सोना इस हफ्ते 6 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ, चांदी 2.3 लाख के पार

नई दिल्ली। डॉलर इंडेक्स पर दबाव और महंगाई कम होने की संभावना के चलते सोने और चांदी में इस हफ्ते तेजी देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 6 हजार रुपए और 13 हजार रुपए से अधिक महंगे हो गए हैं। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 6,761 रुपए बढ़कर 1,49,621 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,42,860 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। 22 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,37,053 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,30,860 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम बढ़कर 1,12,216 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,07,145 रुपए प्रति 10 ग्राम था। इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 3 अगस्त को शाम के सत्र में 1,42,557 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 7 अगस्त को शाम के सत्र में 1,49,621 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी तेजी देखने को मिली है। चांदी का दाम 13,086 रुपए बढ़कर 2,31,381 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,18,295 रुपए प्रति किलो था। इस हफ्ते चांदी में उच्चतम दाम 7 अगस्त को शाम के सत्र में 2,31,381 रुपए प्रति किलो देखा गया। वहीं, न्यूनतम दाम 3 अगस्त को शाम के सत्र में 2,17,287 रुपए प्रति किलो देखा गया। आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार सुबह और शाम के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों को जारी किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,400 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 63 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी की वजह कच्चे तेल में कमजोरी आने के कारण महंगाई की संभावना कम होना है। इससे साथ ही डॉलर इंडेक्स के कमजोर होने से कीमती धातुओं में तेजी को सहारा मिला है।

‘दिव्यांग बस पास’ को डिजिलॉकर से जोड़ने के लिए गुजरात को राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान

गांधीनगर। गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने स्टेट ई-गवर्नेंस मिशन टीम (एसईएमटी), गुजरात के सहयोग से दिव्यांग बस पास डिजिलॉकर से जोड़ दिए हैं। गुजरात सरकार की इस नागरिक-केंद्रित डिजिटल गवर्नेंस पहल ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। राज्य में सारे दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से जोड़ने के इस नवीन प्रयोग के लिए भारत सरकार ने गुजरात को ‘एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस’ अवॉर्ड प्रदान किया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग दिव्यांग व्यक्तियों को गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) द्वारा संचालित बसों में मुफ्त यात्रा के लिए ‘दिव्यांग बस पास’ देता है। इस पास को अब डिजिलॉकर से जोड़ दिया गया है। यानी अब दिव्यांगजनों को मूल फिजिकल पास अपने साथ रखने की जरूरत नहीं है। दिव्यांग यात्री बस में यात्रा के दौरान बस कंडक्टर को अपने मोबाइल के डिजिलॉकर ऐप में रखा पास बताकर यात्रा कर सकते हैं। गुजरात सरकार की यह पहल टेक्नोलॉजी के जरिए शासन को अधिक आसान, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करती है। डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत, सरकार ने लगातार पेपरलेस गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवाओं के डिजिटल वितरण को बढ़ावा दिया है, ताकि नागरिक कभी भी और कहीं भी अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज और कल्याणकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात की यह अभिनव पहल, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए सुविधा और सुलभता को बढ़ाकर इस व्यापक विजन को साकार कर रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने कहा, “सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले ‘दिव्यांग बस पास’ योग्य दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक आधिकारिक दिव्यांगता पहचान पत्र के रूप में काम करता है। विभाग ने सभी पास को डिजिलॉकर से जोड़ दिया है। राज्यभर में अब तक 4.42 लाख से अधिक पास जारी किए गए हैं। लाभार्थी डिजिलॉकर ऐप में रखे पास को दिखाकर जीएसआरटीसी द्वारा संचालित बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकते हैं।” सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव हर्षद पटेल (आईएएस) ने कहा, “डिजिलॉकर से इस पास के जुड़ने के बाद दिव्यांगजनों को अब मूल फिजिकल पास को अपने साथ रखने की जरूरत नहीं है। यही नहीं, इस पास के खो जाने या क्षतिग्रस्त होने की चिंता भी नहीं रहती। क्योंकि यह पास हमेशा डिजिलॉकर में सुरक्षित रहता है और कभी भी एक्सेस किया जा सकता है। यह पहल पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा देती है।” डिजिटल पब्लिक सर्विस डिलीवरी को मजबूत करने के प्रयासों के तहत भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिविजन (एनईजीडी) ने राज्य के डिजिटल सर्विस प्लेटफॉर्म के साथ डिजिलॉकर के एकीकरण को आसान बनाया है। गुजरात सरकार द्वारा दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से सफलतापूर्वक जोड़ने के लिए मई-2026 में ‘राज्यों के डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचा मजबूत करना’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला के दौरान गुजरात राज्य को अवॉर्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्य परिवहन (एसटी) बसों में मुफ्त बस यात्रा के अलावा दिव्यांग बस पास धारक को 4 लाख रुपए का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवच भी मिलता है। पास धारक की दुर्घटना में मौत के मामले में, उसका नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी संबंधित विभाग के समक्ष निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर बीमा का लाभ हासिल करने का पात्र होता है।

डीआरसी के इतुरी में इबोला का प्रकोप, सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मियों ने कहा है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) के पूर्वी प्रांत इतुरी में इबोला के प्रकोप का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को बताया कि इतुरी में इबोला का प्रकोप फैला हुआ है, जहां लगभग 10 लाख लोग विस्थापित हुए हैं और इनमें से लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे हैं। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के अनुसार, कुल मौतों में बच्चों की हिस्सेदारी लगभग एक तिहाई है, जबकि कन्फर्म मामलों में उनकी संख्या लगभग एक चौथाई है। इस प्रकोप से जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं में भी भारी रुकावट आ रही है। यूनिसेफ ने कहा कि इतुरी प्रांत के उन इलाकों में, जहां इबोला का सबसे ज्यादा असर है, हाल के महीनों में स्वास्थ्य सेवाओं के इस्तेमाल में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है, क्योंकि संक्रमण के डर से लोग दूर रह रहे हैं। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष ने चेतावनी दी है कि इबोला के डर और स्वास्थ्य सेवाओं पर अत्यधिक दबाव के कारण कई गर्भवती महिलाएं इलाज नहीं ले पा रही हैं। इतुरी में प्रकोप शुरू होने के बाद से प्रसव के दौरान होने वाली मौतों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। हर हफ्ते औसतन छह महिलाएं प्रसव से जुड़ी जटिलताओं के कारण जान गंवा रही हैं, जबकि गर्भावस्था के दौरान इबोला संक्रमण से लगभग हर मामले में भ्रूण की मौत हो जाती है। ओसीएचए ने जोर देकर कहा कि समुदाय का भरोसा बहाल करना बहुत जरूरी है। यूनिसेफ और उसके सहयोगियों ने डीआरसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन और अफ्रीका सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के साथ मिलकर 13,000 कम्युनिटी वर्कर और अन्य लोगों को तैनात किया है। ये लोग इबोला से बचाव और शुरुआती पहचान के बारे में संदेश पहुंचाते हुए 24 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंचे हैं। उन्होंने गलत जानकारी का मुकाबला करने और लोगों को जल्द इलाज कराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 5 लाख से ज्यादा घरों का दौरा भी किया है। पड़ोसी देश दक्षिण सूडान में, संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी इबोला के खिलाफ सरकार के नेतृत्व वाली तैयारी की कोशिशों में मदद करना जारी रखे हुए हैं। ओसीएचए ने कहा कि दक्षिण सूडान में अभी तक कोई मामला कन्फर्म नहीं हुआ है, लेकिन डीआरसी में प्रकोप और सीमाओं के आर-पार लोगों की आवाजाही के कारण खतरा बना हुआ है। ओसीएचए ने बताया कि तैयारी की इन कोशिशों में मामलों की शुरुआती पहचान के लिए निगरानी, ​​प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण, चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराना और सामुदायिक जागरूकता अभियान शामिल हैं। इस महीने, हेल्थ पार्टनर ने साउथ सूडान में एंट्री पॉइंट्स पर 1,35,300 से ज्यादा यात्रियों की स्क्रीनिंग की। स्क्रीनिंग, ट्राइएज (मरीजों की प्राथमिकता तय करना), इन्फेक्शन से बचाव और कंट्रोल, रेफरल और सुरक्षित अंतिम संस्कार के लिए 300 से ज्यादा हेल्थ वर्कर और फ्रंट-लाइन कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है। डीआरसी की सीमा के पास याम्बियो में 7 टन से ज्यादा इमरजेंसी सप्लाई भी पहले से ही जमा कर दी गई है। हालांकि, असुरक्षा के कारण इस काम में रुकावटें आ रही हैं। जनवरी से जुलाई के बीच, पूरे साउथ सूडान में मानवीय कार्यों में रुकावट डालने या उन्हें खतरे में डालने वाली 451 घटनाएं सामने आईं। ओसीएचए के मुताबिक, पिछले साल जनवरी से येई-मोरोबो कॉरिडोर में मानवीय सहायता से जुड़े 32 कर्मचारियों के अपहरण की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जो इबोला के सबसे ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में काम करने की चुनौतियों को दिखाती हैं।

चार्ली चौहान ने भारतीय क्रिकेटर रमनदीप सिंह संग रचाई शादी, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

मुंबई। टेलीविजन इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री चार्ली चौहान भारतीय क्रिकेटर रमनदीप सिंह के साथ शादी के बंधन में बंध गई है। कई दिनों से दोनों की शादी की तस्वीरें और वीडियोज वायरल हो रहे थे। शुक्रवार को अभिनेत्री ने सोशल मीडिया के जरिए आधिकारिक तौर पर पुष्टि की। रमनदीप और चार्ली ने गुरुद्वारे में पारंपरिक पंजाबी रीति-रिवाज से शादी की। निजी समारोह में दोनों के परिवार, करीबी दोस्त और क्रिकेट व टेलीविजन जगत से जुड़े लोग शामिल हुए। शादी में अर्शदीप सिंह समेत कई क्रिकेटर भी नजर आए। अभिनेत्री चार्ली चौहान ने इंस्टाग्राम पर शादी की खूबसूरत तस्वीरें पोस्ट की। एक तरफ चार्ली ने लाल रंग का लहंगा पहना हुआ था, जबकि रमनदीप ने गोल्डन रंग की शेरवानी पहनी हुई थी। अभिनेत्री चार्ली चौहान के पोस्ट करने से पहले शादी की तस्वीरें कई समय दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। हालांकि, अभिनेत्री ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए पोस्ट की। अभिनेत्री ने लिखा, “एक-दूसरे से प्यार करने, साथ आगे बढ़ने, हंसने और सपने देखने के 8 खूबसूरत साल और अब, एक-दूसरे के साथ पूरी जिंदगी बितानी है। शुक्रगुजार हूं।” समारोह की तस्वीरें सामने आने के बाद फैंस ने नवविवाहित जोड़े को बधाइयां दीं। कुंवर अमरजीत सिंह ने भी बधाई देने के साथ-साथ कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “बधाई दो, चौहान साहब, आपके लिए इसे सच होते देखना बहुत ही खूबसूरत नजारा है, जिसके लिए बहुत-बहुत खुशी है। नजर न लगे ढेर सारी बधाईयां।” इसी के साथ ही, अभिनेत्री माही विज ने भी चार्ली चौहान को जीवन में आगे बढ़ने के लिए बधाई दी। चार्ली चौहान जानी मानी टीवी एक्ट्रेस हैं और कई हिट शोज ‘बेस्ट फ्रेंड्स फॉरएवर’, ‘कैसी ये यारियां’ का हिस्सा रह चुकी हैं। हालांकि, अभिनेत्री ने करियर की शुरुआत एमटीवी रोडीज सीजन 7 में बतौर कंटेस्टेंट के तौर पर की थीं और नच बलिए में भी हिस्सा ले चुकी हैं, जहां उनके डांस पार्टनर कुंवर अमर थे। उन्होंने ‘ये है आशिकी 4’ में इनारा का किरदार भी निभाया था। इसके अलावा उन्होंने कुछ शॉर्ट फिल्मों में भी काम किया है। रमनदीप सिंह पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं और आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के मीडियम पेसर गेंदबाज हैं। उन्हें आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार फील्डिंग के लिए जाना जाता है।

‘पूरे देश को अस्थिर करना चाहते राहुल गांधी’, भाजपा के मंत्री ने बताया राष्ट्र-विरोधी नेता

भाटपाड़ा। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अर्जुन सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे राष्ट्र-विरोधी राजनेता हैं और देश को स्थिर करना चाहते हैं। साथ ही, उन्होंने टीएमसी के पूर्व विधायक सनत डे की गिरफ्तारी पर जवाब दिया। मंत्री अर्जुन सिंह ने शनिवार को पत्रकारों से कहा, “राहुल गांधी एक देश-विरोधी व्यक्ति और राजनेता हैं। यह देश-विरोधी राजनेता पूरे देश को अस्थिर करना चाहता है। मैं एक बात कहना चाहता हूं कि पेपर लीक करने वालों और उनमें शामिल लोगों के खिलाफ कानून है। कानून के तहत सजा का प्रावधान भी है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप पूरे भारत में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाएं या छोटे बच्चों को सड़कों पर लाकर उनसे गलत काम करवाएं।” उन्होंने आगे कहा, “जब प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा होता है तो कहते हैं कि केस क्यों हुआ। जब घर के बच्चे गलत काम करते हैं तो उन्हें समझाया जाता है। इसी तरह राहुल गांधी को भी बच्चों को समझाना चाहिए। क्योंकि यही बच्चे देश का भविष्य हैं।” अर्जुन सिंह ने कहा, “भारत का कानून यह कहता है कि जो भी गलती करे, उसकी सजा होनी चाहिए। अन्यथा यह एक परंपरा बन जाएगी कि जब मन हो बच्चों को उकसाया जाए और उन्हें आगे रखकर कुछ भी कराया जाए। सभी अभिभावकों से भी निवेदन है कि बच्चों पर थोड़ा कंट्रोल किया जाना चाहिए। वे गलत कार्यों में शामिल न हों, क्योंकि यह सोरोस व अमेरिका का एजेंडा है और उससे भारत को बचना है।” नैहाटी से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सनत डे की गिरफ्तारी पर मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा, “यह बहुत खुशी की बात है कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। यहां के लोग बहुत खुश हैं, खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने 2021 में बहुत जुल्म किए थे। उन्होंने महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं पर हमला किया था और अभया घटना के बाद निकाले गए जुलूस पर भी हमला किया था।” उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति एंबुलेंस का ड्राइवर था, आज उसके पास हजार करोड़ रुपए की संपत्ति है। उसके कई जगह गोदाम डिपो हैं। उसने बस टर्मिनस को भी अपना गोदाम बना लिया था। यह गलत आदमी था और इसीलिए लोग खुश हैं कि वह गिरफ्तार हुआ है।

मिथिला मखाना ने भरी वैश्विक उड़ान, बिहार से ऑस्ट्रेलिया भेजी गई 18 मीट्रिक टन की पहली समुद्री खेप

पटना बिहार के जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना ने वैश्विक बाजार में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिहार से पहली बार 18 मीट्रिक टन जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना की खेप समुद्री मार्ग से ऑस्ट्रेलिया निर्यात की गई है। इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के किसानों की मेहनत और बिहार के कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक पहचान का गौरवपूर्ण प्रमाण बताया है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए कहा कि मिथिलांचल की धरती से ऑस्ट्रेलिया के बाजार तक बिहार के मखाने ने वैश्विक उड़ान भरी है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना की 18 मीट्रिक टन की पहली समुद्री खेप का ऑस्ट्रेलिया निर्यात राज्य के किसानों की मेहनत और कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक पहचान का गौरवपूर्ण प्रमाण है। दरभंगा के किसानों से सीधे खरीदी गई इस खेप से उन्हें बाजार मूल्य की तुलना में करीब 18 प्रतिशत अधिक लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बिहार के कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और किसानों की समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसे बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए उत्साहजनक उपलब्धि बताया। वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि भारत के जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना ने वैश्विक बाजार में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के सहयोग से बिहार से पहली बार 18 मीट्रिक टन जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से ऑस्ट्रेलिया को निर्यात किया गया। पीयूष गोयल के अनुसार, इस खेप की खरीद दरभंगा के किसानों से सीधे की गई, जिससे उन्हें बाजार मूल्य की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत अधिक लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने इसे भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहुंच और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में रेखांकित किया। मिथिला मखाना को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी विशिष्ट पहचान को वैश्विक बाजार में मजबूती मिली है। ऑस्ट्रेलिया को समुद्री मार्ग से पहली बड़ी खेप का निर्यात बिहार के मखाना उत्पादकों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के द्वार खोलने वाला कदम माना जा रहा है।

बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप बढ़ा: मरने वालों की संख्या 59 हुई, मामले 18,000 के करीब

ढाका। बांग्लादेश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक 59 लोगों की मौत हो गई है जबकि इस साल अब तक 17,880 मामले सामने आए हैं। स्थानीय मीडिया ने स्वास्थ्य महानिदेशालय यानी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) के हवाले से इसकी जानकारी दी। डीजीएचएस के अनुसार, ढाका डिवीजन इससे सबसे ज्यादा पीड़ित क्षेत्र है। कुल 6,871 दर्ज मामले रिपोर्ट हुए जिसमें से 4,404 मामले तो शहर के ही थे। 3,647 केस के साथ, बारिशाल डिवीजन दूसरे नंबर पर रहा, इसके बाद चटगांव में 3,082 और खुलना में 2,272 केस दर्ज किए गए। ढाका डिवीजन में मृतकों की संख्या भी सबसे अधिक है। सूची में ये सबसे ऊपर है, कुल 26 में से 25 ढाका में हुईं। बांग्लादेश के जाने-माने अखबार ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, खुलना में 12 लोगों की मौत हुई, इसके बाद चटगांव और मैमनसिंह में क्रमशः सात और छह लोगों ने बीमारी से जान गंवाई। डेंगू, मच्छर से होने वाली वायरल बीमारी है, जो बांग्लादेश में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का रूप लेती जा रही है। यह मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ बांग्लादेश में जूलॉजी डिपार्टमेंट (प्राणीशास्त्र विभाग) में एसोसिएट प्रोफेसर, जीएम सैफुर रहमान ने कहा कि नवीनतम आंकड़े ढाका के उच्च जनसंख्या घनत्व, लगातार एडीज मच्छर प्रजनन और अपर्याप्त वेक्टर नियंत्रण उपायों के संयोजन को दर्शाते हैं। ज्यादा आबादी, गर्म मौसम और बहुत ज्यादा ब्रीडिंग ग्राउंड का मेल एडीज मच्छरों और डेंगू वायरस दोनों के लिए साल भर फैलने के लिए सही हालात पैदा करता है। यही कारण है कि ढाका एक बड़ा डेंगू हॉटस्पॉट बन गया है। द डेली स्टार ने सैफुर के हवाले से कहा, “कुछ ही दिन पहले, सेंट्रल मेट्रोपॉलिटन विमेंस कॉलेज में जांच के दौरान हमने पाया कि पानी के एक छोटे कंटेनर में एडीज मच्छर के लार्वा मौजूद थे। ऐसी ब्रीडिंग साइट्स पूरे शहर में आम हैं, जिससे पता चलता है कि एडीज मच्छर रिहायशी इलाकों में लगातार बढ़ रहे हैं।” इस बात पर जोर देते हुए कि मच्छरों को नियंत्रित करने के उपाय बचाव के बजाय ज्यादातर प्रतिक्रिया के रूप में सामने आते रहे हैं, उन्होंने आगे कहा, “सबसे असरदार स्ट्रेटेजी यह होगी कि जब डेंगू का फैलाव काफी कम हो, तब मच्छरों को कंट्रोल करना तेज किया जाए। उस समय, ब्रीडिंग साइट्स कम होते हैं, और ऐसे में उन्हें नियंत्रित करना आसान होता है। हालांकि देखा ये जाता है कि, मच्छरों को कंट्रोल करने की कोशिश आमतौर पर डेंगू सीजन शुरू होने के बाद ही तेज होता है, तब तक संक्रमण काफी तेजी से फैल चुका होता है। ” सैफुर के मुताबिक, बांग्लादेश का एक असरदार, केंद्रीकृत मच्छर नियंत्रण तंत्र बनाने में नाकामयाबी ने देश में डेंगू की स्थिति को और खराब कर दिया है। उन्होंने एक राष्ट्रीय मच्छर नियंत्रण प्राधिकरण बनाने की मांग की, जिसमें एक्सपर्ट एंटोमोलॉजिस्ट हों, जो देश भर में वेक्टर कंट्रोल के तरीकों की निगरानी कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी, “जब तक हम एक समन्वित राष्ट्रीय नियंत्रण प्रणाली नहीं बनाते, डेंगू के मामले बढ़ते रहेंगे।” जहांगीरनगर यूनिवर्सिटी में जूलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर कबीरुल बशर ने चेतावनी दी कि अगस्त तक डेंगू के और बढ़ने की आशंका है और सितंबर तक यह बढ़ता रह सकता है। उन्होंने कहा, “हो सकता है कि अगस्त में ये चरम पर न हो। हो सकता है कि इस साल का पीक सितंबर में आए। हम यह कह सकते हैं कि अगस्त और सितंबर तक यह बढ़ता रहेगा।

कैनेडियन ओपन: फर्नांडीज ने मीरा आंद्रीवा को हराकर बनाई अंतिम 16 में जगह, ओसाका से होगा मुकाबला

मॉन्ट्रियल। यूएस ओपन 2021 के फाइनल तक का सफर तय करने वालीं कनाडा की टेनिस खिलाड़ी लेला फर्नांडीज ने कैनेडियन ओपन के महिला एकल मुकाबले के तीसरे दौर में रूस की मीरा आंद्रीवा को हराया। मीरा आंद्रीवा इस साल फ्रेंच ओपन (रोलैंड गैरोस) की चैंपियन रही हैं। इस जीत के साथ फर्नांडीज ने दुनिया की टॉप-10 खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार 7 हार का सिलसिला भी खत्म कर दिया। फर्नांडीज ने पांचवीं वरीयता प्राप्त आंद्रीवा के खिलाफ मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए हार का सिलसिला तोड़ा और अपने देश के इस खास टूर्नामेंट में अपने अब तक के सबसे अच्छे नतीजे की बराबरी की। इस जीत के साथ ही 30वीं रैंकिंग वाली फर्नांडीज अब राउंड ऑफ 16 में पूर्व यूएस ओपन विजेता और जापान की खिलाड़ी नाओमी ओसाका से भिड़ेंगी। ओसाका (11वीं वरीयता प्राप्त) ने बेल्जियम की 20वीं सीड खिलाड़ी एलिस मर्टेंस को 6-1, 6-4 से हराया था। कनाडा की स्टार खिलाड़ी फर्नांडीज ने पांचवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी आंद्रीवा को 1 घंटे 21 मिनट में 6-1, 6-4 से हराया। इसके साथ ही वह न केवल टोरंटो में राउंड ऑफ 16 में पहुंचीं (ऐसा ही नतीजा उन्होंने 2023 में मॉन्ट्रियल में हासिल किया था), बल्कि एक साल से भी ज्यादा समय में टॉप-10 खिलाड़ी के खिलाफ अपनी पहली जीत भी दर्ज की। उन्होंने पिछली बार आंद्रीवा जैसी ऊंची रैंकिंग वाली खिलाड़ी को पिछले साल मुबाडाला डीसी ओपन में हराया था। फर्नांडीज ने विश्व की नंबर 4 खिलाड़ी जेसिका पेगुला को मात दी थी। फर्नांडीज ने खराब फॉर्म से जूझ रही आंद्रीवा के खिलाफ 6-1, 5-1 तक आसानी से बढ़त बनाए रखी, लेकिन फिर 20 साल की आंद्रीवा ने वापसी की और आठवें गेम में 0-30 से पिछड़ने के बावजूद गेम अपने नाम किया और स्कोर 5-4 कर दिया। हालांकि 5-4 के स्कोर पर फर्नांडीज की सर्विस के दौरान 0-15 पर फोरहैंड शॉट चूकना निर्णायक साबित हुआ और 30वीं सीड फर्नांडीज ने तीन प्वाइंट बाद जीत पक्की कर ली। मैच के बाद फर्नांडीज ने कहा, “मेरे लिए सबसे जरूरी था साकारात्मक रहना, मजबूत बने रहना और सब्र रखना। मुझे पता था कि वह आसानी से प्वाइंट नहीं देने वाली थीं। शुरुआत में कई लंबी रैलियां हुईं और मेरे लिए महत्वपूर्ण था कि मैं डटी रहूं, अपनी काबिलियत पर भरोसा रखूं और पूरे मैच के दौरान अपना गेम खेलती रहूं।” मैच के आंकड़े बाएं हाथ की खिलाड़ी की रणनीति के हिसाब से रहे। आंद्रीवा ने पहले सेट में 19 और पूरे मैच में 34 अनफोर्स्ड एरर (बिना दबाव के गलतियां) किए – जो उनके 17 विनर्स से दोगुने थे। वहीं, फर्नांडीज का खेल सधा हुआ था; उन्होंने आठ विनर्स लगाए और सात अनफोर्स्ड एरर किए। फर्नांडीज ने कहा, “मैं खुद से कह रही थी कि बस गेंद को वापस कोर्ट में डालना है। मैंने लगातार अच्छा खेलने और एक के बाद एक शॉट लगाने की काफी प्रैक्टिस की है, और ऐसी रैलियां खेलने की कोशिश की है जिनमें हममें से कोई भी गलती न करे। मैं हमेशा इसी सोच पर वापस आती हूं। मुझे पता है कि मैं ऐसा कर सकती हूँ।

लगातार बारिश के चलते केरल के सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

तिरुवनंतपुरम। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में तीव्र वर्षा के एक और दौर की चेतावनी जारी करने के बाद शनिवार को केरल में हाई अलर्ट जारी रहा, जिसके तहत सात जिलों को ऑरेंज अलर्ट के अंतर्गत रखा गया है। पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। बाकी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में मौसम अस्थिर रह सकता है, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव, अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। एहतियात के तौर पर, अधिकारियों ने कई प्रभावित जिलों में शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है, जिनमें आंगनवाड़ी से लेकर व्यावसायिक कॉलेज तक शामिल हैं। हालांकि, कोझिकोड में व्यावसायिक कॉलेजों को इस बंदी आदेश से छूट दी गई है। पहले से निर्धारित सार्वजनिक और विश्वविद्यालय परीक्षाएं योजना के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। अधिकारियों ने तटीय इलाकों में भी प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया है, तेज हवाओं और खराब मौसम की संभावना के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है। केरल तट के किनारे 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जो कभी-कभी 60 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया है। भूस्खलन और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि यदि आवश्यक हो तो सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को जल निकायों के पास जाने, नदियों में प्रवेश करने या झरनों और अन्य संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर जाने से बचने की चेतावनी दी गई है। सुरक्षा उपायों के तहत नदियों के किनारे मछली पकड़ने और सेल्फी लेने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। तालुक स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और अग्निशमन एवं बचाव दल को उन क्षेत्रों में तैयार रखा गया है जहां भारी बारिश होने की संभावना है। अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि वे केवल आधिकारिक मौसम और आपदा प्रबंधन संबंधी अपडेट पर ही भरोसा करें। नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, केरल में आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है, जिसके चलते राज्य में मौसम की कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

चरखी दादरी फायरिंग मामले में मुख्य आरोपी रोहित कातिया समेत तीन गिरफ्तार, छह पुलिसकर्मी सस्पेंड

चरखी दादरी। हरियाणा में चरखी दादरी शहर सिटी थाने के सामने हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रोहित कातिया को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार ने कोर्ट परिसर के मुख्य गेट पर तैनात क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया है। डीएसपी धीरज कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फायरिंग की घटना में शामिल आरोपी बौंद-कलानौर लिंक रोड से गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान सफेद रंग की कार को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस के मुताबिक, कार से उतरते ही आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी की एक गोली पुलिस के सरकारी वाहन के बंपर पर लगी। पुलिस ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने दोबारा फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल बरामद की गई। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एफएसएल टीम और सीन ऑफ क्राइम टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार फायरिंग की मूल घटना में सात लोग घायल हुए थे। डीएसपी ने बताया कि इनमें से छह घायलों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। फतेहगढ़ निवासी अमित के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में 21 मुकदमे दर्ज हैं। विजय उर्फ सन्नी पर छह, अंकित पुत्र सतबीर पर पांच, जबकि कृष्ण, कीर्तिमान और सूरजमल पर एक-एक आपराधिक मामला दर्ज है। घायल अंकित पुत्र सुरेश का कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। फायरिंग की वारदात कोर्ट परिसर से निकलने के बाद करीब 50 मीटर दूर सिटी थाने के सामने हुई थी। कोर्ट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा की जिम्मेदारी क्यूआरटी टीम की होती है। इसी लापरवाही के चलते एसपी ने मुख्य गेट पर तैनात छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।