉस चोनेरोस के लिए काम कर रहा था। जहाज पर मौजूद लोगों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें इक्वाडोर के अधिकारियों को सौंपा जाएगा। जहाज की पूरी जांच करने और चालक दल को सुरक्षित उतारने के बाद अमेरिकी बलों ने उस जहाज को समुद्र में डुबो दिया।

रूस और यूक्रेन के बीच जल्‍द हो सकती है द्विपक्षीय बैठक, युद्ध खत्म करना चाहते हैं पुत‍िन : ट्रंप

वॉशिंगटन। रूस-यूक्रेन युद्ध को अमेरिकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत द‍िया क‍ि दोनों देशों के नेताओं के बीच एक और द्विपक्षीय बैठक जल्‍द हो सकती है। ट्रंप के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करना चाहते हैं। सीक्यू की ओर से जारी बातचीत के अनुसार, ट्रंप ने यह बात बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को डलास की यात्रा के लिए एयर फोर्स वन में सवार होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कही। पुतिन के साथ हुई हालिया वार्ता के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, “हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई।” वह समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने कहा क‍ि अगर जेलेंस्की भी समझौता करना चाहते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात होगी। जब उनसे पूछा गया कि समझौता होने में क्या बाधा आ रही है, तो ट्रंप ने इसका कारण रूसी और यूक्रेनी नेताओं के बीच खराब संबंध हैं। ट्रंप ने कहा, “मेरे हिसाब से सबसे बड़ी वजह यही है कि दो ऐसे लोग हैं जो एक-दूसरे से नफरत करते हैं।” हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि उनकी पुतिन के साथ बातचीत कब हुई थी। उन्होंने नहीं बताया कि यह बातचीत कितनी देर चली या दोनों नेताओं के बीच किन प्रस्तावों पर चर्चा हुई। जब उनसे पूछा गया कि ऐसा क्या बदला है जिससे उन्हें अब प्रगति की उम्मीद दिखाई दे रही है, तो ट्रंप ने लोगों से बातचीत करने और समझौते कराने के अपने अनुभव का हवाला दिया। उन्होंने कहा क‍ि मुझे ऐसा इसलिए लगता है क्योंकि मैं लोगों से बात करता हूं। मैंने अपनी पूरी जिंदगी यही किया है, लोगों से बात करना। मैं समझौतों के बारे में जानता हूं, और ये दोनों लोग अब लड़ते-लड़ते थक चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि पुतिन के साथ एक और द्विपक्षीय बैठक संभव है। हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई संभावित तारीख या स्थान नहीं बताया। ट्रंप ने कहा कि युद्ध में लगातार हो रही लोगों की मौतें समझौते की जरूरत को और बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा क‍ि इस युद्ध में बहुत ज्यादा लोग मारे जा रहे हैं। पिछले महीने 25,000 लोगों की मौत हुई।

चेन्नई में 19 सितंबर को ऑटो चालकों का प्रदर्शन, किराया बढ़ाने की मांग तेज

चेन्नई। तमिलनाडु में ऑटो-रिक्शा ट्रेड यूनियनों ने 19 सितंबर को चेन्नई में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है, जिससे विजय सरकार पर 13 वर्षों से अपरिवर्तित किराये में संशोधन करने का दबाव तेज हो गया है। ऑटो-रिक्शा ट्रेड यूनियनों के महासंघ ने कहा कि चालक एगमोर के राजारथिनम स्टेडियम के पास इकट्ठा होंगे और मीटर के किराये में संशोधन पर तत्काल सरकारी आदेश की मांग करेंगे। यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्यभर में लगभग पांच लाख ड्राइवर ईंधन, रखरखाव और बीमा की बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं। विजय सरकार के मई में सत्ता संभालने के बाद से परिवहन विभाग के साथ तीन दौर के परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है। 27 अगस्त को हुई नवीनतम बैठक में यूनियनों ने एक किराया चार्ट प्रस्तुत किया जिसमें पहले 1.5 किलोमीटर के लिए न्यूनतम 60 से 70 रुपए और प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 25 से 30 रुपए का शुल्क प्रस्तावित किया गया था। यूनियन नेताओं ने बताया कि परामर्श में भाग लेने वाले यात्री प्रतिनिधियों ने इस मांग का समर्थन किया। फेडरेशन ने अब अपनी मांग को समेकित करते हुए पहले 1.5 किलोमीटर के लिए 60 रुपए और उसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 30 रुपए के साथ ही अलग से प्रतीक्षा शुल्क और रात्रि शुल्क की मांग रखी है। फेडरेशन ने कहा कि बार-बार की गई चर्चाओं के बावजूद कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। ड्राइवरों को उम्मीद थी कि विधानसभा में परिवहन विभाग की अनुदान मांग पर बहस के दौरान इस पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, परिवहन मंत्री ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने कहा कि जल्द ही घोषणा की जाएगी, जिससे यूनियनें निराश हो गईं। सरकार की एक समिति ने इससे पहले 2024 में 40 रुपये का आधार किराया और प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 18 रुपये का शुल्क लगाने की सिफारिश की थी। वह प्रस्ताव लंबित रहा। परामर्श के बाद, अधिकारियों द्वारा 50 रुपये का आधार किराया और प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 22 से 25 रुपए का शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही जा रही है। यूनियनों ने कहा कि अंतिम निर्णय राज्य गृह (परिवहन) विभाग को लेना चाहिए। 2013 में किए गए अंतिम संशोधन में न्यूनतम किराया पहले 1.8 किलोमीटर के लिए 25 रुपए और उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 12 रुपए निर्धारित किया गया था। यूनियनों का तर्क है कि ये दरें वर्तमान परिचालन खर्चों से बहुत कम मेल खाती हैं और मीटर आधारित सेवाओं को अव्यवहारिक बना दिया है। इस बीच, यात्रियों ने शिकायत की है कि ऐप आधारित एग्रीगेटर अतिरिक्त मूल्य निर्धारण लागू करते हैं, जबकि कुछ ड्राइवर प्रदर्शित अनुमानों से अधिक राशि की मांग करते हैं। परिवहन कार्यकर्ताओं ने लागू करने योग्य किराया संरचना, एग्रीगेटरों के सख्त नियमन और शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों ने कहा कि संशोधन समिति की सिफारिशों पर आधारित होगा, लेकिन यूनियनों का कहना है कि केवल समयबद्ध आदेश ही आंदोलन को रोक सकता है।

‘डबल डेट’ शो में दिव्येंदु शर्मा ने नाम की स्पेलिंग बदलने और सोशल मीडिया अकाउंट्स के बारे ने खोले राज

मुंबई। अभिनेता दिव्येंदु शर्मा हाल ही में नेहा धूपिया और अंगद बेबी के शो ‘डबल डेट’ में गए थे। इस शो में उन्होंने अपने नाम की स्पेलिंग बदलने की वजह और एनर्जी को बैलेंस करने में अपने विश्वास के बारे में भी बताया। शो में बातचीत के दौरान अभिनेता दिव्येंदु शर्मा ने खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने अपना नाम बदलने का फैसला क्यों किया और वे अपने आसपास की एनर्जी के साथ तालमेल बिठाने में कितना यकीन रखते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे पता चला कि ये मेरा नाम है और और मुझे एनर्जी के साथ तालमेल में रहना है। तो अगर कोई चीज मुझे एनर्जी के साथ तालमेल में लाएगी, तो मैं उसकी बात मानूंगा।” दिव्येंदु शर्मा से अभिनेत्री नेहा धूपिया ने पूछा कि सोशल मीडिया और ईमेल आईडी पर अपने नाम की स्पेलिंग क्यों बदली? दिव्येंदु शर्मा ने बताया कि जब वे फिल्म ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ की शूटिंग कर रहे थे, तब अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने उनका इंटाग्राम अकाउंट बनाया था। उन्होंने यह भी कहा कि इससे प्यार का पंचनामा और चश्मे बद्दूर के दौरान वह सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं थे और न ही कोई इंस्टाग्राम आईडी थी। एक्टर ने अपने ट्विटर अकाउंट के बारे में एक मजेदार किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि मेरा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स अनुपम खेर ने बनाया था। हमने साथ में फिल्म ’21 तोपों की सलामी’ शूट की थी। उसी दौरान उन्होंने मेरा अकाउंट बनाया था।” दिव्येंदु शर्मा की बात करें तो उन्होंने फिल्म ‘मिर्जापुर द मूवी’ में ‘मुन्ना भैया’ के अपने आइकॉनिक किरदार से दमदार वापसी की है, जिसे 4 सितंबर में सिनेमाघरों में रिलीज किया गया है। फिल्म की कहानी मिर्जापुर की गद्दी, सत्ता और बदले के पुराने समीकरणों के साथ-साथ एक नए अध्याय को बड़े पर्दे पर पेश करती है। इसमें मुन्ना भैया का पुराना पागलपन और स्वैग देखने को मिल रहा है। फिल्म को दर्शकों की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

सर्दी-जुकाम जैसा दिखने वाला आरएसवी वायरस बच्चों के लिए खतरनाक, डब्ल्यूएचओ ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली। सर्दी-जुकाम जैसा दिखने वाला आरएसवी (रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस) सिर्फ एक सामान्य मौसमी वायरस नहीं है। यह दुनियाभर में छोटे बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है। हर साल आरएसवी की वजह से 36 लाख से ज्यादा बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है और करीब 1 लाख छोटे बच्चों की जान चली जाती है। इसलिए इसके बारे में सही जानकारी होना और समय पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आरएसवी एक बहुत संक्रामक वायरस है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है। संक्रमित सतह को छूने और फिर आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण हो सकता है। यही वजह है कि घर, स्कूल, डे-केयर और भीड़भाड़ वाली जगहों पर छोटे बच्चों को इससे बचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि आरएसवी किसी भी उम्र के व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, लेकिन छोटे बच्चों, खासकर छह महीने से कम उम्र के शिशुओं में इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। समय से पहले जन्मे बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले बच्चों में भी गंभीर बीमारी का खतरा अधिक हो सकता है। कई बार शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही दिखाई देते हैं, इसलिए माता-पिता के लिए इन्हें पहचानना जरूरी है। बच्चे को नाक बहना, खांसी, छींक या हल्का बुखार हो सकता है, लेकिन अगर बच्चा सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहा है। ठीक से दूध या खाना नहीं ले पा रहा है। बहुत ज्यादा सुस्त है या उसके होंठ और नाखून नीले पड़ रहे हैं तो इसे गंभीर संकेत मानना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। आरएसवी से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी सावधानियां काफी मददगार हो सकती हैं। बच्चे को छूने से पहले और बाद में हाथ अच्छी तरह धोएं, बीमार लोगों से शिशु को दूर रखें और घर में बार-बार छुई जाने वाली सतहों को साफ करते रहें। बच्चे के आसपास धूम्रपान बिल्कुल न करें, क्योंकि धुएं के संपर्क से सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए डॉक्टर से उपलब्ध आरएसवी वैक्सीन या शिशु के लिए आरएसवी एंटीबॉडी जैसे बचाव के विकल्पों के बारे में जानकारी ली जा सकती है। कौन-सा विकल्प उपयुक्त है, यह मां और बच्चे की स्थिति के आधार पर डॉक्टर तय कर सकते हैं।

सर्वांगासन-हलासन के बाद क्यों जरूरी है मत्स्यासन, जानिए काउंटर पोज का महत्व

नई दिल्ली। योग में हर आसन का अपना महत्व होता है, लेकिन इसका लाभ तभी मिलता है जब आसन को सही क्रम और संतुलन के साथ किया जाए। सर्वांगासन और हलासन योग के महत्वपूर्ण आसनों में गिना जाता है, लेकिन इन दोनों आसनों को करने के बाद शरीर में दबाव पड़ता है। इसी को ठीक करने के लिए मत्सासन को करना आवश्यक काउंटर-पोज यानी विपरीत आसन माना गया है। हम आपको बताएंगे कि सर्वांगासन और हलासन के तुरंत बाद मत्स्यासन काउंटर-पोज (विपरीत आसन) करना आवश्यक क्यों होता है। आयुष मंत्रालय और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के दिशानिर्देशों के अनुसार, सर्वांगासन और हलासन के प्रभाव को संतुलित करने के लिए बाद में मत्सासन करना बेहद जरूरी और अनिवार्य माना गया है। जब कोई भी साधक सर्वांगासन और हलासन का अभ्यास करता है, तो शारीरिक बदलाव आते हैं, जिन्हें सामान्य स्थिति में लाने के लिए मत्स्यायन एक पूरक आसन के रूप में काम करता है। सर्वांगासन और हलासन दोनों ही ‘इनवर्जन’ (उल्टे होने वाले) आसन हैं, जिनमें छाती आगे की तरफ झुकती है और ठुड्डी पूरी तरह से छाती से चिपक जाती है। मत्स्यायन में जब सिर के ऊपरी हिस्से को जमीन पर टिकाकर रीढ़ और गर्दन को पीछे मोड़ा जाता है, तो यह जालंधर बंध के दबाव को तुरंत संतुलित कर देता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, हलासन और सर्वांगासन के दौरान रीढ़ की हड्डी और गर्दन की पीछे की मांसपेशियों पर गहरा और तीव्र खिंचाव आता है। इससे गर्दन और पीठ के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियां अत्यधिक तनी हुई स्थिति में आ जाती हैं। मत्स्यासन रीढ़ को विपरीत दिशा में (पीछे की ओर) मोड़कर एक बेहतरीन काउंटर-स्ट्रेच देता है। इससे गर्दन, कंधों और रीढ़ की हड्डी की अकड़न व तनाव दूर होता है और मांसपेशियों का संतुलन वापस सामान्य हो जाता है। इन दोनों आसनों में गर्दन और गले पर गहरा दबाव पड़ता है, जिससे शरीर में जकड़न आ सकती है। इसी जकड़न को खोलने और शरीर में संतुलन बनाए रखने के लिए मत्स्यासन को आवश्यक काउंटर-पोज यानी विपरीत आसन माना गया है। योग विज्ञान का नियम है कि यदि शरीर को एक दिशा में गहराई से मोड़ा गया है, तो उसे सुरक्षित रखने के लिए विपरीत दिशा में मोड़ना (काउंटर -पोज) जरूरी है। सर्वांगासन और हलासन ‘फॉरवर्ड बेंडिंग’ (गर्दन के लिए) हैं, तो मत्स्यासन उनका सटीक ‘बैकवर्ड बेंडिंग’ इलाज है जो रीढ़ व गर्दन को चोटिल होने से बचाता है। हालांकि, इन तीनों आसनों को करने से पहले किसी विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें और गंभीर बीमारी, हालिया सर्जरी, प्रेग्नेंट महिलाएं वाले व्यक्ति आसनों को करने से बचें।

ट्रंप का बड़ा चुनावी वादा, रिपब्लिकन सत्ता में लौटे तो हर वयस्क अमेरिकी को मिलेंगे 5,000 डॉलर

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी मध्यावधि चुनाव से पहले अपने देशवासियों से बड़ा चुनावी वादा किया है। उन्होंने कहा है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों पर अपना नियंत्रण बरकरार रखती है, तो हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर का भुगतान किया जाएगा। ट्रंप ने इसे ‘ट्रंप डिविडेंड’ नाम दिया है। ट्रंप ने बुधवार को डलास में रिपब्लिकन पार्टी के मध्यावधि सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा, “अमेरिका की आर्थिक ताकत और सफलता को देखते हुए वह प्रत्येक वयस्क नागरिक को 5,000 डॉलर का डिविडेंड जारी करेंगे, बशर्ते नवंबर के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में अपना नियंत्रण बनाए रखे। ट्रंप ने भुगतान की एक शर्त भी बताई। उन्होंने कहा, “इस रकम को अमेरिका के भीतर ही खर्च करना होगा। यानी लाभार्थी इस पैसे को देश के बाहर खर्च नहीं कर सकेंगे। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि योजना को किस तरह लागू किया जाएगा और इसके लिए पैसा कहां से आएगा।” अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस भुगतान की तुलना किसी सफल कंपनी द्वारा अपने शेयरधारकों को दिए जाने वाले लाभांश से की। उन्होंने कहा कि अगर रिपब्लिकन जीतते हैं तो जनता भी उनके साथ जीतेगी और उसे 5,000 डॉलर मिलेंगे। हाउस और सीनेट पर कब्जा बनाए रखने के लिए रिपब्लिकन कैंपेन के केंद्र में ट्रंप खुद को देखना चाहते हैं। राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने वोटरों से कहा कि वे इस मुकाबले को ऐसे देखें जैसे वे खुद चुनाव लड़ रहे हों। ट्रंप ने कहा, “जब मैं मैदान में होता हूं, तो रिपब्लिकन हमेशा बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हैं। हमने तीन बार राष्ट्रपति पद जीता है।” उन्होंने कहा, “मैं आपसे गुजारिश करता हूं कि आप ऐसा सोचें कि मैं ही चुनाव लड़ रहा हूं… बस एक बार और। क्योंकि अगर हम हार गए, तो आप अपनी सीमा खो देंगे, टैक्स में कटौती का फायदा खो देंगे, अपनी सुरक्षा और हिफाजत खो देंगे। ” वोटिंग से पहले के आखिरी हफ्तों में जोरदार कैंपेन शेड्यूल का वादा करते हुए, ट्रंप ने कहा कि वे उन राज्यों का दौरा करेंगे जहां कांग्रेस के लिए कड़ा मुकाबला है और रिपब्लिकन उम्मीदवारों की रैलियों में शामिल होंगे। ट्रंप ने कहा, “मैं कांग्रेसमैन और सीनेटरों के लिए उन सभी राज्यों में जाऊंगा… और हम रैलियां करेंगे।” राष्ट्रपति ने बार-बार अपने समर्थकों को अमेरिका में कम्युनिज्म के खतरे के बारे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “हमारे देश पर एक अजीब, बीमार बादल छाया हुआ है… हम अमेरिका में कम्युनिज्म को हराएंगे।” अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने ईरान का भी जिक्र किया और अमेरिका की ओर से और सैन्य कार्रवाई करने की धमकी दोहराई। ट्रंप ने कहा, “मैं ईरान को सलाह दूंगा कि वह चालाकी न करे, क्योंकि हमें उन पर बहुत जोरदार हमला करना पड़ेगा। हमारे पास कोई और रास्ता नहीं है, है ना? हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। क्या यहां किसी को लगता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना चाहिए?” राष्ट्रपति ने यह भी सुझाव दिया कि न्यू मैक्सिको राज्य का नाम बदलकर “न्यू अमेरिका” कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमने हाल ही में एक नाम सोचा है, जो हमें सही लगता है। आपका पड़ोसी राज्य न्यू मैक्सिको है। हमें लगता है कि इसे ‘न्यू अमेरिका’ कहा जाना चाहिए।

रूस ने सूमी के शॉपिंग सेंटर पर किया ड्रोन हमला; रिहायशी इमारतों को बनाया निशाना, कई लोगों की मौत

कीव। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा ने बताया कि रूस ने बुधवार देर रात सूमी शहर के शॉपिंग सेंटर पर ड्रोन हमला किया। यह हमला लोगों को न‍िशाना बनाकर जानबूझकर कर क‍िया गया। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 20 घायल हुए हैं। यूक्रेन के व‍िदेश मंत्री एंड्री स‍िबीहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट हमले की जानकारी साझा करते हुए कहा क‍ि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कड़े प्रतिबंध और यूक्रेन को मजबूत एयर डिफेंस देना चाहिए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्‍ट पर कीव और मायकोलाइव पर हुए हमले की जानकारी साझा की। जेलेंस्की ने बताया क‍ि कीव में एक नौ मंजिला अपार्टमेंट पर हुए भीषण हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो बच्चों सहित सात लोग घायल हो गए। रूसियों ने रात भर और सुबह में मायकोलाइव में बड़े पैमाने पर हमले किए। दुखद रूप से, दो लोग मारे गए और सात अन्य घायल हो गए। मृतकों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। व‍िदेश मंत्री स‍िबीहा ने बताया क‍ि रूस ने जानबूझकर सूमी शहर के एक शॉपिंग सेंटर पर हमला किया। इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। उन्‍होंने कहा क‍ि किसी शॉपिंग सेंटर को निशाना बनाना एक सोचा-समझा फैसला होता है। रूस को पता था कि वह यह ड्रोन कहां भेज रहा है और इसके क्या परिणाम हो सकते हैं। मॉस्को यह दिखा रहा है कि वह दिनदहाड़े खुले तौर पर आम नागरिकों को मारने के लिए तैयार है, क्योंकि उसे अब भी लगता है कि दुनिया रूस की हर नई हिंसक कार्रवाई को देखेगी, उसकी निंदा करेगी और फिर आगे बढ़ जाएगी। एंड्री सिबीहा ने कहा क‍ि यह सोच अब रूस के लिए एक हथियार बनती जा रही है। इसे खत्म करना होगा। उन्‍होंने कहा क‍ि रूस को यूक्रेनी नागरिकों पर हर हमले और एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के बीच सीधा संबंध दिखना चाहिए, इसमें यूक्रेन को अपने आसमान की बेहतर सुरक्षा के लिए और अधिक क्षमताएं देना, रूस के हथियार बनाने की क्षमता पर और कड़े प्रतिबंध लगाना तथा युद्ध के लिए मिलने वाले वित्तीय संसाधनों पर दबाव बढ़ाना शामिल होना चाहिए। सूमी हमले के बाद सिर्फ चिंता जताना पर्याप्त नहीं होना चाहिए। संदेश यह होना चाहिए कि रूस का हर नया हमला यूक्रेन को और मजबूत तथा रूस को और कमजोर बनाएगा। रूस के हर हमले का जवाब उसकी अगला हमला करने की क्षमता को कम करके दिया जाना चाहिए। इसी तरह आतंक और हिंसा के इस चक्र को रोका जा सकता है।

देश का प्रतिनिधित्व करना खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव लाता है: रोहित राजपाल

नई दिल्ली। डेविस कप में भारत के नॉन-प्लेइंग कप्तान रोहित राजपाल ने कहा कि एशियन गेम्स और डेविस कप जैसे बड़े इवेंट्स में देश के लिए खेलना, पूरे साल व्यक्तिगत इवेंट्स खेलने की तुलना में एक अलग स्तर की जिम्मेदारी लाता है। बीजिंग में 1990 के एशियन गेम्स में टेनिस में कांस्य पदक जीतने वाले राजपाल ने भरोसा जताया कि टेनिस आने वाले मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में भी पदक जीतने का अपना मजबूत रिकॉर्ड बनाए रखेगा। एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में खेला जाएगा। वहीं, डेविस कप में 18 और 19 सितंबर को भारतीय टीम सियोल में डेविस कप वर्ल्ड ग्रुप क्वालिफायर राउंड 2 में दक्षिण कोरिया से भिड़ेगी। राजपाल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “डेविस कप या एशियन गेम्स में खेलते समय अपने देश और अपने झंडे के लिए खेलने का एक अलग तरह का दबाव होता है। देश का प्रतिनिधित्व करते समय जिम्मेदारी बढ़ जाती है।” हालांकि, भारत के टेनिस दल को चौंकाने वाले तरीके से 12 से घटाकर सात कर दिया गया, जिससे महिला एकल में कोई भी हिस्सा नहीं मिला, राजपाल ने जापान से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, “मैं एशियन गेम्स का मेडलिस्ट हूं। हमने हमेशा मेडल टैली में योगदान दिया है। टेनिस ने हमेशा योगदान दिया है और हमने भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले एशियन गेम्स में भी, अगर मुझे याद है, तो हमारे पास तीन या चार मेडल थे। हम इस बार भी निश्चित रूप से योगदान देंगे।” राजपाल ने आईटीएफ सर्किट पर जूनियर करियर से एटीपी टूर पर जाने-माने प्रोफेशनल बनने के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के सामने आने वाली हमेशा की चुनौती पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के आधुनिक तरीके और सपोर्ट सिस्टम तेजी से फिजिकल गैप को कम कर रहे हैं। यह बदलाव पारंपरिक रूप से बहुत मुश्किल काम रहा है क्योंकि जेनेटिकली, भारतीय, उदाहरण के लिए, यूरोपियन या अमेरिकन्स की तुलना में देर से परिपक्व होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारी पारिवारिक परवरिश कैसे हुई है। 17 और 18 साल की उम्र में भी खिलाड़ी बच्चों की तरह बर्ताव करते हैं। उन्होंने यूरोपियन और अमेरिकन खिलाड़ियों पर कहा, “वहां, आपको उस उम्र में अपना घर छोड़कर काम करना और अपना खर्च खुद उठाना शुरू करना होता है। एक बार जब आप यह कर लेते हैं, तो आपसे उम्मीद की जाती है कि आप वहां से अपनी जिंदगी खुद बनाएंगे। तो, ये सभी चीजें असल में आपकी व्यक्तित्व विकास के तौर पर सामने आती हैं। यह कोर्ट पर या आपके द्वारा खेले जाने वाले किसी भी खेल में दिखता है। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, यह बदल रहा है क्योंकि खेल बहुत ज्यादा फिजिकल हो गया है।” उन्होंने आगे कहा कि शारीरिक और मानसिक अंतर को भरने के लिए संरचनात्मक समर्थन की जरूरत होती है क्योंकि खिलाड़ी टूर पर अनुभवी प्रतियोगी का सामना करने के लिए आगे आते हैं जो अक्सर उनसे कई साल बड़े होते हैं। हमारे पास अच्छे फिजियो होते हैं और लड़के सच में उस गैप को भरने पर फोकस करते हैं। राजपाल ने कहा, “होता यह है कि जब आप अचानक जूनियर्स के साथ खेल रहे होते हैं और आप 18 का मार्क पार कर लेते हैं और आप खेलना शुरू कर देते हैं या उससे भी पहले, मेन्स गेम में शामिल हो जाते हैं, तो आप अचानक ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ खेल रहे होते हैं जो आपसे 10 साल बड़े और ज्यादा मजबूत और परिपक्व होते हैं। आपको उनसे मैच करने की जरूरत होती है और यहीं से समस्या शुरू होती है। ये बदलाव के दौरान आने वाली परेशानियां हैं जिनका सामना हर खिलाड़ी करता है। अब हम इसमें बेहतर और बेहतर होते जा रहे हैं।

दीया मिर्जा ने परिवार संग बिताए सुकून के पल, बोलीं-बाहर जाओ, सब रीसेट हो जाता है

मुंबई। एक्ट्रेस और पर्यावरण के लिए काम करने वाली दीया मिर्जा ने हाल ही में अपने परिवार के साथ सुकून भरे पल बिताए। एक्ट्रेस ने पति वैभव रेखी और बेटे अव्यान के साथ आउटडोर टाइम की कुछ खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की। इन तस्वीरों में दीया अपने परिवार के साथ प्रकृति के बीच समय बिताती नजर आ रही हैं। तस्वीरों में सनसेट से लेकर परिवार के साथ बिताए हल्के-फुल्के पलों तक की झलक देखने को मिली। दीया ने इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरें शेयर की और बताया कि वह ऐसे समय में प्रकृति के करीब गईं, जब उनका हफ्ता काफी मुश्किल चल रहा था। उन्होंने लिखा, ”जब ऐसा लग रहा था कि सब कुछ एक साथ बिखर रहा है, उस हफ्ते प्रकृति के बीच सुकून तलाशा। क्या लाइफ सेवर रहा। बाहर जाओ। सब रीसेट हो जाता है।” इसके साथ ही दीया ने लोगों को रोजमर्रा की भागदौड़ और लगातार चीजें खरीदने-इकट्ठा करने की आदत से कुछ समय दूर रहने की सलाह भी दी। उन्होंने लिखा, ”मैं ऐसे समय और मौके का पूरा फायदा उठा रही हूं, जहां लगातार चलती इस दौड़ से खुद को थोड़ा अलग किया जा सके। कुछ पल रुकना जरूरी है।” तस्वीरों में दीया और वैभव अपने बेटे अव्यान के साथ पार्क में बैठे नजर आ रहे हैं और पिकनिक का मजा ले रहे हैं। एक तस्वीर में दोनों अपने बेटे के साथ पोज देते दिखे, जबकि बाकी तस्वीरों में परिवार के साथ बिताए कुछ प्यारे और मस्ती भरे पल कैद हैं। दीया मिर्जा ने 15 फरवरी 2021 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर पर एक निजी समारोह में वैभव रेखी से शादी की थी। दोनों का एक बेटा है, जिसका नाम अव्यान है। वैभव की पहली शादी से उनकी एक बेटी समायरा भी है। काम की बात करें तो दीया मिर्जा हाल ही में ‘ऑपरेशन सफेद सागर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ द कारगिल वॉर’ में नजर आई थीं। इस सीरीज में उन्होंने कमलप्रीत धनौआ का किरदार निभाया था। यह सीरीज 7 अगस्त 2026 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी।